IGP बोले- एक्सप्रेसवे के डायवर्जन पॉइंट पर क्लियरेटी नहीं:ट्रेलर ड्राइवर की लापरवाही रही; लेन ड्राइविंग पर करेंगे फोकस
दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत के बाद जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश गुरुवार दोपहर घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में आईजी ने ट्रेलर चालक की लापरवाही और स्लीपर बस के ओवरस्पीड होने की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की बात कही। आईजी राहुल प्रकाश ने कहा – यह बेहद दुखद हादसा है, जिसमें आठ लोगों की दर्दनाक मौत हुई। मौके का निरीक्षण करने के बाद प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि दिल्ली से जयपुर जाने वाले वाहनों को डायवर्जन से बाईं ओर जाना होता है, जबकि दिल्ली से सवाई माधोपुर जाने वाले वाहनों को सीधे जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि डायवर्जन पॉइंट पर यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन चालक को किस दिशा में मुड़ना है, जिससे भ्रम की स्थिति बन रही है। सीसीटीवी में सामने आया हादसे का घटनाक्रम आईजी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच में स्पष्ट दिख रहा है कि स्लीपर बस ट्रेलर के पीछे चल रही थी। ट्रेलर डायवर्जन पॉइंट से थोड़ा आगे निकल गया था और उसने स्पीड कम कर टर्न लेने की कोशिश की। इसी दौरान सीधे आ रही बस ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन हाईवे के मीडियन में उतर गए और उनमें आग लग गई। उन्होंने कहा कि बस के ओवरस्पीड होने की भी संभावना है। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और घायल यात्रियों के बयान लेकर पूरे मामले की जांच की जा रही है। लेन ड्राइविंग पर रहेगा फोकस जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे की तर्ज पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के सवाल पर आईजी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लेन ड्राइविंग को सख्ती से लागू करने पर फोकस किया जाएगा, ताकि वाहन चालक अपनी-अपनी लेन में चलें और हादसों की संभावना कम हो। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे पर नो-पार्किंग नियमों की पालना को लेकर दौसा और अलवर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, जिसे आगे और सख्ती से लागू किया जाएगा। चालान सिस्टम की कमियां भी होंगी दूर आईजी राहुल प्रकाश ने कहा कि एनआईसी और एनएचएआई की ओर से संचालित ई-चालान प्रणाली की भी बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। पहले इसमें लेन ड्राइविंग का विकल्प नहीं था, जिसे अब जोड़ा गया है। ओवरस्पीड वाहनों के लगातार चालान किए जा रहे हैं, वहीं सिस्टम की अन्य कमियों को भी जल्द दूर किया जाएगा। घटनास्थल पर आईजी राहुल प्रकाश ने एक्सप्रेस-वे पर तैनात डायल-112 पुलिस वाहन के उपकरणों की भी जानकारी ली। इस दौरान बांदीकुई डिप्टी एसपी लक्ष्मीकांत शर्मा, सदर थाना प्रभारी मुकेश चौधरी और कोलवा थाना पुलिस का जाप्ता भी मौजूद रहा।

