तहसीलदार से महिला बोली- आपने पैसे खाए:अधिकारी ने कहा- फालतू बकवास मत करो; आपको विरोध करने का अधिकार, गलत बोलने का नहीं

बाड़मेर शहर के रामा चौक इलाके में गुरुवार को डिस्कॉम की टीम ट्रांसफार्मर लगाने पहुंची तो स्थानीय लोग विरोध में उतर गए। महिलाएं कुर्सियां लेकर मौके पर बैठ गईं। जानकारी मिलने पर तहसीलदार हुकमीचंद और कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। लोगों ने अधिकारी के सामने सवाल उठाया कि जब यहां बिजली की कोई समस्या नहीं है तो ट्रांसफार्मर क्यों लगाया जा रहा है। अधिकारी लोगों से बात कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने तहसीलदार पर पैसे खाने का आरोप लगा दिया। महिला ने कहा- उन्होंने पैसे दिए और आपने खा लिए, इसलिए वहां ट्रांसफार्मर नहीं लगा रहो। इस पर तहसीलदार ने कहा- आप साथ थीं क्या? ऐसे कैसे कह रहे हो कि पैसे खा लिए। फालतू बकवास मत करो। महिलाओं ने ट्रांसफार्मर लगाने का विरोध किया
दरअसल, गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे डिस्कॉम की टीम ट्रांसफार्मर लगाने के लिए पोल और मशीन लेकर रामा चौक इलाके में पहुंची थी। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय महिलाएं और लोग विरोध में उतर आए। लोगों ने कहा- पहले भैरव साड़ी स्टोर के पास ट्रांसफार्मर लगाने की योजना थी, इसे वहीं लगाया जाए। महिलाएं कुर्सियां लेकर मौके पर बैठ गईं। सूचना मिलने पर तहसीलदार हुकमीचंद और कोतवाली थानाधिकारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे। महिला ने तहसीलदार पर लगाया रुपए खाने का आरोप
स्थानीय लोगों ने कहा- हमारे इलाके में बिजली की कोई समस्या नहीं है, इसलिए यहां ट्रांसफार्मर लगाने की जरूरत नहीं है। इलाके में रहने वाली लीला देवी ने कहा- घर के आगे डीपी लगाने से 20 साल पहले भी हादसा हुआ था। पहले डीपी करमु जी की गली में लग रही थी, लेकिन वहां लोगों ने विरोध किया तो अब इधर लगा रहे हैं। हम यहां पर नहीं लगने देंगे। पुलिस-प्रशासन की समझाइश के दौरान महिलाओं ने भला-बुरा कहना शुरू कर दिया। इसी दौरान एक महिला ने तहसीलदार पर पैसे खाने का आरोप लगा दिया। इस पर तहसीलदार नाराज हो गए और कहा- फालतू की बकवास मत करो। अब पढ़िए तहसीलदार और महिला के बीच बातचीत के अंश… महिला: उन्होंने पैसे दिए और आपने खा लिए, इसलिए वहां ट्रांसफार्मर नहीं लगा रहे। अंदर ही अंदर पैसे खा लिए। तहसीलदार: आप साथ थीं क्या? सोच-समझकर बोलो। गलत बात बोलने की जरूरत नहीं है। ऐसे कैसे कह रहे हो कि पैसे खा लिए। फालतू बकवास मत करो। महिला: फालतू बकवास आप करते हो। तहसीलदार: गलत कैसे बोल रहे हो कि पैसे खा लिए। आप महिला हो, तरीके से बोलो। गलत बात मत करो। अन्य लोग: आप भी सौतेला व्यवहार मत करो। तहसीलदार: आपको विरोध करने का अधिकार है, लेकिन किसी को गलत बोलने का अधिकार नहीं है। डीपी लगाने के विरोध में उतरे लोग, उनको समझाया
कोतवाली सीआई मनोज कुमार ने बताया- बिजली व्यवस्था सुचारू करने के लिए डिस्कॉम डीपी लगाना चाहता है। स्थानीय लोगों का विरोध है कि यहां डीपी नहीं लगाई जाए। पुलिस और प्रशासन ने लोगों को समझाया कि बिजली व्यवस्था को ठीक करने के लिए डीपी लगाई जा रही है। इसका विरोध नहीं करना चाहिए।

मॉडल ने ताश के पत्तों से बना आउटफिट पहना:कोई बनी आईफा ट्रॉफी, मां की ज्वैलरी से बनी ड्रेस; मिस राजस्थान फिनाले वीक में अनोखे लुक

मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक में टॉप-28 फाइनलिस्ट मॉडल्स ने रैंप वॉक किया। इस दौरान सभी मॉडल्स अपनी अनोखी और रचनात्मक ड्रेसेस को लेकर काफी सुर्खियों में रहीं। रैंप वॉक के दौरान किसी मॉडल ने ताश के पत्तों से बना अनोखा आउटफिट पहना, तो किसी ने खुद को आईफा अवॉर्ड ट्रॉफी के रूप में खूबसूरती से प्रस्तुत किया। मॉडल ने हाथ में तलवार लेकर बेहद साहसी और अनोखे अंदाज में रैंप वॉक किया। इसके अलावा, तितली की थीम पर बनी बेहद आकर्षक ड्रेस भी एक मॉडल ने पहनी। वहीं, एक अन्य मॉडल ने सिंड्रेला थीम पर स्वयं तैयार किया हुआ आउटफिट पहना। राजस्थानी संस्कृति को दर्शाते हुए पारंपरिक बंधेज प्रिंट के साथ हाथ से बने मिट्टी के चाय के कुल्हड़ों को भी एक मॉडल ने अपने आउटफिट का हिस्सा बनाया। मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक का आयोजन बुधवार रात को जामडोली स्थित ‘हैवा हैवन रिसॉर्ट’ में किया गया। फिनाले जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम मे 4 जुलाई को होगा। आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया- इस राउंड का उद्देश्य प्रतिभागियों की रचनात्मक क्षमता, डिजाइन सेंस, स्टाइलिंग और कॉन्सेप्ट प्रेजेंटेशन को परखना था। हर मॉडल ने अपने व्यक्तित्व के अनुरूप अलग पहचान बनाने की कोशिश की। इसमें एक मॉडल ने अपनी मां की ज्वैलरी को कपड़े पर लगाकर पूरी तरह से ‘ज्वैलरी ड्रेस’ बनाई और रैंप वॉक किया, वहीं कुछ मॉडल्स बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्रियों की तरह तैयार होकर रैंप पर उतरीं। टैग-1: आराध्या मदान
90 के दशक की बॉलीवुड ग्लैमर को जिया आराध्या मदान ने टैग-2: नेहा हंसराजानी
हरे रंग में शक्ति और सौम्यता का संदेश टैग-3: पलक शर्मा
गॉथिक विंटेज स्टाइल में दिखीं टैग-4: शुभांगी शर्मा
अखबार की सुर्खियों से बना फैशन टैग-5: आस्था भूटानी
ब्लैंक कैनवास बनी आस्था भूटानी टैग-6: जाह्नवी कुमावत
ओल्ड हॉलीवुड की झलक लेकर आईं जाह्नवी कुमावत टैग-7: आशा जांगिड़
बार्बी बनी आशा जांगिड़ टैग-8: श्रुति कुमारी
ओल्ड हॉलीवुड एस्थेटिक्स से प्रेरित टैग-8: लक्षिता गोदारा
‘हॉरर और वैम्पायर’ लुक पेश किया टैग-10: निहारिका राठौड़
फूलों से सजी प्रकृति की खूबसूरती बनी निहारिका राठौड़ की पहचान टैग-11: मेघना चौधरी
ताश के पत्तों से सफलता की कहानी सुनाती दिखीं मेघना चौधरी टैग-12: प्राची हिंदूजा
सभी प्रतिभागियों को आईफा अवॉर्ड मानती हैं प्राची हिंदूजा टैग-13: कुसुम सोनी टैग-14: शगुन राठौड़
ड्रेस पर डिजाइन हुई ज्वैलरी, मां का मिला साथ टैग-15: दिव्यांशी जांगिड़
सिंड्रेला बनी दिव्यांशी जांगिड़ टैग-16: श्रुति नायक
करीना कपूर के आइकॉनिक लुक से प्रेरित श्रुति नायक टैग-17: श्रीजा गुप्ता
मरमेड वाइब्स के साथ मंच पर उतरीं श्रीजा गुप्ता टैग-18: वंशिका नूनिया
आधुनिक महिला की सोच को दर्शाया टैग-19: निहारिका माथुर
दादी के लहंगे को नया जीवन देने वाली निहारिका माथुर टैग-20: कोमल वर्मा
तितली बन उड़ने का सपना लेकर आईं कोमल वर्मा टैग-21: सुहानी जैन
कैटरीना कैफ की झलक बनी सुहानी जैन टैग-22: अक्षिता सिंह तंवर
‘द डेविल वियर्स प्राडा’ से प्रेरित अक्षिता सिंह तंवर टैग-23: अनुष्का माथुर
राजस्थान की बंधेज और कुल्हड़ चाय का अनोखा संगम टैग-24: वर्षा शर्मा
हॉलीवुड ग्लैमर लेकर आईं वर्षा शर्मा टैग-25: खुशी धिनवा
बचपन की प्रेरणा बनी खुशी धिनवा की पहचान टैग-26: ज्योति चौधरी
सेल्फ लव का संदेश लेकर आईं ज्योति चौधरी टैग-27: अनमोल शेखावत
ऑरेंज और ब्लैक से व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति टैग-28: प्रज्ञा चौधरी
लैटिना स्टाइल में दिखा जुनून

बेनीवाल बोले-कांग्रेस राज के बेइमान IAS, सीएम के इर्द-गिर्द लगे:कहा- बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही कांग्रेस; अब मैं कभी एनडीए में नहीं जाऊंगा

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा- कांग्रेस सरकार के बेईमान आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री के इर्द-गिर्द लगे हैं। बेनीवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- राजस्थान में कांग्रेस बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रही है। हनुमान बेनीवाल गुरुवार को जोधपुर पहुंचे थे। यहां से वे बाड़मेर के लिए रवाना हुए। जोधपुर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा- मैं कभी एनडीए में नहीं जाऊंगा। वहीं बेनीवाल ने जगन गुर्जर हत्या मामले का उल्लेख करते हुए सीबीआई जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा- निष्पक्ष जांच होने पर कई जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। बोले- कांग्रेस नेता मंत्रियों को टारगेट करते हैं हनुमान बेनीवाल ने कहा- बीजेपी जिस तरह से दूसरी पार्टियों में तोड़फोड़ कर रही है। इनका क्या मकसद है, ये ही जानें। राजस्थान का नेतृत्व ऐसे के हाथ में है, जिसे राजनीति का क, ख, ग नहीं पता। पहली बार विधायक बने और सीएम बना दिए गए। उन्हें पता ही नहीं दिन में क्या करना है, दोपहर में क्या करना है, शाम को बयान बदल देते हैं। कांग्रेस ​भाजपा से मिलकर काम कर रही है। कांग्रेस के बयान सीएम को टारगेट नहीं होकर, उनके मंत्रियों को टारगेट कर रहे हैं। ये लुका-छिपी का गेम चल रहा है। सीएम ने भी कहा था- कांग्रेस के लोग आधी रात को मिलने या अंधेरे में मिलने आते हैं। बीजेपी जिन मुद्दों को लेकर राजस्थान में आई। सीबीआई को एक भी जांच नहीं सौंपी। बेनीवाल ने कहा- राजस्थान में क्राइम बढ़ा। सीएम के आने के बाद अग्निदेव नाराज हो गए। लोकतंत्र राजस्थान में खत्म है। सारा काम दिल्ली से हो रहा है। ब्यूरोक्रेट सीएम को चला रहे हैं। कहा- जोधपुर पूर्व सीएम का इलाका, पर कांग्रेस नजर नहीं आ रही बेनीवाल ने कहा- जहां मैं बैठा हूं, यह पूर्व सीएम का इलाका है। यहां कांग्रेस नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस के लोग बीजेपी पर आरोप लगाते हैं, लेकिन सड़क पर नजर नहीं आते। रिफाइनरी पर बेनीवाल बोले- ये राजनीति की भेंट चढ़ गई। यह परियोजना वर्षों पहले शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से देरी होने से राजस्थान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। डकैत जगन गुर्जर की हत्या को लेकर सीबीआई जांच की मांग बेनीवाल ने कहा- राजस्थान में कानून-व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस प्रदेश में मिलीभगत से काम कर रही है और वास्तविक विपक्ष की भूमिका केवल आरएलपी निभा रही है। उन्होंने एसआई भर्ती, रीट परीक्षा, पेपर लीक और आरपीएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा- इन मामलों की सीबीआई जांच नहीं कराने से भाजपा और कांग्रेस की मिलीभगत सामने आती है।

गहलोत बोले- राजस्थान में सरकारी भुगतान तंत्र ठप:ऐसा वित्तीय कुप्रबंधन कभी नहीं देखा; न पेंशन मिल रही न इलाज, सीएम तुरंत दखल दें

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकारी भुगतान तंत्र के पूरी तरह ठप होने का दावा करते हुए सीएम भजनलाल शर्मा को लैटर लिखा है। गहलोत ने लैटर में गंभीर वित्तीय संकट का हवाला देते हुए सरकारी कर्मचारियों को होने वाली परेशानियों और वेंडर्स का भुगतान नहीं होने पर सवाल उठाए। गहलोत ने लैटर में लिखा- राजस्थान में सरकारी भुगतान तंत्र जिस तरह ठप पड़ चुका है, उसे लेकर मैं गहरी चिंता के साथ यह लिख रहा हूं। यह किसी एक विभाग या किसी एक योजना की समस्या नहीं है। कर्मचारी, पेंशनभोगी, दुर्घटना पीड़ित परिवार, अस्पताल, दवा विक्रेता और छोटे ठेकेदार, लगभग हर वर्ग आज अपने वाजिब भुगतान के लिए भटक रहा है। प्रदेश के इतिहास में वित्तीय कुप्रबंधन का ऐसा स्वरूप पहले कभी नहीं देखा गया। गहलोत ने कहा- मुख्यमंत्री को समय रहते इसमें हस्तक्षेप कर लोगों को राहत दिलानी चाहिए। आरजीएचएस योजना में अस्पतालों-मेडिकल स्टोरों का भुगतान अटका गहलोत ने लिखा- आरजीएचएस योजना के तहत निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटरों और दवा विक्रेताओं का करोड़ों रुपए का भुगतान महीनों से अटका है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि राज्य मानवाधिकार आयोग को इसे मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए स्वतः संज्ञान लेना पड़ा। कई अस्पतालों ने योजना से जुड़ी सेवाएं सीमित करने या एमओयू समाप्त करने तक की चेतावनी दे डाली। नतीजा यह है कि कैशलेस इलाज का दावा करने वाली योजना में भी कर्मचारियों और पेंशनरों को पहले अपनी जेब से पैसे जमा करवाने पड़ रहे हैं। इस भरोसे पर कि सरकार से भुगतान आने पर बाद में वापसी होगी। ऐसे मामलों में राज्य सरकार को लिखित गारंटी देकर अस्पतालों को पुनर्भुगतान के लिए पाबंद करना चाहिए। एक्सीडेंट में मौत पर पांच लाख की सहायता भी नहीं मिल रही गहलोत ने लिखा- मुख्यमंत्री चिरंजीवी, आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के तहत भी रुपए नहीं मिल रहे हैं। इसके तहत दुर्घटना में मौत होने पर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए की सहायता राशि मिलनी होती है। यह जानकारी मिल रही है कि सैकड़ों मामलों में दावे स्वीकृत होने के बावजूद पीड़ित परिवारों को भुगतान नहीं मिल पाया है। जिस परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खोया हो, उसे स्वीकृति के बाद भी महीनों राशि के लिए इंतजार करना पड़े, यह राज्य सरकार की असंवेदनहीनता को दिखाता है। रिटायरमेंट के बाद कई महीनों तक कर्मचारियों को नहीं मिल रहे रुपए गहलोत ने लिखा- राज्य के रिटायर्ड कर्मचारियों की हालत भी उतनी ही चिंताजनक है। जीपीएफ, ग्रुप बीमा, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश (पीएल) जैसी रकम, जो कर्मचारी का हक है। रिटायरमेंट के बाद कई महीनों तक जारी नहीं हो रहा। साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी प्रदेश के कई जिलों में कई महीनों से लंबित चल रही है। इससे बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ट्रेजरी से पास हो चुके बिलों का भुगतान नहीं हो रहा गहलोत ने लिखा- ट्रेजरी से पास हो चुके बिलों के भुगतान पर भी कई महीनों से संकट बना हुआ है। इसका सीधा असर सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर पड़ रहा है। हालत यह हो गई है कि छोटे-छोटे ठेकेदारों को अपने वाजिब भुगतान के लिए अखबारों में विज्ञापन देकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना पड़ रहा है। हजारों श्रमिकों और छोटे उद्यमियों की आजीविका इसी भुगतान संकट के कारण खतरे में है। भुगतान संकट प्रशासनिक लापरवाही नहीं गहलोत ने लिखा- भुगतान का यह संकट केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है। जिस राज्य को अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और सेवा प्रदाताओं के भरोसे पर खड़ा होना चाहिए, वहां आज यह भरोसा ही डगमगा रहा है। आम आदमी, सरकारी कार्मिक, पेंशनभोगी, ठेकेदार समेत समाज का हर वर्ग आज परेशान है। इस विषय की गंभीरता को समझते हुए समय रहते निर्णय लेना जरूरी है, ताकि प्रदेश के लाखों परिवारों को इस अनावश्यक संकट से राहत मिल सके।

जहां बस जली वहां से 3KM-दूर ट्रॉमा-सेंटर ताले में बंद:3 साल से उद्घाटन ही नहीं हो पाया, हादसे में 8 लोगों की हुई थी मौत

दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार को हुए हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी। जिस जगह हादसा हुआ वहां से 3 किमी दूर NHAI का डेवलप किया ट्रॉमा सेंटर है। इसके चलते एम्बुलेंस समय पर आ गई थी, लेकिन ये ट्रॉमा सेंटर ताले में बंद है। 2023 में बने इस ट्रॉमा सेंटर का अब तक उद्घाटन नहीं हो पाया है। यहां पर एंबुलेंस के अलावा कोई सुविधा विकसित ही नहीं की गई है। इसके कारण कोलवा थाना क्षेत्र में हुए हादसे के बाद घायलों को 25 किलोमीटर दूर दौसा जिला हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी जब भी इस एक्सप्रेस-वे पर हादसा होता है तो घायलों को दौसा जिला हॉस्पिटल ही ले जाना पड़ता है। घटना के अगले दिन भास्कर टीम रेस्ट एरिया में पहुंची जहां ट्रॉमा सेंटर की बिल्डिंग तो तैयार है, लेकिन हॉस्पिटल अब तक संचालित नहीं हो रहा है। वहीं NHAI के अधिकारियों का कहना है- ट्रॉमा सेंटर शुरू करने का मामला अभी पाइपलाइन में है। स्वीकृति मिलते ही शुरू कर देंगे। ट्रॉमा सेंटर पर लगा है ताला जिला मुख्यालय से करीब 22 किमी दूर गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे भास्कर टीम धनावड़ रेस्ट एरिया पहुंची। यहां हाईवे के दोनों तरफ बने ट्रॉमा सेंटर पर एक तरफ के गेट पर ताला लगा था। दूसरे तरफ ट्रॉमा सेंटर का ताला खुला तो था लेकिन अंदर कोई सुविधा नहीं थी। बाहर खड़ी थी सिर्फ एक एम्बुलेंस। एंबुलेंस चालक घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाते हैं ट्रॉमा सेंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया- कैंपस तो बनाया हुआ है, लेकिन अस्पताल शुरू नहीं हुआ है। एक्सीडेंट में घायलों को जिला अस्पताल ही पहुंचाते हैं। टीम ने रेस्ट एरिया को लीज पर संचालित कर रहे इंडियन ऑयल के बिजनेस मैनेजर मुकेश बैरवा से बात की। मुकेश बैरवा ने कहा- NHAI ने फ्यूचर एरिया के नाम से रिजर्व जगहों को फिलहाल डेवलप नहीं किया है। होटल-ढाबे और पेट्रोल पंप तो हैं लेकिन चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। मुकेश बैरवा ने कहा- NHAI ने फ्यूचर एरिया के नाम से रिजर्व जगहों को फिलहाल डेवलप नहीं किया गया है। होटल-ढाबे और पेट्रोल पंप तो हैं लेकिन चिकित्सा सुविधा नहीं मिल रही है। अधिकारी बोले- मामला पाइपलाइन में ट्रॉमा सेंटर के संचालन के लिए 3 साल बाद भी टेंडर प्रक्रिया नहीं हो सकी है। दौसा में NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया- रेस्ट एरिया में बने ट्रॉमा सेंटर शुरू करने के लिए मुख्यालय द्वारा पॉलिसी बनाई जा रही है। फिलहाल अभी पूरा मामला पाइपलाइन में है, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद ट्रॉमा सेंटर संचालन संबंधी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। तीन साल बाद भी नहीं शुरू हुआ ट्रॉमा सेंटर 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी ने इसी परिसर से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था। उस समय यह कहा गया था कि रेस्ट एरिया में ट्रॉमा सेंटर बनाया गया है। जहां पर 24 घंटे डॉक्टर ड्यूटी देंगे। सफर के दौरान किसी की तबीयत खराब हो जाती है तो उसे ट्रॉमा सेंटर लाया जा सकेगा। यहां पर मेल-फीमेल वार्ड अलग से बनाए गए हैं। यहां आईसीयू वार्ड, ऑपरेशन थिएटर भी बनाया गया है। जहां मरीजों का ऑपरेशन भी किया जा सकेगा। एम्बुलेंस भी NHAI की ओर लगाई गई है। हाईवे पर हादसा होता है तो एम्बुलेंस से तुरंत ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को लाया जा सकेगा, लेकिन तीन साल बाद भी चिकित्सा के नाम पर सिर्फ एक एंबुलेंस है। बस ट्रेलर की भिड़ंत में 8 लोगों की हुई थी मौत बुधवार को ऋषिकेश से इंदौर जा रही, हंस ट्रेवल्स की बस दौसा के कोलवा थाना इलाके से निकल रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर पहुंची थी। रात 2:28 बजे पर ड्राइवर को झपकी आई और बस आगे चल रहे ट्रेलर से भिड़ गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों वाहन एक्सप्रेसवे के बीच में बने डिवाडर पर चढ़ गए थे। कुछ ही मिनटों में बस और ट्रेलर में आग लग गई। दोनों वाहन बुरी तरह जल गए थे। अंदर रखा सामान भी जल गया। हादसे में 6 जिंदा जल गए और 2 की मौत चोट आने से हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की तस्वीरें… हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 4 दावों में फेल एक्सप्रेसवे पर जयपुर-दिल्ली का सफर:जगह-जगह ढाबे खुले, गड्ढे भी; 120 की रफ्तार वाली गाड़ियों से जानवरों की मौतें एक साल पहले 2 जुलाई 2025 को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जयपुर-दौसा-बांदीकुई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे शुरू किया था। (पढ़ें पूरी खबर) राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। (पूरी खबर पढ़िए)

सीमेंट प्लांट के बाहर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का लाठीचार्ज, VIDEO:ट्रेलर की टक्कर से युवक की हुई थी मौत, हंगामे के दौरान पत्नी बेहोश; मुआवजा-स्पीड ब्रेकर की मांग

सीमेंट प्लांट के आगे ट्रेलर की चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई। गुस्साए परिजन और गांव वालों ने सीमेंट फैक्ट्री के गेट के बाहर हंगामा कर दिया। इस दौरान ग्रामीण गेट खोलकर अंदर घुस गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठीचार्ज कर मौके से उन्हें खदेड़ा। इस दौरान मृतक की पत्नी बेहोश हो गई। जिसे एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया। घटना झुंझुनूं जिले के गोठड़ा थाना क्षेत्र की है। थाना अधिकारी धर्मेंद्र ने मीणा ने बताया- बुधवार शाम 5 बजे गोठड़ा स्थित श्री सीमेंट प्लांट के अंदर जा रहे एक ट्रेलर की चपेट में आने से एक बाइक सवार किसान की मौत हो गई थी। किसान की पहचान धींवा की ढाणी, टोडपुरा (गोठड़ा) निवासी ओमप्रकाश (43) की मौत हो गई। घटना के बाद शव को पुलिस ने नवलगढ़ जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। सीमेंट प्लांट के बाहर धरने पर जुटे ग्रामीण आक्रोशित ग्रामीण और परिजन गुरुवार सुबह 7:30 बजे सीमेंट प्लांट के बाहर जुटना शुरू हो गए। मृतक परिजनों का आरोप है कि सीमेंट प्लांट के अंदर जा रहे ट्रेलर ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए बाइक सवार को कुचल दिया। ग्रामीण मृतक के परिजनों को मुआवाजा और दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर की मांग कर लगे। धरने की सूचना पर नवलगढ़ डीएसपी सुगन सिंह, थाना अधिकारी धर्मेंद्र जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीण और परिजनों से काफी समझाइश की कोशिश की। मगर गांव वाले अपनी मांग पर अड़े रहे और फैक्ट्री के गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। सीमेंट प्लांट में घुसे ग्रामीण, पुलिस ने किया लाठीचार्ज 9:30 बजे कंपनी के अधिकारी और ग्रामीणों के प्रतिनिधि मंडल के बीच वार्ता हुई। मगर बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंची। दोपहर 12:30 बजे तक जब बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंचे तो आक्रोशित गांव वाले सीमेंट प्लांट के गेट को खोलकर अंदर घुस गए। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को वापस गेट के बाहर खदेड़ा। इस दौरान भगदड़ की स्थिति बन गई। इस पर कुछ गांव वालों ने पुलिस पर पथराव किया। 4 थानों का पुलिस जाप्ता पहुंचा थाना अधिकारी ने बताया- विवाद बढ़ने के बाद नवलगढ़, मुकुंदगढ़, गुढ़ा और गोठड़ा थानों से पुलिस जाप्ता बुलाया गया। इस दौरान गांव वाले फिर से सीमेंट प्लांट के गेट के बाद धरने पर बैठ गए। दोपहर 12:45 पर गांव की कुछ महिलाओं ने फिर से गेट के अंदर के अंदर घुसने की कोशिश की। मगर मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान मृतक ओमप्रकाश की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई और प्लांट के आगे बेहोश हो गई। जिसे तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया। ग्रामीण बोले- जल्द मुआवजा मिले किसान नेता राजेश कटेवा ने कहा- सीमेंट फैक्ट्री के वाहन लापरवाही से चलते हैं। एक किसान उनकी चपेट में आ गया। सीमेंट प्लांट के लिए एक अगल से लेन होनी चाहिए। यहां से हर रोज ग्रामीणों का आना जाना होता है। अब तक 22-25 मौत हो चुकीं हैं। हर बार यहां आकर संघर्ष करना होता है। हम चाहते हैं कि गरीब परिवार को मुआवजा मिले। साथ ही दोनों ओर स्पीड ब्रेकरों का निर्माण हो। परिवार को 11 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी तीन दौर की वार्ता के बाद शाम 4 बजे एसडीएम अजीत सिंह राठौड़ की मौजूदगी में ग्रामीण और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच सहमति बन गई। एसडीएम ने बताया- 5 लाख रुपए की फौरन मदद एनजीओ और ट्रांसपोर्टर के जरिए दी जाएगी। 5 लाख रुपए आयुष्मान योजना में कवर हो रहा है। वहीं एक लाख रुपए क्राउड फंडिंग के जरिए दिलाए जाएंगे। परिवार को कुल 11 लाख की आर्थिक मदद मिलेगी।
नवलगढ़ की ओर जा रहा था बाइक सवार डीएसपी सुगन सिंह ने बताया-मृतक के परिजन और ग्रामीणों से बातचीत की जा रही है। ओमप्रकाश के परिवार में तीन बेटी और दो बेटे हैं। ओमप्रकाश खेती कर परिवार का पालन पोषण करता था। ओमप्रकाश किसी काम से नवलगढ़ की ओर आ रहा था। इस दौरान ट्रेलर ने उसे चपेट में ले लिया। परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। ट्रेलर और ड्राइवर की तलाश की जा रही है। … यह खबर भी पढ़ें CM आवास जाने से रोका तो प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया:पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा, आंसू गैस के गोले छोड़े; 12 से ज्यादा लोगों को चोटें आईं जयपुर में बुधवार शाम घुमंतू और अर्धघुमंतू जातियों की महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर जा रहे थे। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। (पढ़ें पूरी खबर)

एक ही दिन में 6 लोग गड्ढों में गिरे:गुजरात के जूनागढ़ की घटनाएं, सीसीटीवी में कैद हुईं तस्वीरें

गुजरात में मानसून ने एंट्री कर ली है और जोरदार बारिश से अब हादसे भी सामने आने लगे हैं। वहीं, जूनागढ़ शहर में बुधवार को एक ही दिन में एक बच्ची समेत 6 लोग सड़कों पर बने गढ्ढों में गिरने से घायल हो गए। शहर के आजाद चौक इलाके में बाइक सवार दंपति गढ्ढे में गिर गए। युवक के सिर में गंभीर चोट आई। ओघड़नगर इलाके में तो तीन से चार लोग एक ही गड्ढे में गिर गए। माजेवाड़ी दरवाजे के पास एक स्कूटी सवार भी हादसे का शिकार हुआ। नीचे तस्वीरों में देखें सीसीटीवी में कैद हुए ये हादसे… ————
मौसम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मुंबई में भारी बारिश, समुद्र से दूर रहने की चेतावनी:15 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं; मानसून की राजस्थान में 7 दिन की देरी से एंट्री महाराष्ट्र में मानसून आने के बाद चार जिलों में भारी बारिश हो रही है। मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में रेड अलर्ट है। मुंबई में पिछले 24 घंटे में 172mm बारिश हुई। बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने गुरुवार दोपहर समुद्र में करीब 15 फीट ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी है। पूरी खबर पढ़ें…

'बच्चों के लिए जीने वाला जान कैसे ले सकता है':भाई बोला-बेटी को टीचर बनाना चाहता था, ट्रैक्टर चालाना भी सिखाया; हर इच्छा पूरी करता था

पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर किसान गेनाराम के सुसाइड करने बाद भाई को यकीन नहीं है कि वो ऐसा कर सकता है? भाई ने कहा- जो पिता बच्चों की हर छोटी-छोटी खुशी का ख्याल रखता था, उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था। समझ ही नहीं आ रहा… जो अपने बच्चों से इतना प्यार करता था, उनके लिए जीता था, वही उनकी जान कैसे ले सकता है। इतना कहते-कहते उनकी आंखें भर आईं। रुंधे गले से उन्होंने कहा- बेटी को पढ़ाकर टीचर बनाना चाहता था। उसे बेटे और बेटी, दोनों से बहुत प्यार था। वह बच्चों की हर छोटी-बड़ी इच्छा पूरी करने की कोशिश करता था। पहले समझे … क्या है पूरा मामला घटना फलोदी जिले के देचू थाना में 30 जून को हुई थी। पाली जिले के बीठू गांव (रोहट) के रहने वाले किसान गेनाराम (35), उसकी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) और बेटे किशन (10) के शव फतेहगढ़ क्षेत्र स्थित उनके कृषि कुएं पर बने घर में मिले थे। गेनाराम का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला, जबकि पत्नी और दोनों बच्चों के शव पास में खाट पर पड़े थे। 1 जुलाई को चारों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। घटना से एक दिन पहले गेनाराम अपनी पत्नी के साथ बीठू गांव स्थित मंदिर में दर्शन कर उसकी सलामती की कामना करने गया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आशंका जताई कि गेनाराम ने पहले पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या की, इसके बाद खुद फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अब पढ़िए … किसान के भाई की जुबानी 1. बेटी को टीचर बनाना चाहता था, ट्रैक्टर चलाना भी खुद सिखाया चेनाराम ने बताया – उनकी भतीजी खुशबू देचू के सरकारी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ती थी और पढ़ाई में बहुत होशियार थी। गेनाराम को उस पर बहुत गर्व था। वह अक्सर कहता था – मेरी खुशबू पढ़ाई में बहुत तेज है, मैं उसे खूब पढ़ाऊंगा और टीचर बनाऊंगा। एक दिन खुशबू ने ट्रैक्टर चलाना सीखने की जिद की तो गेनाराम खुद उसे ट्रैक्टर चलाना सिखाने लगा। वह मुस्कुराकर कहता था- आज मेरी बेटी ट्रैक्टर चला रही है, कल टीचर बनेगी तो कार भी चलाएगी। उसने बेटे-बेटी दोनों के बेहतर भविष्य के कई सपने देख रखे थे। 2. बच्चों की हर जिद पूरी करता, खेत में झूला भी बांध रखा था चेनाराम ने बताया – गेनाराम अपने दोनों बच्चों पर जान छिड़कता था। बेटे किशन से उसका लगाव कुछ अलग ही था। वह दिन-रात खेत में मेहनत करता, ताकि बच्चों को किसी चीज की कमी न रहे। चाहे कितना भी थककर घर लौटे, लेकिन अगर खुशबू रील बनाने या फोटो खिंचवाने की जिद करती तो कभी मना नहीं करता। खेत में ही बच्चों के लिए झूला बांध रखा था, ताकि वे खेलते रहें और वह काम करते-करते उन्हें देखकर खुश होता रहे।
3. पानी-पूरी की जिद भी तुरंत पूरी की, बच्चों की खुशी में ही खुश रहता था चेनाराम ने बताया – कुछ दिन पहले बेटे और बेटी ने पानी-पूरी खाने की इच्छा जताई थी। इसके बाद गेनाराम बाजार से उनके लिए ढेर सारी पानी-पूरी लेकर आया। उसने बच्चों से हंसते हुए कहा था- पेट भरकर खाओ… मेरे बच्चों की हर इच्छा पूरी होगी। बच्चों की खुशी ही उसकी सबसे बड़ी खुशी थी। 4. पत्नी की तबीयत खराब थी, कुलदेवी के दर्शन की भी सलाह दी थी चेनाराम ने बताया – करीब एक सप्ताह पहले उन्हें पता चला था कि गेनाराम की पत्नी की तबीयत खराब है। उन्होंने गेनाराम से कहा था कि पहले उसे अस्पताल दिखाओ और फिर कुलदेवी के दर्शन भी कर आओ, ताकि सब कुछ ठीक हो जाए। तीनों भाई (गेनाराम, चेनाराम और शिवाराम) देचू क्षेत्र में अपने-अपने कृषि कुओं पर परिवार के साथ रहते थे और खेती-बाड़ी कर परिवार चलाते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। 5. आज भी यकीन नहीं हो रहा कि ऐसा कैसे हो गया चेनाराम ने कहा – यही वजह है कि पूरा परिवार इस घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। जो पिता बच्चों की हर छोटी-छोटी खुशी का इतना ख्याल रखता था, उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता था, वही इतना खौफनाक कदम कैसे उठा सकता है। इतना कहते-कहते उनकी आंखें भर आईं। रुंधे गले से उन्होंने कहा- समझ ही नहीं आ रहा… जो अपने बच्चों से इतना प्यार करता था, उनके लिए जीता था, वही उनकी जान कैसे ले सकता है। —- घटना से जुड़ी खबरें ‘मालूम होता बेटे-बहू की लाश आएगी तो जाने नहीं देती’:मां बोलीं- बहू की सेवा भी मैं कर दूंगी, नहीं माना; अगले दिन मौत की खबर आई पति-पत्नी और बेटा-बेटी का एक चिता पर अंतिम संस्कार:बिलख पड़े लकवाग्रस्त पिता, मां बोलीं-बुढ़ापे में बेटे-पोतों की लाश देखनी पड़ रही पत्नी, बेटे-बेटी की हत्या कर किसान ने सुसाइड किया:महिला पर बताया था भूत-प्रेत का साया; फर्श पर पड़े मिले शव पत्नी और 2-बच्चों की हत्या कर पति ने किया सुसाइड:गेनाराम पति-बच्चों के साथ कल आया था बीठू, मंदिर दर्शन कर शाम को वापस गया, सुबह मिली चारों की बॉडी

क्रिकेटर मानव बोले- एक गलती मैच पलट सकती थी:पहला विकेट मिला तो कॉन्फिडेंस आया; कोहली को बॉल करना सपने जैसा

मानव सुथार टेस्ट में डेब्यू के बाद अपने घर श्रीगंगानगर पहुंचे। यहां जिला क्रिकेट संघ और फैंस ने उनका स्वागत किया। मानव ने मैच में कुल 7 विकेट लिए थे। मानव ने बताया- पहली बार खेलने उतरा तो मन में डर था, एक गलती पूरा मैच पलट सकती है। जैसे ही पहला विकेट मिला तो कॉन्फिडेंस बढ़ता गया। फिर घबराहट भी कम हो गई। मानव ने कहा वो देश के लिए वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं। वैभव सूर्यवंशी को लेकर मानव ने अपना पक्ष रखा। पढ़िए मानव का इंटरव्यू… भास्कर: आपका टेस्ट डेब्यू बेहद यादगार रहा। पहला विकेट लेते समय क्या महसूस हुआ? मानव: बहुत अच्छा फील हुआ। हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह भारतीय टीम के लिए देश का प्रतिनिधित्व करे। जब मुझे टेस्ट कैप मिल रही थी, तब जो फीलिंग आई, वो शब्दों में बयां नहीं कर सकता। बड़े लेवल पर खेलते समय 100% देते हैं। मन में थोड़ा डर भी होता है कि छोटी-सी कमजोरी मैच पलट सकती है। लेकिन पहला विकेट मिलते ही आत्मविश्वास बढ़ गया और उसी रफ्तार से पूरे मैच में गेंदबाजी की। भास्कर: युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन और अश्विन जैसे दिग्गजों से क्या सीखा। मानव: टेस्ट मैच के दौरान इन सभी सीनियर्स ने मोटिवेशनल पोस्ट शेयर किए। इससे मेरा हौसला और बढ़ गया। वे लगातार मुझे मोटिवेट करते रहते हैं। टेस्ट की तैयारी के दौरान विराट कोहली को गेंदबाजी करने का मौका मिला। इतने बड़े क्रिकेटर के खिलाफ गेंदबाजी करना मेरे लिए सपने जैसा था। भास्कर: वैभव के बारे में क्या कहेंगे? मानव: वैभव आईपीएल में शानदार रहा है। बेहद टैलेंटेड खिलाड़ी है। मैं उसे फॉलो करता हूं और उससे सीखने की कोशिश करता हूं। भास्कर: भारतीय टीम तक पहुंचना कितना मुश्किल रहा? मानव: मिडिल क्लास फैमिली से आकर यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। 12 साल की कड़ी मेहनत और फोकस के बाद यह मुकाम हासिल किया। मेरा हमेशा लक्ष्य पर फोकस रहा। वर्ल्ड कप खेलना चाहता हूं। बस अपना बेस्ट देते रहूंगा। गुजरात टाइटंस के लिए खेल चुके मानव श्रीगंगानगर शहर की डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन की बिहाणी क्रिकेट एकेडमी में प्रैक्टिस करते थे। उनके सिलेक्शन पर जिला क्रिकेट संघ के कोच धीरज शर्मा, सचिव विनोद सहारण भी काफी खुश हैं। कोच धीरज शर्मा ने बताया कि मानव की बॉलिंग स्किल को देखते हुए उसे लगातार प्रैक्टिस करवाते थे। उनकी फिरकी ने जिला क्रिकेट संघ के कई खिलाड़ियों को पैवेलियन लौटाया। सबसे पहले उसका चयन अंडर-14 क्रिकेट टूर्नामेंट में हुआ था। गुजरात टाइटंस (जीटी) नीलामी में सबसे ज्यादा 38.15 करोड़ रुपए के साथ उतरी। मानव सुथार पर 20 लाख रुपए खर्च किए। पढ़ें ये खबर भी… इंडिया के लिए टेस्ट मैच खेलेगा स्कूल टीचर का बेटा:श्रीगंगानगर के मानव सुथार का सिलेक्शन, बोले-बेस्ट दूंगा; रोते हुए मां बोलीं-मैसेज का इंतजार कर रही थी राजस्थान के मानव डेब्यू-टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच बने:पिता बोले- नाम रोशन कर दिया; मां ने कहा- भगवान से दुआ, बेटा वर्ल्ड कप खेले

जयपुर में दिनदहाड़े मकान से दो गैस सिलेंडर चोरी,VIDEO:स्कूटी से आए बदमाश ने तोड़े लॉक, महज 3 मिनट में वारदात कर भाग निकला

जयपुर में दिनदहाड़े एक मकान से दो गैस सिलेंडर चोरी होने हो गए। स्कूटी पर सवार होकर आए बदमाश ने घर के ताले तोड़े और महज तीन मिनट में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फिलहाल सांगानेर सदर पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी चोर की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। घटना सांगानेर इलाके में गोविंदपुरा के गंगा विहार कॉलोनी में बुधवार दोपहर करीब 1:20 बजे की है। सीसीटीवी कैमरे में आरोपी चोर दोपहर 1:17 बजे स्कूटी से आता है और मकान का लॉक तोड़ नजर आ रहा है। फिर वापस चोर स्कूटी के पास आकर इधर-उधर देखता है, फिर वापस जाकर दो गैस सिलेंडर उठाकर अपनी स्कूटी में रख देता है और फरार हो जाता है। ये वारदात महज तीन मिनट में हुई। पहले देखिए, चोरी की 4 PHOTO’S जॉब करने गया हुआ था मकान मालिक पुलिस ने बताया कि चोरी की वारदात गोविंदपुरा के गंगा विहार निवासी गिर्राज प्रसाद के घर हुई। बुधवार सुबह वह मकान लॉक कर अपनी जॉब पर गए थे। पीछे से दिन-दहाड़े बदमाश ने सूने मकान को चोरी की नीयत से निशाना बनाया। लॉक तोड़कर घुसे बदमाश ने कमरे में रखे दो घरेलू गैस सिलेंडर उठाकर भाग गया। शाम करीब 4:45 बजे घर लौटने पर लॉक टूटे मिले। घर के अंदर से गैस सिलेंडर गायब थे। CCTV फुटेज में कैद हुई करतूत घर के आस-पास लगे CCTV फुटेजों को खंगालने पर चोर की करतूत कैद मिली। वीडियो में दोपहर करीब 1:17 बजे आया और 1:20 बजे सिलेंडर चोरी कर स्कूटी से भाग गया। घर के पास स्कूटी खड़ी कर बदमाश ने पहले लॉक तोड़े। लॉक तोड़कर अंदर कमरे में रखे दो गैस सिलेंडर उठाकर बाहर लाया। स्कूटी के आगे की साइड दोनों गैस सिलेंडर को रखकर चोरी कर ले गया।