फीस वृद्धि के खिलाफ एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का सांकेतिक अनशन:कहा- करीब 7 हजार छात्रों पर पड़ेगा फीस वृद्धि का असर; पांचवें दिन भी धरना जारी

जोधपुर की जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ एनएसयूआई का धरना पांचवें दिन बुधवार को भी जारी रहा। एनएसयूआई कार्यकर्ता एक दिन के सांकेतिक अनशन पर बैठे। कार्यकर्ताओं ने मांगें नहीं मानने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। एनएसयूआई जोधपुर ग्रामीण जिलाध्यक्ष मनीष विश्नोई ने कहा- एनएसयूआई कार्यकर्ता पिछले पांच दिन से धरने पर बैठे हैं। हमारी मुख्य मांग यही है कि फीस वृद्धि वापस ली जाए। जब तक फीस वृद्धि वापस नहीं ली जाती है, तब तक हमारा धरना जारी रहेगा। वहीं, एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता एमएल चौधरी ने बताया- बातचीत के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया। फीस वृद्धि का असर करीब 7 हजार छात्रों पर पड़ रहा है, जिनमें से बहुत से छात्र गांवों में मजदूर किसान वर्ग से आते हैं। 27 जून को शुरू किया था धरना गौरतलब है कि फीस बढ़ोतरी वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर एनएसयूआई और ABVP ने 27 जून को धरना शुरू किया था। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल और विश्नविद्यालय प्रशासन के साथ हुई बातचीत में बढ़ी हुई फीस (1350 रुपए) की 30 फीसदी कम करने पर मंगलवार देर शाम सहमति बन गई थी। कम की गई राशि को छात्रों के परीक्षा शुल्क में शामिल किया जाएगा। इसके बाद एबीवीपी ने अपना धरना समाप्त कर लिया, जबकि एनएसयूआई का धरना फिलहाल जारी है। NSUI की हैं ये मांग

डकैत जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा हत्यारा?:जेल में दोनों की अलग-अलग सेल थी; मिलने के लिए आपसी सहमति थी जरूरी

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जगन गुर्जर को सेल नंबर-5 अलॉट थी। वहीं उसकी हत्या करने वाले आरोपी विष्णु जाट को अलग सेल अलॉट थी। फिर विष्णु कैसे जगन गुर्जर की सेल तक पहुंच गया? पुलिस ने इन तमाम सवालों के साथ बुधवार को ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और जेल प्रहरी के बयान दर्ज किए। साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी प्राप्त किए। जगन और विष्णु का भी पूरा रिकॉर्ड लिया। जगन गुर्जर की सेल तक कैसे पहुंचा आरोपी? पुलिस सूत्रों ने बताया- जेल में सूर्योदय से लेकर सुबह 11 बजे तक कैदी सेल से बाहर आते हैं और अपनी दिनचर्या के काम करते हैं। इसके बाद सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक सेल में चले जाते हैं। 3 बजे से सूर्यास्त तक फिर बाहर आते हैं और सूर्यास्त के बाद अपनी सेल में चले जाते हैं। सुबह 11 से 3 बजे तक कैदी एक-दूसरे की सेल में आते-जाते हैं और वहां अपना समय बिता सकते हैं। इसमें दोनों कैदियों की रजामंदी होती है। अब पुलिस ये पता कर रही है कि जगन और विष्णु की रजामंदी थी या नहीं। आरोपी विष्णु को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है। उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। … ये खबरें भी पढ़िए… छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। मुखाग्नि बेटे आसाराम ने दी। STF की सुरक्षा में उसके तीनों भाइयों को जेल से धौलपुर लाया गया था। यहां अंतिम दर्शन के बाद तीनों को पुलिस वापस ले गई। पढ़ें पूरी खबर 2- अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या, कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर 3. जगन गुर्जर की 3 मिनट में थम गई थीं सांसें:सुसाइड दिखाने की कोशिश; 13 फीट ऊंचे पंखे पर मिला गमछा, CCTV पर टूथपेस्ट लगाया अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को हुए कुख्यात डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन की जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी विष्णु जाट ने हत्या को सुसाइड (आत्महत्या) का रूप देने की पूरी कोशिश की थी। जिस गमछे से जगन का गला घोंटा गया, वह बैरक के पंखे पर लटका मिला है। हालांकि, जगन के भारी-भरकम शरीर के कारण आरोपी अपने इस प्लान में कामयाब नहीं हो सका। पढ़ें पूरी खबर
डकैत जगन हत्याकांड

पूर्व विधायक ने चुनाव आयोग-सरकार को भेजा लीगल नोटिस:कहा- कोर्ट की कर रहे अवमानना; हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक चुनाव के दिए थे निर्देश

प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच सकता है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने 31 जुलाई तक पंचायत-निकाय चुनाव कराने के अदालती आदेश की पालना में चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं करने पर राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट पंचायत-निकाय चुनाव के लिए स्पष्ट निर्देश दे चुका है। कोर्ट यह भी स्पष्ट रूप से कह चुका कि 20 जून तक परिसीमन और मतदाता सूचियों के संबंध में प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बावजूद आयोग और सरकार ने अभी तक चुनाव कराने की तैयारी नहीं की है। पूर्व विधायक ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह, आयोग सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज सचिव जोगाराम और स्थानीय निकाय निदेशक जुइकर प्रतीक चंद्रशेखर को लीगल नोटिस भेजा है। हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने नोटिस में कहा- चुनाव आयोग और राज्य सरकार ऐसा करके हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं, जो एक तरह से अदालत की अवमानना है। उन्होंने आयोग से अपील की है कि वह 31 जुलाई की डेडलाइन को ध्यान में रखकर चुनाव कार्यक्रम जारी करें। ऐसा नहीं करने पर वे हाईकोर्ट में राज्य चुनाव आयोग और राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए अवमानना याचिका दायर करेंगे। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेश राजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था।

दौसा में रिटायर्ड कर्मचारी से एक लाख लूटे:बैंक से कैश निकालकर साइकिल पर घर लौट रहे थे, झपट्टा मारकर बैग ले गए बदमाश

दौसा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में रिटायर्ड कर्मचारी के साथ लूट का मामला सामने आया है। घटनाक्रम निहालपुरा-छोकरवाड़ा मार्ग पर बुधवार दोपहर का है, जहां बाइक सवार बदमाशों ने भंडारी गिर्राज सिंह राजपूत से एक लाख रुपए से भरा बैग लूट लिया। जानकारी के अनुसार- गिर्राज सिंह बैंक से कैश निकालकर साइकिल से घर लौट रहा था कि निहालपुरा चौराहे और छोकरवाड़ा के बीच बदमाश ने झपट्टा मारकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। पीड़ित ने शोर मचाते हुए बदमाश का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी खेतों की ओर भागकर पहले से खड़ी बाइक से फरार हो गया। सूचना पर सिकंदरा थाना प्रभारी अशोक चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पीड़ित की रिपोर्ट पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ मामला दर्ज कर विशेष टीम का गठन किया गया है।

कोटपूतली में जोधपुरा संघर्ष समिति का अनशन समाप्त:पुनर्वास प्रस्ताव भेजने का भरोसा, 1301 दिन से आंदोलन जारी

कोटपूतली में सीमेंट प्लांट के खिलाफ NGT के आदेशों की पालना और पुनर्वास की मांग को लेकर जोधपुरा संघर्ष समिति का धरना आज शाम को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। यह धरना पिछले सात दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और ग्रामीण शामिल थे। आंदोलन के दौरान ग्रामीणों ने अपनी मांगों के समर्थन में अनशन भी शुरू किया था। कलेक्टर ऑफिस के आगे धरने पर बैठे आज सुबह सभी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग धरना स्थल से उठकर सीधे कलेक्टर कार्यालय के सामने बैठ गए। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर पहुंचे कोटपूतली विधायक हंसराज पटेल और मुंडवार विधायक ललित यादव ने धरनार्थियों से बात कर उन्हें समझाया। एनजीटी के आदेश की पालना नहीं होने पर रोष ग्रामीणों का कहना था कि NGT के आदेशों का पालन न होने से वे लंबे समय से आक्रोशित हैं और उनकी मुख्य मांग पुनर्वास की है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि पुनर्वास संबंधी प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। इस आश्वासन के बाद कलेक्ट्रेट के सामने चल रहा धरना और अनशन समाप्त कर दिया गया। जूस पिलाकर तुड़वाया अनशन एसडीएम योगेश देवल ने अनशन पर बैठे ग्रामीणों को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि उनकी पहली जीत है। उन्होंने कहा कि करीब 1301 दिनों से जारी उनका अनिश्चितकालीन धरना NGT के आदेशों की पूर्ण पालना और पुनर्वास की मांग पूरी होने तक आगे भी जारी रहेगा। पुलिस बल रहा तैनात धरना स्थल पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएसपी लक्ष्मी सुथार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई वार्ता के बाद फिलहाल कलेक्ट्रेट के सामने से धरना हटा लिया गया है, लेकिन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को फिर से तेज किया जाएगा।

जालोर में SBI का स्थापना दिवस मनाया:बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में रोपे पौधे, स्टूडेंट्स को दिए पुरस्कार

जालोर में भारतीय स्टेट बैंक(SBI) ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक(SBI) का स्थापना दिवस मनाया गया। संस्थान परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया और प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार व बैंक की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। आरसेटी अनुदेशक योगेश दवे ने बताया- स्थापना दिवस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहायक महाप्रबंधक हेमेन्द्र सांखला थे। कार्यक्रम में कचहरी शाखा के मुख्य प्रबंधक, असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर सुरेंद्र प्रताप सिंह और आरसेटी निदेशक अशोक कुमार भी शामिल हुए। इस दौरान अतिथियों ने संस्थान परिसर में पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। स्वरोजगार और साइबर सुरक्षा की जानकारी दी
मुख्य अतिथि सहायक महाप्रबंधक हेमेन्द्र सांखला ने महिला सिलाई वस्त्र एवं महिला ब्यूटी पार्लर की प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए जीवन में स्वरोजगार की महत्ता बताई। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रशिक्षण पूरा कर स्वयं का कार्य प्रारंभ करें। इसके साथ ही उन्होंने बैंक से ऋण लेकर अपने लक्ष्यों को अर्जित करने के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। सांखला ने प्रशिक्षणार्थियों को बैंक की विभिन्न वित्तीय योजनाओं से अवगत कराने के साथ-साथ वर्तमान दौर में बढ़ रहे साइबर क्राइम से सतर्क रहने और सुरक्षित बैंकिंग अपनाने के टिप्स भी दिए। उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्टूडेंट्स को मिला पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान महिला वस्त्र सिलाई बैच की उन प्रशिक्षणार्थियों को पुरस्कृत किया गया, जिन्होंने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट सिलाई कार्य का प्रदर्शन किया था। कार्यक्रम के अंत में संस्थान के निदेशक अशोक कुमार ने पधारे हुए सभी अतिथियों का आभार और धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर अजय रावत, उदिता, फूलाराम, अर्जुन कुमार परिहार, बैंक कार्ड भीम सिंह सहित संस्थान के स्टाफ और बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

जिंदा जली पत्नी, बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा पति:स्टेटस पर लिखा था- ढल गया दिन…हो गई रात; 8 में से 6 लोगों की सिर्फ हड्डियां बचीं

आंखों के सामने पत्नी जिंदा जलती रही…पति ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाता रहा, लेकिन कोई उसे बस से बाहर नहीं निकाल सका। जितेंद्र पांडे सीट के नीचे फंसी पत्नी प्रियंका को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश करते रहे, लेकिन देखते ही देखते आग की लपटों ने चपेट में ले लिया। वहीं बड़वाह के होटल संचालक दीपक सिंह तंवर भी इसी भीषण हादसे में जिंदा जल गए। मौत से कुछ घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था। दीपक सिंह तंवर ने सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था- ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे…ढल गया दिन… हो गई रात। राजस्थान के दौसा में हुए इस दर्दनाक बस हादसे ने मध्यप्रदेश के 6 समेत 8 लोगों की मौत हो गई। वे हरिद्वार से इंदौर लौट रहे थे। हादसा इतना भयावह था कि दोनों शव बुरी तरह जल गए। उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच करानी पड़ेगी। डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को शव बड़वाह लाए जा सकेंगे। भाई की मौत की खबर मिलते ही दीपक की बहन बार-बार बेहोश हो रही हैं। वह रोते-रोते जमीन पर गिर जाती हैं। दैनिक भास्कर ने दीपक के परिवार और प्रियंका के पड़ोसियों से से बात की। ये तस्वीरें देखिए… दीपक सिंह तंवर: परिवार के साथ घर से निकले थे हादसे में कस्तूरबा मार्ग के रहने वाले दीपक सिंह तंवर की मौत हो गई। वह पिता नन्नू सिंह के साथ सनावद में होटल चलाते थे। वह 22 जून को परिवार के पांच अन्य सदस्यों के साथ ट्रेन से वैष्णोदेवी दर्शन के लिए निकले थे। वैष्णोदेवी दर्शन के बाद अमृतसर और हरिद्वार के दर्शन कर लिए थे। बुधवार को इंदौर और फिर घर आना था। वह भी इसी स्लीपर बस से बड़वाह लौट रहे थे। हादसे में नन्नूसिंह तंवर के छोटे बेटे सन्नी (24), उनकी पत्नी नेहा (26), दीपक की पत्नी दिव्या (25), बेटी यशिका (3), बेटा वंशराज (7) और इंदौर के रहने वाले नाती हर्षद पिता संजय तंवर घायल हुए हैं। घर पर बहन बार-बार बेहोश हो रही कस्तूरबा मार्ग पर होली टेकड़ा में घर पर सिर्फ दीपक की बहन कविता तंवर है। वह बार-बार बेहोश हुए जा रही है। पड़ोसी उन्हें संभाल रहे हैं। घर के बाहर पड़ोसी भी मौजूद हैं। बाकी सभी परिवारवाले राजस्थान गए हैं। वह ज्यादा बात करने की स्थिति में नहीं हैं। कविता ने रोते हुए बताया कि रात करीब ढाई बजे सन्नी भैय्या का पिता को कॉल आया था। उन्होंने कहा था कि हमारी बस का एक्सीडेंट हो गया है। दीपक भैया नहीं मिल रहे हैं। सभी लोग सुबह तक घर आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही मौत की खबर आ गई। सोशल मीडिया पर लिखा- ट्रिप खत्म, फिर काम पर घटना से पहले दीपक ने सोशल मीडिया पर स्टेटस शेयर किया। इसमें लिखा है… ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे…। इसके बैक ग्राउंड पर ‘सो गया ये जहां…’ गाना भी चल रहा है। इसके अलावा, दीपक ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर किया है। इसमें ट्रेन में सभी हाथ उठाकर झूमते दिख रहे हैं। दूसरे वीडियो में वैष्णो देवी के दर्शन करते भी दिख रहे हैं। पड़ोसी ने बताया- जितेंद्र की पत्नी जिंदा जल गई हादसे में बड़वाह में वन विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ जितेंद्र पांडे (40) की पत्नी प्रियंका पांडे (35) की भी मौत हो गई है। जितेंद्र 26 जून को ही पत्नी और बेटे अभिनव (7) के साथ हरिद्वार के लिए निकले थे। इसी बात से इंदौर लौट रहे थे। जितेंद्र मूलत: रीवा के रहने वाले थे। यहां दशहरा मैदान के पास पटेल नगर में किराए से रहते थे। पड़ोसी दिलीप चौरे ने बताया कि सुबह जितेंद्र का फोन आया था। उसने कहा था कि टक्कर के बाद अफरा–तफरी में मैं और बेटा बाहर निकल आए, जबकि पत्नी अंदर रह गई। सीट के नीचे फंसी पत्नी, मैं दौड़ता रहा, बचाने को चिल्लाता रहा इंदौर निवासी वन विभाग में ऑपरेटर जितेन्द्र पांडेय बताते हैं- मैं, पत्नी और बच्चा इस बस में सवार थे। हमारी सीट ड्राइवर के पीछे थी और बच्चा साइड वाली बर्थ पर सो रहा था। बहुत तेज आवाज और झटके के कारण नींद खुली। पत्नी प्रियंका सीट के नीचे फंसी थी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे निकालने की कोशिश की। बहुत खींचा, उसके पैर नीचे की तरफ फंस गए थे। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, बच्चा भी साथ था। मैंने उतर कर दौड़ लगाई और घूम कर खिड़की वाली तरफ आया और प्रियंका को खींचना शुरू किया। तब भी वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। इतने में बस में आग लग गई। जितेंद्र पांडे भी अपने परिवार के साथ हरिद्वार से इंदौर लौट रहे थे। साहब मेरी वाइफ मेरे सामने जिंदा जल गई। सर मैंने लोगों को बहुत कहा निकालो इसे कोई मदद करो। किसी ने मदद नहीं की। सब ही परेशान थे और घबराए हुए थे। मेरे सामने मेरी पत्नी चली गई। ……………………………………….. हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक्सीडेंट कोलवा थाना क्षेत्र में हुआ है। बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी स्लीपर में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 40 पैसेंजर्स थे। पढ़ें पूरी खबर… 2. राजस्थान- बस-ट्रेलर भिड़े, 8 की मौत, 6 जिंदा जले राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। एसपी ने बताया कि एक्सीडेंट कोलवा थाना क्षेत्र में हुआ है। बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी स्लीपर में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 40 पैसेंजर्स थे। पढ़ें पूरी खबर…

कोटपूतली में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई:कोचिंग सेंटर-मॉल समेत 6 भवन सीज, 30 दिन में इंतजाम नहीं किए तो होगी स्थायी सील

कोटपूतली नगरीय क्षेत्र में अग्निशमन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे व्यावसायिक भवनों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला कलेक्टर के आदेश और सीएमओ कार्यालय के निर्देश पर नगर परिषद और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने लगातार दूसरे दिन शहर में अभियान चलाया। इस दौरान बिना फायर सेफ्टी व्यवस्था के संचालित कई भवनों, कोचिंग सेंटरों, मॉल और व्यावसायिक टावरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया गया। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई नगर परिषद अधिकारियों ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 की धारा 194 (7) के तहत कार्रवाई करते हुए कई भवनों को सीज किया। सीज किए गए भवनों में रतन बॉयज हॉस्टल, पी.जी.बी.आर. टावर, कॉमर्स कैंपस, आर.पी.जी. तिवाड़ी टावर, प्रिंस लाइब्रेरी और कनक टावर शामिल हैं। भवन मालिकों पर लगाया जुर्माना प्रशासन ने कार्रवाई के साथ नियमों की अनदेखी करने वाले भवन मालिकों पर जुर्माना भी लगाया है। सीज किए गए सभी संस्थानों और भवन मालिकों को अग्निशमन सुरक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में उन्हें सुरक्षा मानकों को पूरा कर जुर्माना राशि जमा करनी होगी और प्रशासन के समक्ष शपथ पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। लापरवाही पर होगी स्थायी सील की कार्रवाई नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि 30 दिन के भीतर फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए और शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधित भवनों को स्थायी रूप से सीज कर दिया जाएगा। शहरभर में जारी रहेगा जांच अभियान अधिकारियों ने बताया कि अग्निशमन सुरक्षा को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। शहर में संचालित अन्य शैक्षणिक संस्थानों, होटलों, लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटरों और गोदामों की भी जांच की जाएगी। जहां भी सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के व्यावसायिक संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

हाईकोर्ट ने पूछा-RPSC में अध्यक्ष-सदस्य की नियुक्ति के क्या मापदंड:नियुक्त मेंबर्स का रिकॉर्ड किया तलब, कहा- SI भर्ती में भी हमने इनकी कार्यशैली की ऑब्जर्व

राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के क्या मापदंड हैं। कोर्ट ने आयोग में नियुक्त मेंबर्स की नियुक्ति से जुड़ा ऑरिजनल रिकॉर्ड भी तलब किया है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने बुधवार को सोसायटी फॉर पब्लिक ग्रीवेंस और सुभाष सियाग की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिकाओं में आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष केसरी सिंह, सदस्य कैलाश चंद मीणा और अयूब खान की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया कि तीनों की नियुक्ति तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से कुछ घंटे पहले की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा- हम SI भर्ती के मामले में भी सदस्यों की कार्यशैली को ऑब्जर्व कर चुके हैं। सरकार कर रही राजनीतिक नियुक्तियां अधिवक्ता शिवचरण गुप्ता और अधिवक्ता हिमांशु जैन ने कोर्ट को बताया- सरकार आयोग में राजनीतिक नियुक्तियां कर रही हैं। जबकि संवैधानिक आयोग होने और सरकारी नियुक्तियों की जिम्मेदारी के बावजूद नियुक्ति में मैरिट पर निर्णय नहीं लिया जाता है। उन्होने कहा- सदस्य केसरी सिंह के सोशल मीडिया पर टिप्पणियों के वीडियो मौजूद हैं, लेकिन उसके बाद भी उन्हें संवैधानिक पद पर नियुक्त कर दिया गया। सरकार मनमाने तरीके से आयोग में नियुक्तियां कर रही हैं। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि यह सर्विस मैटर है। इसे जनहित याचिका में चुनौती नहीं दी जा सकती है। रिकॉर्ड में बताना होगा नियुक्ति का आधार हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- सदस्यों की नियुक्ति का क्या आधार है। क्या नियुक्त सदस्यों ने नियुक्ति के लिए कोई आवेदन किया है। सरकार की आपत्ति पर कोर्ट ने कहा- हम नियुक्ति का ज्यूडिशियल रिव्यू कर सकते हैं।
यह खबर भी पढ़ें… सरकार ने हाईकोर्ट में कहा-SI भर्ती रद्द करना गलत:एकलपीठ ने नियम दरकिनार किए, जांच एजेंसी सही और गलत की छंटनी करने में सक्षम सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में सुनवाई में सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कहा- सिंगल बेंच में दायर याचिका मेंटेनेबल ही नहीं थी। सिंगल बेंच ने इसे दरकिनार कर मेरिट पर सुनवाई करते हुए भर्ती को रद्द करने का फैसला सुनाया। (पूरी खबर पढ़ें)

उदयपुर में औदीच्य ब्राह्मण समाज के भवन का लोकार्पण:रामस्नेही संत नरपतराम महाराज आए, चार जिलों के 150 से अधिक गांवों से आए समाजजन

औदीच्य ब्राह्मण समाज सेवा समिति उदयपुर के तत्वावधान में उदयपुर में गिरिजा व्यास पेट्रोल पंप के पास समाज के नवनिर्मित औदीच्य मांगलिक भवन और गार्डन का लोकार्पण हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठान के बीच महोत्सव बुधवार को हुआ। आयोजन में उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा जिलों के 150 से अधिक गांवों से हजारों समाजबंधुओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के पहले दिन मंगलवार को गणपति स्थापना, नवचंडी पाठ एवं वैदिक पूजन के साथ धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ हुआ। 11 विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, उन्नति और कल्याण की कामना की गई। पूरे दिन श्रद्धालुओं का भवन में दर्शन और पूजन के लिए आगमन बना रहा। संध्याकाल में संगीतमय सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का आयोजन हुआ। मधुर भजनों और सुंदरकांड के सस्वर पाठ से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। देर रात तक चले आयोजन में एक हजार से अधिक समाजबंधुओं ने हिस्सा लेकर भक्ति रस का आनंद लिया। 21 पंडितों ने कराया यज्ञ महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को मुख्य आचार्य पंडित भूपेंद्र शास्त्री (वीरपुरा) ने 21 विद्वान पंडितों के साथ गृह प्रवेश, वास्तु पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों को सनातन परंपरा के अनुसार विधिवत संपन्न कराया। महापूर्णाहुति के साथ यज्ञ सम्पन्न हुआ, जिसके बाद नए मांगलिक भवन का लोकार्पण किया गया। समारोह में रामस्नेही संप्रदाय के संत नरपत राम महाराज (बड़ा रामद्वारा चौक) ने शिष्यों सहित कार्यक्रम में पहुंचकर समाज जनों को आशीर्वाद दिया। संत ने कहा- समाज जब शिक्षा, संस्कार और संगठन के साथ आगे बढ़ता है तो उसका भविष्य स्वतः उज्ज्वल हो जाता है। उन्होंने भवन निर्माण में सहयोग देने वाले सभी भामाशाहों, दानदाताओं एवं कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया। इस अवसर पर औदीच्य ब्राह्मण समाज सेवा समिति, उदयपुर के संभागीय अध्यक्ष मोहनलाल औदीच्य ने लोकार्पण पट्टिका का अनावरण किया तथा सभी का स्वागत किया। स्वागत किया प्रवक्ता एवं प्रचार-प्रसार मंत्री प्रेम औदीच्य ने बताया- समारोह में समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान, भामाशाहों का अभिनंदन तथा विभिन्न चोखलों एवं टीलातों के प्रतिनिधियों का स्वागत भी किया गया। कार्यक्रम में समाज के युवाओं ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। वहीं महिलाओं ने भी सेवा भाव का परिचय देते हुए भोजन व्यवस्था का संचालन किया। ‘झूठा न छोड़ें’ अभियान से दिया स्वच्छता और संस्कार का संदेश कार्यक्रम के दौरान सेवा में लगी टीमों ने समाजजनों से भोजन की बर्बादी नहीं करने और थाली में झूठा भोजन नहीं छोड़ने की अपील की। इस पहल के माध्यम से स्वच्छता, अन्न के सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश दिया गया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। जल्द आयोजित होगा संस्कार शिविर औदिच्य ब्राह्मण समाज के संभागीय अध्यक्ष मोहनलाल औदिच्य ने बताया- समाज में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहे हैं। इन बदलावों को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से समाजजनों के सहयोग से शीघ्र ही संस्कार शिविर का आयोजन किया जाएगा। इनपुट : करण औदिच्य
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