डोनाल्ड ट्रंप एवेन्यू… भारत में अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर रखा गया सड़क का नाम, जानिए क्या है खास वजह

अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम के साथ ही शहर में कई अन्य सड़कों के नाम रखे गए हैं, जो वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान रखते हैं। इसमें ‘Google Street’ नाम भी शामिल है। इन नामों के बदलने का ऐलान खुद राज्य के मुख्यमंत्री ने किया है।

दामाद ने दीवार तोड़कर संदूक में रखे 22 लाख चुराए:दोस्तों के साथ बिजनेस करने का प्लान बनाया, ससुर ने खेत बेचकर रखी थी रकम

बीकानेर में दामाद ने दोस्तों के साथ मिलकर ससुराल से 22 लाख रुपए चोरी कर लिए। युवक के ससुर ने खेत बेचा था, जिसकी उसे भनक लग गई। आरोपी दामाद ने 2 दोस्तों के साथ मिलकर बिजनेस करने का प्लान बनाया। रात में दोस्तों के साथ ससुराल पहुंचा और मकान की दीवार में छेद करके तीनों अंदर घुसे। संदूक का ताला तोड़कर 22 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। मामला खाजूवाला थाना क्षेत्र के चक 17 बीडी का है। घटना के बाद ससुर को दामाद पर शक हुआ और उन्होंने दामाद गिरधारी लाल मेघवाल और उसके दो दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज करवा। पुलिस ने आरोपी दामाद और उसके 2 दोस्तों को मंगलवार शाम गिरफ्तार कर 13 लाख 35 हजार रुपए बरामद कर लिए। 9 लाख रुपए को लेकर पूछताछ जारी है। चोरी का शक दामाद और उसके दोस्तों पर पुलिस थाना खाजूवाला के इंचार्ज सुरेंद्र प्रजापत ने बताया- 17 जून को चक 17 बीडी निवासी गिरधारीराम मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें उन्होंने बताया कि 16 जून को मेरे घर में रखे 22 लाख रुपए चोरी हो गए है। दामाद सोहनलाल नायक और उसके 2 दोस्तों बूटा सिंह और दुलीचंद नायक पर शक है। रिपोर्ट में गिरधारी ने बताया- मैंने अपना खेत बेचा था, जिसके 22 लाख रुपए मिले थे, जो हमने घर में संदूक में रखे हुए थे। रुपयों की भनक मेरे दामाद सोहनलाल नायक को लग गई थी। उसने अपने दोस्त बूटा सिंह और दुलीचंद नायक को इसकी जानकारी दी। दोनों दोस्तों ने मिलकर दामाद को बिजनेस करने के सपने दिखाए। दामाद के साथ घर में रखे 22 लाख रुपए चोरी कर लिए। ससुर को पता चल गया था दामाद ही है चोर पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरधारी का दामाद मूल रूप से गंगानगर का रहने वाला है। इन दिनों पास के ही एक खेत में काम करता है। नशे के आदी सोहनलाल को रुपए देखकर लालच आ गया और उसने चोरी कर लिए। ससुर को अगले ही दिन ही पता चल गया था कि दामाद ने ही चोरी की है। नौ लाख रुपए अब भी नहीं मिले पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की राशि में से 13.35 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर शेष राशि और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। ये भी पता लगाया जा रहा है कि शेष करीब नौ लाख रुपए कहां खर्च किए गए हैं या फिर कहां रखे गए हैं।

बेंगलुरु मेट्रो में तकनीकी खराबी, 5 घंटे बंद रही:लोग ट्रकों पर चढ़कर घर पहुंचे; हजारों यात्री स्टेशन पर फंसे रहे; सड़कों पर भीड़

बेंगलुरु मेट्रो की पर्पल लाइन में आई तकनीकी खराबी के बाद कई यात्री घर तक जाने के लिए ट्रकों का इस्तेमाल करते दिखे। मंगलवार शाम को सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए। यात्री ट्रक, कैब और ऑटो से घर पहुंचे। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, क्यूब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर पर्पल लाइन की एक ट्रेन में तकनीकी खराबी आई, जिसकी वजह से पूरी पर्पल लाइन को बंद करना पड़ा। पीक आवर्स के दौरान मेट्रो बंद होने से स्टेशनों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। इसकी वजह से हजारों यात्री स्टेशन पर फंस गए। मेट्रो 5 घंटे बंद रही। बुधवार सुबह 5 बजे शुरू हुई। अफरा-तफरी की 4 तस्वीरें… पर्पल लाइन 25 लाख आईटी प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी बेंगलुरु के टेक प्रोफेशनल्स के लिए पर्पल लाइन मेट्रो की सबसे जरूरी लाइन है। बेंगलुरु में लगभग 25 लाख आईटी प्रोफेशनल्स काम करते हैं, जो शहर की कुल आबादी का करीब 20% हैं। इस विशाल वर्कफोर्स के लिए सिल्क बोर्ड और आउटर रिंग रोड इलाकों के भारी ट्रैफिक जाम से बचने का मेट्रो सबसे भरोसेमंद साधन है। यह लाइन इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे शहर के सबसे बड़े आईटी कॉरिडोर व्हाइटफील्ड और ITPL (इंटरनेशनल टेक पार्क बेंगलुरु) को सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (एमजी रोड, मजेस्टिक, विधान सौध) से जोड़ती है। इस रूट पर पड़ने वाले प्रमुख स्टेशन्स के जरिए रोजाना लाखों टेक कर्मचारी अपने ऑफिस पहुंचते हैं। यहां टीसीएस, इन्फोसिस, आईबीएम, कॉग्निजेंट, विप्रो, और ओरैकल जैसी बड़ी कंपनियों के ऑफिस मौजूद हैं। बेंगलुरु सांसद बोले- ‘फर्स्ट वर्ल्ड टेक टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस’ बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया पर लिखा कि फर्स्ट वर्ल्ड टेक टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस। यही बेंगलुरु की कहानी है। मेट्रो सेवाओं में व्यवधान अब आम हो गए हैं। हर बार जब मेट्रो सेवा प्रभावित होती है, पूरा शहर अव्यवस्था में चला जाता है। उन्होंने आगे कहा कि कैब नहीं मिलतीं, ऑटो सवारी लेने से मना कर देते हैं और नागरिक फंस जाते हैं। कल भारत की सिलिकॉन वैली के पेशेवरों को दफ्तर से घर लौटने के लिए ट्रकों और लॉरियों का सहारा लेना पड़ा। बेंगलुरु में हर यात्री साल में 117 घंटे जाम में फंसता है 2025 के जारी ट्रैफिक पुलिस के हीटमैप के मुताबिक बेंगलुरु में हर दिन करीब 190 किमी तक लंबा जाम लगता है। 2024 के मुकाबले इस साल लोगों का वन-वे सफर 16% बढ़ गया है, यानी अब 19 किमी का रास्ता तय करने में करीब 63 मिनट लग जाते हैं। हर यात्री साल में लगभग 117 घंटे सिर्फ ट्रैफिक में फंसा रहता है। जनवरी से जून 2025 के बीच शहर की सड़कों पर 3 लाख से ज्यादा नई प्राइवेट गाड़ियां जुड़ गईं। सिर्फ जून में ही करीब 50 हजार वाहन रजिस्टर्ड हुए। ट्रांसपोर्ट विभाग के मुताबिक संख्या पूरी नहीं है, क्योंकि बाहर के जिलों और राज्यों की गाड़ियां भी रोज शहर में चलती हैं। बेंगलुरु के ट्रैफिक में फंसे एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने 21 नवंबर 2025 को बेंगलुरु के खराब ट्रैफिक पर मजाकिया लहजे में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में यात्रा करना शहर के खराब ट्रैफिक को पार करने से कहीं ज्यादा आसान है। शुभांशु कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और बीटी विभाग के ‘फ्यूचराइज’ थीम पर आयोजित बेंगलुरु टेक समिट में हिस्सा लेने पहुंचे थे। उन्होंने मराठाहल्ली से बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर तक लगभग 34 किमी का सफर तय किया। इसे तय करने में आमतौर पर एक घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है। उन्हें कितना वक्त लगा, यह पता नहीं चल पाया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु मेट्रो बनी लाइफसेवर,ऑर्गन ट्रांसपोर्ट कर मरीजों की जान बचाई:41 मिनट में दिल और 68 मिनट में फेफड़े हॉस्पिटल पहुंचाए बेंगलुरु के स्पर्श हॉस्पिटल की मेडिकल टीम और मेट्रो रेल (BMRCL) ने मिलकर एक ऐसा ऑपरेशन किया, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो ने गुरुवार को ट्रांसप्लांट के लिए ले जाए जा रहे इंसानी दिल (हार्ट) और फेफड़े तेजी से ट्रांसपोर्ट किए। पूरी खबर पढ़ें…

जयपुर में युवक का मर्डर, पत्थर से सिर फोड़ा:दुकान के बाहर शराब पीने से टोकने पर हमला; घर पर किया पथराव

जयपुर में पत्थर से सिर फोड़कर एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। दुकान के बाहर शराब पी रहे लड़कों को टोकने पर उसका उनसे झगड़ा हो गया था। लड़कों ने अकेला पाकर पत्थर से उसका सिर फोड़ दिया, साथ ही डंडों से उस पर ताबड़तोड़ वार किए। घटना सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात 12 बजे की है। SHO (सांगानेर सदर) अनिल जैमन ने बताया- गोविन्दपुरा के शिक्षा सागर कॉलोनी निवासी संजू शर्मा (28) पुत्र कैलाश शर्मा की हत्या हुई है। वह पानी का टैंकर सप्लाई का काम करता था। घर के बाहर ही उसके भाई की किराने की दुकान है। दुकान के बाहर शराब पी रहे थे मंगलवार रात को पड़ोस के खेत में शादी का प्रोग्राम चल रहा था। रात करीब 11 बजे दुकान के बाहर आधा दर्जन लड़के बैठकर शराब पी रहे थे। शराब पीने की बात को लेकर संजू के परिजनों ने उन्हें जाने को कहा। शराब पीने को टोकने के चलते गुस्साएं लड़कों ने घर पर पत्थर फेंके। संजू लड़कों को समझाने गया था संजू घर से बाहर निकलकर लड़कों को समझाने के लिए गया था। इसी दौरान अकेला पाकर लड़कों ने उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया और उसके बाद उस पर हमला कर दिया। उसका पत्थर से सिर फोड़ दिया, साथ ही डंडे से ताबड़तोड़ वार किए। अनिल जैमन ने बताया कि लहूलुहान होकर रोड पर गिरने पर हमलावर वहां से फरार हो गए। परिजनों ने गंभीर हालत में उसे SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। इलाज के दौरान बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोस में शादी में शामिल होने आए थे मृतक के भाई मंगल शर्मा का कहना है- रात करीब 11 बजे पड़ोस में शादी में शामिल होने आए 5-6 लड़के हमारी दुकान के बाहर शराब पार्टी कर रहे थे। शराब पीने को लेकर उन्हों टोका और उनको वहां से भेज दिया। समझाइस करने पर वह पहले वे वहां से चले गए। लेकिन कुछ देर बाद वे अपने और साथियों को लेकर वहां आ आए। घर पर किया पथराव लड़के रात करीब 12:30 बजे घर पर पत्थर फेंकने लगे। बाहर निकलकर समझाने गए लेकिन उन्होंने कॉलोनी में उत्पात मचाने के साथ ही लाइट व कैमरे तोड़ दिए। संजू उन्हें समझाने उनके पास गया था, जिस पर उन्होंने उसे अकेला पाकर पकड़ लिया। उन्होंने संजू पर पत्थर-डंडे से हमला कर लहूलुहान कर दिया। जब संजू को बचाने गए तो उन्होंने परिवार के लोगों से भी मारपीट की, जिससे चार लोग घायल हो गए। उसके बाद वे मौके से फरार हो गए। मंगल शर्मा ने बताया कि संजू के 6 साल की बेटी और 3 साल का बेटा है। संजू की मौत का पता चलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। हमले में घायल परिवार के चारों का प्राथमिक इलाज करवाया गया है।

सीए इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी:बूंदी के दिव्यांश जैन की ऑल इंडिया 8वीं रैंक, मई में हुई थी परीक्षा

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सीए इंटरमीडिएट मई-2026 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। जयपुर सेंटर से छह विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया मेरिट सूची में स्थान बनाया है। दिव्यांश जैन ने 487 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की। जतिन ने 455 अंक के साथ 31वीं, आस्था गोयल ने 448 अंक के साथ 37वीं, स्वास्ति सोमानी ने 441 अंक के साथ 44वीं, पार्थ अमरनानी ने 438 अंक के साथ 47वीं और हार्दिक मामोडिया ने 436 अंक के साथ 49वीं रैंक हासिल की। सीए ब्रांच जयपुर के अनुसार ग्रुप-1 में जयपुर सेंटर से 883 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 120 सफल रहे। पास प्रतिशत 13.59 रहा। ऑल इंडिया बेसिस पर ग्रुप-1 में 91,237 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 9,350 सफल रहे। पास प्रतिशत 10.25 रहा। ग्रुप-2 में जयपुर सेंटर से 639 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 156 सफल रहे। पास प्रतिशत 24.41 रहा। ऑल इंडिया बेसिस पर 64,381 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 10,372 सफल रहे। पास प्रतिशत 16.11 रहा। दोनों ग्रुप में जयपुर सेंटर से 673 विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें 42 स्टूडेंट्स ने केवल ग्रुप-1, 31 स्टूडेंट्स ने केवल ग्रुप-2 और 75 विद्यार्थियों ने दोनों ग्रुप पास किए। ऑल इंडिया बेसिस पर दोनों ग्रुप में 33,304 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 2,820 स्टूडेंट्स ने दोनों ग्रुप पास किए। पास प्रतिशत 8.47 रहा। टाइफाइड और ब्लड इन्फेक्शन के बावजूद हासिल की AIR-37 कोटपुतली निवासी आस्था गोयल ने ऑल इंडिया 37वीं रैंक हासिल की है। आस्था जयपुर में रहकर सीए की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता ग्रॉसरी स्टोर चलाते हैं और मां हाउसवाइफ हैं। आस्था ने बताया – एग्जाम से ठीक एक महीना पहले मेरी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर से दिखाया तो उन्होंने टाइफाइड और ब्लड इन्फेक्शन बताया। इस कारण पूरा महीना डिस्टर्ब रहा। पढ़ाई नहीं कर पाई। लेकिन इसी बीच में जो समय मिलता उसमें पढ़ाई करती थी। आस्था ने बताया – तबीयत खराब थी लेकिन जयपुर में कोई देखभाल के लिए नहीं था। ऐसे में पीजी में रहकर तैयारी कर रही थी। दीवाली के समय भी तबीयत खराब हुई थी। तब मैं तीन-चार दिनों तक हॉस्पिटल में एडमिट रही थी। आस्था ने बताया – 10वीं और 12वीं में भी मेरा रिजल्ट 90 प्लस रहा। क्लास में जो पढ़ाया गया उसे डेली रिपीट किया। तबीयत खराब के बावजूद 10 से 12 घंटे तक तैयारी की। एंड्रॉयड फोन तो चलाती हूं लेकिन इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूज नहीं करती। अब अच्छी कंपनी से आर्टिकलशिप करनी है। इसके बाद फाइनल की तैयारी करूंगी। हॉस्टल में रहकर की तैयारी, मिली AIR-8 बूंदी के करवर गांव निवासी दिव्यांश जैन ने ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की है। दिव्यांश जयपुर में रहकर सीए की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता मेडिकल शॉप चलाते हैं और मां हाउसवाइफ हैं।
दिव्यांश ने बताया – यहां हॉस्टल में रहता था। ऐसे में खाने-पीने में दिक्कत आती थी। घर का खाना मिस करता था। लेकिन पढ़ाई लगातार जारी रखी। दिव्यांश ने बताया – अकाउंट्स का मॉक टेस्ट चल रहा था। उस समय इन्फेक्शन हुआ। लेकिन पढ़ाई जारी रखी। इस दौरान कई बार पढ़ाई की इच्छा कम हो जाती थी। पढ़ाई के साथ सोशल मीडिया भी चलाता था। लेकिन पढ़ाई के समय से कोई समझौता नहीं किया। सोशल मीडिया डिएक्टिवेट कर पढ़ाई पर किया फोकस ऑल इंडिया 49वीं रैंक हासिल करने वाले हार्दिक मामोडिया जयपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता बिजनेसमैन हैं और मां टीचर हैं। हार्दिक ने बताया – मैं लगातार क्लास के साथ सेल्फ स्टडी कर रहा था। मैं लगातार 10 से 12 घंटे पढ़ाई कर रहा था। अपने आप को रिफ्रेश रखने के लिए मूवी देख लिया करता था। जब भी फ्री टाइम होता था तब मूवी देख लेता था। हार्दिक ने बताया – एग्जाम से पहले सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था लेकिन जैसे एग्जाम नजदीक आ गए मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब होने लग गई थी। जनवरी-फरवरी में मेरी पढ़ाई बहुत डाउन हो गई थी। फिर मैंने सोशल मीडिया को डिएक्टिवेट किया। आईसीएआई स्टडी मैटेरियल पर फोकस जरूरी सीए एग्जाम की तैयारी करवाने वाले टीचर और ICAI के मेंबर आर.सी. शर्मा ने बताया – इस बार का रिजल्ट ओवरऑल डाउन है। वर्तमान समय में आईसीएआई का जो एग्जाम पैटर्न है उसमें काफी कुछ चेंज हो चुका है। आजकल एग्जाम में आईसीएआई स्टडी मैटेरियल बेस्ड सवाल आ रहे हैं।” उन्होंने बताया -जो स्टूडेंट्स आईसीएआई स्टडी मैटेरियल को पढ़ते हैं उनके अच्छे मार्क्स आ रहे हैं। लेकिन अगर कोई मार्केट का स्टडी मैटेरियल यूज कर रहा है तो उसका रिजल्ट नहीं आ रहा है। इसलिए अभी जो स्टूडेंट्स सीए की तैयारी कर रहे हैं उन्हें केवल ICAI के स्टडी मैटेरियल पर फोकस करना चाहिए।

बेकाबू कार ने 10 लोगों को टक्कर मारी:परिक्रमा कर रहे 5 श्रद्धालु भी घायल, भागने की कोशिश में गाड़ी पलटी, ड्राइवर पकड़ा

डीग जिले में एक बेकाबू कार ने 10 लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में बृज परिक्रमा कर रहे 5 श्रद्धालु भी बुरी तरह घायल हुए हैं। घटना कामां थाने इलाके में बुधवार सुबह की है। पुलिस के अनुसार आरोपी ड्राइवर करीब 5 किलोमीटर तक कार दौड़ाता रहा। भागने की कोशिश में कार कच्चे रास्ते में पलट गई। ड्राइवर मौके से फरार हो गया, पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को डिटेन कर लिया है। गंभीर घायलों को भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। सबसे पहले देखिए- हादसे से जुड़ी PHOTOS… पहले पैदल चल रहे युवक को उड़ाया जानकारी के अनुसार ड्राइवर ने सबसे पहले कोसी चौराहे पर पैदल जा रहे एक युवक को टक्कर मारी थी। फिर कुछ लोगों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया, लेकिन वो रुका नहीं। स्थानीय युवक हरिओम ने बताया कि- यहां उसने सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को भी टक्कर मार दी। इसके बाद तीर्थराज विमल कुंड की परिक्रमा लगा रहे 5 श्रद्धालुओं को घायल कर दिया। ऐसे में वहां भगदड़ मच गई। आरोपी ने इसके बाद भी कार नहीं रोकी। वहां से भगाता हुआ अक्खड़वाड़ी मोड़ ले गया, जहां कच्चे रास्ते पर कार पलट गई। आरोपी कार से उतरकर भाग गया। हादसे में 10 लोग घायल कार की टक्कर से 6 महिलाओं से सहित कुल 10 लोग घायल हुए हैं। इनमें लक्ष्मी (28), सोना (30), अमर चंद (50), गीता (42) लज्जा (35), सुनीता (40), मुकेश (40), सुमित (17), रामभरोसी (70), कुमकुम (9) शामिल हैं। घायल गीता गुरुग्राम की रहने वाली है। जबकि, अन्य घायल कोसी तहसील में आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। कार के नंबरों से ड्राइवर की पहचान की कोशिश लोगों को टक्कर मारने के बाद कार जहां पलटी, वहां कुछ देर के लिए रोड जाम हो गई। गुस्साए लोगों ने पुलिस के पहुंचने से पहले कार को साइड में गड्ढे में पलट दिया। वहीं, कामां पुलिस के अनुसार आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी देख रहे हैं। 2 बजे से तैनात था जाब्ता डीग ASP दिनेश यादव ने बताया- आज गंगा दशहरा है इसलिए परिक्रमा मार्ग में पुलिस का जाब्ता रात 2 बजे से तैनात किया गया था। ड्राइवर ने कोसी तिराहे पर एक युवक को टक्कर मारी। जिसके बाद कुछ बाइक सवार ड्राइवर का पीछा करने लगे। इससे वह होपलेस हो गया और, बिना कार के गेयर बदले कार को भगाने लगा। गेयर कम होने के कारण कार तेज आवाज कर रही थी। लोगों से बचने के लिए ड्राइवर ने कार को परिक्रमा मार्ग में ले आया। कार की आवाज सुनकर लोग इधर-उधर भागने लगे। ASI-कॉन्स्टेबल भी घायल ड्यूटी पर तैनात ASI अंतु लाल और एक कॉन्स्टेबल बचने के लिए भागे तो गिर कर घायल हुए हैं। उन्हें भी हाथ-पैर पर खरोंच आई हैं। कार के सामने कोई व्यक्ति नहीं आया। इसलिए बड़ा हादसा होने से टल गया। ड्राइवर को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। पूछताछ जारी है। राजस्थान देशभर में सड़क हादसों में छठे स्थान पर राजस्थान पुलिस के अनुसार राज्य में 2025 में दुर्घटनाएं 23,820 हुईं, लेकिन मौत 12,069 हुई हैं। इनमें करीब 7,600 लोगों की जान गई। हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार बनी हुई है। कुल दुर्घटनाओं में से करीब 63% हादसे ओवरस्पीडिंग के कारण हो रहे हैं। …. ये खबर भी पढ़िए… कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को उड़ाया, VIDEO:उछलकर 20 फीट दूर गिरे, दोनों की हालत गंभीर; रोड क्रॉस कर रहे थे जयपुर में एक महीने पहले तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी थी। दोनों उछलकर करीब 20 फीट दूर गिरे। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा हरमाड़ा थाना इलाके में हुआ था। पूरी खबर पढ़िए…

पीके बोले- बिहार संविधान से चलेगा सम्राट से नहीं:भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में महापंचायत, CM को अल्टीमेटम- एक्शन नहीं तो विधानसभा का घेराव करेंगे

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में बिलौटी गांव में महापंचायत हुई। इसमें जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। इससे पहले प्रशांत किशोर ने भरत के परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पीके ने कहा कि जांच में गृह मंत्री की भूमिका की जांच होगी। STF के अधिकारी की जांच होगी, जिसने पटना से मारने का आदेश दिया है। क्या मजिस्ट्रेट पर जांच होगी जिसने गोली चलाने के आदेश पर साइन किया है। ये बिहार के लोगों का राज है। वहीं, महापंचायत में शामिल लोगों का कहना है कि भरत तिवारी की जो मांग थी, उसे पूरा किया जाए। लोगों का कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो श्राद्धकर्म पूरा होने के बाद वे विधानसभा का घेराव करेंगे। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए बिलौटी गांव से लेकर हाई-वे तक भरत तिवारी के पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें उसे शहीद बताते हुए इंसाफ की मांग की गई है। कुछ लोग भरत तिवारी के घर तिरंगा लेकर पहुंचे। यहां सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी की गई। भरत तिवारी अमर रहे के नारे लगे। बिलौटी गांव में करीब 1000 गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। 5000 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। 17 जून को भरत तिवारी का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। बेटे की मौत के बाद परिवार ने मुठभेड़ पर सवाल खड़े किए थे। मां ने पुलिस वालों के खिलाफ थाने में FIR भी दर्ज करवाई है। मामले में SDPO, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। बुधवार की सुबह सरकार ने जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है। CM ने एनकाउंटर की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि ये जांच किस जज को दी जाएगी अभी ये साफ नहीं हुआ है। महापंचायत से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… महापंचायत में मांग- पुलिस पर एक्शन, गांव वालों को सुविधाएं मिलें ये खबरें भी पढ़िए… महापंचायत से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

हिमाचल में सेल्फी के लिए नदियों में उतर रहे टूरिस्ट:जान जोखिम में डाल रहे, अचानक बढ़ सकता है जलस्तर; नजरअंदाज कर रहे चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में कई टूरिस्ट ब्यास समेत दूसरी नदियों के किनारे पहुंचकर सेल्फी लेने और फोटो खिंचवाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। साइड बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को नजरअंदाज किया जा रहा है। टूरिस्टों से बार-बार नदी में न उतरने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। लोकल लोग भी टूरिस्टों को नदी से दूरी बनाने को कहते हैं, लेकिन सेल्फी और रोमांच के चक्कर में टूरिस्ट खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं। प्रदेश में मानसून सीजन को देखते हुए इन दिनों पावर प्रोजेक्ट के बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। डैम में बरसात के दौरान किसी भी खतरे से बचने के लिए पानी की फ्लशिंग की जा रही है। ऐसे में बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। नदी किनारे मौजूद लोगों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्र के कारण तेज होता है पानी का बहाल पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों का बहाव सामान्य दिखने के बावजूद तेज होता है। पानी का बहाव कब बढ़ जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। खासकर बरसात के मौसम में नदी किनारे जाना जानलेवा साबित हो सकता है। इससे पहले 8 जून को कुल्लू के मणिकर्ण में पंजाब के एक परिवार के तीन सदस्य पानी के तेज बहाव में बह गए। हालांकि, लोकल लोगों की मुस्तैदी से तीनों को बचा लिया गया था। हर साल कई टूरिस्ट ब्यास, रावी, चिनाब इत्यादि नदियों में गंवाते हैं। 24 छात्र-छात्राएं ब्यास में बह चुके हिमाचल में साल 2014 में कभी न भूला पाने वाला हादसा हो चुका है। उस दौरान मंडी जिले के लारजी जल विद्युत परियोजना के डैम से पानी छोड़े जाने के बाद थलोट में हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के 24 छात्र-छात्राएं ब्यास नदी में बह गए थे। हादसे में 18 छात्र और 6 छात्राएं शामिल थीं। इसके बावजूद आज भी कई लोग नदी किनारे जाकर जोखिम उठा रहे हैं। प्रशासन की अपील है कि पर्यटक नदियों के किनारे सावधानी बरतें और चेतावनी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। खूबसूरत नजारों और सेल्फी के कुछ पल जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं हो सकते। टूरिस्ट को नदी किनारे नहीं जाने की दे रही एडवाइजरी: DC डीसी कुल्लू अनुराग चंद्र ने बताया कि जिला प्रशासन बार बार टूरिस्टों को नदी किनारे नहीं जाने की एडवाइजरी जारी कर रहा है। प्रशासन ने जगह जगह साइन बोर्ड भी लगा रखे हैं, जहां साइन बोर्ड नहीं है, वहां इन्हें लगाने को कह दिया गया है

राजस्थान का क्रिकेटर आयरलैंड टीम में, इंडिया के खिलाफ उतरेंगे:मां बोलीं- बेटे ने सपना सच किया; भाई स्वीडन की क्रिकेट टीम का प्लेयर

राजस्थान के जय मूंदड़ा का चयन आयरलैंड की क्रिकेट टीम में हुआ है। टोंक के रहने वाले जय 26 जून से होने वाली T20 सीरीज में भारत के खिलाफ खेलेंगे। 28 साल के जय 2021 में एम.टेक की पढ़ाई करने स्टूडेंट वीजा पर आयरलैंड गए थे। इसी दौरान वहां नौकरी की और साल 2025 में उन्हें आयरलैंड की नागरिकता मिल गई। आक्रामक बॉलिंग और शानदार बैटिंग के लिए उनका आयरलैंड की क्रिकेट टीम में सिलेक्शन हुआ है। टोंक शहर में रहने वाले उनका परिवार इस अचीवमेंट पर बहुत खुश है। उनकी मां ने कहा- बेटे ने उनका सपना सच किया है। जय के भाई भी स्वीडन की टीम के लिए खेलते हैं। जय की इस उपलब्धि पर भास्कर एप रिपोर्टर ने उनके परिवार से बातचीत की। पढ़िए यह रिपोर्ट… मां बोलीं- बेटे ने पिता का सपना पूरा कर दिया फैमिली बिजनेस संभालने वाली जय की मां विद्या ने कहा- जय के पिता गिरिराज मूंदड़ा का निधन हो चुका है। अब बेटा आयरलैंड की क्रिकेट टीम में खेल रहा है। देश में उसकी चर्चा हो रही है, यह हमारे लिए गर्व का पल है। जय के पापा का सपना था कि वह बड़ा क्रिकेटर बने। आज उनका सपना पूरा हो गया है। अगर वे आज हमारे बीच होते तो अपने बेटे की सफलता पर बेहद गर्व महसूस करते। भारत की जगह आयरलैंड से खेल रहा है, लेकिन खुशी इस बात की है कि उसकी मेहनत को पहचान मिली और उसे राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। बहन बोली- बचपन में खूब करते थे शरारत छोटी बहन मानसी ने बताया- आयरलैंड की नेशनल क्रिकेट टीम में भाई के सिलेक्शन की खबर पर हम सब खुशी से झूम उठे। भैया बचपन में बहुत शरारती थे। कई बार मुझे डांट देते थे तो मैं रोने लगती थी और फिर पापा उन्हें डांटते थे। हम दोनों ने बचपन में खूब मस्ती की है। अब वे विदेश में रहते हैं तो उनकी बहुत याद आती है। भाई स्वीडन की क्रिकेट टीम से खेलता है जय के ताऊ कन्हैयालाल मूंदड़ा ने बताया- परिवार में पहले कोई पेशेवर क्रिकेटर नहीं है। भतीजे जय और मेरे बेटे अजय मूंदड़ा को बचपन से क्रिकेट का जुनून था। परिवार ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें आगे बढ़ने का पूरा अवसर दिया। जय ने कोरोना काल से पहले बेंगलुरु में भी क्रिकेट की ट्रेनिंग ली थी। कन्हैयालाल ने बताया कि जय आयरलैंड की तरफ से खेल रहा है, वहीं उनका बेटा अजय स्वीडन क्रिकेट टीम की ओर से खेलता है। चाचा बोले- जुनूनू ने इंटरनेशनल स्टार बना दिया चाचा अशोक कुमार का कहना है- जय पढ़ाई में होशियार होने के साथ-साथ क्रिकेट के भी दीवाना है। घर और गली में घंटों क्रिकेट खेलता था। कई बार उसकी गेंद से घर के लोगों को भी चोट लग जाती थी, जिसके बाद उसको डांट पड़ती थी। आज उसी जुनून ने उसे इंटरनेशनल क्रिकेट के मंच तक पहुंचा दिया है। आज वह इंटरनेशनल स्टार है। पढ़ाई के लिए क्रिकेट से बनाई दूरी, फिर लौटे मैदान पर जय मूंदड़ा बताते हैं- एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने पढ़ाई को फोकस करने के लिए क्रिकेट से दूरी बना ली थी। कॉलेज के दिनों में केवल शौक के तौर पर क्रिकेट खेलता था। टेनिस बॉल से मध्यम गति की गेंदबाजी करते-करते लेदर बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे गेंदबाजी में रफ्तार बढ़ती गई। अब 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करता हूं। 2019 में कॉलेज पूरा होने के बाद लगा कि यदि कॉर्पोरेट नौकरी कर ली तो क्रिकेट का सपना अधूरा रह जाएगा। इसके कारण आयरलैंड में इंटेल कंपनी में लगी जॉब छोड़कर पूरा फोकस क्रिकेट पर किया। पहले लोकल क्रिकेट क्लब से जुड़े थे। जय ने बताया आयरलैंड में शुरुआत में वे डबलिन के फेमस क्रिकेट क्लब लेनस्टर से खेलते थे। फिर साल 2023 में आयरिश सीनियर कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहा। यह अनुभव जिंदगी की सबसे यादगार उपलब्धि रही। जय ने कहा- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना हमेशा मेरा सपना रहा है। आयरलैंड की तरफ से मुझे यह मौका मिला। भारत के खिलाफ खेलना अलग ही अनुभव रहेगा। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों में से एक के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करना मेरे लिए बेहद खास रहेगा। राजस्थान की टीम का भी रह चुके हैं हिस्सा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा टोंक में पढ़ाई के दौरान टोंक और राजस्थान अंडर-14 टीम का हिस्सा रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान में कई राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया है। …. राजस्थान के क्रिकेटर्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान के मानव डेब्यू-टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच बने:पिता बोले- नाम रोशन कर दिया; मां ने कहा- भगवान से दुआ, बेटा वर्ल्ड कप खेले हाल ही में न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच श्रीगंगानगर के मानव सुथार प्लेयर ऑफ द मैच बने थे। मानव ने अपने डेब्यू मैच में शानदार गेंदबाजी की। पूरी खबर पढ़िए…

पुणे मर्डर- मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट:दोनों लोहगढ़ किला गए तो प्रेमी भी पहुंचा; गर्मी में हुडी पहना था, इसी से सुराग मिला

पुणे में मंगेतर की हत्या करने वाली 20 साल की सिया गोयल ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। उसने केतन को टैग भी किया था। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को केतन की मौत के दिन लोहगढ़ किले पर एक युवक 33°C तापमान में हुडी पहनकर आया था। पुलिस ने जांच में इसे ही आधार बनाकर एक-एक कड़ियां जोड़ीं। आखिरकार सिया और उसे बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (22) को केतन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। 19 जून को सिया का बर्थडे, केतन से पहले से सेलिब्रेशन शुरू कर दिया सोशल मीडिया पर सिया और उसके मंगेतर केतन का रिश्ता किसी परफेक्ट लव स्टोरी जैसी थी। 19 जून को सिया का बर्थडे था। केतन ने एक महीने पहले यानी 19 मई से ही काउंटडाउन सेलिब्रेशन शुरू कर दिया था। वह रोज उसे अलग-अलग तरीके से अपनी मंगेतर सरप्राइज देता। सिया सोशल मीडिया पर इसके वीडियो पोस्ट करती थी। ये पोस्ट अब वायरल हो रहे हैं। एक पोस्ट में केतन अपनी कार फूलों से सजाकर सिया को गिफ्ट देता दिखा। सिया ने इसका वीडियो पोस्ट कर लिखा- उसने ‘पसंद है तुम्हें’ वाली बात को बहुत सीरियसली से ले लिया। बैकग्राउंड में ‘पसंद है तुम्हें’ गाना भी बज रहा था। एक स्टोरी में उसने केतन की तस्वीर को ‘दैट स्माइल’ कैप्शन के साथ शेयर किया था। केतन की मौत के अगले दिन सिया ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट लिखी- ‘केतन तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए। वापस आ जाओ।’ 18 जून: बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर मंगेतर को खाई में धकेला पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन करीब तीन साल से एक-दूसरे को जानते थे। लेकिन सिया के परिवार ने उसकी शादी केतन से तय कर दी थी। केतन के परिवार के अनुसार, सिया पहले शादी को लेकर संकोच जता चुकी थी और एक बार शादी टालने की बात भी कह चुकी थी। पुलिस के अनुसार, सिया यह शादी नहीं चाहती थी। उसे लगता था मंगतेर केतन उसके और चेतन के बीच आ रहा है। इसलिए उसने केतन को मारने की साजिश रची। वह अपने बर्थडे से एक दिन पहले 18 जून को ट्रैकिंग के बहाने केतन को अपने साथ लोहगढ़ किले लेकर गई। वहां बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर मंगेतर को करीब 400 फीट गहरी खाई में धकेल दिया। सिया ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बताया था कि केतन का पैर फिसल गया था। पुलिस ने भी हादसा मानकर केस दर्ज किया था। CCTV में हुडी पहने युवक सिया-केतन के पीछे-पीछे चलते दिखा जांच टीम के एक अधिकारी ने बताया कि किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV कैमरों की जांच के दौरान हमें केतन और सिया साथ-साथ चलते दिखाई दिए। फुटेज को ध्यान से देखने पर पुलिस ने पाया कि दोनों से करीब 20 फीट पीछे एक युवक भी चल रहा था। उसने शॉर्ट्स और हुडी पहन रखी थी। उसने हुडी को इतना नीचे खींच रखा था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। इसके ऊपर उसने हेडसेट भी लगा रखा था। एक दूसरी फुटेज में दिखा कि सिया अचानक पीछे मुड़ती है और उसी समय हुडी पहना युवक झट से नीचे बैठ जाता है। पुलिस ने उस दिन के तापमान की जांच की तो पता चला कि 18 जून को उस समय 33 डिग्री सेल्सियस तापमान था। ऐसे में सवाल उठा कि इतनी गर्मी में कोई हुडी क्यों पहनेगा। परिवार शोक में था, इसलिए पुलिस ने शुरुआत में ज्यादा पूछताछ नहीं की गई। कॉल रिकॉर्ड से प्रेमी का खुलासा, 2004 कॉल्स और 238 घंटे बातचीत हुई पुलिस को कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल कम्युनिकेशन डेटा की जांच से पता चला सिया चेतन नाम के लड़के से लगातार संपर्क में थी। दोनों के बीच 1 जनवरी से 18 जून तक 2004 कॉल्स हुए। इससे दोनों के बीच गहरे संबंध के संकेत मिले। पुलिस ने चेतन की तस्वीरों और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच की। जब उसकी तस्वीरों को CCTV फुटेज में दिख रहे हुडी वाले युवक से मैच किया गया तो हत्या का शक और मजबूत हो गया। इसके बाद पुलिस ने चेतन चौधरी को हिरासत में लिया। प्रेमी बोला- सिया बदनामी के कारण भागकर शादी के खिलाफ थी पूछताछ में चेतन से जब पूछा गया कि सिया और तुमने भागकर शादी क्यों नहीं की। इस पर उसने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी। इसके बाद पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में मामला दर्ज किया। सिया लोहगढ़ जाने की जिद करती, केतन को पहले भी मारने की कोशिश की केतन की बहन संजना और अन्य परिजन से पता चला कि सिया कई बार केतन को लोहगढ़ किले ले जाने की जिद कर चुकी थी। 31 मई को वह उसे वहां ले गई थी। इसके बाद 4 जून को भी उसने वहां जाने के लिए कहा, लेकिन केतन की मां ने इजाजत नहीं दी। पुलिस के अनुसार सिया और उसका बॉयफ्रेंड चेतन, बाली (इंडोनेशिया) में होने वाले प्री-वेडिंग फोटोशूट से पहले ही केतन को रास्ते से हटाना चाहते थे। हालांकि, आखिरी समय में ट्रिप कैंसिल हो गई, क्योंकि केतन का पासपोर्ट रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। पुलिस को शक है कि सिया ने ही पासपोर्ट चुराया था। इसके बाद सिया ने 14 जून को फिर लोहगढ़ जाने की जिद की तो केतन चला गया। उस दिन भी सिया ने केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ी पकड़कर बच गया। जब केतन ने पूछा कि उसे धक्का क्यों दिया गया, तो सिया ने सांप दिखने का नाटक किया और ऐसा दिखाया कि उसने केतन की जान बचाई है। रियल एस्टेट कारोबारी थे केतन, शादी के लिए 17 करोड़ में पैलेस बुक था केतन अग्रवाल पुणे के गहुंजे के रहने वाले थे। वे रियल एस्टेट कारोबारी और सक्सेस ग्रुप के डायरेक्टर विशाल अग्रवाल के बेटे थे। विशाल पुणे के रियल एस्टेट सर्कल में ‘लैंड बैंक’ माने जाते हैं। केतन भी कंपनी में डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के पद पर थे। उन्होंने सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी से BBA किया था। अमेरिका के बैब्सन F.W. ओलिन ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एंटरप्रेन्योरशिप में MS (मास्टर ऑफ साइंस) की डिग्री ली। सिया ड्राई फ्रूट्स कारोबारी की बेटी है। नवंबर में दोनों की शादी होनी थी। इसके लिए राजस्थान में 17 करोड़ रुपए का एक पैलेस बुक किया जा चुका था। मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड प्लेन बुक थे। प्यार, दबाव और साजिश, साइकोलॉजिस्ट ने समझाई मानसिकता भोपाल में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और ट्रॉमा-फोकस्ड थेरेपिस्ट द्युतिमा शर्मा ने बताया कि कुछ लोग प्यार, परिवार और समाज के बीच उलझकर ऐसे खतरनाक फैसले ले लेते हैं। सवाल-जवाब से समझिए ऐसे मामलों को मनोविज्ञान कैसे देखता है? सवाल 1: सिया को परिवार की बदनामी का डर था। फिर भी वह अपराध के रास्ते पर कैसे चली गई?
जवाब: कई बार फैमिली इतना प्रेशर डालती है कि बच्चे नहीं चाहते कि घर में और तनाव हो। इसलिए वे अपनी बात खुलकर रखने के बजाय दूसरे रास्ते ढूंढने लगते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह परिवार में भरोसे की कमी होती है। अगर भरोसा होता तो सिया आसानी से घरवालों से बात कर सकती थी। वह मना भी कर रही थी, लेकिन परिवार दबाव डालता रहा। माता-पिता को सिर्फ अपनी बात मनवाने की जगह यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि बच्चा मना क्यों कर रहा है। सवाल 2: क्या यह अनहेल्दी पेरेंटिंग का मामला भी हो सकता है?
जवाब: बिल्कुल। जब माता-पिता बच्चों की भावनाओं को समझे बिना उन पर फैसला थोपते हैं, तो इसे अथॉरिटेरियन पेरेंटिंग कहते हैं। इसमें एकतरफा फैसला लिया जाता है। इसके बजाय अथॉरिटेटिव पेरेंटिंग होनी चाहिए, जहां बच्चे और माता-पिता दोनों अपनी बात रखते हैं, चर्चा होती है और फिर फैसला लिया जाता है। कई परिवारों में यही चीज मिसिंग है। सवाल 3: पढ़े-लिखे परिवारों में भी पेरेंट्स और बच्चों के बीच कम्युनिकेशन गैप क्यों दिख रहा है?
जवाब: जरूरी नहीं कि कोई पढ़ा-लिखा और वेल-सेटल्ड है तो उसका इमोशनल इंटेलिजेंस भी अच्छा हो। अपनी और दूसरों की भावनाओं को समझना और संभालना एक अलग स्किल है। हमारे स्कूलों में भी लंबे समय तक सोशल-इमोशनल लर्निंग पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए कई लोग बड़े होकर भी अपनी भावनाएं ठीक से व्यक्त नहीं कर पाते। सवाल 4: सोशल मीडिया पर प्यार दिखाना और दूसरी तरफ साजिश रचना, मनोविज्ञान इसे कैसे देखता है?
जवाब: अपराधी मानसिकता वाले लोग कई बार जानबूझकर सोशल मीडिया पर झूठी भावनाएं दिखाते हैं ताकि किसी को उन पर शक न हो। सिया के मामले में रोमांटिक पोस्ट भी उसी रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं। सवाल 5: क्या सिया की उम्र और पारिवारिक माहौल भी एक वजह हो सकती है?
जवाब: सिया सिर्फ 20 साल की थी। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उस पर जल्दी शादी का दबाव था? कई मामलों में देखा जाता है कि अगर परिवार में पितृसत्तात्मक सोच हो और बच्ची को लगे कि उसकी बात सुनी ही नहीं जाएगी, तो वह बोलना ही बंद कर देती है। इसे लर्न्ड हेल्पलेसनेस कहते हैं। अगर एक-दो बार मना करने के बाद भी उसकी बात खारिज कर दी गई हो, तो उसे लग सकता है कि विरोध करने का कोई फायदा नहीं है। सवाल 6: कौन-सी व्यक्तिगत कमियां इंसान को गलत फैसलों की तरफ ले जा सकती हैं?
जवाब: सेल्फ-अवेयरनेस की कमी, अपनी बाउंड्री तय न कर पाना और भावनाओं को सही तरीके से व्यक्त न कर पाना बड़ी वजह हो सकती है। जब इंसान लंबे समय तक अपनी बात दबाता रहता है, तो कई बार वह गुस्से या हताशा में गलत फैसले ले बैठता है। सवाल 7: ऐसे मामलों से क्या सबक लेना चाहिए और समाधान क्या है?
जवाब: भारत में जैसे शादी से पहले कुंडली मिलाई जाती है, वैसे ही प्री-मैरिटल काउंसिलिंग भी होनी चाहिए। इससे दोनों लोगों को अपनी बात रखने का मौका मिलता है और यह पता चलता है कि वे शादी के लिए तैयार हैं या नहीं। फैमिली थेरेपी भी जरूरी है ताकि परिवार एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझ सके। साथ ही लोगों को सेल्फ-अवेयरनेस, इमोशनल हेल्थ और रिलेशनशिप स्किल्स पर काम करना चाहिए। बच्चों की परवरिश में संवाद और भरोसा सबसे जरूरी चीज है। ——————- यह खबर भी पढ़ें… पुणे में 400 फीट गहरी खाई में गिरा युवक, मंगेतर का बर्थडे मनाने गया था; नवंबर में शादी थी महाराष्ट्र के पुणे में बने लोहगढ़ किले पर घूमने गया युवक फोटो खींचते समय 400 फीट गहरी खाई में गिर गया। चोटों के चलते उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक तेज हवाओं के चलने से वह बैलेंस नहीं बना सका और फिसल गया। पूरी खबर पढ़ें…