हिमाचल में भारी बारिश की चेतावनी:विजिबिलिटी गिरेगी, सतर्क रहने की एडवाइजरी; 5 दिन बाद आ सकता है मानसून

हिमाचल प्रदेश के कई भागों में बीती रात और आज सुबह भारी बारिश हुई। मंडी के मारुतिदेवी में सबसे ज्यादा 63.6 मिमी, बिलासपुर के बरमाणा में 51.4 मिमी, घागस में 50.0 मिमी और शिमला के शिलारू में 33.6 मिमी बारिश हुई। इस बीच मौसम विभाग ने आज दोपहर 12 बजे तक फिर से भारी बारिश की चेतावनी दी। ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन व सिरमौर जिला में तेज बारिश के साथ आंधी व तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल स्पीति जिला में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। खराब मौसम के दौरान नदी नालों और लैंडस्लाइड संभावित क्षैत्रों में नहीं जाने की एडवाइरी जारी की गई है। इसी तरह, कई जगह विजिबिलिटी कम होगी। इससे वाहन चालकों को गाड़ी चलाने में परेशानी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य अगले छह दिन बारिश जारी रहेगी। खासकर एक जुलाई से चार जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। 2 व 3 जुलाई को तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट 2 और 3 जुलाई को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 4 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है। राज्य में रुक-रुक कर रही बारिश के बाद पहाड़ों पर मौसम सुहावना बना हुआ है। इससे देशभर से पहाड़ों पर पहुंच रहे टूरिस्ट सुहावने मौसम का आनंद उठा रहे हैं। हालांकि मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्म है। 5 दिन बाद पहुंच सकता है मानसून हिमाचल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने का इंतजार बढ़ता जा रहा है। मानसून तय समय से करीब एक सप्ताह पीछे चल रहा है। हालांकि, अभी तक मौसम विभाग ने प्रदेश में मानसून पहुंचने की कोई संभावित तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले पांच से छह दिन में मानसून राज्य के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। अभी इन जगह अटका है मानसून मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय अरब सागर के कुछ हिस्सों से लेकर गुजरात के सूरत, मध्य प्रदेश के इंदौर, झारखंड के डाल्टनगंज, बिहार के मोतीहारी और नेपाल सीमा तक पहुंच चुका है। इसके आगे बढ़ने की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। देश में दो जुलाई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से मानसून के अगले दो-तीन दिनों में आगे बढ़ने की संभावना है। यदि मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ा तो हिमाचल में भी जल्द इसकी एंट्री हो सकती है।

राम मंदिर चोरी- चंपत राय से पुलिस की पूछताछ:अयोध्या के वकील बोले- आरोपियों की पैरवी नहीं करेंगे; सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की गई। उनके बयान दर्ज किए गए। इसके बाद चंपत राय दिल्ली चले गए। इस बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वकील अनूप अवस्थी की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार करते हुए कोर्ट ने पूछा कि इतनी जल्दी क्या है। छुट्टियों के बाद ही मामला सुना जाएगा। इधर, पुलिस सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे जेल में बंद 8 आरोपियों के खाते खंगालने के लिए SBI की अयोध्या धाम ब्रांच पहुंची। 7 आरोपियों के खाते इसी ब्रांच में हैं। पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट लिए। अब यह जांच की जाएगी कि मंदिर में नौकरी के बाद से उनके खातों में कितना पैसा आया। पुलिस ने बैंक के 2 कर्मचारियों को भी नोटिस दिया है। सोमवार को सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस आरोपियों की रिमांड मांग सकती है। हालांकि, इससे पहले ही अयोध्या के वकीलों ने बड़ी बैठक की। इसमें फैसला लिया कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों का केस कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। साथ ही, चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के अयोध्या छोड़ने की मांग की। नहीं छोड़ने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैंक में पुलिस जांच की 2 तस्वीरें- SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद गिरफ्तारी राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

इस्तीफे के तीसरे दिन चंपत राय दिल्ली गए:संघ राम मंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट बना रहा; नए सिरे से बनेगा ट्रस्ट

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा देने के बाद महासचिव चंपत राय रविवार शाम अयोध्या से दिल्ली रवाना हो गए। वे दोपहर तीन बजे तक राम मंदिर में ही थे। सूत्रों का कहना है कि चंपत राय अब 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में शामिल हो सकते हैं। उसी दिन उनके इस्तीफे पर विचार होना है। चंपत राय ने शुक्रवार को इस्तीफा दिया था। इधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भी चढ़ावा चोरी के मामले पर नजर बनाए है। संघ प्रमुख मोहन भागवत के निर्देश पर पूर्वी यूपी के क्ष्रेत्र प्रचारक अनिल कुमार अयोध्या पहुंचे हैं। वे साधु-संतों, महंतों और मंदिर से जुड़े लोगों से मिलकर लगातार बात कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि राम मंदिर ट्रस्ट में नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। PM मोदी के विदेश से लौटने के बाद ट्रस्ट के दोबारा गठन पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इसमें अयोध्या के संतों और समाज के कई वर्गों को जिम्मेदारी देने पर मंथन चल रहा है। मोहन भागवत को रिपोर्ट सौंपेंगे क्षेत्र प्रचारक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार अयोध्या में शनिवार (27 जून) से डेरा डाले हैं। उन्होंने शनिवार देर शाम राम मंदिर में 2 घंटे गुजारे। रामलला के दर्शन किए, साथ ही मंदिर के प्रमुख सेवादारों से बात भी की। इसके अलावा, अयोध्या के प्रमुख महंतों से चढ़ावा चोरी को लेकर बात की। अयोध्या में लक्ष्मण किलाधीश महंत मैथिलीरमण शरण, हनुमत निवास के महंत डॉ. मिथिलेशनंदिनी शरण, मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास और सरयू आरती के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास से मिलकर उनकी राय ली। वे अभी अयोध्या में सोमवार को भी संतों-महंतों से बात करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट बनाकर संघ प्रमुख मोहन भागवत को सौंपेंगे। इससे पहले RSS की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य भैयाजी जोशी (सुरेश जोशी) अयोध्या में एक रात रुके थे। यहां मंदिर से जुड़े संतों-महंतों से बात की थी। वह अपनी रिपोर्ट RSS प्रमुख को दे चुके हैं। राम मंदिर के RMO अर्जुन देव भी SIT की रडार पर 1600 कैमरों की निगरानी का जिम्मा अर्जुन देव पर था राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में अब नया नाम सामने आया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने राम जन्मभूमि में तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (RMO) अर्जुन देव की भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया है। चढ़ावे की गिनती वाले काउंटिंग रूम में लगे CCTV कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी अर्जुन देव के पास थी। इसके अलावा, राम जन्मभूमि में लगे करीब 1600 कैमरों की निगरानी भी अर्जुन देव के पास थी। अब निगरानी तंत्र में उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में उनकी 17 साल से अयोध्या में लगातार तैनाती और ट्रस्ट के कामों में सक्रिय दखल का भी उल्लेख किया गया है। RMO अर्जुन रामलला जब टेंट में थे, तब भी CCTV का काम देखते थे। SIT के सामने अकड़ में पेश हुए अर्जुन देव काउंटिंग रूम में रामलला के चढ़ावे की गिनती CCTV कैमरों की मॉनिटरिंग में होती थी। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद चढ़ावा चोरी कैसे हुई। निगरानी क्यों नहीं रखी गई। इसी आधार पर SIT ने अपनी शुरुआती 3 दिनों की जांच के दौरान अर्जुन देव से भी पूछताछ की थी। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर अर्जुन देव SIT के सामने पहुंचे, ऐंठकर कुर्सी पर बैठे। उन्होंने सीधे जवाब देने के बजाय कहा कि वे अपने वकील के माध्यम से जवाब देंगे। बताया जा रहा है कि इस पर जांच अधिकारियों ने उन्हें फटकार लगाते हुए पद की गरिमा और मर्यादा का पालन करने की नसीहत दी। ट्रांसफर कई बार हुआ, लेकिन हर बार रुकवा लिया अर्जुन देव साल 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात हैं। इस दौरान कई बार उनके ट्रांसफर के आदेश जारी हुए, लेकिन हर बार उनका ट्रांसफर रुक गया। हाल ही में लखनऊ के लिए जारी ट्रांसफर आदेश भी निरस्त कर दिया गया था। अर्जुन देव के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों से करीबी संबंध रहे हैं। इन्हीं संबंधों के चलते उनके तबादले बार-बार रुकते रहे। SIT ये भी पता लगा रही है कि आखिरी ट्रांसफर कौन रुकवा रहा था। बार-बार ट्रांसफर क्यों रोका गया। एक ही जिले में इतनी लंबी तैनाती का मतलब क्या था। ट्रस्ट के कामों में सक्रिय भूमिका पर भी सवाल उठे अर्जुन देव की निगरानी CCTV निगरानी के अलावा मंदिर परिसर के कंट्रोल रूम से पुलिस, पीएसी, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच वायरलेस संचार को बनाए रखना, ड्यूटी पर तैनात जवानों से संपर्क रखना, वीआईपी मूवमेंट और आपात स्थिति में तत्काल सूचना का आदान-प्रदान कराना भी था। सूत्रों के मुताबिक, SIT की जांच में पता चला कि अर्जुन देव केवल वायरलेस और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं थे। जांच में सामने आया है कि वे VIP दर्शन व्यवस्था में ट्रस्ट की कई प्रशासनिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। इसी कारण उनकी कार्यशैली और अधिकार क्षेत्र से बाहर की गतिविधियों पर भी सवाल उठाए गए हैं। दो साल पहले अर्जुन देव ने शंकराचार्य को दर्शन से रोक दिया था करीब दो साल पहले अर्जुन देव उस समय भी चर्चा में आए थे, जब उन्होंने शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और उनके सुरक्षाकर्मियों को रामलला के दर्शन के दौरान रोक दिया था। क्योंकि शंकराचार्य राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए हैं। इसलिए वे अपने पद और मर्यादा के अनुसार अपने सहयोगियों, सुरक्षा कर्मियों के साथ दर्शन करना चाह रहे थे। बताया जाता है कि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने सीमित लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी थी। इस घटना के बाद शंकराचार्य नाराज होकर बिना दर्शन किए लौट गए थे। उस समय भी उनके व्यवहार को लेकर सवाल उठे थे। ——————————- ये खबर भी पढ़िए… राममंदिर चढ़ावा चोरी-8 आरोपियों के घर पुलिस की एकसाथ छापेमारी: टिन्नू के घर अलमारी-बक्से खंगाले; अनुकल्प के यहां डायरी मिली राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद 8 आरोपियों के घरों पर रविवार सुबह 7 बजे पुलिस की 8 टीमों ने एक साथ छापेमारी की। इस दौरान 3 आरोपियों के घर पर ताला लगा था। पुलिस ने पड़ोसियों से सवाल-जवाब किए। चंपत राय के करीबी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर पर ताला लगा मिला। आरोपी अनुकल्प मिश्रा के घर पर भी छापेमारी हुई। पढ़ें पूरी खबर…

बंगाल- आज विधानसभा में पेश हो सकता है UCC बिल:भाजपा ने सरकार बनने के 6 महीने के अंदर लागू करने का वादा किया था

पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार सोमवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश कर सकती है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में सरकार बनने के छह महीने के भीतर पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने का वादा किया था। 9 मई को नई सरकार का गठन हुआ था। इस विधेयक के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे मामलों में धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून लागू करने का प्रस्ताव है। इससे पहले मई में असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पारित किया गया था। इसी के साथ असम देश का तीसरा ऐसा राज्य बन गया है। इससे पहले उत्तराखंड और गुजरात ऐसा कर चुके हैं। UCC से जुड़े सवाल-जवाब… सवाल: क्या UCC सभी धर्मों पर लागू होगा? जवाब: प्रस्तावित कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू करना है। हालांकि संविधान के तहत अनुसूचित जनजातियों को विशेष छूट मिल सकती है। सवाल: क्या धार्मिक रीति-रिवाज खत्म हो जाएंगे? जवाब: UCC मुख्य रूप से नागरिक मामलों से जुड़ा है। धार्मिक पूजा-पद्धति या आस्था से जुड़े मामलों पर इसका सीधा असर नहीं माना जाता। सवाल: क्या यह कानून लागू होते ही प्रभावी हो जाएगा? जवाब: विधेयक विधानसभा से पारित होने, राज्यपाल की मंजूरी और अधिसूचना के बाद ही लागू होगा। अब तक दो राज्यों में UCC बिल पारित, एक में लागू जनवरी 2025: उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य 6 फरवरी 2024 को विधानसभा में UCC विधेयक पेश हुआ। 7 फरवरी 2024 को पारित हुआ। 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति ने UCC विधेयक को मंजूरी दी। क्रियान्वयन समिति ने 18 अक्टूबर 2024 को नियमावली सरकार को सौंपी। 20 जनवरी 2025 को नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी मिली। इस तरह उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य बन गया। मार्च 2026: गुजरात UCC बिल पास करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात विधानसभा में मार्च 2026 में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास कराया गया था। गुजरात UCC बिल पास करने वाला देश का दूसरा राज्य बना है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया था। विधानसभा में बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया था। बिल बहुमत से पास हो गया। मई 2026: असम UCC बिल पास करने वाला तीसरा राज्य बना असम विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल 27 मई को पेश किया गया था। यह बिल सदन से पारित भी हो गया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुताबिक अनुसूचित जनजातियां (पहाड़ी) और अनुसूचित जनजातियां (मैदानी) UCC के दायरे से बाहर रहेंगी। साथ ही ‘पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों, प्रथाओं और अनुष्ठानों’ को भी इससे छूट दी जाएगी। आजाद भारत से पहले गोवा में UCC गोवा में पहले से ही UCC लागू है, लेकिन वहां इसे पुर्तगाली सिविल कोड के तहत लागू किया गया था। उत्तराखंड आजादी के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य है। सन् 1835 में, ब्रिटिश सरकार ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें आपराधिक साक्ष्य और अनुबंधों के संबंध में देश भर में एक समान कानून बनाने का आह्वान किया गया था। इसे सन् 1840 में लागू भी किया गया, लेकिन धर्म के आधार पर हिंदुओं और मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों को अलग रखा गया। यहीं से समान नागरिक संहिता की मांग शुरू हुई। 1941 में बीएन राव समिति का गठन किया गया था, जिसने हिंदुओं के लिए एक समान नागरिक संहिता बनाने की बात कही थी। आजादी के बाद, हिंदू संहिता विधेयक पहली बार 1948 में संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था। इसका उद्देश्य हिंदू महिलाओं को बाल विवाह, सती प्रथा और बुर्का जैसी गलत प्रथाओं से मुक्त करना था।

सिया ने केतन से ₹1 करोड़ लेकर चेतन को दिए:कैब ड्राइवर का दावा- सिया बाली नहीं जाना चाहती थी, केतन का पासपोर्ट गायब किया

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया ने केतन से शादी की शॉपिंग के नाम पर ₹1 करोड़ लिए थे। इन पैसों से शॉपिंग नहीं की, बल्कि पूरी रकम प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी थी। केतन-सिया की बाली प्री-वेडिंग ट्रिप के लिए 6 जून को उन्हें एयरपोर्ट छोड़ने वाले कैब ड्राइवर वैभव जाधव का बयान सामने आया। उसके मुताबिक सिया बाली नहीं जाना चाहती थी। रास्ते में उसकी अपने भाई साहिल से किसी बात को लेकर बहस हो रही थी। वैभव ने बताया- कुछ देर बाद गाड़ी एक स्थान पर रुकी, जहां 4 अन्य लोग सवार हुए। बाद में गाड़ी फूड कोर्ट पर रुकी। सभी लोग खाने-पीने चले गए। कुछ देर बाद सिया आई। गाड़ी से कुछ सामान निकालकर अपने बूट में छिपा लिया और वापस चली गई वैभव ने कहा कि मैंने सभी लोगों को एयरपोर्ट छोड़ा। बाद में कॉल आया कि केतन का पासपोर्ट कैब में छूट गया है। मैं एयरपोर्ट पहुंचा। गाड़ी की सभी ने तलाशी ली, लेकिन गाड़ी में पासपोर्ट नहीं मिला। सिया के वकील बोले- पुलिस हिरासत में दिया बयान सबूत नहीं सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस हिरासत में आरोपी का दिया बयान अदालत में सबूत नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि कोर्ट में यह सवाल उठाएंगे कि पहले इस मामले को हादसा क्यों माना गया और बाद में हत्या का केस कैसे बना। उनका कहना है कि पुलिस सिया से पूछताछ के लिए काफी समय ले चुकी है। अब उसे और पुलिस रिमांड में रखने की जरूरत नहीं है। पुलिस के 3 और दावे, इशारा मिलते ही केतन को धक्का दिया हत्या से 6 दिन के अंदर आरोपी अरेस्ट 18 जून को केतन की हत्या से छह दिन के अंदर पुलिस ने आरोपी सिया और चेतन को अरेस्ट कर लिया। जांच के दौरान दोनों आरोपी एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पुलिस दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर चुकी है। 31 मई को मर्डर का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर ——————- ये खबर भी पढ़ें… सिया के सामने केतन मर्डर का सीन रीक्रिएट किया गया: पुलिस लोहगढ़ किला ले गई, दीवार से डमी गिराकर देखा पुणे मर्डर केस में पुलिस ने रविवार को केतन को लोहगढ़ किले से गिराने का सीन रीक्रिएट किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए पुलिस सुबह 6.30 बजे आरोपी सिया गोयल को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची। टीम करीब 2.30 घंटे किले पर रही। पूरी खबर पढ़ें…

अकाल तख्त का आदेश-1 महीने में बेअदबी कानून संशोधित करो:AAP विधायकों ने कबूला, बिना पढ़े साइन किए; जत्थेदार ने CM मान के 2 वीडियो दिखाए

श्री अकाल तख्त साहिब ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को बेअदबी कानून जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 में एक महीने में संशोधन करने का आदेश दिया है। सोमवार (29 जून) को हुई सुनवाई के दौरान अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कानून पर 6 एतराज जताए। उन्होंने कहा कि सरकार बेअदबी करने वालों को सजा देने के लिए कानून बनाए, इस पर कोई एतराज नहीं है, लेकिन सिख शब्दावली, मर्यादा और पंथ से जुड़े मामलों में विधानसभा फैसला नहीं कर सकती। तब तक इस कानून को होल्ड किया जाए। जत्थेदार ने 2 सवाल पूछे। इस दौरान विधायकों ने माना कि कानून को बिना पढ़े सहमति दी। सुनवाई से पहले जत्थेदार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के दो वीडियो भी सुनवाए। पेशी के लिए AAP के सभी सिख मंत्री और विधायक नंगे पैर लिखित स्पष्टीकरण के साथ अकाल तख्त पहुंचे। कांग्रेस, अकाली दल और निर्दलीय विधायक भी सुनवाई में मौजूद रहे। पहला सवाल: अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने सीएम भगवंत मान के 2 बयान सुनवाए। जिनमें वह कह रहे हैं कि अगर बेअदबी करने वाला मानसिक रोगी हुआ तो उसके मां-बाप या कस्टोडियन को सजा मिलेगी। उन्होंने AAP मंत्री-विधायकों से पूछा कि क्या ये बात कानून में लिखी है। कृषि मंत्री गुरमीत खुडि्डयां कोई स्पष्ट बात नहीं कर सके। इस पर विधायक इंद्रबीर सिंह निज्जर ने कहा कि इस सुनवाई का लाइव टेलीकास्ट नहीं करना चाहिए, यह संवेदनशील मसला है। इस पर अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा कि सीएम ने ही हर कार्रवाई का लाइव टेलीकास्ट करने को कहा था। इसके लिए अकाल तख्त को ललकारा भी था। दूसरा सवाल: अकाल तख्त जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि सरकार अपने कानून बनाए, अकाल तख्त को कोई एतराज नहीं लेकिन सिखों के लिए कोई कानून बने तो उसमें सिखों की राय लेनी चाहिए। उस कानून में शोध करनी थी तो हमें भी बुलाते। कानून में जो शोध की है उसके लिए क्या शिरोमणि कमेटी से कोई राय ली। इस पर AAP विधायक इंद्रवीर निज्जर ने कहा कि जब सुझाव मांगे थे तब एसजीपीसी को बुलाया था। निज्जर ने कहा कि कमेटी की तरफ से कोई चिट्‌ठी नहीं भेजी गई। सरकार का मुझे नहीं पता। कांग्रेस MLA प्रताप बाजवा ने कहा कि मैंने इस बारे में सदन में मांग उठाई थी। स्पीकर ने नहीं मानी। आप विधायक जगरूप सिंह ने कहा कि कानून को सहमति दी। लेकिन पढ़ा नहीं। अकाली MLA गनीव कौर ने कहा कि ये (AAP) बोलने पर बेइज्जती करते हैं। विधायक कुलवंत सिंह ने कहा कि कानून नहीं पढ़ा। जत्थेदार ने बताए एतराज वहीं पेशी से पहले अकाल तख्त पहुंचे जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा- अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा- पिछले काफी लंबे समय से खालसा पंथ की मर्जी के बिना और सिख संस्थाओं को बाईपास कर 2008 के कानून में संशोधन किया गया। गुरू और सिख के बीच कानून के जरिए सरकार आ गई है। सरकार ने हमारे धर्म में दखल दिया। अकाल तख्त की अथॉरिटी में दखल दिया, इसको लेकर सिख MLA और कैबिनेट को बुलाया। पेशी से जुड़ी 2 अहम बातें:- अकाल तख्त के बारे में जानिए:- अकाल तख्त में पेशी का वीडियो… पेशी से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

आवास खाली करने से पहले राबड़ी ने चार्ज रजिस्टर मांगा:कहा- सामान का मिलान जरूरी, 5 जुलाई तक वक्त मिले; राबड़ी आवास पहुंचे तेजप्रताप

तेजस्वी यादव ने सोमवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास खाली कर दिया है। अब वे 1 पोलो रोड स्थित अपने आवास में शिफ्ट हो गए हैं। बंगला खाली करने के नोटिस का आज आखिरी दिन है। इस बीच राबड़ी देवी के आप्त सचिव ने भवन निर्माण विभाग को लेटर लिखकर 5 जुलाई तक आवास खाली करने का वक्त मांगा है। 5 जुलाई को ही राजद का स्थापना दिवस भी है। पूर्व सीएम राबड़ी देवी की ओर से जो भवन निर्माण विभाग को चिट्ठी लिखी गई है, उसमें कहा गया है कि विभाग की तरफ से चार्ज रजिस्टर उपलब्ध नहीं करवाया जा सका है। इस रजिस्टर में उन सभी सामानों की लिस्ट दर्ज है, जिन्हें इस बंगले में शिफ्ट होते वक्त राबड़ी देवी को उपलब्ध करवाया गया था। ये चार्ज रजिस्टर राबड़ी देवी को साल 2006 में उपलब्ध करवाया गया था। राबड़ी देवी ने इस लेटर के जरिए चार्ज रजिस्टर दोबारा से उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि सामानों के मिलान में किसी तरह का कन्फ्यूजन न हो। इधर, तेज प्रताप यादव राबड़ी आवास पहुंचे। जब मीडिया उनके पास पहुंची, तो उन्होंने खुद वीडियो बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “ये लोग सम्राट चौधरी के आदमी हैं। मेरी हत्या कराने की साजिश रच रहे हैं।” 10 सर्कुलर रोड वाले बंगले से आई कुछ तस्वीरें देखिए… सरकारी बंगला खाली करने की आज डेडलाइन भवन निर्माण विभाग ने लालू फैमिली को 22 जून को अंतिम नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया था। ऐसे में आज सरकारी आवास खाली करने की समय-सीमा का आखिरी दिन है। इससे पहले भी चार बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 29 जून तक आवास खाली नहीं होने पर बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार पहले ही यह बंगला मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर चुकी है, लेकिन राबड़ी देवी के कब्जे में होने के कारण नए आवंटी को अब तक इसका कब्जा नहीं मिल सका है। 39 हार्डिंग रोड वाले बंगले में अभी काम चल रहा है राबड़ी देवी को सरकार ने 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया है, लेकिन फिलहाल वहां शिफ्ट होना संभव नहीं माना जा रहा है। बंगले का लगभग 70 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। कई कमरों में पेंटिंग बाकी है, पूरे परिसर की साफ-सफाई पूरी नहीं हुई है, फर्नीचर अभी तक नहीं लगाया गया है। कमरों में एसी भी नहीं लगाए गए हैं। अंदर में गेटों की पेंटिंग का काम भी अधूरा है। लालू प्रसाद यादव के लिए तैयार किए जा रहे विशेष कमरे में भी अभी फर्नीचर और इंटीरियर का काम बाकी है। निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए 50 से अधिक मजदूर लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल यह आवास पूरी तरह रहने के लिए तैयार नहीं है। 7 दिनों का और समय लग सकता है। कौटिल्य नगर वाले निजी आवास का क्या हाल लालू परिवार का कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास भी अभी निर्माणाधीन है। यहां इलेक्ट्रिकल फिटिंग, इंटीरियर, फॉल्स सीलिंग, फर्नीचर और फिनिशिंग से जुड़े कई काम बाकी हैं। मजदूर युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं, लेकिन अभी इसे पूरी तरह तैयार होने में करीब 15 से 20 दिन का समय और लग सकता है। इसलिए फिलहाल यहां शिफ्ट होने की संभावना नहीं है। महुआ बाग वाला घर भी तैयार नहीं लालू परिवार का दूसरा निजी आवास महुआ बाग में भी बन रहा है। यहां भी निर्माण कार्य अभी अधूरा है। भवन के अंदर फिनिशिंग, इंटीरियर, इलेक्ट्रिकल और अन्य कई काम बाकी हैं। जानकारी के मुताबिक इस आवास को पूरी तरह तैयार होने में अभी तीन से चार महीने का समय लग सकता है। ऐसे में फिलहाल यहां शिफ्ट होने का सवाल नहीं उठता। सरकारी सामानों की सूची क्यों मांगी गई राबड़ी देवी के सहायक ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखा है। 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास का चार्ज रजिस्टर और विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए सभी सरकारी सामानों की सूची मांगी थी। पत्र में कहा गया है कि आवास खाली करते समय हर सामान का सही मिलान हो सके और भविष्य में किसी तरह का विवाद या भ्रम की स्थिति पैदा न हो। साथ ही इस बात की भी आशंका न रहे कि सरकारी सामान अपने साथ ले जाया गया। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

मोदी कैबिनेटः बिहार के 2 मंत्री हो सकते हैं बाहर:नीतीश को आया कॉल, क्या शामिल होंगे, 3 नए चेहरे की चर्चा

जुलाई के पहले सप्ताह में संभावित मोदी कैबिनेट फेरबदल को लेकर बिहार के राजनीतिक गलियारे में सरगर्मी तेज है। कौन बनेगा, कौन हटेगा, इसकी कयासबाजी जोरों पर है। सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर है, जिनके मोदी कैबिनेट में शामिल होने की बातें कही जा रही हैं। नीतीश कुमार क्या कैबिनेट में शामिल होंगे, बिहार के किस नेता की कुर्सी खतरे में है और क्यों, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सिलसिलेवार तरीके से जानिए, कौन मंत्री की रेस में और क्यों नीतीश कुमारः मोदी-शाह की चाहत, अंतिम फैसला नीतीश करेंगे 14 अप्रैल 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने वाले नीतीश कुमार का नाम नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल होने वालों में प्रमुखता से चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी और अमित शाह दोनों नीतीश कुमार को कैबिनेट में शामिल करने की इच्छा रखते हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार को भाजपा की टॉप लीडरशिप की राय बता दी गई है। हालांकि, अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही करना है। नीतीश कुमार को लेकर मंत्री बनने और नहीं बनने, दोनों तरह की चर्चा है। जानिए… नीतीश को मंत्री बनाने के पीछे 3 कारण हालांकि, उनके मंत्री नहीं बनने की चर्चा करने वालों के 2 तर्क गिरिराज सिंहः बढ़ती उम्र के कारण हो सकती है छुट्टी केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह को लेकर चर्चा है कि उनको मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। उनकी जगह पर भूमिहार कोटे से नवादा सांसद विवेक ठाकुर को मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। हालांकि, गिरिराज सिंह को लेकर दोनों तरह की चर्चा है। उनको लेकर हर बार चर्चा होती है, लेकिन वह पद पर बने रहते हैं। गिरिराज सिंह की क्यों हो सकती है छुट्टी, 2 तर्क गिरिराज सिंह क्यों मंत्री बने रह सकते हैं गिरिराज की जगह विवेक ठाकुर क्यों हालांकि, केंद्रीय स्तर पर बड़े मंत्रालय को संभालने का उनके पास पहले का कोई प्रशासनिक या कैबिनेट अनुभव नहीं है, जो उनके आड़े आ सकता है। सतीश चंद्र दुबेः नितिन नवीन की टीम में हो सकते हैं शामिल केंद्रीय कोयला और खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे को लेकर चर्चा है कि उनको मंत्रिमंडल से हटाया जा सकता है। उनकी जगह पर ब्राह्मण कोटे से राज्यसभा सांसद मनन मिश्रा को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। बिहार में बीजेपी को आगामी संगठनात्मक चुनौतियों के लिए जमीन पर मजबूत और सक्रिय चेहरों की जरूरत है। दुबे को संगठन में कोई बड़ी और अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि नितिन नवीन की नई टीम में उन्हें स्थान मिल सकता है। चंपारण और ब्राह्मण समाज के भीतर सतीश चंद्र दुबे की पकड़ मजबूत मानी जाती है। वे जमीन से जुड़े नेता हैं और पार्टी के वफादार रहे हैं। दुबे की जगह मनन मिश्रा की चर्चा क्यों हालांकि, वे मुख्य रूप से कानूनी और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े रहे हैं, इसलिए विशुद्ध चुनावी राजनीति और मास-लीडरशिप के पैमाने पर नेतृत्व अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है। जनार्दन सिंह सिग्रीवालः चर्चा ज्यादा, लेकिन राह में रोड़े भी महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के मोदी कैबिनेट में शामिल होने की चर्चा है। बिहार कोटे से मोदी कैबिनेट में राजपूत समाज से अभी कोई मंत्री नहीं है। सिग्रीवाल क्यों मंत्री बन सकते हैं हालांकि, उनके मंत्री बनने की राह में उनका अपना समाज ही रोड़ा है। फिलहाल राजपूत कोटे से बिहार में बीजेपी के पास कई अन्य सीनियर और बड़े नाम जैसे-राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूड़ी भी रेस में शामिल हैं, जिससे अंदरुनी दांव-पेच इनका काम बिगाड़ सकता है।

उत्तराखंड से पंजाब लौटे निहंग की आपत्तिजनक PHOTOS लीक:दूसरे निहंग के साथ दिख रहे जसदीप; विक्की थॉमस ने VIDEO शेयर किया

मोहाली के ऐतिहासिक सोहाना साहिब गुरुद्वारे में रविवार को जिस निहंग जसदीप सिंह पर हमले की कोशिश हुई, उसी निहंग के कुछ आपत्तिजनक फोटो सोशल मीडिया पर लीक हुए हैं। ये फोटो निहंग विक्की थॉमस सिंह ने अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड किए। इनमें विक्की थॉमस ने दावा किया है कि इन तस्वीरों में निहंग जसदीप सिंह है, जो बिना कपड़ों के एक अन्य सिख युवक के साथ बेहद आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए विक्की थॉमस ने कहा- मेरे दिल में तुम्हारे लिए जो सम्मान और जो छवि एक रोशनी की तरह जगमगा रही थी, तुमने अपनी इस हरकत से उसे एक ही पल में बुझा दिया। बड़ी बात यह है कि जसदीप सिंह ने खुद भी माना है कि ये फोटो उसी के हैं। विक्की थॉमस ने यह कन्फर्म करने के लिए जसदीप को वीडियो कॉल किया था, जिसमें जसदीप कह रहा है कि फोटो में वही है। वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग भी विक्की थॉमस ने अपने पेज पर शेयर की है। विक्की थॉमस की पोस्ट के बाद मामला सामने आया जानिए, दोनों के बीच वीडियो कॉल में क्या बातचीत हुई… विक्की: मेरे को बता, ये फोटो जो हैं, ये तू है कि नहीं? हां या न?
जसदीप: हां, यह मैं ही हूं। मैं एग्री करता हूं। विक्की: ओके।
जसदीप: देखो, जो गलतियां हुई हैं, मैं मानता हूं, उन सब चीजों को और एक चीज और… विक्की (बीच में टोकते हुए): गुनाह बोलते हैं इसको, गलती नहीं। गुनाह बोलते हैं इसको, क्योंकि जो तूने किया है न, वह तो इसके सामने एक परसेंट का भी नहीं है। बाणा धारण किया है तूने।
जसदीप: नहीं… विक्की भाई… देखो, मैं… आपकी पीठ सुनती है। हर एक को मैंने यही बोला कि जिस टाइम मैं अंदर था, उस टाइम मेरा साथ किसी ने नहीं दिया। उस टाइम विक्की भाई ने मेरे घर पर भी फोन कर ये चीज बोली। यहां तक कि मेरे साथ भी, जिस टाइम हमारे ऊपर केस हुआ, सब हुआ, तो मेरे पापा को भी ये बात बोली कि अंकल अगर आपको किसी चीज की जरूरत है, कुछ भी है, तो मैं इनके साथ हूं, मैं खड़ा हुआ हूं। कोई भी दिक्कत नहीं है। किसी भी चीज की जरूरत पड़े तो आप मुझे फोन करना, मैं हाजिर हूं। और जब हमारे ऊपर, जिस टाइम ये बीता, जलालाबाद वाले केस की, आपसे बात भी हुई है। आपकी पीठ सुनती है, किसी से भी पूछ लेना, अगर मैंने किसी को न बोला हो कि, ‘हां भाई साहब… विक्की (गुस्से में): मेरे को… तू जो सब… तेरे से, अभी के अभी, जिसके भी मोबाइल में ये फोटो रहेंगे, जिसके भी मोबाइल में, अभी के अभी डिलीट करवा।
जसदीप: मैं इसी करके, मैंने आपको बीच में बताया था न। मैंने देग बंद कर दिया था बिल्कुल ही। मैंने छोड़ दिया था। विक्की: मेरे भाई देख, मैं अब भी देग पिया हुआ हूं। तेरे को दिखाऊं? रगड़ा अभी भी तैयार है मेरा, बेटा। मैं तेरे सामने पिया हुआ हूं। देख, शक है, कभी ये चीज नहीं बोलना… ये… ये अपना… ये गलत काम करना। और ये बंदा कौन था, जो तेरे साथ है? ये बंदा कौन था? ये भी निहंग था?
जसदीप: हम्म… हम्म… विक्की: ये कौन है? मेरे को ये बंदा चाहिए। तेरे सिर पर केश हैं महाराज के। तू गुरु का सिंह है। तू कभी कुछ भी करेगा, महाराज मेरे को देगा मेरे हाथ में। और एक बात, मेरे को चुकाने वाला वर्ल्ड में पैदा नहीं हुआ, या तो मैं मर जाऊंगा। मैं सच में जी रहा हूं मरने के लिए, आज तेरे मुंह पर बोलता हूं। मेरे को कोई फर्क नहीं पड़ता।
जसदीप: विक्की भाई… विक्की: मैं बोलता हूं, तेरा इमेज है न, मेरे दिल में एक रोशनी की तरह था। तूने एक झटके में बुझा दिया रे। और आज मैं रोता क्यों हूं? मैं दर्द में हूं, मैं टूटकर बोल रहा हूं। जसदीप को माफी मांगने बुलाया वीडियो में एक हिस्सा यह भी है कि निहंग जसदीप सिंह को विक्की थॉमस ने माफी मांगने के लिए बुलाया। इस दौरान उससे कहा गया कि गुरू महाराज के 5 ककार त्याग दे। हालांकि, जसदीप सिंह ने ऐसा नहीं किया और वह वहां से उठकर चला गया। वीडियो में यह जिक्र नहीं है कि विक्की ने जसदीप को कब और कहां मिलने के लिए बुलाया था? यह पूरा मामला अब सोशल मीडिया पर तूल पकड़ रहा है। लोग जसदीप सिंह को गालियां दे रहे हैं। हालांकि, अभी तक अकाल तख्त या SGPC की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जसदीप सिंह ने संगत से मांगी माफी जसदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- मैं पंजाब और देश-विदेश में बसने वाली गुरु नानक नाम लेवा संगत से माफ़ी मांगता है कि विक्की थॉमस द्वारा मेरी कुछ तस्वीरें वायरल की जा रही हैं, जिसकी वजह से सभी सिखों की छवि खराब हुई है।
लेकिन मैं गलत हूं या सही, इसका फैसला ‘पंज प्यारे साहिबान’ और संगत करेगी, क्योंकि अभी मैंने अपना पक्ष ‘पंज प्यारों’ के सामने नहीं रखा है। दास बहुत जल्द ‘श्री अकाल तख्त साहिब’ में पेश होगा और अपना पक्ष रखेगा। उसके बाद, अगर मैं निर्दोष पाया गया तो मुझे माफ़ किया जाए, और अगर गलती साबित होती है, तो सिख परंपराओं के अनुसार मुझे जो भी सजा मिलेगी, मैं उसे सिर माथे स्वीकार करूँगा। बस एक बात पर गौर कीजिएगा कि यह सब तभी क्यों हुआ जब हम उत्तराखंड वाला मोर्चा फतह करके आए। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… मोहाली के गुरुद्वारे में निहंग पर हमला, समर्थकों ने हमलावर को पकड़कर पीटा, कपड़े फाड़े
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग मामले में रिहा होकर पंजाब लौटे निहंगों के स्वागत समारोह के दौरान रविवार को मोहाली के गुरुद्वारे में हंगामा हो गया। समारोह के बीच एक व्यक्ति ने निहंग बाबा जसदीप सिंह पर हमला करने की कोशिश की। इससे गुरुद्वारा परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। पढ़ें पूरी खबर…

22 राज्यों तक पहुंचे मानसून की रफ्तार धीमी पड़ी:असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट; 6 राज्यों में प्री-मानसून बारिश जारी

मानसून ने 24 जून तक देश के 22 राज्यों को कवर कर लिया है, लेकिन बीते 5 दिन से इसकी रफ्तार धीमी पड़ी है। यह मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। 6 राज्यों मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। विभाग ने असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों और सिक्किम में आज तेज बारिश और कुछ जगहों के लिए बहुत तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश में रविवार को बड़वानी के सेंधवा में उफनाए पुल पार करते समय एक ट्रैक्टर और उसका ड्राइवर बह गया। ड्राइवर अभी भी लापता है। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में रविवार को बारिश से कच्चे मकान की एक दीवार ढह गई, हादसे में 2 बच्चियों की मौत हो गई। सुकमा के गांव में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई, 4 अन्य घायल हैं। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देशभर से बारिश की 4 तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40° पार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के फलोदी में 43.8°C दर्ज किया गया। वहीं यूपी के आगरा में 41.3°C, हरियाणा के भिवानी में 42.3°C, एमपी के दतिया में 42.2 °C, दिल्ली में 41.9°C और गुजरात के अहमदाबाद में 40°C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 30 जून: 1 जुलाई: राज्यों के मौसम का हाल… मध्य प्रदेश: भोपाल, रायसेन समेत 40 जिलों को बारिश का यलो अलर्ट, उज्जैन-देवास में भारी बारिश का संभावना मध्य प्रदेश के 6 जिले उज्जैन, देवास, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंडला और बालाघाट में आज भारी बारिश का अलर्ट है। यहां 24 घंटे में 100mm से ज्यादा बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल, रायसेन समेत 40 जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट है। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: लखनऊ-अयोध्या समेत 5 शहरों में आंधी-बारिश, 46 में अलर्ट; राज्य को मानसून का इंतजार उत्तर प्रदेश में प्री- मानसून की बारिश जारी है। आज भी लखनऊ-अयोध्या समेत 5 शहरों में आंधी-बारिश का असर है। साथ ही 46 शहरों में बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून बीते 16 दिन से राज्य के बॉर्डर वाले जिलों तक ही अटका हुआ है। आगे नहीं बढ़ा है। अगले 2-3 दिन में यह आगे बढ़ सकता है। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: जयपुर समेत 25 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, तापमान 44°C से ज्यादा राजस्थान में जयपुर समेत 25 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी है। अगले तीन दिन बारिश की स्थिति बनी रहेगी। 2 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट है। राज्य में मानसून के आने में देरी हो रही है, प्री-मानसून बारिश का असर जारी है। रविवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 44°C रहा। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़: बेमेतरा में बारिश से दीवार ढही, 2 बच्चियों की मौतच; सुकमा में बिजली गिरने से युवक की जान गई छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन दिन तेज बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 से 3 दिनों में मानसून पूरे छत्तीसगढ़ को कवर कर लेगा। सोमवार को बेमेतरा के राऊरपुर में बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवार ढहने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। सुकमा में बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: बगहा, बक्सर खगड़िया में बारिश, 25 जिलों में अलर्ट; अब तक 50% कम हुई बरसात बिहार में इस साल मानसून ने समय से पहले 11 जून को ही दस्तक दे दी थी, लेकिन एंट्री के तुरंत बाद कमजोर पड़ गया। 28 जून तक बिहार में सामान्य होने वाली 140.4mm बारिश के मुकाबले 69.8mm हो सकी है। मौसम विभाग के मुताबिक, 38 में से 6 जिलों में ही सामान्य या उससे अधिक बरसात हुई है। 18 जिलों में 50 प्रतिशत से कम बारिश हुई है। आज 25 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पूरी खबर पढ़ें…