नवजात को प्लास्टिक में लपेटकर सड़क किनारे फेंका:रोने की आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने उठाया, एक घंटे पहले हुआ जन्म

झालावाड़ जिले में सड़क किनारे नवजात मिला। मासूम किसी को दिखाई न दे इसलिए उसे प्लास्टिक से ढक दिया था। चरवाहे ने मासूम के रोने की आवाज सुनी। देखा तो आसपास कोई नजर नहीं आ रहा था। धीरे-धीरे सड़क किनारे पड़े प्लास्टिक के पास गया। प्लास्टिक हटाकर देखा तो अंदर लहूलुहान हालत में नवजात पड़ा हुआ था। इसके बाद एक राहगीर को बताया। फिर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मामला मनोहरथाना क्षेत्र के डाक बंगला के पास टनटोकरी बालाजी रोड का सोमवार दोहपर 1 बजे का है। थाना प्रभारी महेंद्र यादव ने बताया- नवजात मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लोगों ने नवजात को स्थानीय CHC में भर्ती करा दिया था। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे के माता-पिता की तलाश की जा रही है। तस्वीरों में देखिए पूरा मामला… लहूलुहान हालत में मिला शिशु नगर पालिका के वार्ड 18 निवासी हेमराज नायक ने बताया- सोमवार दोपहर एक बजे बाइक से टन टोकरी बालाजी रोड स्थित अपने खेत से मनोहरथाना आ रहा था। डाक बंगले के पास गाय चरा रहे मांगीलाल ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। मांगीलाल ने मुझे रोक करके बताया कि प्लास्टिक के नीचे बच्चा है। उसके साथ मौके पर पहुंचा तो देखा कि रोड किनारे काली प्लास्टिक के नीचे लहूलुहान हालत में एक नवजात रो रहा था। फौरन नवजात को कपड़े लपेटकर गोद में लिया। एंबुलेंस की मदद से मासूम को मनोहरथाना सीएचसी में भर्ती कराया। डॉक्टर बोले-घर पर हुआ बच्चे का जन्म सीएचसी के डॉक्टर पंकज चौधरी ने बताया-बच्चे का जन्म करीब एक घंटे पहले का लग रहा है। जिस तरह से उसकी नाल काटी गई है, उससे लग रहा है कि बच्चे का जन्म घर पर ही हुआ होगा। फिलहाल बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। शिशु के हाथ-पैर पर हल्की चोट है। बेहतर इलाज और देखभाल के लिए उसे झालावाड़ के पालना गृह में भेजा जाएगा। परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस थाना प्रभारी महेंद्र यादव ने बताया- पुलिस मामले की जांच कर रही है। नवजात को सड़क किनारे किसने फेंका, इसकी जांच की जा रही है। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। … यह खबर भी पढ़ें नवजात बच्ची को 80 फीट गहरे कुएं में फेंक गए:अस्पताल के कपड़े में लिपटी थी, युवक ने जान जोखिम में डालकर बाहर निकाला 80 फीट गहरे कुएं से नवजात बच्ची मिली है। अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवक रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बच्ची को सकुशल बाहर निकाल लाया। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची को मारने की नीयत से फेंका गया था। यह मामला खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा कस्बे के वार्ड नंबर-13 का है। (पढ़ें पूरी खबर) सुजानगढ़ में सड़क किनारे मिला नवजात:रोने की आवाज सुनकर पहुंचा था अस्पताल का हेल्थ मैनेजर, कंबल में लिपटा मिला चूरू जिले के सुजानगढ़ में गोपालपुरा रोड स्थित मेगा हाईवे पर एक नवजात बच्चा कंबल में लिपटा हुआ मिला। सुबह साढ़े 6 बजे हेल्थ मैनेजर ओमप्रकाश से सूचना मिलते ही सामाजिक संस्था ‘हारे का सहारा’ के कार्यकर्ता श्याम स्वर्णकार तुरंत मौके पर पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)

जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा सेंटर पर छात्रों ने की तोड़फोड़:5.50 लाख लेकर नकल कराने की थी तैयारी, कॉलेज संचालक समेत 4 गिरफ्तार

जयपुर में पैरामेडिकल परीक्षा के एक सेंटर पर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। सेंटर पर होने वाले पेपर को रद्द कर दिया गया है। प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर नकल करवाकर झुंझुनूं के एक कॉलेज के 45 छात्रों को परीक्षा पास करवानी थी। इसके एवज में कुल 5.50 लाख रुपए का सौदा तय हुआ था। परीक्षा से पहले सोमवार को जयपुर पुलिस ने नकल गिरोह में शामिल 2 कॉलेजों के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कॉलेज के संचालक, HOD और लेक्चरर शामिल हैं। नकल का मामला सामने आते ही वहां मौजूद अन्य छात्र भड़क गए। नाराज छात्रों ने कॉलेज परिसर के बाहर जमकर नारेबाजी की और हंगामा व तोड़फोड़ किया। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित छात्रों ने कुर्सियां फेंक दीं और परीक्षा को तुरंत रद्द करने की मांग पर अड़ गए। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों को शांत कराया। इसके बाद, राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल ने गड़बड़ी और अव्यवस्था को देखते हुए इस परीक्षा केंद्र (प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज) की परीक्षाओं को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। हंगामे से जुड़ी 2 PHOTOS.. कॉलेज के संचालक, HOD और लेक्चरर गिरफ्तार डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- मामले में खोराबीसल थाना पुलिस ने दोनों कॉलेजों से जुड़े 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में झुंझुनूं के मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के HOD कृष्ण कुमार, लेक्चरर शंकर लाल जाट (27), जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक रामकृष्ण मंडीवाल व उनके भतीजे देव कृष्ण शामिल हैं। एक ही कमरे में बैठाकर नकल कराने का था प्लान पुलिस पूछताछ में सामने आया कि झुंझुनूं के एस. करण कॉलेज के इन सभी फर्स्ट ईयर के 45 छात्रों के बैक आई थी। इन्हें पास करवाने के एवज में जयपुर के परीक्षा केंद्र के संचालक से 5.50 लाख रुपए में सौदा तय किया था। साजिश के तहत इन सभी छात्रों को परीक्षा केंद्र के एक ही कमरे में बैठाया जाना था, जहां परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात इनविजिलेटर (वीक्षक) के जरिए उन्हें पेपर पढ़ाया जाना था। पुलिस कंट्रोल रूम को मिली सूचना 27 जून को पुलिस कंट्रोल रूम को कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में पैसे लेकर पेपर लीक कराने की सूचना मिली। इसके बाद एक्टिव हुई DST टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। डीएसटी टीम ने प्रताप नगर से कृष्ण कुमार सैनी और शंकर लाल जाट को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके बैग से दो डायरियां मिलीं, जिनमें परीक्षा देने वाले छात्रों के नाम और उनसे ली गई रकम का पूरा हिसाब-किताब दर्ज था।
इनविजिलेटर सेट करने के लिए दिए थे 3.27 लाख रुपए पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल की वॉट्सऐप चैट खंगाली, तो उसमें ‘शंकर बाजिया सर’ के नाम से चैट मिली। इसमें परीक्षा देने वाले छात्रों के एडमिट कार्ड की पीडीएफ फाइलें शेयर की गई थीं, जिन पर परीक्षा केंद्र का नाम प्रभा देवी मेमोरियल कॉलेज लिखा था। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने 45 छात्रों से कुल 5.50 लाख रुपए लिए थे, जिसमें से 27 जून को ही 3.27 लाख रुपए रामकृष्ण मंडीवाल के जरिए कॉलेज के संस्थापक देवकृष्ण मंडीवाल को दिए गए थे, ताकि परीक्षा कक्ष में मनपसंद इनविजिलेटर (वीक्षक) लगाकर नकल कराई जा सके।

शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी,32-साल बाद शुरू होगा काम:295 किमी लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी, चूरू में बनेगा डैम; 33 हजार करोड़ से ज्यादा होगा खर्च

शेखावाटी के तीन जिलों (सीकर, चूरू और झुंझुनूं) तक यमुना का पानी लाने का रास्ता साफ हो गया है। नई दिल्ली में सोमवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MOA) हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील, सीएम भजनलाल शर्मा और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने एमओए पर हस्ताक्षर किए। एमओए के बाद अब यमुना का पानी राजस्थान लाने के लिए काम आगे बढ़ेगा। कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा। शेखावाटी के तीन जिलों के गांवों और शहरों में यमुना का पानी पाइपलाइन के जरिए लाया जाएगा। यह पानी पीने के काम आएगा। इसके लिए 295 किमी लंबी पाइपलाइन डाली जाएगी और चूरू में डैम बनेगा। सीएम भजनलाल बोले- दशकों का इंतजार खत्म होगा एमओए पर साइन के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- आज ऐतिहासिक दिन है, दशकों का इंतजार खत्म हो रहा है। शेखावाटी के तीन जिलों को यमुना का पानी पहुंचाने के लिए एमओए एक ऐतिहासिक कदम है। हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा- हरियाणा इस प्रोजेक्ट के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। पाइपलाइन के जरिए लाया जाएगा पानी हरियाणा से पाइपलाइन के जरिए पानी लाया जाएगा। इस पाइपलाइन का 95 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा में आएगा। जल संसाधन विभाग अब जमीन अधिग्रहण का काम हाथ में लेगा। जमीन अधिगग्रहण का काम हरियाणा और राजस्थान सरकार मिलकार पूरा करेंगे। पाइपलाइन के लिए जिन लोगों से जमीन ली जाएगी, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। 32 साल बाद अब काम आगे बढ़ेगा यमुना का पानी शेखावाटी के तीन जिलों तक पहुंचाने के लिए साल 1994 में राजस्थान और ह​रियाणा के बीच यमुना जल समझौता हो चुका था। जो कागजों तक ही रहा और इस पर सहमति नहीं बन पाने से काम आगे नहीं बढ़ सका। 2001 में भी हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से राजस्थान को पानी मिलना तय हुआ था, लेकिन इस पर काम आगे नहीं बढ़ा। साल 2024 में यमुना जल समझौते पर काम फिर शुरू हुआ। फरवरी 2024 में एमओयू,अब एमओए शेखावाट तक यमुना का पानी पहुंचाने के लिए 17 फरवरी 2024 को केंद्र, राजस्थान और हरियाणा सरकार के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ। इसके बाद डीपीआर पर काम शुरू हुआ। डीपीआर बनने के बाद अब एमओए हुआ है। एमओए के बाद अब प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ेगा। चूरू के ​हंसियावास में बनेगा बड़ा वाटर रिजर्वेयर राजस्थान के हिस्से का पानी हथिनीकुंड बैराज से लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड पाइपलाइन से चूरू जिले के हंसियावास तक पहुंचाया जाएगा। हंसियावास में बड़ा वाटर रिजर्वेयर बनाया जाएगा, जहां यमुना का पानी स्टोर कर 3 जिलों में भेजा जाएगा। यमुना के पानी के प्रोजेक्ट में अंडरग्राउंड पाइपलाइनें, पानी स्टोरेज के लिए डैम और वाटर मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के राजस्थान हरियाणा यमुना वाटर एसपीवी का गठन किया जाएगा। कब-कब, क्या-क्या हुआ… राजेंद्र राठौड़ बोले- 1971 क्यूसेक पानी मिलेगा पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने समझौते को लेकर भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया- यमुना जल समझौता के तहत 1971 क्यूसेक पानी मिलेगा। सालभर का औसतन प्रवाह 577 मिलियन क्यूबिक मीटर रहेगा। यह पानी हथिनीकुंड बैराज से निकलकर 295 किमी दूर चूरू के हासियावास में बनने वाले डैम में पहुंचेगा। राजेंद्र राठौड़ ने कहा- पाइपलाइन कहां-कहां से गुजरेगी, इस पर दोनों राज्यों के बीच सैद्धांतिक सहमति हो गई है। भैरोंसिंह शेखावत के समय जब फैसला हुआ था, तब 1119 एमसीएम पानी प्रतिवर्ष के लिए आवंटित हुआ था। पांच राज्यों की सहमति से अपर यमुना बोर्ड बना, लेकिन नतीजा नहीं निकला था।

पुणे में 65 साल के रेप-मर्डर के दोषी को फांसी:3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था; फास्टट्रैक कोर्ट का 60 दिन में फैसला

महाराष्ट्र के पुणे जिले में 3 साल की बच्ची से रेप और हत्या के मामले में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 65 साल के दोषी भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का बताते हुए कहा कि आरोपी का कृत्य बेहद क्रूर, अमानवीय और बर्बर था। सोमवार सुबह 11 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी को अदालत में पेश किया गया था। कांबले पेशे से मजदूर हैं। वह 7 बच्चों का पिता और 11 बच्चों के दादा हैं। बच्ची गर्मियों की छुट्टियों में अपनी नानी के घर आई हुई थी यह घटना 1 मई को पुणे जिले के नसरापुर गांव में हुई थी। बच्ची गर्मियों की छुट्टियों में अपनी नानी के घर आई हुई थी। दोपहर 3 से 4 बजे के बीच कांबले ने उसे खाने-पीने की चीजें और गाय का नवजात बछड़ा दिखाने का लालच देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके बाद वह उसे मवेशियों के तबेले के पास बने एक शेड में ले गया, जहाँ उसने उसके साथ रेप किया और फिर उसकी हत्या कर दी। कोर्ट ने सजा पर फैसला 29 जून के लिए सुरक्षित रखा था मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की गई थी। जस्टिस सालुंखे ने सजा पर फैसला 29 जून के लिए सुरक्षित रखा था। दोषी करार दिए जाने के बाद अदालत ने कांबले से पूछा कि उसे क्या सजा दी जानी चाहिए। इस पर कांबले ने कहा कि उसने कोई अपराध नहीं किया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी में न तो पश्चाताप के कोई संकेत दिखाई दिए और न ही उसके सुधरने की कोई संभावना है। ऐसे में उसके लिए केवल मृत्युदंड ही उचित सजा है। बच्ची के शरीर पर 18 चोटों के निशान मिले फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक अजय मिसर ने 55 गवाहों के बयान दर्ज कराए थे। इनमें फोरेंसिक विशेषज्ञ, जांच अधिकारी, पीड़िता के परिजन और बाल गवाह शामिल थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर 18 चोटों के निशान दर्ज किए गए थे। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सीसीटीवी फुटेज, डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल रिपोर्ट, पोटेंसी टेस्ट और मेंटल फिटनेस असेसमेंट को वैध और पर्याप्त साक्ष्य माना। —————- ये खबर भी पढ़ें… सिया के इशारे पर चेतन ने केतन को धक्का दिया:पुलिस का दावा- केतन गिरते वक्त सिया को पकड़ न पाए, इसलिए बहाने से बैठ गई पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने कई खुलासे किए है। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को लोहगढ़ किले पर सिया गोयल ने पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने बैठकर चेतन चौधरी को इशारा दिया। इसके बाद पीछे चल रहे चेतन ने केतन को खाई में धक्का दे दिया। पूरी खबर पढ़ें…

वेदांत और CBSE फिर आमने-सामने:आरोप लगाया- दोबारा जांच में मेरे नंबर नहीं बढ़े, CBSE बोला- ये सरासर झूठ; वेदांत ने अब क्या जवाब दिया

रविवार को CBSE बोर्ड और स्टूडेंट वेदांत श्रीवास्तव के बीच एक बार फिर सोशल मीडिया पर 12वीं क्लास के री-वैल्यूएशन रिजल्ट को लेकर विवाद शुरू हो गया है। बता दें की मई में वेदांत ने CBSE के OSM (ऑन स्क्रीन मार्किंग) सिस्टम की खामी को सोशल मीडिया के जरिए बताया था। दरअसल CBSE ने सब्जेक्ट वाइज जारी की आसंर कॉपी में वेदांत की फिजिक्स की गलत यानी, किसी और स्टूडेंट की कॉपी अपलोड की थी। बाद में CBSE ने गलती मानकर उसे ठीक कर दिया था। हाल ही में CBSE ने उन्हीं का री-वैल्यूएशन रिजल्ट जारी किया है। इस रिजल्ट में स्टूडेंट वेदांत ने एक बार फिर आरोप लगाया है कि फिजिक्स सब्जेक्ट में उनके कोई भी नंबर नहीं बढ़े हैं। CBSE- वेदांत के कुल 11 नंबर बढ़े वेदांत के आरोप के बाद CBSE ने उनके आरोप को खारिज किया और अपने क्लेरिफिकेशन में कहा कि ये आरोप सरासर झूठ’ है। उनके दावों में फेक्चुअली कोई सच्चाई नहीं है। CBSE ने कहा- री-इवैल्युएशन प्रोसेस के बाद वेदांत के कुल 11 नंबर बढ़े हैं। बोर्ड के मुताबिक, वेदांत के मैथ्स में 46 से 47, कंप्यूटर साइंस में 61 से 62 और मुख्य विवाद वाले विषय फिजिक्स में 35 से बढ़कर सीधे 44 नंबर (9 नंबर) मिले हैं। CBSE बोर्ड ने 99.7% री-इवैल्युएशन का रिजल्ट जारी किया है। वेदांत- मेरा कोई नंबर नहीं बढ़ाया गया वेदांत ने CBSE की इस सफाई के बाद सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर बोर्ड के दावे को एक बार फिर खारिज कर दिया है। वेदांत के मुताबिक, CBSE के री-इवैल्युएशन में 9 नंबर नहीं बढ़े हैं, बल्कि एक्चुअल (असली) मार्क्स होने की वजह से ये स्कोर बढ़ गया है। गलत कॉपी में फिजिक्स में 35 नंबर थे,जो असली आंसर शीट में 44 हैं। इसीलिए ये स्कोर बढ़ गया है। How is this a blatant lie ,the 9 marks increase in physics does not happen after the opening of re-evaluation portal and if the answer sheet of physics was not mine how the marks given on that answer sheet were my marks https://t.co/qM0b2QeYH9— VEDANT (@VEDANTSHRIV17) June 28, 2026 ऑनलाइन असेसमेंट सिस्टम वेदांत के दावे के बाद इंटरनेट पर डिजिटल असेसमेंट सिस्टम (OSM) को लेकर एक नई बहस शुरू हुई। क्या है OSM सिस्टम

CBSE ने सफाई दी- री-वैल्यूएशन में नहीं हुई देरी इसके साथ ही CBSE बोर्ड ने अपने क्लेरिफिकेशन में री-वैल्यूएशन को समय पर पूरा करने की बात भी कही। बोर्ड ने ये भी साफ कहा कि री-वैल्यूएशन रिजल्ट में कोई देरी नहीं हुई है। 2025 में री-वैल्यूएशन रिजल्ट प्रोसेस 27 जून को शुरू होकर 11 जुलाई को खत्म हुई थी। 21 जून को CBSE ने 12वीं क्लास के वेरिफिकेशन और री-वैल्यूएशन रिजल्ट को जारी करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। —————- ये खबर भी पढ़ें.. देश की पहली सरकारी कैब सर्विस भारत टैक्‍सी लॉन्‍च:स्‍वदेशी सैटेलाइट बेस्‍ड नेविगेशन तकनीक से पहली सफल लैंडिंग; 29 जून के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें..

चित्तौड़गढ़ के 6गांवों में फैली जहरीली गैस:आंखों में जलन, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ; तहसीलदार बोले -कारण समझ से परे

चित्तौड़गढ़ जिले की सादी ग्राम पंचायत के 6 गांवों में रविवार शाम अचानक जहरीली गैस फैल गई। तेज बदबू से ग्रामीणों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, उल्टी और चक्कर आने लगे। दो लोगों को अस्पताल भर्ती करना पड़ा। सोमवार दोपहर तक भी गैस के स्रोत का पता नहीं चल पाया है। इससे गांवों में डर का माहौल है। अचानक फैली बदबूदार गैस बस्सी तहसीलदार मुकेश गुर्जर ने बताया – शाम करीब 7 बजे डूंगाजीकाखेड़ा, पालेर, गोपालपुरा, मानकपुरा, सेमलिया और सादी गांवों में जहरीली गैस की तेज बदबू महसूस की गई। ये सभी गांव आपस में 1-2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बदबू इतनी तेज थी कि लोगों को मुंह पर कपड़ा बांधकर निकलना पड़ा। गैस के कारण कुछ ग्रामीणों को उल्टी, गले में दर्द और चक्कर आने लगे। आसपास कोई फैक्ट्री या कारखाना नहीं है, न ही कोई दुर्घटना हुई है। गैस फैलने का कारण समझ से परे है। सूचना मिलते ही चित्तौड़गढ़ तहसीलदार विपिन चौधरी, बस्सी तहसीलदार मुकेश गुर्जर, विजयपुर थानाधिकारी रामलाल मीणा और बस्सी-विजयपुर की मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। तबियत ज्यादा बिगड़ने पर नारायण लाल और एक अन्य ग्रामीण को विजयपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद दोनों को डिस्चार्ज कर दिया गया। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने अन्य प्रभावित ग्रामीणों को दवाई दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से स्रोत का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं मिली। रात 10 बजे बारिश से मिली राहत 3 घंटे बाद रात करीब 10 बजे हल्की बारिश होने के बाद बदबू धीरे-धीरे कम हुई और बंद हो गई। अभी तक नहीं पहुंचा जांच दल लेकिन डूंगाजीकाखेड़ा निवासी प्रभु लाल जाट ने बताया – प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन सोमवार शाम तक कोई जांच दल नहीं आया। ग्रामीणों में दोबारा ऐसी घटना की आशंका से डर बना हुआ है। तहसीलदार ने बताया कि सोमवार सुबह प्रदूषण विभाग एवं कृषि विभाग के उच्च अधिकारियों को इस मामले की सूचना देकर जांच के निर्देश दिए। लेकिन अभी तक जांच दल नहीं पहुंचा है। हम दोबारा उन्हें सूचना कर रहे हैं।

अमरनाथ यात्रा से पहले बाबा बर्फानी की पहली पूजा हुई:उपराज्यपाल ने दर्शन किए; यात्रा 3 जुलाई से शुरू, सिक्योरिटी का ट्रायल हुआ

अमरनाथ यात्रा शुरू होने के 3 दिन पहले सोमवार को बाबा बर्फानी की पहली पूजा हुई। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने पूजा की। इस साल 3 जुलाई से बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से अमरनाथ यात्रा शुरू होगी। यात्रा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन खत्म होगी। कुल 57 दिनों की यात्रा चलेगी। अधिकारियों के मुताबिक, 15 अप्रैल से अब तक 4 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से यात्रा रूट के लिए रवाना होगा। पूजा से जुड़ी 2 तस्वीरें… प्रशासन ने बेस अस्पताल शुरू किए प्रशासन ने बालटाल और चंदनवाड़ी में बेस अस्पताल शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा यात्रा के दोनों मार्गों पर भी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन ने दोनों मार्गों पर बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि, चंदनवाड़ी से पवित्र गुफा तक के मार्ग पर महागणेश टॉप के पास बर्फ हटाने का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि इसे अगले दो से तीन दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। यात्रा को लेकर सिक्योरिटी हाईअलर्ट पर यात्रा का पूरा रुट 48 किलोमीटर लंबा है अमरनाथ यात्रा के लिए दो रुट हैं, पहला 41 किलोमीटर लंबा पारंपरिक पहलगाम रुट और दूसरा 7 किलोमीटर लंबा बालटाल रुट। पहलगाम रुट अमरनाथ यात्रा का पारंपरिक रुट है। यह से पवित्र गुफा तक पहुंचने में आमतौर पर 3 से 4 दिन लगते हैं। इस मार्ग पर चढ़ाई धीरे-धीरे होती है, जिससे श्रद्धालुओं का शरीर ऊंचाई और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण के अनुकूल हो जाता है। साथ ही, रास्ते में शेषनाग और पंचतरणी जैसे पौराणिक और धार्मिक महत्व वाले मंदिर के दर्शन भी होते हैं। वहीं, बालटाल रुट अपेक्षाकृत छोटा रास्ता है। इस मार्ग से श्रद्धालु कम समय में यात्रा पूरी कर सकते हैं, लेकिन इसकी चढ़ाई काफी सीधी, खड़ी और कठिन मानी जाती है। यही वजह है कि यह रुट बुजुर्गों, बच्चों और कम शारीरिक क्षमता वाले श्रद्धालुओं के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ट्रायल काफिला रामबन जिला पहुंचा यात्रा से पहले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रायल काफिले का ड्राई रन भी किया गया। ट्रायल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, काफिले की आवाजाही, लॉजिस्टिक्स और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय का परीक्षण किया गया। कड़ी सुरक्षा के बीच ट्रायल काफिला करीब चार घंटे में रामबन जिला मुख्यालय पहुंचा। इस दौरान घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आम वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई। अमरानाथ यात्रा के दो रूट, इस साल 57 दिन की यात्रा ——————– ये खबर भी पढ़ें… अमरनाथ से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर आई:पवित्र गुफा में 6-7 फीट का शिवलिंग बना, यात्रा 3 जुलाई से; सुरक्षा में तैनात जवानों ने दर्शन किए अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले 23 मई को बाबा बर्फानी की पहली तस्वीरें सामने आ गई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि 6 से 7 फीट का शिवलिंग अपना आकार ले चुका है। पूरी खबर पढ़ें

हिमाचल में पत्नी को दिया तीन तलाक:महिला का आरोप- पति और सास ने प्रताड़ित किया, मारपीट के बाद घर से निकाला

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में तीन तलाक का मामला सामने आया है। एक मुस्लिम महिला की शिकायत पर महिला पुलिस थाना चंबा ने उसके पति और सास के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि उसका पति रुस्तम व सास मनीरा उसे लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रताड़ना के बाद उसके पति ने उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पति-सास के खिलाफ मामला दर्ज पीड़िता की शिकायत के आधार पर महिला पुलिस थाना चंबा ने आरोपी पति रुस्तम के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 की धारा-4 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में भी कार्रवाई की गई है। वहीं, सास मनीरा के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। पीड़िता की शिकायत पर जांच शुरू: SP पुलिस अधीक्षक चंबा विजय सकलानी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।

पति ने किया सुसाइड, पत्नी ने गड्‌ढा खोदकर दफनाया:बॉडी निकाली, अब पोस्टमॉर्टम होगा; काम दिलाने वाला रिश्तेदार परिवार के साथ फरार

जैसलमेर में नगर परिषद के मेटेरियल रिकवरी फेसिलिटी (MRF) सेंटर में श्रमिक ने टीन शेड में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पत्नी ने अन्य श्रमिक साथियों के साथ मिलकर पुलिस को सूचना देने के बजाय रात में ही शव को पास के खाली प्लॉट में दफना दिया। अगले दिन रविवार (28) रिश्तेदारों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना के बाद से डंपिंग यार्ड का ठेकेदार परिवार सहित लापता है। घटना 27 जून की है। भीलवाड़ा से परिजनों के जैसलमेर आने और मजिस्ट्रेट की परमिशन के बाद शाम 7 बजे शव को खाली भूखण्ड से जमीन से बाहर निकाला गया। अब पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों का खुलासा होगा। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. टीन शेड में फंदे से लटका मिला मजदूर कोतवाली थाना SHO सुरजाराम जाखड़ ने बताया- लक्ष्मीचंद सांवल कॉलोनी (जैसलमेर) में नगर परिषद का मेटेरियल रिकवरी फेसिलिटी (MRF) सेंटर है। भीलवाड़ा का रहने वाला रतननाथ (40) सूखे कचरे की छंटाई कर प्लास्टिक, मैटल और अन्य सामग्री को अलग-अलग करने का काम करता था। शनिवार रात टीन शेड में रस्सी के फंदे से लटका मिला। रतननाथ पिछले छह महीने से पत्नी और 12 साल के बेटे के साथ डंपिंग यार्ड के पास कच्ची झोपड़ी बनाकर रह रहा था और वहीं मजदूरी करता था। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम को नशे में था। इस दौरान MRF में टीन शेड के नीचे रस्से से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। 2. पुलिस को बताए बिना रात में ही शव दफना दिया SHO सुरजाराम जाखड़ ने बताया- प्राथमिक जांच में सामने आया कि रात को युवक की पत्नी को घटना का पता चला। पत्नी ने अन्य श्रमिक साथियों को इस बारे में बताया। पुलिस को सूचना देने के बजाय शव को MRF सेंटर के सामने खाली पड़े प्लॉट में दफना दिया। 3. रिश्तेदारों ने दी सूचना, पुलिस मौके पर पहुंची रविवार सुबह जब अन्य रिश्तेदारों को घटना का पता चला तो उन्होंने भीलवाड़ा में मृतक के परिजनों को सूचना दी। इसके बाद परिजनों की जानकारी पर कोतवाली थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। शव पहले ही दफनाया जा चुका था, इसलिए पुलिस ने उसे बाहर निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी है। शाम को शव निकाला गया। 4. सोमवार को शव निकालकर होगा पोस्टमॉर्टम SHO सुरजाराम जाखड़ ने बताया- पुलिस के अनुसार प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद सोमवार को शव को गड्‌ढे से बाहर निकालकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इससे मौत की असली वजह का पता लगाया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच कर रही है। 5. काम दिलाने वाला रिश्तेदार परिवार के साथ फरार SHO सुरजाराम जाखड़ ने बताया- रतननाथ को MRF सेंटर में काम करने वाले उसके रिश्तेदार लाधूनाथ ने काम पर लगवाया था। घटना के बाद से लाधूनाथ परिवार सहित जैसलमेर से गायब है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि शव को बिना सूचना दफनाने में उसकी क्या भूमिका रही।

केरल में नदी से पति-पत्नी, 2 बच्चों के शव बरामद:4 दिन पहले लापता हुए थे; पुलिस बोली- आर्थिक तंगी के कारण सुसाइड की आशंका

केरल के कोठामंगलम में मुवत्तुपुझा नदी से चार शव बरामद हुए हैं। इनमें पति-पत्नी और दो बच्चों के शव शामिल हैं। पूरा परिवार 25 जून से लापता था। पुलिस के मुताबिक, सभी शव नदी के अलग-अलग हिस्सों में मिले। पुलिस ने बताया कि घटना में नारायणन, उनकी दृष्टिबाधित पत्नी विजी और दो नाबालिग बच्चे की मौत हुई है। सभी कोठामंगलम में ही किराए के मकान में रहते थे। परिवार आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानी से जूझ रहा था। परिवार के लापता होने और नदी में शव मिलने की 3 तस्वीरें… पुलिस ने परिवार के रहने खाने की व्यवस्था की थी कोठामंगलम थाने के SHO प्रशांत कुमार के मुताबिक, परिवार पिछले एक साल से कोठामंगलम के पास किराए के मकान में रह रहा था। करीब 45 दिन पहले मकान मालिक से घर खाली करने का नोटिस दिया। परेशान नारायण ने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने परिवार के अस्थायी निवास की व्यवस्था की, खाना और दूसरा सामान दिलाया। साथ ही परिवार के लिए किराए का मकान तलाशा। जिस दिन परिवार गायब हुआ, उसी दिन उन्हें नए घर में शिफ्ट होना था। पुलिस ने बताया कि परिवार को स्थायी मकान दिलाने का भी भरोसा दिलाया गया था। ——————– ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में हाईवे पर कार में धमाका, युवक की मौत:साथ बैठी युवती को चाकू मारा तो वह चलती टैक्सी से कूद गई, ड्राइवर भी जख्मी कर्नाटक के तुमकुरु जिले में शनिवार को नेशनल हाईवे पर कार में हुए धमाके में युवक की मौत हो गई। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि युवक ने कार के अंदर देसी बम या किसी विस्फोटक का इस्तेमाल किया। पूरी खबर पढ़ें…