16 साल से फरार हत्या-लूट का आरोपी नूंह से काबू:राजस्थान पुलिस को सौंपा, पहचान छिपाकर पुलिस से बच रहा था

नूंह जिले में पुलिस ने हत्या, लूट और चोरी सहित कई गंभीर मामलों में पिछले 16 वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पुनहाना थाना क्षेत्र के सिकरावा गांव निवासी हाकम पुत्र अब्दुल हामिद के रूप में हुई है। वह राजस्थान के जयपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों में वांछित था और कोर्ट द्वारा उद्घोषित अपराधी (पीओ) घोषित किया जा चुका था। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी हाकम को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए राजस्थान के शाहपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अब राजस्थान पुलिस उससे पुराने मामलों के संबंध में पूछताछ करेगी और उसे न्यायालय में पेश करेगी। जयपुर में हत्या और लूट मामले में वांछित पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, हाकम के खिलाफ वर्ष 2010 में शाहपुर थाना क्षेत्र में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद, वर्ष 2011 में उस पर लूट और एक व्यक्ति को बंधक बनाने का आरोप लगा। इन मामलों में वह लगातार फरार चल रहा था। शाहपुर थाने में उसके खिलाफ लूट और आर्म्स एक्ट के तहत भी एक अन्य मुकदमा दर्ज है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2015 में हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सिटी बल्लभगढ़ थाना में चोरी के एक मामले में भी उसका नाम सामने आया था। पहचान छिपाकर कानून से बचने की कोशिश करता रहा बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से वर्षों से लंबित मामलों की सुनवाई और जांच प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। संबंधित एजेंसियां अब आरोपी से पूछताछ कर उसके आपराधिक नेटवर्क और अन्य मामलों की भी जांच कर सकती हैं।

बेकाबू ट्रेलर ने बाइक-सवार को कुचला, साथी गंभीर घायल:सड़क पर फैला खून; सीसीटीवी से फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिस

जयपुर में अजमेर-दिल्ली हाईवे स्थित बढ़ारना पुलिया पर सोमवार की शाम ट्रेलर ने बाइक सवार एक लड़के को कुचल दिया। हादसे में लड़के की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दौरान सड़क पर खून ही खून फैल गया। हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। विश्वकर्मा थाने के हेड कॉन्स्टेबल राजवीर सिंह ने बताया- सोमवार शाम करीब 6:50 बजे बढ़ारना पुलिया पर सड़क हादसे की सूचना मिली। हादसे में दौलतपुरा गांव निवासी इलियास (17) पुत्र इस्माइल की मौत हो गई। जबकि उसका साथी हरीश (14) पुत्र पूरणमल, निवासी पोखरियावाला ढाणी, दौलतपुरा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों मोटरसाइकिल से रोड नंबर-14, दिल्ली हाईवे की ओर जा रहे थे। बढ़ारना पुलिया के पास सड़क किनारे खड़ी एक पिकअप को ओवरटेक करते समय पीछे से तेज रफ्तार में आए ट्रेलर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही इलियास सड़क पर गिर गया और ट्रेलर उसके ऊपर से गुजर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हरीश गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। सूचना पर विश्वकर्मा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कांवटिया अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी ड्राइवर की तलाश में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।

108 पवित्र कलशों से भगवान श्री जगन्नाथ का दिव्य स्नान:अब अनवसरा काल में करेंगे विश्राम; मंदिर शिखर पर चढ़ाया ध्वज

प्रतापनगर (घरौंदा) स्थित श्री राधारमण खाटूश्याम मंदिर परिसर के श्री जगन्नाथ मंदिर में आज भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु, श्री बलभद्र जी एवं माता सुभद्रा जी का पावन स्नान यात्रा महोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ श्रद्धा एवं उल्लासपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र एवं माता सुभद्रा का 108 पवित्र कलशों के दिव्य जल, चंदन, औषधीय द्रव्यों तथा विभिन्न तीर्थों के पवित्र जल से महाअभिषेक किया गया। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिव्य स्नान के उपरांत भगवान को ज्वर हो जाता है, जिसके कारण वे अनवसरा (विश्राम काल) में चले जाते हैं। इस अवधि में भगवान भक्तों को दर्शन नहीं देते तथा आयुर्वेदिक उपचार के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ करते हैं। ध्वज की पूजा-अर्चना कर मंदिर शिखर पर फहराया इस अवसर पर श्री जगन्नाथ दर्शन चैरिटेबल ट्रस्ट, पुरी के कोर कमेटी सदस्य श्री ओमप्रकाश राजपुरोहित द्वारा श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी से लाया गया भगवान का पवित्र ध्वज, जिसे ‘पतित पावन बाना’ कहा जाता है, की विधिवत पूजा-अर्चना की गई और उसे श्री जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर विधिवत फहराया गया। श्री जगन्नाथ सेवक समिति के मुख्य सेवक श्री देबज्योति राय ने बताया कि परंपरा के अनुसार 30 जून से 15 जुलाई 2026 तक श्री जगन्नाथ मंदिर भक्तों के दर्शनार्थ बंद रहेगा। इसके पश्चात 15 जुलाई को भगवान नेत्रोत्सव दर्शन के माध्यम से पुनः भक्तों को दर्शन देंगे। वहीं 16 जुलाई 2026 को सायं 5:00 बजे भगवान श्री जगन्नाथ अपने बड़े भाई श्री बलभद्र एवं बहन माता सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर आरूढ़ होकर श्री गोविन्द देवजी मंदिर परिसर से चतुर्थ जयपुर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे। भगवान को अर्पित करेंगे आयुर्वेदिक काढ़ा इस वर्ष भगवान के स्वास्थ्य लाभ हेतु आरोहण आयुर्वेद के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य डॉ. के. वी. नरसिम्हा राजू को विशेष रूप से नियुक्त किया गया है। वे भगवान के लिए पारंपरिक आयुर्वेदिक काढ़ा तैयार करेंगे, जिसे प्रतिदिन भगवान को अर्पित किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इसी उपचार के पश्चात भगवान पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः अपने भक्तों को दर्शन देते हैं। स्नान यात्रा महोत्सव में ओमप्रकाश राजपुरोहित, श्री एम.एम. पालीवाल, अधीर कुमार बाग, श्री बिनोद राय, अभिनव सेन, श्रीमती ज्योति सागर राय, मनोज तोमर, लक्ष्मणजी और श्रीमती संगीता बाग सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु, समाजसेवी एवं भक्तगण उपस्थित रहे तथा भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया। अंत में श्री जगन्नाथ सेवक समिति ने समस्त श्रद्धालुओं से 16 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली भव्य जयपुर श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में सपरिवार सम्मिलित होकर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु के दिव्य दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया।

दो दिन से लापता युवक का शव खेत में मिला:मौत के कारणों की जांच में जुटी मुंडावर पुलिस

मुंडावर थाना क्षेत्र के बीजवाड़ चौहान निवासी 40 वर्षीय गोपाल सिंह जाटव का शव रविवार रात बिरोद के पास एक खेत में मिला। सूचना मिलने पर मुंडावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। थानाधिकारी मोहर सिंह मीणा ने बताया कि गोपाल सिंह दो दिन पहले घर से लापता हुए थे। मृतक के भाई मुकेश की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार, मौत के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

बांसवाड़ा का इनामी बदमाश गुजरात से गिरफ्तार:गांजा तस्कर और चेक बाउंस मामले में फरार आरोपी भी पकड़ा

बांसवाड़ा में वांटेड अपराधियों की धरपकड़ के लिए ‘ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2’ और ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ चलाया जा रहा है। इसके तहत बांसवाड़ा एसपी और एएसपी नरपत सिंह भाटी के सुपरविजन में टीमों ने तीन अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी सुधीर जोशी ने कहा कि जिले में अपराधियों, तस्करों और फरार वारंटियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2 के तहत आगे भी ऐसे वांछित अपराधियों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। अब पढ़िए- किस मामले में किसे पकड़ा

फलोदी में एक जुलाई से 'मां री संभाल' अभियान:डॉक्टर्स डे पर होगा आगाज, कलेक्टर ने ली बैठक

फलोदी जिले में गर्भवती महिलाओं के लिए “माँ री संभाल” अभियान 1 जुलाई 2026 को डॉक्टर्स डे पर शुरू होगा। इसका उद्देश्य गर्भावस्था से जुड़े जोखिमों की समय पर पहचान कर सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करना है। यह अभियान जिला प्रशासन और चिकित्सा विभाग, फलोदी द्वारा चलाया जाएगा। अभियान को लेकर बैठक अभियान के सफल क्रियान्वयन के संबंध में सोमवार को जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने चिकित्सा विभाग के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अभियान के तहत आयोजित शिविरों में प्रत्येक गर्भवती महिला की आवश्यक जांचें एक साथ की जाएंगी। इनमें हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर (बीपी), ब्लड ग्रुप और पेशाब (यूरिन) की जांचें शामिल हैं। इन जांचों के माध्यम से एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, संक्रमण या अन्य चिकित्सीय जटिलताओं की समय रहते पहचान की जा सकेगी। इससे जोखिम वाली गर्भावस्थाओं का समय पर उपचार और विशेष निगरानी संभव होगी, जिससे सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ मातृत्व सुनिश्चित किया जा सकेगा। अधिकतम लाभार्थियों को लाभ पहुंचाने का आह्लान जिला कलेक्टर ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान सभी शिविरों में आवश्यक जांच सुविधाएं, चिकित्सकीय संसाधन और पर्याप्त मानवबल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रत्येक गर्भवती महिला का समयबद्ध पंजीकरण, जांच और फॉलोअप सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि अभियान का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंच सके। अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत पर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और महिला प्रसविका अपनी सेवाएं देंगे। जिला कलेक्टर ने सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से अपील की है कि वे “माँ री संभाल” अभियान का लाभ उठाएं। उन्होंने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पर पहुंचकर सभी आवश्यक जांचें करवाने और सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सहभागी बनने का आग्रह किया। इस संबंध में हुई बैठक में सीएमएचओ डॉ. प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

ट्राइबल पीएचडी शोधार्थियों को हर महीने 37 हजार की फैलोशिप:टीएसपी एरिया के शोधार्थी कर सकते आवेदन, लास्ट डेट कल

ट्राइबल क्षेत्र के पीएचडी शोधार्थियों को हर महीने 37 हजार फैलोशिप से लेकर अन्य लाभ दिए जाते हैं। इसके लिए आवेदन करने की लास्ट डेट 30 जून है। माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर ने टीएसपी क्षेत्र और बारां जिले की शाहबाद और किशनगंज तहसील के जनजाति वर्ग के पीएचडी शोधार्थियों से शोध फैलोशिप छात्रवृत्ति(स्कॉलरशिप) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन 30 जून की शाम 5 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। संस्थान के निदेशक ओपी जैन ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य जनजाति वर्ग के शोधार्थियों को आर्थिक सहयोग देकर उच्च शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना है। योजना से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। ये पात्रता जरूरी हैं यह लाभ सरकार देगी
जैन ने बताया कि चयनित शोधार्थियों को हर महीने 37 हजार रुपए की फैलोशिप, 3,330 रुपए प्रतिमाह मकान किराया भत्ता और शोध अवधि के दौरान 40 हजार रुपए आकस्मिक निधि के रूप में दिए जाएंगे। गलत जानकारी देने पर फैलोशिप राशि लौटानी होगी
जैन ने बताया कि यदि कोई अभ्यर्थी गलत जानकारी देकर फैलोशिप प्राप्त करता है या निर्धारित समय में शोध पूरा नहीं करता और शोध अवधि समाप्त होने के एक साल के भीतर शोध प्रबंध जमा नहीं करता है, तो उसे दी गई पूरी फैलोशिप राशि वापस वसूल की जाएगी। विभाग का उद्देश्य गंभीर और समयबद्ध शोध कार्य को प्रोत्साहित करना है।

धरियावद में वन विभाग की कार्रवाई पर विवाद:विधायक और ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, वन कर्मियों पर कार्रवाई की मांग

प्रतापगढ़ के धरियावद में एक सप्ताह पहले वन विभाग की ओर से की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का मामला अब तूल पकड़ रहा है। इस कार्रवाई के विरोध में आज बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विधायक थावरचंद डामोर के नेतृत्व में पहले उपखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और बाद में उदयपुर रोड पर धरना प्रदर्शन करते हुए कुछ देर के लिए जाम लगा दिया। विभाग के अधिकारियों ने की समझाइश सूचना मिलने पर उपखंड अधिकारी अश्विनी मालू और पुलिस उप अधीक्षक नानालाल सालवी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, लेकिन बात नहीं बन पाई। इसके बाद प्रदर्शनकारी वन विभाग के रेंज कार्यालय को घेरने के लिए निकल पड़े। धरियावद विधायक थावरचंद डामोर ने बताया कि एक सप्ताह पहले वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जून बोरिया गांव में नाथ परिवारों के निर्माणाधीन मकानों को ध्वस्त कर दिया था। वन विभाग का दावा था कि यह निर्माण वन भूमि पर अतिक्रमण करके किया जा रहा था। हालांकि, विधायक के अनुसार, मौके पर मौजूद पटवारी और तहसीलदार ने इसे चारागाह भूमि बताया था, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी खातेदारी भूमि है। इस मुद्दे पर शुरुआत से ही विवाद था। वन कर्मियों पर कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने पहले ही प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि गरीबों के आशियाने गिराने वाले वन कर्मियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन किया जाएगा। समय बीतने के बाद भी कार्रवाई न होने पर आज विधायक थावरचंद डामोर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों के लोग और ग्रामीण उपखंड कार्यालय पहुंचे और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। बाद में सभी धरियावद-उदयपुर मार्ग पर पहुंचे और सड़क जाम कर दी। सूचना पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे उपखंड अधिकारी अश्विनी मालू और पुलिस उप अधीक्षक नानालाल सालवी ने प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत शुरू की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। विधायक बोले-कार्रवाई के नाम पर मजदूरों का मकान उजाड़ा इस दौरान विधायक डामोर ने कहा कि वन विभाग कार्रवाई के नाम पर गरीब मजदूर परिवारों के मकान उजाड़ रहा है, उनकी मानवीय संवेदनाएं खत्म हो चुकी है केवल अपना रोब दिखाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है, जब तक ऐसे वन कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा, उन्होंने मांग की की ऐसे लोगों को निलंबित कर मामले की जांच की जाए साथ ही गरीब परिवारो के मकान बनाकर उन्हे प्रदान किये जाए, इसके बाद प्रदर्शनकारी प्रादेशिक वन क्षेत्र कार्यालय का घेराव करने के लिए निकल पड़े।

स्लीपर-सेल बबीता धाकड़ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेशी:15 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ी, खदीजा को सुरक्षा कारणों से जेल से ही किया गया पेश

आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा की सोमवार को जयपुर जिला अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। अदालत ने उसकी न्यायिक हिरासत 15 दिन के लिए बढ़ाते हुए जेल में ही रखने के आदेश दिए हैं। जयपुर जिला अदालत के सीजेएम-2 की कोर्ट में सोमवार को बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराई गई। सुरक्षा कारणों के चलते उसे जेल से कोर्ट नहीं लाया गया। पेशी से पहले एटीएस की टीम ने अदालत में आरोपी का वारंट पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने बबीता धाकड़ की न्यायिक हिरासत 15 दिनों के लिए बढ़ा दी और उसे जेल में ही रखने के आदेश दिए। इससे पहले शनिवार को सात दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद एटीएस ने उसे जयपुर की वेकेशन कोर्ट में पेश किया था, जहां से दो दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। राजस्थान एटीएस ने बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को 20 जून को जयपुर से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी गतिविधियों में शामिल थी। गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने उससे सात दिन तक गहन पूछताछ की। फिलहाल बबीता धाकड़ न्यायिक हिरासत में जेल में है। एटीएस मामले की जांच जारी रखते हुए उसके संपर्कों, डिजिटल सबूतों और कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

जोधपुर में ट्रक-टैक्सी भिड़ंत में ड्राइवर की मौत:बुजुर्ग मां बोली- पहले पति चले गए, अब इकलौता बेटा भी छिन गया; कमाने वाला कोई नहीं बचा

जोधपुर के लूणी थाना क्षेत्र में सजाड़ा के पास पत्थर से भरे एक ट्रक और टैक्सी में भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में टैक्सी ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसने जोधपुर के मथुरादास माथुर (MDM) हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की सूचना के बाद परिजनों ने शाम को अस्पताल के गेट के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों की मांग थी कि पुलिस हादसे के जिम्मेदार ट्रक ड्राइवर को तुरंत गिरफ्तार करे। हालांकि, बाद में पुलिस की समझाइश और आश्वासन के बाद आक्रोशित परिजन शांत हुए। हादसा सोमवार सुबह करीब 4 बजे हुआ। जोधपुर की मदेरणा कॉलोनी का रहने वाला मोहम्मद शरीफ (46) अपनी टैक्सी से रेलवे स्टेशन से सजाड़ा धाम सवारी छोड़कर वापस लौट रहा था। टोल नाके से थोड़ा आगे कृष्णा होटल के पास सामने से आ रहे पत्थर से भरे ट्रक ने उसकी टैक्सी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मोहम्मद शरीफ गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीर उसे तुरंत एमडीएम (MDM) हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने टैक्सी जब्त की, अस्पताल के बाहर जुटी भीड़ घटना की सूचना मिलने के बाद लूणी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त टैक्सी को सड़क से हटवाकर खेजड़ली चौकी में रखवाया। इसके साथ ही फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। इधर, हादसे के बाद कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजन और समाज के लोग मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए। सूचना मिलने पर शास्त्रीनगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों से समझाइश कर उन्हें शांत करवाया। लूणी पुलिस का कहना है कि ट्रक चालक की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ‘पापा चले गए, अब हमारा कौन है…’ कहकर बार-बार बेहोश हो रही बेटी हादसे की खबर सुनकर मृतक की बड़ी बेटी हिना का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपने पिता को याद कर बार-बार बेसुध हो रही है। हिना ने रोते हुए बताया, “हम चार बहनें हैं। हमारा पालन-पोषण करने वाले पापा ही हमें छोड़कर चले गए। अब हमारे परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा है।” इतना कहते ही हिना फिर से बेहोश हो गई, जिसे वहां मौजूद लोगों ने संभाला। घर का इकलौता सहारा छिना, पत्नी 5 महीने की गर्भवती मृतक की मां सायरा बानो ने बताया कि उनका बेटा रविवार शाम को घर से टैक्सी लेकर निकला था। दिनभर कोई सवारी नहीं मिली तो वह घर नहीं आया। रात को जब सवारी मिली, तो वह उसे छोड़ने सजाड़ा धाम गया था। वहां से लौटते समय यह हादसा हो गया। सायरा बानो ने रोते हुए बताया, “मेरे पति की पहले ही मौत हो चुकी है। बेटा ही घर में अकेला कमाने वाला था, अब वह भी चला गया। बहू 5 महीने की गर्भवती है, अब इस परिवार का गुजारा कैसे होगा?” किराए की टैक्सी चलाकर पालता था पेट, मुआवजे की मांग पड़ोस में रहने वाले ताजुल ने बताया कि मोहम्मद शरीफ किराए पर टैक्सी लेकर चलाता था। कभी कमाई होती थी तो कभी नहीं। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, इसलिए सरकार को पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद पुलिस ने भी परिजनों को सही तरीके से जवाब नहीं दिया।