जोधपुर में ट्रक-टैक्सी भिड़ंत में ड्राइवर की मौत:बुजुर्ग मां बोली- पहले पति चले गए, अब इकलौता बेटा भी छिन गया; कमाने वाला कोई नहीं बचा
जोधपुर के लूणी थाना क्षेत्र में सजाड़ा के पास पत्थर से भरे एक ट्रक और टैक्सी में भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में टैक्सी ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसने जोधपुर के मथुरादास माथुर (MDM) हॉस्पिटल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की सूचना के बाद परिजनों ने शाम को अस्पताल के गेट के बाहर प्रदर्शन किया। परिजनों की मांग थी कि पुलिस हादसे के जिम्मेदार ट्रक ड्राइवर को तुरंत गिरफ्तार करे। हालांकि, बाद में पुलिस की समझाइश और आश्वासन के बाद आक्रोशित परिजन शांत हुए। हादसा सोमवार सुबह करीब 4 बजे हुआ। जोधपुर की मदेरणा कॉलोनी का रहने वाला मोहम्मद शरीफ (46) अपनी टैक्सी से रेलवे स्टेशन से सजाड़ा धाम सवारी छोड़कर वापस लौट रहा था। टोल नाके से थोड़ा आगे कृष्णा होटल के पास सामने से आ रहे पत्थर से भरे ट्रक ने उसकी टैक्सी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मोहम्मद शरीफ गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीर उसे तुरंत एमडीएम (MDM) हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने टैक्सी जब्त की, अस्पताल के बाहर जुटी भीड़ घटना की सूचना मिलने के बाद लूणी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त टैक्सी को सड़क से हटवाकर खेजड़ली चौकी में रखवाया। इसके साथ ही फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। इधर, हादसे के बाद कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक के परिजन और समाज के लोग मथुरादास माथुर (MDM) अस्पताल के बाहर एकत्रित हो गए। सूचना मिलने पर शास्त्रीनगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों से समझाइश कर उन्हें शांत करवाया। लूणी पुलिस का कहना है कि ट्रक चालक की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ‘पापा चले गए, अब हमारा कौन है…’ कहकर बार-बार बेहोश हो रही बेटी हादसे की खबर सुनकर मृतक की बड़ी बेटी हिना का रो-रोकर बुरा हाल है। वह अपने पिता को याद कर बार-बार बेसुध हो रही है। हिना ने रोते हुए बताया, “हम चार बहनें हैं। हमारा पालन-पोषण करने वाले पापा ही हमें छोड़कर चले गए। अब हमारे परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा है।” इतना कहते ही हिना फिर से बेहोश हो गई, जिसे वहां मौजूद लोगों ने संभाला। घर का इकलौता सहारा छिना, पत्नी 5 महीने की गर्भवती मृतक की मां सायरा बानो ने बताया कि उनका बेटा रविवार शाम को घर से टैक्सी लेकर निकला था। दिनभर कोई सवारी नहीं मिली तो वह घर नहीं आया। रात को जब सवारी मिली, तो वह उसे छोड़ने सजाड़ा धाम गया था। वहां से लौटते समय यह हादसा हो गया। सायरा बानो ने रोते हुए बताया, “मेरे पति की पहले ही मौत हो चुकी है। बेटा ही घर में अकेला कमाने वाला था, अब वह भी चला गया। बहू 5 महीने की गर्भवती है, अब इस परिवार का गुजारा कैसे होगा?” किराए की टैक्सी चलाकर पालता था पेट, मुआवजे की मांग पड़ोस में रहने वाले ताजुल ने बताया कि मोहम्मद शरीफ किराए पर टैक्सी लेकर चलाता था। कभी कमाई होती थी तो कभी नहीं। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, इसलिए सरकार को पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद पुलिस ने भी परिजनों को सही तरीके से जवाब नहीं दिया।

