सांप के डसने से युवक की मौत:खेत में काम करते समय डसा, इलाज के दौरान तोड़ा दम

कोटा जिले के मोडक थाना क्षेत्र के सोहनखेड़ी गांव निवासी एक युवक की सांप के डसने के बाद झालावाड़ जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार सोहनखेड़ी निवासी 27 वर्षीय अनिल पुत्र बाबूलाल 2 दिन पहले खेत में सफाई का कार्य कर रहा था। इसी दौरान उसे किसी जहरीले जीव-जंतु, संभवतः सांप ने डस लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत रामगंजमंडी के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। झालावाड़ अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह करीब 3:30 बजे अनिल की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवाया और मोडक पुलिस को सूचना दी। दोपहर में मोडक पुलिस झालावाड़ अस्पताल पहुंची और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि अनिल खेती के साथ-साथ मजदूरी का कार्य भी करता था।

गोपालपुरा कट पर लगाए बैरिकेड और स्पीड ब्रेकर:हादसे में चाचा-भतीजी की मौत के बाद कार्रवाई, ग्रामीणों की सहमति से लगे

कोटपूतली के नारेहड़ा-पनियाला बाईपास रोड स्थित गोपालपुरा कट पर मंगलवार को हुए सड़क हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। ग्रामीणों के आक्रोश और प्रशासन के साथ हुई वार्ता में बनी सहमति के बाद, दुर्घटना संभावित इस स्थल को सुरक्षित बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी में बैरिकेडिंग की गई और स्पीड ब्रेकर लगाए गए। ये कदम दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मंगलवार को गोपालपुरा कट पर हुए एक भीषण हादसे में मोटरसाइकिल सवार चाचा और उनकी मासूम भतीजी की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर स्थाई सुरक्षा उपाय, स्पीड ब्रेकर और अवैध कटों को बंद करने की मांग की थी। एसडीएम योगेश सिंह देवल ने बताया कि गोपालपुरा कट पर हुआ हादसा दुर्भाग्यपूर्ण था। हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सकारात्मक वार्ता हुई, जिसमें सुरक्षा उपायों पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि आमजन और राहगीरों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वार्ता में तय किए गए सभी सुरक्षा उपायों को अब चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। हाईवे अथॉरिटी के समन्वय से इस पूरे स्ट्रेच पर रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड और अन्य आवश्यक कार्य भी जल्द पूरे कराए जाएंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने कुछ राहत महसूस की है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास के अन्य खतरनाक कटों पर भी ऐसे ही स्थायी इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

ट्रक में घुसी कार, औरंगाबाद के चार लोगों की मौत:दो की हालत गंभीर, एक घंटे फंसे रहे; मंदसौर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हादसा

मंदसौर में दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर एक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दुर्घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुई। सीतामऊ थाना पुलिस के मुताबिक, रेनॉल्ट ट्राइबर कार में छह लोग सवार थे। सभी महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। वे दिल्ली मोबाइल इक्विपमेंट का सामान लेने जा रहे थे, लेकिन इस बीच तितरोद में हादसे का शिकार हो गए। पुलिस के मुताबिक, परिजनों को सूचना दे दी गई है। संभवतः वह गुरुवार देर रात या शुक्रवार सुबह तक मंदसौर पहुंचेंगे, जिसके बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू होगी। चारों शवों को सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही रखा गया है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। उसमें सवार लोग करीब एक घंटे तक अंदर फंसे रहे। पुलिस से पहले राहगीरों ने रेस्क्यू किया हादसे के बाद कार में सवार लोग करीब एक घंटे तक वाहन में फंसे रहे। राहगीरों और अन्य वाहन चालकों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों और मृतकों को कार से बाहर निकाला गया। हादसे में इनकी हुई मौत ये हुए घायल देखिए हादसे के बाद की तस्वीरें… पुलिस बोली- तेज रफ्तार के कारण हुआ हादसा हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और एक्सप्रेस-वे के निगरानी सिस्टम की मदद से ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सीतामऊ थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे का कारण माना जा रहा है।

लापता युवक के कपड़े, जूते चंबल किनारे मिले:2 महीने बाद भी नहीं लगा सुराग, परिजनों ने तलाश तेज करने की लगाई गुहार

धौलपुर में 18 अप्रैल से लापता युवक का 2 महीने बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। गुरुवार को चंबल नदी के किनारे मध्य प्रदेश सीमा क्षेत्र में उसके कपड़े, जूते और कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं। परिजनों ने इन सामानों की पहचान सत्य प्रकाश के रूप में की है। समोना निवासी 28 वर्षीय सत्य प्रकाश पुत्र सुल्तान सिंह 18 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। उसी दिन उसकी बाइक और मोबाइल फोन पुराने चंबल पुल पर मिले थे। तब से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों ने सामान की पहचान की
गुरुवार को चंबल नदी के किनारे मिले कपड़ों, जूतों और दस्तावेजों की सूचना पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने बरामद सामान की पहचान की। इस घटना की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई है। परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से मामले में गंभीरता बरतते हुए युवक की तलाश तेज करने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि 2 महीने से परिवार अनिश्चितता और मानसिक तनाव में है, लेकिन सत्य प्रकाश के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने बरामद सामान की जानकारी लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। युवक की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

नाथद्वारा की बेटियों ने जीते 4 गोल्ड:माद्री को 3 पोषिता को 1 स्वर्ण; 4 घंटे करती हैं प्रैक्टिस

नाथद्वारा की दो होनहार बेटियों ने तैराकी के क्षेत्र में शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए नगर का नाम रोशन किया है। जिला स्तरीय सब जूनियर तैराकी प्रतियोगिता में दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल चार स्वर्ण पदक अपने नाम किए और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई किया। बेटियों ने जीते 4 गोल्ड कांकरोली स्थित मेवाड़ क्लब तरणताल में आयोजित प्रतियोगिता में नाथद्वारा की तैराक माद्री आशीष कुमार सिंह ने फ्री स्टाइल स्पर्धा के 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर वर्ग में प्रथम स्थान हासिल कर तीन स्वर्ण पदक जीते। वहीं पोषिता माली ने बैक स्ट्रोक स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता के लिए हुआ है। अब वे आगामी 2 जुलाई से उदयपुर के खेलगांव में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। 4 घंटे करतीं हैं प्रैक्टिस दोनों छात्राएं नियमित रूप से सुबह और शाम करीब चार घंटे तैराकी का अभ्यास करती हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन का परिणाम है कि उन्होंने जिला स्तर पर सफलता हासिल कर राज्य स्तर तक अपनी जगह बनाई है। उनकी उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने खुशी जताते हुए शुभकामनाएं दी हैं।

गहलोत बोले- डोटासरा पर लगाए आरोप सरासर झूठे:कहा-किरोड़ी पर आरोप लगे तो तिलमिला गए, कह रहे हैं-सीएम के दबाव में एसीबी उन्हें फंसा रही है

पूर्व सीएम अशोक गहलोत और उनके कुछ समर्थक नेता कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के समर्थन में खुलकर उतर गए हैं। गहलोत ने कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ बयान जारी कर डोटासरा का पक्ष लिया है। गहलोत ने डोटासरा पर लगाए गए आरापों को सरासर झूठा बताया है। गहलोत ने एक्स पर लिखा- डॉ किरोड़ीलाल मीणा सरकार बनने से पहले और अब मंत्री रहते हुए भी हम सब पर लगातार आरोप लगाते घूम रहे हैं, पर इनका एक भी आरोप किसी पर सिद्ध नहीं हुआ है। भाजपा सरकार आने के ढ़ाई साल में इनके सब आरोप हवा में उड़ चुके हैं। अब इन पर आरोप लग गए तो ये तिलमिला गए हैं और बयान दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री के दबाव में एसीबी उन्हें फंसा रही है। अब वे जनता के सामने पूरी तरह एक्सपोज हो गए हैं। खुद को घिरता देख किरोड़ी डोटासरा पर झूठे आरोप लगा रहे गहलोत ने लिखा- खुद को घिरता देख इस सब से ध्यान भटकाने के लिए किरोड़ी लाल मीणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर अनर्गल और सरासर झूठे आरोप लगाना रहे हैं। यह उनकी हताशा को साफ दर्शाता है। जनता सब देख रही है, इस झूठ की राजनीति का अंत निश्चित है। डोटासरा पर आरापों से हमारी पार्टी में रिएक्शन, पार्टी अध्यक्ष की प्रतिष्ठा होती है : गहलोत जोधपुर में मीडिया से बातचीत में भी किरोड़ी पर निशाना साधा। गहलोत ने कहा- राजनीति में झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। आपने तो देखा वो लगातार आंदोलन करते रहते हैं। वो एक अलग किस्म के प्राणी हैं। गहलोत ने कहा कि किरोड़ी लाल मीणा पहले भी आरोप लगाते थे, अब भी लगा रहे हैं, जो कि अनावश्यक है। पार्टी अध्यक्ष की एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पर आप बार-बार चोट कर रहे हो, बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हो,तो आप बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है। डोटासरा को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के? हम सब को लगता है। ये किरोड़ी को खुद को सोचना चाहिए। गहलोत ने कहा- छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो लोग जाते हैं वो वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है। गहलोत समर्थक पूर्व मंत्री रामलाल जाट का किरोड़ी पर तंज, कहा- झूठ की राजनीति का अंत तय गहलोत समर्थक पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने भी डोटासरा का पक्ष लेते हुए किरोड़ी पर निशाना साधा है। रामलाल जाट ने एक्स पर लिखा- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर अनर्गल और सरासर झूठे आरोप लगाना किरोड़ी की हताशा को साफ दर्शाता है। जनता सब देख रही है, इस झूठ की राजनीति का अंत तय है। गहलोत के डोटासरा के समर्थन में उतरने के सियासी मायने, इसमें भविष्य के सियासी संकेत छिपे किरोड़ीलाल मीणा लंबे समय से गोविंद सिंह डोटासरा पर पेपरलीक से लेकर अपने रिश्तेदारों और परिवार के लोगों को गलत तरीके से आरएस बनवाने के आरोप लगाते रहे हैं। इस बार किरोड़ी ने डोटासरा पर आरोप लगाए तो गहलोत और उनके समर्थक नेता डोटासरा के पक्ष में उतर गए। कांग्रेस के विपक्ष में आने के यह पहला मौका है जब गहलोत ने इस तरह खुलकर डोटासरा का बचाव किया है। गहलोत के इस बयान को कांग्रेस की अंदरूनी सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है। इसे भविष्य के सियासी समीकरण साधने से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस की खेमेबंदी की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरणों की तरफ भी इशारा करता है। — ये खबर भी पढ़ें… डोटासरा बोले-गहलोत के पैरों में गिरकर रोए थे किरोड़ी:बेनीवाल को चैलेंज किया था,10 मिनट में सरेंडर हो गए; नैतिकता है तो इस्तीफा देना चाहिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने आरोप लगाया है कि किरोड़ी लाल मीणा तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाए थे। डोटासरा ने किरोड़ी पर खाद-बीज छापों के नाम पर करोड़ों रुपए की अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। (पूरी खबर पढ़ें) गहलोत बोले- किरोड़ी रिश्वत-मामले में लिप्त या एसीबी फंसा रही?:डोटासरा ने कहा- दूसरों पर कीचड़ उछालने वाले कृषि मंत्री किस डर से इतना तिलमिला रहे कृषि मंत्री डॉ किरोड़ीलाल मीणा के जयपुर में ​एसीबी मुख्यालय पहुंचकर खुद को बदनाम करने और जांच एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाने के मामले में अब कांग्रेस ने तंज कसा है। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने किरोड़ी के बयान पर तंज कसते हुए इसे बीजेपी की अंदरूनी कलह से जोड़ा है। (पूरी खबर पढ़ें)

गर्लफ्रेंड के साथ पकड़ा गया पति, पत्नी ने पीटा:जयपुर में बीच सड़क हाई वोल्टेज ड्रामा, प्रेमिका को बाल पकड़कर घसीटा, थप्पड़ जड़े

जयपुर में पति-पत्नी और ‘वो’ का हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। पत्नी ने पीछा कर बाइक पर गर्लफ्रेंड को बैठाकर ले जा रहे पति को पकड़ लिया। पत्नी ने आव देखा न ताव, बीच सड़क पर ही पति और उसकी गर्लफ्रेंड की धुनाई शुरू कर दी। उसने गर्लफ्रेंड को बाल पकड़कर घसीटा और थप्पड़ लगाए। पति के बीच-बचाव करने पर पत्नी का गुस्सा और भड़क गया। बीच सड़क उसने पति पर भी जमकर थप्पड़-घूंसे बरसाए। इस दौरान भीड़ महिला को पति की और धुनाई करने के लिए उकसाती रही। यह पूरी घटना टोंक रोड पर गांधी नगर रेलवे स्टेशन के पास गोल्डन लीफ बिल्डिंग के सामने हुई। हाईवोल्टेज ड्रामे की 4 तस्वीरें… सुबह से कर रही थी जासूसी, बाइक पर ‘सौतन’ को बैठते ही पकड़ा जानकारी के अनुसार, महिला को पिछले कुछ समय से अपने पति के अफेयर का शक था। पति घर पर रोज उसके साथ मारपीट करता था। तंग आकर महिला ने खुद ही पति की जासूसी करने की ठानी। सुबह जैसे ही पति बाइक लेकर घर से निकला, पत्नी ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ दूर आगे बढ़ते ही पति ने अपनी गर्लफ्रेंड को बाइक पर बैठा लिया। यह देखते ही पत्नी का खून खौल गया। उसने पीछा कर गोल्डन लीफ बिल्डिंग के पास पति की बाइक रुकवा ली। गर्लफ्रेंड को गाड़ी से उतारा, बाल पकड़कर घसीटा बाइक रुकते ही पत्नी ने ‘वो’ यानी पति की गर्लफ्रेंड को नीचे उतारा और उसके बाल पकड़कर थप्पड़ों की बौछार कर दी। गर्लफ्रेंड को पिटता देख पति अपनी बाइक को सड़क पर ही गिराकर बीच-बचाव करने लगा। पति जैसे ही गर्लफ्रेंड को बचाने आगे आया, पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने पति की कॉलर पकड़ ली और उस पर भी थप्पड़-घूंसे बरसाने शुरू कर दिए। लाइव ड्रामा देख जुटी भीड़ बीच सड़क पर चल रहे इस ड्रामे को देखने के लिए भीड़ जुट गई। लोग अपने मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो बनाने लगे। इस दौरान तमाशबीन बनी भीड़ ने महिला को और उकसाया। भीड़ में से आवाजें आने लगीं- सौतन को छोड़ो, पहले इस पति की धुनाई करो। भीड़ की डिमांड पर पत्नी ने पति को जमकर सबक सिखाया। इस बीच पति ने जैसे-तैसे अपनी गर्लफ्रेंड को भीड़ और पत्नी के चंगुल से छुड़ाकर वहां से रवाना किया। चेहरा बेनकाब कर पीटा, बोली- रोज मुझे मारता था, आज इसकी बारी पति ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था और मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। भीड़ ने चिल्लाकर कहा- इसका हेलमेट हटाओ, चेहरा दिखाओ। पत्नी ने तुरंत पति का हेलमेट और मुंह पर बंधा कपड़ा खोलकर उसे बेनकाब कर दिया। इसके बाद पत्नी ने भीड़ से पीटने के लिए चप्पल मांगी। पति को पीटते हुए महिला चिल्लाई- यह रोज घर पर मेरे साथ मारपीट करता है, मैं सब सहती रही, आज इसे नहीं छोड़ूंगी। पुलिस बोली- कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई, जांच जारी करीब 15 मिनट तक टोंक रोड पर यह तमाशा चलता रहा। बाद में कुछ समझदार लोगों ने हस्तक्षेप किया और मामले को घर पर सुलझाने की बात कहकर दोनों को वहां से विदा किया। इस पूरे मामले पर बजाज नगर थाना प्रभारी (SHO) रामधन मीणा ने कहा- यह घटना करीब दो दिन पुरानी है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आया है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई लिखित रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई है। प्रारंभिक जांच में वीडियो में दिख रहे लोग पति-पत्नी बताए जा रहे हैं। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है। — यह खबर भी पढ़िए… इन्फ्लूएंसर ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर किया पति का मर्डर:पत्नी ने घर छोड़कर जाने को कहा था, प्रेमी ने शराब पिलाकर टैंक में फेंका बाड़मेर में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। पति का शव 4 जून को टैंक (टांके) में पड़ा मिला था। पुलिस ने गुरुवार को आरोपी पत्नी और प्रेमी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं आरोपी प्रेमी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)

सीमावर्ती जिलों में मस्जिद व मदरसों पर कार्रवाई का विरोध:चोपदार ने सरकार को घेरा, बोले-आस्था और संवैधानिक अधिकारों पर उठ रहे सवाल

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस (अल्पसंख्यक विभाग) के प्रदेश अध्यक्ष एमडी चोपदार ने जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर समेत सीमावर्ती जिलों में मस्जिदों, मजारों और मदरसों पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर की जा रही कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सदियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की परंपरा रही है, वहां धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की जा रही कार्रवाई चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। चोपदार ने कहा कि मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को चुनिंदा रूप से हटाया जाना केवल भवनों को तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि इससे लाखों लोगों की धार्मिक आस्था और संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान इन सीमावर्ती इलाकों में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने मिलकर देश की रक्षा में योगदान दिया था। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की निष्ठा और धार्मिक भावनाओं पर संदेह पैदा करने वाली किसी भी कार्रवाई से बचना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि संवेदनशील मामलों में अचानक नोटिस जारी कर कुछ ही घंटों के भीतर वर्षों पुराने ढांचों को ध्वस्त किए जाने से प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यह कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष जांच के आधार पर हो रही है या फिर किसी राजनीतिक दबाव के तहत की जा रही है। चोपदार ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले पारदर्शी जांच, स्थानीय समुदायों की सुनवाई और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल किसी भी समुदाय की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का हिस्सा होते हैं और इनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ही सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से भी अपील की कि सीमावर्ती जिलों में चल रही कार्रवाई की समीक्षा कराई जाए और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। चोपदार ने कहा कि देश और उसकी सुरक्षा सर्वोपरि है तथा संविधान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष भी उठाया गया है। उनके अनुसार, कांग्रेस अल्पसंख्यकों के साथ किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक एवं कानूनी माध्यमों से लोगों की आस्था तथा थार की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

सीमावर्ती जिलों में मस्जिद व मदरसों पर कार्रवाई का विरोध:चोपदार ने सरकार को घेरा, बोले-आस्था और संवैधानिक अधिकारों पर उठ रहे सवाल

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस (अल्पसंख्यक विभाग) के प्रदेश अध्यक्ष एमडी चोपदार ने जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर समेत सीमावर्ती जिलों में मस्जिदों, मजारों और मदरसों पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर की जा रही कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में सदियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक सौहार्द की परंपरा रही है, वहां धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की जा रही कार्रवाई चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। चोपदार ने कहा कि मस्जिदों, मदरसों और दरगाहों को चुनिंदा रूप से हटाया जाना केवल भवनों को तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि इससे लाखों लोगों की धार्मिक आस्था और संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान इन सीमावर्ती इलाकों में सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने मिलकर देश की रक्षा में योगदान दिया था। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की निष्ठा और धार्मिक भावनाओं पर संदेह पैदा करने वाली किसी भी कार्रवाई से बचना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि संवेदनशील मामलों में अचानक नोटिस जारी कर कुछ ही घंटों के भीतर वर्षों पुराने ढांचों को ध्वस्त किए जाने से प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या यह कार्रवाई पूरी तरह निष्पक्ष जांच के आधार पर हो रही है या फिर किसी राजनीतिक दबाव के तहत की जा रही है। चोपदार ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले पारदर्शी जांच, स्थानीय समुदायों की सुनवाई और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल किसी भी समुदाय की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का हिस्सा होते हैं और इनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ही सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से भी अपील की कि सीमावर्ती जिलों में चल रही कार्रवाई की समीक्षा कराई जाए और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। चोपदार ने कहा कि देश और उसकी सुरक्षा सर्वोपरि है तथा संविधान की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष भी उठाया गया है। उनके अनुसार, कांग्रेस अल्पसंख्यकों के साथ किसी भी प्रकार के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक एवं कानूनी माध्यमों से लोगों की आस्था तथा थार की सांस्कृतिक विविधता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।

राज्य में 1.11 करोड़ गोवंश को लगाई जाएगी वैक्सीन:पशुपालन मंत्री ने ब्यावर में किया लम्पी टीकाकरण के दूसरे चरण का आगाज

राजस्थान में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) से गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए राज्य स्तरीय टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण का शुभारम्भ ब्यावर में किया गया।
पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने तिजारती सर्राफान चैम्बर गोशाला में इस अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर मंत्री ने पशुपालकों से अपने पशुओं का ज्यादा से ज्यादा संख्या में टीकाकरण कराने का आह्वान किया। मंत्री कुमावत ने बताया कि 2 साल पहले लम्पी रोग के लिए अलग से कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी, तब गोट पॉक्स वैक्सीन का इस्तेमाल किया गया था, जिससे पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई थी।
उन्होंने कहा कि अब लम्पी रोग के लिए विशेष वैक्सीन उपलब्ध है, जिससे यह अभियान और अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने गोशालाओं में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को जल्द सुरक्षा मिल सके। ब्यावर में 1.23 लाख गोवंश को लगेगा टीका
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में प्रदेशभर में 108.95 लाख गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया गया था। वहीं वर्ष 2026-27 के लिए 111.51 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ब्यावर जिले में इस वर्ष 1 लाख 23 हजार 936 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा। इस अभियान में होमोलॉगस रांची स्ट्रेन लाइव एटेन्यूएटेड वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है। इस मौके पर ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने कहा कि लम्पी टीकाकरण अभियान का राज्य स्तरीय शुभारम्भ ब्यावर से होना जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। विधायक ने क्षेत्र में नई गोशालाओं के संचालन और विस्तार की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्म लाल जाट, पूर्व सभापति नरेश कनोजिया, पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, गोशाला संचालक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।