सांसद इकरा हसन बोलीं- संसद में सिर्फ 2 मुस्लिम महिलाएं:यह स्थिति हमें आईना दिखाती है; तालीमी कॉन्फ्रेंस में कहा- बेटियों को जरूर पढ़ाएं

उत्तर प्रदेश के कैराना से सांसद चौधरी इकरा हसन ने कहा- देश की इतनी बड़ी आबादी के बावजूद संसद में केवल दो मुस्लिम महिला सांसद हैं। यह स्थिति हमें आईना दिखाती है कि हमें अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए कितना और प्रयास करने की जरूरत है। वे रविवार को झुंझुनूं शहर के कर्बला मैदान में मुस्लिम वेलफेयर फ्रंट, झुंझुनूं की ओर से ‘इस्लाह-ए-मुआशरा एवं तालीमी कॉन्फ्रेंस’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थीं। उन्होंने शिक्षा को समाज और कौम की तरक्की की सबसे बड़ी ताकत बताया। साथ ही कहा कि बेटियों को जरूर पढ़ाएं। उन्होंने कहा कि बॉर्डर इलाकों में मस्जिदों को गिराए जाने की घटनाएं लोकतंत्र की हत्या है। यदि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है, तो यह कानून और संविधान की गरिमा के खिलाफ है। कॉन्फ्रेंस में आए पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा- आज शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है, जहां हर कोई टॉपर बच्चों के पीछे भागता है। लेकिन असली शिक्षा वह है, जो एक कमजोर और ‘लूजर’ माने जाने वाले बच्चे को काबिल बनाकर समाज की मुख्यधारा में खड़ा कर दे। ​फौलादी इरादों से ही लिखा जाता है इतिहास
​मोटिवेशनल स्पीकर मुनव्वर ज़मां ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा- बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए आलीशान संस्थानों की नहीं, बल्कि फौलादी इरादों की जरूरत होती है। जो इंसान अपने काम में पसीना बहाता है, वही इतिहास बदलता है। उन्होंने समाज को संदेश दिया कि आपसी गिले-शिकवे भुलाकर ‘माफ करने का जज्बा’ पैदा करें, क्योंकि यही एक सफल समाज की नींव है। ​​कॉन्फ्रेंस का समापन ‘तालीमी ही कामयाबी की सीढ़ी है और अच्छा अख्लाक समाज की रूह है’ के संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों ने विश्वास दिलाया कि झुंझुनूं के मुस्लिम समाज में शिक्षा की यह अलख अब रुकने वाली नहीं है और आने वाले समय में यहां से बड़ी संख्या में युवा आईएएस, डॉक्टर और शिक्षाविद बनकर समाज का नाम रोशन करेंगे। अब देखिए तस्वीरें

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