हिमाचल में HRTC कर्मियों की हड़ताल टली:सरकार ने ड्राइवर-कंडक्टरों की कई मांगें मानी; 35 करोड़ के वित्तीय लाभ देने का भरोसा

हिमाचल प्रदेश के HRTC ड्राइवर-कंडक्टर अब हड़ताल पर नहीं जाएंगे। HRTC कर्मचारियों की आज शाम के वक्त सचिवालय शिमला में एडिश्नल चीफ सेक्रेटरी (ACS) परिवहन के साथ सवा दो घंटे चली मीटिंग में सहमति बनने के बाद हड़ताल स्थगित की गई। ACS परिवहन आरडी नजीम ने कर्मचारियों की अधिकांश मांगें पूरी करने का भरोसा दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने आज रात 12 बजे से प्रस्तावित हड़ताल वापस ले ली है। मीटिंग के बाद ड्राइवर यूनियन के अध्यक्ष मान सिंह ठाकुर ने कहा कि ACS ने 12 महीने का 23 करोड़ का नाइट ओवर टाइम एक सप्ताह में देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि एक वर्दी के 1.50 करोड़, 4-9-14 टाइम स्केल की बहाली, वेतन विसंगति को भी दूर और हर महीने की पहली तारीख को सैलरी देने का भी ACS ने आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलन के दौरान जिन कर्मचारियों की ट्रांसफर की है, उनके तबादला आदेश भी वापस लेने का भरोसा दिया है। इसके बाद HRTC कर्मचारी अब हड़ताल नहीं करेंगे। इस फैसले के बाद प्रदेशवासियों ने भी राहत की सांस ली है, क्योंकि HRTC बसों में रोजाना लगभग 5 लाख लोग सफर करते हैं। HRTC में ड्राइवर भर्ती को पहुंचे 2095 अभ्यर्थी इससे पहले, आज राज्य के 21 क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) कार्यालयों में टेम्परेरी ड्राइवरों की भर्ती प्रक्रिया चलती रही। इसके लिए लगभग 2095 आवेदन मिले। मगर अब ड्राइवर-कंडक्टर की स्ट्राइक खत्म होने के बाद इन्हें नियुक्ति नहीं दी जाएगी। 656 टेम्परेरी ड्राइवरों की नियुक्ति सरकार वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर करने जा रही थी। इस भर्ती को लेकर यु‌वाओं में भी खूब उत्साह देखा गया। ‘दैनिक भास्कर एप’ से बातचीत में ठियोग के कंदरू निवासी अरुण कुमार ने बताया कि उन्हें मालूम है कि HRTC ड्राइवर-कंडक्टर की स्ट्राइक खत्म होते ही उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा। ये जानते हुए भी वह भर्ती होने को तैयार है। उन्होंने बताया कि राज्य में बेरोजगारी चरम पर है। इसलिए, युवा कुछ दिन भी ड्राइवर बनने को तैयार है। मुझे मालूम है कि नौकरी से हटा दिया जाएगा: मोंटू कुमारसैन निवासी मोंटू ने बताया कि वह टेम्परेरी ड्राइवर भर्ती के लिए इंटरव्यू देने आए हैं। वह 10-12 सालों से हैवी व्हीकल चला रहे हैं। उन्हें मालूम है कि यह टेम्परेरी भर्ती है। उन्होंने बताया कि ड्राइवर भर्ती के लिए अभी उनसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और मेट्रिक की मार्कशीट मांगी जा रही है। इसके बाद ड्राइविंग टेस्ट होगा। वहीं चंबा में ड्राइवर भर्ती को पहुंचे युवा इंटरव्यू देने से मुकर गए। इन्होंने HRTC ड्राइवर-कंडक्टर की हड़ताल का समर्थन किया। डिप्टी सीएम ने हड़ताल को अवैध और गैर कानूनी बताया ACS के साथ कर्मचारियों की मीटिंग से पहले डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने शिमला में मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने एसेंशियल सर्विस मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) लागू कर रखा है। उन्होंने ड्राइवर-कंडक्टरों की हड़ताल को अवैध और गैर कानूनी बताकर हड़ताल नहीं करने की अपील की थी। ऐसा नहीं करने पर उन्होंने गाड़ियों की चाबियां HRTC को हैंडओवर के निर्देश दिए। बड़ी संख्या में युवा इंटरव्यू देने पहुंच रहे: मुकेश डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो HRTC ड्राइवरों की भर्ती की जा रहा है। कहा कि कल से सरकार नए भर्ती किए जा रहे ड्राइवरों को गाड़ियों की चाबियां सौंपेगी और रूट पर भेजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी हड़ताल पर गए तो इससे HRTC को रोजाना ढाई करोड़ रुपए का नुकसान होगा। आज रात 12 बजे से प्रस्तावित थी हड़ताल बता दें कि विभिन्न मांगों को लेकर HRTC ड्राइवर-कंडक्टरों की हड़ताल आज रात 12 बजे से प्रस्तावित थी। इससे सरकार और कर्मचारी आमने-सामने आ गए थे। प्रदेशवासी भी परेशान थे और कर्मचारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। आखिरकार आज शाम पांच बजे ACS और कर्मचारियों के बीच सचिवालय में मीटिंग शुरू हुई और इसमें सहमति भी बन गई।

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