40 हजार में हथियार से लैस गार्ड,मर्डर भी करवा लीजिए:सिक्योरिटी एजेंसियों से डील; बोले- खान जैसा करना है तो हर गोली के 1000 लगेंगे

“गोली चलाने के लिए किसी से पूछना नहीं है। हमारे गार्ड्स गोली चलाने में एक्सपर्ट हैं। एक फायरिंग के लिए एक हजार रुपए देने होंगे। अगर कोई प्रॉपर्टी का डिस्प्यूट है तो वो भी कब्जा करा देंगे। जम्मू कश्मीर का हथियार है, गार्ड भी वहीं के हैं। किसी से डरने वाले नहीं, अगर किसी को उठाना भी होगा तो वह भी हो जाएगा। बिहार का जेठुली और फतुहा कांड नेट पर सर्च कर लीजिएगा, हमारे गार्ड्स ने ही दोनों कांड किए थे। आप बस सिक्योरिटी लीजिए, जैसा चाहेंगे वैसा होगा..।” ये दावा बिहार में सिक्योरिटी गार्ड मुहैया कराने वाली एजेंसी कर रही है। कोचिंग विवाद में फायरिंग के बाद खान सर के प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स जेल में हैं। बिहार में प्राइवेट सिक्योरिटी के नाम पर चल रहे खेल को एक्सपोज करने के लिए दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने 50 से ज्यादा एजेंसी से गार्ड्स के लिए डील की। खुद को डॉक्टर बताकर रिपोर्टर ने जब सिक्योरिटी एजेंसियों से गार्ड की डील की तो 2 जून को हुई खान सर की कोचिंग जैसी फायरिंग के लिए एक हजार का रेट बताया गया। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए बिहार में प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड्स के फायरिंग कराने से लेकर अपहरण कराने तक की पूरी डील। कैसे प्राइवेट गार्ड्स पर डिपेंड हो रहे लोग। भास्कर रिपोर्टर ने डॉक्टर का स्टाफ बनकर पटना में बाउंसर सर्विस चलाने वाले पुनदेव यादव से डील की। पुनदेव बिहार के किसी भी जिले में बाउंसर और गार्ड देने को तैयार हो गया। जानिए पुनदेव ने सिक्योरिटी को लेकर क्या प्लान बताया।
रिपोर्टर – बाउंसर सर्विस चाहिए। पुनदेव – कितने लोग चाहिए?
रिपोर्टर – आप बताइए, कितने लोगों का पैकेज है? पुनदेव – किसके लिए चाहिए?
रिपोर्टर – एक महिला डॉक्टर हैं, उनके लिए। पुनदेव – भइया, वो किस तरह की डॉक्टर हैं?
रिपोर्टर – बाहर से आती हैं, मरीजों की काफी भीड़ होती है। पुनदेव – कितनी भीड़ होती होगी?
रिपोर्टर – लगभग 2 से 4 हजार लोगों की भीड़ हो ही जाती है। पुनदेव – कितने दिनों के लिए आती हैं?
रिपोर्टर – महीने में 7 से 8 दिनों तक तो रहती हैं। पुनदेव – हो जाएगा।
रिपोर्टर – किस तरह से सुरक्षा दीजिएगा? पुनदेव – जैसे चाहिए, वैसे ही हो जाएगा।
रिपोर्टर – अगर फायरिंग की जरूरत पड़ी तो क्या कीजिएगा? पुनदेव – पहले मैनेज करेंगे, मामला शांत नहीं होता है तो फायरिंग की जरूरत पड़ेगी तो वह भी करेंगे। फायरिंग करने के लिए किसी से पूछना थोड़ी है।
रिपोर्टर – मतलब फायरिंग हो जाएगी ना? पुनदेव – हां, हो जाएगी, लेकिन शादी या कार्यक्रम में फायरिंग करने के लिए आदमी नहीं आता। हथियार से लैस गार्ड के लिए 4 हजार रुपए रोज के लगते हैं। अगर कोई अलग से फायरिंग करवाना चाहता है तो उसका अलग चार्ज होता है।
रिपोर्टर – फायरिंग का क्या चार्ज है? पुनदेव – एक फायर का 1 हजार रुपए चार्ज है।
रिपोर्टर – अगर 10 फायर हो जाएं तो? पुनदेव – उसके लिए परमिशन लेनी पड़ेगी।
रिपोर्टर – किससे परमिशन लेनी होगी? पुनदेव – थाने से परमिशन लेनी पड़ेगी।
रिपोर्टर – अगर अचानक कोई हमला हो जाए तो? खेसारी और पवन सिंह के पास हमारे गार्ड हैं, हथियार देखकर लोग भाग जाते हैं डील के दौरान पुनदेव ने बताया कि अचानक हमला होगा तो ऐसी स्थिति में सुरक्षा के लिए गार्ड फायरिंग कर सकते हैं। वैसे अगर आप सिर्फ बाउंसर रखेंगे तो भी काफी होगा, हथियार देखकर ही ज्यादातर लोग दूरी बना लेते हैं। आज तक मेरा रिकॉर्ड अच्छा रहा है। खेसारी लाल यादव का कार्यक्रम पटना में हुआ था। जुलाई में भागलपुर में भी एक कार्यक्रम है। हम लोग ही मैनेज कर रहे हैं। पवन सिंह जैसे बड़े कलाकारों के कार्यक्रमों में भी हमारे गार्ड ही जाते हैं। ये कोई फर्जी या ऑनलाइन वाली कंपनी नहीं है, बल्कि रजिस्टर्ड है। जहां तक हवाई फायरिंग की बात है, हम सामान्य रूप से इसकी परमिशन नहीं देते। केवल गंभीर और विशेष परिस्थितियों में ही इसकी बात हो सकती है। वैसे प्रशासन से इसकी परमिशन मिलनी भी आसान नहीं होती। रिपोर्टर – क्या हथियार रखने के लिए परमिशन है?
पुनदेव – हां, कोई दिक्कत नहीं है। सुरक्षा के लिए थाने से परमिशन लेनी पड़ती है। बाकी सभी औपचारिकताएं कंपनी के जरिए पूरी की जाती हैं। रिपोर्टर – खर्च का बिल मिलेगा?
पुनदेव – हां, कंपनी की ओर से बिल दिया जाता है। कंपनी के पास GST, करंट अकाउंट, लाइसेंस और अन्य सभी जरूरी दस्तावेज हैं। रिपोर्टर – अगर एक्स्ट्रा पैसे दिए जाएं तो फायरिंग हो जाएगी?
पुनदेव – नहीं, हर्ष फायरिंग की अनुमति आसानी से नहीं मिलती। इसलिए नॉर्मल स्थितियों में यह संभव नहीं है, लेकिन बात कुछ बिगड़ती है तो फायरिंग की जाएगी। रिपोर्टर – ठीक है, मैं मैडम से बात करके आपको बताता हूं।
पुनदेव – ठीक है। पटना में प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी चलाने वाले बिट्‌टू से भास्कर रिपोर्टर ने डॉक्टर बनकर डील की। बिट्‌टू ने बताया कि जैसी सिक्योरिटी चाहिए मिल जाएगी। रिपोर्टर – मैं पटना में डॉक्टर हूं, मुझे सिक्योरिटी चाहिए?
बिट्टू – कितने समय के लिए चाहिए? रिपोर्टर – 24 घंटे के लिए, मतलब हमेशा मेरे साथ सुरक्षा गार्ड रहें।
बिटूटू – कोई दिक्कत नहीं, हो जाएगा। रिपोर्टर – खाने-रहने की सब व्यवस्था देंगे।
बिट़्टू – ठीक है। रिपोर्टर – मेरे परिवार में जमीन का विवाद है, उसके लिए हमको अपने साथ 3 से 4 बॉडीगार्ड्स रखने थे। उन्हें घर की तरह रहना है जो बोला जाए वह करना होगा।
बिट्‌टू – हो जाएगा, कोई दिक्क्त नहीं आएगी। रिपोर्टर – बस अच्छे और वफादार लोग चाहिए, जरूरत पड़े तो फायरिंग वगैरह सब कर सकें।
बिट्‌टू – सामने वाली पार्टी परेशान कर रही है क्या? रिपोर्टर – विवाद है, लोग परेशान कर रहे हैं, तो उसके लिए गार्ड साथ में रखना जरूरी है।
बिट्टू – अच्छा, बिना हथियार वाले या बिना हथियार वाले गार्ड चाहिए? हथियार वाले में पैसे ज्यादा लगेंगे। रिपोर्टर – हथियार वाले चाहिए तब तो फायरिंग करेंगे, पैसे की कोई दिक्कत नहीं है।
बिट्‌टू – हो जाएगा, जैसा चाहिएगा वैसा ही होगा। रिपोर्टर – कोई इश्यू तो नहीं होगा ना?
बिट्‌टू – नहीं कोई दिक्कत नहीं होगी, सभी बाहर के आदमी रहेंगे? रिपोर्टर – हां, कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, देखिएगा गार्ड सामने वाली पार्टी से नहीं मिल जाएं। जमीन खाली करा देंगे, गार्ड सब कुछ कर देंगे रिपोर्टर ने बिट्‌टू को बताया कि मेरी प्रॉपर्टी 25 करोड़ की है, जिसको खाली कराना है। बहुत दिक्कत है। लोग पीछे पड़े हुए हैं। इसलिए अगर कभी ऐसी जरूरत पड़े कि फायरिंग करनी है, किसी को मारना है, तो वो लोग कर सकें। ऐसे ही हवा में फायरिंग नहीं करना है। इस पर बिट्‌टू ने कहा, मार देना है? थोड़ा देर रुककर उसने कहा हो जाएगा, जैसी सिचुएशन होगी हो जाएगा। बिट्टू – मतलब मार देना है?
रिपोर्टर – हां? बिट्टू – सब हो जाएगा? फतुहा के जेठुली गांव में जो हुआ था, उसमें अपनी ही सिक्योरिटी लगी हुई थी।
रिपोर्टर – क्या हुआ था उसमें? बिट्टू – गोली चली थी 5 लोगों को लगी थी, 3 की मौत हुई थी?
रिपोर्टर – अच्छा, आपने ही करवाया था? बिट्टू – नहीं, मेरी सिक्योरिटी लगी थी वहां पर?
रिपोर्टर – जिन सिक्योरिटी वालों ने गोली चलाई थी उनका क्या हुआ? बिट्टू – बेल हुई, बेल पर बाहर हैं?
रिपोर्टर – हां, जो लोग मेरे साथ रहेंगे, उनका वीडियो फोटो भेज दीजिए? बिट्टू – हां, सब वॉट्सऐप नंबर पर भेज देंगे।
रिपोर्टर – अपने पैकेज और क्या फैसिलिटीज देते हैं, इसकी डिटेल भी भेज दीजिएगा। बिट्टू – ठीक है।
रिपोर्टर – अच्छा, मान लीजिए वो लोग फायरिंग करेंगे, तो मार देंगे या घायल करेंगे? रिपोर्टर – परिस्थिति जैसे होती है उसी हिसाब से काम होगा। रिपोर्टर – तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है ना? बिट्टू – इतना तो सबको थोड़ा-बहुत पता है, थोड़ी बहुत परेशानी होती है। अब फोन पर ज्यादा बात करना ठीक नहीं है।
रिपोर्टर – हम पटना आते हैं, आपसे मिल लेंगे। बिट्टू – देखिएगा ज्यादा बात बाहर ना जाए।
रिपोर्टर – ठीक है। बिट्टू – पटना से बाहर हमको थोड़ी दिक्कत आएगी, लेकिन पटना में कोई दिक्क्त नहीं होगी।
रिपोर्टर – बस काम करवा दीजिए, पैसे का कोई इश्यू नहीं है। बिट्‌टू – 15 मिनट से आधे घंटे में हम लोग पहुंच जाएंगे, सब संभाल लेंगे।
रिपोर्टर – हां, फिर तो सही है। रिपोर्टर – आप हमको बॉडीगार्ड्स की डिटेल्स दे दीजिए, पैकेज वगैरह दे दीजिए।
बिट्टू – बॉडीगार्ड्स यूपी और बिहार के रहेंगे या पंजाब के? रिपोर्टर – पंजाब के।
बिट्‌टू – हां, वह हर तरह का रिस्क ले लेंगे। रिपोर्टर ने खुद को डॉक्टर बताकर प्राइवेस्ट सिक्योरिटी एजेंसी चलाने वाले एन राव से संपर्क किया। राव ने एक सिंगर के कार्यक्रम में 40 राउंड फायरिंग का दावा किया। रिपोर्टर – सिक्योरिटी के लिए बात करनी थी, क्या-क्या सुविधाएं हैं?
राव – हमारी कंपनी का पूरा सेटअप है, गूगल पर भी जानकारी उपलब्ध है। मंत्रालय से अप्रूव्ड है। रिपोर्टर – हमें अपने लिए गार्ड चाहिए थे, रेट वगैरह क्या है आपका?
राव – कहां के लिए चाहिए? रिपोर्टर – प्रॉपर पटना के लिए ही चाहिए।
राव – किस तरह के गार्ड चाहिए, हथियारबंद या बिना हथियार वाले? रिपोर्टर – दोनों के बारे में बताइए।
राव – 24 घंटे की ड्यूटी के लिए चाहिए? रिपोर्टर – जी, 24 घंटे के लिए दो लोग चाहिए।
राव – ठीक है, आप अधिकतम कितना बजट रख सकती हैं? रिपोर्टर – पहले आप ही बता दीजिए क्या बजट आएगा, हथियार के साथ चार्ज क्या होगा?
राव – बिना हथियार वाले गार्ड का पैकेज लगभग 25 से 30 हजार है। रिपोर्टर – पटना से बाहर के लिए गार्ड का क्या रेट है?
राव – अगर ऑल इंडिया लाइसेंस वाले हथियारबंद गार्ड चाहिए तो 45 हजार से कम नहीं होगा, बड़े हथियार वाले गार्ड 50 से 55 हजार रुपए के बीच आते हैं। वे 24 घंटे आपके साथ रहेंगे। रहने और खाने की व्यवस्था आपको करनी होगी और महीने में 4 छुट्टियां रहेंगी। रिपोर्टर – अगर कभी जरूरत पड़े, जैसे हवाई फायरिंग करनी पड़े, तो क्या गार्ड करेंगे?
राव – संबंधित थाने को पहले सूचना सूचना दी जाती है। जान-माल के खतरे की जानकारी भी दी जाती है। गार्ड केवल बचाव के लिए फायरिंग करेंगे। किसी की जान नहीं लेंगे, जरूरत पड़ने पर हवाई फायरिंग कर हमलावरों को भगाने की कोशिश करेंगे। रिपोर्टर – लाइसेंस बिहार का होगा या ऑल इंडिया?
राव – दोनों तरह का लाइसेंस उपलब्ध कराया जा सकता है। रिपोर्टर – वेरिफिकेशन कौन कराएगा?
राव – अगर आपकी पहचान वहां है तो आप जानकारी दे सकती हैं। बाकी जरूरी कागजात हम तैयार कर देंगे। रिपोर्टर – गार्ड पूरी तरह ट्रेंड रहते हैं?
राव – जी, सभी प्रोफेशनल और ट्रेंड गार्ड होते हैं। रिपोर्टर – झारखंड और बिहार में काम है, इसलिए कुछ लोगों से विवाद चल रहा है। सुरक्षा के लिए गार्ड चाहिए।
राव – इसमें कोई दिक्कत नहीं, हम थाने को सूचना देकर ही गार्ड उपलब्ध कराते हैं। अभी भी कई बिल्डरों और अन्य लोगों को हमारी कंपनी सुरक्षा दे रही है। रिपोर्टर – गार्ड का भुगतान कैसे होगा? आयकर या किसी विभाग को टैक्स देना होगा?
राव – नहीं, भुगतान हमारी कंपनी को होगा। कंपनी की ओर से आपको बिल दिया जाएगा और वहीं से गार्डों का भुगतान किया जाएगा। फायरिंग में हमारे गार्ड पीछे नहीं हटेंगे डील के दौरान राव ने दावा किया कि फायरिंग में उनके गार्ड पीछे नहीं रहेंगे। जब भी जरूरत पड़ी वह फायर करने को तैयार होंगे। रिपोर्टर- मतलब गार्ड किसी पर भी गोली चला सकते हैं।
राव- अगर मालिक पर हमला हो जाए तो गार्ड किस सीमा तक सुरक्षा देते हैं। सिक्योरिटी का काम ही व्यक्ति और उसकी संपत्ति की सुरक्षा करना है। लेकिन हम किसी को धमकाने, जमीन कब्जाने या गैरकानूनी काम के लिए नहीं जा सकते। रिपोर्टर – उस फायरिंग वाले मामले में बाद में कोई दिक्कत हुई थी?
राव – अगर कोई हमला करता है तो गार्ड जवाबी कार्रवाई करते हैं। घटना के बाद पुलिस पहले मौके पर मौजूद लोगों को हिरासत में लेकर जांच करती है। दस्तावेज और परिस्थितियों की जांच के बाद अगर ये साबित होता है कि कार्रवाई आत्मरक्षा में हुई थी, तब उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होती है। रिपोर्टर – पटना में किन नेताओं को सुरक्षा दी है?
राव – हम हर किसी का नाम सार्वजनिक नहीं करते, जो हमसे गार्ड्स लेते हैं हम उनकी गोपनीयता बनाए रखते हैं। रिपोर्टर ने डमी डॉक्टर बनकर पटना के WTEC सिक्योरिटी एजेंसी के निर्भय से डील की। निर्भय ने भी सुरक्षा गार्ड्स के सहारे कुछ भी करने का दावा किया। रिपोर्टर – मेरा क्लिनिक शुरू होने वाला है, सुरक्षा के लिए गार्ड रखना चाहती हूं।
निर्भय – हां, ठीक है, छोटे हथियार या बड़े हथियार वाले गार्ड चाहिए? रिपोर्टर – दोनों का रेट बताइए और यह भी कि वे कहां के हैं और कैेस सुरक्षा देते हैं।
निर्भय – अगर एक गार्ड चाहिए तो 50 हजार लगेंगे। रिपोर्टर – अगर दो राइफलधारी गार्ड रखेंगे तो?
निर्भय – एक लाख लगेंगे। रिपोर्टर – अगर कभी फायरिंग करनी पड़ी तो वे लोग करेंगे?
निर्भय – हां, हो जाएगा, जैसी जरूरत होगी, वैसा गार्ड करेंगे। रिपोर्टर – अच्छा, उनका लाइसेंस होता है?
निर्भय – बिना लाइसेंस का कोई नहीं होता। रिपोर्टर – कहां-कहां के गार्ड हैं?
निर्भय – सभी जगह के होते हैं, हमारे पास सबकी डिटेल रहती है। आप किस विभाग की डॉक्टर हैं? रिपोर्टर – स्किन की डॉक्टर हूं, झारखंड में मेरे दो सेंटर हैं। अब पटना में भी शुरू करना है।
निर्भय – बिहार में पहली बार शुरू कर रही हैं? रिपोर्टर – बिहार में क्राइम ज्यादा है, कुछ पर्सनल दिक्कत भी है। कभी फायरिंग जैसी स्थिति आ जाए या कोई बड़ी समस्या हो जाए, तो क्या वे फायरिंग करेंगे?
निर्भय – वह तो समय पर निर्भर करेगा। भास्कर रिपोर्टर ने डमी डॉक्टर बनकर जब पटना के इंटेलिजेंस सिक्योरिटी के अमित से बात की तो उन्होंने भी सुरक्षा को लेकर कई बड़े-बड़े दावे किए। बताया कि उनके पास रिटायर्ड जवानों की टीम हैं जो गोली चलाने में एक्सपर्ट हैं। रिपोर्टर – सिक्योरिटी के लिए बात करनी थी?
अमित – पटना के लिए चाहिए? रिपोर्टर – जी, एक बार हमें थोड़ी डिटेल्स जाननी थी कि आपकी क्या-क्या सुविधाएं हैं, क्या रेट है।
अमित – यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपको किस प्रकार की सुरक्षा चाहिए। रिपोर्टर – 24 घंटे के लिए चाहिए।
अमित – 24 घंटे के लिए कम से कम दो गार्ड रखने होंगे, 12-12 घंटे की ड्यूटी में। रिपोर्टर – कोई दिक्कत नहीं है, हथियार वाले ही चाहिए।
अमित – आपको अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए गार्ड चाहिए। रिपोर्टर – पहले से कुछ केस है, कुछ लोग पीछे पड़े हैं। गार्ड ऐसे ट्रेंड हों जो फायरिंग भी कर सकें।
अमित – जो भी हथियारबंद गार्ड होते हैं, उनके पास लाइसेंस होता है। जरूरत पर सब काम करते हैं। रिपोर्टर – उनका क्या चार्ज रहेगा?
अमित – एक हथियारबंद गार्ड के लगभग 40 हजार रुपए महीने लगेंगे। रिपोर्टर – दोनों गार्ड का मिलाकर?
अमित – नहीं, एक गार्ड का 40 हजार, 24 घंटे सुरक्षा चाहिए तो दो गार्ड रखने होंगे। रिपोर्टर – मतलब 24 घंटे के लिए करीब 80 हजार रुपए महीने के देने होंगे।
अमित – जी हां, एक गार्ड 12 घंटे ड्यूटी करेगा, दूसरे गार्ड की अलग ड्यूटी होगी। रिपोर्टर – जो गार्ड आप देंगे, उनका पुलिस वेरिफिकेशन हमें कराना होगा या आप लोग कराएंगे?
अमित – पुलिस वेरिफिकेशन कराकर ही हम आपको गार्ड उपलब्ध कराते हैं। रिपोर्टर – जो गार्ड होंगे, क्या वे रिटायर्ड सेना के जवान हैं या निजी तौर पर रखे गए लोग?
अमित – जरूरत के अनुसार दोनों तरह के देते हैं। अगर आप चाहें तो रिटायर्ड जवान दे देंगे। रिपोर्टर – अगर कभी हवाई फायरिंग की जरूरत पड़ जाए तो उसके लिए अलग से पैसा देना होगा?
अमित – नहीं, ऐसा कोई नियम नहीं है। लेकिन फायरिंग तभी होगी जब कानूनन आवश्यकता हो। सिर्फ किसी कार्यक्रम या दिखावे के लिए फायरिंग नहीं की जा सकती। रिपोर्टर – मतलब बहुत गंभीर स्थिति हो तो?
अमित – अगर जान का खतरा हो तब अलग बात है। रिपोर्टर – तब फायरिंग की जा सकती है ना?
अमित – हां रिपोर्टर ने बिहार में प्राइवेट सिक्योरिटी के बढ़ते दायरे और कारोबार की हकीकत जानने के लिए पटना की रिया सिक्योरिटी के मोहन से बात की। रिपोर्टर – मैं डॉक्टर हूं, मुझे अपने लिए गार्ड चाहिए।
मोहन – ठीक है, आपको महिला और पुरुष किस तरह के गार्ड चहीए, दोनों की सुविधा है। रिपोर्टर – पुराने मामले हैं और सुरक्षा को लेकर भी समस्या है। लोग परेशान कर रहे हैं।
मोहन – हथियार या बिना हथियार वाले गार्ड चाहिए? रिपोर्टर – हथियार और बिना हथियार वाले गार्ड के लिए क्या चार्ज करते हैं?
मोहन – सुरक्षा को देखते हुए, जिस तरह की व्यवस्था उसी तरह के पैसे लगेंगे। रिपोर्टर – जिन गार्ड्स के पास हथियार नहीं होता, उनका क्या रेट होता है?
मोहन – यह आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। रिपोर्टर – 8 घंटे की ड्यूटी वाले गार्ड चाहिए, कितना देना होगा? ये ट्रेनिंग वाले हैं क्या?
मोहन – हमारे गार्ड ट्रेंड होते हैं। रिपोर्टर – हथियारबंद गार्ड चाहिए तो उनका क्या चार्ज होगा?
मोहन – उनका चार्ज अलग होता है, आप आकर मिलिए तो बाकी बातें हाेंगी। बिहार में प्राइवेट सिक्योरिटी के बढ़ते दायरे और कारोबार को लेकर रिपोर्टर ने डॉक्टर बनकर रामवीर सिंह सिक्योरिटी एजेंसी के रामवीर से बातचीत की। रिपोर्टर – गार्ड रखना चाहती हूं।
राजेश – हम सलाह देंगे, हथियार वाला गार्ड ले लिजिए? रिपोर्टर – जी, क्या चार्ज है और आप लोग कैसे काम करते हैं? कहां से ट्रेनिंग दी गई है?
राजेश – हमारे गार्ड ट्रेंड हैं, आर्मी के भी रिटायर्ड जवान भी मिल जाऐंगे। रिपोर्टर – पहली बार गार्ड रख रही हूं, इसलिए जानना चाहती हूं कैसे काम करते हैं?
राजेश – गार्ड 24 घंटे आपके साथ रहेगे। जरूरत पड़ी तो सुरक्षा के लिए हथियार भी चलाएंगे । रिपोर्टर – हमें दो हथियारबंद गार्ड चाहिए, उनका क्या चार्ज होगा?
राजेश – पहले आप अपना बजट बताइए। रिपोर्टर – आप ही बताइए कि सबसे अच्छी सुरक्षा व्यवस्था का क्या खर्च आता है?
राजेश – उनके पास हथियार रहते हैं। रिपोर्टर – हथियार काे कब चलाते है?
राजेश – सुरक्षा को लेकर, जब जरूरी होगा, तभी उसका इस्तेमाल किया जाएगा। रिपोर्टर – आपकी कंपनी बिहार की है या बाहर की?
राजेश – जी, बिहार की ही कंपनी है। रिपोर्टर – एक गार्ड के कितने पैसे लगेंगे?
राजेश – एक हथियारबंद गार्ड का 40 हजार के साथ 18 प्रतिशत GST लगेगा। रहने से लेकर खाने-पीने की व्यवस्था के साथ महीने में 4 छुट्टी भी देनी होगी। रिपोर्टर – क्या आप कुछ बड़े लोगों को भी सुरक्षा देते हैं?
राजेश – बहुत लोगों को सुरक्षा दे चुके हैं, सरकारी विभागों और कई बड़े प्रोजेक्ट्स में हमारे गार्ड्स लगे हैं। डॉक्टर्स, नेताओं या अन्य स्पेशल लोगों को भी सुरक्षा दी है? रिपोर्टर ने बिहार के एस के सिक्योरिटी के सोनू कुमार से बात की है। साेनू ने बिहार में प्राइवेट सिक्योरिटी की बढ़ती डिमांड के बीच बाहर से आने वाले गार्ड्स का पूरी गणित समझाया। रिपोर्टर – मैं एक डॉक्टर हूं, खतरे में हूं इसलिए सिक्योरिटी चाहती हूं।
सोनू – आपको बाउंसर चाहिए क्या? रिपोर्टर – चार लोग चाहिए, जो मेरे साथ रहेंगे। अगर कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसके पास राइफल हो तो ठीक रहेगा? कभी जरूरत पड़े, फायरिंग करनी पड़े तो कर ले।
सोनू – वो सिक्योरिटी के लिए ही रहते हैं। रिपोर्टर – क्या?
रिपोर्टर – मतलब गोली चला देंगे, मार देंगे?
सोनू – हां, लेकिन सुरक्षा के लिए, दिखाना पड़ेगा कि खतरा था। रिपोर्टर – अगर गोली मारनी पड़े, तो कैसे मारेंगे? पैर में मारेंगे या कैसे करेंगे?
सोनू – कैसे मारना है या नहीं मारना है, यह बात नहीं है। आपको बचाना है तो सुरक्षा के लिए सब किया जाएगा। रिपोर्टर – अचानक से होगा ना, इसका तो कोई पहले से पता होगा नहीं?
सोनू – सेल्फ डिफेंस के लिए करना होगा, आपकी जान बचाने के लिए जो जरूरी होगा किया जाएगा। रिपोर्टर – मतलब गोली चलाएंगे, इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी? आपके पास कहां के गार्ड हैं?
सोनू – मेरे पास जम्मू-कश्मीर से भी हैं, बिहार से भी हैं, यूपी से भी हैं। रिपोर्टर – मतलब ट्रेंड लोग चाहिए, जो लंबे समय से काम कर रहे हों और जिन्हें काम का आइडिया हो।
सोनू – गार्ड के हिसाब से पैसे देने होंगे। रिपोर्टर ने जी सिक्योरिटी के जीवन कुमार से सुरक्षा गार्ड्स को लेकर बात की तो उन्होंने जेड प्लस की सिक्योरिटी देने का दावा किया। बताया कि जिस तरह की सिक्योरिटी चाहिए सब मिल जाएगी, पैसा दीजिए तो गार्ड की पूरी फौज लगा दी जाएगी। रिपोर्टर – सिक्योरिटी के लिए पूरा पैकेज बताइए, कितना लगेगा?
जीवन – परमानेंट चाहिए या कुछ समय के लिए? रिपोर्टर – हां, परमानेंट ही सिक्योरिटी चाहिए।
जीवन – 24 घंटे के लिए परमानेंट 20 फोर्स तक कर सकते हैं। एक के 35 हजार रुपए लगेंगे। रिपोर्टर – ठीक है, जेड प्लस सिक्योरिटी रहेगी ना?
जीवन – हां उसमें कोई दिक्कत नहीं है। रिपोर्टर – किसी विधायक या मंत्री को आपकी कंपनी ने गार्ड दिए हैं?
जीवन – हां, हम लोग देते ही रहते हैं, कई VIP को बड़ी सुरक्षा दी है। रिपोर्टर – बिहार में किसी को आपने सुरक्षा दी है क्या?
जीवन – बहुत लोगों को दी है। रिपोर्टर ने डॉक्टर बनकर जब लेडीज गार्ड सप्लायर जसवंत से बात की तो पता चला कि बिहार में ऐसी लेडीज गार्ड की डिमांड है जो समय पर गोलियां चला सकती हैं। रिपोर्टर – मैं एक डॉक्टर हूं, मुझे सिक्योरिटी के लिए गार्ड चाहिए।
जसवंत – लेडीज गार्ड या मेल गार्ड क्या चाहिए? रिपोर्टर – झारखंड में मेरा क्लिनिक है, अब पटना में भी काम कर रही हूं।
जसवंत – अच्छा, यहां भी सेंटर है। रिपोर्टर – यहां मेरा थोड़ा पुराना केस है, सेफ्टी को लेकर इश्यू है। विरोधी लोग परेशान करते हैं।
जसवंत – कोई दिक्क्त नहीं हो जाएगा, व्यवस्था बन जाएगी। रिपोर्टर – आपका रेट और हथियार वाले और बिना हथियार वाले गार्ड का क्या सिस्टम है?
जसवंत – आपके बारे में पूरी जानकारी ली जाती है, उसके बाद गार्ड दिया जाता है। रिपोर्टर – उनके पास हथियार तो होता है ना?
जसवंत – हां सब रहता है, यह आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। रिपोर्टर – मंथली चार्ज क्या है? ट्रेनिंग मिली होती है? किस तरह के गार्ड देते हैं?
जसवंत – गार्ड 25 से 30 साल की उम्र के होते हैं, उन्हें ट्रेनिंग दी जाती है। रिपोर्टर – जिनके पास हथियार रहता है वो जरूरत पड़ने पर फायरिंग करते हैं ना?
जसवंत – हां अगर वैसी स्थिती बनती है तो फायरिंग भी करते हैं कोई दिक्कत नहीं है। खान सर की कोचिंग विवाद के बाद सुरक्षा एजेंसियों पर भास्कर की इन्वेस्टिगेशन खान और रौशन के बीच हुए कोचिंग विवाद के बाद सबसे अधिक चर्चा निजी सुरक्षा गार्डों की हुई। आरोप है कि रौशन के खिलाफ मामला मजबूत करने के लिए खान के गार्डों ने फायरिंग की थी। फायरिंग के आधार पर रौशन के खिलाफ केस दर्ज हुआ और पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया। बाद में खान के निजी सुरक्षा गार्ड का फायरिंग करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद खान के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने गोली चलाने वाले निजी सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस घटना के बाद कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ निजी सुरक्षा गार्ड भी चर्चा में आ गए। बिहार में निजी सुरक्षा सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में 12 से अधिक बाहरी एजेंसियां राज्य में सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने का काम कर रही हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और पंजाब के गार्डों की संख्या अधिक बताई जाती है। बिहार में बढ़ते निजी सुरक्षा कारोबार और एजेंसियों के नेटवर्क को लेकर दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने डमी डॉक्टर बनकर पड़ताल की। इस जांच में दावा किया गया कि कुछ निजी सुरक्षा गार्ड जमीन कब्जाने से लेकर अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम देने तक की बात कर रहे थे। भास्कर की पड़ताल में यह भी सामने आया कि कई मामलों में सुरक्षा गार्डों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से नहीं कराया जाता। किस व्यक्ति या संस्थान के पास कौन-से सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस के पास भी नहीं होती। कई एजेंसियों का कहना था कि वे पहले से ही रजिस्टर्ड हैं, इसलिए हर बार पुलिस को अलग से सूचना देने की जरूरत नहीं होती।

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