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नाबालिग बेटी का यौन शोषण करने वाले पिता को सजा:पॉक्सो कोर्ट ने दी 5 साल की कैद; 13 हजार जुर्माना लगाया

दौसा की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिक बेटी के यौन शोषण मामले में दोषी पिता को पांच साल की कठोर सजा और 13 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया है। घटनाक्रम अप्रैल 2024 का है। पीड़िता की दादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में उसने बताया था- मेरा बेटा आदतन शराबी है। उसमें अपनी ही 14 साल की नाबालिग बेटी का यौन शोषण किया है। पुलिस में पॉक्सो एक्ट समेत अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए विशिष्ठ लोक अभियोजक जितेन्द्र सैनी ने 6 गवाह और 27 दस्तावेज पेश किए। इसके बाद पॉक्सो कोर्ट की न्यायधीश रेखा राठौड़ ने आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने पिता की ओर से अपनी ही बेटी के साथ की गई छेड़छाड़ और मारपीट के मामले को गंभीर माना और दोषी को सजा सुनाई।

डूंगरपुर में सोम कमला आम्बा बांध पर मॉक ड्रिल:आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा, विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश

डूंगरपुर जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शनिवार को सोम कमला आम्बा बांध पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रकाश चंद्र रैगर की उपस्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और आपातकालीन राहत-बचाव व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान बांध में लीकेज होने की काल्पनिक सूचना पर तत्काल आपदा प्रबंधन योजना के तहत संबंधित विभागों को अलर्ट किया गया। टीम लीडर हीरालाल नागर के नेतृत्व में एसडीआरएफ और रवि परमार के नेतृत्व में सिविल डिफेंस की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं। इन टीमों ने निर्धारित समय में राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया। इस अभ्यास में कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली, सूचना प्रसारण प्रणाली, विभागों के बीच समन्वय, राहत-बचाव संसाधनों की उपलब्धता और डाउन स्ट्रीम क्षेत्रों के लिए चेतावनी तंत्र की प्रभावशीलता का भी मूल्यांकन किया गया। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभागों की त्वरित और समन्वित कार्रवाई क्षमता को परखना था। मॉक ड्रिल के उपरांत अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रकाशचंद्र रैगर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को मानसून के दौरान पूर्ण सतर्क रहने, बेहतर समन्वय स्थापित करने और निरंतर संवाद के साथ किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए हर समय तैयार रहने को कहा। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता चंद्रप्रकाश मेघवाल, अधिशासी अभियंता अश्विनी अहारी, तहसीलदार योगेन्द्र वैष्णव, थानाधिकारी मोहनलाल, विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार सहित पीएचईडी, एवीवीएनएल, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, जल संसाधन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे मानसून के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। अफवाहों से बचें और बांध तथा जलाशय क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल प्रशासन को देकर सहयोग करने की भी अपील की गई।

जोधपुर में अतिक्रमण हटाने गई निगम की टीम का विरोध:पुलिस से उलझे लोग, विवाद बढ़ता देख मौके से भीड़ को खदेड़ा; 5 दिन का अल्टीमेटम

जोधपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम के खिलाफ लोग विरोध में उतर गए। इस दौरान मकानों को तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोग पुलिस से उलझ गए। पुलिस ने विवाद बढ़ता देख मौके से भीड़ को खदेड़ दिया। नगर निगम की टीम ने लोगों को 5 दिन में खुद ही अतिक्रमण हटाने की अल्टीमेटम दिया। दरअसल, जब नगर निगम की टीम मकानों को तोड़ने पहुंची, तब कॉलोनी के लोग टीम का विरोध करने लगे। इस दौरान आक्रोशित लोग और निगम अधिकारी आमने-सामने हो गए। मौके पर विवाद बढ़ता देख अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुला लिया। इस दौरान आक्रोशित लोग नारेबाजी करने लगे तो पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया। मामला शनिवार को शहर के कबीर नगर का है। करीब 5 घंटे तक स्थानीय लोग और अधिकारियों के बीत लगातार गहमागहमी का माहौल रहा। आखिरकार बाद में नगर निगम की ओर से इन अतिक्रमण को हटाने के लिए पांच दिन का समय दिया गया। स्थानीय लोग टीम और पुलिस से उलझे लोगों का कहना था कि कबीर नगर में उनका कई सालों से कब्जा है। वे लंबे समय से यहां रह रहे है। कुछ दिनों पहले वे निगम के अधिकारियों से मिल समय मांगा था। लेकिन, अब वे अचानक यहां कार्रवाई करने पहुंचे। इसे लेकर स्थानीय लोग निगम के अधिकारी और पुलिस से उलझ गए। इस दौरान सड़क रोक नारेबाजी करने लगे। इस पर पुलिस ने समझाइश के उन्हें वहां से हटाया। तीन प्लाट को लेकर था विवाद, एक ने गलत जमीन पर किया कब्जा नगर निगम के सीएफओ जलज घासिया ने बताया कि कबीर नगर में तीन प्लाटों को लेकर विवाद था। इसके बाद निर्णय लिया गया ​कि इन पर अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इसके बाद टीम जब मौके पर पहुंची तो लोगों ने समय देने की मांग की। इस पर आयुक्त राहुल जैन से बातचीत की गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि इन्हें पांच दिन का समय दिया जाए। स्थानीय लोगों ने लिखकर दिया है कि वे पांच दिन में अपना कब्जा खुद हटा लेंगे। वहीं एक युवक ने अपने अलॉट प्लाट को छोड़कर उसके पास दूसरे प्लॉट पर मकान ​बना लिया था। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के बाद उसके अधिकार वाला कब्जा दे दिया जाएगा। पांच घंटे तक चली गहमागहमी, पुलिस जाब्ता रहा तैनात इधर, जैसे ही टीम शनिवार को कबीर नगर में जाब्ते के साथ अतिक्रमण करने पहुंची तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी मंगवाया गया। इस दौरान लगातार बातचीत का दौर चलता रहा। परिवारों की ओर से भी पक्ष रखा गया कि उनका कब्जा सही है। इसके अलावा इस कार्रवाई को लेकर कोई नोटिस नहीं दिया गया था। इस पूरे मामले को लेकर काफी गहमागहमी चलती रही। इसके बाद नगर निगम उपायुक्त भी मौके पर पहुंची। इसके बाद जब ​नगर निगम की टीम घरों को जांचने पहुंची तो वहां मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध भी किया। हालांकि, समझाइश के बाद वे माने। शाम करीब 5:30 बजे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद 5 दिन की मोहल्लत दी गई है। इसके लिए नगर निगम ने तीन परिवारों से लिखवाकर लिया है कि वे पांच दिन में खुद अपने से कब्जा हटा देंगे।

शहीद के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं, हाईकोर्ट सख्त:कार्मिक और सैनिक कल्याण विभाग को नोटिस; एक सप्ताह में जवाब मांगा

झुंझुनूं में शहीद के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई। राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कार्मिक विभाग और सैनिक कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है। दरअसल झुंझुनूं जिले के घनडावा गांव निवासी लालचंद ने वर्ष 2023 में शहीद सैनिक के आश्रित के तौर पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। प्रार्थी ने ‘राजस्थान मृत सशस्त्र बल कार्मिक (शहीद) के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति नियम-2022’ के तहत जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, चिड़ावा के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने यह आवेदन जिला कलेक्टर, झुंझुनू को भेज दिया था। जिन्होंने आगे मार्गदर्शन के लिए इसे संयुक्त शासन सचिव, कार्मिक विभाग, जयपुर को प्रेषित किया। ​नियमों के बदलाव से फंसा पेंच आवेदन प्रक्रिया के दौरान, कार्मिक विभाग ने 17 अक्टूबर 2024 को एक आदेश जारी किया, जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद के लिए शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाकर ‘सेकेंडरी’ (10वीं) कर दिया गया। इसी नई शैक्षणिक योग्यता का आधार बनाकर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय, चिड़ावा ने 31 अक्टूबर 2025 को प्रार्थी का आवेदन निरस्त कर दिया। ​फिर दी कोर्ट में चुनौती आवेदन का नियम विरुद्ध निरस्त होने पर प्रार्थी ने अधिवक्ता संजीव महला और विजय पूनियां के माध्यम से उच्च न्यायालय जयपुर में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता संजीव महला ने तर्क दिया कि प्रार्थी ने अपना आवेदन 2023 में किया था, जबकि शैक्षणिक योग्यता संबंधी नियम 2024 में बनाए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन के बाद बने नियम प्रार्थी पर लागू नहीं होने चाहिए। अधिवक्ता ने यह कहा कि कोई भी कानून ‘भूतलक्षी’ (पुराने समय से) प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता। ​हाईकोर्ट का आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश गणेश राम मीणा ने प्रार्थी के पक्ष और वकीलों द्वारा दिए गए तर्कों पर सहमति जताई। कोर्ट ने अब कार्मिक विभाग और सैनिक कल्याण विभाग को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब पेश करने का आदेश दिया है।

चित्तौड़गढ़ में निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा:श्रद्धालुओं ने खींची रथ की रस्सी, ड्रोन से फूल बरसाए

भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शनिवार शाम शहर में पूरे उत्साह और भक्ति के साथ निकाली गई। मीरा मार्केट स्थित इस्कॉन मंदिर से शुरू हुई रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के दर्शन के लिए पूरे रास्ते लोगों की भीड़ लगी रही। जैसे-जैसे नंदी घोष रथ आगे बढ़ता गया, श्रद्धालु हाथ जोड़कर भगवान का आशीर्वाद लेते रहे और रथ की रस्सी खींचने के लिए उत्साह दिखाते रहे। शहर के प्रमुख मार्ग घंटों तक भक्ति के माहौल में डूबे रहे। जगह-जगह लोगों ने रथयात्रा का स्वागत किया और पूरा आयोजन किसी धार्मिक उत्सव से ज्यादा एक जनआस्था का पर्व नजर आया। विशेष पूजा के बाद शुरू हुई रथयात्रा, झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र रथयात्रा शुरू होने से पहले मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया और छप्पन भोग अर्पित किया गया। महाआरती के बाद भगवान के विग्रहों को श्रद्धालुओं ने अपने हाथों पर उठाकर नंदी घोष रथ में विराजमान कराया। रथयात्रा की शुरुआत बच्चों द्वारा ध्वज लेकर की गई। इसके पीछे भक्ति संगीत के साथ गाड़ियां, इस्कॉन के संस्थापक आचार्य भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद का चित्र और भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व हनुमानजी की झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। रथ के साथ चल रहे श्रद्धालु संकीर्तन करते हुए नृत्य कर रहे थे, जिससे पूरे रास्ते उत्सव जैसा माहौल बना रहा। फूलों की बारिश, सेवा और श्रद्धा ने बनाया आयोजन खास रथयात्रा मीरा मार्केट, मीरानगर, शास्त्रीनगर चौराहा, कलेक्ट्रेट सर्किल, भारत पेट्रोल पंप, चामटीखेड़ा चौराहा, महाराणा प्रताप सेतु मार्ग, सिटी पेट्रोल पंप, चंद्रलोक टॉकीज और सुभाष चौक होते हुए ऋतुराज वाटिका पहुंची। पूरे रास्ते पर कई सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया। ड्रोन से भी लगातार फूल बरसाए गए, जिससे पूरे रास्ते का नजारा आकर्षक बन गया। गर्मी को देखते हुए जगह-जगह पानी की फुहारें और सुगंधित इत्र का छिड़काव किया गया। कई श्रद्धालु भगवान के छोटे विग्रह सिर पर रखकर यात्रा में शामिल हुए, जबकि कुछ लोग रथ के आगे चलकर रास्ते की सफाई करते नजर आए। युवाओं में भी रथयात्रा को लेकर खास उत्साह दिखा और वे पूरे आयोजन को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते रहे। संतों के सान्निध्य में हुआ समापन रथयात्रा में जयपुर के हरिभक्ति दास, भीलवाड़ा के चैतन्य प्रभु, अहमदाबाद के संजय कृष्ण प्रभु, हनुमानगढ़ के देवहरि प्रभु और चित्तौड़गढ़ इस्कॉन के प्रभारी मधुरमुरली दास मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रमोद पुरोहित, भरत माहेश्वरी, राकेश मंत्री, रवि वीराणी और संजय पुंगलिया सहित कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए। ऋतुराज वाटिका में महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ रथयात्रा का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। शहर में जहां-जहां से रथ गुजरा, वहां लोगों ने रुककर दर्शन किए और आयोजन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।

साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाता देने वाला गिरफ्तार:झालावाड़ में 'साइबर शील्ड' अभियान के तहत पुलिस ने की कार्रवाई

झालावाड़ में साइबर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने और म्यूल बैंक खाता धारकों के खिलाफ कार्रवाई के उद्देश्य से “साइबर शील्ड अभियान” चलाया जा रहा है। अपराधी विभिन्न खातों में राशि ट्रांसफर करने के लिए तथाकथित “म्युल बैंक खातों” का उपयोग करते हैं। इस अभियान के तहत, जिले के सभी थाना अधिकारियों को विशेष टीमें गठित कर साइबर अपराधियों और म्यूल बैंक खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में साइबर पुलिस थाना झालावाड़ ने सीआई विष्णु सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। यह आरोपी साइबर अपराध में उपयोग किए गए एक म्यूल बैंक खाते का बेचान करने में संलिप्त था। ‘साइबर शील्ड’ अभियान के दौरान एएसआई कमरूददीन द्वारा म्यूल खातों की जांच की जा रही थी। जांच में सुकेत, जिला कोटा निवासी एनुल हक का एक बैंक खाता पाया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि एनुल हक के परिचित शरजिल (24) पुत्र शकील, निवासी सलावद रोड, सुकेत, थाना सुकेत, जिला कोटा ग्रामीण ने एनुल हक को धोखे में रखकर इस खाते का संचालन किया। शरजिल इस खाते का उपयोग साइबर अपराधियों के लिए म्यूल बैंक खाते के रूप में कर रहा था। शरजिल साइबर अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क का सक्रिय सहयोगी बनकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित कर रहा था। इन तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रकरण में आगे अनुसंधान जारी है, जिसमें आरोपी से जुड़े अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, डिजिटल उपकरणों और साइबर अपराधियों के नेटवर्क के संबंध में गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में हेड कॉन्स्टेबल लोकेन्द्र सिंह, रवि सेन, सुमित, सुखराम और हेमराज शामिल रहे।

प्रतापगढ़ के जनजातीय छात्रावास में पौधारोपण:100 से ज्यादा पौधे लगाए, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

प्रतापगढ़ में ‘हरित भविष्य की ओर कदम’ अभियान के तहत राजकीय जनजातीय आवासीय छात्रावास परिसर में 100 से अधिक औषधीय और छायादार पौधे लगाए गए। यह पौधारोपण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतापगढ़ द्वारा शनिवार को किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग, नारकोटिक्स विभाग, महावीर इंटरनेशनल कांठलवीरा केन्द्र, एलएडीसीएस स्टाफ, शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पौधारोपण और संरक्षण की बताई जरूरत कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष और जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने की। उन्होंने वृक्षों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम बताया और कहा कि ये आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी धरोहर हैं। न्यायाधीश कुमारी ने अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुंदर लाल खारोल ने बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन को मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाए। पेड़ों के महत्व के बारे में बताया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति स्वामी ने पौधारोपण के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर प्रकाश डाला। जेल अधीक्षक सौरभ स्वामी ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में वृक्षारोपण की भूमिका बताई। सीडीईओ गोपाल जोशी ने जल संरक्षण में वृक्षों की भूमिका पर बात की, जबकि डीएफओ सुरेश अग्रवाल ने मिट्टी संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने में पेड़ों की उपयोगिता समझाई। इस कार्यक्रम के लिए वन विभाग ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया।

प्रसूताओं की मौत के बाद 2 नर्सिंगकर्मी APO:CMHO ने जारी किए आदेश; इलाज में लापरवाही बरतने पर सख्ती

​बांसवाड़ा जिले में चिकित्सा विभाग ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. खुशपाल सिंह राठौड़ ने दो नर्सिंग कर्मियों को APO कर दिया है। विभाग की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई को पिछले दिनों क्षेत्र में हुई प्रसूताओं की मौत के गंभीर मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। ​इन पर गिरी गाज, CMHO ऑफिस रहेगा मुख्यालय ​CMHO की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में गाज गिरने वाले कर्मचारियों में शामिल हैं: ​आदेश के मुताबिक, APO अवधि के दौरान इन दोनों ही नर्सिंग कर्मियों का मुख्यालय कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बांसवाड़ा रहेगा। इन्हें बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। ​गांगड़तलाई CHC पर वैकल्पिक व्यवस्था ​इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पर चिकित्सा व्यवस्थाएं प्रभावित न हों, इसके लिए विभाग ने मुस्तैदी दिखाई है। रिक्त हुए पदों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभाग ने दो अन्य नर्सिंग कर्मियों को गागड़तलाई CHC पर अस्थाई रूप से सेवाएं देने के लिए नियुक्त कर दिया है। ​चिकित्सा विभाग की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों और नर्सिंग स्टाफ में हड़कंप मचा हुआ है।

सीएम बोले- साइबर अपराधियों की केवल गिरफ्तारी काफी नहीं:संपत्ति जब्त कर तोड़ें इनकी आर्थिक कमर; हेल्पलाइन-1930 का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- साइबर अपराधियों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहे, बल्कि उनकी संपत्ति और वित्तीय नेटवर्क की भी गहन जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि अपराध की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजस्थान पुलिस मुख्यालय (PHQ) पहुंचकर साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की। सीएम ने साइबर हेल्पलाइन-1930, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विकसित संचार तंत्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जिन क्षेत्रों में साइबर अपराध के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, उन साइबर हॉटस्पॉट्स को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। R4C और साइबर हेल्पलाइन 1930 का किया निरीक्षण पुलिस मुख्यालय पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने Rajasthan Response and Rescue Coordination Centre (R4C) का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इसके बाद PHQ में उन्होंने साइबर हेल्पलाइन-1930 की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर आए एक परिवादी की शिकायत भी सुनी और समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली। विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स की होगी नियुक्ति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स की सेवाएं ली जाएं। सीएम ने कहा कि यह व्यवस्था केवल पुलिस मुख्यालय तक सीमित न रहकर जिला स्तर पर भी लागू की जाए, ताकि हर जिले में विशेषज्ञता के आधार पर साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। 91 प्रतिशत कॉल अटेंड, 98 करोड़ रुपए की राशि होल्ड बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के बाद राज्य में साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 1930 हेल्पलाइन की लाइनों की संख्या बढ़ाने के बाद अब 91 प्रतिशत से अधिक कॉल अटेंड की जा रही हैं। साइबर ठगी की शिकायतों में अब तक करीब 98 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई जा चुकी है। इसके अलावा साइबर अपराध में उपयोग होने वाले मोबाइल फोन और सिम कार्ड लगातार ब्लॉक किए जा रहे हैं तथा खोए हुए मोबाइल फोन नागरिकों को वापस दिलाने की कार्रवाई भी जारी है। दो माह में शुरू होगा राजस्थान का R4 डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद I4C की तर्ज पर Rajasthan Cyber Crime Coordination Centre (R4C) की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। लक्ष्य है कि अगले दो माह में इसे पूरी तरह क्रियान्वित कर दिया जाए। इसके लिए अलग भवन तैयार किया जा रहा है, जहां R4C के साथ 1930 कॉल सेंटर भी संचालित होगा। 1930 हेल्पलाइन की क्षमता 100 लाइनों तक बढ़ेगी वर्तमान में 1930 हेल्पलाइन 53 लाइनों पर संचालित हो रही है और 90 प्रतिशत से अधिक कॉल रिसीव की जा रही हैं। जल्द ही इसकी क्षमता 60 लाइनों तक बढ़ाई जाएगी और वर्ष के अंत तक इसे 100 लाइनों तक विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए कॉल सेंटर ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत और तकनीकी रूप से सक्षम कार्रवाई की जा सके। राष्ट्रीय पोर्टल के आधार पर होगी कार्रवाई डीजीपी ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिन क्षेत्रों में साइबर ठगी की घटनाएं अधिक सामने आती हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी पुलिस अधीक्षकों (SP) और आईजी रेंज को इन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। लोगों से की सतर्क रहने की अपील डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि वे 100 या 200 प्रतिशत रिटर्न, शेयर ट्रेडिंग, निवेश, ऑनलाइन जॉब, विदेश भेजने या अन्य आकर्षक ऑफर देने वाले कॉल, व्हाट्सएप मैसेज और लिंक के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की धनराशि जमा करने या निवेश करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें और संदेह होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद साइबर थानों, जिला पुलिस अधीक्षकों और आईजी रेंज को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए और अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।

जोधपुर-हड़पसर एक्सप्रेस 25 जुलाई तक रद्द:श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर रुकेगी 'लीलण' और 'बांद्रा' सुपरफास्ट एक्सप्रेस

मध्य रेलवे के मुंबई मंडल में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खल के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके चलते हड़पसर-जोधपुर-हड़पसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन अब 25 जुलाई तक प्रभावित रहेगा। यह ट्रेन गत 10 जुलाई से ही अस्थायी रूप से रद्द चल रही थी, जिसकी अवधि को अब रेलवे प्रशासन ने आगे बढ़ाते हुए 25 जुलाई तक कर दिया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) हितेश यादव ने बताया- ट्रैक बाधित होने के कारण (ट्रेन संख्या 20495) जोधपुर-हड़पसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की 18 से 24 जुलाई के बीच की सात ट्रिप (फेरे) रद्द की गई हैं। इसी प्रकार, वापसी में (ट्रेन संख्या 20496) हड़पसर-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस की भी 19 से 25 जुलाई के बीच की सात ट्रिप रद्द रहेंगी। यात्रियों के लिए रेलवे की सलाह ट्रेनों के अचानक रद्द होने से यात्रियों को होने वाली असुविधा को देखते हुए रेलवे ने विशेष अपील जारी की है। प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे घर से निकलने या अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे के हेल्पलाइन नंबरों या आधिकारिक वेबसाइट/ऐप के जरिए अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति (लाइव स्टेटस) की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर रुकेगी ‘लीलण’ और ‘बांद्रा’ सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसलमेर रूट पर यात्रा करने वाले रेल यात्रियों की सुविधा के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। जोधपुर मंडल के ‘श्री भादरिया लाठी’ स्टेशन पर अब दो प्रमुख सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव (Halt) शुरू किया जा रहा है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हाल ही में जैसलमेर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य के लोकार्पण समारोह में स्थानीय लोगों की मांग पर इसकी घोषणा की थी। प्रायोगिक आधार पर आगामी आदेशों तक ठहराव मंजूर जोधपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों की लंबे समय से चल रही मांग को देखते हुए राईका बाग-जैसलमेर रेलखंड पर स्थित श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव को मंजूरी दी गई है। इनमें जैसलमेर-जयपुर-जैसलमेर लीलण सुपरफास्ट एक्सप्रेस (दैनिक) और बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट एक्सप्रेस (साप्ताहिक) शामिल हैं। यह ठहराव फिलहाल प्रायोगिक आधार पर आगामी आदेशों तक रहेगा। जानें दोनों ट्रेनों के ठहराव का समय (Time-Table): 1. जैसलमेर-जयपुर-जैसलमेर लीलण एक्सप्रेस (प्रतिदिन): ट्रेन संख्या 12467 (जैसलमेर से जयपुर): 19 जुलाई से इस ट्रेन का श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर प्रतिदिन रात्रि 1:14 बजे आगमन और 1:16 बजे प्रस्थान होगा (2 मिनट का ठहराव)। ट्रेन संख्या 12468 (जयपुर से जैसलमेर): यह ट्रेन प्रतिदिन सुबह 4:00 बजे स्टेशन पहुंचेगी और 4:02 बजे जैसलमेर के लिए रवाना होगी। 2. बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर-बांद्रा एक्सप्रेस (साप्ताहिक): ट्रेन संख्या 22931 (बांद्रा टर्मिनस से जैसलमेर): 25 जुलाई से प्रत्येक शनिवार सुबह 8:08 बजे इस स्टेशन पर पहुंचेगी और 8:10 बजे रवाना होगी। ट्रेन संख्या 22932 (जैसलमेर से बांद्रा टर्मिनस): 18 जुलाई से प्रत्येक शनिवार शाम 6:54 बजे इस स्टेशन पर पहुंचेगी और 6:56 बजे प्रस्थान करेगी। शुक्रवार को जैसलमेर रेलवे स्टेशन के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देश को संबोधित किया था। इसी भव्य समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों की मांग को तुरंत स्वीकार करते हुए श्री भादरिया लाठी स्टेशन पर इन दोनों सुपरफास्ट ट्रेनों के ठहराव की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी थी।