जोधपुर में अतिक्रमण हटाने गई निगम की टीम का विरोध:पुलिस से उलझे लोग, विवाद बढ़ता देख मौके से भीड़ को खदेड़ा; 5 दिन का अल्टीमेटम
जोधपुर में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम के खिलाफ लोग विरोध में उतर गए। इस दौरान मकानों को तोड़ने पहुंची नगर निगम की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोग पुलिस से उलझ गए। पुलिस ने विवाद बढ़ता देख मौके से भीड़ को खदेड़ दिया। नगर निगम की टीम ने लोगों को 5 दिन में खुद ही अतिक्रमण हटाने की अल्टीमेटम दिया। दरअसल, जब नगर निगम की टीम मकानों को तोड़ने पहुंची, तब कॉलोनी के लोग टीम का विरोध करने लगे। इस दौरान आक्रोशित लोग और निगम अधिकारी आमने-सामने हो गए। मौके पर विवाद बढ़ता देख अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस जाब्ता बुला लिया। इस दौरान आक्रोशित लोग नारेबाजी करने लगे तो पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया। मामला शनिवार को शहर के कबीर नगर का है। करीब 5 घंटे तक स्थानीय लोग और अधिकारियों के बीत लगातार गहमागहमी का माहौल रहा। आखिरकार बाद में नगर निगम की ओर से इन अतिक्रमण को हटाने के लिए पांच दिन का समय दिया गया। स्थानीय लोग टीम और पुलिस से उलझे लोगों का कहना था कि कबीर नगर में उनका कई सालों से कब्जा है। वे लंबे समय से यहां रह रहे है। कुछ दिनों पहले वे निगम के अधिकारियों से मिल समय मांगा था। लेकिन, अब वे अचानक यहां कार्रवाई करने पहुंचे। इसे लेकर स्थानीय लोग निगम के अधिकारी और पुलिस से उलझ गए। इस दौरान सड़क रोक नारेबाजी करने लगे। इस पर पुलिस ने समझाइश के उन्हें वहां से हटाया। तीन प्लाट को लेकर था विवाद, एक ने गलत जमीन पर किया कब्जा नगर निगम के सीएफओ जलज घासिया ने बताया कि कबीर नगर में तीन प्लाटों को लेकर विवाद था। इसके बाद निर्णय लिया गया कि इन पर अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इसके बाद टीम जब मौके पर पहुंची तो लोगों ने समय देने की मांग की। इस पर आयुक्त राहुल जैन से बातचीत की गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि इन्हें पांच दिन का समय दिया जाए। स्थानीय लोगों ने लिखकर दिया है कि वे पांच दिन में अपना कब्जा खुद हटा लेंगे। वहीं एक युवक ने अपने अलॉट प्लाट को छोड़कर उसके पास दूसरे प्लॉट पर मकान बना लिया था। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के बाद उसके अधिकार वाला कब्जा दे दिया जाएगा। पांच घंटे तक चली गहमागहमी, पुलिस जाब्ता रहा तैनात इधर, जैसे ही टीम शनिवार को कबीर नगर में जाब्ते के साथ अतिक्रमण करने पहुंची तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी मंगवाया गया। इस दौरान लगातार बातचीत का दौर चलता रहा। परिवारों की ओर से भी पक्ष रखा गया कि उनका कब्जा सही है। इसके अलावा इस कार्रवाई को लेकर कोई नोटिस नहीं दिया गया था। इस पूरे मामले को लेकर काफी गहमागहमी चलती रही। इसके बाद नगर निगम उपायुक्त भी मौके पर पहुंची। इसके बाद जब नगर निगम की टीम घरों को जांचने पहुंची तो वहां मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध भी किया। हालांकि, समझाइश के बाद वे माने। शाम करीब 5:30 बजे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद 5 दिन की मोहल्लत दी गई है। इसके लिए नगर निगम ने तीन परिवारों से लिखवाकर लिया है कि वे पांच दिन में खुद अपने से कब्जा हटा देंगे।

