प्रतापगढ़ के जनजातीय छात्रावास में पौधारोपण:100 से ज्यादा पौधे लगाए, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
प्रतापगढ़ में ‘हरित भविष्य की ओर कदम’ अभियान के तहत राजकीय जनजातीय आवासीय छात्रावास परिसर में 100 से अधिक औषधीय और छायादार पौधे लगाए गए। यह पौधारोपण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, प्रतापगढ़ द्वारा शनिवार को किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया इस कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग, नारकोटिक्स विभाग, महावीर इंटरनेशनल कांठलवीरा केन्द्र, एलएडीसीएस स्टाफ, शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पौधारोपण और संरक्षण की बताई जरूरत कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष और जिला एवं सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने की। उन्होंने वृक्षों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम बताया और कहा कि ये आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी धरोहर हैं। न्यायाधीश कुमारी ने अधिक पौधारोपण और उनके संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुंदर लाल खारोल ने बढ़ते प्रदूषण, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन को मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाए। पेड़ों के महत्व के बारे में बताया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति स्वामी ने पौधारोपण के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व पर प्रकाश डाला। जेल अधीक्षक सौरभ स्वामी ने ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में वृक्षारोपण की भूमिका बताई। सीडीईओ गोपाल जोशी ने जल संरक्षण में वृक्षों की भूमिका पर बात की, जबकि डीएफओ सुरेश अग्रवाल ने मिट्टी संरक्षण और कृषि उत्पादन बढ़ाने में पेड़ों की उपयोगिता समझाई। इस कार्यक्रम के लिए वन विभाग ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे उपलब्ध कराए। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया।

