जोधपुर में 7 जुलाई को नहीं आएगा पानी:8-9 जुलाई को कई इलाकों का सप्लाई शेड्यूल बदलेगा, लाइनों का होगा मेंटेनेंस

जोधपुर के आधे से अधिक शहर में 7 जुलाई को पानी की सप्लाई बाधित रहेगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अनुसार, ग्रीष्मकालीन जल भंडारण जलाशयों के साथ-साथ फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइपलाइनों की जरूरी सफाई व रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। PHED नगर वृत्त जोधपुर के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता ने बताया कि शहर के सभी फिल्टर हाउस से जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। इसके चलते कई इलाकों में पानी की सप्लाई का शेड्यूल एक दिन आगे खिसका दिया गया है। इन इलाकों में बदला पानी की सप्लाई का शेड्यूल: कायलाना, चौपासनी और सूरपुरा फिल्टर हाउस: इन क्षेत्रों में 7 जुलाई को होने वाली सप्लाई अब 8 जुलाई को और 8 जुलाई की सप्लाई 9 जुलाई को होगी। झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस: इन क्षेत्रों (सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, पाल बाइपास और शिल्पग्राम के आसपास) में 7 जुलाई को सुबह 10 बजे तक जलापूर्ति सामान्य रहेगी। इसके बाद, यहाँ 8 जुलाई की सप्लाई 9 जुलाई को और 9 जुलाई की सप्लाई 10 जुलाई को की जाएगी।

जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल:347 कॉन्स्टेबलों के तबादले, DCP शाहीन सी ने जारी किए आदेश, देखें पूरी लिस्ट

जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा फेरबदल किया गया है। 347 कॉन्स्टेबलों के तबादले (ट्रांसफर) किए गए हैं। पुलिस उपायुक्त शाहीन सी ने शनिवार शाम आदेश जारी किए हैं। जारी सूची के अनुसार, सबसे ज्यादा पुलिस लाइन से कॉन्स्टेबलों को थानों में भेजा गया है, जबकि करीब 15 कॉन्स्टेबलों को अलग-अलग थानों और चौकियों से पुलिस लाइन भेजा गया है। हालांकि, ये तबादले कॉन्स्टेबलों के स्वयं के अनुरोध (एप्लीकेशन) और प्रशासनिक कारणों से किए गए हैं। अब यहां देखिए, पूरी लिस्ट…

नशीली गोलियां बेचने के पांच साल पुराने मामले में सजा:NDPS कोर्ट ने दो युवकों को 12-12 साल की सजा दी, दो लाख रुपए का जुर्माना भी

बीकानेर के विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट प्रकरण) ने करीब पांच साल पुराने ट्रामाडोल बरामदगी मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 12-12 वर्ष के कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश प्रमोद बंसल ने शनिवार को यह निर्णय सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशिष्ट लोक अभियोजक हरीश कुमार भट्टड़ ने बताया कि अदालत ने विष्णु सिंह तथा शशि भारती को एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार दिया। दोनों को 12-12 वर्ष के कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। 100 पैकेटों में मिली थीं 25 हजार ट्रामाडोल गोलियां अभियोजन के अनुसार 19 जनवरी 2021 को नयाशहर थाना पुलिस ने कार्रवाई के दौरान विष्णु सिंह के कब्जे से नशे की ट्रामाडोल 100 mg की 100 पैकेट बरामद किए थे। प्रत्येक पैकेट में 250 गोलियां थीं। इस प्रकार कुल 25 हजार ट्रामाडोल गोलियां बरामद हुईं। आरोपी इनके संबंध में कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। अनुसंधान के दौरान शशि भारती की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट तहत आरोप पत्र पेश किया गया। हिरासत में बिताई अवधि होगी समायोजित न्यायालय ने आदेश दिया कि दोनों अभियुक्तों द्वारा पुलिस व न्यायिक अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 428 के तहत सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही दोनों के सजा वारंट जारी कर उन्हें केंद्रीय कारागृह, बीकानेर भेजने के निर्देश दिए गए।

किसान को बेरहमी पीटा, घायल किसान की हॉस्पिटल में मौत:MDM की मॉर्च्युरी के बाहर परिजन धरने पर बैठे; 10 दिन से चल रहा था इलाज

जोधपुर में खेत में घुसकर जानलेवा हमले में घायल किसान खुशाल सिंह की शनिवार को मथुरादास माथुर(MDM) हॉस्पिटल में मौत हो गई। खुशाल सिंह का पिछले 10 दिन से इलाज चल रहा था। इस दौरान परिजन मॉर्च्युरी के बाहर आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता, बेटे को सरकारी नौकरी सहित अन्य मांगों को लेकर मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस ने परिजनों को समझाश का प्रयास भी किया, लेकिन वे नहीं माने और शव का पोस्टमॉर्टम कराने से भी मना कर दिया। घटना घेड़ापा थाना क्षेत्र में 25 जून की है। हालांकि, पुलिस मामले को लेकर जांच में जुट गई है। परिजनों ने खुशाल सिंह को 25 जून को ही अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद से ही खुशाल सिंह लगातार बेहोश थे और आज(शनिवार) इलाज के दौरान उनकी अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों बताया कि खुशाल सिंह खेती का काम करता था। देखिए, धरने से जुड़ी 3 PHOTO’S जानिए, क्या है पूरा मामला दरअसल, खेड़ापा थाने में दी रिपोर्ट में बिरसालू कला गांव में खेत पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज हुआ है। 27 जून को दी रिपोर्ट के अनुसार, 25 जून की शाम करीब 30 से 35 लोगों ने पीड़ित के खेत में घुसकर जानलेवा हमला किया है। घटना में दो सगे भाई घायल हो गए। रिपोर्ट में बिरसालू कलां निवासी हुक्मसिंह ने बताया कि उनका बड़ा भाई खुशाल सिंह खेत से घर लौट रहा था। इसी दौरान करणसिंह, बाबूसिंह सहित 30-35 लोग हथियारों और लाठियों के साथ खेत में पहुंचे।
सूचना मिलने पर वह अपने पड़ोसी निम्बाराम और बाबूदेवी के साथ खेत में पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर आरोपियों ने खुशाल सिंह के सिर पर कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इस दौरान वह भी बीच-बचाव करने पहुंचा, जहां उसके सिर पर भी कुल्हाड़ी से वार किया गया और लाठियों से मारपीट की गई। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। रिपोर्ट में यह भी बताया कि निम्बाराम और बाबूदेवी को गालियां दी गईं। बाबूदेवी के साथ कथित रूप से अभद्रता की और गालियां दी। मारपीट के दौरान खुशालसिंह की जेब से दुकान की चाबियां भी निकालकर ले गए। घटना के बाद घायलों के उपचार में व्यस्त रहने के कारण 27 जून को पुलिस थाना खेड़ापा में लिखित रिपोर्ट दी गई।

दैनिक भास्कर का प्रतिभा सम्मान समारोह-2026:10वीं-12वीं में 75% अंक लाने वाले स्टूडेंट्स का होगा सम्मान, रजिस्ट्रेशन 8 जुलाई तक

श्रीगंगानगर जिले की प्रतिभाओं को नई पहचान और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान करने के उद्देश्य से दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित ‘प्रतिभा सम्मान समारोह-2026’ का आयोजन 12 जुलाई (रविवार) सुबह 10:30 बजे जगनाथ एनक्लेव, पदमपुर रोड, श्रीगंगानगर में किया जाएगा। समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स के साथ-साथ खेल के क्षेत्रों में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष समारोह का दायरा और भी व्यापक किया गया है। सीबीएसई एवं आरबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल या उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ी, प्रतिभाएं सम्मान की पात्र होंगी। समारोह में शामिल होने के लिए स्टूडेंट्स निःशुल्क रजिस्ट्रेशन 8 जुलाई तक क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अपनी अंकतालिका व आधार कार्ड की फोटो कॉपी के साथ दैनिक भास्कर कार्यालय, जगनाथ एनक्लेव कार्यालय तथा निर्धारित पंजीकरण केंद्रों पर जाकर ऑफलाइन आवेदन भी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक जमा कर सकते हैं। दैनिक भास्कर का यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि जिले की उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने पात्र स्टूडेंट्स से समय रहते रजिस्ट्रेशन कराकर इस गौरवपूर्ण अवसर का हिस्सा बनने की अपील की है। रजिस्ट्रेशन से संबंधी जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। 9649555565, 97854 35395 दैनिक भास्कर को 75% से अधिक अंक लाने वाले स्टूडेंट्स को सम्मानित करने के इस सराहनीय पहल के लिए हार्दिक बधाई। यह केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के परिश्रम, अनुशासन और सपने देखने के जज्बे को मान्यता है। मेरा मानना है कि जब समाज मेहनत को मंच देता है, तो आने वाली पीढ़ी और ऊंचा उड़ान भरती है। ऐसी पहलें बच्चों में आत्मविश्वास जगाती हैं और उन्हें कल के लिए प्रेरित करती हैं। डॉ. कविता चौधरी
डायरेक्टर एकेडमिक्स, सेठ जी.एल. बिहानी एस.डी. शिक्षा ट्रस्ट

ममता की करीबी चंद्रिमा ने बंगाल TMC अध्यक्ष पद छोड़ा:एक महीने पहले पद संभाला था; ममता बोलीं- पार्टी छोड़ने की तैयारी पहले से थी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सीनीयर लीडर चंद्रिमा भट्टाचार्य ने नियुक्ति के महज एक महीने बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के अन्य सभी पद भी छोड़ दिए हैं। उनके बागी गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। चंद्रिमा ने कहा कि उन्होंने यह फैसला ममता बनर्जी की फोन पर की गई नाराजगी के बाद लिया। शुक्रवार को बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कोलकाता में पार्टी हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया था। उस समय चंद्रिमा भवन में मौजूद थीं, लेकिन कुछ देर बाद वहां से चली गईं। ममता ने चंद्रिमा पर बागी गुट का साथ देने का आरोप लगाया था। चंद्रिमा के इस्तीफे के बाद ममता ने खुद राज्य इकाई की कमान संभालने का ऐलान किया है। उन्होंने मदन मित्रा और कुणाल घोष को पार्टी समिति में शामिल किया है। बनर्जी ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। चंद्रिमा पहले से पार्टी छोड़ने की तैयारी में थीं, क्योंकि उनका बेटा पहले ही भाजपा में शामिल हो चुका था। इस्तीफे के बाद बागी नेताओं से मुलाकात चंद्रिमा भट्टाचार्य तीन बार विधायक रह चुकी हैं, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें दमदम उत्तर सीट से भाजपा के सौरव सिकदार ने हरा दिया था। इस्तीफे के कुछ ही देर बाद चंद्रिमा को विधानसभा में बागी गुट के नेताओं के साथ देखा गया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह सिर्फ पूर्व विधायक के तौर पर कुछ काम से विधानसभा गई थीं और विपक्ष के कमरे में बैठने का मतलब यह नहीं है कि वह बागी गुट में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। चंद्रिमा के बेटे और कोलकाता नगर निगम के पूर्व पार्षद सौरव बसु कुछ सप्ताह पहले ही बागी खेमे में शामिल हो चुके हैं। वह भी विधानसभा में बागी नेताओं की बैठक में मौजूद थे। ममता बोलीं- पार्टी के दम पर चुनाव जीते, अब उसी से गद्दारी कर रहे बंगाल चुनाव में हार के बाद बागी गुट ने ऋतब्रत को नेता चुना 3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। TMC के 80 में से 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया था। इसमें मांग की गई थी कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी थी। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था। ममता के पास अब 22 विधायक और 17 सांसद बचे टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं। दो तिहाई सदस्य होने पर मिलती है अलग दल की मान्यता बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर खुद को असली TMC के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। उन्होंने चुनाव आयोग को पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) की जानकारी दी थी। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… TMC हेडक्वार्टर पर बागी गुट का कब्जा:ताले हटाए, पोस्टर बदले, इनमें ममता की फोटो नहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने कोलकाता स्थित पार्टी हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में गुट ने दफ्तर के ताले बदल दिए और नए पोस्टर लगाए। नए पोस्टर्स में ममता बनर्जी की तस्वीर नहीं थी। हालांकि, अंदर लगी उनकी तस्वीर और कटआउट को नहीं हटाया गया। पूरी खबर पढ़ें…

युवाओं में बढ़ रहा लिवर फेलियर का खतरा:10 सालों में बदला हेपेटाइटिस का पैटर्न; डॉक्टरों के बीच चर्चा का विषय बनी

जयपुर में देशभर के अलग-अलग शहरों से पेट रोग (गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी) से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टर्स का सेमिनार हुआ। इसमें हेपेटाइटिस के बदलते पैटर्न और उससे यूथ में होने वाली बीमारियों पर मुख्य चर्चा हुई। डॉक्टरों ने बताया- पिछले 10-15 सालों में लिवर की गंभीर बीमारी सामने आने के पीछे कारण हेपेटाइटिस का बदलता पैटर्न है। इंडियन सोसायटी ऑफ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी के राजस्थान चैप्टर की ओर से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने बताया- बच्चों में कॉमन माने जाने वाला हेपेटाइटिस-ए अब वयस्क (यूथ) को अपनी चपेट में ले रहा है और इसके रिजल्ट भी गंभीर हैं। यूथ में हेपेटाइटिस-ए होने पर उसे गंभीर पीलिया या लिवर फेलियर तक हो रहा है। हेपेटाइटिस-ई का पैटर्न भी बदला है। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग कमेटी में शामिल डॉ. रमेश रूप राय और डॉ. संदीप निझावन ने बताया- इस कॉन्फ्रेंस में देशभर से 150 से अधिक एक्सपर्ट्स शामिल हुए, जो पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं के इलाज पर नवीनतम तकनीकों और गाइडलाइंस के बारे में जानकारियां साझा कर रहे हैं। डॉ. मुकेश कल्ला और डॉ. अनुराग गोविल ने बताया कि पहले दिन के वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लीवर रोगों के उपचार में हो रहे नवीनतम बदलावों पर चर्चा की। इसीलिए यूथ में गंभीर हो गया हेपेटाइटिस-ए
डॉ. आदर्श चौधरी ने बताया- हेपेटाइटिस-ए गंदे पानी के एक्सपोजर से होता है। पिछले कुछ समय में बच्चों में यह एक्सपोजर बहुत कम हो गया है। बच्चों में जब यह बीमारी नहीं हुई और बड़े होने पर अब उन्हें किसी कारण से हेपेटाइटिस-ए होता है तो बच्चों की अपेक्षा उनमें यह बीमारी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। जितनी अधिक उम्र में हेपेटाइटिस-ए के केस देखने को मिल रहे हैं, लिवर फेलियर होने की संभावना उतनी अधिक है। वहीं हेपेटाइटिस-ई का पैटर्न बदला है। पहले ये सीमित क्षेत्र में ब्लास्ट की तरह होता था। अब लगातार इसके केस आ रहे हैं। प्रेगनेंट महिलाओं को इससे ज्यादा खतरा हो गया है। अंतिम तीन महीने में तो लिवर फेलियर से उनकी जान जाने की संभावना काफी बढ़ गई है। एसिस एक्स-1 से मालूम होगा पेट में ब्लीडिंग का सटीक स्रोत
अब तक पेट में होने वाली ब्लीडिंग के सोर्स का पता लगाना बेहद मुश्किल होता था। पेट में खून कहां से रिस रहा है यह पता नहीं लग पाता था। ऐसे में कई बार पेट में खून जमा हो जाता। इस परेशानी का सही डायग्नोस करने के लिए अब नई तकनीक का इजाद किया है। एसिस एक्स-1 एंडोस्कोपी सिस्टम नाम की इस मशीन से पेप्टिक अल्सर या खून की उलटी के मरीजों की परेशानी को पहचाना जा सकता है और उसका इलाज किया जा सकता है। इसमें एम्बरलाइट सेंसर होता है, यह पेट में जाकर उस हिस्से को पहचान लेता है जहां हिमोग्लोबिन स्तर काफी ज्यादा है। ब्लीडिंग का सही सोर्स की पहचान कर उसकी क्लिपिंग की जा सकती है और ब्लीडिंग को रोका जा सकता है।

ऊंट पर निकली बछड़े की बंदोली:गाजे-बाजे के साथ निकली बारात, शुभ मुर्हूत में हुए फेरे, अनूठे विवाह में शामिल हुआ पूरा गांव

आपने शादिया तो बहुत देखी होगी लेकिन पाली जिले के बारसा गांव में शनिवार को अनौखी शादी हुई। जो जिले भर में चर्चा का विषय रही। बछड़ा का बछड़ी से विधि-विधान से शादी करवाई गई। ऊंट पर बछड़े को बिठाकर बैंडबाजे पर बंदौली निकाली गई। नाचते-गाते हुए बारात निकली और शुभ मुर्हूत में बछड़ा का विवाह बिछड़ी के साथ सम्पन्न हुआ। इसके साथ ही पीपल की शादी बरगद के पेड़ के साथ की गई। गांव में पहली बार बछड़ा-बछड़ी की अनौखी शादी होना बताया जा रहा है। पूरे ग्रामीण में बारसा सहित आस-पास के कई गांवों के लोग शामिल हुए। यह अनौखा आयोजन पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन उपखंड क बारसा गांव में हुआ। जिसमें बछड़े की शादी बछड़ी से और पीपल की शादी बरगद के पेड़ से करवाई गई। बकाया 26 जून को लग्न लिखा गया। उसके बाद 4 जुलाई की की सुबह बारसा गांव में गाजे-बाजे के साथ बंदौली निकाली गई। जिसमें ट्रेक्टर ट्रॉली में पीपल और बरगद के पौधे को लेकर श्रद्धालु बैठे। वही बछड़ा-बछड़ी को दो श्रद्धालु ऊंट लेकर बैठे। जगमोहन मंदिर से बारात रवाना हुई जो हनुमान मंदिर पहुंच सम्पन्न हुई। जहां शुभ मुर्हूत में बछड़े का बछड़ी के साथ और पीपल का बरगद के पौधें के साथ विवाह सम्पन्न करवाया गा।
वाटिका में रखा 800-1000 लोगों का खाना
इस अनौखी शादी को लेकर बारसा गांव के श्रीराम वाटिका में 3-4 जुलाई को खाना बनाया गया। 4 जुलाई को 800 से ज्यादा लोग भोजन में पहुंचे। भोजन में लापसी, खड्‌डी, पुड़ी, चिप्स, मोठ बनाया गया।

जमीन के विवाद में स्कॉर्पियो से कुचलकर बुजुर्ग की हत्या:दोनों पक्षों से 13 घायल; लाठी- डंडों से किए एक-दूसरे पर वार

भरतपुर में जमीन के विवाद में 2 पक्ष आपस में भिड़ गए। खेत पर कब्जा लेने आए एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के बुजुर्ग की स्कॉर्पियो से कुचलकर हत्या कर दी। दोनों ओर से झगड़े में करीब 13 लोग घायल हो गए, जिनका हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना जिले के उच्चैन थाना इलाके में शनिवार की शाम करीब 4 बजे हुई। सीओ सुरेश कुड़ी ने बताया- घटना की जानकरी पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। अभी तक किसी भी पक्ष ने कोई शिकायत नहीं दी है। प्रारंभिक तौर पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मृतक रमेश(60) का सुबह पोस्टमॉर्टम होगा। 30 साल पहले खरीदे खेत का खसरा नंबर बदलने पर विवाद
बच्चू बंजारा निवासी चक खरका ने बताया- गांव में हमने एक खेत को 30 साल पहले खरीदा था। सेटलमेंट के दौरान खेत का खसरा नंबर बदल गया। खसरा बदलने के कारण अब वह खेत सुभाष बंजारा पक्ष के नाम से रिकॉर्ड में आ रहा है। बच्चू ने दावा किया कि उनके पास खेत की पुरानी रजिस्ट्री भी है। खेत पर मंदिर, ट्यूबेल लगाया हुआ है। अब खेत पर सुभाष बंजारा पक्ष कब्जा करना चाहता है। आज जब बच्चू बंजारा पक्ष खेत पर काम कर रहा था, तब ही सुभाष बंजारा पक्ष ने लाठी- डंडों से उन पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों पक्ष भिड़ गए। झगड़े के दौरान सुभाष बंजारा पक्ष का एक व्यक्ति अपनी स्कॉर्पियो लेकर खेत में आ गया और उसने बच्चू बंजारा पक्ष के लोगों पर स्कॉर्पियो चढ़ाने की कोशिश की, जिससे वहां भगदड़ मच गई। हालांकि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बच्चू पक्ष के बुजुर्ग रमेश को कुचल दिया। गंभीर हालत में उसे उच्चैन के सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। फिलहाल सभी घायलों का हॉस्पिटल में इलाज जारी है। दोनों पक्षों से 13 घायल हुए, जिनमें 3 आरबीएम हॉस्पिटल में भर्ती
झगड़े में बच्चू पक्ष से मदन लाल, ओमवीर, धर्मवीर, सतपाल, पिस्ता, मैना, शेर सिंह का उच्चैन हॉस्पिटल में इलाज जारी है। जबकि नेत्रपाल, हरभान सिंह और सत्तो आरबीएम हॉस्पिटल में भर्ती है। सुभाष बंजारा पक्ष से रमेश, लोकेंद्र, मिथलेश घायल हुए हैं, जिनका उच्चैन में ही इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार- मृतक रमेश का पोस्टमॉर्टम सुबह होगा। इनपुट- विशेष गर्ग, रुदावल, भरतपुर

MGSU की लापरवाही से परेशान हुए बीएड कॉलेज:युनिवर्सिटी ने अंतिम क्षणों में जारी की NOC, काउंसलिंग से बाहर रहे कॉलेज

पीटीईटी-2026 काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में रही। कोटा के वर्द्धमान ओपन युनिवर्सिटी ने दो बार प्रोफाइल भरने की तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय समय पर बी.एड. कॉलेजों की एनओसी जारी नहीं कर सका। प्रोफाइल भरने की अंतिम तिथि के दिन घंटों इंतजार के बाद विश्वविद्यालय ने अंतिम क्षणों में एनओसी जारी की, जिससे चार जिलों के बी.एड. कॉलेजों को बड़ी राहत मिली। इस वर्ष पीटीईटी-2026 की काउंसलिंग का जिम्मा वीएमओयू, कोटा के पास है। प्रवेश प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रोफाइल भरकर कॉलेजों का चयन करना होता है। इसके लिए संबंधित कॉलेजों की एनओसी पोर्टल पर उपलब्ध होना आवश्यक है। कॉलेज संचालकों का कहना है कि उन्होंने समय पर सभी दस्तावेजों का सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, लेकिन इसके बावजूद एनओसी जारी होने में अनावश्यक देरी हुई। अंतिम तिथि के दिन दोपहर तक भी एनओसी जारी नहीं होने से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिले के कॉलेजों में असमंजस का माहौल बना रहा। कॉलेज संचालकों के अनुसार यदि अंतिम समय में एनओसी जारी नहीं होती तो इन चारों जिलों के कई बी.एड. कॉलेज पीटीईटी की प्रथम काउंसलिंग सूची से बाहर हो सकते थे। उनका कहना है कि पहले से ही बी.एड. में प्रवेश कम हो रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की प्रशासनिक देरी कॉलेजों के लिए और अधिक नुकसानदायक साबित हो सकती थी। हालांकि विश्वविद्यालय ने अंततः एनओसी जारी कर दी, लेकिन कॉलेज संचालकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए, ताकि प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध और बिना किसी अनिश्चितता के पूरी हो सके।