MGSU की लापरवाही से परेशान हुए बीएड कॉलेज:युनिवर्सिटी ने अंतिम क्षणों में जारी की NOC, काउंसलिंग से बाहर रहे कॉलेज
पीटीईटी-2026 काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में रही। कोटा के वर्द्धमान ओपन युनिवर्सिटी ने दो बार प्रोफाइल भरने की तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय समय पर बी.एड. कॉलेजों की एनओसी जारी नहीं कर सका। प्रोफाइल भरने की अंतिम तिथि के दिन घंटों इंतजार के बाद विश्वविद्यालय ने अंतिम क्षणों में एनओसी जारी की, जिससे चार जिलों के बी.एड. कॉलेजों को बड़ी राहत मिली। इस वर्ष पीटीईटी-2026 की काउंसलिंग का जिम्मा वीएमओयू, कोटा के पास है। प्रवेश प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रोफाइल भरकर कॉलेजों का चयन करना होता है। इसके लिए संबंधित कॉलेजों की एनओसी पोर्टल पर उपलब्ध होना आवश्यक है। कॉलेज संचालकों का कहना है कि उन्होंने समय पर सभी दस्तावेजों का सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, लेकिन इसके बावजूद एनओसी जारी होने में अनावश्यक देरी हुई। अंतिम तिथि के दिन दोपहर तक भी एनओसी जारी नहीं होने से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिले के कॉलेजों में असमंजस का माहौल बना रहा। कॉलेज संचालकों के अनुसार यदि अंतिम समय में एनओसी जारी नहीं होती तो इन चारों जिलों के कई बी.एड. कॉलेज पीटीईटी की प्रथम काउंसलिंग सूची से बाहर हो सकते थे। उनका कहना है कि पहले से ही बी.एड. में प्रवेश कम हो रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की प्रशासनिक देरी कॉलेजों के लिए और अधिक नुकसानदायक साबित हो सकती थी। हालांकि विश्वविद्यालय ने अंततः एनओसी जारी कर दी, लेकिन कॉलेज संचालकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए, ताकि प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध और बिना किसी अनिश्चितता के पूरी हो सके।

