खैरथल-तिजारा के 24 केंद्रों पर एलडीसी परीक्षा संपन्न:71 प्रतिशत से ज्यादा कैंडिडेट रहे उपस्थित, 4 फ्लाइंग टीम रही सक्रिय

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा-2026 शनिवार को खैरथल-तिजारा जिले में शांतिपूर्ण संपन्न हुई। जिला प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्थाओं, कड़े सुरक्षा प्रबंधों और अधिकारियों की सतत निगरानी के चलते जिले के सभी 24 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पारियों की परीक्षा बिना किसी व्यवधान के सम्पन्न हुई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट ने बताया- राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप परीक्षा के सफल संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, प्रश्नपत्र एवं ओएमआर शीट की गोपनीयता, सुरक्षित परिवहन और परीक्षार्थियों की सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। सभी संबंधित अधिकारियों को पूर्व में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, जिससे परीक्षा पूरी तरह व्यवस्थित और निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो सकी। उन्होंने बताया- पहली पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित हुई। इसमें पंजीकृत 7008 अभ्यर्थियों में से 5026 ने परीक्षा दी, जबकि 1982 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार पहली पारी में 71.72 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। दूसरी पारी में भी अभ्यर्थियों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। कुल 7008 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 4990 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 2018 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 71.20 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। एडीएम शिवपाल जाट ने बताया कि परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा और गोपनीयता के मानकों का सख्ती से पालन कराया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के समन्वित प्रयासों और प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते दोनों पारियों की परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुई। परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट के निर्देशन में गठित 4 फ्लाइंग टीमों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और सभी अभ्यर्थियों की गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।

भतीजे-बहू ने की डेढ़ करोड़ की चोरी:बिजनेसमैन चाचा का परिवार खाटू श्यामजी गया था, पहली मंजिल पर रहने वाले पति-पत्नी गिरफ्तार

अजमेर पुलिस ने बिजनेसमैन चाचा के घर से डेढ़ करोड़ रुपए के गहने और 5 लाख रुपए कैश चोरी करने वाले भतीजे और उसकी बहू को गिरफ्तार किया है। परिवार जब खाटू श्याम जी दर्शन करने गया था, तब पीछे से आरोपी पति-पत्नी ने इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों ने वारदात से पहले ही मकान की एक चाबी चोरी कर अपने पास रख ली थी। एएसपी (ASP) सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया- आदर्श नगर के माधव द्वार के रहने वाले बिजनेसमैन गोपाल खंडेलवाल ने 1 जुलाई को चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। गोपाल खंडेलवाल ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 30 जून को दोपहर करीब 12 बजे वह किसी काम से बाहर गए थे। मेरे जाने के बाद उनकी पत्नी, दोनों बेटे और दोनों बहुएं खाटू श्याम जी (सीकर) दर्शन के लिए चले गए थे। जाते समय वे घर का ताला लगाकर गए थे।
फर्श पर पड़ा चांदी का गिलास देख हुआ चोरी का शक एएसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ के अनुसार, गोपाल खंडेलवाल रात करीब 10:30 बजे घर लौट आए थे, जबकि उनके परिजन रात 1:30 बजे वापस लौटे। अगली सुबह करीब 8:30 बजे जब उनकी पत्नी कमरे में गईं, तो चांदी का गिलास नीचे फर्श पर रखा देख उन्हें शक हुआ। जब उन्होंने अलमारी खोलकर चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। अलमारी से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के गहने और 5 लाख रुपये की नकदी गायब थी। ताले तोड़कर नहीं, चाबी से खोलकर की थी चोरी एएसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने बताया कि पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो सामने आया कि घर के ताले तोड़कर चोरी नहीं की गई थी, बल्कि किसी ने चाबी से ताला खोलकर वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें बनाकर जांच शुरू की। पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और परिवार के लोगों की सीडीआर (CDR) डिटेल निकाली। संदेह के आधार पर पुलिस ने पहली मंजिल पर रहने वाले मनीष खंडेलवाल उर्फ मोनी और उसकी पत्नी दीप्ति खंडेलवाल उर्फ डोली को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो सारा सच सामने आ गया। पहली मंजिल पर रहने वाले भतीजे-बहू ही निकले चोर पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पति-पत्नी मकान की पहली मंजिल पर रहते हैं और रिश्ते में गोपाल खंडेलवाल के भतीजे और बहू लगते हैं। गोपाल खंडेलवाल मकान के नीचे वाले हिस्से में रहते हैं। आरोपियों ने रंजिश के चलते वारदात से एक दिन पहले ही परिवादी गोपाल खंडेलवाल के कमरे की एक चाबी चुपके से चुराकर अपने पास रख ली थी और मौका पाकर इस बड़ी चोरी को अंजाम दे डाला। आदर्श नगर पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए सभी गहने और कैश बरामद कर लिए हैं।

कोटा में गंडासे और डंडे लेकर दुकान में घुसे बदमाश,VIDEO:काउंटर, शीशे और सामान तोड़ा; जान बचाने के लिए दुकानदार ने शटर बंद किया

कोटा में दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों ने एक दुकान पर हमला कर दिया। गंडासे, सरियों और डंडों से जमकर तोड़फोड़ की। साथ में चाकू लहराते हुए कॉलोनी में दहशत फैलाई। घटना नांता थाना क्षेत्र में विजय सैनी की दुकान पर हुई। वहीं, पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी अनुसार, तीनों आरोपी बाइक पर सवार होकर विजय सैनी की दुकान पर पहुंचे। आते ही डंडों और सरियों से काउंटर, शीशे और दुकान में रखा सामान तोड़ना शुरू कर दिया। करीब दो से तीन मिनट तक बदमाश खुलेआम गंडासा और चाकू लहराते रहे, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए दुकानदार को शटर बंद करना पड़ा। आगे तस्वीरों में देखें पूरी घटना… पीड़ित पक्ष के कुलदीप सैनी ने बताया- आरोपी पीयूष जेठी पुरानी रंजिश के चलते अपने साथियों के साथ दुकान पर आया था। उसने पहले भी चाकू से हमला किया था। जब वे शिकायत देने गए हुए थे, उसी दौरान आरोपी दो साथियों के साथ गंडासा और चाकू लेकर दुकान पर पहुंचा और अंदर बैठे सूरज पर हमला करने का प्रयास किया। गाली-गलौज करते रहे बदमाश काफी देर तक गाली-गलौज करते रहे और फिर मौके से फरार हो गए। घटना की पूरी रिकॉर्डिंग सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसे नांता थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस को लिखित शिकायत भी दी गई है। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश नांता थाना अधिकारी अजीत बागडोलिया ने बताया- दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश है। पहले भी विवाद हो चुका है। पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

जयपुर में 8 लोगों की मौत का जिम्मेदार अरेस्ट:गाजियाबाद में फरारी काट रहा था अवैध पटाखा फैक्ट्री मालिक; दिल्ली से लाता था विस्फोटक का रॉ-मटेरियल

जयपुर में अवैध पटाखा फैक्ट्री मालिक फिरोज (33) पुत्र सादिक निवासी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद को खोह-नागोरियान थाना पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी फिरोज गाजियाबाद में फरारी काट रहा था। बता दें कि इस अवैध पटाखा फैक्ट्री में 9 जून को विस्फोट के बाद 8 लोगों की मौत हो गई थी। अग्निकांड के बाद आरोपी फिरोज गाजियाबाद में छिपने के ठिकाने बदल-बदलकर फरारी काट रहा था। वहीं पुलिस ने फैक्ट्री का संचालन करने वाले हिस्ट्रीशीटर कयूम खान को जयपुर सेंट्रल जेल से प्रोडेक्शन वारंट पर रविवार को अरेस्ट किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य मेंबर की जानकारी जुटाई जाएगी। डीसीपी (ईस्ट) रंजिता शर्मा ने बताया- SHO (खोह नागोरियान) प्रकाश राम विश्नोई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी फिरोज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ा। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फिरोज दिल्ली और गाजियाबाद से विस्फोटक का रॉ-मेटिरियल जयपुर लाता था। इसके बाद खोह-नागोरियान इलाके में पटाखा फैक्ट्रियों में पटाखे बनवाता था। संचालक कयूम को जेल से किया गिरफ्तार पुलिस ने अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालक कयूम खान (50) निवासी रहीम नगर खोह-नागोरियान को 11 जून को गिरफ्तार कर जेसी भेजा था। पुलिस ने अब पूछताछ के लिए कयूम खान को भी जयपुर सेंट्रल जेल से प्रोडेक्शन वारंट पर अरेस्ट किया है। गिरफ्तार दोनों मुख्य आरोपी बिजनेस पार्टनर कयूम खान और फिरोज को आमने-सामने बैठाकर पुलिस टीम पूछताछ करेगी। मामले में फरार कयूम के भाई याकूब की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। दिल्ली से शुरू किया बिजनेस, जयपुर तक फैलाया पुलिस जांच में सामने आया कि कयूम खान ने ज्यादा रुपए कमाने के लालच में पार्टनरशिप में यह अवैध पटाखा फैक्ट्री खोली थी। जयपुर के रहीम नगर सेकेंड स्थित में कयूम का आलीशान मकान है। यहीं से कयूम पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था। कयूम के साथ उसका भाई याकूब भी इस आलीशन घर में रहता था। दोनों भाई मिलकर इस अवैध फैक्ट्री को ऑपरेट कर रहे थे। दिल्ली से शुरू हुए इस अवैध कारोबार को फिरोज की मदद से कयूम जयपुर में बड़े स्तर पर फैलाने की तैयारी में था। अग्निकांड के दिन दिल्ली से गाड़ियों में भरकर अवैध विस्फोटक सामान जयपुर लाया गया था। माल खाली करवाने के लिए दिल्ली से दो युवक नासिर और रेहान भी आए थे। माल उतरने के बाद गाड़ियां तो वापस लौट गईं, लेकिन नासिर और रेहान फैक्ट्री में ही रुककर आराम करने लगे। इसी दौरान अचानक आग लग गई। बारूद तक चिंगारी पहुंची तो धमाका हुआ। आरोपी कयूम और फिरोज दोनों युवकों को तड़पता और मरता हुआ छोड़कर मौके से भाग निकले थे। अग्निकांड में हुई थी 8 लोगों की मौत जयपुर के खोह-नागोरियान इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री में 9 जून को सुबह 11 बजे आग लग गई थी। अग्निकांड में एक बच्चे, दो भाइयों समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी। पटाखा फैक्ट्री मकान नंबर 88 करीम नगर-बी रिहायशी इलाके में चल रही थी। मकान याकूब पुत्र नजीर खान निवासी राक्ष्या की ढाणी खोह-नागोरियान का है। याकूब ने अपना मकान फिरोज निवासी नई दिल्ली को किराए पर दे रखा था। फिरोज शादी और अन्य प्रोग्राम जैसे इवेंट के लिए के पटाखों की पैकिंग अवैध रूप से इस मकान में करवाता था। हिस्ट्रीशीटर कयूम के खिलाफ जयपुर के मालवीय नगर, खोह-नागोरियान, ज्योति नगर और दौसा के महुवा थाने में 11 मामले दर्ज हैं।
ये खबरें भी पढ़िए… जयपुर में 8 लोगों की मौत का जिम्मेदार गिरफ्तार:अवैध पटाखा फैक्ट्री में काम करने वाले जिंदा जल गए थे, 2 आरोपी अब भी फरार 8 लोगों की मौत के आरोपी की दिल्ली-जयपुर में प्रॉपर्टी:कभी मजदूरी करता था, आज 5 राज्यों में फैक्ट्रियां, पिता बोले- मेरा बेटा गायब पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड: मुख्य आरोपी पर रेप समेत 6 केस:दिल्ली-तमिलनाडु से मंगवा रहा था अवैध बारूद; इलाके में डोर-टू-डोर सर्वे शुरू जयपुर-अवैध पटाखा फैक्ट्री से 700 मीटर दूर तेल की पाइपलाइन:60 पर्सेंट घरों में होता है बारूद का काम, तालाब पर बसी हैं कॉलोनियां कचरे की चिंगारी से लगी बारूद में आग:अवैध पटाखा फैक्ट्री में 8 लोग जिंदा जले थे, मकान मालिक पर एक मुकदमा पहले से दर्ज अवैध-फैक्ट्री में धमाके से पीछे वाले मकान में दरार आई:पड़ोसी बोला-आग की लपटें देख घर नहीं गया; कबाड़ के 50 गोदाम से अब भी खतरा मां बोलीं- बेटा पानी पिलाने गया था, उसे ढूंढ लाओ:मैं उसके बिना जिंदा नहीं रह पाऊंगी, घर का सहारा चला गया जहां 8 जिंदा जले,वो मकान मालिक भी फैक्ट्री में हिस्सेदार:5 मकान पटाखे बनाने के लिए किराए पर दिए, मास्टरमाइंड से लेता था 1 लाख किराया जयपुर फैक्ट्री अग्निकांड- SHO सहित 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड:तड़प रहा झुलसा युवक बोला- मर जाऊंगा; जिनके मकान में अवैध पटाखा फैक्ट्री थी, उनका आलीशान घर जयपुर- पटाखा फैक्ट्री में आग,2 भाइयों समेत 8 की मौत:जलने के बाद सड़क पर तड़पते रहे; दिल्ली का युवक चला रहा था अवैध फैक्ट्री

दिनदहाड़े व्यापारी को चाकू मारा,VIDEO:आरोपी बोला-15 लाख रुपए देकर मामला निपटा लो, 5 दिन पहले हुआ था झगड़ा

अलवर में दिनदहाड़े युवक ने मोबाइल शोरूम मालिक को चाकू मार दिया। आरोपी 5 दिन पहले हुए झगड़े में राजीनामा करने आया था, व्यापारी को बाहर बुलाया। दोनों खड़े होकर बात कर रहे थे। आरोपी ने कहा- 15 लाख रुपए दो तब राजीनामा करूंगा। व्यापारी ने पैसे देने से मना कर दिया। तभी आरोपी ने चाकू निकालकर व्यापारी के पेट में घोंप दिया। इसके बाद बाइक पर बैठकर फरार हो गया। आसपास लोग मौके पर पहुंचे और व्यापारी को संभाला। परिजनों को फोन करके घटना के बारे में बताया। परिजन गंभीर रूप से घायल प्रथम मुखीजा (24) को निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया। व्यापारी की हालत गंभीर है। घटना का वीडियो सामने आया है। जिसमें आरोपी मन्नू मीणा मंगलम रेजिडेंसी निवासी व्यापारी प्रथम मुखीजा को चाकू मारते हुए नजर आ रहा है। घटना अखेपुरा थाना क्षेत्र में ज्योतिराव फुले सर्किल के पास प्लेटिनम टावर की रविवार दोपहर 2 बजे की है। सूचना पर पहुंची पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पहले देखिए, घटना से जुड़ी 4 PHOTOS 5 दिन पहले किसी विवाद को लेकर हुआ था झगड़ा ASP दीपक कुमार ने बताया- दोनों पक्षों में किसी लड़की से जुड़े मामले को लेकर विवाद चल रहा था। 5 दिन पहले प्रथम मुखीजा अपने दोस्तों के साथ खुदनपुरी जोहड़ पर मन्नू मीणा, धीरज, हर्षित और उसके साथियों के पास गया था। जहां दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। प्रथम के दोस्तों ने इस दौरान चाकू से भी हमला किया था। जिसमें एक युवक को हल्की चोट आई थी। घटना के बाद प्रथम अपने दोस्तों के साथ मौके से फरार हो गया था। मन्नू मीणा, धीरज और हर्षित के साथियों ने वैशाली नगर थाने में नामजद शिकायत दी थी, जिसमें प्रथम मुखीजा का नाम भी था। प्रथम का नाम FIR से हटवाने के लिए आरोपी मन्नू मीणा ने 15 लाख रुपए मांग रहा था। प्रथम ने पैसे देने से मना किया तो मन्नू मीणा नाम के युवक ने उसके पेट में चाकू घोंप दिया। व्यापारी के पिता बोले- 5 दिन पहले हुआ था झगड़ा घायल प्रथम के पिता राजेश मुखीजा ने बताया- 5 दिन पहले मेरे बेटे का कुछ युवकों से विवाद हो गया था। प्रथम के खिलाफ वैशाली नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। रविवार को मन्नू मीणा, धीरज और हर्षित क्लाउड मोबाइल शॉप पर पहुंचे। राजीनामे के लिए 15 लाख रुपए मांगने लगे। प्रथम ने रुपए देने के लिए मना किया तो मन्नू मीणा ने उसके पेट में चाकू मार दिया। राजेश मुखीजा ने बताया कि वारदात के बाद प्रथम को वहीं पर लहुलूहान हालत में छोड़कर आरोपी मौके से भाग गया। कंट्रोल रूम से प्लेटिनम टावर में चाकूबाजी की सूचना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि कंट्रोल रूम से प्लेटिनम टावर में चाकूबाजी की सूचना मिली थी। सूचना पर अखेपुरा और अरावली विहार थाना पुलिस मौके पर और अस्पताल में पहुंची। घायल प्रथम मुखीजा का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। ………….. ये खबर भी पढ़िए… मां से झगड़ रही थी चाची, भतीजे ने चाकू घोंपा:आंतें तक डैमेज हुई; गंभीर हालत में जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी बांसवाड़ा में मां से झगड़ रही चाची पर भतीजे ने जानलेवा हमला कर दिया। चाची के पेट में चाकू घोंप दिया, जिससे महिला की आंतें तक डैमेज हो गई। पूरी खबर पढ़िए

ठगी का गोल्डन-ट्रायंगल; म्यांमार, थाईलैंड, लाओस की सीमा पर अड्‌डे:म्यांमार के साइबर ठगी के अड्डों में कई देशों के 5000 से ज्यादा लोग फंसे

भारत के पड़ोसी देश म्यांमार के साइबर क्राइम के अड्डे फिर सुर्खियों में हैं। इन अड्डों में फंसे महाराष्ट्र के नासिक निवासी 30 वर्षीय कौस्तुभ शेजवाल ने वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है। बैंकॉक में 70,000 रुपए मासिक वेतन वाली कॉल सेंटर की नौकरी के झांसे में वे म्यांमार के ठगों के जाल में फंस गए। अपहरणकर्ताओं ने उसकी रिहाई के लिए 8 लाख रुपए की मांग की है। अप्रैल से म्यांमार में कथित तौर पर बंधक बनाए गए कौस्तुभ ने कहा है कि ठगी के इन अड्डों पर 800 से 1000 भारतीय फंसे हुए हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के मोहम्मद उस्मान अंसारी और मोहम्मद हसन रजा, बिहार के सीतामढ़ी के अनुरंजन कुमार ऐसे ही कुछ पीड़ित हैं। इन्होंने भी वीडियो के जरिए बताया है कि इन्हें साइबर धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। लक्ष्य पूरा नहीं करने पर बिजली के झटके दिए जाते हैं, मारपीट की जाती है। मानव तस्करी पीड़ित लोगों की सहायता करने वाले ‘सिविल सोसायटी नेटवर्क फॉर ह्यूमन ट्रैफिकिंग विक्टिम असिस्टेंस’ नामक समूह का अनुमान है कि कई बार कार्रवाई करके बंधकों को छुड़ाने के बावजूद इन अड्डों में 5300 से ज्यादा विदेशी नागरिक अब भी फंसे हो सकते हैं। इनमें करीब 1,600 चीनी नागरिक हैं। करीब 200 बर्मी नागरिक, 20 थाई नागरिकों के साथ ही फिलीपींस, ताइवान, मलेशिया, ब्राजील, रूस, केन्या, युगांडा, रवांडा और जिम्बाब्वे के नागरिक शामिल हैं। कार्रवाई: म्यांमार, संयुक्त राष्ट्र की मुहिम में कई बंधक छुड़ाए जा चुके संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि म्यांमार के इन स्कैम सेंटरों में 1 लाख से ज्यादा लोग ऐसे हो सकते हैं जो अपनी इच्छा के खिलाफ वहां काम करने को मजबूर हैं। संयुक्त राष्ट्र और विदेशी दबाव के बाद म्यांमार प्रशासन ने अरबों डॉलर के इस अवैध आपराधिक ‘उद्योग’ पर कार्रवाई की है। भारत सरकार, विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय जांच एजेंसी आदि की कोशिशों से पिछले डेढ़-दो वर्षों में म्यांमार, कंबोडिया और लाओस के साइबर स्कैम केंद्रों से 2400 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। तीन देशों की सीमा पर बने हाई सिक्योरिटी कंपाउंड में हैं सेंटर इन साइबर स्कैम सेंटरों का बड़ा हिस्सा म्यांमार-थाईलैंड सीमा के म्यावाडी इलाके में स्थित है। इन्हें स्थानीय सशस्त्र मिलिशिया (आतंकी गुटों) की सहायता से चीनी माफिया चलाते हैं। केके पार्क, श्वे कोक्को और आसपास के कई हाई-सिक्योरिटी कंपाउंड कुख्यात गोल्डन ट्रायंगल का हिस्सा माने जाते हैं, जहां म्यांमार, थाईलैंड और लाओस की सीमाएं मिलती हैं।

व्यापार में नुकसान हुआ तो दुकानदार बना तस्कर:SUV की डिग्गी में सीक्रेट बॉक्स बना कर गांजा तस्करी; 3 राज्यों का सप्लायर पकड़ा

सवाई माधोपुर में पुलिस ने 47.288 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनके पास से कार (XUV 500) को जब्त किया है। बरामद गांजे की खेप आरोपियों ने XUV की डिग्गी में दोनों ओर लाइटों के पास बनाए गए विशेष मॉडिफाइड बॉक्स में छिपाकर रखी गई थी। आरोपी ने मोबाइल रिचार्ज की दुकान खोली थी। मुनाफा कम होने पर दुकान में गांजे की पुड़िया बेचनी शुरू कर दी। वह तीन राज्यों में सप्लाई करता था। मामला जिले के रवांजना डूंगर थाना क्षेत्र का है। ये कार्रवाई रविवार अलसुबह पुलिस और एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) की संयुक्त टीम ने की। व्यापार में नुकसान हुआ तो गांजा बेचने लगा पुलिस ने बताया- मुकुट बिहारी ने वर्ष 2014 में मोबाइल रिचार्ज की दुकान खोली थी। मुनाफा कम होने पर उसने दुकान से गांजे की पुड़िया बेचनी शुरू कर दी। इसके बाद में बड़े स्तर पर तस्करी में उतर गया। पूछताछ में सामने आया कि साल- 2020 में उसकी पहचान ओडिशा के एक तस्कर से हुई। इसके बाद वह ओडिशा से बस, ट्रेन और बाद में कार के जरिए गांजा लाकर राजस्थान और मध्यप्रदेश के श्योपुर, मानपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करने लगा। वह गांजा 4 से 5 हजार रुपए प्रति किलो खरीदकर 15 से 20 हजार रुपए प्रति किलो तक बेचता था। उसके साथी हनुमान को प्रत्येक चक्कर के लिए 20 हजार रुपए दिए जाते थे। कुस्तला कट के पास से पकड़े आरोपी पुलिस ने बताया- मुकुट बिहारी पिछले 6-7 साल से बड़े पैमाने पर गांजे की तस्करी कर रहा है। एएनटीएफ ने करीब दो माह तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। सूचना के आधार पर टीम ललितपुर पहुंची और वहां से आरोपियों की कार का पीछा करते हुए झांसी, शिवपुरी, शाहबाद और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे तक निगरानी रखी। आखिरकार कुस्तला कट के पास घेराबंदी कर कार को रोका गया। तलाशी में कार से 47.288 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार आरोपी हर दो महीने में ओडिशा का एक चक्कर लगाते थे। साथ ही हर रोज करीब दो किलो गांजा बाजार में खपाकर 30 से 32 हजार रुपए तक का मुनाफा कमाते थे। दोनों आरोपियों की पहचान खंडार फरिया निवासी 36 वर्षीय मुकुट बिहारी जांगिड़ और 30 वर्षीय हनुमान मीणा के रूप में हुई है। फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

तेज रफ्तार डंपर ने बिजली विभाग के कर्मचारी को कुचला,VIDEO:स्कूटी के साथ 100 मीटर तक घसीटता ले गया; ड्यूटी पर जा रहे थे

झुंझुनूं में ड्यूटी पर जा रहे बिजली विभाग के कर्मचारी को तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। डंपर कर्मचारी को स्कूटी सहित 100 मीटर तक घसीटता ले गया। कर्मचारी गंभीर घायल हो गए। उनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। हादसा स्टेट हाईवे-37 (झुंझुनूं से सीकर) पर खींवसर बस स्टैंड के पास बालाजी चौकी के नजदीक 30 जून को हुआ। हादसे का सीसीटीवी फुटेज रविवार को सामने आया। बालाजी चौकी प्रभारी जगदीश सिंह ने बताया- पीड़ित के साले सुनील स्वामी की रिपोर्ट पर गुढ़ागौड़जी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डंपर की पहचान कर ली। आरोपी की तलाश की जा रही है। स्कूटी से ऑफिस जा रहे थे रिपोर्ट के अनुसार, गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र निवासी किशोरीलाल स्वामी (63) बिजली विभाग में रिटायरमेंट के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर LDC (बाबू) के पद पर कार्यरत हैं। वह रोज की तरह स्कूटी से बड़ागांव विद्युत निगम कार्यालय ड्यूटी पर जा रहे थे। स्टेट हाईवे-37 पर खींवसर बस स्टैंड के पास बालाजी चौकी से करीब 300 मीटर दूर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही किशोरीलाल स्कूटी सहित घसीटते गए। उन्हें सिर सहित बॉडी के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस उन्हें बड़ागांव के सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंची, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें झुंझुनूं रेफर कर दिया। फिलहाल उनका जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है। … यह खबर भी पढ़ें… डंपर ने सरकारी कर्मचारी को कुचला, मौत; VIDEO:उछलकर गिरे, 20 फीट तक घिसटते गए; पहियों के नीचे फंस गई बाइक झुंझुनूं जिले में ड्यूटी पर जा रहे बिजली विभाग के कर्मचारी (लाइनमैन) को डंपर ने कुचल दिया। हादसे में लाइनमैन की मौत हो गई। हादसा चिड़ावा-सिंघाना रोड पर 21 जून को दोपहर 3:54 बजे हुआ। (पूरी खबर पढ़ें) नाकाबंदी पर रुके बाइक सवार दंपती को ट्रक ने कुचला:पत्नी की मौत, पति की हालत गंभीर; ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया सवाई माधोपुर में रविवार की शाम नाकाबंदी पर रुककर आगे बढ़े बाइक सवार दंपती को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)

नाबालिग का अपहरण कर मांगी एक लाख की फिरौती:वॉट्सऐप पर बात करवाई, नहीं देने पर बच्चे को जान से मारने की दी धमकी

टोंक जिले में एक नाबालिग का अपहरण कर परिजनों से एक लाख रुपए की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट पर 3 नामजद सहित 7-8 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाधिकारी के अनुसार, 16 साल के नाबालिग के परिजनों ने रविवार को रिपोर्ट सौंपी है। बताया कि उनका नाबालिग बेटा 3 जुलाई की शाम करीब 6 बजे घर से निकला था, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों के अनुसार, बेटा बाइक पर गया था, जो घर से 400 मीटर दूर पड़ी मिली। हालांकि मामले में एसपी रोशन मीना का कहना है कि परिजनों की रिपोर्ट पर टीम बनाकर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। नाबालिग को छोड़ने के बदले मांग रहे एक लाख रुपए
रिपोर्ट के अनुसार- तलाश के दौरान परिवादी के बड़े बेटे के मोबाइल पर एक मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने नाबालिग को छोड़ने के बदले एक लाख रुपए की मांग की। फिरौती नहीं देने पर उसकी हत्या करने की धमकी दी। परिवादी ने रिपोर्ट में जिक्र किया कि कॉल के दौरान नाबालिग से भी बात कराई गई, जिसने मासूम ने रोते हुए अपने साथ मारपीट होने की बात बताई है। रिपोर्ट में 3 नामजद सहित 7-8 अन्य व्यक्तियों नाबालिग का अपहरण कर फिरौती मांगने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि आरोपी मोबाइल और वॉट्सऐप कॉल के माध्यम से लगातार एक लाख रुपए की मांग कर रहे हैं और राशि नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। थानाधिकारी बोले- मामला दर्ज कर जांच कर रहे हैं
थानाधिकारी ने बताया- परिवादी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। जांच उपनिरीक्षक को सौंपी गई है। नाबालिग की तलाश की जा रही है और रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार खेती-किसानी करता है। इनपुट सुरेश नागर।

महिला का हाथ काटने ग्राइंडर लेकर पीछे भागा पड़ोसी:पक्ष में गवाही नहीं देने से नाराज था, पति को भी डंडों से पीटा

भरतपुर में पड़ोसी ने एक महिला पर ग्राइंडर से हमला कर दिया। महिला ने भागकर अपनी जान बचाई। मामला जिले के मथुरा गेट थाना इलाके का है। इससे पहले पड़ोसी ने महिला के पति पवन पर भी परिजनों के साथ मिलकर लाठी डंडे से मारपीट की है। दरअसल, पवन ने बताया- श्याम सुंदर पक्ष का उसके किसी पहचान वाले से झगड़ा हुआ था। उसका मामला कोर्ट में चल रहा है। श्याम सुंदर चाहता था कि पवन और परिजन उसके पक्ष में गवाही दें लेकिन, पवन का परिवार श्याम सुंदर के पक्ष में गवाही देने के लिए राजी नहीं था। दुकान पर जाकर महिला के पति को पीटा पवन ने बताया- घर से 400 मीटर की दूरी पर मेरी सब्जी की दुकान है। शनिवार सुबह मैं दुकान पर सामान जमा रहा था। तभी मेरा पड़ोसी श्याम सुंदर अपने परिजनों के साथ मेरी दुकान पर आया। वह डंडा लेकर आया था। आते ही उसने मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी। महिला और उसके बेटे को भी पीटा पवन से मारपीट करने के बाद पड़ोसी श्याम सुंदर दुकान से चला गया। वहीं कुछ देर बाद पवन की पत्नी और बेटा दुकान आ रहे थे। रास्ते में श्याम सुंदर की परचून की दुकान है। श्याम सुंदर ने अपनी ही दुकान के सामने से गुजर रही पवन की पत्नी मंजू और बेटे को पकड़ लिया। इसके बाद मारपीट शुरू कर दी। महिला पर ग्राइंडर से हमला किया इसके बाद श्याम सुंदर के बेटे लवकुश, पवन के बेटे अंशु के पीछे मारने के लिए भागा। ये देखकर अंशु बचने के लिए वहां से भाग गया। श्याम सुंदर की दुकान में ग्राइंडर रखा था। ग्राइंडर से मंजू के हाथों को काटने की भी कोशिश की। घटना में पवन के चेहरे पर और मंजू के हाथों में चोट आई है। पवन और मंजू ने मथुरा गेट थाने में FIR दर्ज करवाई है। FIR दर्ज, जांच जारी मथुरा गेट SHO हरलाल मीणा ने बताया- पति-पत्नी की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।