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इंदौर में विजयवर्गीय के घर के सामने दंपती का प्रदर्शन:बोले- छात्रों को कीड़े और आंदोलन को प्रायोजित क्यों कहा; पुलिस जबरन उठा ले गई

इंदौर में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के सामने बुधवार को दंपती ने प्रदर्शन किया। वे संविधान की कॉपी लेकर गेट के सामने खड़े हो गए। उनका कहना था कि विजयवर्गीय के हाल ही में दिए बयानों से वे आहत हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शन की अनुमति के बारे में पूछा तो पति-पत्नी बहस करने लगे। अधिकारियों ने दंपती को समझाइश दी लेकिन उन्होंने मंत्री के बंगले से हटने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले दंपती की पहचान प्रहलाद पाण्डेय और संगीता पाण्डेय के रूप में हुई है। फिलहाल, पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। छात्रों को कीड़े और आंदोलन को प्रायोजित कहने से नाराज प्रहलाद पाण्डेय ने बताया- मंत्री विजयवर्गीय ने कहा है कि NEET घोटाला प्रदेश का विषय नहीं है। उन्होंने छात्र आंदोलन को प्रायोजित बताया और छात्रों के संदर्भ में कीड़े जैसे अपमानजनक शब्द का प्रयोग किया। इससे युवाओं और अभिभावकों में गहरा आक्रोश है। इसी के कारण वे उनके घर के सामने प्रदर्शन करने आए हैं। देखिए, 4 तस्वीरें… पुलिस बोली- बिना अनुमति प्रदर्शन नहीं कर सकते प्रहलाद पाण्डेय मीडिया से बातचीत कर रहे थे, इसी बीच परदेशीपुरा थाना प्रभारी आरडी कानवा मौके पर पहुंचे। वे पाण्डेय को मीडिया से बात करने से रोकते हुए समझाने लगे। कानवा ने कहा- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में नहीं, बल्कि भोपाल में हैं। बिना अनुमति उनके घर के बाहर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। काफी समझाइश के बाद भी जब दंपती नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने प्रहलाद पाण्डेय को जबरन उठाकर गाड़ी में बैठा लिया। फिर, उनकी पत्नी संगीता पाण्डेय को भी साथ लेकर थाने ले गए। सांसद लालवानी के घर पर भी कर चुके नारेबाजी टीआई आरडी कानवा ने बताया कि दंपती बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पहुंचे थे। माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें पूछताछ के लिए अभिरक्षा में लिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। इससे पहले पाण्डेय दंपती सोमवार को सांसद शंकर लालवानी के घर पर भी प्रदर्शन और नारेबाजी कर चुके हैं। वे केंद्रीय मंत्री धमेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। ये खबर भी पढ़ें… युवक बोला-लठ्ठ से वोट डलवाएंगे, मंत्री राकेश शुक्ला ने पीठ थपथपाई दतिया उपचुनाव के बीच एक वीडियो ने सियासी माहौल गरमा दिया है। मंत्री राकेश शुक्ला बड़ौनी में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में जनसंपर्क कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक ने कहा, “हम लठ्ठ से वोट डलवाएंगे।” इस पर मंत्री ने “अरे वाह” कहते हुए युवक की पीठ थपथपाई। पढ़ें पूरी खबर…

राजस्थानी भाषा की उपेक्षा पर बालकवि का विरोध:मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भेजी 'काळी पाती'

झालावाड़ के बालकवि मनीष कुमार सेन ने राजस्थानी भाषा की उपेक्षा के विरोध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यपाल हरिभाऊ बागडे को ‘काळी पाती’ भेजी है। यह विरोध सरकारी विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा का स्वतंत्र विभाग स्थापित न होने और लोक भवन (राजभवन) द्वारा ‘शास्त्रीय मराठी भाषा अध्ययन केंद्र’ खोलने के निर्देशों के बाद सामने आया है। झालावाड़ जिले के ग्राम सरड़ा निवासी बालकवि मनीष कुमार सेन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को काले कागज पर सफेद स्याही से लिखी ‘काळी पाती’ भेजी। वहीं, महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे को संवैधानिक मर्यादा का पालन करते हुए सफेद कागज पर काली स्याही से विशेष पत्र भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया। बालकवि मनीष कुमार सेन ने बताया कि उन्होंने पहले भी अपनी मातृभाषा के सम्मान में पत्र भेजे हैं। पूर्व में राजस्थानी भाषा दिवस पर देश के प्रधानमंत्री को ‘पीली चिट्ठी’ भेजी गई थी, जिस पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा डाक से जवाब भेजकर मांग को यथोचित कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाने की आधिकारिक सूचना दी गई थी। इसके बाद गत राजस्थान दिवस पर उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘केसरिया पाती’ भेजकर उम्मीद जताई थी। हालांकि, हाल ही में राजभवन द्वारा राजस्थानी से पहले अन्य भाषाओं के केंद्र खोलने के निर्देशों से राजस्थानी भाषा प्रेमियों में निराशा है, जिसके चलते अब उन्हें काले कागज पर ‘काळी पाती’ लिखकर अपनी मातृभाषा के प्रति मौन विरोध दर्ज कराना पड़ रहा है।

अमरनाथ यात्रा पंजीकरण अब स्थानीय स्तर पर हो:सांसद लुम्बाराम ने लिखा पत्र, सिरोही में PNB को अधिकृत करने की मांग

जालोर-सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी ने सिरोही एवं जालोर जिलों में श्री अमरनाथ यात्रा पंजीकरण के लिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) को अधिकृत करने हेतु एक पत्र लिखा है। यह पत्र जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मनदीप के. भंडारी और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी को संबोधित किया गया है। सांसद चौधरी ने अपने पत्र में बताया कि राजस्थान के सिरोही और जालोर जिलों से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री अमरनाथ यात्रा में शामिल होते हैं। वर्तमान में इन दोनों जिलों में यात्रा पंजीकरण के लिए कोई भी अधिकृत बैंक शाखा उपलब्ध नहीं है। इस कारण श्रद्धालुओं को पंजीकरण के लिए अन्य जिलों की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से समय, धन और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जनहित और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सांसद ने पंजाब नेशनल बैंक की सिरोही शाखा को श्री अमरनाथ यात्रा पंजीकरण के लिए अधिकृत शाखा घोषित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह शाखा सिरोही और जालोर दोनों जिलों के श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक होगी और इससे हजारों यात्रियों को स्थानीय स्तर पर पंजीकरण की सुविधा मिल सकेगी।

दुकानदार से 98 हजार की साइबर ठगी:ठगों ने 35 मिनट में खाली किया अकाउंट, फोन रीसेट किया; पुलिस ने बचाए 76 हजार

कोटा में साइबर ठगी के एक मामले में साइबर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ित के खाते से ट्रांसफर हुई 98 हजार 1 रुपए की रकम में से करीब 76 हजार रुपए होल्ड करवा दिए। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि पीड़ित को वापस मिल सकेगी। मोबाइल पर एक सिस्टम अपडेटिंग का मैसेज आने के बाद उड़ी रकम मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के कंसुआ निवासी शिवराज कहार से जुड़ा है, जो मोबाइल शॉप चलाता है। शिवराज के अनुसार, 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे उसके मोबाइल की स्क्रीन पर लगातार ‘सिस्टम अपडेटिंग’ का मैसेज दिखाई देने लगा। मोबाइल न तो बंद हो रहा था और न ही उसमें कोई दूसरा काम किया जा सकता था। उसे लगा कि फोन में सॉफ्टवेयर अपडेट हो रहा है, इसलिए उसने मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया। जब वह अपनी दुकान पर पहुंचा और भुगतान करने की कोशिश की तो मोबाइल स्क्रीन पर 35 मिनट तक मोबाइल बंद न करें का संदेश दिखाई देने लगा। इसी दौरान उसके एसबीआई बैंक खाते से 98 हजार 1 रुपये बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में ट्रांसफर होने का मैसेज आया। कुछ देर बाद मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया और दोबारा चालू होने पर उसमें मौजूद सभी ऐप और डाटा गायब थे। फोन बिल्कुल नए मोबाइल की तरह रीसेट हो चुका था। पुलिस ने निकलवाई ठगी की रकम घटना के बाद शिवराज ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन और साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने बैंकिंग चैनल के माध्यम से तत्काल कार्रवाई शुरू की। साइबर थाना पुलिस ने ठगी गई राशि में से करीब 76 हजार रुपये होल्ड करवा दिए हैं। साइबर थाना अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस की तुरंत कार्रवाई के कारण पीड़ित की बड़ी रकम सुरक्षित हो सकी है, जिसे कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके खाते में वापस जमा करा दिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाने के हेड कॉन्स्टेबल अटल तिवारी की अहम भूमिका रही। उनकी तत्परता और तकनीकी समन्वय के चलते बड़ी राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सका। शिवराज ने बताया कि यह रकम उसने मोबाइल एक्सेसरीज खरीदने के लिए जमा की थी। रकम वापस मिलने की उम्मीद से अब उसके परिवार के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।

गहलोत बोले-ओएमआरशीट घोटाले पर कब कार्रवाई करेगी सरकार:स्टूडेंट‌स पर लाठियां बरसाने वालों को कांग्रेस से सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं

पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भाजपा नेताओं पर पलटवार किया है। अशोक गहलोत ने कहा- भाजपा को कांग्रेस के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से इतनी बेचैनी क्यों है? युवाओं के भविष्य पर जवाब देने की बजाय भाजपा झूठे आंकड़े गढ़ रही है। गहलोत ने आगे कहा- छात्रों पर लाठियां बरसाने और ओएमआर (OMR) घोटाले को दबाने वाली सरकार के नेताओं को कांग्रेस से सवाल पूछने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा सरकार जवाब दे कि वह ओएमआर घोटाले की जांच कब करवाएगी? गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर लिखा- साल 2013-18 के भाजपा शासनकाल में 12 पेपर लीक हुए। तब न कोई कठोर कानून बना, न कोई बड़ी गिरफ्तारी हुई। तब भाजपा सरकार ने कार्रवाई न कर पेपर लीक माफिया को बढ़ावा देने का काम किया। हमने पेपरलीक के खिलाफ सख्त कानून बनाया : गहलोत गहलोत ने एक्स पर लिखा- हमारी कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक के विरुद्ध देश का सबसे कठोर कानून बनाया। 2022 में एक्ट लाकर आजीवन कारावास ती सजा, संपत्ति जब्त और 10 करोड़ के जुर्माने का प्रावधान किया। आजीवन कारावास का प्रावधान करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बना। पेपर माफिया की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाया गहलोत ने लिखा- हमने बिना किसी को बख्शे कार्रवाई की। RPSC के पदस्थ सदस्य तक को गिरफ्तार करवाया, पेपर माफिया की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाया, दोषी कर्मचारियों को बर्खास्त किया और प्रभावित परीक्षाएं रद्द कर तुरंत पुनर्परीक्षा करवाई और युवाओं को नौकरी दी। इतनी सख्ती से आरोपियों पर केस दर्ज किए गए कि वे अभी भी जेल की सलाखों के पीछे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण:लाडनूं में व्यवस्थाएं संतोषजनक, लोडसर स्कूल की भी सराहना

डीडवाना के जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) रूपाराम पिण्डार ने 5वीं और 8वीं बोर्ड पूरक परीक्षा के तहत लाडनूं स्थित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन केंद्रों पर परीक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और उन्हें संतोषजनक पाया। पिण्डार ने लाडनूं के जौहरी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल और पीएम श्रीमती केशर देवी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का दौरा किया। दोनों केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल लोडसर का भी सम्बलन किया। उन्होंने स्कूल में शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के गृहकार्य की नियमित जांच और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता तथा निर्धारित मैन्यू के अनुसार व्यवस्था को सराहनीय बताया। उन्होंने विशेष रूप से विज्ञान एवं गणित विषय की अध्यापिका सुमित्रा के कार्य की प्रशंसा की, जिसे विद्यार्थियों के हित में प्रभावी बताया गया। कार्यवाहक प्रधानाध्यापिका सुचित्रा के स्कूल प्रबंधन, शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन और सहकर्मियों के साथ बेहतर समन्वय की भी सराहना की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल स्टाफ को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने सभी को इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य जारी रखने का आह्वान किया।

जमीनी विवाद में महिला पर कुल्हाड़ी से वार किया:अभद्रता कर मारपीट करते रहे आरोपी; नामजद मुकदमा दर्ज

जालोर के एक गांव में आरोपियों ने घर पर हमला कर महिला के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने महिला से मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी। घटना को लेकर परिजनों ने मारपीट और महिला के साथ अभद्रता का मुकदमा दर्ज करवाया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें आरोपी महिला के साथ मारपीट करते हुए और अभद्रता करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।

सचिन बोले-राहुल और खड़गे आतंकवादी नहीं थे, उन्हें घसीटा गया:पेपर लीक हो रहे, बच्चे किसके पास जाकर रोएं?; सवाल पूछने पर जेल में डाल रहे

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा – दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे बच्चों ने कोई अपराध नहीं किया था, उनकी बात भी नहीं सुनी गई। मारपीट से हाथ-पैर टूट गए, सैंकड़ों बच्चे अस्पतालों में भर्ती है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे कोई आतंकवादी नहीं थे, फिर भी उन्हें सड़क पर घसीटा गया। अब सवाल पूछने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। देश में पेपर लीक हो रहे हैं, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है, ऐसे में वे आखिर किसके पास जाकर रोएं। पायलट ने ये बातें बुधवार को दौसा दौरे के दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के भांडारेज इंटरचेंज पर बातचीत में कहीं। इससे पहले मीणा सीमला और मानपुर गांव में पहुंचकर कार्यकर्ताओं के निधन पर शोक जताया। ‘सरकार युवाओं के सपने तोड़ रही है’ सचिन पायलट ने कहा – पिछले दो दिनों में केंद्र सरकार का जो रवैया देखने को मिला है, उससे लगता है कि सरकार लाखों-करोड़ों युवाओं के सपनों को बर्बाद करने का काम कर रही है। घमंड और आक्रामक राजनीति का परिचय दे रही है। कांग्रेस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद और भविष्य की परीक्षाओं की व्यवस्था पर जवाब मांग रही है, लेकिन सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही। ‘राहुल-खड़गे आतंकवादी नहीं थे’ पायलट ने कहा -लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे प्रधानमंत्री आवास के सामने लोक कल्याण मार्ग पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। वे कोई आतंकवादी नहीं थे, फिर भी उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को सड़क पर घसीटा गया, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला और दमन का परिचय है। ‘बच्चों पर मुकदमे वापस लिए जाएं’ पायलट ने कहा- प्रदर्शन कर रहे बच्चों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए। सैकड़ों बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं और कई वेंटिलेटर पर हैं। उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात देखकर कोई भी संवेदनशील व्यक्ति घर नहीं बैठ सकता। ‘धरना देना अधिकार, सरकार जिद छोड़े’ पायलट ने कहा कि धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, जिसे कोई नहीं छीन सकता। अब सवाल पूछने वालों पर केस दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है। सरकार को अपनी जिद छोड़कर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। ट्यूशन और कोचिंग माफिया की जेब में लोगों के खरबों रुपए जा रहे हैं, नौकरियां नहीं मिल रही हैं और पेपर लीक हो रहे हैं। सरकार अब संसद में चर्चा को तैयार हुई है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक कांग्रेस की मांग पूरी नहीं मानी जाएगी। — जयपुर में प्रदर्शन की ये खबर भी पढ़ें … जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे, पुलिस से धक्का-मुक्की; बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी जयपुर में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने निकले भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की हो गई। भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पूरी खबर पढ़िए

झालावाड़ में स्वास्थ्य सेवाओं पर फोकस:लाडो योजना का शत-प्रतिशत भुगतान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, HPV टीकाकरण तेज करने के निर्देश

झालावाड़ में कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने स्वास्थ्य विभाग को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य गतिविधियों में कम से कम 95 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने, लाडो प्रोत्साहन योजना का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने और एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया। स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा, लाडो योजना पर जोर मिनी सचिवालय में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना के सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। शुभलक्ष्मी योजना की तीसरी किस्त का भुगतान कर एनओसी जिला मुख्यालय भेजने के भी निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लेकर विशेष निर्देश बैठक में हाई रिस्क प्रेगनेंसी की समय पर पहचान, नियमित फॉलोअप, सुरक्षित प्रसव, गर्भावस्था का 12 सप्ताह से पहले पंजीकरण, चार एएनसी जांच और संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस (9, 18 और 27 तारीख) पर आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की गुणवत्तापूर्ण जांच, इलाज और आवश्यक निदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा संस्थानों में आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने तथा जिन प्रसूताओं का नाम जनआधार में दर्ज नहीं है, उन्हें जोड़कर सत्यापन कराने को कहा गया। ग्रामीण शिविरों में आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य लाभार्थियों की जांच कर जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया। चिकित्सा विभाग को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य गतिविधियों में कम से कम 95 प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य दिया गया। एचपीवी टीकाकरण और प्रसूता हेल्प डेस्क का विस्तार जिले में एचपीवी टीकाकरण को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग के सहयोग से चार दिवसीय विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में जिला एचपीवी टीकाकरण में राज्य में चौथे स्थान पर है। बकानी, मनोहरथाना, खानपुर और भवानीमंडी ब्लॉक में कम उपलब्धि पर चिंता जताते हुए टीमवर्क के जरिए सुधार करने को कहा गया। जनाना अस्पताल में शुरू की गई ‘प्रसूता हेल्प डेस्क’ की तर्ज पर उप जिला अस्पताल, सेटेलाइट अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आवश्यकता अनुसार यह सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए गए। दवा उपलब्धता और मौसमी बीमारियों पर फोकस कलेक्टर ने निःशुल्क दवा योजना के तहत आवश्यक दवाओं का पूरा स्टॉक बनाए रखने तथा अतिरिक्त दवाओं को जरूरत वाले जिलों में भेजने के निर्देश दिए। साथ ही मौसमी बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए पहले से कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं तथा जिले के स्वास्थ्य सूचकांकों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में जिला व ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों और कार्यक्रम प्रबंधकों ने भी विभागीय गतिविधियों की समीक्षा प्रस्तुत की। 25 जुलाई को जिला विकास समन्वय समिति की बैठक झालावाड़-बारां सांसद दुष्यन्त सिंह की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक 25 जुलाई को सुबह 11 बजे जिला परिषद सभागार में आयोजित होगी। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भुदयाल मीणा ने बताया कि बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। 23 जुलाई को 22 विभागों के ग्रामीण-शहरी सेवा शिविर राज्य सरकार के निर्देशानुसार 23 जुलाई को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में फॉलोअप ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक चलेंगे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर कमल सिंह यादव ने बताया कि झालावाड़, असनावर, पिड़ावा, भवानीमंडी, गंगधार, अकलेरा, मनोहरथाना और खानपुर उपखंडों की चयनित ग्राम पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। नगर परिषद झालावाड़ का शहरी शिविर अम्बेडकर भवन तथा अन्य नगरपालिकाओं के शिविर संबंधित कार्यालयों में आयोजित होंगे। 22 विभाग एक ही स्थान पर देंगे सेवाएं इन शिविरों में 22 विभागों की सहभागिता रहेगी, जहां आमजन को सरकारी योजनाओं की जानकारी, पात्रता के अनुसार लाभ, आवेदन, शिकायत निस्तारण और अन्य सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा आमजन से अधिकाधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

ढाई साल के बच्चे के गले में फंसी सेफ्टी पिन:कोटा के डॉक्टर्स ने सर्जरी कर निकाली, मासूम की नाक में ब्लड जमा हो गया था

बूंदी जिले के नैनवां में एक ढाई साल के मासूम खेलते समय एक खुली सेफ्टी पिन निगल गया। पिन नाक और गले के जोड़ (एडिनॉइड) वाले बेहद संवेदनशील हिस्से में जाकर फंस गई। करीब 24 घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जूझे मासूम को आखिरकार कोटा के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने बेहद जटिल एंडोस्कोपिक सर्जरी के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला। घटना 20 जुलाई (सोमवार) शाम की है। परिजन मासूम को तुरंत नैनवा अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए बूंदी या कोटा ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन 21 जुलाई को बच्चे को बूंदी ले गए, लेकिन वहां जटिलता के कारण पिन नहीं निकाली जा सकी। नाक में काफी ब्लड जमा हो गया 21 जुलाई को दोपहर 2 बजे परिजन बच्चे को गंभीर हालत में कोटा एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉ. शेमेन्द्र कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चा जब कोटा लाया गया, तो उसकी स्थिति काफी नाजुक थी। पिन नाक के ठीक पीछे एडिनॉइड वाले हिस्से में फंसी हुई थी। यह वह जगह है जहां दिमाग और गले का मिलता। जब एंडोस्कोपी शुरू की, तो नाक के भीतर काफी खून जमा हुआ था, जिससे अंदर कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा था। पिन पूरी तरह खुली हुई थी, जिससे बच्चे के गले या आसपास की रक्त वाहिकाओं में गंभीर घाव (ट्रॉमा) होने का पूरा खतरा था। हमने सबसे पहले सक्शन मशीन से खून को साफ किया और रास्ता बनाया। इसके बाद बेहद सावधानी के साथ शाम 6 बजे पिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है। डॉक्टर्स की अपील, नुकीली चीजों से बच्चों को रखें दूर घटना के बाद डॉ. शेमेन्द्र कुमार ने छोटे और बड़े बच्चों के माता-पिता के लिए एक सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहुंच से सेफ्टी पिन, सुई, मटर या मूंगफली का दाना, मोती, गेहूं, रबर के टुकड़े, चने जैसी चीजें हमेशा दूर रखें। छोटे बच्चों को खेल-खेल में मुंह या नाक में सामान डालने की आदत होती है, इसलिए खाते या खेलते समय उन पर कड़ी नजर रखें। बच्चा अचानक तेजी से खांसने लगे, सांस लेने में तकलीफ हो या गले में कुछ फंसने की शिकायत करे, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाएं। एंडोस्कोपिक तकनीक से पिट्यूटरी ब्रेन ट्यूमर की सफल सर्जरी मेडिकल कॉलेज कोटा के न्यूरोसर्जरी विभाग ने मस्तिष्क सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए छबड़ा जिले के नयागांव निवासी 31 साल की लता बाई को नया जीवन दिया है। मरीज पिछले लगभग छह माह से लगातार सिरदर्द तथा पिछले दो माह से बाईं आंख से कम दिखाई देने की समस्या से परेशान थीं। स्थानीय स्तर पर उपचार कराने के बाद भी कोई फायदा नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज कोटा के न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती होने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सभी आवश्यक जांचें कराईं। एमआरआई सहित अन्य जांचों में पिट्यूटरी ग्रंथि में बड़ा ट्यूमर पाया गया। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. एस. एन. गौतम के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने एंडोस्कोपिक ट्रांसनेज़ल सर्जरी करने का निर्णय लिया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है। लंबे समय से चली आ रही सिरदर्द की समस्या में राहत मिली है।