'सपना डॉक्टर बनने का है,पेपर लीक का डर सताता है':स्टूडेंट ने कहा-सिस्टम पर आखिर यकीन कैसे करें?, विधायक बोलीं-सड़क से संसद तक लड़ेंगे

झुंझुनूं के अंबेडकर भवन में पेपर लीक से आहत युवाओं ने ‘शिक्षा न्याय संवाद’ कार्यक्रम में दर्द बयां किया। एक छात्र ने कहा – मेरा सपना डॉक्टर बनने का है, लेकिन मेरे पिता एक साधारण मजदूर हैं। बड़ी मुश्किल से वे मेरी पढ़ाई का खर्च उठा पा रहे हैं। अगर इतनी मेहनत और घर की सीमित जमा-पूंजी लगाने के बाद भी पेपर लीक हो गया, तो हम खुद को और अपने परिवार को कैसे संभालेंगे? हम इस सिस्टम पर आखिर यकीन कैसे करें? ‘आपकी लड़ाई कांग्रेस की लड़ाई है’, रीटा चौधरी ने दिलाया भरोसा छात्रों की पीड़ा सुनते हुए विधायक रीटा चौधरी ने कहा – गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि उनके सपनों और भविष्य की पूंजी होती हैं। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी चिंताएं पूरी तरह जायज हैं। राहुल गांधी ने युवाओं के इसी दर्द को महसूस करते हुए ‘शिक्षा न्याय संवाद’ अभियान शुरू किया है। कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ खड़ी है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक न्याय की लड़ाई लड़ेगी। कोटा में आयोजित प्रोग्राम का हुआ सीधा प्रसारण कोटा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एलसीडी स्क्रीन पर दिखाया गया, जिसके बाद छात्रों के साथ खुला संवाद सत्र आयोजित हुआ। इसमें युवाओं ने पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, मानसिक तनाव और भविष्य की अनिश्चितता जैसे मुद्दों पर अपने विचार और समस्याएं साझा कीं। कार्यक्रम में जिलेभर से आए स्कूली विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें…

रेवाड़ी में बोलेरो पलटने से 6 श्रद्धालु घायल:रॉन्ग साइड में जाकर ट्राले से टकराई; खाटू श्याम से लौटते समय हादसा

रेवाड़ी जिले में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शनिवार को एक सड़क हादसा हो गया। निखरी फ्लाईओवर के पास खाटू श्याम धाम से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए रॉन्ग साइड में चली गई और एक ट्रॉला से टकराने के बाद पलट गई। हादसे में कार सवार कई श्रद्धालु घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद धारूहेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, राजस्थान नंबर की बोलेरो कार जयपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी। वाहन में खाटू श्याम धाम से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालु सवार थे। निखरी फ्लाईओवर के पास अचानक ड्राइवर का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद बोलेरो डिवाइडर तोड़कर रॉन्ग साइड में पहुंच गई और सामने से आ रहे ट्रॉला से टकरा गई। टक्कर के बाद गाड़ी पलट गई। महिलाओं समेत सभी को आई चोटें बताया जा रहा है कि बोलेरो में महिलाओं समेत 7 श्रद्धालु सवार थे। हादसे में महिलाओं सहित सभी यात्रियों को चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हाईवे के एक हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। राहगीरों ने दिखाई तत्परता हादसे के तुरंत बाद आसपास से गुजर रहे राहगीर मदद के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को वाहन से बाहर निकाला और घटना की सूचना पुलिस व एंबुलेंस को दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवा दिया गया। पुलिस घटना की जांच में जुटी धारूहेड़ा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घायलों की पहचान और वे किस क्षेत्र के रहने वाले हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। साथ ही उन्हें किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इसका भी अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

मंत्री बोले-1 लाख प्रसूताओं में 48 की मौत,ये बेहतर आंकड़े:खींवसर ने कहा- ये मेरी सरप्राइज विजिट, जिला हॉस्पिटल में सबको दौरे की जानकारी थी

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा-कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के मामले का आपस में कोई संबंध नहीं है। राजस्थान में फिलहाल प्रति 1 लाख प्रसव (डिलीवरी) पर करीब 48 प्रसूताओं की मौत होती है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय मानकों से कहीं ज्यादा बेहतर है। मंत्री ने यह बात गुरुवार को अलवर के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। गजेंद्र सिंह खींवसर सरप्राइज विजिट पर अलवर आए थे। वह रास्ते में बगड़ का तिराहा पीएचसी पर रुके। वहां 5 में से 4 स्टाफ छुट्टी पर था, इकलौता डॉक्टर बचा वो भी पीजी करने जा चुका था। पीएचसी पर कोई नहीं था। इस पर मंत्री ने तुरंत डॉक्टर लगाने और अन्य कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद अलवर सर्किट हाउस पहुंचे वहां मंत्री ने सीएमएचओ, पीएमओ व मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से चर्चा की है। इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण करने गए। प्रदेश में प्रसूताओं की मौत को लेकर विपक्ष (कांग्रेस) के हमलों पर पलटवार करते हुए मंत्री ने दावा किया कि राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाएं पहले से काफी बेहतर हैं। कोटा और बीकानेर में हाल ही में हुई प्रसूताओं की मौत के मामले में विपक्ष के कांग्रेस के नेताओं पर पलटवार करते हुए चिकित्सा मंत्री ने आंकड़ों का हवाला दिया। मंत्री ने कहा-कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौत के मामले का आपस में कोई संबंध नहीं है। राजस्थान में फिलहाल प्रति 1 लाख प्रसव (डिलीवरी) पर करीब 48 प्रसूताओं की मौत होती है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय मानकों से कहीं ज्यादा बेहतर है। मंत्री ने सरप्राइज विजिट का मतलब समझाया बगड़ तिराहा पीएचसी पर 4 में से 3 नर्सिंगकर्मियों के छुट्टी और डॉक्टर न होने के सवाल पर मंत्री ने कहा-सरप्राइज विजिट का मतलब यही है कि धरातल की हकीकत सामने आए। बगड़ तिराहे पीएचसी का डॉक्टर पीजी करने गया है, वहां तुरंत नया डॉक्टर लगाने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। मंत्री ने अलवर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का भी औचक निरीक्षण किया। हालांकि, वहां पहुंचने से पहले ही उन्होंने सीएमएचओ (CMHO), पीएमओ (PMO) और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे। मंत्री ने कहा कि बिना किसी को सूचना के विजिट है, जबकि अलवर मेडिकल कॉलेज व अलवर अस्पताल आने से पहले अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में मीटिंग की है। उससे पहले ही अलवर जिला अस्पताल में सबको पता चल गया था कि मंत्री आने वाले हैं। किसान ने मंत्री से कहा- मेरी सुनो खींवसर जनाना अस्पताल पहुंचे तो एक व्यक्ति ने तेज आवाज में मंत्री को आवाज लगाते हुए कहा कि मेरी सुनो, लेकिन वो अनसुना करते हुए निकल गए। बाद में व्यक्ति ने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को बड़ी परेशानी होती है। तुरंत सुनवाई नहीं होती है। — ये खबर भी पढ़ें.. डिलीवरी के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ी, डायलिसिस शुरू:गर्भ में ही हो गई थी बच्चे की मौत, ज्यादा ब्लीडिंग की वजह से हालत गंभीर कोटा जेके लोन अस्पताल में डिलीवरी के बाद गंभीर रूप से बीमार हुई मध्य प्रदेश की शबाना को लेकर एक नया अपडेट सामने आया है। रविवार को हालत बिगड़ने के बाद उसे सुपर स्पेशिलिटी ब्लॉक (एसएसबी) के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)

झालावाड़ पीजी कॉलेज में सीटें बढ़ाने की मांग:एबीवीपी ने 25 फीसदी वृद्धि को लेकर प्रिंसिपल से लगाई गुहार

झालावाड़ पीजी कॉलेज में सीटें बढ़ाने की मांग की गई है। एबीवीपी की नगर इकाई ने सीटों में 25 प्रतिशत वृद्धि की मांग करते हुए प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपा है। नगर सह मंत्री प्रियांशु पाटीदार ने बताया कि हर साल हजारों छात्र कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। सीटों की कमी के कारण बड़ी संख्या में योग्य और मेधावी छात्रों को निराशा हाथ लगती है। उन्होंने कहा कि छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सीटों में वृद्धि करना समय की मांग है। भाग संयोजक गरिमा मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा प्रत्येक छात्र का अधिकार है। उन्होंने कहा कि केवल सीटों की कमी के कारण किसी भी छात्र को उच्च शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। कॉलेज प्रशासन से छात्रों के हित में सकारात्मक पहल करने और शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन सौंपते समय विशाल, लक्ष्यराज, कुणाल, माफिज सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। नशे से दूरी सफलता की कुंजी: डॉ. रश्मी गुप्ता झालावाड़ में नशामुक्त भारत अभियान के तहत बीएससी नर्सिंग कॉलेज में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाना और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था। वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. रश्मी गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तनाव पर नियंत्रण और नशे से दूरी ही सफलता की कुंजी है। डॉ. गुप्ता ने बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में युवाओं को शिक्षा, करियर और सामाजिक अपेक्षाओं से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने जोर दिया कि सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और संतुलित जीवनशैली अपनाकर तनाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से मजबूत व्यक्ति जीवन की कठिन परिस्थितियों का बेहतर सामना करता है और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से खुद को दूर रख पाता है। कार्यशाला में डॉ. गुप्ता ने छात्राओं को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और उसके परिवार व समाज पर भी नकारात्मक असर डालता है। उन्होंने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति का एक प्रमुख कारण ‘पियर प्रेशर’ यानी साथियों का दबाव बताया। कई बार युवा अपने मित्रों या समूह में स्वीकार्यता पाने के लिए नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं, जो बाद में गंभीर समस्या बन सकता है। डॉ. गुप्ता ने छात्राओं से आह्वान किया कि वे आत्मविश्वास के साथ सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करें और किसी भी प्रकार के दबाव में आकर गलत आदतों को न अपनाएं। उन्होंने तनाव प्रबंधन के लिए नियमित व्यायाम, योग, ध्यान, सकारात्मक संवाद और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह भी दी। इस कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य मनोज गोस्वामी, उप-प्राचार्य कृष्ण कुमार नागर सहित सुनील सुमन, विपिन निगम, जितेंद्र कुमार, दीपक नागर, कन्हैयालाल मीणा, दिनेश चौहान, हिमानी राठौर, महेश कुमार, प्रवीण मेहरा, प्रतीक नागर तथा कॉलेज के समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में सभी उपस्थितजनों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जागरूकता, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाकर ही स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त समाज का निर्माण संभव है।

महाराष्ट्र में नीट छात्र ने आत्महत्या की:वीडियो में बोला- मां माफ कर देना; 42 दिनों में 11 राज्यों के 22 स्टूडेंट्स का सुसाइड

महाराष्ट्र के हिंगोली में 18 साल एक नीट अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सुशील धागे के रूप में हुई है। छात्र ने आत्महत्या से पहले मोबाइल फोन से अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया। फिर परिवारवालों को वीडियो भेजकर उसने एक कुएं में छलांग लगा दी। करीब 33 सेकंड के वीडियो में सुशील ने हाथ जोड़कर मां से माफी मांगी। उसने कहा- मां, मुझे माफ कर देना। मां, आप सुमेध के साथ रहना। अपना अच्छे से ख्याल रखना और मेरी चिंता मत करना। मैं बहुत दर्द में हूं। मुझसे अब कुछ नहीं हो पा रहा… मुझे अब कुछ भी समझ नहीं आ रहा… बस मुझे माफ कर देना। सुशील ने 21 जून को NEET-UG की दोबारा परीक्षा दी थी। वह 3 मई को हुई परीक्षा में भी शामिल हुआ था, जो पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। परीक्षा रद्द होने के बाद से अबतक देशभर के 11 राज्यों में 22 स्टूडेंट्स जान दे चुके हैं। कांग्रेस आज देशभर में करेगी ‘छात्रों की गूंज’ प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस गुरुवार को देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। कांग्रेस के मुताबिक, 28 सीनियर नेता देश के 28 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इनमें अहमदाबाद में सतेज पाटिल, बेंगलुरु में वर्षा गायकवाड़, भोपाल में इमरान मसूद, भुवनेश्वर में पवन खेड़ा, दिल्ली में गौरव गोगोई, चेन्नई में प्रियंक खड़गे, कोलकाता में सुप्रिया श्रीनेत और पुणे में कन्हैया कुमार शामिल हैं। इस कैंपेन का मकसद परीक्षा में गड़बड़ियों, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाना है। पार्टी का कहना है कि इसके जरिए भारत की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार पर राष्ट्रीय बहस शुरू की जाएगी। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार की शिक्षा नीति में दूरदृष्टि की कमी है। कांग्रेस का कहना है कि पिछले 12 सालों में सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में केवल निजीकरण, केंद्रीकरण और संघीकरण को बढ़ावा दिया है। ————————– नीट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने 21 जून को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। राजस्थान के अजमेर और गुजरात के अहमदाबाद में हिजाब पहन कर पहुंची छात्राओं को पहले एंट्री देने से मना कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

14 दिन से मासूम लापता,SDM ऑफिस में ग्रामीणों का धरना:नारेबाजी करती हुईं चैंबर तक पहुंची महिलाएं; 12 जून को पहाड़ी से हुआ था गायब

सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद गांव में पहाड़ी पर स्थित हिंगलाज माता मंदिर से 5 साल का मासूम 12 जून को गायब हो गया। बच्चे का अब तक सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों में रोष है। घटना से आक्रोशित ग्रामीण गुरुवार दोपहर 2 बजे नीमकाथाना एसडीएम ऑफिस में घुस गए। इस दौरान सैंकडों की संख्या में महिला और ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान ग्रामीण एसडीएम के चेंबर तक पहुंच गए। यहां देखें घटना से जुड़ी PHOTOS..
ग्रामीण सेवा शिविर में गए थे एसडीएम इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस ने महिलाओं को रोकने की कोशिश की। मगर महिलाओं ने एसडीएम ऑफिस में घुसकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान एसडीएम राजवीर यादव ग्रामीण सेवा शिविर में गए थे। कोटपूतली-नीमकाथाना रोड़ को किया जाम इसके बाद आक्रोशित लोगों ने कोटपूतली-नीमकाथाना मुख्य सड़क को जाम कर दिया। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द लापता मासूम को खोजा जाए। प्रदर्शन में पूर्व विधायक रमेश खंडेलवाल, भूपेंद्र सिंह, सुरेश मीणा, सरपंच शेरसिंह सहित कई लोग मौजूद हैं। … यह खबर भी पढ़ें पलभर में मां के सामने से बच्चा गायब:परिवार के साथ पहाड़ी पर बने मंदिर गया था, जंगल में ड्रोन से ढूंढा जा रहा सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र के निमोद गांव में पहाड़ी पर स्थित हिंगलाज माता मंदिर से 5 साल का मासूम 12 जून को गायब हो गया। इस घटना के एक हफ्ते से ज्यादा बीत गया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। शुरुआत में केवल नीमकाथाना की पुलिस बच्चे को तलाश रही थी, लेकिन जब लगा ​कि बच्चे को ढूंढना मुश्किल हो रहा है तो आसपास के 10 थानों की पुलिस बुलाई गई। वन विभाग की टीम को साथ लिया गया। SDRF की टीम बुलाई गई। इन सबके साथ 200 से ज्यादा गांव वाले भी लगातार जंगल में बच्चे को सर्च कर रहे हैं। मगर मासूम का कोई सुराग तक नहीं लगा है। (पढ़ें पूरी खबर) …

शिक्षामंत्री ने कहा- डोटासरा महामूर्ख और भ्रष्टाचारी:दिलावर बोले- यह चरित्रहीन के पतिव्रता महिला पर आरोप लगाने जैसा रवैया; किरोड़ी सोना जैसे खरे

जयपुर में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं। वे अपनी छवि बचाने के लिए दूसरे नेताओं पर आरोप लगाते रहते हैं। दिलावर ने कहा- मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है। दिलावर ने कहा- डोटासरा महामूर्ख और बेईमान हैं। शिक्षा संकुल में स्टेट ओपन स्कूल कार्यालय में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे मीडिया से बातचीत के दौरान मदन दिलावर ने यह कहा। दिलावर ने कहा- समझदार व्यक्ति इस तरह की बयानबाजी नहीं करता, लेकिन डोटासरा लगातार राजनीतिक आरोप लगाकर माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। दिलावर ने कहा- जिस प्रकार कोई चरित्रहीन किसी पतिव्रता महिला पर आरोप लगाए, डोटासरा का रवैया भी वैसा ही है। कहा- किरोड़ी लाल सोने की तरह खरे मदन दिलावर ने कहा- डोटासरा भ्रष्टाचार के दलदल में डूबे हुए हैं। जनता का ध्यान अपने मामलों से हटाने के लिए लगातार दूसरे लोगों पर आरोप लगाते रहते हैं। शिक्षा मंत्री ने किरोड़ी लाल मीणा का बचाव करते हुए कहा- वे सोने की तरह खरे हैं। उन पर लगाया गया कोई भी आरोप टिकने वाला नहीं है। दिलावर ने कहा- डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का सार्वजनिक जीवन और कार्यशैली पूरी तरह पारदर्शी रहा है। उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों में कोई दम नहीं है। जांच एजेंसियां अपना काम कर रहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- कानून अपना काम करेगा और जांच एजेंसियां अपना कार्य कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जो लोग आज खुद को बेगुनाह बता रहे हैं, उन्हें भी जांच का सामना करना पड़ेगा। इसी दौरान दिलावर ने कांग्रेस नेता महेश जोशी का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी पहले खुद को निर्दोष बताते थे। बाद में उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
……… यह खबर भी पढ़ें… डोटासरा बोले-गहलोत के पैरों में गिरकर रोए थे किरोड़ी:बेनीवाल को चैलेंज किया था,10 मिनट में सरेंडर हो गए; नैतिकता है तो इस्तीफा देना चाहिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने आरोप लगाया है कि किरोड़ी लाल मीणा तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाए थे। साथ ही डोटासरा ने किरोड़ी लाल पर खाद-बीज छापों के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए की अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है। (पूरी खबर पढ़ें)

व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत; VIDEO:दुकान पर काम करते समय लड़खड़ाकर गिर पड़े, एक दिन पहले भी सीने में दर्द हुआ था

राजसमंद में दुकान पर काम कर रहे व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। व्यापारी दुकान में साफ-सफाई कर रहे थे, तभी अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। सूचना मिलने पर बेटा तुरंत दुकान पर पहुंचा। उन्हें अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामला कुंभलगढ़ क्षेत्र के बड़गांव का 24 जून को सुबह करीब 7 बजे का है। घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसका वीडियो गुरुवार को सामने आया। व्यापारी के बेटे ने बताया- डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में हार्ट अटैक से मौत होना बताया है। पहले देखें… घटना से जुड़ी PHOTOS अब पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. दुकान में सफाई करते समय गिर पड़े खेडलिया निवासी बब्बर सिंह खरवड़ (42) पुत्र मोहन सिंह खरवड़ की बड़गांव में डेयरी और किराना की दुकान है। वे बुधवार (24 जून) सुबह रोज की तरह दुकान पर पहुंचे। दुकान खोलने के बाद उन्होंने सामान बाहर निकाला और साफ-सफाई का काम शुरू किया। दुकान के बाहर झाड़ू लगाने के बाद जैसे ही बब्बर सिंह अंदर जाने लगे, उन्हें असहज महसूस हुआ। वे कुछ देर के लिए रुके, लेकिन दोबारा दुकान की ओर बढ़ते ही उनका संतुलन बिगड़ गया। वे लड़खड़ाकर दुकान की दीवार के सहारे गिर पड़े। 2. पड़ोसी ने देखा तो परिजन को दी सूचना पास में सब्जी की दुकान चलाने वाले बब्बर नाथ ने बताया कि सुबह तक सब कुछ सामान्य था। अचानक मेरी नजर बब्बर सिंह की दुकान की तरफ गई तो वे जमीन पर पड़े दिखाई दिए। उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। मैंने तुरंत दौड़कर उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद मैंने बब्बर सिंह के रिश्तेदार गणेश राजपूत और अन्य परिजनों को फोन कर सूचना दी। 3. एक दिन पहले सीने में दर्द की शिकायत की थी सूचना मिलते ही बब्बर सिंह का बेटा केसर सिंह करीब 5 मिनट में दुकान पर पहुंच गया। उन्हें कुंभलगढ़ के एक प्राइवेट हॉस्पिटल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन नान सिंह ने बताया कि घटना से एक दिन पहले बब्बर सिंह ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। बेटे ने उन्हें जांच कराने की सलाह दी थी। लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने के बजाय दवा लेकर दुकान पर ही करीब तीन घंटे आराम किया। बाद में सामान्य रूप से घर लौट गए थे। बब्बर सिंह का बेटा केसर सिंह पेट्रोल पंप पर नौकरी करता है। दो महीने पहले ही केसर सिंह की शादी हुई थी। इनपुट: राहुल सोनी, कुंभलगढ़ (राजसमंद) … यह खबर भी पढ़ें… जनगणना ड्यूटी से लौटे टीचर की हार्ट अटैक से मौत:घबराहट और बेचैनी हो रही थी; नेवी से रिटायर होने के बाद बने थे शिक्षक भरतपुर में सरकारी टीचर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। गुरुवार शाम 6 बजे जनगणना ड्यूटी से रूम पर लौटने के बाद उन्हें घबराहट और बेचैनी हुई। सीने में भी दर्द होने लगा। (पूरी खबर पढ़ें)

राजस्थान सहित 16 राज्यों में CBI की रेड:डिजिटल अरेस्ट के 200 केस में गिरोह पर शिकंजा; 80 से ज्यादा ठिकानों पर छापे

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से राजस्थान सहित 16 राज्यों में रेड डाली गई। डिजिटल अरेस्ट गिरोह पर शिकंजा कसते हुए 80 से ज्यादा ठिकानों पर गुरुवार सुबह छापेमारी की गई। सीबीआई ने गिरोह के दो बदमाशों को अरेस्ट किया है। सीबीआई के मुताबिक- राजस्थान सहित देश के 16 राज्यों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 80 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। ऑपरेशन चक्र-6 के तहत गठित 60 विशेष टीमों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सीबीआई रेड की कार्रवाई डिजिटल अरेस्ट ठगी के 200 से अधिक मामलों में जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी शेल कंपनियां बनाकर और फेक (म्यूल) बैंक अकाउंट संचालित कर साइबर फ्रॉड की करीब 2 करोड़ रुपए की अवैध कमाई को ठिकाने लगा रहे थे। मामले में चेन्नई और कोलकाता से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार- इस नेटवर्क के बदमाशों की ओर से भारत के साथ अन्य देशों के लोगों को भी निशाना बनाने की संभावना है। संबंधित देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी इसकी जानकारी दी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से मिलता बनाया था फेक डोमेन जांच एजेंसी ने बताया- हाल ही सुप्रीम कोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट से मिलता-जुलता एक फेक डोमेन भी सामने आया था। फ्रॉड गैंग इसी वेबसाइट का यूज कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करते थे। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की शिकायत पर CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी। टेक्निकल जांच और फोरेंसिक एनालिसिस के बाद CBI ने देश और विदेश में फैले इस साइबर नेटवर्क के इम्पोटेंट लिंक की पहचान की थी। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी अदालतों और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नाम से फेक आदेश और डॉक्यूमेंट तैयार कर पीड़ितों को असली कार्रवाई का झांसा देते थे। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच जारी है।

………….. यह खबर भी पढ़ें… CGST असिस्टेंट कमिश्नर के ठिकानों पर CBI छापा:ढाई करोड़ की कार,ज्वेलरी, मकान, प्लॉट समेत करोड़ों की प्रॉपर्टी मिली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने जयपुर के सीजीएसटी (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर) सहायक आयुक्त के जयपुर अंकलेश्वर और अहमदाबाद समेत कई ठिकानों पर छापे मारी की थी। कार्रवाई में कई शहरों में प्लॉट, मकान, कॉमर्शियल स्पेस सहित बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी मिली थी। वहीं छापों में पोर्श और जीप कंपास जैसी प्रीमियम गाड़ियां भी मिली थी। (पूरी खबर पढ़ें)

सरलाई जमीन विवाद में सामने आया दूसरा पक्ष:जमीनी विवाद में राजपूत समाज को घसीटने का आरोप, एसपी से की शिकायत

चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर थाना क्षेत्र के सरलाई गांव में जमीन और ट्यूबवेल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक और कानूनी दोनों स्तर पर तूल पकड़ता दिख रहा है। बुधवार को कुमावत समाज के कुछ लोगों ने मरूधर होटल मालिक प्रहलाद सिंह मेड़तिया और अधिवक्ता महेंद्र सिंह मेड़तिया पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अगले ही दिन आज गुरुवार को जौहर स्मृति संस्थान, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा, श्री महाराणा भूपाल शिक्षा समिति और अन्य प्रतिनिधि पुलिस अधीक्षक से मिले और पूरे मामले में अपना पक्ष रखा। इन संगठनों का कहना है कि प्रहलाद सिंह और महेंद्र सिंह को जानबूझकर विवाद में घसीटा जा रहा है, जबकि जमीन और ट्यूबवेल का मामला राजस्व रिकॉर्ड और नपती से जुड़ा है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और समाज को बदनाम करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। आरोपों के बाद सामने आया दूसरा पक्ष जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष नारायण सिंह बड़ौली ने बताया कि सरलाई गांव का यह मामला दो पक्षों के बीच जमीन और ट्यूबवेल से जुड़ा विवाद है। उनके अनुसार इस जमीन की कई बार पत्थरगड़ी हो चुकी है और तहसीलदार खुद मौके पर जाकर सीमांकन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार की रिपोर्ट सेटलमेंट विभाग को भेजी गई है और वहां से जो भी फैसला आएगा, वह दोनों पक्षों को मंजूर होना चाहिए। बड़ौली का कहना है कि इस विवाद को जरूरत से ज्यादा राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और महेंद्र सिंह मेड़तिया को बेवजह इसमें शामिल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले में राजपूत समाज को घसीटना गलत है, जबकि समाज का इससे सीधा कोई लेना-देना नहीं है। इसी बात को लेकर समाज और संस्थाओं के प्रतिनिधि एसपी कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। फायरिंग, धमकी और मारपीट के आरोपों को बताया गलत नारायण सिंह बड़ौली ने साफ कहा कि एक दिन पहले लगाए गए फायरिंग, मारपीट, धमकी, फसल खराब करने और तोड़फोड़ जैसे आरोप पूरी तरह गलत हैं। उनका कहना है कि न तो कोई फायरिंग हुई और न ही इस तरह की कोई घटना हुई है। उन्होंने दावा किया कि राजस्व रिकॉर्ड और तहसीलदार की नपती के आधार पर संबंधित जमीन और ट्यूबवेल कैलाश सिंह के पक्ष में बताए गए हैं, और उसी आधार पर स्थिति स्पष्ट की गई है। संगठनों का कहना है कि प्रहलाद सिंह और महेंद्र सिंह ने किसी को धमकाया नहीं, न ही किसी की फसल खराब की और न ही किसी तरह की जबरन कार्रवाई की। उनका आरोप है कि कुछ लोग निजी और राजनीतिक कारणों से इस मामले को बढ़ा रहे हैं और इसमें समाज की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए उन्होंने पुलिस से मांग की है कि सिर्फ शिकायतों के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय राजस्व रिकॉर्ड, मौके की रिपोर्ट और सभी पक्षों के बयान देखकर जांच की जाए। भू-माफिया बोलना गलत, निष्पक्ष जांच की गुहार एसपी को समाज जनों ने बताया कि जौहर स्मृति संस्थान, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा, श्री महाराणा भूपाल शिक्षा समिति और अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रहलाद सिंह मेड़तिया और अधिवक्ता महेंद्र सिंह मेड़तिया को भू-माफिया बताना गलत है। यह भी कहा गया कि करीब चार साल पहले खरीदी गई कृषि भूमि और ट्यूबवेल पर उनका कब्जा और उपयोग लगातार चल रहा है। संस्थाओं का कहना है कि तहसीलदार भदेसर 8 जून 2026 को मौके पर जाकर पत्थरगड़ी कर चुके हैं और आगे की कार्रवाई के लिए मामला उपखंड अधिकारी और संबंधित विभाग को भेजा गया है। ऐसे में इस विवाद को सामाजिक टकराव या दबंगई के रूप में पेश करना सही नहीं है। प्रतिनिधियों ने एसपी से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और झूठे आरोप लगाकर समाज की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इस दौरान नरपत सिंह भाटी, महाराज सहदेव सिंह नरेला, एस.पी. सिंह सठौड़ सहित कई लोग मौजूद रहे।