सीकर‌ की धोद और पलसाना नगरपालिका में स्टाफ लगाया:ईओ‌ समेत 9-9 कर्मचारी लगाए, स्वायत्त शासन विभाग ने जारी किए आदेश

सीकर जिले के पलसाना और धोद में नवसृजित नगर पालिकाओं में स्टाफ की नियुक्ति कर दी गई है। शुक्रवार को राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। पलसाना और धोद नगर पालिकाओं में नौ-नौ कार्मिकों के स्टाफ की मंजूरी दे दी गई है। राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में पलसाना और धोद को नगर पालिका बनाने की घोषणा की थी। उसके बाद से अभी तक कार्य व्यवस्था के तहत अस्थाई रूप से कर्मचारियों को लगाया गया था। पलसाना और धोद नगर पालिकाओं में स्थायी कर्मचारियों की मंजूरी मिलने के बाद अब विकास कार्यों में तेजी आएगी। नेशनल हाईवे-52 पर बसे पलसाना कस्बे में रीको (RIICO) एरिया भी है। अब नगर पालिका बनने के बाद पलसाना कस्बे की रेवेन्यू इनकम (राजस्व आय) भी बढ़ेगी। वहीं, धोद कस्बा भी उपखंड और विधानसभा मुख्यालय है। धोद में नगर पालिका कार्मिकों की नियुक्ति के बाद आमजन को भूखंड के पट्टों के लिए बड़ी राहत मिलेगी। दोनों जगह चतुर्थ श्रेणी (फोर्थ कैटेगरी) नगर पालिका के तहत कार्मिक नियुक्त किए गए हैं। नगरपालिका में ये कार्मिक नियुक्त होंगे

दलोट में कुएं से मिला अधेड़ का शव:कट्टे में बंद था, पास से गुजरने वाले लोगों को बदबू आई तो देखा

प्रतापगढ़ के दलोट गांव में एक बिना मुंडेर के कुएं में बोरे में बंद एक अधेड़ का शव मिला है। सूचना मिलने के बाद सालमगढ़ थाना और निनॉर चौकी की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए। निनॉर चौकी प्रभारी सूरजमल मीणा ने बताया- मोबाइल के जरिए चौकी पर सूचना प्राप्त हुई थी। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि दलोट कस्बे के एक बिना मुंडेर के कुएं में एक कट्टे में बंधा हुआ शव पानी के ऊपर तैर रहा था। मृतक का मुंह कट्टे से बाहर दिखाई दे रहा था। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने पर वहां बड़ी संख्या में लोग जमा थे। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। सूरजमल मीणा के अनुसार, आसपास के खेतों में जाने वाले लोगों को कुएं के पास से गुजरते समय दुर्गंध महसूस हुई थी। वहां काफी मक्खियां भी भिनभिना रही थीं। पास जाकर देखने पर पानी पर एक कट्टा तैरता हुआ नजर आया, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जोधपुर-चेन्नई समर हॉलीडे स्पेशल ट्रेन कल से होगी शुरू:जयपुर और भोपाल सहित 29 स्टेशनों पर ठहराव, जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी शनिवार से चलेगी

गर्मी की छुट्टियों के के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा जोधपुर और चेन्नई के बीच विशेष साप्ताहिक समर हॉलीडे स्पेशल ट्रेन शनिवार ( 27 जून) से शुरू होगी। पांच ट्रिप के लिए संचालित की जाने वाली इस स्पेशल ट्रेन से राजस्थान और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। शनिवार की रात को होगी रवाना उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04815 जोधपुर-चेन्नई बीच साप्ताहिक समर हॉलीडे स्पेशल 27 जून से 25 जुलाई तक (5 ट्रिप) प्रत्येक शनिवार रात 9.20 बजे जोधपुर से रवाना होगी और सोमवार रात 8 बजे चेन्नई बीच पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04816 एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-जोधपुर समर हॉलीडे स्पेशल 30 जून से 28 जुलाई तक (5 ट्रिप) प्रत्येक मंगलवार शाम 5.15 बजे चेन्नई से प्रस्थान कर गुरुवार रात 8.30 बजे जोधपुर पहुंचेगी। ट्रेन कुल 19 आईसीएफ कोच के साथ संचालित होगी। रैक संरचना में 2 सेकंड एसी,15 थ्री टियर एसी कोच तथा 2 एसएलआर कोच शामिल किए गए हैं। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार, ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 29 स्टेशनों पर ठहरेगी। इनमें मेड़ता रोड,डेगाना,मकराना,कुचामन,फुलेरा,जयपुर,दुर्गापुरा,सवाई माधोपुर,सोगरिया, बारा,छबड़ा,गुगोर, रुठियाई,गुना,बीना,भोपाल,इटारसी,नागपुर,बल्हारशाह,सिरपुर कागजनगर,मंचियारल,वारंगल,खम्मम, विजयवाड़ा,बापटला,चिराला,ओंगोल,नेल्लौर,गुडूर और नयाडुपेटा शामिल हैं। जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी कल से चलेगी वहीं , जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी शनिवार को जैसलमेर से रवाना होगी और राजस्थान से पूर्वी भारत की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराएगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04803 जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन 27 जून को जैसलमेर से सुबह 8.15 बजे रवाना होगी। ट्रेन जोधपुर स्टेशन पर दोपहर 1.50 बजे पहुंचेगी तथा 2.30 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन तीसरे दिन सुबह 6.30 बजे हावड़ा पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव यह विशेष ट्रेन मार्ग में रामदेवरा,फलोदी,जोधपुर,मेड़ता रोड,डेगाना,मकराना,फुलेरा,जयपुर,भरतपुर,ईदगाह,टूण्डला,ईटावा,गोविन्दपुरी, सुबेदारगंज,पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन,भबुआ रोड,सासाराम,डेहरी ऑन सोन,अनुग्रह नारायण रोड,गया, कोडरमा,पारसनाथ,धनबाद, आसनसोल,दुर्गापुर,वर्द्धमान तथा बैण्डेल स्टेशनों पर ठहराव करेगी। कोच में होंगे कुल 16 डिब्बे इस विशेष ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए 10 स्लीपर कोच,6 जनरल श्रेणी कोच और 2 गार्ड कोच सहित 16 डिब्बे लगाए जाएंगे।

स्कूल में मिले क्लर्क के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ:कलेक्टर- एसपी से मिले जांच के आश्वासन के बाद परिजन हुए सहमत

पाली के एडी डागा स्कूल में फंदे पर लटके मिले बाबू(क्लर्क) के शव का शुक्रवार को बांगड़ हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। उसके बाद शव परिजनों का सौंप दिया गया। गमगीन माहौल में शाम को परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। बता दें कि प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन अड़े हुए थे। उन्होंने गुरुवार को जिला कलेक्टर और एसपी को भी ज्ञापन सौंपा था। शुक्रवार को निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद परिजन बॉडी के पोस्टमॉर्टम के लिए राजी हुए थे। दरअसल, पाली शहर के सर्किट हाऊस के निकट एडी डागा स्कूल में गुरुवार(25 जून) सुबह आग लगने की सूचना पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे थे। स्कूल के रिकॉर्ड रूम में लगी आग बुझाने के दौरान उनकी नजर हॉल में गई तो वहा शव लटकता दिखाई दिया था। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया। मृतक की पहचान पाली के टैगोर नगर निवासी राघवेन्द्र शर्मा(32) पुत्र एसएन शर्मा के रूप में हुई थी। मृतक स्कूल में बाबू (क्लर्क) था। परिजनों को हत्या की आशंका, स्कूल प्रबंधन बोला- लाखों रुपए की हेराफेरी की
मृतक के मामा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है, जिसमें मृतक की हत्या कर शव लटकाने और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले में स्कूल ट्रस्ट अध्यक्ष केसी डागा ने आरोप लगाते हुए बताया कि मृतक राघवेन्द्र ने 17 मई से 20 जून तक स्कूल अकाउंट से करीब 51 लाख रुपए खुद के खाते में ट्रांसफर किए। स्कूल अकाउंट में महज 12 रुपए ही बचे। मामले में सीओ सिटी मंगलेश चुंडावत ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें- पाली में स्कूल हॉल में फंदे पर लटका युवक: स्कूल का रेकर्ड रूम, डीवीआर जला, धुंआ उठता देख किया फायर बिग्रेड को कॉल पत्नी बोलीं-वॉचमैन नहीं था, स्कूल में सोने गए थे: मां ने कहा-धोखे से बुलाकर बेटे की हत्या की, ट्रस्टी बोले–एक महीने में 51 लाख ट्रांसफर हुए राघवेंद्र के अकाउंट में

उदयपुर में 2 लाख के आईफोन समेत पर्स लूटा:युवती को धक्का मारकर गिराया, भूपालपुरा में 1 घंटे में 2 वारदात

उदयपुर के भूपालपुरा थाना क्षेत्र में बीती रात एक घंटे में चेन स्नैचिंग और पर्स लूट की 2 अलग-अलग वारदातों ने सनसनी फैला दी। बाइक सवार बदमाशों ने गुरुवार रात करीब 10 बजे पैदल चल रही महिला के साथ चेन स्नैचिंग की। वहीं, इस घटना के करीब एक घंटे बाद ही यूनिवर्सिटी रोड पर स्कूटी सवार युवती के साथ पर्स लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। दोनों घटनाओं ने पुलिस की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संभावना जताई जा रही है कि दोनों वारदात एक ही गैंग ने की है। पुलिस आसपास सीसीटीवी खंगालते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी है। पीड़िता के हैंडबैग में 2 लाख का आईफोन था पहली घटना सुभाष नगर क्षेत्र की है। जहां अंजना लावटी(52) पत्नी दीपक लावटी अपने पति के साथ आयड आईनॉक्स मॉल से भोजन करके पैदल घर लौट रही थीं। तभी बाइक पर आए अज्ञात बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली और फरार हो गए। घटना के बाद घबराए दंपति भूपालपुरा थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज करवाई। वहीं, दूसरी घटना भूपालपुरा थाना क्षेत्र के हीरा बाग, 100 फीट रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई। जहां जिज्ञा जैन(22) पुत्री राजेश जैन अशोक नगर से आईनॉक्स मॉल होते हुए आयड पुलिया की तरफ से 100 फीट रोड होते हुए हीरा बाग की ओर जा रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया और चेन छीनने का प्रयास किया। चेन नहीं निकलने पर बदमाशों ने उनके कंधे पर टंगा हैंडबैग झपट लिया, जिसमें करीब 2 लाख कीमत का आईफोन मोबाइल सहित अन्य सामान था। वारदात के दौरान बदमाशों ने युवती को धक्का मारा। जिससे वह सड़क पर गिरकर घायल हो गई। वारदात के बाद से डरी-सहमी है बच्ची: पार्षद पीड़िता जिज्ञा जैन के अंकल और निवर्तमान पार्षद राकेश जैन ने बताया कि वारदात के बाद बच्ची जिज्ञा बहुत डरी-सहमी हुई है। एक ही थाना क्षेत्र में एक घंटे के भीतर दो घटनाएं होना क्षेत्रवासियों में असुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है। हमने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, अपराधियों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।

पिकअप पर 'जय बाबा की' लिखा था, पुलिस ने काटा-चालान:विधायक भाटी बोले- राम राज्य में अपने इष्ट का नाम लिखना क्या गुनाह हैं?

बाड़मेर में रीको थाना पुलिस की ओर से काटा चालान विवादों में आ गया है। सोशल मीडिया पर चालान की कॉपी और गाड़ी की फोटो भी सामने आई है, जिसमें बाबा गरीबनाथ जी का नाम कांच पर छोटे अक्षरों में लिखा हुआ था। शुक्रवार को शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- राम राज्य में अपने इष्ट का नाम लिखना भी क्या गुनाह है। भाटी ने पीएमओ, सीएमओ और राजस्थान पुलिस को टैग किया है। साथ ही चालान और गाड़ी का फोटो शेयर किया है। दरअसल, खुशाल पुत्र चुतराराम निवासी शिव की बोलेरो पिकअप गाड़ी का चालान बाड़मेर रीको थाना पुलिस ने 14 जून को काटा था। पुलिस के अनुसार, चालान इसलिए काटा गया कि गाड़ी के कांच पर छोटे अक्षर से कुछ लिखा हुआ था। चालान रीको थाने के एसआई लूणदान की ओर से काटा गया। इसके कुछ घंटों बाद ही चालान और गाड़ी का फोटो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। भाटी बोले- इष्ट का नाम लिखना क्या गुनाह है?
मामले में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा- राम राज्य में अपने इष्ट का नाम लिखना भी क्या गुनाह है? विधायक भाटी ने कहा कि यदि नियमों की पालना आवश्यक है तो उसका क्रियान्वयन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। आमजन की आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज ऐसी स्थिति बन गई है कि लोग अपने आराध्य और इष्ट देवता का नाम भी अपने वाहन पर नहीं लिख सकते। थानाधिकारी बोले- नियमों के अनुसार की गई कार्रवाई
रीको थाना अधिकारी चैन प्रकाश ने बताया कि 14 जून को एक पिकअप गाड़ी का चालान SI लूणदान उप निरीक्षक, पुलिस थाना रीको बाड़मेर की ओर से काटा गया था। इसकी फ्रंट विंडशील्ड पर दो बड़ी काली फिल्म ऊपर और नीचे लगाई गई थी। उन पर ‘जय बाबा गरीब नाथ जी’ लिखा हुआ था। इसके अलावा भी विंड शील्ड पर सूरज राहुल स्वरूप वगैरह कुल पांच नाम लिखे हुए थे। इसकी वजह से ड्राइवर के सामने का दृश्य आंशिक रूप से बाधित होता पाया गया है, जो सामान्यतः ड्राइवर के दृश्यता संबंधी नियम के उल्लंघन में मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान बनता है। हाल ही में राजस्थान पुलिस ने एक राज्यव्यापी अभियान में, वाहनों पर हूटर, फ्लैशलाइट, नंबर प्लेट पर जाति सूचक या पद सूचक अन्य कोई नाम शब्द चिन्ह और वाहनों की विंडशील्ड/फ्रंट ग्लास पर अनाधिकृत शब्द चिन्ह इत्यादि प्रदर्शित करने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए एक महीने का अभियान चला रखा है। इसी अभियान के तहत कार्रवाई की गई है।

होटल का कारोबार ठप हुआ तो बना नशा तस्कर:सप्लाई चेन का खुलासा होते ही फरार हुआ 25 हजार का इनामी तस्कर जोधपुर से दबोचा

राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 25 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया, जो एक साल से फरार चल रहा था। आरोपी ड्रग तस्कर सुनील झांझड़ा (26) को जोधपुर के नेटड़ा टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया है। आरोपी राज्य के टॉप ड्रग तस्करों में शामिल था। इसके साथ ही ANTF ने अपने अभियान में अब तक 69वें इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। एडीजी एएनटीएफ के निर्देशन और आईजी ANTF विकास कुमार की निगरानी में चलाए गए ‘ऑपरेशन मदशंभूक’ के तहत यह कार्रवाई की गई। आरोपी सुनील झांझड़ा(26) निवासी कजनाऊ पालड़ी, थाना खेड़ापा, जिला जोधपुर पर हनुमानगढ़ पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। होटल का कारोबार ठप हुआ तो बना नशा तस्कर आईजी ANTF विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने बीए तक पढ़ाई करने के बाद रोजगार की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने जोधपुर-नागौर हाईवे पर एक होटल खोला। होटल से पर्याप्त आमदनी नहीं होने पर उसकी मुलाकात पंजाब के एक ट्रक चालक से हुई, जिसने अधिक कमाई के लिए अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई का रास्ता बताया। इसके बाद आरोपी ने होटल की आड़ में ट्रक चालकों को मादक पदार्थ बेचने का कारोबार शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसका संपर्क पंजाब के तस्करों से हो गया और उसने राजस्थान से पंजाब तक नशे की सप्लाई का नेटवर्क खड़ा कर लिया। सप्लाई चेन का खुलासा होने पर हुआ फरार जांच में सामने आया कि आरोपी अपने होटल कर्मचारियों के माध्यम से भी मादक पदार्थ पंजाब तक भिजवाता था। इसी दौरान हनुमानगढ़ पुलिस ने एक खेप पकड़ ली, जिसमें जांच के दौरान सुनील का नाम सामने आया। पुलिस जब उसे पकड़ने होटल पहुंची तो वह फरार हो चुका था और पिछले एक साल से लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था। रिश्तेदार के कार्यक्रम में जा रहा था, टोल प्लाजा पर दबोचा ANTF को सूचना मिली कि आरोपी गुजरात नंबर की स्कॉर्पियो से अपने परिवार के साथ किसी रिश्तेदार के कार्यक्रम में शामिल होने जोधपुर जा रहा है। सूचना के आधार पर एक टीम ने उसका पीछा किया, जबकि दूसरी टीम ने नेटड़ा टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर दी। जैसे ही आरोपी की गाड़ी टोल प्लाजा पहुंची, दोनों टीमों ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अनजान बनने की कोशिश करते हुए कहा कि उसे किसी मुकदमे की जानकारी नहीं है, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार होने की बात स्वीकार कर ली।

राजस्थान के शहीद को नेशनल वॉर-मेमोरियल में 'रोल ऑफ ऑनर':ऑपरेशन सिंदूर में दिया था सर्वोच्च बलिदान; पत्नी बोलीं- ये जीवन का सबसे गौरवशाली दिन

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के 6 जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इन नामों को नेशनल वॉर मेमोरियल की वेबसाइट के ‘रोल ऑफ ऑनर’ में शामिल किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में शहीद होने वाले जवानों में राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मेहरादासी गांव के निवासी सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा भी हैं। सुरेंद्र कुमार अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। वे उधमपुर की 39 विंग में ‘मेडिकल असिस्टेंट सार्जेंट’ के पद पर कार्यरत थे। करीब 14 वर्षों से एयरफोर्स की मेडिकल विंग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 10 मई, 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सेक्टर में पाकिस्तान के हवाई हमले में सुरेंद्र मोगा गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्होंने इलाज के दौरान वीरगति प्राप्त की थी। पत्नी भावुक हुईं, बोलीं- यह दिन सबसे कठिन, लेकिन सबसे गौरवशाली भी
सुरेंद्र मोगा को आधिकारिक रूप से ‘शहीद’ का दर्जा मिलने के बाद उनकी पत्नी वीरांगना सीमा देवी ने भावुक शब्दों में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा- यह दिन उनके जीवन का सबसे कठिन, लेकिन सबसे गौरवशाली दिन है। सीमा देवी ने बताया- सबसे पहले मेरे पास दिल्ली से एयरफोर्स की एक अधिकारी का फोन आया, जिन्होंने यह जानकारी दी कि मेरे पति सुरेंद्र मोगा को आधिकारिक रूप से ‘शहीद’ का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसके कुछ ही देर बाद ससुर का फोन आया और उन्होंने भी यह गौरवपूर्ण समाचार साझा किया। उन्होंने कहा- पति को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अभी दोनों बच्चे दक्ष और वर्तिका सीकर में एजुकेशन ले रहे हैं। दक्ष तीसरी और वर्तिका 8वीं क्लास में है। दोनों अपने पिता को खोने के गहरे दुख और देश के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान के गर्व के साथ जीवन जी रहे हैं। सीमा देवी ने कहा- यह शहादत केवल हमारे परिवार की नहीं, बल्कि पूरे जिले और पूरे देश की है। एक पत्नी का सुहाग उजड़ने का दर्द मैं ही जानती हूं, लेकिन आज मेरे मन में एक अलग ही सुकून है। अब पूरी दुनिया जान गई है कि सुरेंद्र मोगा ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। उन्होंने बताया- मैं सीकर में अपने बच्चों का पालन-पोषण उन्हीं संस्कारों के साथ कर रही हूं, जो मेरे पति का सपना थे। हमारा परिवार कभी हार नहीं मानेगा और उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मुझे गर्व है कि मेरे पति देश के वीर सपूत थे। उनका बलिदान हमेशा देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा। पिता CRPF से और ससुर वायु सेना से रिटायर्ड
शहीद सुरेंद्र कुमार मोगा के पिता शिशुपाल मोगा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से और चाचा प्यारेलाल मोगा भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं। ससुर रामनिवास मील भी भारतीय वायु सेना से रिटायर्ड हैं। सुरेंद्र ने बचपन से पिता को और दूसरे रिश्तेदारों को आर्मी की यूनिफॉर्म में देखा था। ऐसे में देश सेवा का जज्बा बचपन से था। इसके बाद सुरेंद्र ने साल 2010 में एयरफोर्स जॉइन की थी। वे करीब 14 सालों से भारतीय वायुसेना में सेवारत थे। मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल’ से किया गया सम्मानित
शहीद सुरेंद्र मोगा को सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत ‘वायु सेना मेडल (गैलंट्री)’ से सम्मानित किया गया। 93वें वायु सेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित समारोह में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने यह वीरता सम्मान शहीद की वीरांगना पत्नी सीमा मोगा को प्रदान किया था। सम्मान ग्रहण करते समय वीरांगना सीमा मोगा ने गर्व और भावनाओं के साथ कहा था- सुरेंद्र मोगा हमेशा कहते थे- देश पहले हैं, बाकी सब बाद में। उन्होंने कहा- यह पुरस्कार मेरे पति की वीरता और त्याग का प्रतीक है।
2019 में हुआ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन 2019 में इंडिया गेट के पास हुआ था। यहां स्वतंत्रता के बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों के नाम दर्ज किए जाते हैं। इन छह नामों के जुड़ने के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर भी उन सैन्य अभियानों में शामिल हो गया है, जिन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आधिकारिक रूप से सम्मान दिया गया है। ये खबर भी पढ़िए… झुंझुनूं में शहीद की पत्नी बोलीं-आई लव यू यार:गाल पकड़ कर कहा-प्लीज उठ जाओ; बेटे ने सैल्यूट किया, पाकिस्तानी अटैक में गई थी जान पाकिस्तानी हमले में शहीद झुंझुनूं के एयरफोर्स जवान सुरेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। 8 साल के बेटे दक्ष ने मुखाग्नि दी। शहीद की बेटी वृतिका (11) का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह कह रही हैं- मेरे पापा बहुत अच्छे थे। दुश्मनों का खात्मा कर खुद शहीद हो गए। पूरी खबर पढ़िए

सलूम्बर में मुहर्रम पर निकाला ताजिए का जुलूस:रावली पोल पर सलामी रस्म, सेरिंग तालाब में किए ठंडे

सलूम्बर में मुहर्रम की दसवीं यौमे आशूरा शुक्रवार को मनाई गई। इस अवसर पर शहर में इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर मजलिसों का आयोजन किया गया। करबला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सेरिंग तालाब में किया ठंडा
शहर के बाहर और अंदर से ताजियों के जुलूस पारंपरिक मार्गों से निकाले गए। अन्दर का शहर का ताजिया मदरसा चौक स्थित अंजुमन से बोहरवाड़ी, आजाद मोहल्ला, होली चौक होते हुए रावली पोल पहुंचा। बाहर का शहर का ताजिया गांधी चौक, होली चौक और आजाद मोहल्ला से होते हुए रावली पोल पहुंचा। रावली पोल पर दोनों ताजियों की पारंपरिक सलामी की रस्म अदा की गई। इसके बाद ताजियों को सेरिंग तालाब में ठंडा किया गया। जुलूस के दौरान “या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं। रास्तेभर विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं ने छबील लगाकर राहगीरों और अकीदतमंदों को ठंडा पानी, शरबत और अन्य पेय पदार्थ वितरित किए। समाज के लोगों के अनुसार, करबला में तीन दिन तक पानी बंद किए जाने की घटना की याद में छबील लगाना सेवा, इंसानियत और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। शहर के सदर मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि मुहर्रम हजरत इमाम हुसैन और हजरत अब्बास की कुर्बानी, वफादारी और इंसानियत के संदेश को याद करने का अवसर है। अंदर शहर के सदर अताउल्लाह खान ने कहा कि यौमे आशूरा सत्य, न्याय और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुहर्रम के संदेश को सत्य, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी का बताया। डीएसपी हेरम्भ जोशी के निर्देशन में पूरे जुलूस मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। प्रशासन की सतर्कता और समाज के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

फीस रिफंड नहीं की तो कॉलेज पर लगा जुर्माना:घर से 25 किमी दूर था कॉलेज, छात्र ने वापस मांगी थी फीस; अभी देनी होगी पूरी फीस

जयपुर महानगर द्वितीय की स्थायी लोक अदालत ने बियानी लॉ कॉलेज पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए परिवादी छात्र को उसकी पूरी फीस दो महीने में लौटाने के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष अनिता शर्मा और सदस्य कल्याण सहाय अग्रवाल की बेंच ने यह आदेश परिवादी छात्र माधव खंडेलवाल के परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दिए। परिवाद में छात्र ने कहा था कि उसने 1 अगस्त 2024 को बियानी लॉ कॉलेज में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने के लिए 10 हजार रुपए और 6 अगस्त 2024 को द्वितीय सेमेस्टर की 15 हजार रुपए की फीस जमा कराई थी। एडमिशन के बाद छात्र को पता चला कि कॉलेज विद्याधर नगर में न होकर कालवाड़ में स्थित है, जो उसके घर से 25 किलोमीटर दूर है। छात्र ने 20 नवंबर 2024 को फीस वापसी के लिए आवेदन किया, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया और न ही लीगल नोटिस का कोई जवाब दिया।
दो महीने में फीस लौटाने के निर्देश जवाब में कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया कि एडमिशन के समय ही हमने छात्र को बता दिया था कि फीस किसी भी हाल में रिफंड नहीं की जाएगी। छात्र ने स्वेच्छा से बीच में पढ़ाई छोड़ी है, जिससे कॉलेज को भविष्य की पूरी फीस का नुकसान हुआ है। छात्र के अधिवक्ता प्रमोद कुमार खंडेलवाल ने कहा कि यूजीसी (UGC) की फीस रिफंड पॉलिसी 2024-25 के तहत प्रवेश की अंतिम तिथि से पहले अगर कोई छात्र रिफंड के लिए आवेदन करता है, तो कॉलेज को उसकी पूरी फीस लौटानी होगी। प्रार्थी ने प्रवेश की अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2024 से 15 दिन पहले ही फीस रिफंड के लिए आवेदन कर दिया था। कॉलेज पर पांच हजार रुपए का जुर्माना दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद स्थायी लोक अदालत ने कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए कि वह छात्र की फीस दो महीने में लौटाए। फीस तय समय पर नहीं लौटाने पर कॉलेज को परिवाद दायर करने की तिथि से प्रार्थी को 7 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। इसके साथ ही कॉलेज प्रबंधन छात्र को परिवाद व्यय और मानसिक संताप की क्षतिपूर्ति के रूप में पांच हजार रुपए भी अदा करेगा।