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पहले परीक्षा-रद्द, फिर एग्जाम सेंटर में बारिश में भीगी आंसर-शीट:हादसे में घायल मां एग्जाम सेंटर लेकर बेटे को पहुंची थी; पढ़ें नीट में पास स्टूडेंट्स की कहानी

नीट परीक्षा में पास हुए कई स्टूडेंट्स की ऐसी कहानियां भी सामने आई, जिनमें बच्चों और उनके पेरेंट्स ने एक-दूसरे के लिए मोटिवेशन का काम किया। कोटा के आर्यन की नीट में 3164वीं रैंक आई। उन्होंने कहा- पहली नीट परीक्षा में मेरे 648 अंक आए, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई। वहीं दोबारा हुई परीक्षा में केंद्र में मेरी सीट खिड़की के पास थी। परीक्षा शुरू होने के एक घंटे बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। खिड़की से आती बारिश की बूंदों से उत्तर पुस्तिका भीग गई थी। कोशिश करते हुए कॉपी को बचाया। वहीं बिहार के पटना के रहने वाले रणवीर की 39वीं रैंक आई है। रणवीर की मां निशि सिंह ने बताया- एग्जाम से दो दिन पहले टेम्पो पलटने से मेरे सिर में चोट लग गई थी। इसके बाद भी बेटे का हौसला बढ़ाने के लिए एग्जाम के दिन उसे सेंटर पर छोड़ने गई थी। बता दें कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी का रिजल्ट एनटीए ने गुरुवार देर रात घोषित कर दिया है। परिणामों में कोटा कोचिंग के स्टूडेंट्स ने सफलता हासिल की है। पढ़ें ऐसे स्टूडेंट्स की कहानी। पहली परीक्षा रद्द होने पर नहीं हारी हिम्मत बूंदी जिले के छोटे से गांव भवानीपुरा के रहने वाले आर्यन की नीट में 3164वीं रैंक आई है। वे सालों से परिवार के साथ कोटा रह रहे हैं। पिता मुरलीधर स्टेशनरी का काम करके किसी तरह परिवार का खर्च चलाते हैं। आर्यन ने कहा- घर इतना छोटा है कि पढ़ाई के लिए अलग कमरा नहीं है। एक कमरे में पूरा परिवार खाना खाता, उठता-बैठता और रात को सोता है। आर्यन ने कहा- उसी कमरे के एक कोने में बैठकर मैंने घंटों पढ़ाई की। उन्होंने कहा- 3 मई को हुई नीट में मेरे 648 अंक आए। इस सफलता से परिवार खुश हुआ। घर में जश्न मनाया गया। सभी को भरोसा था कि अब सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलना तय है, लेकिन परीक्षा रद्द हो गई, लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। मैंने दोबारा तैयारी शुरू की। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा दी। आर्यन ने कहा- परीक्षा से पहले आसमान में बादल छाए हुए थे। परीक्षा केंद्र में मेरी सीट खिड़की के पास थी। टेबल लैब की ढलान वाली थी, जिस पर लिखना मुश्किल था। परीक्षा शुरू होने के करीब एक घंटे बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। खिड़की से आती बारिश की बूंदें उत्तर पुस्तिका तक पहुंचने लगीं। कागज भीगने लगे और लिखना कठिन होता गया, लेकिन मैं रुका नहीं। जितना बचा सकता था, उतना बचाते हुए मैंने पूरी परीक्षा दी। अब रिजल्ट आया तो मेरे 610 नंबर आए। इन अंकों के आधार पर मुझे अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलने की संभावना है। मेरे पिता को पैरालाइसिस है। एक्सीडेंट में घायल हुई मां, बेटे को परीक्षा सेंटर पर लेकर गई बिहार के पटना के रहने वाले रणवीर ने कोटा में रहकर नीट की कोचिंग की। उनकी 39वीं रैंक आई है। रणवीर की मां निशि सिंह ने बताया- एग्जाम से दो दिन पहले बच्चे का सेंटर देखने जा रही थी। तब टेम्पो पलटने से मेरे सिर में चोट लग गई थी। इसके बाद भी बेटे का हौसला बढ़ाने के लिए एग्जाम के दिन उसे सेंटर पर छोड़ने गई थी। बेटे ने बहुत मेहनत की है, जिसकी बदौलत मुझे ये सफलता मिली है। सबसे बड़ी बात यह है कि रणवीर, उसकी मां और बहन तीनों कोटा रहे थे, लेकिन रणवीर मां और बहन से अलग रूम लेकर रहता था, ताकि पढ़ाई में कोई दिक्कत न हो। रणवीर ने बताया- सफलता के लिए टीचर्स जो आपको गाइड कर रहे हैं, वह बात जरूर मानो। रिफ्रेश करने के लिए यूट्यूब शॉर्ट देखते थे आयुष ऑल इंडिया रैंक नंबर चार पर रहे आयुष मूल रूप से नवादा (बिहार) के वरीसालीगंज गांव के रहने वाले हैं। आयुष ने कोटा में रहकर नीट की तैयारी की है। पिता सुनील कुमार का बिजनेस है। आयुष के 10वीं में 96.2% और 12वीं में 93.8 प्रतिशत नंबर आए थे। आयुष के परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। आयुष ने बताया- बचपन से मेरा सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने का था। नियमित पढ़ाई, नीट की तैयारी, लगातार रिवीजन और रेगुलर टेस्ट मेरी सफलता की सबसे बड़ी वजह रहे। खुद को रिलेक्स करने के लिए मोबाइल भी चलाता था। मोबाइल पर यूट्यूब शॉट्‌र्स (वीडियो) देखना पसंद है। आयुष ने बताया- जब नीट रद्द हुई, उस समय स्कोर 695 बन रहा था। इस बार नंबर और बढ़ गए। पेपर रद्द हुआ तो टेंशन नहीं थी, क्योंकि तैयारी पूरी थी। गौरव बोले- जैसा टीचर ने गाइड किया, वैसा ही किया अलवर के रहने वाले गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की है। गौरव के पिता राजेश कुमार आर्मी में हैं। कोटा में रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट गौरव ने बताया- मां सीमा देवी मेरे और बहन के साथ कोटा में रहकर हमारी पढ़ाई का पूरा ध्यान रखती थीं। उन्होंने हर परिस्थिति में हमारा हौसला बढ़ाया। नीट की तैयारी के दौरान मैंने डेली क्लास अटेंड की। एनसीईआरटी की बुक्स को कई बार पढ़ा। कंटीन्यू रिवीजन किया और टेस्ट को पूरी गंभीरता से दिया। स्मार्टफोन यूज करता था, लेकिन उसका मिसयूज नहीं करता था। क्लासरूम के अलावा 7-8 घंटे सेल्फ स्टडी करता था। टीचर्स ने जो बताया, जो गाइड किया, मैंने वैसे ही किया। पूरी रात पढ़ाई करता था, दोपहर में क्लास लेता था कोटा के रहने वाले कार्तिक ने ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की है। कार्तिक ने बताया- मैं रात को पढ़ाई को प्राथमिकता देता था। सेल्फ स्टडी के लिए रात 9:30-10 बजे से सुबह चार से पांच बजे पढ़ता था। दोपहर में कोचिंग के बाद शाम को पावर नेप (ब्रेक) लेता और फिर रात को पढ़ाई का वही शेड्यूल रहता। मेरे पिता इंजीनियर हैं। उन्होंने भी कोटा में ही इंजीनियरिंग की तैयारी और पढ़ाई की थी। मैं खुद को रिलेक्स करने के लिए फुटबॉल खेलता था। पेपर रद्द हुआ तो डिमोटीवेट हुई थी कोटपूतली राजस्थान की रहने वाली अनुष्का ने भी कोटा में पढ़ाई की है। अनुष्का की 58वीं रैंक आई है। उन्होंने आठवीं कक्षा से तैयारी शुरू कर दी थी। क्लास टीचर्स जो बताते थे, वह किया। क्लास में जो पढ़ाया, वह अच्छे से तैयार किया और हर टेस्ट दिया। रिलेक्स रहने के लिए घर पर मां से बात कर लिया करती थी। लास्ट पेपर जब रद्द हुआ तो डिमोटीवेट हो गई थी, लेकिन फिर लगा कि अच्छा मौका है। रैंक सुधार सकते है। कृतिक ने हासिल की 18वीं रैंक कृतिक ने बताया- क्लास में जो पढ़ाया जाता था। उन्हें रिवाइज करता था। सिलेबस होने के बाद फिजिक्स और कैमिस्ट्री को दी। कंसेप्ट क्लियर करने में ज्यादा समय दिया है। पढ़ाई का फिक्स शेड्यूल नहीं था बिहार के रहने वाले मोहम्मद फवाज ने 81वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने भी कोटा में रहकर पढ़ाई की है। फवाज ने बताया- पढ़ाई का कोई फिक्स शेड्यूल नहीं था। 6 से आठ घंटे सेल्फ स्टडी कर लिया करते थे। पेपर रद्द हुआ, तब भी ज्यादा टेंशन नहीं थी। लगभग सेम ही मार्क्स आए हैं।

पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर, 10 बड़ी खबरें:PM मोदी बोले- AAP सरकार कर्ज पर मौज कर रही; हाईकोर्ट से भज्जी को झटका; पत्नी ने कनाडा पहुंचते ही तलाक दिया

नमस्कार, पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर पीएम मोदी के दौरे से जुड़ी रही। पहले वे चंडीगढ़ पहुंचे, इसके बाद जालंधर आए। यहां पर पीएम ने कहा कि पंजाब सरकार कर्ज पर मौज कर रही है। कट्‌टर बेईमान पार्टी विज्ञापनों से विश्वासघात छुपा रही है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. PM मोदी बोले- पंजाब सरकार कर्ज पर मौज कर रही पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ के बाद जालंधर पहुंचे हैं। यहां उन्होंने 5470 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन किया। उन्होंने सीर गोवर्धनपुर वाराणसी एक्सप्रेस (अमृतसर के छेहर्टा से वाराणसी तक) को हरी झंडी दिखाने से पहले स्कूली बच्चों से बात की। इसके बाद वह ट्रेन में ही डेरा सचखंड बल्लां के संत निरंजन दास से मिले। इसके बाद पीएम किसान नेताओं वाली हरी पगड़ी पहनकर जनसभा की। पीएम ने कहा- पंजाब में विज्ञापनों के दम पर विश्वासघात की तस्वीर छिपाई जा रही है। कानून व्यवस्था बेहाल है। कब कहां गैंगवार हो जाए, किस दिशा से गोलियां चलने लगे, कोई कह नहीं सकता। यहां व्यापार-कारोबार करना मुश्किल हो चुका है। सरेआम फिरौती मांगी जा रही है। पुलिस थाने तक सुरक्षित नहीं हैं। थानों पर अटैक हो रहे हैं। पंजाब का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। नशे के सौदागर खुलेआम घूम रहे हैं। युवाओं को नशे के दलदल में धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार कर्ज पर मौज कर रही। (पढ़ें पूरी खबर) 2. हाईकोर्ट का भज्जी को झटका, सिक्योरिटी बहाल करने से इनकार जालंधर के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह भज्जी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने झटका दिया है। कोर्ट ने उनकी पंजाब पुलिस की सुरक्षा बहाली की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उनकी सुरक्षा अचानक इसलिए वापस ली गई, क्योंकि उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ी थी। हाईकोर्ट ने माना कि सुरक्षा हटाने का निर्णय सुरक्षा समीक्षा समिति द्वारा पहले ही ले लिया गया था। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि केवल घर के बाहर प्रदर्शन होना या गद्दार कहे जाना से अपने आप में जान के लिए खतरा साबित नहीं करता, विशेषकर तब जब प्रदर्शन हिंसक न रहा हो। हाईकोर्ट ने केंद्र से मिली Y+ सुरक्षा और राज्य सरकार द्वारा पंजाब आगमन पर स्थानीय सुरक्षा देने के आश्वासन को ध्यान में रखते हुए, बिना किसी अन्य निर्देश के याचिका का निपटारा कर दिया। भज्जी ने 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ दिया था, इसके अगले ही दिन 25 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई। (पढ़ें पूरी खबर) 3. घर के आंगन में बंधी गाय खा गया तेंदुआ, दीवार फांदकर घुसा होशियारपुर जिले के दसूहा में एक तेंदुए ने रिहायशी इलाके में घुसकर घर के आंगन में बंधी गाय को अपना शिकार बना लिया। तेंदुआ आते ही गाए के गले को अपने मुंह में डाल लेता है। गाय कुछ देकर मुकाबला करती है लेकिन इसके बाद तेंदुआ उसका गला घोंट देता है और मार देता है। गाय को शिकार बनाते तेंदुए का वीडियो भी सामने आया है। गाय तेंदुए से जान बचाने के लिए काफी देर संघर्ष करती है। इस दौरान गाय आवाज निकालती है, लेकिन मालिक नहीं उठते हैं जिससे तेंदुआ गाय को खा जाता है। सुबह बछड़ी मृत मिलने के बाद परिजनों ने पंचायत और वन्यजीव विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कराया, जबकि दातारपुर वेटरनरी अस्पताल की डॉ. पूनम शर्मा ने बछड़ी का पोस्टमार्टम किया। फॉरेस्ट गार्ड गुरमेल सिंह ने ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने और घरों के बाहर लाइटें जलाकर रखने की सलाह दी। (पढ़ें पूरी खबर) 4. हरजीत ग्रेवाल राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन बने, BJP के बड़े सिख चेहरा पंजाब BJP के सीनियर नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बना दिया है। उनका कार्यकाल 3 साल का रहेगा। वह पंजाब में भाजपा के बड़े सिख चेहरे के तौर पर एक्टिव रहे हैं। खास तौर पर दिल्ली बॉर्डर पर हुए किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने केंद्र के पक्ष में डटकर बयानबाजी की थी। इससे वह पंजाब से लेकर नेशनल लेवल तक खूब सुर्खियों में रहे। पंजाब चुनाव से पहले उनकी नियुक्ति को सिखों को खुश करने की कोशिश माना जा रहा है। इस मौके पर मीडिया से बातचीत में ग्रेवाल ने कहा कि मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसे पूरी तनदेही से निभाऊंगा। मैं इससे पहले भी कई पदों पर काम कर चुका हूं। ग्रेवाल मूल रूप से पटियाला के रहने वाले हैं। बता दें कि ग्रेवाल 3 दशक से अधिक समय से भाजपा और आरएसएस से जुड़े हैं। 2013 से 2017 तक पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन रहे। 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में राजपुरा सीट से भाजपा उम्मीदवार रहे, हालांकि चुनाव हार गए। वह भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। इससे पहले पंजाब भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 5. बॉयफ्रेंड को जिंदा जलाने वाली युवती का VIDEO, पेट्रोल लेकर घर पहुंची अमृतसर में बॉयफ्रेंड को पेट्रोल डालकर जलाने वाली युवती 3 दिन पहले भी उसे जान से मारने की नीयत से उसके घर पहुंची थी। उस समय उसने युवक के परिजन को बताया था कि पेट्रोल गुरुद्वारे में दान करना है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी परिवार ने शेयर किया है। फुटेज में युवती लड़के के घर के पास स्थित फोटोस्टेट की दुकान में दिखाई दे रही है। वीडियो में युवक हाथ जोड़कर युवती से विनती करता नजर आ रहा है। जबकि, युवती काउंटर पर पैर रखकर कुर्सी पर बैठी दिखाई देती है। वह उसे बार-बार उंगलियां दिखाकर धमका रही थी। करीब 10 मिनट के बाद युवती वहां से चली गई। इसके बाद, 15 जुलाई को युवती ने युवक को अपने घर बुलाया। वहां इनमें किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद युवती ने अपने चचेरे भाई की मदद से युवक को बांधा और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसके बाद पुलिस को आत्महत्या की सूचना दी। पुलिस ने युवती और उसके चचेरे भाई समेत 4 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। (पढ़ें पूरी खबर) 6. कैबिनेट मंत्री के करीबी के घर ED की रेड पठानकोट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने 5 ठिकानों पर करीब 16 घंटे तक रेड की। कार्रवाई के दौरान दो बड़े स्टोन क्रशर कारोबारियों के घर, दफ्तर और क्रशर यूनिटों के अलावा तारागढ़ स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर व पूर्व सरपंच के घर पर भी छापेमारी की गई। ईडी ने लेनदेन, आयात-निर्यात (इंपोर्ट-एक्सपोर्ट) और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की। देर रात टीम कैबिनेट मंत्री लाल चंद के गांव कटारूचक्क भी पहुंची, जहां उनके एक करीबी के घर पर करीब एक घंटे तक रिकॉर्ड खंगाले गए। हालांकि, ईडी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह कार्रवाई किस मामले की जांच के तहत की जा रही है। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय और कड़ी सुरक्षा के बीच की गई। छापेमारी के दौरान संबंधित कारोबारियों और उनके परिवार के सदस्यों को घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही किसी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश करने या अंदर मौजूद लोगों को बाहर आने की इजाजत नहीं थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सभी ठिकानों पर सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे, जबकि ईडी अधिकारी लगातार दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच में जुटे रहे। जांच की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईडी अधिकारियों ने दोपहर और रात का भोजन भी बाहर से मंगवाकर परिसर के भीतर ही किया और जांच जारी रखी। सियाली रोड स्थित जोन होटल के पास एक स्टोन क्रशर कारोबारी के दफ्तर में भी टीम ने रिकॉर्ड खंगाले। (पढ़ें पूरी खबर) 7. NEET-UG टॉपर बोले- दादी की मौत से टूट गया था लुधियाना के रहने वाले आर्यन गुप्ता ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक NEET-UG 2026 में 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) पर कब्जा जमाया। उन्होंने कहा कि जब मैं थर्ड क्लास में पढ़ता था, तब मैंने अपनी दादी को कैंसर के कारण दम तोड़ते देखा। हमारे दादके-नानके परिवार में लगभग सभी डॉक्टर्स हैं, माता-पिता भी डॉक्टर हैं, लेकिन फिर भी हम मिलकर भी अपनी दादी को नहीं बचा पाए। दादी से मेरा काफी लगाव था और उनकी मौत से मैं टूट गया था। तभी मैंने मन में ठान लिया था कि बड़ा होकर कैंसर स्पेश्लिस्ट (ऑन्कोलॉजिस्ट) बनूंगा। आज NEET-UG (री-नीट 2026) का रिजल्ट आने के बाद मेरा वह सपना पूरा होने जा रहा है। आर्यन की इस ऐतिहासिक सफलता पर उनका परिवार और टीचर्स बेहद खुश हैं। आर्यन के पिता डॉ. सचिन गुप्ता एक एनेस्थीसियोलॉजिस्ट (एनेस्थिसिया के डॉक्टर) हैं और माता डॉ. रीनू गुप्ता एक गायनेकोलॉजिस्ट हैं। आर्यन ने अपनी इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी स्वर्गवासी दादी की प्रेरणा और अपने बड़े भाई के बेहतरीन मार्गदर्शन को दिया है।(पढ़ें पूरी खबर)
8.आसमान में चमकती दिखी तेज रोशनी, लोग बोले- पहले कभी ऐसा नहीं देखा पंजाब के कई जिलों में गुरुवार रात आसमान में अचानक तेज रोशनी चमकती दिखी। ये नजारा देखते ही लोग हैरान रह गए और इसे उल्का पिंड बताने लगे। कुछ ही देर में घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगीं। तरनतारन में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आसमान में कुछ समय के लिए एक तेज चमक दिखाई दी। यह सामान्य बिजली की चमक जैसी नहीं थी और न ही यह आतिशबाजी थी। अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट के साथ कई और जिलों में ये नजारा दिखा। इसी वजह से कई लोगों ने इसे उल्का पिंड या आसमान में दिखाई देने वाली किसी खगोलीय घटना से जोड़ा। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। कई सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि वीडियो में दिखाई देने वाली चमक उल्का पिंड की हो सकती है। उनका कहना है कि वायुमंडल में प्रवेश करते समय उल्का पिंड इसी तरह तेज रोशनी पैदा करते हैं। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी वैज्ञानिक संस्था या संबंधित विभाग ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। (पढ़ें पूरी खबर) 9. पंजाब कांग्रेस में अभी ऑल इज वेल नहीं, चन्नी-वड़िंग गुट में टकराव बरकरार कांग्रेस हाईकमान ने चन्नी गुट को दिल्ली बुलाकर फटकार लगाई और हाईकमान के निर्देशों पर काम करने को कह दिया। हाईकमान की फटकार के बाद पूर्व सीएम ने ऑल इज वेल तो कह दिया, लेकिन पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक होना संभव नहीं है। चन्नी गुट पहले ही राजा वड़िंग को प्रधान मानने के लिए तैयार नहीं है और सार्वजनिक तौर पर इसका ऐलान भी कर चुका है। अब अगर हाईकमान के कहने पर चन्नी चुप भी हो जाते हैं तो दोनों गुटों के नेताओं में टकराव जारी रहेगा। चन्नी ने अपने गुट की एक बैठक भी बुलाई है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट का मानना है कि अगर हाईकमान के कहने पर चन्नी राजा वड़िंग की प्रधानगी को स्वीकार कर भी लेते हैं तो विधानसभा चुनाव में उनका फोकस अपना गुट मजबूत करने और राजा वड़िंग गुट को कमजोर करने पर रहेगा। इसी तरह राजा वड़िंग गुट भी चन्नी गुट को कमजोर करने और खुद को मजबूत करने पर फोकस करेगा, ताकि अपने ज्यादा से ज्यादा लोगों को टिकट दिला सकें और जब सीएम बनने की बारी आएगी तो उनका दावा मजबूत होगा। हालांकि, ये गुटबाजी चुनाव में कांग्रेस के लिए ही आत्मघाती साबित होगी। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. ₹30 लाख खर्च कर पत्नी कनाडा भेजी, पहुंचते ही तलाक दिया लुधियाना की जशनवीर कौर और परमिंदर सिंह की शादी साढ़े चार साल पहले सिख रीति रिवाज से हुई। शादी के समय दोनों परिवारों में 30 लाख रुपए में समझौता हुआ कि लड़की कनाडा जाएगी और उसका पूरा खर्च ससुराल पक्ष उठाएगा। जशनकौर जब कनाडा जाएगी तो वो अपने पति परमिंदर सिंह को वहां बुलाएगी और उसकी PR करवाकर देगी। करार के मुताबिक जशनवीर कौर ने अपने पति को कनाडा बुलाया। पति शादी के तीन महीने बाद कनाडा पहुंचा पर पत्नी उसे लेने एयरपोर्ट पर नहीं पहुंची। एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करने के बाद परमिंदर ने कनाडा में रहने वाली अपनी मौसी की बेटी को बुलाया। वो उसे लेकर गई। जशनवीर कौर ने परमिंदर सिंह के साथ कोई संपर्क नहीं किया और न ही उसे पीआर दिलाई। जब उसने पीआर की डिमांड की तो जशनवीर कौर ने तलाक का केस लगा दिया। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)

दो बच्चों समेत कार लेकर नदी में कूदा टीचर:व्हाट्सऐप स्टेटस पर लिखी थी सुसाइड करने की बात, महाराष्ट्र के नांदेड़ का मामला

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की एक सरकारी स्कूल के टीचर की कार गोदावरी नदी में गिर गई। हादसे में टीचर और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। क्योंकि, एक दिन पहले ही टीचर ने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी सुसाइड कर लेने पर मजबूर होने की बात लिखी थी। वहीं, टीचर के लैपटॉप से एक नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपने कुछ सीनियर पर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने लैपटॉप जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही नांदेड़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुनील मोरे (42) हिमायतनगर के पोता बुद्रुक जिला परिषद स्कूल में टीचर थे। यहीं उनकी पत्नी भी कार्यरत है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे सुनीन अपनी बेटी सारी (12) और बेटे सुमित (8) को कार में लेकर अमदुरा-पुणेगांव रोड पहुंचे थे। यहीं से गुजरते वक्त कार गोदावरी नदी पर बने पुल की साइड रेलिंग को तोड़ते हुए नदी में गिर गई। राहगीरों ने पुलिस, और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। कार नदी में डूब गई थी, जिससे तीनों की मौत हो गई। एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 3 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार और तीनों शव नदी से निकाले। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सुनील के द्वारा अधिकारियों पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही है। —————-
ये खबर भी पढ़ें… सामूहिक सुसाइड: बड़े बेटे की बीमारी से परेशान था परिवार:दोस्त से कहा था- फोन मत करना, दरवाजा खटखटाना पाली की पॉश कॉलोनी में मां और दो बेटों ने सुसाइड कर लिया। बड़े बेटे नरपत लाल (34) की बॉडी पंखे से लटकी थी। मां शांति देवी (59) और छोटा बेटा रघुवीर (26) फर्श पर पड़े थे।
सबसे पहले नरपत के मौसेरे भाई लक्ष्मण ने उनके शव को देखा था। पूरी खबर पढ़ें…

PM की सराहना से चंडीगढ़ के ब्रूम वॉरियर भावुक:इंद्रजीत सिद्धू बोले-हम छोटे आदमी हैं; मोदी साहब ने याद किया, यही मेरा सम्मान

चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से सराहना किए जाने के बाद ब्रूम वॉरियर के नाम से मशहूर रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी और पंजाब पुलिस के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू भावुक हो गए। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी) में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उनके 3 दशक लंबे स्वच्छता अभियान की प्रशंसा करते हुए उन्हें जनसेवा की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि मैं मोदी साहब का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे इतना बड़ा सम्मान दिया है। पहले भी वह मुझे दिल्ली में कहते थे कि तूने तो पूरा चंडीगढ़ साफ कर दिया। मैंने उस समय भी उनसे कहा था कि हम छोटे आदमी हैं, थोड़ा-बहुत काम कर सकते हैं, ज्यादा कुछ नहीं किया। आज उन्होंने मुझे फिर याद किया, इसके लिए मैं उनका बहुत-बहुत आभारी हूं। पीएम मोदी ने मंच से की थी सराहना पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्राईसिटी के लिए 4700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान कहा था कि चंडीगढ़ के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी इंद्रजीत सिंह सिद्धू आज ब्रूम वॉरियर के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धू के स्वच्छता के प्रति समर्पण को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस वर्ष उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है। सिद्धू के तीन दशक लंबे प्रयासों ने लोगों को यह संदेश दिया है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक का दायित्व है। 30 वर्षों से चला रहे हैं स्वच्छता अभियान इंद्रजीत सिंह सिद्धू ने वर्ष 1963 में पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर के रूप में सेवा शुरू की थी और वर्ष 1996 में डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) के पद से सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने सार्वजनिक स्थानों की सफाई को अपना मिशन बना लिया। पिछले करीब 30 वर्षों से वह रोज सुबह छह बजे झाड़ू और कूड़ा उठाने वाली रेहड़ी के साथ शहर की सड़कों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों की सफाई करते हैं। इसी वर्ष मिला पद्मश्री सम्मान स्वच्छता और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2026 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। 23 जून को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में चंडीगढ़ में चल रहे स्वच्छता अभियान की भी सराहना करते हुए कहा कि शहर के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर इसे जन आंदोलन का रूप दिया है।

राज्य निर्वाचन आयोग बोला-चुनावों में देरी के लिए सरकार जिम्मेदार:हाईकोर्ट में कहा- आयोग दो दिन में निकाय-पंचायत चुनाव की घोषणा को तैयार

प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव में देरी के लिए हाईकोर्ट में राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। हाईकोर्ट में आयोग की तरफ से राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने साफ कहा कि निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं में एससी, एसटी और महिला आरक्षण तय किए बिना चुनाव नहीं हो सकते। ​आरक्षण की लॉटरी निकालना पंचायतीराज विभाग और स्वायत्त शासन विभाग का काम है। हमने इसके लिए छह चिट्ठियां लिखी हैं। हाईकोर्ट में अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह गुरुवार को वीसी के जरिए पेश हुए। राजेश्वर सिंह ने आयोग के बचाव में तर्क देते हुए साफ कर दिया कि आयोग तो दो दिन में चुनाव की घोषणा को तैयार है, लेकिन उसे सरकार ने आरक्षण तय करके ही नहीं दिया। सरकार आरक्षण तय करके दें राजेश्वर सिंह ने हाईकोर्ट में कहा- राज्य निर्वाचन आयोग अपनी तरफ से पूरी तरह तैयार है। हमने वोटर लिस्ट तैयार कर ली है, इसके अलावा दूसरे राज्यों से ईवीएम की भी व्यवस्था कर रखी है। जितनी तैयारी चुनाव के लिए हो सकती है, सारी तैयारियां पूरी हैं। सबसे बड़ी बाधा पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों में वार्डों और उनके चेयरपर्सन का रिजर्वेशन है, वो राज्य सरकार की तरफ से पूरा नहीं किया गया है। एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को आरक्षण देना हमारी कानूनी और संवैधानिक बाध्यता है। पिछली बार हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट के बिना भी चुनाव करवा सकते हैं। एससी-एसटी और महिलाओं का आरक्षण राज्य सरकार को ही तय करना है। इसके लिए इनको हम छह चिट्ठियां लिख चुके हैं। तीन चिट्ठी पंचायती राज और तीन स्वायत्त शासन विभाग को लिख चुके हैं। राजेश्वर सिंह ने हाईकोर्ट में कहा- उसके जवाब में इन्होंने यह अवगत करवाया कि ओबीसी कमीशन 14 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट देगा और उसके बाद आरक्षण की लॉटरी निकालेंगे। वार्डों को एएसी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए आरक्षित करने का काम ये 21 अगस्त तक पूरा करेंगे। राजेश्वर सिंह ने कहा- ऐसी स्थिति में हम लोगों के लिए बड़ा मुश्किल है कि हम कैसे चुनाव की घोषणा करें? यह तय करना मुश्किल होगा। आज हम अगर चुनाव की प्रक्रिया घोषित भी कर देते हैं तो यह पता करना मुश्किल होता है कि किस कैटेगरी का व्यक्ति किस वार्ड से चुनाव लड़ेगा? सरकार रिजर्वेशन तय करके दे दे तो हम 2 दिन में चुनाव की घोषणा करने को तैयार हैं। हम ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट बिना भी चुनाव करवा सकते हैं, लेकिन एससी, एसटी, महिला आरक्षण की रिपोर्ट नहीं मिली। कोर्ट में चुनाव आयोग और सरकार का तर्क राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा- पिछली बार कोर्ट ने अपने आदेशों में कहा था कि ओबीसी कमीशन अपनी रिपोर्ट नहीं देता तो उसके बावजूद भी हम चुनाव करवा सकते हैं। केवल एससी,एसटी और महिलाओं को रिजर्वेशन देते हुए चुनाव करवा सकते हैं। लेकिन एससी, एसटी और महिलाओं का आरक्षण तय करना है, वह भी राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। चुनाव की तारीखों पर कि हमने 90 दिन का शेड्यूल चुनाव के लिए दिया। हम टाइम बढ़ाने की एप्लीकेशन दायर कर रहे राजेश्वर सिंह ने कहा- सरकार ने कहा था टाइम बढ़ाने की एप्लीकेशन दायर करने जा रहे हैं। उसमें उन्होंने बताया कि 14 अगस्त तक ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट आएगी, 21 अगस्त तक लॉटरी निकाल कर दे देंगे। लॉटरी निकलने का काम राज्य सरकार के अफसर करते हैं। चुनावों में देरी के लिए हाईकोर्ट ने लगाई थी फटकार 31 जुलाई तक पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव नहीं करवाने पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग और ओबीसी आयोग को फटकार लगाते हुए नाराजगी जाहिर की थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि जब हमने 31 जुलाई तक चुनाव करवाने के आदेश दिए थे तो फिर 14 अगस्त तक ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की तारीख कहां से ले आए? 20 जुलाई को इस मामले में जब सुनवाई हो तो आरक्षण की लॉटरी की तारीख, चुनाव घोषणा की तारीख और ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट की जुलाई की तारीख चाहिए।यह अगस्त नहीं होनी चाहिए। हम 14 अगस्त तक इंतजार नहीं कर सकते। हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था- 14 अगस्त भारत के लिए कोई अच्छा दिन नहीं है। यह तारीख कहां से आई, यह भारत के लिए बहुत बुरा दिन था। इसी दिन ब्रिटिशर्स ने भारत के दो टुकड़े किए थे। हाईकोर्ट ने देरी पर यसह भी कहा था कि अगर राज्य निर्वाचन आयोग से नहीं होत तो हम रिटायर्ड जज को नियुक्त कर देते हैं, वो चुनाव करवा देंगे। — ये खबर भी पढ़िए- हाईकोर्ट बोला- 5 दिन में पंचायत-निकाय चुनाव की तारीख बताएं:राज्य चुनाव आयुक्त से कहा- आप क्यों चाहते हैं कि हम अवमानना की कार्रवाई शुरू करें पंचायत-निकाय चुनाव नहीं कराने पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी:कहा-इलेक्शन कमीशन सक्षम नहीं तो हम किसी को अपॉइंट कर देते हैं; CEC को तलब किया

नारनौल पुलिस ने 1.18 करोड़ की ठगी का आरोपी पकड़ा:अब तक 17 हो चुके गिरफ्तार; ज्यादा मुनाफे का लालच दे फंसाते थे

हरियाणा के नारनौल साइबर थाना पुलिस ने 1.18 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रतापनगर, जोधपुर निवासी दिव्यांशु के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी टेलीग्राम टास्क फ्रॉड से जुड़े साइबर अपराधियों के लिए कमीशन के आधार पर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल करता था। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की गई राशि में से एक लाख रुपए सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में पुलिस पहले ही 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक कुल 17 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 20 हजार रुपए नकद, 26 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 59 एटीएम कार्ड, 22 चेकबुक, आठ कैशबुक, 12 पासबुक, 17 सिम कार्ड सहित अन्य सामान बरामद किया जा चुका है। लिंक के जरिये टेलीग्राम ग्रुप में फंसाया मामले के अनुसार, गांव खैराना निवासी सुनील कुमार ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे टेलीग्राम पर घर बैठे ऑनलाइन काम करने का एक संदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद एक वेब लिंक के माध्यम से उसका एक वेबसाइट पर पंजीकरण कराया गया और उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप में उसे प्रतिदिन कुछ ऑनलाइन टास्क पूरे करने के लिए कहा जाता था। शुरुआती दौर में टास्क पूरा करने पर उसके खाते में कुछ पैसे दिखाए गए, जिसे उसने अपने बैंक खाते में भी ट्रांसफर कर लिया। इससे उसका विश्वास बढ़ गया। ज्यादा मुनाफे का दिया लालच इसके बाद साइबर ठगों ने उसे अधिक मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। शिकायतकर्ता ने अपनी जमा पूंजी के अलावा दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर विभिन्न तिथियों में कुल 1,18,47,353 रुपए जमा कर दिए। हालांकि, वेबसाइट पर उसके खाते में 1,52,03,443 रुपए प्रदर्शित हो रहे थे, लेकिन उसे कोई राशि वापस नहीं मिली। उल्टा ठग लगातार उससे और पैसे जमा करवाने का दबाव बनाते रहे। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी, जो अब भी जारी है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेंगे भारत के 125 खिलाड़ी:पिछली बार से 85 कम, सबसे ज्यादा 32 खिलाड़ी एथलेटिक्स के

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। ESPN की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे। एथलेटिक्स में सबसे ज्यादा 32 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा बॉक्सिंग और जूडो में 14-14 और वेटलिफ्टिंग में 12 खिलाड़ी शामिल हैं। 2022 के बर्मिंघम गेम्स में भारत ने 210 एथलीट भेजे थे और 61 पदक जीते थे। इस बार क्रिकेट, बैडमिंटन, हॉकी, स्क्वॉश, टेबल टेनिस और कुश्ती जैसे खेल शामिल नहीं हैं। इसलिए खिलाड़ियों की संख्या कम हुई है। किस खेल में कौन से खिलाड़ी 3×3 बास्केटबॉल रीना रमेशचंद्र गुप्ता, इरेंगबम रितु चानू, जाधव मीनाक्षी हरिचंद्र, रायन्नावर लक्ष्मी रायप्पा (सभी खिलाड़ी विमेंस व्हीलचेयर कैटेगरी की हैं)। आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स मेंस कैटेगरी- तपन मोहंती, तपेश्वरनाथ दास, स्वातिश केपी, सत्यजीत मंडल विमेंस कैटेगरी- प्रणति नायक, निश्का अग्रवाल, ईशिता रेवाले, प्रतिष्ठा सामंता एथलेटिक्स ट्रैक मेंस कैटेगरी- गुरिंदरवीर सिंह (100 मीटर), अनिमेष कुजूर (200 मीटर), विशाल टीके (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), गुलवीर सिंह (5000 मीटर, 10,000 मीटर), तेजस शिर्से (110 मीटर हर्डल), यशस पलाक्ष (400 मीटर हर्डल), संतोष कुमार तमिलरासन (400 मीटर हर्डल) ट्रैक विमेंस कैटेगरी- रशदीप कौर (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), नीरू पाठक (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), अंसा बाबू (400 मीटर, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले), पारुल चौधरी (3000 मीटर स्टीपलचेज़, 5000 मीटर), प्रियंका गोस्वामी (10,000 मीटर वॉक), रवीना गायकवाड़ (10,000 मीटर वॉक) फील्ड मेंस कैटेगरी- देव मीणा (पोल वॉल्ट), कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), सर्वेश अनिल कुशारे (हाई जंप), आदर्श राम जे (हाई जंप), तेजस्विन शंकर (हाई जंप, डेकाथलॉन), मुरली श्रीशंकर (लॉन्ग जंप), लोकेश सत्यनाथन (लॉन्ग जंप), प्रवीण चित्रावेल (ट्रिपल जंप), सेल्वा प्रभु (ट्रिपल जंप), समरदीप सिंह गिल (शॉट पुट), तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट), नीरज चोपड़ा (जेवलिन थ्रो), रोहित यादव (जेवलिन थ्रो), यश वीर सिंह (जेवलिन) फील्ड विमेंस कैटेगरी- पूजा सिंह (हाई जंप), मनप्रीत कौर (शॉट पुट), सीमा कालिरामना (डिस्कस थ्रो), निधि रानी (डिस्कस थ्रो) पैरा एथलेटिक्स मेंस ट्रैक- राकेशभाई भट्ट (100 मीटर T38), श्रेयांश त्रिवेदी (100 मीटर T38), मोहम्मद बासिल एम (100 मीटर T47), दिलीप महादू गावित (100 मीटर T47), रमेश शनमुगम (1500 मीटर T54) मेंस फील्ड- देवेंद्र कुमार (डिस्कस थ्रो F44), सागर थायत (डिस्कस थ्रो F44), शुभम जुयाल (शॉट पुट F57), सोमन राणा (शॉट पुट F57) विमेंस फील्ड- शर्मिला धनखड़ (शॉट पुट F57), शिल्पा के. शायला (शॉट पुट F57) लॉन बॉल्स मेंस कैटेगरी- पुतुल सोनोवाल (सिंगल्स), नवनीत सिंह (डबल्स), दिनेश कुमार (डबल्स) विमेंस कैटेगरी- नयनमोनी सैकिया (सिंगल्स), रूपा रानी तिर्की (डबल्स), पिंकी सिंह (डबल्स) बॉक्सिंग मेंस कैटेगरी- जादुमणि सिंह (55 kg), सचिन सिवाच (60 kg), आदित्य प्रताप सिंह (मेंस 65 kg), सुमित कुंडू (70 kg), अंकुश (80 kg), कपिल पोखरिया (90 kg), नरेंद्र बेरवाल (90+ kg) विमेंस कैटेगरी- साक्षी चौधरी (51 kg), प्रीति पवार (54 kg), जैस्मीन लांबोरिया (57 kg), प्रिया घंघास (60 kg), परवीन हुड्डा (65 kg), अरुंधति चौधरी (70 kg), लवलीना बोरगोहेन (75 kg) जूडो मेंस कैटेगरी- हर्ष सिंह (60 kg), रोहित बसीर माजगुल (66 kg), अरुण कुमार (73 kg), हर्ष तोकस (81 kg), करणजीत सिंह मान (90 kg), अवतार सिंह (100 kg), यश घंघास (100+ kg) विमेंस कैटेगरीः अस्मिता डे (48 kg), श्रद्धा कदाबुल चोपड़े (52 kg), यामिनी मौर्य (57 kg), उन्नति शर्मा (63 kg), इनुंगनबी ताखेल्लामबम (70 kg), इशरूप नारंग (78 kg), तुलिका मान (78+ kg) पैरा पावरलिफ्टिंग मेंस कैटेगरी- अशोक कुमार मलिक (लाइटवेट), परमजीत कुमार (लाइटवेट), सुधीर (हैवीवेट), झंडू कुमार (हैवीवेट) विमेंस कैटेगरी- सुमन देवी (लाइटवेट), जसप्रीत कौर (लाइटवेट), कस्तूरी राजामणि (हैवीवेट) तैराकी श्रीहरि नटराज (50 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर बैकस्ट्रोक, 100 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), आर्यन नेहरा (400 मीटर फ्रीस्टाइल, 800 मीटर फ्रीस्टाइल, 1500 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), साजन प्रकाश (50 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर फ्रीस्टाइल), अनीश एस. गौड़ा (200 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले), धक्षण शशिकुमार ((400 मीटर फ्रीस्टाइल, 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले) पैरा तैराकी रवि वीरा वेंकट बुडिगिना (50 मीटर फ्रीस्टाइल S7), अली इमाम (100 मीटर फ्रीस्टाइल S13), सुयश नारायण जाधव (50 मीटर फ्रीस्टाइल S7), चैतन्य विश्वास कुलकर्णी (200 मीटर फ्रीस्टाइल S14), स्वातिक पाटिल (50 मीटर फ्रीस्टाइल S) नोट: तेजस नंदकुमार (200 मीटर फ्रीस्टाइल S14) को टीम में शामिल किया गया था, लेकिन क्लासिफिकेशन से जुड़ी समस्या के कारण उन्हें बाहर होना पड़ा। ट्रैक साइक्लिंग रोनाल्डो सिंह लैटोंजाम (1000 मीटर टाइम ट्रायल), डेविड बेकहम एलकटोहचूंगो (पुरुष एलीट कीरिन), जेम्स सिंह कीथेल्लाक्रम (एलीट कीरिन), दिनेश कुमार (एंड्योरेंस / पर्स्यूट स्पर्धाएं), रोजित सिंह यांगलेम (पुरुष एंड्योरेंस / पर्स्यूट स्पर्धाएं), सेखों हर्षवीर सिंह (4000 मीटर टीम पर्स्यूट) पैरा ट्रैक साइक्लिंग लिशा दास (महिला पैरा ट्रैक साइक्लिंग) वेटलिफ्टिंग मेंस कैटेगरी- ऋषिकांत सिंह (60 kg), एम. राजा (65 kg), अजया बाबू (79 kg), दिलबाग सिंह (94 kg), लवप्रीत सिंह (110+ kg), विमेंस कैटेगरी- मीराबाई चानू (48 kg), ज्ञानेश्वरी यादव (53 kg), बिंद्यारानी देवी (58 kg), हरजिंदर कौर (69 kg), संजना (77 kg), सेराम निरुपमा देवी (86 kg), मार्टिना देवी (86+ kg)

गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का 5वां राज्य बनाने की तैयारी:विधानसभा में प्रस्ताव पास, संसद से संविधान संशोधन की मांग

पाकिस्तान ने अपने अवैध कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान को देश का पांचवां राज्य (प्रांत) बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गुरुवार को गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से संविधान में संशोधन करके इस क्षेत्र को राज्य का दर्जा देने की मांग की। प्रस्ताव में कहा गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों को पाकिस्तान के दूसरे राज्यों के नागरिकों की तरह समान संवैधानिक, राजनीतिक और लोकतांत्रिक अधिकार दिए जाएं। इसके साथ ही इस क्षेत्र को नेशनल असेंबली, सीनेट और अन्य संघीय संवैधानिक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व देने की भी मांग की गई है। प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, नेता विपक्ष और दो निर्दलीय विधायकों के हस्ताक्षर हैं। अब इसे आगे की मंजूरी के लिए पाकिस्तान की संसद भेजा जाएगा। प्रस्ताव में क्या-क्या है? फिलहाल पाकिस्तान में चार ही राज्य हैं- पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा। गिलगित-बाल्टिस्तान अब तक सीमित स्वशासन के तहत संचालित होता रहा है और उसे पाकिस्तान के अन्य राज्यों जैसा संवैधानिक दर्जा प्राप्त नहीं है। प्रस्ताव में कहा गया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान को अभी स्थायी नहीं, बल्कि अस्थायी (प्रोविजनल) तौर पर राज्य बनाया जाएगा। अगर भविष्य में जम्मू-कश्मीर विवाद का कोई समाधान निकलता है, तो उसके अनुसार इस क्षेत्र की स्थिति दोबारा तय की जा सकेगी। इसके साथ ही प्रस्ताव में यह भी मांग की गई है कि जब तक गिलगित-बाल्टिस्तान को राज्य का दर्जा नहीं मिलता, तब तक पाकिस्तान की केंद्र सरकार और चारों राज्य यह सुनिश्चित करें कि इस क्षेत्र को भी सरकारी फंड और राष्ट्रीय संसाधनों में उचित हिस्सा मिले। यानी गिलगित-बाल्टिस्तान को भी दूसरे राज्यों की तरह विकास के लिए धन दिया जाए। गिलगित-बाल्टिस्तान का राज्य बनना कितना मुश्किल? पाकिस्तान लंबे समय से कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर विवाद का अंतिम समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों के अनुसार जनमत संग्रह (प्लेबिसाइट) के जरिए होना चाहिए। पाकिस्तान के मुताबिक, गिलगित-बाल्टिस्तान भी इसी विवादित क्षेत्र का हिस्सा है। इसी वजह से विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा से प्रस्ताव पास होने के बावजूद गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का स्थायी पांचवां राज्य बनाना आसान नहीं होगा। ऐसा करने पर पाकिस्तान के उस पुराने रुख पर सवाल उठ सकते हैं, जिसमें वह कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताता रहा है। यही कारण है कि प्रस्ताव में केवल अस्थायी (प्रोविजनल) राज्य बनाने की बात कही गई है। गिलगित-बाल्टिस्तान को 2009 में पहली बार मिली विधानसभा 1947 से लेकर कई दशकों तक गिलगित-बाल्टिस्तान का प्रशासन सीधे पाकिस्तान की केंद्र सरकार के हाथ में रहा। यहां न तो प्रांत का दर्जा था और न ही लोगों को अपने प्रतिनिधियों के जरिए शासन चलाने का अधिकार मिला था। 2009 में पाकिस्तान ने गिलगित-बाल्टिस्तान एम्पावरमेंट एंड सेल्फ-गवर्नेंस ऑर्डर लागू किया। इसके तहत पहली बार यहां विधानसभा चुनाव कराए गए और स्थानीय सरकार बनाई गई। हालांकि विधानसभा के अधिकार सीमित थे और बड़े फैसले केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के हाथ में ही रहे। इसके बाद 2018 में गिलगित-बाल्टिस्तान ऑर्डर-2018 लागू किया गया, जिसके तहत स्थानीय विधानसभा और मुख्यमंत्री को पहले से ज्यादा अधिकार दिए गए। इसके बावजूद गिलगित-बाल्टिस्तान आज तक पाकिस्तान का संवैधानिक राज्य नहीं बन सका। गिलगित-बाल्टिस्तान और भारत का क्या संबंध है? गिलगित-बाल्टिस्तान ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में कश्मीर घाटी के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। यह कभी जम्मू-कश्मीर रियासत का हिस्सा था। उस समय रियासत पांच हिस्सों में बंटी थी- जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित वजाहत और गिलगित एजेंसी। आज पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर क्षेत्र का करीब 85% हिस्सा गिलगित-बाल्टिस्तान (नॉर्दर्न एरियाज) में है, जबकि लगभग 15% हिस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) कहलाता है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भी इसी इलाके से होकर गुजरता है। पाकिस्तान की जीवनरेखा मानी जाने वाली सिंधु नदी भी सबसे पहले इसी क्षेत्र में प्रवेश करती है। गिलगित-बाल्टिस्तान भारत से अलग कैसे हुआ? पाकिस्तान ने इसे संविधान में क्यों शामिल नहीं किया? 2009 के बाद प्रशासनिक व्यवस्था कैसे बदली? साल 2000 के बाद, खासकर अमेरिका में 9/11 हमलों और चीन के वन बेल्ट वन रोड (अब बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव) परियोजना में इस इलाके की बढ़ती रणनीतिक अहमियत को देखते हुए पाकिस्तान ने यहां प्रशासनिक बदलाव शुरू किए। 2009 के ऑर्डर के तहत नॉर्दर्न एरियाज लेजिस्लेटिव काउंसिल (NALC) की जगह गिलगित-बाल्टिस्तान लेजिस्लेटिव असेंबली बनाई गई और नॉर्दर्न एरियाज का नाम बदलकर गिलगित-बाल्टिस्तान कर दिया गया। हालांकि विधानसभा बनने के बाद भी अंतिम अधिकार इस्लामाबाद के पास ही रहे। नई विधानसभा में 24 सदस्य सीधे चुने जाते हैं और 9 सदस्य नामित किए जाते हैं। 2010 के बाद से हर चुनाव में इस्लामाबाद में सत्ता में रहने वाली पार्टी ही यहां सरकार बनाती रही है। नवंबर 2020 के चुनाव में तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने 33 में से 24 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी।

अवैध-खनन से बने गड्ढे में डूबने से चचेरे-भाइयों की मौत:एक का पैर फिसला तो दूसरा बचाने बचाने कूदा था, एक घंटे बाद निकाले जा सके शव

बाड़मेर में अवैध खनन से बने गहरे गड्ढे में पैर फिसलने से एक भाई गिर गया, उसे डूबता देख दूसरा भाई बचाने कूदा। मौके पर मौजूद तीसरे साथी ने शोर मचाया, लेकिन तब तक दोनों चचेरे भाई डूब चुके थे। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सेना को सूचना दी। एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों चचेरे भाइयों को बाहर निकाला जा सका। उन्हें जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना क्षेत्र के दरूड़ा गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के पास संचालित स्टोन क्रेशरों द्वारा अवैध खनन किया जाता है। खनन के कारण जमीन में गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भर जाता है। इसी कारण हादसा हुआ। घर से आधा किलोमीटर दूर हुआ हादसा
मृतक के चाचा सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव निवासी देवराम(18) पुत्र किशनाराम, उसका चचेरा भाई किरताराम(20) पुत्र गणेशकुमार और गांव का ही एक अन्य युवक प्रवीण किसी से मिलने के लिए घर से निकले थे। घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित स्टोन क्रेशर के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे हैं। वहां से गुजरने के दौरान देवराम का पैर फिसल गया और वह गड्ढे में गिर गया। उसे बचाने के लिए किरताराम ने भी छलांग लगा दी, लेकिन वह भी डूब गया। दोनों को डूबता देख प्रवीण ने परिजनों और आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद जसाई से आर्मी को बुलाया गया। अवैध खनन से बने हैं 50–100 फीट गहरे गड्ढे
सुरताराम ने बताया कि दरूड़ा गांव में करीब 20–30 स्टोन क्रेशर संचालित हैं। क्रेशर संचालकों ने अवैध खनन कर जगह-जगह 50–100 फीट गहरे गड्ढे कर दिए हैं। इनमें पानी भरा रहता है। गांव जाने का रास्ता भी इन गड्ढों के पास से होकर गुजरता है, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। करीब एक घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने पर आर्मी के जवान गहरे गड्ढे में उतरे और करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को बाहर निकाला गया। इस बीच ग्रामीण थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों के परिवार किसान है। पुलिस बोली- दोनों के शव जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं
ग्रामीण थाना के एएसआई ज्ञानसिंह ने बताया कि दो युवकों के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सिविल डिफेंस और आर्मी की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। दोनों शवों को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

रेप-पीड़ित बच्ची का इलाज नहीं किया, सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा:कहा- आपको डॉक्टर लिखने का हक नहीं; गाजियाबाद में चली गई थी जान

गाजियाबाद में 4 साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या केस की शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इलाज नहीं देने पर दो प्राइवेट अस्पतालों और उनके डॉक्टरों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने दोनों अस्पतालों से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने को भी कहा है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा, ‘अगर आप अपनी ड्यूटी नहीं निभाते हैं तो आपको डॉक्टर कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। अगर अस्पताल में सुविधा नहीं थी तो बच्ची को दूसरे अस्पताल पहुंचाना चाहिए था। क्या इसलिए इलाज नहीं किया, क्योंकि परिवार गरीब था और आपकी फीस नहीं दे सकता था?’ मामले की सुनवाई अब अगले हफ्ते होगी। पीड़िता के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में SIT या CBI से कराने की मांग की है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि पीड़िता और उसके परिवार की पहचान गोपनीय रखी जाए और उन्हें किसी तरह से परेशान न किया जाए। अब विस्तार से पढ़िए… बेहोशी हालत में मिली थी बच्ची, खून से लथपथ थी ये मामला 16 मार्च, 2026 का है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक चॉकलेट दिलाने के बहाने 4 साल की बच्ची को अपने साथ ले गया। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में बच्ची खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में मिली। परिजन उसे पहले 2 निजी अस्पतालों में लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि दोनों अस्पतालों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद बच्ची को गाजियाबाद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस की भूमिका पर भी जताई थी नाराजगी सुप्रीम कोर्ट ने 10 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान गाजियाबाद पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था- पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने और जांच शुरू करने में अनावश्यक ढिलाई दिखाई। साथ ही दोनों निजी अस्पतालों- खजान सिंह मानवी हेल्थ केयर और सेंट जोसेफ (मरियम) अस्पताल से आरोपों पर हलफनामा दाखिल करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ और नंदग्राम थाना प्रभारी को तलब किया था। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है। एसआईटी में तीन वरिष्ठ महिला अधिकारी शामिल हैं। इनमें एक आईजी रैंक की अधिकारी, एक एसपी रैंक की अधिकारी और एक डीएसपी रैंक की अधिकारी हैं। रेप केस में पुलिस ने नहीं लिखी थी FIR पीड़ित पक्ष के वकील का कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने मदद करने के बजाय बच्ची के पिता को डरा-धमकाकर चुप रहने को कहा था। FIR भी 17 मार्च को दर्ज हुई, जबकि घटना 16 मार्च की रात की थी। रेप के आरोप के बावजूद पुलिस ने शुरुआती FIR में सिर्फ हत्या की धारा लगाई। न रेप की धारा जोड़ी गई, न ही पॉक्सो एक्ट लगाया गया। 19 मार्च को मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में लगी थी गोली मुकदमा लिखे जाने के अगले दिन 18 मार्च को पुलिस ने आरोपी गौरव प्रजापति को गिरफ्तार किया था। 19 मार्च को जब पुलिस उसे घटनास्थल पर रिकवरी के लिए ले गई थी। तभी आरोपी ने झाड़ियों में जो तमंचा छिपाकर रखा था, उससे पुलिस पर फायर किया। पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। आरोपी के दोनों पैरों पर गोली लगी थी। वह घायल होकर गिर पड़ा था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया। ……………………………. संबंधित खबर पढ़िए… SIT करेगी 4 साल की बच्ची से रेप-हत्या की जांच:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- जांच निष्पक्ष होनी चाहिए; 3 महिला अफसरों को जिम्मेदारी गाजियाबाद में 4 साल की बच्ची का रेप और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने यूपी के डीजीपी को SIT गठित करने के निर्देश दिए हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर