मोहर्रम पर सीसीटीवी से होगी निगरानी:कलेक्टर-एसपी बोले- सोशल मीडिया पर रहेगी नजर, अफवाह-नशा बर्दाश्त नहीं

मोहर्रम को लेकर चित्तौड़गढ़ में प्रशासन ने सुरक्षा का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। सीसीटीवी कैमरों से शहर की निगरानी बढ़ाई जाएगी, ऑनलाइन शिकायत और इमरजेंसी मदद के लिए राजकॉप सिटीजन एप का उपयोग करने की अपील की गई है। शांति समिति की बैठक में कलेक्टर और एसपी ने साफ चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान अफवाह, नशा, गुंडागर्दी या अव्यवस्था फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जुलूस मार्ग, सुरक्षा और शहर की व्यवस्थाओं पर हुई चर्चा बैठक में मोहर्रम के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखने के साथ शहर की सुरक्षा व्यवस्था, रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही, नीचे लटके बिजली के तार, सीसीटीवी कैमरों की जरूरत और कैफे में नशे की शिकायतों सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। कलक्टर डॉ. मंजू और पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि त्योहार जिले की परंपरा के अनुसार भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने आमजन से भी सहयोग की अपील की। अफवाहों से दूर रहने की अपील, बिजली विभाग को दिए निर्देश जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि चित्तौड़गढ़ में सभी धर्मों के त्योहार हमेशा प्रेम, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाए जाते रहे हैं। यही परंपरा आगे भी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और माहौल खराब करने वाली गतिविधियों से दूर रहें। उन्होंने मोहर्रम के दौरान जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। खास तौर पर बिजली विभाग को शहर में नीचे लटके तारों को दुरुस्त करने के लिए कहा गया, ताकि जुलूस और आम लोगों को परेशानी न हो। नगर परिषद को पर्याप्त लाइटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने और त्योहार के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए। एसपी बोले- नशा और गुंडागर्दी पर तुरंत होगी कार्रवाई बैठक में पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह यादव ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी तरह की गुंडागर्दी, उपद्रव या संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में शहर के कुछ कैफे में नशा बिकने की शिकायतें भी सामने आईं। इस पर एसपी ने कहा कि अगर कहीं नशा, गुंडागर्दी या संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। उन्होंने रात के समय शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण को जरूरी बताया। सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, महिलाओं की सुरक्षा पर भी जोर बैठक में पाडन पोल और शास्त्री नगर जैसे क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की जरूरत बताई गई। इस पर नगर परिषद के साथ चर्चा कर शहर के कई हिस्सों में कैमरे लगाने की बात कही गई, ताकि निगरानी व्यवस्था मजबूत हो सके। एसपी ने आमजन से राजकॉप सिटीजन एप (RajCop Citizen App) डाउनलोड करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से एफआईआर, हेल्पलाइन, इमरजेंसी कॉल और पुलिस सहायता जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। खास तौर पर महिलाओं के लिए यह एप उपयोगी है, जिससे जरूरत पड़ने पर जल्द मदद पहुंचाई जा सकती है। ट्रैफिक, नशे की प्रवृत्ति और अन्य समस्याओं पर भी हुई चर्चा बैठक में खनिज विभाग से जुड़े रेती के डंपरों की रफ्तार नियंत्रण, सीएलजी सदस्यों को कार्ड उपलब्ध कराने, बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और बेगूं क्षेत्र की चेची रोड की यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश धाकड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा, उपखंड अधिकारी रजनी मीणा, नगर परिषद आयुक्त रविंद्र यादव सहित कई अधिकारी, शांति समिति और सीएलजी सदस्य मौजूद रहे।

डोटासरा बोले- कांग्रेस राज में मुझसे गलतियां हो गईं:4-5 बेईमानों को अच्छी जगह रखवा दिया; बीजेपी वाले खच्चर खरीद रहे नाम 'ऑपरेशन-टाइगर'

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- कांग्रेस राज के दौरान मुझसे गलती हुई और मैंने चार-पांच बेईमानों को अच्छी जगह पर नियुक्त कर दिया (रख दिया)। इसके साथ ही डोटासरा ने बीजेपी पर सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘खच्चर’ तक बता दिया। डोटासरा ने राजस्थान यूनिवर्सिटी कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (RUCTA) के कार्यक्रम में कहा- मैं रुक्टा से माफी चाहता हूं। मैं माफी इसलिए चाहता हूं क्योंकि जब पिछली बार हमारी सरकार थी, तो मैं उन लोगों को समझ नहीं पाया और मुझसे भी चार-पांच गलतिया हो गईं। आपने बार-बार आकर मुझसे कहा था कि ये लोग तोड़ने में विश्वास रखते हैं, आप उनकी पैरवी मत करो, लेकिन मुझ पर जुनून सवार था।
डोटासरा ने कहीं ये 3 अहम बातें: 1. अब समझ आ गया कि जो जैसा करेगा, उसका हिसाब बराबर करना ही होगा
डोटासरा ने कहा- आज देश-प्रदेश में कैसा माहौल चल रहा है? किसी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर दिया कि राहुल गांधी ने अच्छा बोला, तो अगले ही दिन उस कर्मचारी को APO कर दिया जाता है। यह कौन सी राजनीति है? यह कैसी शिक्षा व्यवस्था है? अब मेरी समझ में आया कि ये रुक्टा (RUCTA) वाले बार-बार मुझसे सही कहते थे। मुझ पर तो जुनून सवार था, नया-नया शिक्षा मंत्री बना था, तो मैंने सोचा कि सब मेरे जैसे ही भले लोग हैं। मैंने सोचा कि सब प्रोफेसर हैं, विद्वान हैं, अपनी बात रखते हैं, अपनी नौकरी करते हैं, हमें इन्हें डिस्टर्ब नहीं करना चाहिए और बचाकर रखना चाहिए। लेकिन अब मेरी समझ में आ गया है कि जो जैसा करता है, उसका हिसाब बराबर करना ही होगा। 2. खच्चर खरीद रहे हो और नाम दे रहे हो ‘ऑपरेशन टाइगर’
डोटासरा ने कहा- अभी गहलोत साहब ने कह दिया कि ये लोग (बीजेपी) ऐसे-ऐसे लोग खरीद रहे हैं, तो मदन राठौड़ साहब नाराज हो गए और मीडिया में आकर बोले कि विधायकों को पशु बता दिया। गहलोत साहब ने उन्हें पशु नहीं बताया, उन्होंने तो यह कहा था कि इस तरह से लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है और मान-मर्यादा ध्वस्त हो रही है। उन्होंने कोई गलत बात थोड़ी ही कही है। इन्हें तकलीफ हो गई कि ऐसा कैसे कह दिया! वे कह रहे हैं कि यह तो ‘ऑपरेशन टाइगर’ था। अरे भाई, खच्चर खरीद रहे हो और नाम दे रहे हो ‘ऑपरेशन टाइगर’! इतना सस्ता तो हमारे शेखावाटी में गला हुआ प्याज भी नहीं मिलता। सड़ा हुआ प्याज भी अगर किसान के पास पड़ा हो, तो वह भी उसे इतने सस्ते में नहीं बेचता, जिस तरह बीजेपी एमएलए (MLA) और एमपी (MP) खरीद रही है। 3. जिसे शिक्षा का ‘श’ नहीं पता उसे शिक्षा मंत्री बना दिया
डोटासरा ने निशाना साधते हुए कहा- इन्होंने शिक्षा का सत्यानाश कर दिया है। स्कूल शिक्षा मंत्री ऐसा बना दिया जिसे शिक्षा का ‘श’ तक नहीं आता। उच्च शिक्षा मंत्री ऐसा बनाया है जो ‘उच्च शिक्षा’ शब्द भी सही से नहीं लिख सकता। उनसे किसी ने पूछा कि आप कौन से मंत्री हो, तो वे उच्च शिक्षा भूलकर खुद को परिवहन मंत्री बोल गए। जिस व्यक्ति को शिक्षा के बारे में कोई ज्ञान (नॉलेज) नहीं है, जो शिक्षा को लेकर कोई सोच नहीं रखता, उसे आपने शिक्षा मंत्री बना दिया। और जो किसानों के साथ धोखा करे, उसे कृषि मंत्री बना दिया। —- ये खबर भी पढ़िए डोटासरा बोले-गहलोत के पैरों में गिरकर रोए थे किरोड़ी:बेनीवाल को चैलेंज किया था,10 मिनट में सरेंडर हो गए; नैतिकता है तो इस्तीफा देना चाहिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने आरोप लगाया है कि किरोड़ी लाल मीणा तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाए थे। साथ ही डोटासरा ने किरोड़ी लाल पर खाद-बीज छापों के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए की अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है। पढ़ें पूरी खबर
किरोड़ीलाल मीणा बोले- मुकदमे राजनीतिक द्वेष भाव से लगाए गए:1980 से अब तक 156 मुकदमे लगे, अब 13 बचे; जनहित में लड़ा कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- मुकदमे राजनीतिक द्वेष भाव से लगाए गए। हम आंदोलन करते थे तो मुकदमे लगा देते थे। 1980 से अब तक 156 मुकदमे लगे, अब 13 बचे हैं। जनता के हित में लड़ने के कारण मुकदमे लगे। पढ़ें पूरी खबर

शराब-पीने से रोका तो बदमाशों ने लाठी-डंडों से किया हमला:ढाबा स्टाफ पर कुर्सियां और पत्थर फेंके; बचाव में बदमाशों पर मिर्च पाउडर फेंका

डीग जिले में एक ढाबा मालिक ने शराब पीने से रोका तो बदमाशों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। ढाबा मालिक के स्टाफ पर कुर्सियां और पत्थर फेंके। बचाव में ढाबा मालिक के स्टाफ ने बदमाशों पर मिर्च पाउडर फेंका। इसके बदमाश वहां से फरार हो गए। जिसका वीडियो भी सामने आया है। जहां बदमाश उत्पाद मचाते, कुर्सियां और पत्थर फेंकते के साथ-साथ डंडों से सामान तोड़ते हुए दिखाई दे रहे है। मामला 17 जून की रात का है। ढाबा मालिक अशोक ने 18 जून को डीग जिले के कुम्हेर थाने में FIR दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया है कि सभी हमलावर रारह के रहने वाले है। वह ढाबे पर शराब ​पीना चाहते थे। जब उन्हें मना किया तो सभी ने एक साथ हमला कर दिया। शराब पीने से मना करने पर किया हमला ढाबा मालिक अशोक कुमार, निवासी मथुरा ने 18 जून को कुम्हेर थाने में FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि रारह से मथुरा जाने वाले रोड़ पर उसका एक फैमिली ढाबा है। 17 जून की रात करीब 10 बजे योगेश, कृष्णा, कृतपाल निवासी रारह ढाबे पर आए और ढाबे पर शराब पीने के लिए कहने लगे। अशोक ने सभी लोगों से ढाबे पर शराब पीने से मना कर दिया। 15 से 20 लोगों ने की तोड़फोड़ ढाबा मालिक अशोक कुमार ने बताया- योगेश नाम के युवक ने धमकी दी कि वह उसे कुछ देर में देख लेगा। रात 11 बजे योगेश, कृष्णा, कृतपाल अपने 15 से 20 साथियों के साथ ढाबे पर आए। सभी के हाथ में लाठी, डंडा और धारदार हथियार थे। आते ही सभी ने ढाबे पर काम कर रहे कर्मचारियों से मारपीट करना शुरू कर दिया। सीसीटीवी में कैद हुई घटना ढाबा मालिक अशोक कुमार ने दावा किया है कि बदमाशों ने मुझ पर और कर्मचारियों पर फायरिंग भी की थी। जिससे अशोक और उसके कर्मचारी ढाबे के अंदर छुप गए। तब योगेश और उसके साथी काउंटर में बने गल्ले से 2 लाख 20 हजार रुपए लूटकर फरार हो गए। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फायरिंग की पुष्टि नहीं कुम्हेर SHO जितेंद्र चौधरी ने कहा- मामले की जांच चल रही है। फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है वीडियो में कोई फायरिंग करते हुए भी नहीं दिखाई दे रहा है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।

Rajat Sharma's Blog | राम मंदिर लूट: बिजली उन पर गिरे, जो मठाधीश बन बैठे थे

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले में विश्व हिंदू परिषद ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में रोजाना सुनवाई की मांग की है। साथ ही, अयोध्या में होने वाली अपनी सालाना बैठक भी रद्द कर दी है।

'गर्लफ्रेंड पीछा छुड़ाना चाहती थी, युवक ने किया सुसाइड':मामा के घर पर लगाया फंदा; भाई बोला-एक दिन पहले हुआ था झगड़ा

जयपुर के रहने वाले युवक ने टोंक में मामा के घर सुसाइड कर लिया। भाई ने बताया- गर्लफ्रेंड सगाई होने के बाद पीछा छुड़ाना चाहती थी। एक दिन पहले दोनों में इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। युवती ने नुकसान पहुंचाने के लिए बदमाशों को सुपारी दी थी। डरकर वह मामा के घर गया था। जहां टीनशेड के कमरे में साड़ी से फंदा लगा लिया। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। मामला टोंक के सदर थाना क्षेत्र के जगदीश नगर का है। घटना 25 जून सुबह की है। जयपुर से टोंक आया था मनोज नामा सांगानेर, जयपुर का रहने वाला मनोज नामा (29) कोई काम नहीं करता था। भाई पंकज नामा ने बताया कि मनोज बुधवार (24 जून) देर शाम को ही टोंक के सदर थाना क्षेत्र स्थित जगदीश नगर में रहने वाले अपने मामा तुलसीराम के घर आया था और वहीं ठहरा हुआ था। सुबह कमरे से बाहर नहीं निकला, फंदे पर लटका मिला भाई के अनुसार गुरुवार (25 जून) सुबह करीब 9 बजे तक मनोज टीन शेड वाले कमरे से बाहर नहीं निकला। इस पर मामा तुलसीराम ने उसे आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। शंका होने पर खिड़की से देखा तो मनोज साड़ी का फंदा बनाकर टीन शेड की एंगल पर लगे पंखे पर लटका हुआ मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव उतारकर अस्पताल पहुंचाया सदर थाने की एएसआई किस्मत ने बताया- घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। युवक को फंदे से नीचे उतारकर हॉस्पिटल पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जयपुर में रहने वाले उसके परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया तथा पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल मौत के कारणों की जांच की जा रही है। प्रेम प्रसंग में विवाद होने की बात, एक दिन पहले हुई थी कहासुनी मृतक के भाई पंकज नामा ने बताया – मनोज का एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती की कहीं और सगाई हो चुकी थी। इसी बात को लेकर एक दिन पहले मनोज और युवती के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में था और डर के माहौल में रह रहा था। भाई पंकज नामा का आरोप है कि कहासुनी के बाद युवती ने मनोज को नुकसान पहुंचाने के लिए उसके पीछे कुछ लड़के लगा दिए थे। यह जानकारी उन्हें मनोज के एक दोस्त से मिली थी। भाई के अनुसार इसी डर के कारण मनोज जयपुर से टोंक स्थित अपने मामा के घर आ गया था। उनका आरोप है कि भय और मानसिक दबाव के चलते उसने सुसाइड जैसा कदम उठाया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

अब शादी में कितने भी सिलेंडर ले सकेंगे:सरकार ने पा​बंदी हटाई, कॉमर्शियल सिलेंडर पर मिलेगी छूट

सरकार ने कॉमर्शियल गैस (LPG) सिलेंडर के वितरण पर लगाई पाबंदी को हटा दिया गया है। इसके बाद अब रेस्टोरेंट, होटल संचालकों, शादी समारोह में जरूरत के मुताबिक सिलेंडर मिलेंगे। अब कॉमर्शियल सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं होगी। केन्द्रीय पेट्रोलियम एवं प्रा​कृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को यह आदेश जारी किया। हालांकि इस आदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के नए कनेक्शन पर कोई राहत नहीं है। नए घरेलू कनेक्शन पर अब भी रोक बरकरार है। आदेश के अनुसार- कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर लगाए गई रोक को हटा दिया है। सप्लाई को पहले की तरह ही बहाल किया जा रहा है। हालांकि मंत्रालय ने बल्क इंडस्ट्री एलपीजी (Bulk LPG) की सप्लाई पर जो रोक लगी है, उसे पूरी तरह नहीं हटाकर कुछ राहत दी है। इसे संकट से पहले (मार्च से पहले) जितना उपभोग कंपनियां या औद्योगि​क इकाइयां कर रही थी, उसका 50 फीसदी तक सप्लाई की अनुमति दी है। शादी समारोह में अब नहीं आएगी परेशानी वर्तमान में राजस्थान में शादी समारोह के लिए एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए जिला रसद अधिकारी के यहां से स्टॉक रिलीज करवाना पड़ता है। इसके लिए उपभोक्ता को जिला रसद अधिकारी के यहां आवेदन करना पड़ता है, जिसके आधार पर उसे 4 कॉमर्शियल सिलेंडर दिए जाते हैं। इस पाबंदी के हटने के बाद अब जिला रसद अधिकारी के यहां जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनियों को डेटाबेस तैयार करने के निर्देश मंत्रालय ने तीनों ऑयल कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL) को सभी कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं का डेटा बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। तीनों कंपनियां क्षेत्रवार डेटाबेस तैयार करें। साथ ही ऐसे वाणिज्यिक या बल्क उपभोक्ता जिन्होंने पीएनजी अपना ली है, उन्हें पीएनजी पर ही बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान में अभी 19 किलोग्राम वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 3141 रुपए में मिल रहा है। इस साल में कॉमर्शियल सिलेंडर पर कंपनियों ने अब तक 6 बार से ज्यादा बार कीमतों में बढ़ोतरी की है। 31 दिसंबर तक 1608 रुपए में जो सिलेंडर मिलता था, अब 1 जून तक बढ़कर 3141 रुपए में हो गया। जनवरी में कंपनियों ने 111 रुपए, फरवरी में 49.50, मार्च में 141.50 रुपए, अप्रैल में 195 रुपए, मई में 993 और जून में 42 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी।

कार्तिकेय बोले-राहुल गांधी ने खेद जताया, याचिका निरस्त करें:राहुल बोले थे- पनामा पेपर मामले में कन्फ्यूजन में लिया नाम; मानहानि केस में फैसला सुरक्षित

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कार्तिकेय सिंह चौहान के बीच चल रहे मानहानि मामले में सुनवाई पूरी हो गई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। राहुल गांधी की ओर से दायर याचिका पर जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के हल्फनामे के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान को जवाब पेश करने के लिए बुलाया था। कार्तिकेय की ओर से कोर्ट में कहा गया कि अगर राहुल गांधी ने कन्फ्यूजन में नाम लिया था, तो उन्हें अब इस पर कोई दिक्कत या आपत्ति नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जल्द फैसला आ सकता है। कार्तिकेय की ओर से याचिका खारिज करने की मांग कार्तिकेय सिंह चौहान के वकील संकल्प कोचर ने कोर्ट में कहा- राहुल गांधी ने अपने लिखित जवाब में स्वीकार किया है कि उन्होंने भूलवश पनामा पेपर्स में लिया था। इस पर खेद भी व्यक्त किया है। उनका बयान न तो तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और न ही कार्तिकेय सिंह चौहान के संदर्भ में था। वकील ने बताया कि कार्तिकेय सिंह चौहान ने भी अपने जवाब में कहा है कि उन्हें अब कोई आपत्ति नहीं है। मानहानि की कार्रवाई और राहुल गांधी की याचिका को समाप्त करते हुए मामले का निराकरण किया जाना चाहिए। मामले में हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। आदेश आज या फिर सोमवार तक आने की संभावना जताई जा रही है। राहुल गांधी ने कहा था- पनामा पेपर्स में कार्तिकेय का नाम चुनावी रैली में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि पनामा पेपर्स लीक मामले में शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम शामिल है। पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ का नाम पनामा पेपर्स में आने पर उन्हें जेल हुई थी, लेकिन मध्य प्रदेश में कोई कार्रवाई नहीं हुई। राहुल गांधी बोले- कन्फ्यूजन में कार्तिकेय का नाम लिया हाईकोर्ट में पेश आवेदन में राहुल गांधी ने कहा- उनका बयान शिकायतकर्ता के संबंध में नहीं था। भाषण के दौरान गलती से कार्तिकेय सिंह चौहान का नाम आ गया था। विवादित बयान के अगले दिन राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे छत्तीसगढ़ के तत्कालीन CM रमन सिंह के बेटे अभिषेक का नाम लेना चाहते थे, लेकिन कन्फ्यूजन में कार्तिकेय का नाम ले लिया। यह मामला 2018 के झाबुआ विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी के एक भाषण से जुड़ा है। कार्तिकेय सिंह चौहान का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए राहुल गांधी ने चुनावी सभा में पनामा पेपर्स लीक प्रकरण का जिक्र करते हुए उनका नाम लिया था। शिकायत के अनुसार इससे उनकी प्रतिष्ठा और छवि को नुकसान पहुंचा। एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर हुआ था परिवाद कार्तिकेय सिंह चौहान ने भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता संकल्प कोचर ने पैरवी की। सुनवाई के बाद अदालत ने राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए समन जारी किए थे। समन को हाईकोर्ट में दी चुनौती एमपी-एमएलए कोर्ट से जारी समन और लंबित कार्यवाही को चुनौती देते हुए राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका में निचली अदालत की कार्यवाही पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही 25 जून को होने वाली सुनवाई में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग भी की गई थी। वह मामला जिसमें राहुल को माफी मांगनी पड़ी थी (राफेल मामला-2019)- पीएम को ‘चौकीदार चोर है’ कहा था क्या हुआ था?: राहुल गांधी ने राफेल मामले पर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि “चौकीदार चोर है”। भाजपा सांसद Meenakshi Lekhi ने अवमानना याचिका दायर की। पहले क्या किया?: राहुल गांधी ने शुरू में खेद जताया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे पर्याप्त नहीं माना। बाद में क्या किया?: उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र देकर बिना शर्त माफी मांगी और कहा कि कोर्ट को बयान से जोड़ना अनजाने में हुई गलती थी। नतीजा: सुप्रीम कोर्ट ने माफी स्वीकार कर अवमानना मामला बंद कर दिया, हालांकि भविष्य में सावधानी बरतने की चेतावनी दी। ………………………………………… ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी बोले-कन्फ्यूजन में लिया था कार्तिकेय का नाम लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान के बीच चल रहे मानहानि केस की सुनवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में हुई। राहुल ने लिखित आवेदन में अपने पुराने बयान पर खेद व्यक्त किया है। उन्होंने कहा- बयान कार्तिकेय के संदर्भ में नहीं था। उसे उसी रूप में देखा जाना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें

अजमेर में सरकारी नाले में बनाया ‘आइलैंड’,संपर्क पोर्टल पर शिकायत:कहा- नियमों की अनदेखी की; अवैध निर्माण पर एडीए चलाएं जेसीबी

अजमेर में सरकारी नाले में बिल्डर की ओर से बनाए गए लग्जरी ‘आइलैंड’ में नियमों की अवहेलना की गई है। मामले में दैनिक भास्कर एप पर इसका खुलासा किया गया था। वहीं अब संपर्क पोर्टल पर मामले में अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) को शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही एडीए कमिश्नर से निष्पक्ष जांच की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने कहा- इस अवैध निर्माण केा जेसीबी चलाकर हटाया जाए। अगर एडीए की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूरन एनजीटी की शरण लेनी पडे़गी। शिकायतकर्ता दुप्रद मलिक ने सपंर्क पोर्टल पर अजमेर विकास प्राधिकरण के आयुक्त के नाम शिकायत कर भास्कर एप की खबर पोस्ट की। इसमें बताया- चाचियावास में जीएस ड्रीम होम LLP के जीएस लेक एवेन्यू प्रोजेक्ट का नक्शा पास किया गया था, लेकिन कॉलोनाइजर ने इसमें नियमों की अनदेखी की। कहा- कमेटी निष्पक्ष जांच कर दे रिपोर्ट शिकायतकर्ता दुप्रद मलिक ने कहा- जांच के लिए प्राधिकरण ने तहसीलदार की अध्यक्षता में कमेटी बना दी, लेकिन कमेटी निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट दे। साथ ही एडीए की ओर से कॉलोनाइजर के खिलाफ कार्रवाई की जाए। भास्कर ने किया था खुलासा, कमेटी बनी बता दें कि भास्कर एप पर खुलासे के बाद अजमेर विकास प्राधिकरण ने मामले की जांच के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में तीन सदस्यों की कमेटी गठित की थी। जो सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। अब मामले में कार्रवाई के लिए कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।
………. ये खबरें भी पढ़ें… सरकारी जमीन पर लग्जरी आइलैंड बनाने पर एक्शन:दैनिक भास्कर एप के खुलासे के बाद जांच कमेटी बनाई; 7 दिन में देगी रिपोर्ट अजमेर में सरकारी नाले पर ‘आइलैंड’ बनाने के दैनिक भास्कर एप के खुलासे के बाद अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) ने कमेटी का गठन कर दिया है। तहसीलदार की अध्यक्षता में बनाई गई इस कमेटी को पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद ADA नियमानुसार कार्रवाई करेगा। (पूरी खबर पढ़ें) अजमेर में सरकारी जमीन पर अवैध ‘आईलैंड’ बनाया, घर बेचे:नाले के ऊपर सड़क बनाई, करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट, अधिकारी देखते रहे अजमेर में एक कॉलोनाइजर ने सरकारी नाले पर एक ‘आइलैंड’ भी बना दिया। इतना ही नहीं खुद की जमीन के साथ नाला और अजमेर विकास प्राधिकरण की सरकारी जमीन पर चारदीवारी बनाकर कब्जा कर लिया। नाले पर आवाजाही के लिए पुलिया बनाने के बजाय सीमेंट के पाइप डालकर सड़क भी बनाई है। (पूरी खबर पढे़ें)

किरोड़ीलाल मीणा बोले- मुकदमे राजनीतिक द्वेष भाव से लगाए गए:1980 से अब तक 156 मुकदमे लगे, अब 13 बचे; जनहित में लड़ा

कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- मुकदमे राजनीतिक द्वेष भाव से लगाए गए। हम आंदोलन करते थे तो मुकदमे लगा देते थे। 1980 से अब तक 156 मुकदमे लगे, अब 13 बचे हैं। जनता के हित में लड़ने के कारण मुकदमे लगे। लेकिन जो अपराधी कानून को हाथ में लेता है वो बचना नहीं चाहिए। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। किरोड़ी ने कहा- ये वही कैंपस है जहां हमने आंदोलन किया था, पुलिस ने यहां हमें बहुत मारा था। जोगाराम जी कह रहे थे कि सवाई माधोपुर में तपिश ज्यादा है। एक तपिश का तो जवाहर बेढमजी का कल ही समाधान किया है। पांचना बांध की तपिश। डॉ. किरोड़ीलाल मीणा गुरुवार को सवाई माधोपुर में जिला कलक्ट्रेट परिसर में नवनिर्मित अभियोजन भवन के लोकार्पण में बोल रहे थे। मंच पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य विभाग मंत्री जोगाराम पटेल, सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक तथा गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सवाई माधोपुर से चुनाव लड़ा तो मंत्री बना मंच से संबोधित करते हुए मंत्री किरोड़ी ने कहा- मैं 1980 से चुनाव लड़ रहा हूं, चारों तरफ राजस्थान में चुनाव लड़ा है। जब मैं सवाई माधोपुर में चुनाव लड़ता हूं तभी मंत्री बनता हूं। पहले 2003 में हुआ, इसके बाद चारों तरफ घूमने के बाद भी मंत्री नहीं बना तो फिर घूम कर यही आया। बिरला के साथ सीमेंट फैक्ट्री आंदोलन चलाया मंत्री किरोड़ी ने कहा- यह वहीं जमीन है जहां पर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ सीमेंट फैक्ट्री आंदोलन चलाया था। बिरला जी कोटा से लोग लेकर आते थे और हम इसी कलेक्ट्रेट परिसर में आंदोलन करते हैं। हमने यहीं पुलिस की लाठियां भी खाई है। वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि जब सभी जगह से लोगों को न्याय की उम्मीद उठ जाता है तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अभियोजन पक्ष का उद्देश्य पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना होना चाहिए। प्रदेश की राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… डोटासरा बोले- कांग्रेस राज में मुझसे गलतियां हो गईं:4-5 बेईमानों को अच्छी जगह रखवा दिया; बीजेपी वाले खच्चर खरीद रहे नाम ‘ऑपरेशन-टाइगर’ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- कांग्रेस राज के दौरान मुझसे गलती हुई और मैंने चार-पांच बेईमानों को अच्छी जगह पर नियुक्त कर दिया (रख दिया)। (पढ़ें पूरी खबर)

ACB डीजी बोले-डांट पड़ी..एक कान से सुनी, दूसरे से निकाली:एक चिड़चिड़ा बूढ़ा कोच दिनभर आप पर चिल्लाता रहे- 'अपना काम करो'

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के महानिदेशक (डीजी) गोविंद गुप्ता की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। गोविंद गुप्ता ने पोस्ट में लिखा- ‘डांट पड़ी… एक कान से सुनी… दूसरे से निकाली।’ गोविंद गुप्ता ने पोस्ट में पूर्व अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी टॉम ब्रैडी का एक कोट (कथन) भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा- ‘मैं चाहता हूं कि आप खुद को उन विचारों से चुनौती दें जो आपको असहज करते हैं और ऐसे लोगों के साथ रहें जो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हों। भले ही उन लोगों में से कोई एक चिड़चिड़ा बूढ़ा कोच हो, जो अपनी स्वेटशर्ट की आस्तीनें काट देता है और दिनभर आप पर चिल्लाता रहता है- अपना काम करो। ठीक है, मेरे अनुभव के हिसाब से यह उदाहरण कुछ ज्यादा ही खास हो गया। आप लोग मेरी बात समझ गए होंगे।‘ गोविंद गुप्ता ने पोस्ट गुरुवार सुबह करीब 10 बजे साझा की थी, जिसे करीब सवा पांच घंटे बाद दोपहर 3:15 बजे एडिट किया। अब देखिए, यह सोशल मीडिया पोस्ट… सकारात्मक रहकर आगे बढ़ें युवा पोस्ट को लेकर एसीबी डीजी गोविंद गुप्ता ने कहा- यह पोस्ट स्टूडेंट्स और युवाओं को प्रेरित (मोटिवेट) करने के लिए साझा की थी। यह बच्चों और स्टूडेंट्स को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से है, ताकि यदि कोई उन्हें डांटे तो वे घबराएं या नाराज न हों, बल्कि सकारात्मक रहकर आगे बढ़ें। जो बच्चे ग्रेजुएशन कर चुके हैं और जब वे नई-नई नौकरी (जॉब) शुरू करेंगे, तब यदि बॉस उन्हें डांटे तो उन्हें बुरा नहीं मानना चाहिए और न ही डरना चाहिए, बल्कि अपने काम के दम पर आगे बढ़ना चाहिए। यह कोट विदेश की एक यूनिवर्सिटी में दिए गए भाषण के आधार पर हिंदी भाषी स्टूडेंट्स को प्रेरित करने के लिए पोस्ट किया गया है। किरोड़ी के एसीबी ऑफिस पहुंचने के बाद पोस्ट चर्चा में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा 19 जून को एसीबी मुख्यालय पहुंचे थे। मंत्री के एसीबी ऑफिस पहुंचने के 7 दिन बाद एसीबी डीजी की ओर से की गई पोस्ट चर्चा में है। मंत्री ने बीज निगम के नामित डायरेक्टर और कृषि विभाग के कर्मचारियों से जुड़े मामले में कहा था कि यदि जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए। लेकिन यदि वे निर्दोष हैं तो एसीबी को सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। … यह खबर भी पढ़िए… किरोड़ीलाल पहुंचे ACB मुख्यालय, बोले-दोषी हूं तो गिरफ्तार करो:गहलोत ने कहा-सीएम सच्चाई बताएं, डोटासरा बोले-मंत्री किस डर से इतना तिलमिला रहे कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा शुक्रवार दोपहर ACB मुख्यालय पहुंचे। मंत्री एसीबी में पकड़े गए बीज निगम के नामित डायरेक्टर और कृषि विभाग के कर्मचारियों के मामले में खुलकर बोले। उन्होंने कहा-‘यदि मैं जांच में दोषी हूं तो मुझे गिरफ्तार किया जाए, लेकिन यदि निर्दोष हूं तो ACB को सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए।’ पढ़ें पूरी खबर