दैनिक भास्कर का प्रतिभा सम्मान समारोह-2026:10वीं-12वीं में 75% अंक लाने वाले स्टूडेंट्स का होगा सम्मान, रजिस्ट्रेशन 8 जुलाई तक

श्रीगंगानगर जिले की प्रतिभाओं को नई पहचान और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान करने के उद्देश्य से दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित ‘प्रतिभा सम्मान समारोह-2026’ का आयोजन 12 जुलाई (रविवार) सुबह 10:30 बजे जगनाथ एनक्लेव, पदमपुर रोड, श्रीगंगानगर में किया जाएगा। समारोह में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स के साथ-साथ खेल के क्षेत्रों में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष समारोह का दायरा और भी व्यापक किया गया है। सीबीएसई एवं आरबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में गोल्ड मेडल या उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ी, प्रतिभाएं सम्मान की पात्र होंगी। समारोह में शामिल होने के लिए स्टूडेंट्स निःशुल्क रजिस्ट्रेशन 8 जुलाई तक क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अपनी अंकतालिका व आधार कार्ड की फोटो कॉपी के साथ दैनिक भास्कर कार्यालय, जगनाथ एनक्लेव कार्यालय तथा निर्धारित पंजीकरण केंद्रों पर जाकर ऑफलाइन आवेदन भी सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक जमा कर सकते हैं। दैनिक भास्कर का यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि जिले की उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने पात्र स्टूडेंट्स से समय रहते रजिस्ट्रेशन कराकर इस गौरवपूर्ण अवसर का हिस्सा बनने की अपील की है। रजिस्ट्रेशन से संबंधी जानकारी के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। 9649555565, 97854 35395 दैनिक भास्कर को 75% से अधिक अंक लाने वाले स्टूडेंट्स को सम्मानित करने के इस सराहनीय पहल के लिए हार्दिक बधाई। यह केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के परिश्रम, अनुशासन और सपने देखने के जज्बे को मान्यता है। मेरा मानना है कि जब समाज मेहनत को मंच देता है, तो आने वाली पीढ़ी और ऊंचा उड़ान भरती है। ऐसी पहलें बच्चों में आत्मविश्वास जगाती हैं और उन्हें कल के लिए प्रेरित करती हैं। डॉ. कविता चौधरी
डायरेक्टर एकेडमिक्स, सेठ जी.एल. बिहानी एस.डी. शिक्षा ट्रस्ट

ममता की करीबी चंद्रिमा ने बंगाल TMC अध्यक्ष पद छोड़ा:एक महीने पहले पद संभाला था; ममता बोलीं- पार्टी छोड़ने की तैयारी पहले से थी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सीनीयर लीडर चंद्रिमा भट्टाचार्य ने नियुक्ति के महज एक महीने बाद शनिवार को पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के अन्य सभी पद भी छोड़ दिए हैं। उनके बागी गुट में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। चंद्रिमा ने कहा कि उन्होंने यह फैसला ममता बनर्जी की फोन पर की गई नाराजगी के बाद लिया। शुक्रवार को बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कोलकाता में पार्टी हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया था। उस समय चंद्रिमा भवन में मौजूद थीं, लेकिन कुछ देर बाद वहां से चली गईं। ममता ने चंद्रिमा पर बागी गुट का साथ देने का आरोप लगाया था। चंद्रिमा के इस्तीफे के बाद ममता ने खुद राज्य इकाई की कमान संभालने का ऐलान किया है। उन्होंने मदन मित्रा और कुणाल घोष को पार्टी समिति में शामिल किया है। बनर्जी ने कहा कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। चंद्रिमा पहले से पार्टी छोड़ने की तैयारी में थीं, क्योंकि उनका बेटा पहले ही भाजपा में शामिल हो चुका था। इस्तीफे के बाद बागी नेताओं से मुलाकात चंद्रिमा भट्टाचार्य तीन बार विधायक रह चुकी हैं, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें दमदम उत्तर सीट से भाजपा के सौरव सिकदार ने हरा दिया था। इस्तीफे के कुछ ही देर बाद चंद्रिमा को विधानसभा में बागी गुट के नेताओं के साथ देखा गया। हालांकि उन्होंने कहा कि वह सिर्फ पूर्व विधायक के तौर पर कुछ काम से विधानसभा गई थीं और विपक्ष के कमरे में बैठने का मतलब यह नहीं है कि वह बागी गुट में शामिल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई फैसला नहीं किया है। चंद्रिमा के बेटे और कोलकाता नगर निगम के पूर्व पार्षद सौरव बसु कुछ सप्ताह पहले ही बागी खेमे में शामिल हो चुके हैं। वह भी विधानसभा में बागी नेताओं की बैठक में मौजूद थे। ममता बोलीं- पार्टी के दम पर चुनाव जीते, अब उसी से गद्दारी कर रहे बंगाल चुनाव में हार के बाद बागी गुट ने ऋतब्रत को नेता चुना 3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। TMC के 80 में से 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना था। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया था। इसमें मांग की गई थी कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी थी। 22 जून को हुई प्रतिनिधि बैठक में नए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और 30 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया था। ममता के पास अब 22 विधायक और 17 सांसद बचे टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से 4 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 9 राज्यसभा सांसद बचे हैं। विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीती थीं। इसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं। दो तिहाई सदस्य होने पर मिलती है अलग दल की मान्यता बागी गुट के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 2 जुलाई को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलकर खुद को असली TMC के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। उन्होंने चुनाव आयोग को पार्टी में हुए संगठनात्मक बदलावों और नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी (NWC) की जानकारी दी थी। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… TMC हेडक्वार्टर पर बागी गुट का कब्जा:ताले हटाए, पोस्टर बदले, इनमें ममता की फोटो नहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने कोलकाता स्थित पार्टी हेडक्वार्टर पर कब्जा कर लिया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में गुट ने दफ्तर के ताले बदल दिए और नए पोस्टर लगाए। नए पोस्टर्स में ममता बनर्जी की तस्वीर नहीं थी। हालांकि, अंदर लगी उनकी तस्वीर और कटआउट को नहीं हटाया गया। पूरी खबर पढ़ें…

युवाओं में बढ़ रहा लिवर फेलियर का खतरा:10 सालों में बदला हेपेटाइटिस का पैटर्न; डॉक्टरों के बीच चर्चा का विषय बनी

जयपुर में देशभर के अलग-अलग शहरों से पेट रोग (गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी) से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टर्स का सेमिनार हुआ। इसमें हेपेटाइटिस के बदलते पैटर्न और उससे यूथ में होने वाली बीमारियों पर मुख्य चर्चा हुई। डॉक्टरों ने बताया- पिछले 10-15 सालों में लिवर की गंभीर बीमारी सामने आने के पीछे कारण हेपेटाइटिस का बदलता पैटर्न है। इंडियन सोसायटी ऑफ गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी के राजस्थान चैप्टर की ओर से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने बताया- बच्चों में कॉमन माने जाने वाला हेपेटाइटिस-ए अब वयस्क (यूथ) को अपनी चपेट में ले रहा है और इसके रिजल्ट भी गंभीर हैं। यूथ में हेपेटाइटिस-ए होने पर उसे गंभीर पीलिया या लिवर फेलियर तक हो रहा है। हेपेटाइटिस-ई का पैटर्न भी बदला है। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग कमेटी में शामिल डॉ. रमेश रूप राय और डॉ. संदीप निझावन ने बताया- इस कॉन्फ्रेंस में देशभर से 150 से अधिक एक्सपर्ट्स शामिल हुए, जो पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं के इलाज पर नवीनतम तकनीकों और गाइडलाइंस के बारे में जानकारियां साझा कर रहे हैं। डॉ. मुकेश कल्ला और डॉ. अनुराग गोविल ने बताया कि पहले दिन के वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लीवर रोगों के उपचार में हो रहे नवीनतम बदलावों पर चर्चा की। इसीलिए यूथ में गंभीर हो गया हेपेटाइटिस-ए
डॉ. आदर्श चौधरी ने बताया- हेपेटाइटिस-ए गंदे पानी के एक्सपोजर से होता है। पिछले कुछ समय में बच्चों में यह एक्सपोजर बहुत कम हो गया है। बच्चों में जब यह बीमारी नहीं हुई और बड़े होने पर अब उन्हें किसी कारण से हेपेटाइटिस-ए होता है तो बच्चों की अपेक्षा उनमें यह बीमारी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। जितनी अधिक उम्र में हेपेटाइटिस-ए के केस देखने को मिल रहे हैं, लिवर फेलियर होने की संभावना उतनी अधिक है। वहीं हेपेटाइटिस-ई का पैटर्न बदला है। पहले ये सीमित क्षेत्र में ब्लास्ट की तरह होता था। अब लगातार इसके केस आ रहे हैं। प्रेगनेंट महिलाओं को इससे ज्यादा खतरा हो गया है। अंतिम तीन महीने में तो लिवर फेलियर से उनकी जान जाने की संभावना काफी बढ़ गई है। एसिस एक्स-1 से मालूम होगा पेट में ब्लीडिंग का सटीक स्रोत
अब तक पेट में होने वाली ब्लीडिंग के सोर्स का पता लगाना बेहद मुश्किल होता था। पेट में खून कहां से रिस रहा है यह पता नहीं लग पाता था। ऐसे में कई बार पेट में खून जमा हो जाता। इस परेशानी का सही डायग्नोस करने के लिए अब नई तकनीक का इजाद किया है। एसिस एक्स-1 एंडोस्कोपी सिस्टम नाम की इस मशीन से पेप्टिक अल्सर या खून की उलटी के मरीजों की परेशानी को पहचाना जा सकता है और उसका इलाज किया जा सकता है। इसमें एम्बरलाइट सेंसर होता है, यह पेट में जाकर उस हिस्से को पहचान लेता है जहां हिमोग्लोबिन स्तर काफी ज्यादा है। ब्लीडिंग का सही सोर्स की पहचान कर उसकी क्लिपिंग की जा सकती है और ब्लीडिंग को रोका जा सकता है।

ऊंट पर निकली बछड़े की बंदोली:गाजे-बाजे के साथ निकली बारात, शुभ मुर्हूत में हुए फेरे, अनूठे विवाह में शामिल हुआ पूरा गांव

आपने शादिया तो बहुत देखी होगी लेकिन पाली जिले के बारसा गांव में शनिवार को अनौखी शादी हुई। जो जिले भर में चर्चा का विषय रही। बछड़ा का बछड़ी से विधि-विधान से शादी करवाई गई। ऊंट पर बछड़े को बिठाकर बैंडबाजे पर बंदौली निकाली गई। नाचते-गाते हुए बारात निकली और शुभ मुर्हूत में बछड़ा का विवाह बिछड़ी के साथ सम्पन्न हुआ। इसके साथ ही पीपल की शादी बरगद के पेड़ के साथ की गई। गांव में पहली बार बछड़ा-बछड़ी की अनौखी शादी होना बताया जा रहा है। पूरे ग्रामीण में बारसा सहित आस-पास के कई गांवों के लोग शामिल हुए। यह अनौखा आयोजन पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन उपखंड क बारसा गांव में हुआ। जिसमें बछड़े की शादी बछड़ी से और पीपल की शादी बरगद के पेड़ से करवाई गई। बकाया 26 जून को लग्न लिखा गया। उसके बाद 4 जुलाई की की सुबह बारसा गांव में गाजे-बाजे के साथ बंदौली निकाली गई। जिसमें ट्रेक्टर ट्रॉली में पीपल और बरगद के पौधे को लेकर श्रद्धालु बैठे। वही बछड़ा-बछड़ी को दो श्रद्धालु ऊंट लेकर बैठे। जगमोहन मंदिर से बारात रवाना हुई जो हनुमान मंदिर पहुंच सम्पन्न हुई। जहां शुभ मुर्हूत में बछड़े का बछड़ी के साथ और पीपल का बरगद के पौधें के साथ विवाह सम्पन्न करवाया गा।
वाटिका में रखा 800-1000 लोगों का खाना
इस अनौखी शादी को लेकर बारसा गांव के श्रीराम वाटिका में 3-4 जुलाई को खाना बनाया गया। 4 जुलाई को 800 से ज्यादा लोग भोजन में पहुंचे। भोजन में लापसी, खड्‌डी, पुड़ी, चिप्स, मोठ बनाया गया।

MGSU की लापरवाही से परेशान हुए बीएड कॉलेज:युनिवर्सिटी ने अंतिम क्षणों में जारी की NOC, काउंसलिंग से बाहर रहे कॉलेज

पीटीईटी-2026 काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में रही। कोटा के वर्द्धमान ओपन युनिवर्सिटी ने दो बार प्रोफाइल भरने की तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय समय पर बी.एड. कॉलेजों की एनओसी जारी नहीं कर सका। प्रोफाइल भरने की अंतिम तिथि के दिन घंटों इंतजार के बाद विश्वविद्यालय ने अंतिम क्षणों में एनओसी जारी की, जिससे चार जिलों के बी.एड. कॉलेजों को बड़ी राहत मिली। इस वर्ष पीटीईटी-2026 की काउंसलिंग का जिम्मा वीएमओयू, कोटा के पास है। प्रवेश प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रोफाइल भरकर कॉलेजों का चयन करना होता है। इसके लिए संबंधित कॉलेजों की एनओसी पोर्टल पर उपलब्ध होना आवश्यक है। कॉलेज संचालकों का कहना है कि उन्होंने समय पर सभी दस्तावेजों का सत्यापन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, लेकिन इसके बावजूद एनओसी जारी होने में अनावश्यक देरी हुई। अंतिम तिथि के दिन दोपहर तक भी एनओसी जारी नहीं होने से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिले के कॉलेजों में असमंजस का माहौल बना रहा। कॉलेज संचालकों के अनुसार यदि अंतिम समय में एनओसी जारी नहीं होती तो इन चारों जिलों के कई बी.एड. कॉलेज पीटीईटी की प्रथम काउंसलिंग सूची से बाहर हो सकते थे। उनका कहना है कि पहले से ही बी.एड. में प्रवेश कम हो रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार की प्रशासनिक देरी कॉलेजों के लिए और अधिक नुकसानदायक साबित हो सकती थी। हालांकि विश्वविद्यालय ने अंततः एनओसी जारी कर दी, लेकिन कॉलेज संचालकों का कहना है कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए, ताकि प्रवेश प्रक्रिया समयबद्ध और बिना किसी अनिश्चितता के पूरी हो सके।

जमीन के विवाद में स्कॉर्पियो से कुचलकर बुजुर्ग की हत्या:दोनों पक्षों से 13 घायल; लाठी- डंडों से किए एक-दूसरे पर वार

भरतपुर में जमीन के विवाद में 2 पक्ष आपस में भिड़ गए। खेत पर कब्जा लेने आए एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के बुजुर्ग की स्कॉर्पियो से कुचलकर हत्या कर दी। दोनों ओर से झगड़े में करीब 13 लोग घायल हो गए, जिनका हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना जिले के उच्चैन थाना इलाके में शनिवार की शाम करीब 4 बजे हुई। सीओ सुरेश कुड़ी ने बताया- घटना की जानकरी पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। अभी तक किसी भी पक्ष ने कोई शिकायत नहीं दी है। प्रारंभिक तौर पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मृतक रमेश(60) का सुबह पोस्टमॉर्टम होगा। 30 साल पहले खरीदे खेत का खसरा नंबर बदलने पर विवाद
बच्चू बंजारा निवासी चक खरका ने बताया- गांव में हमने एक खेत को 30 साल पहले खरीदा था। सेटलमेंट के दौरान खेत का खसरा नंबर बदल गया। खसरा बदलने के कारण अब वह खेत सुभाष बंजारा पक्ष के नाम से रिकॉर्ड में आ रहा है। बच्चू ने दावा किया कि उनके पास खेत की पुरानी रजिस्ट्री भी है। खेत पर मंदिर, ट्यूबेल लगाया हुआ है। अब खेत पर सुभाष बंजारा पक्ष कब्जा करना चाहता है। आज जब बच्चू बंजारा पक्ष खेत पर काम कर रहा था, तब ही सुभाष बंजारा पक्ष ने लाठी- डंडों से उन पर हमला कर दिया। इसके बाद दोनों पक्ष भिड़ गए। झगड़े के दौरान सुभाष बंजारा पक्ष का एक व्यक्ति अपनी स्कॉर्पियो लेकर खेत में आ गया और उसने बच्चू बंजारा पक्ष के लोगों पर स्कॉर्पियो चढ़ाने की कोशिश की, जिससे वहां भगदड़ मच गई। हालांकि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बच्चू पक्ष के बुजुर्ग रमेश को कुचल दिया। गंभीर हालत में उसे उच्चैन के सरकारी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। फिलहाल सभी घायलों का हॉस्पिटल में इलाज जारी है। दोनों पक्षों से 13 घायल हुए, जिनमें 3 आरबीएम हॉस्पिटल में भर्ती
झगड़े में बच्चू पक्ष से मदन लाल, ओमवीर, धर्मवीर, सतपाल, पिस्ता, मैना, शेर सिंह का उच्चैन हॉस्पिटल में इलाज जारी है। जबकि नेत्रपाल, हरभान सिंह और सत्तो आरबीएम हॉस्पिटल में भर्ती है। सुभाष बंजारा पक्ष से रमेश, लोकेंद्र, मिथलेश घायल हुए हैं, जिनका उच्चैन में ही इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार- मृतक रमेश का पोस्टमॉर्टम सुबह होगा। इनपुट- विशेष गर्ग, रुदावल, भरतपुर

चित्तौड़गढ़ के 527 युवाओं को मिला सरकारी नौकरी का तोहफा:बांटे गए अपॉइंटमेंट लेटर, युवा बोले – इसी दिन का था इंतजार

सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे सैकड़ों युवाओं के लिए शनिवार का दिन यादगार बन गया। राज्य एवं जिला स्तरीय रोजगार उत्सव के तहत चित्तौड़गढ़ जिले के 527 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इसी दौरान बालोतरा जिले के पचपदरा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से राजस्थान में करीब 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। जिले में इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम के साथ निम्बाहेड़ा, सभी उपखंडों और ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। जिले में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के जरिए कुल 597 अभ्यर्थियों का चयन हुआ था, जिनमें से 527 युवाओं को रोजगार उत्सव के दौरान नियुक्ति पत्र दिए गए। रोजगार के साथ विकास परियोजनाओं पर भी रहा फोकस जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री गौतम दक रहे। उनके साथ सांसद सीपी जोशी, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, जिला कलक्टर डॉ. मंजू, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे। समारोह में विभिन्न विभागों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र और प्रमाण-पत्र सौंपकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम के दौरान रोजगार के साथ-साथ प्रदेश में शुरू होने वाली बड़ी विकास परियोजनाओं पर भी विशेष जोर रहा, जिन्हें भविष्य में रोजगार और विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार बोली- युवाओं के लिए बढ़ रहे अवसर सहकारिता मंत्री गौतम दक ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले ढाई सालों में बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिले हैं और भर्ती प्रक्रिया को पहले से ज्यादा पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से रिफाइनरी, यमुना जल परियोजना और जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसी बड़ी परियोजनाओं की शुरुआत राजस्थान के विकास को नई गति देगी। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए सभी नवनियुक्त युवाओं को बधाई दी। रिफाइनरी बनेगी रोजगार और विकास का बड़ा आधार: सांसद सांसद सीपी जोशी ने कहा कि राजस्थान के लिए यह ऐतिहासिक दिन है। करीब 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की शुरुआत प्रदेश के विकास में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित रिफाइनरी परियोजना अब शुरू होने जा रही है, जिससे प्रदेश का राजस्व बढ़ेगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यमुना जल परियोजना और जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसी योजनाएं भी राजस्थान की तरक्की में अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लगातार युवाओं को सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों में रोजगार मिल रहा है और ये सभी परियोजनाएं प्रदेश की प्रगति का नया आधार बनेंगी। मेहनत, जिम्मेदारी और सेवा भावना का दिया संदेश विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने कहा कि युवाओं की मेहनत और लगन का परिणाम आज उन्हें नौकरी के रूप में मिला है। उन्होंने कहा कि विकास और रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम हो रहा है और नई परियोजनाओं से आगे भी अवसर बढ़ेंगे। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने नवनियुक्त युवाओं से कहा कि यह उनके जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। नई जिम्मेदारी को ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भावना के साथ निभाते हुए जनता के भरोसे पर खरा उतरना ही उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी। कार्यक्रम में नवनियुक्त युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों तथा अपने निरंतर परिश्रम को दिया। कनेरा क्षेत्र की रहने वाली प्रियंका धाकड़ ने बताया कि वर्तमान में उनका पदस्थापन राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, सेंती (चित्तौड़गढ़) में हुआ है। उन्होंने आरपीएससी प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) सीधी भर्ती परीक्षा-2024 में जीव विज्ञान विषय से सफलता हासिल की है और पूरे राजस्थान में उनकी 9वीं रैंक रही। उन्होंने बताया कि यह 2024 की भर्ती थी, परीक्षा 2025 में हुई और 15 जून को उनका पदस्थापन सेंती स्कूल में हुआ। अब उन्हें जॉइनिंग लेटर भी मिल गया है। प्रियंका ने बताया कि उन्होंने बीएससी और बीएड के बाद वर्ष 2023 में वनस्पति विज्ञान से एमएससी पूरी की। उन्होंने कहा कि परिवार में सरकारी नौकरी पाने वाली वह पहली सदस्य हैं। परिवार खेती करता है। उनके पिता सुरेश चंद्र धाकड़ का साल 2009 में सड़क हादसे में निधन हो गया था। उस समय वह करीब 11 साल की थीं। उन्होंने बताया कि यहां तक पहुंचने में उनकी माता शांति देवी धाकड़ का सबसे बड़ा सहयोग रहा। परिवार में बड़े भाई सुनील धाकड़ खेती करते हैं। उनके बाद एक बहन है और फिर वह हैं। चित्तौड़गढ़ के बोदियाना निवासी लोकेश बैरागी ने बताया कि उनका चयन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर हुआ है। उनका घर सैनिक स्कूल के पास स्थित है। उन्होंने बताया कि 19 सितंबर को हुई भर्ती परीक्षा में उन्होंने हिस्सा लिया था, जिसका परीक्षा केंद्र चित्तौड़गढ़ में था। काफी समय से तैयारी करने के बाद उनका चयन हुआ। लोकेश ने बताया कि उन्होंने बीएससी के बाद बीएड किया है। इसके बाद वे रीट और राजस्थान की अन्य भर्तियों की भी तैयारी कर रहे थे, इसी दौरान इस भर्ती में उनका चयन हो गया। उन्होंने बताया कि आज नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को देखते हुए बड़े स्तर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 45 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों सहित विभिन्न भर्तियों के कुल लगभग 53,900 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। उन्होंने बताया कि फिलहाल जॉइनिंग की आधिकारिक सूचना का इंतजार है और उम्मीद है कि जुलाई या अगस्त तक जॉइनिंग हो जाएगी। चित्तौड़गढ़ पुलिस लाइन निवासी रीना कंवर भाटी ने बताया कि उन्होंने एमएससी (गणित) तक पढ़ाई की है। उनका चयन सहायक सांख्यिकी अधिकारी (Assistant Statistical Officer) के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि उनका परिणाम तीन दिन पहले ही घोषित हुआ है। फिलहाल जॉइनिंग नहीं हुई है और संभावना है कि करीब एक महीने में जॉइनिंग हो जाएगी। रीना कंवर भाटी ने बताया कि यह भर्ती 2024 की वैकेंसी के लिए थी, जबकि इसकी परीक्षा वर्ष 2025 में आयोजित की गई थी।

कोटा में युवक की गर्दन पर चाकू से हमला:पार्क में क्रिकेट खेल रहे बच्चों के विवाद में बीच-बचाव करने गया था

कोटा में शनिवार को क्रिकेट खेल रहे एक युवक पर युवकों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में युवक घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत MBS अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। सूचना मिलते ही दादाबाड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। यह मामला दादाबाड़ी थाना क्षेत्र के महावीर नगर एक्सटेंशन, तीन बत्ती इलाके का है। घायल युवक लविश ने बताया- घर के सामने स्थित पार्क में रोजाना आसपास के बच्चे क्रिकेट खेलने आते हैं। वह भी बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान पास के इलाके से कुछ युवक वहां पहुंचे और बच्चों से विवाद करने लगे। जब उसने बच्चों को बचाने के लिए बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। गर्दन पर चाकू से तीन-चार वार किए लविश के अनुसार, हमलावरों ने पीछे से उसकी गर्दन पर चाकू से तीन-चार वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा। उसे खून से लथपथ देख आरोपी मौके से भागने लगे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़ लिया और उसे दादाबाड़ी थाना पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए। क्रिकेट खेलने को लेकर हुआ विवाद
दादाबाड़ी थाना प्रभारी बलदेव राम ने बताया- पार्क में बच्चों के बीच क्रिकेट खेलने को लेकर हुए विवाद के बाद यह घटना हुई। घायल युवक का मेडिकल कराने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हमले में शामिल फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”

पांचना बांध विवाद समाधान की प्रशासनिक तैयारियां तेज:कलेक्टर-एसपी ने बांध का निरीक्षण किया, 6 जुलाई को शिलान्यास संभव

पांचना बांध के पानी के लगभग दो दशक पुराने विवाद के समाधान की दिशा में प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राज्य सरकार के स्तर पर हुए समझौते के बाद शनिवार को जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पांचना बांध का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। संभावना है कि 6 जुलाई को प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान लिफ्ट परियोजना का शिलान्यास होगा और नहरों में परीक्षण के तौर पर पानी छोड़ा जाएगा। राज्य सरकार की पहल पर 30 जून को जयपुर में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में पांचना बांध के पानी के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी थी। निर्णय लिया गया था कि जल संसाधन विभाग एक सप्ताह के भीतर नहरों में पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करेगा। इसी क्रम में शनिवार को जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह, पुलिस उपाधीक्षक अनुज शुभम, जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता विवेक बंसल और सहायक अभियंता वीर सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने पांचना बांध का दौरा किया। उन्होंने नहरी तंत्र, सुरक्षा व्यवस्था और प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार 6 जुलाई को पांचना बांध पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित होने की संभावना है। इस दौरान पांचना लिफ्ट परियोजना का शिलान्यास किया जा सकता है। साथ ही, नहर प्रणाली की तकनीकी जांच के लिए परीक्षण स्वरूप पानी का प्रवाह भी शुरू किया जाएगा। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी कार्यक्रम की आधिकारिक तिथि और विस्तृत रूपरेखा जारी नहीं की गई है। निरीक्षण के दौरान गुड़ला-पांचना संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई, सियाराम गुर्जर और धीरेन्द्र बैंसला सहित अन्य प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि पांचना बांध के पानी के बंटवारे को लेकर लगभग 20 वर्षों से विवाद चल रहा था। कमांड क्षेत्र के किसान नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे, जबकि बांध के आसपास के 39 गांवों के किसान पहले अपने क्षेत्र के लिए सिंचाई जल सुनिश्चित करने पर अड़े थे। इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का अब समाधान होने की उम्मीद है।

दावा- ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले PM मोदी को धमकी:मेलबर्न मीट्स मोदी प्रोग्राम की फेसबुक पोस्ट में कमेंट कर धमकाया, 9 जुलाई को कार्यक्रम

पीएम मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जान से मारने की धमकी मिली है। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस मोदी को दी गई धमकी की जांच कर रही है। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की शनिवार की रिपोर्ट में दावा किया गया कि धमकी फेसबुक पर ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक पोस्ट के नीचे लिखी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्ट के नीचे अबू मुस्तफा नाम के फेसबुक अकाउंट से लिखा गया, ‘स्टेडियम की छत कार्यक्रम के दौरान बंद रहनी चाहिए, नहीं तो वह ऑस्ट्रेलिया अपनी मौत के लिए आएगा।’ धमकी सामने आते ही जानकारी ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस को दे दी गई थी। मोदी 8 जुलाई से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया में रहेंगे। ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में होना है। मोदी को इसमें शामिल होना है। आईपी एड्रेस की पहचान, कोई गिरफ्तारी नहीं जांच एजेंसियों ने प्रोग्राम की पोस्ट से जुड़े आईपी एड्रेस की पहचान कर ली है। हालांकि, अब तक पुलिस ने धमकी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। साथ ही पुलिस ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि भी नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस, राज्य पुलिस और विशेष सुरक्षा इकाइयों समेत कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में भारतीय शामिल होंगे विदेश दौरे पर PM की सुरक्षा में मेजबान भी शामिल PM मोदी दो बार ऑस्ट्रेलिया जा चुके पहले भी मोदी को धमकी मिली 2026: पंजाब दौरे से पहले ब्लास्ट की धमकी मिली थी PM नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था। 2022: पंजाब में ब्रिज पर फंस गया था PM का काफिला 5 जनवरी 2022 को पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई थी। हुसैनीवाला जाते समय प्यारेआणा ब्रिज (फ्लाईओवर) पर प्रदर्शनकारी किसानों ने रास्ता जाम कर दिया था। इस वजह से पीएम का काफिला लगभग 15-20 मिनट तक फंसा रहा था। इसके बाद पीएम बिना रैली किए बठिंडा एयरपोर्ट वापस लौट गए थे। —————- ये खबर भी पढ़ें… दावा-स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी आर्मी चीफ को मारने का प्लान था:पीस डील में शामिल होने गए थे, PAK की धमकी के बाद फैसला बदलना पड़ा इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने स्विट्जरलैंड में ईरान शांति वार्ता के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और उनके डेलिगेशन की हत्या की साजिश रची थी। यह दावा ब्राजील के पत्रकार पेपे एस्कोबार ने एक पॉडकास्ट में किया है। पत्रकार के दावे के मुताबिक पाकिस्तानी अधिकारियों को जब ये बात पता चली तो उन्होंने धमकी दी जिसके बाद इजराइल को अपना प्लान बदलना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…