बिहार में हिंदू लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाता था रेहान:रील बनाकर फंसाता, फिर संबंध बनाता था, टारगेट पर 20 लड़कियां थीं; POCSO में FIR

बिहार के गयाजी में रेहान अंसारी नाम के युवक ने हिंदू लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए थे। पुलिस जांच में अब तक 6 लड़कियों के वीडियो सामने आए हैं। एक नाबालिग लड़की के परिवार ने रेहान के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। जांच में सामने आया है कि रेहान सोशल मीडिया पर रील बनाकर नाबालिग लड़कियों को फंसाया था। इसके बाद उनके साथ संबंध बनाया था। इस दौरान वो वीडियो भी बना लेता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि रेहान के टारगेट पर 20 लड़कियां थीं। भेद खुलने के बाद दिल्ली भाग गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। रेहान का भेद कैसे खुला? वह किस तरह एक खास वर्ग की लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था? उसके परिवार का क्या कहना है? पढ़िए रिपोर्ट.. पहले जानिए, कैसे खुला रेहान का राज घटना ​22 जून की दोपहर की है। ​पवित्र बांके धाम पहाड़ी पर रेहान रंगे हाथ पकड़ा गया था। नाम न छापने की शर्त पर कुछ स्थानीय युवकों ने दैनिक भास्कर की टीम से उस दिन की पूरी आंखों देखी साझा की। युवकों ने बताया कि रेहान और नाबालिग पीड़ित अलग-अलग रास्ते से बांके बाजार की प्रसिद्ध बांके धाम पहाड़ी पर पहुंचे थे। इस पहाड़ी की चोटी पर भगवान शंकर का प्राचीन शिवलिंग स्थापित है। लोग पूरे क्षेत्र को पवित्र मानते हैं। ​उस समय इलाके के चार युवक पहाड़ी पर घूम रहे थे। उनकी नजर पहले रेहान फिर उससे पीछे आ रही नाबालिग छात्रा पर पड़ी। दोनों को एक साथ पहाड़ी पर स्थित सूर्य मंदिर की तरफ बढ़ते देख युवकों को शक हुआ। उन्होंने चुपके से दोनों का पीछा किया। दोनों मुख्य रास्ते से हटकर एक बड़ी चट्टान के पीछे चले गए। युवक दबे पांव चट्टान के करीब गए। उन्होंने रेहान की अश्लील हरकतों को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। ​चालाकी पड़ी भारी, मोबाइल खुला तो सामने आया खौफनाक सच ​वीडियो बनाने के बाद युवक कुछ दूरी पर खड़े होकर इंतजार करने लगे। जैसे ही रेहान और लड़की चट्टान की ओट से बाहर निकले, युवकों ने दोनों को घेर लिया। खुद को घिरता देख रेहान चकमा देकर भाग निकला। लड़की डरी-सहमी वहीं रह गई। युवकों ने लड़की पर दबाव बनाया और कहा कि अपने पिता का मोबाइल नंबर दो। उनके आने पर ही तुम्हें छोड़ा जाएगा। लड़की ने पिता की जगह रेहान का मोबाइल नंबर दे दिया। युवकों ने उस नंबर पर कॉल किया तो दूसरी तरफ से रेहान ने खुद को लड़की का पिता बताते हुए बात की। वह मिन्नतें करने लगा कि लड़की को छोड़ दीजिए। युवकों को उसकी आवाज पर शक हुआ। साफ कहा कि बिना परिवार के आए लड़की को नहीं छोड़ा जाएगा। वे इसे पुलिस के हवाले करने जा रहे हैं। पुलिस का नाम सुनते ही रेहान घबरा गया। कुछ ही देर में हांफते हुए वापस पहाड़ी पर आया। वह हाथ-पैर जोड़ने लगा। इसी गहमागहमी के बीच युवकों ने रेहान का मोबाइल फोन छीन लिया और जैसे ही उसकी गैलरी खोली, सबके होश उड़ गए। रेहान के फोन में मिले 20-22 मिनट के 70 से ज्यादा गंदे वीडियो रेहान के मोबाइल से जो वीडियो मिले, उन्हें युवकों ने अपने पास ट्रांसफर कर लिया था। वे अब जांच के दायरे में हैं। दैनिक भास्कर के हाथ लगे इन वीडियो की संख्या 6 से ज्यादा है। कुछ छोटी क्लिप्स को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश वीडियो 20 से 25 मिनट लंबे हैं। इन वीडियो की पड़ताल करने पर साफ हुआ कि आरोपी द्वारा शिकार बनाई गई सभी लड़कियां इसी क्षेत्र की हैं। वे एक खास तबके से हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि आरोपी ने टारगेट कर लड़कियों को फंसाया। पीड़ित के भाई ने मंगलवार को केस दर्ज कराया। लड़की ने पुलिस के सामने बयान दिया है। बांके धाम पहाड़ी बनी अपराधियों का ठिकाना ​दैनिक भास्कर की टीम ने बांके धाम घटनास्थल और उसके आसपास के इलाके का निरीक्षण किया तो सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। यह पूरा क्षेत्र ऊंची पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा हुआ है। दोपहर में भी यह पहाड़ी पूरी तरह सुनसान रहती है। शाम ढलते ही यहां अंधेरा पसर जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहाड़ी की बड़ी-बड़ी चट्टानें, घनी झाड़ियां और पेड़ों की ओट अपराधियों और मनचलों के लिए महफूज ठिकाना बन गई हैं। स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं इस रास्ते गुजरने में असुरक्षित महसूस करती हैं। मुफ्त में मोमो खिलाकर लड़कियों को फंसाता था रेहान ​मामले की गहराई में जाने पर दैनिक भास्कर को आरोपी के तौर-तरीकों के बारे में पता चला। उसे ठीक से जानने वाले एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि रेहान पहले एक मोबाइल दुकान में काम करता था। इससे उसे डिजिटल टूल्स की अच्छी समझ हो गई थी। बाद में उसने बांके बाजार में अपने मामा के साथ मिलकर मोमो का एक ठेला लगाना शुरू किया। ​ठेले पर वह सोची-समझी रणनीति के तहत काम करता था। अगर दुकान पर लड़के और लड़कियां दोनों आते तो वह लड़कों को नजरअंदाज कर पहले लड़कियों को मोमो सर्व करता था। वह स्कूल और कोचिंग में पढ़ने वाली कई लड़कियों को मुफ्त में मोमो खिलाता था। यही मुफ्त के मोमो आगे चलकर लड़कियों से बातचीत शुरू करने और उनका नंबर हासिल करने का जरिया बनते थे। इसके अलावा, उस पर रील्स बनाने और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने की सनक सवार थी। ​रेहान के पिता बोले- बेटे को कोर्ट में सरेंडर कराने की कोशिश में हूं ​भास्कर टीम ने आरोपी के पिता दुखन अंसारी से बातचीत की। दुखन पेशे से दर्जी हैं। बेहद तंगहाली में किसी तरह अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरी 11 औलादें जीवित हैं (एक की मृत्यु हो चुकी है), जिनमें 8 लड़के और 3 लड़कियां हैं। रेहान मेरा सबसे छोटा बेटा है। मेरे दो बेटे मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। बाकी सब बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। उन्होंने कहा, ‘रेहान मोमो का ठेला जरूर लगाता था, लेकिन उसने कभी घर में एक धेला कमाकर नहीं दिया। उसे बस मोबाइल और रील बनाने का चस्का था। मुझे इस गंदे काम के बारे में जानकारी नहीं थी। इस घटना के बाद से उसका मामा भी फरार है। मुझे पता चला है कि रेहान फिलहाल दिल्ली में छिपा है।’ ‘मैं अपने रिश्तेदारों के माध्यम से उसपर दबाव बना रहा हूं, ताकि उसे जल्द से जल्द कोर्ट या थाने में सरेंडर कराया जा सके।’ इस बीच, जांच में यह भी सामने आया है कि रेहान के एक बड़े भाई ने भी क्षेत्र की ही एक अन्य समुदाय की लड़की से विवाह किया था और वे दोनों भी राज्य से बाहर रहते हैं। अचानक गायब हुए पीड़ित के परिजन, ​कमरे से मिली लाइब्रेरी की पर्ची ​दैनिक भास्कर की टीम पीड़ित के किराए के मकान पर पहुंची। वहां सन्नाटा पसरा मिला। पता चला कि घटना के बाद सोमवार को ही पीड़ित के परिजन आनन-फानन में कमरा खाली करके कहीं चले गए हैं। मकान मालिक घर पर नहीं थे। उसी मकान में रहने वाले अन्य किरायेदारों ने बताया कि लड़की करीब डेढ़ महीना पहले आई थी। मकान में उसका व्यवहार बेहद सामान्य और शालीन था। उसकी कोई गतिविधि संदिग्ध नहीं लगती थी। कमरे की तलाशी के दौरान भास्कर टीम को जमीन पर गिरी एक फटी हुई पर्ची मिली। यह पर्ची स्थानीय एक लाइब्रेरी की थी। जहां वह 400 रुपए मासिक फीस देकर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ती थी। वीडियो की हो रही फोरेंसिक जांच, सख्त कार्रवाई होगी बांके बाजार के थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि पुलिस अत्यंत संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम कर रही है। पीड़ित का कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बीती रात भी आरोपी के घर और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। उन्होंने कहा, ‘आरोपी के मोबाइल से मिले वीडियो को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL भेजा जा रहा है। हमारी जांच का मुख्य बिंदु यह भी है कि इन अश्लील वीडियो को बनाने के पीछे आरोपी का उद्देश्य क्या था? क्या यह सिर्फ ब्लैकमेलिंग था या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है?’ ————————- ये खबर भी पढ़िए… भोजपुर में झारखंड की लड़की का मर्डर:पिता बोले- बॉयफ्रेंड से मिलने आई थी, हत्या कर के बॉडी खेत में फेंकी; इंस्टाग्राम से शुरू हुआ अफेयर भोजपुर में झारखंड की 19 साल की लड़की की हत्या हुई है। 29 जून को उसकी लाश खेत में मिली थी। मृतका गुलाबी मंडल की बेटी अंजू कुमारी है। पिता गुलाबी मंडल ने बताया कि 2 महीने पहले इंस्टाग्राम पर बेटी सीटू यादव नाम के लड़के के संपर्क में आई थी। सीटू ने ही बुलाकर बेटी की हत्या की। उसका गला रेत दिया है। अंजू की लाश सोमवार की सुबह भोजपुर के चरपोखरी थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव में मिली थी, जो सड़ी-गली हुई थी। उस वक्त पहचान नहीं हो पाई थी। 30 जून को पुलिस को पता चला कि लड़की झारखंड के गोड्‌डा के हरवाड़ा थाना क्षेत्र के विश्वास रवानी गांव की रहने वाली है। पूरी खबर पढ़िए

चार मर्डर के बाद चश्मदीद मासूम को मारने दौड़े हत्यारे:जिस जमीन के लिए जानें लीं, वह 17 साल से बंजर पड़ी, पार्ट-2

पाली से 15 किमी दूर इद्रको की ढाणी गांव के बाबू खान उर्फ उस्मान गनी, उसके भाई शरीफ खान और दोनों बेटे साबिर मोहम्मद व लाल मोहम्मद की हत्या का चश्मदीद गवाह था 10 साल का बच्चा। मासूम शरीफ खान (मृतक) का बेटा है, जिसे घटना वाले दिन 19 जुलाई, 2009 को उसकी मां ने खेत पर भेजा था। असल में आरोपी शकूर खान व उसके चारों बेटों ने बाबू व उसके भाई शरीफ को जमीन पर पैर रखने पर जिंदा नहीं छोड़ने की धमकी दी थी। घटना वाले दिन इन पांचों आरोपियों को शरीफ की पत्नी ने हथियारों से लैस होकर खेत की जमीन पर जाते हुए देखा था। उसका पति शरीफ व जेठ बाबू खान और जेठ के दोनों लड़के भी खेत पर गए थे। ऐसे में अनहोनी की आशंका में शरीफ की पत्नी ने अपने सबसे छोटे बेटे को उनके पीछे यह जानने के लिए भेजा था कि कहीं वहां लड़ाई-झगड़ा तो नहीं हो रहा। खेत में अपनों को तड़पते हुए मासूम में देखा पुलिस की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मासूम जब खेत पर गया तो वहां शकूर खान व उसके चारों बेटे कत्लेआम मचा रहे थे। मासूम के पिता शरीफ, ताऊ बाबू खान व उनके दोनों बेटे साबिर व लाल मोहम्मद खेत में पड़े तड़प रहे थे। उनका शरीर खून से लथपथ था और आरोपी उनके मुंह में तेजाब से भरी पिचकारी उड़ेल रहे थे। 10 साल के बच्चे के पीछे दौड़े हत्यारे यह देख मासूम सिहर उठा और वापस गांव जाने के लिए मुड़ा। मगर उसी समय आरोपियों ने मासूम को देख लिया। वे लोग बोल रहे थे कि इस बच्चे को भी मार कर खेत में इनके बीच पटक दो। आरोपी मासूम को पकड़ने के लिए दौड़े। मासूम सड़क पर बदहवास दौड़ रहा था। इतने में उधर से जेसीबी लेकर गुजर रहे ड्राइवर की नजर खेत पर पड़े लोगों व मासूम के पीछे दौड़ रहे आरोपियों पर पड़ी। जेसीबी ड्राइवर ने बचाई जान जेसीबी ड्राइवर ने तुरंत जेसीबी का अगला बकेट नीचे किया और मासूम को उसमें बैठा लिया। इसके बाद ड्राइवर ने बकेट ऊपर किया और मासूम को लेकर जेसीबी की स्पीड बढ़ा दी। ड्राइवर ने गांव के पास मासूम को सुरक्षित उतारा, जिसने घर जाकर पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार की महिलाएं ग्रामीणों को लेकर मौके पर पहुंची। तब जाकर पुलिस को इस सामूहिक हत्याकांड की सूचना मिली। कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा मामले में 20 जुलाई, 2009 को आरोपी शकूर खान के साथ उसके पुत्र शहाबुदीन व कालू खान को पुलिस ने अरेस्ट किया। 25 जुलाई को आरोपी पिता-पुत्रों को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा (ज्यूडिशियल कस्टडी) में जेल भेज दिया गया। 27 जुलाई, 2009 को आरोपी शकूर के बेटे रहीमबक्स व उस्मान खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे भी बाद में न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। 26 सितंबर, 2009 को जांच अधिकारी एवं तत्कालीन एसएचओ पारस चौधरी ने कोर्ट में पांचों आरोपियों के खिलाफ जांच पूरा कर कोर्ट में चालान पेश किया। 6 अक्टूबर 2016 को पाली में अपर एवं सेशन न्यायालय ने पांचों को दोषी ठहराते हुए हत्याकांड को ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ केस मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। आजीवन कारावास में बदली सजा 2023 में राजस्थान हाईकोर्ट ने पाली में एडीजे कोर्ट की ओर से भेजे गए डेथ रेफरेंस तथा आरोपियों की अपील निस्तारित करते हुए पांचों आरोपियों को दी गई फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। जघन्य अपराध का क्राइम स्पॉट और भी डरावना था: तत्कालीन एसपी तत्कालीन पाली एसपी और वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) जयपुर डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि मैं उस घटना को कभी नहीं भूल पाऊंगा। घटनास्थल बहुत ही डरावना और दिल झकझोर देने वाला था। हमने सभी फैक्ट और सबूत को शामिल कर दो माह में ही कोर्ट में चालान पेश कराया। साथ ही इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सबूत पेश किए। सीनियर एडवोकेट एवं इस केस के स्पेशल पीपी कमलेश दवेरा ने बताया कि मामले में राज्य सरकार ने पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी के लिए 2009 में मुझे स्पेशल लोक अभियोजक नियुक्त किया था। 2016 में फैसला देते समय न्यायालय ने मामले में अपराध की प्रकृति और प्रवृत्ति को भी ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ माना है। उस समय तक यह प्रदेश का पहला मामला था, जिसमें एक साथ 5 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। जमीन पड़ी बंजर, 17 साल से झाड़ियां नहीं कटी रोहट के इंद्रको की ढाणी के निकट सरदार समंद-पाली रोड पर जिस 12 बीघा जमीन के लिए आज से 17 साल पहले 2009 में दो परिवारों में जंग हुई, वो बंजर पड़ी है। बाबू खान व उसके दोनों बेटों की जान गई। बाबू खान के छोटे भाई शरीफ का भी कत्ल हुआ। अब बाबू खान (मृतक) के परिवार में सिर्फ महिलाएं ही रह गई हैं। उसके दोनों बेटे की भी आरोपियों ने बलि ले ली। परिवार खत्म हो गया। शरीफ (मृतक) का बेटा भी अब 27 साल का हो गया, जो अपने पांचों भाइयों के साथ मुंबई में शिफ्ट हो चुका है। उसके पांचों भाई घटना वाले दिन भी घर से बाहर ही थे। इधर, जमीन के लिए अपने सगे दोनों ममेरे भाई बाबू व शरीफ समेत 4 लोगों की जान लेने वालों का परिवार भी टूट गया। कत्लेआम करने के बाद शकूर खान व उसके चारों बेटों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया। उसके दो बेटे और हैं, लेकिन वे घटना के पहले से ही गांव से बाहर थे। पांचों आरोपी पिता-पुत्रों के परिवार के लोग गांव से पलायन कर गए थे। पाली-सरदार समंद रोड पर भांगेसर सरहद में स्थित झगड़े की जड़ माने जाने वाली वह जमीन अब बंजर हो चुकी है। घटना के बाद 2009 से मृतक परिवार के लोगों ने भी इस जमीन पर पैर नहीं रखे। अंग्रेजी बबूल की झाड़ियों का झुरमुट इस जमीन में नजर आता है। गांव वाले भी इस जमीन की ओर जाने से कतराते हैं। पशुपालक व चरवाहे भी जमीन में भूलकर भी मवेशियों को नहीं जाने देते हैं। 1 परिवार के 4 की हत्या,पानी मांगा तो तेजाब पिलाया:6 बीघा जमीन के लिए हथियारों से काटा, ट्रैक्टर से कुचला, पार्ट-1

हिमाचल में पहाड़ी से पत्थर गिरने से महिला की मौत:भारी बारिश से मनाली-काजा और चंबा-तीसा हाईवे बंद, कल से अगले 72 घंटे हेवी रेनी

हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एंट्री के साथ ही बारिश ने तबाही मचाना शुरू कर दिया है। मंडी के ओट में आज सुबह शनि मंदिर के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। नालागढ़ की महिला अपने परिवार के साथ कार में सफर कर रही थी। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर वह उल्टी करने के लिए कार से नीचे उतरी, तभी ऊपर से अचानक पत्थर गिरा और उससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं राज्य के कई भागों में बीती शाम से ही भारी बारिश हो रही है। कांगड़ा के नगरोटा सूरिया में बीती रात में सबसे ज्यादा 102.5 मिमी और घमरोर में 95.2 मिमी बारिश हुई। चंबा में भी सुबह से भारी बारिश हो रही है। इससे चंबा-तीसा हाईवे समेत क्षेत्र की कई सड़कें अवरुद्ध हो गई। लाहौल स्पीति में बर्फ तेजी से पिघलने के बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। इससे मनाली-काजा एनएच चिचोंग-खोलकसा के पास आज सुबह बंद हो गया। यहां पानी की निकासी को लगाए कलवट बंद होने से सड़क टूट गई। जिस्पा क्षेत्र में भी बीती रात पानी के तेज बहाव के साथ भारी मलबा सड़क पर आ गया। इससे मनाली-लेह और मनाली-जांस्कर मार्ग पूरी तरह बंद हो गए। कुछ गाड़ियां भी फंस गई। बीआरओ ने रात 12 बजे के बाद पानी का वाटर लेवल कम होने के बाद हाईवे को बहाल किया। जहालमा नाले में भी बाढ़ के बाद लोग जान जोखिम में डालकर नाले को पार कर रहे हैं। किसान अपनी फसल लेबर के जरिए नाले से पार निकाल रहे हैं। रामपुर में टूटा टैम्परेरी पुल शिमला के रामपुर के गानवी में बीती रात को तेज बारिश के बाद टैम्परेरी पुल टूट गया। इससे तीन पंचायतों का संपर्क कट गया है। शिमला में भी सुबह सवा 10 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जबकि मंडी, कुल्लू और हमीरपुर के कई भागों में भी सुबह से बूंदाबांदी जारी है। 44 सड़कें और 254 बिजली ट्रांसफॉर्मर बंद राज्य में बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश के बाद 44 सड़कें और 254 बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए। मंडी में सबसे ज्यादा 28 और कुल्लू जिला में 14 सड़कें अवरुद्ध है। राज्य में अगले छह दिन बारिश की चेतावनी मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- प्रदेश में अगले छह दिन तक बरिश जारी रहेगी। आज भी किन्नौर, लाहौल स्पीति और कुल्लू को छोड़कर अन्य सभी जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। किन्नौर और लाहौल स्पीति जिला में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान चलने की चेतावनी दी गई है। आज रात से वेस्टर्न डिस्टरबेंस ज्यादा स्ट्रांग होगा। इसे देखते हुए अगले 72 घंटे तक (2 से 4 जुलाई) राज्य के मैदानी व मध्यम ऊंचाई वाले भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया गया है। नदी-नालों और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की एडवाइजरी मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और ऊंचाई वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। मानसून के दौरान पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की भी हिदायत दी गई है। अभी इन जिलों में पहुंचा मानसून मौसम विभाग के अनुसार- मानसून पूरे किन्नौर जिले के साथ-साथ कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश इलाकों को कवर कर चुका है। शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा जिलों के कुछ हिस्सों में भी मानसून की एंट्री हो गई। तापमान 4 से 5 डिग्री गिरेगा IMD के अनुसार- राज्य में अगले 3-4 दिनों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री और अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस गिरेगा। अभी ज्यादातर शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।