सवाई माधोपुर में 6 जुलाई तक दस्तक देगा मानसून:मौसम विभाग ने 2-4 जुलाई तक आंधी का अलर्ट किया जारी

सवाई माधोपुर जिले में बारिश का दौर 6 जलाई तक शुरू होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 2 से 4 जुलाई के बीच पूर्वी जिलों में तेज धूलभरी हवा चलने और अंधड़ आने का अलर्ट भी जारी किया है। जिसका असर सवाई माधोपुर जिले पर भी दिखाई देगा। इससे पहले यहां मंगलवार को पूरे दिन मौसम सुहावना रहा। इस दौरान यहां आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाएं चलती रही। जिससे मौसम में ठंडक घुली रही। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 2 या 3 जुलाई को मानसून प्रवेश कर सकता है। इसके प्रभाव से उदयपुर, कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में 2 जुलाई से ही आंधी-बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। 3 से 6 जुलाई के दौरान राज्य के कुछ और हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। सवाई माधोपुर में 6 जुलाई तक पहुंचेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार सवाई माधोपुर में मानसून 6 जुलाई तक दस्तक देगा। जिससे लोगों को तेज गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। वहीं मंगलवार को सवाई माधोपुर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

जगन हत्याकांड को सुसाइड रूप देने की कोशिश:बैरक में पंखे से लटका मिला गमछा; रिकॉर्डिंग से बचने के लिए CCTV पर टूथपेस्ट लगाया

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की जिस गमछे से गला घोंटकर हत्या की गई, वह पंखे पर लटका मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद आरोपी विष्णु जाट ने उसे सुसाइड का रूप देने का प्रयास किया था, लेकिन जगन के भारी भरकम शरीर के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। जेल प्रशासन के मुताबिक, पंखा 13 फीट ऊपर है और ऐसे में किसी को लटकाना तो दूर की बात, कोई खुद भी नहीं लटक सकता। गमछे के पंखे पर मिलने के कारण इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि विष्णु ने ऐसा सोचा हो। दोनों के बीच कोई विवाद नहीं था और न ही कोई पहले से प्लानिंग थी, लेकिन आपत्तिजनक टिप्पणी से खफा होकर विष्णु ने आवेश में यह कदम उठाया। कैमरे पर लगाया था टूथपेस्ट जेल में कुल 315 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसमें से 280 कैमरे पूरी तरह से चल रहे हैं। इसमें जेल की सभी गतिविधियों को देखा जा सकता है। अन्य कैमरे तकनीकी खराबी या छेड़छाड़ करने से बंद हैं। जगन के ब्लॉक का कैमरा भी सही है। इसमें दोनों की गतिविधियों को देखा गया है, जबकि उसकी सेल में लगे कैमरे में टूथपेस्ट जैसा सफेद पदार्थ लगा है। हालांकि कैमरा चालू है। ब्लॉक के फुटेज से स्पष्ट है कि उसके (जगन गुर्जर) सेल में और कोई नहीं गया। तीन मिनट में थमी जगन की सांसें डकैत जगन गुर्जर की मौत गले और गर्दन पर गंभीर दबाव पड़ने से हुई। छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की ओर से किए गए पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया कि ज्यादा दबाव से उसकी गर्दन की हड्डी (हायोड बोन) टूट गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में गर्दन के बीच वाले हिस्से में अंदरूनी रक्तस्राव (हेमरेज) मिला। सांस नली (ट्रेकिया) और भोजन नली (इसोफेगस) के आसपास भी गंभीर चोट के संकेत मिले हैं। गर्दन की महत्वपूर्ण हड्डी और आसपास के ऊतकों को भी नुकसान पहुंचा था। प्रारंभिक मेडिकल निष्कर्षों के अनुसार घटना के बाद 3 ​मिनट में जगन की सांसें थम गईं। हालांकि मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति की मौत कितनी देर में होगी, यह चोट की प्रकृति, दबाव की तीव्रता और उसकी शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। अंतिम राय एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजी की रिपोर्ट मिलने के बाद दी जाएगी। जगन के नाखूनों के नमूने सुरक्षित कर एफएसएल को भेजे गए हैं। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। वह धौलपुर के डांग के भवुतीपुरा का रहने वाला था। आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर हत्या की थी। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। हत्या के बाद विष्णु ने खुद बाहर आकर कबूल कर लिया। जगन के भाई पप्पू गुर्जर को मंगलवार देर रात करीब एक बजे पुलिस सुरक्षा के बीच अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से धौलपुर रवाना कर दिया गया। पप्पू अपने भाई जगन के अंतिम संस्कार में शामिल होगा। ———— ये खबरें भी पढ़िए… 1- छावनी बना डकैत जगन का गांव, 9 थानों की पुलिस तैनात; धौलपुर में होगा अंतिम संस्कार कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में कुछ ही देर में होगा। जगन के पैतृक गांव में इसकी तैयारियां चल रही हैं। सुबह करीब साढ़े सात बजे जगन का शव गांव पहुंचा। गांव में 9 थानों की पुलिस तैनात है। पढ़ें पूरी खबर… 2- अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या, कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। पढ़ें पूरी खबर…

नाबालिग से गैंगरेप, 3 होटलों पर चला बुलडोजर:पुलिस को बंधक मिली थी; संचालक समेत 14 आरोपी गिरफ्तार

श्रीगंगानगर में 13 साल की नाबालिग से हुए गैंगरेप मामले में आखिरकार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन होटलों को तोड़ दिया। बुधवार सुबह करीब 3:30 बजे पुलिस और प्रशासन की भारी मौजूदगी में जेसीबी व हाइड्रोलिक मशीनें मौके पर पहुंचीं और होटल खुंगर, जॉय इन तथा होटल सफायर को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। अब पढ़िए … सिलसिलेवार घटनाक्रम 1. छापेमारी में होटल से बंधक मिली थी नाबालिग 23 जून को पुलिस ने शहर के एक होटल में छापेमारी की थी। इस दौरान 13 साल की नाबालिग लड़की बंधक अवस्था में बरामद हुई। शुरुआती जांच में सामने आया कि होटल संचालक और मैनेजर उसे होटल में रखकर अन्य लोगों को बुलाते थे और गैंगरेप करवाते थे। 2. रिक्शा चालक ने होटल संचालकों को बेचा, शहर में फूटा गुस्सा पीड़िता ने पुलिस को बताया कि एक रिक्शा ड्राइवर उसे होटल संचालकों के पास बेच गया था। घटना सामने आने के बाद पूरे शहर में आक्रोश फैल गया। लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन किए। बढ़ते जनदबाव के बाद प्रशासन ने तीनों होटलों पर बुलडोजर कार्रवाई की। 3. तड़के भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान बुधवार तड़के हुई कार्रवाई के दौरान एसडीएम नयन गौतम, एएसपी दीपक शर्मा, सीओ सिटी विष्णु खत्री, कोतवाल सहित 50 से अधिक पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। 4. अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी एसपी हरी शंकर ने बताया – मामले में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस की जांच जारी है और जो भी इस मामले में आरोपी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में कुछ ही देर में होगा अंतिम संस्कार, तीनों भाइयों का किया जा रहा इंतजार

कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में कुछ ही देर में होगा। जगन के पैतृक गांव में इसकी तैयारियां चल रही हैं। सुबह करीब साढ़े सात बजे जगन का शव गांव पहुंचा। गांव में 9 थानों (सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा, मनिया) की पुलिस तैनात है। एएसपी श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार खुद चप्पे-चप्पे पर नजर रख रहे हैं। उधर, जगन गुर्जर की मौत गले और गर्दन पर गंभीर दबाव पड़ने से हुई। छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की ओर से किए गए पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया कि अत्यधिक दबाव से उसकी गर्दन की हड्‌डी (हायोड बोन) टूट गई। इसी से उसकी मौत हुई। पोस्टमॉर्टम में गर्दन के बीच वाले हिस्से में अंदरूनी ब्लीडिंग (हेमरेज) मिली। सांस की नली (ट्रेकिया) और भोजन नली (इसोफेगस) के आसपास भी गंभीर चोट के संकेत मिले हैं। शुरुआती जांच में यही सामने आया कि 3 मिनट में उसकी सांसें थम गई थीं। 29 जून को अजमेर जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। इसके बाद परिवार वाले धरने पर बैठ गए थे। मंगलवार को परिवार वालों के साथ सहमति बनने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम अजमेर में कराया गया था। जगन गुर्जर के गांव की PHOTOS… जगन हत्याकांड को सुसाइड रूप देने की कोशिश:बैरक में पंखे से लटका मिला गमछा; रिकॉर्डिंग से बचने के लिए CCTV पर टूथपेस्ट लगाया आठ मर्डर, वारदात के बाद खोया-पनीर खाता था जगन गुर्जर:महिला डकैत के लिए सरेंडर, पत्नी को लड़वाया था विधानसभा चुनाव; डकैत की क्राइम कुंडली पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…

राजस्थान का हॉस्पिटल… डॉक्टर नहीं, रेडियोलॉजिस्ट इलाज करता है:गहलोत से कहा- जब से आप गए हैं..; 'खास मुखौटा' लगाकर आया चोर

नमस्कार, मोदीजी का मुखौटा लगाए हुए एक चोर CCTV में कैद हो गया। कविराज ने अशोक गहलोतजी को कविता सुनाई, जिसका उनवान यानी शीर्षक था- जब से आए गए हैं। अजमेर और नावां के अस्पतालों के हालात देखकर लगता है कि ढर्रा सुधरा नहीं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. चेहरे पर कपड़ा ही बांध लेते चोर महोदय आपको चेहरा ही छुपाना था तो मुंह पर कपड़ा बांध जाते। वह भी मंजूर नहीं तो मार्केट में एक से बढ़कर एक मास्क आए हुए हैं। उदयपुर वाले चोरों से सबक लेते। उन्होंने लंगूर का मुखौटा लगाकर चोरी की कोशिश की थी। लेकिन यह क्या? आपने मोदीजी का मुखौटा लगाकर ताला तोड़ने की कोशिश की। कोशिश ही नहीं की बल्कि कामयाब हो गए। 35 मोबाइल चुरा ले गए। आपने चोरी को राजनीतिक रंग में रंग दिया। अब मार्केट में चोरी से ज्यादा आपके मुखौटे की चर्चा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि आप उनके जबरा फैन हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह विरोधियों की साजिश है। हकीकत क्या है, यह तो तब पता चलेगा, जब आप पकड़े जाओगे और पुलिस डंडा फटकार पर पूछेगी- चोरी करने के लिए यही एक मुखौटा रह गया था? 2. पूर्व CM को सुनाई कविता कविराज ने मंच पर ही पर्चा खोल लिया। इस पर्चे से कविता लीक हुई। कविराज पूर्व मुखियाजी (अशोक गहलोत) की मौजूदगी से उत्साहित थे। कविता का उनवान था- जब से आए गए हैं। कविराज ने सुनाया- RGHS बंद है..जब से आए गए हैं। जनसेवा महज कविता का एक छंद है..जब से आप गए हैं। मुफ्त इलाज हो गया नानी-दादी की कहानी। प्रसूताओं को इंजेक्शन में लगाया जा रहा पानी। जब से आप गए हैं, जब से आप गए हैं। पूर्व मुखियाजी मंत्रमुग्ध होकर अपनी ‘विदाई’ की तुकबंदी सुनते रहे। कविराज का फोकस व्यवस्था की ओर था। लेकिन बारम्बार वे ‘गए हैं-गए हैं’ कहकर पूर्व मुखियाजी का दर्द कुरेदते रहे। वैसे पूर्व मुखियाजी जब मुखिया थे, तब कुछ लोग ‘मानेसर’ भी चले गए थे। मुखियाजी भी तब से आज तक कविता की तरह वे लाइनें दोहराते हैं- जब से आप गए हैं…जब से आप गए हैं। 3. चलते-चलते तो भैया कुल मिलाकर बात ये है कि हेल्थ विभाग की हालत पतली चल रही है। बीकानेर में तो विरोधियों ने कलेक्ट्रेट घेर लिया। टीकाराम जूली ने कहा- ये क्या व्यवस्था है? मजाक बना रखा है? अब सरकार शेखावाटी के लिए पानी लाने का रास्ता बना लाई तो उन्हें भी घेरने के लिए कुछ चाहिए। बाकी हेल्थ डिपार्टमेंट का यकीनन किसी की नजर लग गई है। बात अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल की है। यहां इमारत नई बन गई, लेकिन नर्सिंग स्टाफ का ढर्रा वही पुराना है। अटेंडेंट से एक महिला नर्सिंगकर्मी अबे-तबे करते हुए नजर आई। वह नंबर लगाकर बैठा था। लेकिन चौथा नंबर काफी देर से चौथे पर ही रुका था। कृपा कहां अटकी है, वह समझ नहीं पाया। समझने के लिए उसने स्टाफ से शिकायत की तो वह गरजी- तेरे जैसे यहां 315 आते हैं। बदतमीजी से बात करती महिला कर्मचारी ने अटेंडेंट से कहा- तमीज से रहो। ये हालात तो नई इमारत के थे। अब नए जिले की सुनो। डीडवाना-कुचामन जिले में नावां के सरकारी हॉस्पिटल की बात है। पत्रकार साहब पीक आवर्स में हॉस्पिटल पहुंच गए। वहां देखा कि मरीज डॉक्टर के इंतजार में बैठे हैं। फलां डॉक्टर साहब की कुर्सी- खाली। फलां डॉक्टर महोदय- गायब। फलां डागडर जी- नदारद। पत्रकारजी उस दिशा में बढ़े, जहां CMO बैठा करते हैं। CMO साहब की कुर्सी भी खाली। हालांकि उन्हीं की टेबल पर बराबर की कुर्सी पर एक डॉक्टर साहब मरीजों को चेक कर रहे थे। दवा की पर्ची लिख रहे हैं। उन्हें देख पत्रकार साहब भौचक्के रह गए, क्योंकि मरीज देख रहे साहब डॉक्टर नहीं, बल्कि रेडियोलॉजिस्ट थे। इनपुट सहयोग- मनीष जैन (भीलवाड़ा), प्रकाश तंवर (नागौर), भरत मूलचंदानी (अजमेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

सिया-केतन के वेडिंग फंक्शन का VIDEO:'बस आज की रात है जिंदगी' गाने पर झूमा था परिवार; आज आरोपी चेतन को किला ले जाया गया

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर मामले में पुलिस आरोपी और सिया गोयल के प्रेमी चेतन चौधरी को लोगगढ़ किला ले गई। यहां उसका गेट एनालिसिस हुआ। दरअसल, 18 जून को हत्या के दिन पुलिस को CCTV फुटेज मिला था। इसमें एक शख्स हुडी में जाता दिखा। पुलिस को अंदेशा है कि यह सिया का प्रेमी चेतन है। आज सुबह चेतन को किले पर चलाकर देखा गया। उसकी हुडी पहनने की स्टाइल और बॉडी लैंग्वेंज रिकॉर्ड की गई। अब इसका फुटेज से मिलान किया जाएगा। उधर, सिया और चेतन की प्री-वेडिंग के एक फंक्शन का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पूरा परिवार ‘बस आज की रात है जिंदगी, कल हम कहां तुम कहां” पर डांस करते दिख रहे हैं। इस वीडियो में केतन हैं, लेकिन सिया नहीं दिख रही है। आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी फिलहाल पुलिस कस्टडी में हैं। चेतन को लोहगढ़ किला ले जाने की 2 फोटोज आरोपी चेतन का गेट एनालिसिस हुआ केतन का मर्डर 18 जून को हुआ था। किले के सीसीटीवी में हुडी में एक युवक नजर आया था। दावा है कि यह चेतन था, जिसने अपना चेहरा छिपा रखा था। पुलिस सीसीवीटी फुटेज में नजर आ रहे शख्स और चेतन की चाल, बॉडी लैंग्वेज को मैच कराकर देखेगी, इसी टेस्ट को गेट एनालिसिस कहा जाता है। प्री-वेडिंग फंक्शन: सिंगर रीतू शर्मा ने पोस्ट किया पुलिस के 3 और दावे, इशारा मिलते ही केतन को धक्का दिया हत्या से 6 दिन के अंदर आरोपी अरेस्ट 18 जून को केतन की हत्या से छह दिन के अंदर पुलिस ने आरोपी सिया और चेतन को अरेस्ट कर लिया। जांच के दौरान दोनों आरोपी एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पुलिस दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर चुकी है। 31 मई को मर्डर का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर 31 मई को लोहगढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान सिया के मन में कथित तौर पर केतन की हत्या का प्लान आया। 5 जून को उसने दोबारा किले पर चलने का दबाव बनाया, लेकिन केतन नहीं माना। 6 जून की बाली ट्रिप रुकवाने के लिए सिया ने उसका पासपोर्ट भी छिपा दिया। 14 जून को पुलिस के अनुसार सिया ने लोहगढ़ किले पर केतन को धक्का देने की कथित कोशिश की, लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से वह बच गया। सिया ने इसे सांप से बचाने की कोशिश बताया और केतन ने भी परिवार को यही बात बताई। 18 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने सिया केतन को फिर लोहगढ़ किले ले गई। आरोप है कि वहां सह-आरोपी चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसे खाई में धक्का दे दिया, जबकि अगले दिन 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में रिजॉर्ट बुक किया था। ——————- ये खबर भी पढ़े… पुणे मर्डर- क्या हुडी में दिखा व्यक्ति चेतन ही था:पुलिस चलने का तरीका जांचेगी, सिया का केस लड़ने पर 2 वकीलों का दावा पुपुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस आरोपी चेतन चौधरी का गेट एनालिसिस करेगी। गेट एनालिसिस यानी पुलिस चेतन के चलने का तरीका, बॉडी मूमेंट, कदमों की लंबाई की जांच करेगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि दावा है कि 18 जून को (मर्डर वाले दिन) लोहगढ़ फोर्ट पर हुडी पहने दिखा युवक चेतन ही था। पूरी खबर पढ़ें…

चंडीगढ़ के रास्ते पंजाब में मानसून की एंट्री:कल तक पूरे प्रदेश को कवर करेगा; 3 जिलों में तेज बारिश, सड़कों पर 4 फीट पानी भरा

चंडीगढ़ से होते हुए मानसून की पंजाब में एंट्री हो गई है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, पहले यह 30 जून को चंडीगढ़ पहुंचना था, लेकिन एक दिन की देरी से आज पहुंचा। मानसून का रूट पिछले 5 सालों से एक जैसा है। यह उत्तर प्रदेश के रास्ते हरियाणा के ऊपरी जिलों अंबाला-पंचकूला से चंडीगढ़ में प्रवेश किया और फिर पंजाब के रोपड़, होशियारपुर, पठानकोट की तरफ निकला। सुबह के वक्त चंडीगढ़, गुरदासपुर, पठानकोट और मोहाली में भी जमकर बारिश हुई। जबकि कई जगह बालद छाए रहे। पठानकोट में करीब 5 घंटे हुई बारिश के बाद शहर में सड़कों पर करीब 3 से 4 फीट तक जगह-जगह पानी भर गया। इसक अलावा खड्डी नाला उफान पर आ गया, जिससे पानी पुल के ऊपर से जाने लगा। जालंधर में आंधी से कोर्ट रोड पर सफेदे का पेड़ गाड़ियों पर गिर गया। इससे 2 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूरे पंजाब और चंडीगढ़ में यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के बाद के PHOTOS… बाकी जिलों में गुरुवार तक पहुंचेगा मानसून मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, पंजाब के बाकी जिलों में भी गुरुवार तक मानसून पहुंचने की संभावना है। पठानकोट और पंजाब के दूसरे इलाकों में जो बारिश हो रही है, उसकी वजह एक एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस है। जो पाकिस्तान की तरफ से उठा था। बारिश के चलते औसत अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, पंजाब का औसत तापमान अब भी सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। मंगलवार को फरीदकोट राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल क्या बोले? सवाल- चंडीगढ़ और पंजाब में अभी मानसून की क्या स्थिति है?
जवाब: मानसून आज चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर गया है और अभी बारिश भी हो रही है। खासकर जहां मानसून ने प्रवेश किया है, वह नॉर्थ-ईस्टर्न बेल्ट है, जैसे करनाल, गुरदासपुर और जम्मू। यह पूरा ईस्टर्न बेल्ट है। अगले दो से तीन दिनों में यह पंजाब और हरियाणा के बाकी हिस्सों में भी पहुंच जाएगा। 5 और 6 जुलाई को तेज बारिश होने की संभावना है। सवाल- पिछले दो-तीन साल की तुलना करें तो मानसून कैसा रहने वाला है?
जवाब: मानसून पिछले साल से कम रहने की संभावना है। सवाल- पठानकोट में पहले बारिश हो रही थी, क्या मानसून पहले वहां पहुंच गया था?
जवाब: मानसून की हवाएं वहां नहीं थीं। आज मानसून प्रतीत हो रहा है। काले बादल हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पहले पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश हो रही थी। 5 और 6 जुलाई में तेज बारिश होगी। सवाल- मानसून का रूट क्या रहा
जवाबः मानसून दक्षिण से आता है। वेस्ट यूपी की तरफ से पहले बिहार, यूपी, हिमाचल, उत्तराखंड, वेस्ट यूपी के कुछ हिस्सों, हरियाणा, करनाल और पानीपत तक पहुंचता है। धीरे-धीरे यह आगे बढ़ेगा। अब जम्मू की तरफ जाएगा। फिर पंजाब और हरियाणा के बाकी हिस्सों को कवर करेगा। मौसम से जुड़े अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

राजस्थान- 48 घंटे में पहुंचेगा मानसून, 24 जिलों में अलर्ट:3 दिन तक अंधड़ की भी चेतावनी, जुलाई में सामान्य से कम बरसात की आशंका

राजस्थान में इस साल साल मानसून 8 दिन की देरी से अगले 48 घंटे में पहुंचने की संभावना है। एक्सपर्ट का दावा है कि 13 साल में ये तीसरा मौका है, जब मानसून जुलाई में एंट्री करेगा। इसके प्रभाव से कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि 6 जुलाई तक राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। इस साल जुलाई महीने में राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश होने की आशंका है। मानसून के पहुंचने से पहले आज भी 24 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। अगले तीन दिन अंधड़ की भी चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान के मौसम से जुड़ी PHOTOS… ये शहर रहे सबसे ज्यादा गर्म गर्मी-बारिश की बड़ी अपडेट्स पूर्वी हिस्से से एंट्री की संभावना: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 2 या 3 जुलाई को मानसून प्रवेश कर सकता है। इसके प्रभाव से उदयपुर, कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में 2 जुलाई से ही आंधी-बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। बीकानेर संभाग में अंधड़ की चेतावनी: बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर जिलों में 2 से 4 जुलाई के बीच अंधड़ आ सकता है। इस दौरान 50-60 Km प्रतिघंटा या उससे ज्यादा की स्पीड से हवा चलने के साथ धूल का बवंडर भी आ सकता है। इस दौरान इन एरिया के साथ-साथ जोधपुर, फलोदी, जालोर के एरिया में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। दिनभर तेज धूप-उमस, लेकिन तापमान में गिरावट: पिछले 24 घंटे की स्थिति देखें तो कोटा, उदयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों को छोड़कर शेष राज्य में मौसम ड्राय रहा। बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर संभाग के सभी जिलों में दिनभर धूप, उमस रही। हालांकि इस बीच कुछ जगह हवाएं चलने से तापमान में थोड़ी गिरावट हुई। कोटा में एक इंच बरसात: कोटा, उदयपुर, भरतपुर संभाग के एरिया में मंगलवार को हल्की बारिश हुई। कोटा के मंडाना में 30MM, पीपल्दा में 9, झालावाड़ के बाकनी में 13, धौलपुर के बसेड़ी में 12, बारां के किशनगंज में 14MM बरसात दर्ज हुई। आगे कैसा रहेगा मौसम…. राजस्थान के प्रमुख शहरों का मौसम जयपुर : राजधानी में मंगलवार को दिनभर तेज धूप और उमस का असर रहा, जिससे हल्की गर्म हवाएं (लू) भी चलीं। जयपुर में भीषण गर्मी और उमस के कारण दिन का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आंशिक गिरावट के बावजूद हवा में नमी होने से लोगों को उमस से राहत नहीं मिल पाई। जोधपुर : मंगलवार को मौसम सोमवार की तुलना में थोड़ा राहत भरा रहा। पिछले 24 घंटों में यहां का अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.0 डिग्री अधिक है। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री और न्यूनतम 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम विभाग ने जुलाई के पहले सप्ताह में जोधपुर में बारिश होने की संभावना जताई है। उदयपुर : मंगलवार को तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन दिनभर भारी उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। जिले का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। अधिकतम तापमान में कमी के बावजूद न्यूनतम तापमान बढ़ने से हवा में नमी बनी रही, जिससे दिनभर चिपचिपी गर्मी का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में बारिश होने से उमस से राहत मिल सकती है। अजमेर: मंगलवार सुबह से ही तेज गर्मी और उमस ने लोगों को खासा परेशान किया। जिले का अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा था। हालांकि सोमवार की तुलना में तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिली। अलवर: मंगलवार दोपहर को हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन बारिश थमने के बाद उमस काफी बढ़ गई। हवा में नमी बढ़ने से लोग पसीने से तरबतर नजर आए। शहर के कुछ इलाकों में तेज तो कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई, जिससे कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। मंगलवार को अलवर का अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए जिले में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सीकर: गर्मी का तीखा असर जारी है। जून महीने के अंतिम दिनों में भी लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सीकर सहित पूरे शेखावाटी इलाके में दिनभर तेज धूप और उमस का मौसम बना रहा। कोटा: कोटा शहर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जहां दिनभर लोग तेज गर्मी और उमस से परेशान रहे। कोटा के ग्रामीण क्षेत्र मंडाना में दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया और करीब डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बारिश से मंडाना और आसपास के इलाकों का मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली।

बिहार में हिंदू लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाता था रेहान:रील बनाकर फंसाता, फिर संबंध बनाता था, टारगेट पर 20 लड़कियां थीं; POCSO में FIR

बिहार के गयाजी में रेहान अंसारी नाम के युवक ने हिंदू लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए थे। पुलिस जांच में अब तक 6 लड़कियों के वीडियो सामने आए हैं। एक नाबालिग लड़की के परिवार ने रेहान के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। जांच में सामने आया है कि रेहान सोशल मीडिया पर रील बनाकर नाबालिग लड़कियों को फंसाया था। इसके बाद उनके साथ संबंध बनाया था। इस दौरान वो वीडियो भी बना लेता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि रेहान के टारगेट पर 20 लड़कियां थीं। भेद खुलने के बाद दिल्ली भाग गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। रेहान का भेद कैसे खुला? वह किस तरह एक खास वर्ग की लड़कियों को अपने जाल में फंसाता था? उसके परिवार का क्या कहना है? पढ़िए रिपोर्ट.. पहले जानिए, कैसे खुला रेहान का राज घटना ​22 जून की दोपहर की है। ​पवित्र बांके धाम पहाड़ी पर रेहान रंगे हाथ पकड़ा गया था। नाम न छापने की शर्त पर कुछ स्थानीय युवकों ने दैनिक भास्कर की टीम से उस दिन की पूरी आंखों देखी साझा की। युवकों ने बताया कि रेहान और नाबालिग पीड़ित अलग-अलग रास्ते से बांके बाजार की प्रसिद्ध बांके धाम पहाड़ी पर पहुंचे थे। इस पहाड़ी की चोटी पर भगवान शंकर का प्राचीन शिवलिंग स्थापित है। लोग पूरे क्षेत्र को पवित्र मानते हैं। ​उस समय इलाके के चार युवक पहाड़ी पर घूम रहे थे। उनकी नजर पहले रेहान फिर उससे पीछे आ रही नाबालिग छात्रा पर पड़ी। दोनों को एक साथ पहाड़ी पर स्थित सूर्य मंदिर की तरफ बढ़ते देख युवकों को शक हुआ। उन्होंने चुपके से दोनों का पीछा किया। दोनों मुख्य रास्ते से हटकर एक बड़ी चट्टान के पीछे चले गए। युवक दबे पांव चट्टान के करीब गए। उन्होंने रेहान की अश्लील हरकतों को मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। ​चालाकी पड़ी भारी, मोबाइल खुला तो सामने आया खौफनाक सच ​वीडियो बनाने के बाद युवक कुछ दूरी पर खड़े होकर इंतजार करने लगे। जैसे ही रेहान और लड़की चट्टान की ओट से बाहर निकले, युवकों ने दोनों को घेर लिया। खुद को घिरता देख रेहान चकमा देकर भाग निकला। लड़की डरी-सहमी वहीं रह गई। युवकों ने लड़की पर दबाव बनाया और कहा कि अपने पिता का मोबाइल नंबर दो। उनके आने पर ही तुम्हें छोड़ा जाएगा। लड़की ने पिता की जगह रेहान का मोबाइल नंबर दे दिया। युवकों ने उस नंबर पर कॉल किया तो दूसरी तरफ से रेहान ने खुद को लड़की का पिता बताते हुए बात की। वह मिन्नतें करने लगा कि लड़की को छोड़ दीजिए। युवकों को उसकी आवाज पर शक हुआ। साफ कहा कि बिना परिवार के आए लड़की को नहीं छोड़ा जाएगा। वे इसे पुलिस के हवाले करने जा रहे हैं। पुलिस का नाम सुनते ही रेहान घबरा गया। कुछ ही देर में हांफते हुए वापस पहाड़ी पर आया। वह हाथ-पैर जोड़ने लगा। इसी गहमागहमी के बीच युवकों ने रेहान का मोबाइल फोन छीन लिया और जैसे ही उसकी गैलरी खोली, सबके होश उड़ गए। रेहान के फोन में मिले 20-22 मिनट के 70 से ज्यादा गंदे वीडियो रेहान के मोबाइल से जो वीडियो मिले, उन्हें युवकों ने अपने पास ट्रांसफर कर लिया था। वे अब जांच के दायरे में हैं। दैनिक भास्कर के हाथ लगे इन वीडियो की संख्या 6 से ज्यादा है। कुछ छोटी क्लिप्स को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश वीडियो 20 से 25 मिनट लंबे हैं। इन वीडियो की पड़ताल करने पर साफ हुआ कि आरोपी द्वारा शिकार बनाई गई सभी लड़कियां इसी क्षेत्र की हैं। वे एक खास तबके से हैं। इससे साफ संकेत मिलता है कि आरोपी ने टारगेट कर लड़कियों को फंसाया। पीड़ित के भाई ने मंगलवार को केस दर्ज कराया। लड़की ने पुलिस के सामने बयान दिया है। बांके धाम पहाड़ी बनी अपराधियों का ठिकाना ​दैनिक भास्कर की टीम ने बांके धाम घटनास्थल और उसके आसपास के इलाके का निरीक्षण किया तो सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। यह पूरा क्षेत्र ऊंची पहाड़ियों और घने जंगलों से घिरा हुआ है। दोपहर में भी यह पहाड़ी पूरी तरह सुनसान रहती है। शाम ढलते ही यहां अंधेरा पसर जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहाड़ी की बड़ी-बड़ी चट्टानें, घनी झाड़ियां और पेड़ों की ओट अपराधियों और मनचलों के लिए महफूज ठिकाना बन गई हैं। स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं इस रास्ते गुजरने में असुरक्षित महसूस करती हैं। मुफ्त में मोमो खिलाकर लड़कियों को फंसाता था रेहान ​मामले की गहराई में जाने पर दैनिक भास्कर को आरोपी के तौर-तरीकों के बारे में पता चला। उसे ठीक से जानने वाले एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि रेहान पहले एक मोबाइल दुकान में काम करता था। इससे उसे डिजिटल टूल्स की अच्छी समझ हो गई थी। बाद में उसने बांके बाजार में अपने मामा के साथ मिलकर मोमो का एक ठेला लगाना शुरू किया। ​ठेले पर वह सोची-समझी रणनीति के तहत काम करता था। अगर दुकान पर लड़के और लड़कियां दोनों आते तो वह लड़कों को नजरअंदाज कर पहले लड़कियों को मोमो सर्व करता था। वह स्कूल और कोचिंग में पढ़ने वाली कई लड़कियों को मुफ्त में मोमो खिलाता था। यही मुफ्त के मोमो आगे चलकर लड़कियों से बातचीत शुरू करने और उनका नंबर हासिल करने का जरिया बनते थे। इसके अलावा, उस पर रील्स बनाने और उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने की सनक सवार थी। ​रेहान के पिता बोले- बेटे को कोर्ट में सरेंडर कराने की कोशिश में हूं ​भास्कर टीम ने आरोपी के पिता दुखन अंसारी से बातचीत की। दुखन पेशे से दर्जी हैं। बेहद तंगहाली में किसी तरह अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेरी 11 औलादें जीवित हैं (एक की मृत्यु हो चुकी है), जिनमें 8 लड़के और 3 लड़कियां हैं। रेहान मेरा सबसे छोटा बेटा है। मेरे दो बेटे मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। बाकी सब बाहर रहकर मजदूरी करते हैं। उन्होंने कहा, ‘रेहान मोमो का ठेला जरूर लगाता था, लेकिन उसने कभी घर में एक धेला कमाकर नहीं दिया। उसे बस मोबाइल और रील बनाने का चस्का था। मुझे इस गंदे काम के बारे में जानकारी नहीं थी। इस घटना के बाद से उसका मामा भी फरार है। मुझे पता चला है कि रेहान फिलहाल दिल्ली में छिपा है।’ ‘मैं अपने रिश्तेदारों के माध्यम से उसपर दबाव बना रहा हूं, ताकि उसे जल्द से जल्द कोर्ट या थाने में सरेंडर कराया जा सके।’ इस बीच, जांच में यह भी सामने आया है कि रेहान के एक बड़े भाई ने भी क्षेत्र की ही एक अन्य समुदाय की लड़की से विवाह किया था और वे दोनों भी राज्य से बाहर रहते हैं। अचानक गायब हुए पीड़ित के परिजन, ​कमरे से मिली लाइब्रेरी की पर्ची ​दैनिक भास्कर की टीम पीड़ित के किराए के मकान पर पहुंची। वहां सन्नाटा पसरा मिला। पता चला कि घटना के बाद सोमवार को ही पीड़ित के परिजन आनन-फानन में कमरा खाली करके कहीं चले गए हैं। मकान मालिक घर पर नहीं थे। उसी मकान में रहने वाले अन्य किरायेदारों ने बताया कि लड़की करीब डेढ़ महीना पहले आई थी। मकान में उसका व्यवहार बेहद सामान्य और शालीन था। उसकी कोई गतिविधि संदिग्ध नहीं लगती थी। कमरे की तलाशी के दौरान भास्कर टीम को जमीन पर गिरी एक फटी हुई पर्ची मिली। यह पर्ची स्थानीय एक लाइब्रेरी की थी। जहां वह 400 रुपए मासिक फीस देकर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए पढ़ती थी। वीडियो की हो रही फोरेंसिक जांच, सख्त कार्रवाई होगी बांके बाजार के थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि पुलिस अत्यंत संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम कर रही है। पीड़ित का कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बीती रात भी आरोपी के घर और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। उन्होंने कहा, ‘आरोपी के मोबाइल से मिले वीडियो को जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL भेजा जा रहा है। हमारी जांच का मुख्य बिंदु यह भी है कि इन अश्लील वीडियो को बनाने के पीछे आरोपी का उद्देश्य क्या था? क्या यह सिर्फ ब्लैकमेलिंग था या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है?’ ————————- ये खबर भी पढ़िए… भोजपुर में झारखंड की लड़की का मर्डर:पिता बोले- बॉयफ्रेंड से मिलने आई थी, हत्या कर के बॉडी खेत में फेंकी; इंस्टाग्राम से शुरू हुआ अफेयर भोजपुर में झारखंड की 19 साल की लड़की की हत्या हुई है। 29 जून को उसकी लाश खेत में मिली थी। मृतका गुलाबी मंडल की बेटी अंजू कुमारी है। पिता गुलाबी मंडल ने बताया कि 2 महीने पहले इंस्टाग्राम पर बेटी सीटू यादव नाम के लड़के के संपर्क में आई थी। सीटू ने ही बुलाकर बेटी की हत्या की। उसका गला रेत दिया है। अंजू की लाश सोमवार की सुबह भोजपुर के चरपोखरी थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव में मिली थी, जो सड़ी-गली हुई थी। उस वक्त पहचान नहीं हो पाई थी। 30 जून को पुलिस को पता चला कि लड़की झारखंड के गोड्‌डा के हरवाड़ा थाना क्षेत्र के विश्वास रवानी गांव की रहने वाली है। पूरी खबर पढ़िए

चार मर्डर के बाद चश्मदीद मासूम को मारने दौड़े हत्यारे:जिस जमीन के लिए जानें लीं, वह 17 साल से बंजर पड़ी, पार्ट-2

पाली से 15 किमी दूर इद्रको की ढाणी गांव के बाबू खान उर्फ उस्मान गनी, उसके भाई शरीफ खान और दोनों बेटे साबिर मोहम्मद व लाल मोहम्मद की हत्या का चश्मदीद गवाह था 10 साल का बच्चा। मासूम शरीफ खान (मृतक) का बेटा है, जिसे घटना वाले दिन 19 जुलाई, 2009 को उसकी मां ने खेत पर भेजा था। असल में आरोपी शकूर खान व उसके चारों बेटों ने बाबू व उसके भाई शरीफ को जमीन पर पैर रखने पर जिंदा नहीं छोड़ने की धमकी दी थी। घटना वाले दिन इन पांचों आरोपियों को शरीफ की पत्नी ने हथियारों से लैस होकर खेत की जमीन पर जाते हुए देखा था। उसका पति शरीफ व जेठ बाबू खान और जेठ के दोनों लड़के भी खेत पर गए थे। ऐसे में अनहोनी की आशंका में शरीफ की पत्नी ने अपने सबसे छोटे बेटे को उनके पीछे यह जानने के लिए भेजा था कि कहीं वहां लड़ाई-झगड़ा तो नहीं हो रहा। खेत में अपनों को तड़पते हुए मासूम में देखा पुलिस की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि मासूम जब खेत पर गया तो वहां शकूर खान व उसके चारों बेटे कत्लेआम मचा रहे थे। मासूम के पिता शरीफ, ताऊ बाबू खान व उनके दोनों बेटे साबिर व लाल मोहम्मद खेत में पड़े तड़प रहे थे। उनका शरीर खून से लथपथ था और आरोपी उनके मुंह में तेजाब से भरी पिचकारी उड़ेल रहे थे। 10 साल के बच्चे के पीछे दौड़े हत्यारे यह देख मासूम सिहर उठा और वापस गांव जाने के लिए मुड़ा। मगर उसी समय आरोपियों ने मासूम को देख लिया। वे लोग बोल रहे थे कि इस बच्चे को भी मार कर खेत में इनके बीच पटक दो। आरोपी मासूम को पकड़ने के लिए दौड़े। मासूम सड़क पर बदहवास दौड़ रहा था। इतने में उधर से जेसीबी लेकर गुजर रहे ड्राइवर की नजर खेत पर पड़े लोगों व मासूम के पीछे दौड़ रहे आरोपियों पर पड़ी। जेसीबी ड्राइवर ने बचाई जान जेसीबी ड्राइवर ने तुरंत जेसीबी का अगला बकेट नीचे किया और मासूम को उसमें बैठा लिया। इसके बाद ड्राइवर ने बकेट ऊपर किया और मासूम को लेकर जेसीबी की स्पीड बढ़ा दी। ड्राइवर ने गांव के पास मासूम को सुरक्षित उतारा, जिसने घर जाकर पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार की महिलाएं ग्रामीणों को लेकर मौके पर पहुंची। तब जाकर पुलिस को इस सामूहिक हत्याकांड की सूचना मिली। कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा मामले में 20 जुलाई, 2009 को आरोपी शकूर खान के साथ उसके पुत्र शहाबुदीन व कालू खान को पुलिस ने अरेस्ट किया। 25 जुलाई को आरोपी पिता-पुत्रों को कोर्ट के आदेश पर न्यायिक अभिरक्षा (ज्यूडिशियल कस्टडी) में जेल भेज दिया गया। 27 जुलाई, 2009 को आरोपी शकूर के बेटे रहीमबक्स व उस्मान खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे भी बाद में न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। 26 सितंबर, 2009 को जांच अधिकारी एवं तत्कालीन एसएचओ पारस चौधरी ने कोर्ट में पांचों आरोपियों के खिलाफ जांच पूरा कर कोर्ट में चालान पेश किया। 6 अक्टूबर 2016 को पाली में अपर एवं सेशन न्यायालय ने पांचों को दोषी ठहराते हुए हत्याकांड को ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ केस मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। आजीवन कारावास में बदली सजा 2023 में राजस्थान हाईकोर्ट ने पाली में एडीजे कोर्ट की ओर से भेजे गए डेथ रेफरेंस तथा आरोपियों की अपील निस्तारित करते हुए पांचों आरोपियों को दी गई फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। जघन्य अपराध का क्राइम स्पॉट और भी डरावना था: तत्कालीन एसपी तत्कालीन पाली एसपी और वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) जयपुर डॉ. बीएल मीणा ने बताया कि मैं उस घटना को कभी नहीं भूल पाऊंगा। घटनास्थल बहुत ही डरावना और दिल झकझोर देने वाला था। हमने सभी फैक्ट और सबूत को शामिल कर दो माह में ही कोर्ट में चालान पेश कराया। साथ ही इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम में लेकर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सबूत पेश किए। सीनियर एडवोकेट एवं इस केस के स्पेशल पीपी कमलेश दवेरा ने बताया कि मामले में राज्य सरकार ने पीड़ित पक्ष की ओर से पैरवी के लिए 2009 में मुझे स्पेशल लोक अभियोजक नियुक्त किया था। 2016 में फैसला देते समय न्यायालय ने मामले में अपराध की प्रकृति और प्रवृत्ति को भी ‘रेयरेस्ट ऑफ द रेयर’ माना है। उस समय तक यह प्रदेश का पहला मामला था, जिसमें एक साथ 5 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। जमीन पड़ी बंजर, 17 साल से झाड़ियां नहीं कटी रोहट के इंद्रको की ढाणी के निकट सरदार समंद-पाली रोड पर जिस 12 बीघा जमीन के लिए आज से 17 साल पहले 2009 में दो परिवारों में जंग हुई, वो बंजर पड़ी है। बाबू खान व उसके दोनों बेटों की जान गई। बाबू खान के छोटे भाई शरीफ का भी कत्ल हुआ। अब बाबू खान (मृतक) के परिवार में सिर्फ महिलाएं ही रह गई हैं। उसके दोनों बेटे की भी आरोपियों ने बलि ले ली। परिवार खत्म हो गया। शरीफ (मृतक) का बेटा भी अब 27 साल का हो गया, जो अपने पांचों भाइयों के साथ मुंबई में शिफ्ट हो चुका है। उसके पांचों भाई घटना वाले दिन भी घर से बाहर ही थे। इधर, जमीन के लिए अपने सगे दोनों ममेरे भाई बाबू व शरीफ समेत 4 लोगों की जान लेने वालों का परिवार भी टूट गया। कत्लेआम करने के बाद शकूर खान व उसके चारों बेटों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में भेज दिया। उसके दो बेटे और हैं, लेकिन वे घटना के पहले से ही गांव से बाहर थे। पांचों आरोपी पिता-पुत्रों के परिवार के लोग गांव से पलायन कर गए थे। पाली-सरदार समंद रोड पर भांगेसर सरहद में स्थित झगड़े की जड़ माने जाने वाली वह जमीन अब बंजर हो चुकी है। घटना के बाद 2009 से मृतक परिवार के लोगों ने भी इस जमीन पर पैर नहीं रखे। अंग्रेजी बबूल की झाड़ियों का झुरमुट इस जमीन में नजर आता है। गांव वाले भी इस जमीन की ओर जाने से कतराते हैं। पशुपालक व चरवाहे भी जमीन में भूलकर भी मवेशियों को नहीं जाने देते हैं। 1 परिवार के 4 की हत्या,पानी मांगा तो तेजाब पिलाया:6 बीघा जमीन के लिए हथियारों से काटा, ट्रैक्टर से कुचला, पार्ट-1