खैरथल में श्याम ध्वजों के साथ निकली श्याम रथ यात्रा:स्थापना के छठे वार्षिकोत्सव पर उमड़ी आस्था, आज होगा श्याम जागरण

खैरथल की पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर के छठे स्थापना वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में मंगलवार को श्याम रथ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने श्याम ध्वज हाथों में लेकर भाग लिया। “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” और “जय श्री श्याम” के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय हो गया। रथ यात्रा के दौरान मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने बाबा श्याम के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। रथ यात्रा मंदिर परिसर से विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस मंदिर पहुंची। इस यात्रा में महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। श्रद्धालु श्याम भजनों की धुन पर झूमते हुए बाबा के गुणगान करते रहे, जिससे पूरे मार्ग में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। रथ यात्रा का विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और श्रद्धालुओं द्वारा जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेय, फल, प्रसाद और अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई थी। रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी और आकर्षक सजावट से सुसज्जित श्री खाटू श्याम मंदिर देर शाम तक श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। रात्रि सवा सात बजे भव्य महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा श्याम का आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के दौरान गूंजते जयकारों और भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाया। आयोजन समिति ने बताया कि वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को पुरानी अनाज मंडी स्थित सभागार में रात्रि सवा नौ बजे से भव्य श्याम जागरण का आयोजन होगा। इस जागरण में प्रसिद्ध भजन गायक बाबा श्याम के मनमोहक भजनों की प्रस्तुति देंगे। देखें PHOTOS

बाड़मेर में रेत के नीचे दबे पुराने बम मिलें:4 आरपीसी राउंड, एक ब्लैक कारटीच, सभी एम्युनिशन आउट डेटेड

बाड़मेर में जमीन खुदाई करने के दौरान रेत के नीचे दबे पुराने बम मिले है। सभी डिफ्यूज हो रखे है। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। बमों को सावधानीपूर्वक चैकिंग की गई। बम बाड़मेर जिले के नागाणा थाना इलाके मुढ़ों की ढाणी इलाके में मंगलवार शाम को मिले है। सभी बम एम्युनिशन आउट डेटेड है। पुलिस ने सभी बमों को सुरक्षित रखवाया दिया है। पुलिस के अनुसार- मंगलवार शाम को सूचना मिली थी कि बांदरा गांव मूढों की ढाणी इलाके में खुदाई करने के दौरान रेत में दबे पुराने बम मिले है। नागाणा पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने दहशत का माहौल हो गया। पुलिस मौके पर पहुंचकर पहले वहां पर खड़े लोगों को दूर किया। स्पेशल टीम बुलाकर बमों की जांच की गई। सेना के पुराने एम्युनिशन 4 आरपीसी राउंड तथा एक ब्लैक कारटीच था। जो रेत में सालों पुराने दबे हुए थे। सभी एम्युनिशन आउट डेटेड हैं। नागाणा थानाधिकारी अशोक कुमार ने बताया- सारे पुराने है। एक भी जिंदा नहीं है। रेत में दबे थे। सभी डिफ्यूज बमों को सुरक्षित रखवाया दिया गया है।

चित्तौड़गढ़ में बादल आ रहे हैं लेकिन बरस नहीं रहे:जिले में लगातार बढ़ रही चिपचिपी गर्मी, 2 जुलाई से बदल सकता है मौसम

चित्तौड़गढ़ में पिछले कई दिनों से मौसम लोगों के साथ आंख-मिचौली खेल रहा है। कभी कुछ देर के लिए बादल छा जाते हैं तो लगता है कि अब बारिश होगी, लेकिन थोड़ी ही देर में बादल बिना बरसे लौट जाते हैं। इसका असर यह हो रहा है कि जिले में उमस लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार सुबह से ही मौसम पूरी तरह साफ रहा और तेज धूप निकलने से गर्मी का असर और बढ़ गया। हवा में नमी 77 से 80 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जिसके कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही। घरों में पंखे और कूलर भी ज्यादा राहत नहीं दे पा रहे हैं। लगातार बढ़ रही उमस के कारण लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है और अब सभी को अच्छी बारिश का इंतजार है। तापमान भी लगातार बढ़ रहा जिले में तापमान भी धीरे-धीरे ऊपर चढ़ रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में नमी अधिक होने से यह तापमान सामान्य से ज्यादा महसूस हो रहा है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। रात के समय भी उमस कम नहीं होने से लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। डॉक्टर भी इस मौसम में ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दे रहे हैं। मौसम का यही हाल रहा तो अगले एक-दो दिन तक लोगों को उमस और गर्मी दोनों का असर झेलना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने जताई राहत की उम्मीद हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि लोगों को ज्यादा दिनों तक इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां तेज हो रही हैं और बहुत जल्द इसका असर चित्तौड़गढ़ में भी दिखाई देगा। 2 जुलाई से जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जबकि 5 जुलाई तक बारिश का दौर और तेज हो सकता है। इस दौरान कई इलाकों में तेज हवा, आंधी और अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इसे देखते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया है। अगर अनुमान सही रहा तो बारिश से बढ़ी हुई उमस से राहत मिलेगी, तापमान में गिरावट आएगी और किसानों के साथ आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

15 साल के लड़के का किडनैप कर लाठी से पीटा:जंगल में ले जाकर की पिटाई, आरोपियों ने वीडियो भी बनाया

करौली में कोतवाली थाना क्षेत्र में 15 साल के लड़के का कथित किडनैप और जंगल में बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित को जातिसूचक शब्द कहकर प्रताड़ित किया और घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो सामने आया है। पीड़ित की मां की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि में उसका 15 साल का बेटा एक मिठाई की दुकान पर काम करता है। 28 जून की शाम करीब 6 बजे वह काम से घर लौट रहा था।
आरोप है कि रास्ते में गुडला निवासी अभिषेक गुर्जर अपने तीन-चार साथियों के साथ मिला और पीड़ित पर दुकान से पैसे लाने का दबाव बनाने लगा। जब मना किया, तो आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और गुडला बांध के पास जंगल में ले गए। इन 3 फोटोज में समझिए घटनाक्रम
गुडला बांध के पास जंगल में बेरहमी से पीटा
रिपोर्ट के अनुसार जंगल में आरोपियों ने नाबालिग के साथ बेरहमी से मारपीट की। उसे जमीन पर पटक कर पीटा और उल्टा लटकाकर भी मारा गया। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने मारपीट का वीडियो बनाया, जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और जान से मारने की धमकी भी दी। हाथ, कमर पर अन्य हिस्सों में आई चोटें, इलाज जारी
मारपीट में घायल किशोर के हाथ, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।
पीड़ित की मां ने रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसके बेटे का मोबाइल फोन और घड़ी भी छीन ली। पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा की मांग की है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
करौली डीएसपी अनुज शुभम ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है और उनकी तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सस्ते में प्लॉट दिलाने का झांसा देकर 12.75 लाख ठगे:तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज,आरोपी ने जान से मारने की दी धमकी

अलवर शहर में सस्ती कीमत पर प्लॉट दिलाने का लालच देकर एक व्यक्ति से 12 लाख 75 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अच्छी लोकेशन पर बाजार से कम कीमत में प्लॉट दिलाने का झांसा रिपोर्ट के अनुसार, दाउदपुर स्थित आजाद नगर निवासी सीताराम जाटव (50) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में उनकी मुलाकात सहजपुर नंगली निवासी फारूख खान और डुमरेला निवासी मुकेश कुमार प्रजापत से हुई थी। दोनों ने उन्हें बताया कि वे जमीन खरीदकर प्लॉटिंग का काम करते हैं और हरियाणा के रोहतक निवासी नवीन सैनी के साथ मिलकर बख्तल की चौकी, घेघोली स्थित सोना विहार कॉलोनी में प्लॉट बेच रहे हैं। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि उन्हें अच्छी लोकेशन पर बाजार से कम कीमत में प्लॉट दिला देंगे। इसके बाद तीनों ने सीताराम की मुलाकात स्टेशन रोड स्थित महाराजा होटल में नवीन सैनी से कराई। नवीन सैनी ने उन्हें सोना विहार कॉलोनी में प्लॉट नंबर आई-1 दिखाया। प्लॉट पसंद आने पर 150 वर्गगज के प्लॉट का सौदा 12 लाख 75 हजार रुपये में तय हुआ। पीड़ित के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को महाराजा होटल में ही उन्होंने पूरी रकम नकद और ऑनलाइन माध्यम से आरोपियों को दे दी। इसके बाद 500 रुपए के स्टाम्प पेपर पर प्लॉट का एग्रीमेंट और रसीद तैयार कर नोटरी भी कराई गई। डॉक्यूमेंट में यह भी लिखा गया कि प्लॉट का कब्जा खरीदार को दे दिया गया है, जबकि वास्तव में उन्हें कब्जा नहीं दिया गया। आरोपियों ने यह कहकर भरोसा दिलाया कि कॉलोनी में अभी प्लॉटिंग का काम चल रहा है, काम पूरा होने के बाद कब्जा और रजिस्ट्री दोनों करवा देंगे। रजिस्ट्री की जगह मिली जान से मारने की धमकी सीताराम का आरोप है कि इसके बाद वह कई महीनों तक रजिस्ट्री कराने के लिए आरोपियों के संपर्क में रहे, लेकिन हर बार उन्हें कोई न कोई बहाना बनाकर टाल दिया गया। जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने जमीन की जानकारी निकलवाई। जांच में पता चला कि जिस जमीन और प्लॉट का सौदा किया गया, वह न तो नवीन सैनी के नाम है और न ही मुकेश कुमार प्रजापत के नाम। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने तीनों आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन 23 जून 2026 को आरोपियों ने साफ कह दिया कि वे न तो प्लॉट की रजिस्ट्री करेंगे और न ही पैसे लौटाएंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि लोगों को सस्ते प्लॉट का झांसा देकर पैसे ऐंठना ही उनका काम है। विरोध करने पर जान से मरवाने की धमकी भी दी गई। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी हैं।

हरियाणा की लेडी डॉन बनीं जुड़वा बेटियों की मां:गुरुग्राम में IVF तकनीक से हुआ जन्म, 4 घंटे की पैरोल लेकर देखने पहुंचा गैंगस्टर पति

हरियाणा की लेडी डॉन के नाम फेमस अनुराधा चौधरी उर्फ मैडम मिंज के घर किलकारियां गूंजी हैं। अनुराधा ने 38 साल की उम्र में आईवीएफ तकनीक से गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में जुड़वा बेटियों को जन्म दिया। प्रसव के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने पर सीजेरियन डिलीवरी करानी पड़ी थी। इसी को देखते हुए पांच साल से जेल में बंद उसके पति काला जठेड़ी ने दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में एप्लीकेशन देकर पत्नी और बेटियों को देखने की मांग की थी। कोर्ट ने इसे मानवीय आधार बताते हुए काला जठेड़ी को 4 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी। मुलाकात की अनुमति देने से पहले रोहिणी कोर्ट ने अस्पताल और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच भी कराई। कोर्ट के इन्हीं आदेशों के अनुसार बुधवार की दोपहर काला जठेड़ी तिहाड़ जेल से कड़ी पुलिस सिक्योरिटी में अस्पताल पहुंचा और पत्नी-बेटियों का हालचाल जाना। खास बात यह रही कि परिवार की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अस्पताल का नाम सार्वजनिक नहीं करने का निर्देश दिया था। काला जठेड़ी और लेडी डॉन अनुराधा के शादी के PHOTOS… दो साल पहले हुई शादी, 250 से अधिक पुलिसकर्मी थे तैनात संदीप उर्फ काला जठेड़ी सोनीपत जिले के जठेड़ी गांव का रहने वाला है। वह 12वीं पास है और पहले केबल ऑपरेटर का काम करता था। उसने पूर्व लेडी डॉन अनुराधा चौधरी से 12 मार्च 2024 को दिल्ली में शादी की थी। दोनों की मुलाकात साल 2020 में उत्तराखंड के चमौली जिले में हुई थी। उस वक्त काला जठेड़ी फरारी काट रहा था। शादी के लिए कोर्ट ने काला जठेड़ी को 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी। शादी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उस समय 250 से अधिक पुलिसकर्मी और कमांडो तैनात किए गए थे। एक साल पहले अपनाई थी आईवीएफ टेक्नीक अनुराधा चौधरी ने करीब एक साल पहले गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) प्रक्रिया पूरी कराई थी। इसके लिए गैंगस्टर पति संदीप उर्फ काला जठेड़ी का स्पर्म सैंपल लिया गया था। हालांकि, काला जठेड़ी ने दिल्ली की एक कोर्ट में याचिका दायर कर बच्चा पैदा कर अपना वंश बढ़ाने के लिए 6 घंटे की पैरोल मांगी थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद कोर्ट ने काला जठेड़ी को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) प्रक्रिया के जरिए पिता बनने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने कहा था कि जेल परिसर में ही चिकित्सा सुविधा मुहैया कर यह प्रक्रिया पूरी की जाए। कोर्ट ने यह फैसला जैविक समय-सीमा और चिकित्सा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया था। गैंगस्टर काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी के कुछ PHOTOS… इस तरह हुई गैंगस्टर काला जठेड़ी की पत्नी से मुलाकात… अपराध की दुनिया की चर्चित जोड़ी काला जठेड़ी दिल्ली-NCR के अपराध जगत का जाना-पहचाना नाम है। वह लॉरेंस गैंग से जुड़ा है। उसके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, फिरौती, रंगदारी और जमीन पर कब्जा करने जैसे 30 से अधिक गंभीर मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं। काला जठेड़ी को 30 जुलाई 2021 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। उस पर दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) लगाया हुआ है। उसकी पत्नी अनुराधा चौधरी राज्यस्थान के सीकर की रहने वाली है। उसकी भी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। वह कभी कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह से जुड़ी थी। आनंदपाल के ठेठ पहनावे को अनुराधा ने ही बदला था। यहां तक की उसे अंग्रेजी बोलना भी सिखाया। इसी के बदले आनंदपाल ने अनुराधा को AK-47 चलाना सिखाया। 27 जून, 2006 को बहुचर्चित जीवणराम गोदारा हत्याकांड के मुख्य गवाह प्रमोद चौधरी के भाई इंद्रचंद के अपहरण मामले में अनुराधा चौधरी का नाम आया था। साल 2016 में उसको जयपुर से गिरफ्तार किया था। अनुराधा चौधरी जब इस केस में दो साल की सजा काट रही थी तो साल 2017 में आनंदपाल सिंह को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद वह काला जठेड़ी के संपर्क में आई थी। हालांकि, अनुराधा दावा करती हैं कि उसके सभी केस बंद हो चुके है। वर्तमान में वह फैमिली की जिम्मेदारी संभाल रही है। ————————- लेडी डॉन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गैंगस्टर की लेडी डॉन पत्नी बोली–मैं बचपन से बदमाश थी:अपने किए पर पछतावा नहीं, आनंदपाल गैंग की मेंबर नहीं थी, लॉरेंस से कभी नहीं मिली हरियाणा के गैंगस्टर काला जठेड़ी की लेडी डॉन दुल्हन:शातिर दिमाग, फर्राटेदार अंग्रेजी, AK-47 की शौकीन; जींस-टीशर्ट पहनती है मैडम मिंज हरियाणा की लेडी डॉन मां बनेगी:गैंगस्टर पति काला जठेड़ी ने बच्चा पैदा करने के लिए पैरोल मांगी, कोर्ट ने तिहाड़ में IVF प्रक्रिया कराई

राजस्थान में नायरा कंपनी का पेट्रोल-डीजल आज से सस्ता:इंडियन ऑयल, HP और BP से भी कम रेट, जानें- क्या हैं तेल की नई कीमतें

प्राइवेट पेट्रोलियम कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की दरें घटा दी हैं। कंपनी ने पेट्रोल में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। नई रेट बुधवार सुबह से प्रदेशभर में लागू कर दी गई हैं। अब जयपुर में प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 110 रुपए 2 पैसे से घटकर 105 रुपए 2 पैसे हो गई है। जबकि डीजल की कीमत 93 रुपए 41 पैसे से घटकर 90 रुपए 41 पैसे पर आ गई है। नई रेट लागू होने के बाद बाद नायरा कंपनी के तेल की कीमत सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों से प्रति लीटर काफी कम हो गई हैं। राजस्थान में नायरा के 900 पेट्रोल पंप प्रदेश में नायरा के 900 से ज्यादा फ्यूल पंप हैं, जबकि देशभर में कंपनी के 6700 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। ऐसे में कीमतों में कटौती का असर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। खासकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर, टैक्सी-ऑटो ड्राइवरों और रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों की जेब पर इसका अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऑपरेटिंग लागत में कमी जैसे कारण माने जा रहे हैं। 200 लीटर डीजल भरने की सीमा खत्म इसके साथ ही सभी तेल कंपनियों ने अब पेट्रोल पंपों पर एक गाड़ी में एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल भरने की सीमा खत्म हो गई है, यानी अब आप अपनी गाड़ी में जितना चाहें उतना डीजल भरवा सकेंगे। इसके साथ ही फैक्ट्रियों और कॉमर्शियल खरीदारों पर लगी रोक भी हटा दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 11 जून को पेट्रोल-डीजल की किल्लत की वजह से ये पाबंदियां लगाई थीं, जिन्हें सप्लाई सुधरने के बाद 29 जून के नए आदेश के जरिए वापस ले लिया गया है। 3 महीने बाद पेट्रोल-डीजल सस्ता कंपनी ने 26 मार्च 2026 को राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की रेट में 5 और 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। जानकारी के अनुसार तेल की कीमतों में बदलाव ईरान युद्ध के कारण हुआ था। दरअसल, अमेरिका और ईरान जंग के चलते ये 100 डॉलर के पार निकल गया था। तनाव अब कम हो रहा है, जिससे दाम घटे हैं। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 73 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। पेट्रोल में करीब साढ़े सात रुपए प्रति लीटर का अंतर राजस्थान में तीनों सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां पेट्रोल प्रति लीटर का औसतन 112.66 रुपए में बेच रही हैं। वहीं, डीजल की कीमत करीब 97.78 रुपए प्रति लीटर हैं। जबकि, नायरा कंपनी के पेट्रोल और डीजल सरकारी कंपनियों से करीब 7.46 और 7.37 रुपए प्रति लीटर सस्ते हैं। …. मई में सरकारी कंपनियों ने की थी बढ़ोतरी..ये खबर पढ़िए जयपुर में पेट्रोल 2.82, डीजल 2.73 रुपए महंगा:महीने में चौथी बार बढ़ीं कीमतें, पेट्रोल अब 112.66 और डीजल 97.78 रुपए प्रति लीटर हुआ मई 2026 में सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की थी। आखिरी कीमतों में बढ़ोतरी के बाद से जयपुर में जयपुर में पेट्रोल की कीमत 112.66 और डीजल की कीमत 97.78 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। पूरी खबर पढ़िए…

राममंदिर चोरी- आरोपी अविनाश के घर मिला मंदिर का संदूक:लिखा था- रामराज्य कोष, QR कोड भी, प्रतापगढ़ में भी छापा; SIT को 15 दिन और मिले

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित योग केंद्र से पुलिस ने एक संदूक बरामद किया है। उस पर लाल रंग से ‘रामराज्य कोष’ लिखा था। पेटीएम का QR कोड लगा था। 28 जून को हुई इस छापेमारी का वीडियो बुधवार सुबह सामने आया। इस बीच, मामले की जांच कर रही SIT को 15 दिन का समय और दिया गया है। इससे पहले, मंगलवार शाम पुलिस ने प्रतापगढ़ के बाबूपुर नारियावा गांव स्थित अविनाश के घर पर भी छापेमारी की। यहां उसके माता-पिता कच्चे मकान में रहते मिले। जबकि, बगल में बना पक्का मकान अविनाश का बताया गया। उसमें ताला लगा हुआ था। पुलिस ने फैजाबाद जेल में बंद सभी आठों आरोपियों से पूछताछ की। सबसे लंबी पूछताछ अविनाश शुक्ला से हुई। करीब दो घंटे चली पूछताछ में 5 जून को बरामद 20 लाख रुपए नकद और गहनों को लेकर सवाल-जवाब किए गए। उधर, राम मंदिर परिसर में तैनात 400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में हैं। उनकी ड्यूटी, रोस्टर, CCTV, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा जिस निजी सुरक्षा कंपनी के पास था, वह बिहार के एक पूर्व सांसद की है। ट्रस्ट इस कंपनी पर हर महीने करीब 1 करोड़ रुपए खर्च करता था। यानी निजी सुरक्षा पर सालाना लगभग 12 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे थे। चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, 17 साल से तैनात RMO का ट्रांसफर राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

विजयवर्गीय बोले- ढाई साल में सिर्फ असहयोग और उपेक्षा मिली:सीएम को लिखा- आवाज उठाना मजबूरी; दिग्विजय का ट्वीट- आपकी पीड़ा मैं समझ रहा हूं

मध्य प्रदेश के सीनियर मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय की सरकार से नाराजगी एक बार फिर सामने आई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग संभाल रहे विजयवर्गीय ने इस बार सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को चिट्‌ठी लिखी है। विजयवर्गीय ने लिखा है कि पिछले ढाई साल से उन्हें असहयोग, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यदि इंदौर के विकास से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो जनता की आवाज को सार्वजनिक मंच पर उठाना उनकी मजबूरी होगी। विजयवर्गीय ने पत्र में मास्टर प्लान में देरी, इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम को लेकर आपत्ति, एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के विभाजन, पीथमपुर में सुविधाओं की कमी और सिंहस्थ के कामों में इंदौर की अनदेखी जैसे मुद्दे उठाए हैं। 20 जून की इस चिट्‌ठी के साथ उन्होंने पहले लिखे गए पत्र भी लगाए हैं, जिनमें इंदौर के मास्टर प्लान और मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का नाम इंदौर केंद्रित रखने की मांग की गई थी। हालांकि, मीडिया ने इस बारे में जब सवाल किया तो विजयवर्गीय ने कहा- पता नहीं, ये जानकारी आपको कहां से मिली। उधर, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- आपका दर्द व पीड़ा मैं समझ रहा हूं। विजयवर्गीय ने पत्र में ये मुद्दे उठाए इंदौर को न्यायोचित हक नहीं मिल पा रहा मुख्यमंत्री यादव को लिखे पत्र में विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के मुखिया और इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री होने के नाते उन्हें सहयोग की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें लगातार असहयोग और उपेक्षा ही मिली। उनके विभाग से जुड़े स्थानांतरण भी कई बार उनकी जानकारी के बिना कर दिए जाते हैं। इंदौर के विकास की गति बढ़ाने की बात तो दूर, शहर को उसका न्यायोचित हक भी नहीं मिल पा रहा है। मास्टर प्लान अटका, पहले भी लिखे पत्र विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर का मास्टर प्लान करीब दो साल पहले मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है। विभागीय और मुख्य सचिव स्तर पर भी कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब तक इसे जारी नहीं किया गया। पहले भी इस संबंध में पत्र लिखा था, लेकिन न जवाब मिला और न ही कोई चर्चा हुई। मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम पर आपत्ति पत्र में विजयवर्गीय ने इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा आर्थिक केंद्र है और मेट्रोपॉलिटन रीजन की हर चर्चा इंदौर केंद्रित रही है, लेकिन अधिसूचना में इसका नाम “उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन” कर दिया गया। इस पूरे रीजन में इंदौर का हिस्सा शत-प्रतिशत है जबकि उज्जैन का हिस्सा करीब 59 प्रतिशत है। RGPV विभाजन में इंदौर की अनदेखी विजयवर्गीय ने RGPV को तीन हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में इकाइयां प्रस्तावित की गई हैं, लेकिन 1952 से स्थापित इंदौर के श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS) को नजरअंदाज किया गया। इंदौर में 50 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, इसके बावजूद यहां इकाई स्थापित करने का अवसर नहीं दिया गया। पीथमपुर को नहीं मिली सुविधाएं विजयवर्गीय ने लिखा कि पीथमपुर में 650 से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) और 176 से अधिक बड़ी इंडस्ट्रीज हैं, लेकिन यहां राष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग लैब और प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन सेंटर जैसी सुविधाएं लंबे समय से लंबित हैं। नए विक्रमपुरी उज्जैन औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं जबकि पीथमपुर की उपेक्षा हो रही है। सिंहस्थ में इंदौर की अनदेखी नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराने और सिंहस्थ के कामों में इंदौर को शामिल नहीं किए जाने पर भी असंतोष जताया है। उन्होंने जल संकट के दौरान इंदौर शहर को विशेष राहत नहीं मिलने की बात भी पत्र में लिखी है। तन्खा बोले- फिर तो जबलपुर में बगावत होनी चाहिए मंत्री विजयवर्गीय के पत्र को लेकर राज्यसभा में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि यदि कैलाश विजयवर्गीय इंदौर की उपेक्षा से आहत हैं, तो जबलपुर और पूरे महाकौशल क्षेत्र में तो बगावत की स्थिति होनी चाहिए। ये खबर भी पढ़ें… विजयवर्गीय बोले- संघ में अच्छे लोगों की कमी मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा- संघ में लोगों की भीड़ तो हो गई है, लेकिन अच्छे लोगों की कमी है। पहले अच्छे इंसान थे, अब ऐसे इंसानों की संघ में कमी होती जा रही है। संगठन बढ़ रहा है, विचारधारा भी बढ़ रही है, लेकिन अच्छे लोग नहीं होंगे तो इस विचारधारा का महत्व क्या है। पढे़ं पूरी खबर…

छात्रों की एक गलती से हो गई IIT-NIT सीट कैंसिल:नया सर्टिफिकेट अपलोड नहीं किया था, जोसा के दूसरे राउंड में जनरल में मिली जगह

जोसा (Joint Seat Allocation Authority) की ओर से देश के आईआईटी-एनआईटी समेत 134 कॉलेजों की 67,323 सीटों के लिए दूसरे राउंड का सीट आवंटन जारी कर दिया गया है। लेकिन इस राउंड के साथ ही कई स्टूडेंटस को बड़ा झटका लगा है। डॉक्यूमेंट्स में एक छोटी सी लापरवाही के कारण कई स्टूडेंट्स की पहले राउंड में मिली पसंदीदा सीटें कैंसिल कर दी गई हैं। कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के ऐसे स्टूडेंट्स, जो ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान 1 अप्रैल 2026 के बाद का नया कैटेगरी सर्टिफिकेट अपलोड नहीं कर पाए थे, उनकी सीटें जोसा ने तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इन स्टूडेंट्स को कैंडिडेट पोर्टल पर सीट कैंसिलेशन लेटर भेज दिया गया है। हालांकि, इन्हें काउंसलिंग से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि दूसरे राउंड में अब इन्हें ओपन (जनरल) केटेगरी से नई सीटें अलॉट की गई हैं। अब अपनी सीट कन्फर्म करने के लिए इन स्टूडेंट्स को दोबारा ऑनलाइन रिपोर्टिंग की प्रक्रिया से गुजरना होगा। आईआईटी से एनआईटी और एनआईटी से आईआईटी बदलाव पर ‘ड्यूल वेरिफिकेशन’ एक्सपर्ट आहूजा के अनुसार जिन विद्यार्थियों को दूसरे राउंड में आईआईटी से एनआईटी या एनआईटी से आईआईटी सीट का आवंटन हुआ है, उनके दस्तावेजों का नए अलॉटेड सिस्टम से दोबारा सत्यापन (ड्यूल वेरिफिकेशन) किया जाएगा। इसके विपरीत, जिन्हें आईआईटी से आईआईटी या एनआईटी से एनआईटी में ही चेंज मिला है, उन्हें दोबारा डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं करने हैं। पुरानी सीट अपग्रेड होते ही पहली सीट पर स्टूडेंट का दावा खुद खत्म हो जाएगा। जिन स्टूडेंट्स को इस राउंड में पहली बार सीट मिली है, उन्हें 3 जुलाई शाम 5 बजे तक हर हाल में ऑनलाइन रिपोर्टिंग और फीस जमा करनी होगी। सीट छोड़नी है तो जोसा को बताना होगा कारण जोसा (JoSAA) ने इस बार सीट विदड्राल (छोड़ने) के नियम कड़े कर दिए हैं। दूसरे राउंड के बाद अगर कोई स्टूडेंट सीट छोड़ना चाहता है, तो उसे जोसा को इसका ठोस कारण बताना होगा। इसमें स्टूडेंट से पूछा जा रहा है कि उसे कौन सा कॉलेज या ब्रांच चाहिए था? क्या उसका 2026 में ही किसी अन्य कॉलेज (आईआईटी-एनआईटी के अलावा) में एडमिशन हो चुका है? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—क्या वह वर्ष 2027 में फिर से जेईई मेन परीक्षा देने का इच्छुक है? विद्यार्थी 5वें राउंड तक 5 हजार रुपए प्रोसेसिंग फीस कटवाकर अपनी बाकी फीस रिफंड ले सकते हैं।