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रिटायर्ड-ASI ने परिवार के साथ मिलकर युवक की हत्या की:घर से उठाकर ले गए, लाठी-सरिए से पीटा; अपने नाम कराना चाहते थे करोड़ों की जमीन

भरतपुर में रिटायर्ड ASI ने परिवार के साथ मिलकर युवक की लाठी-डंडों और सरिए से पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोप है कि ASI का परिवार युवक की करोड़ों रुपए की जमीन अपने नाम करवाना चाहता था। जब युवक ने जमीन देने से मना कर दिया तो उसे जबरन अपने घर ले गए। वहां रिटायर्ड ASI सहित परिवार के 6 लोगों ने मिलकर बेरहमी से उसे पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना उद्योग नगर थाना इलाके के तुहिया गांव में सोमवार शाम करीब 4 बजे की है। घटना के बाद आरोपी फरार हैं। घर से जबरन अपने साथ ले गए तुहिया निवासी नकुल सिंह ने उद्योग नगर थाने में भतीजे सुशील कुमार (30) की हत्या का मामला दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में नकुल सिंह ने बताया- भतीजा सुशील खेती करता था। उसके माता-पिता का काफी समय पहले निधन हो चुका था। सुशील के नाम हाईवे किनारे करोड़ों रुपए की जमीन थी। पड़ोसी गजेंद्र सिंह (रिटायर्ड ASI) उस जमीन पर कब्जा करना चाहता था, लेकिन सुशील जमीन देने से साफ मना कर देता था। नकुल सिंह के अनुसार, सोमवार शाम करीब 4 बजे सुशील घर में सो रहा था। तभी गजेंद्र सिंह, पत्नी मिथलेश, बेटा योगेश, उसकी पत्नी ममता, दूसरा बेटा जयदेव और उसकी पत्नी संगीता वहां पहुंचे। उन्होंने सुशील को उठाया। इसके बाद सभी लोग सुशील को जबरन अपने घर ले गए। वहां उन्होंने सुशील पर जमीन अपने नाम करने का दबाव बनाया। लाठी-डंडों और सरिए से बेरहमी से पीटा आरोप है कि जब सुशील ने जमीन देने से इनकार कर दिया तो गजेंद्र सिंह ने अपने परिवार के साथ मिलकर उस पर लाठी-डंडों और सरिए से हमला कर दिया। मारपीट में सुशील गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद गजेंद्र के परिवार के लोग ही उसे गंभीर हालत में भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात में ही आरोपी पक्ष ने सुशील के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। इसके बाद परिजनों को घटना की सूचना दी। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस उद्योग नगर थाना अधिकारी राजेश कसाना ने बताया- नकुल सिंह की शिकायत पर उसके भतीजे सुशील की हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। बता दें कि गजेंद्र सिंह करीब 4 साल पहले पुलिस में ASI के पद से रिटायर हुआ था। उसका बेटा जयदेव प्राइवेट नौकरी करता है। वहीं योगेश प्राइवेट स्कूल में गाड़ी चलाता है।

दोस्तों के साथ सिलीसेढ़ गए युवक की डूबने से मौत:दोस्त नहाने उतरे तो खुद बाहर बैठा था, साथी नहाकर वापस आए तो नहीं मिला

अलवर के सिलीसेढ़ बांध के निचले हिस्से में भरे पानी में सोमवार शाम को पानी में डूबने से दिवाकरी निवासी 32 साल के युवक सुरेश जाटव की मौत हो गई। जो अपने दोस्तों के साथ घूमने निकला था। दोस्त पानी में नहाने उतरे थे, लेकिन युवक सूखी जगह पर बैठा रहा। दोस्त पानी से बाहर आए तो देखा बाहर बैठा साथी नहीं था। उसके कपड़े बाहर रखे थे। अब मंगलवार सुबह से SDRF, सिविल डिफेंस ने सर्च शुरू किया। दोपहर करीब ढाई बजे उसका शव पानी में मिला है। दोस्तों के नहाकर बाहर आने पर मिले कपड़े जानकारी के अनुसार, दिवकारी निवासी सुरेश जाटव (32) अपने 5 दोस्तों के साथ सोमवार शाम सिलीसेढ़ घूमने गया था। सिलीसेढ़ के निचले हिस्से में बने पानी के भराव में 5 दोस्त पानी में उतरकर नहा रहे थे, जबकि रवि कुमार ऊपर सूखी जगह पर बैठा हुआ था। जब पांचों दोस्त नहाकर बाहर निकले तो उन्हें किनारे पर रवि के कपड़े रखे मिले, लेकिन रवि वहां नजर नहीं आया। काफी देर खोजबीन करने के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला तो दोस्तों ने उसके पानी में डूबने की आशंका जताई। तुरंत पुलिस को सूचना दी। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी देर रात हादसे की जानकारी मिलते ही अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह 6 बजे इसके बाद सिविल डिफेंस और SDRF की टीम को भी बुलाया गया। करीब 7 घंटे की मशक्कत के बाद शव पानी में नीचे फंसा मिला है। शव का निकालकर अलवर जिला अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है।

रिजल्ट के बाद पेटीएम का शेयर 4% फिसला:बोनस शेयर का प्लान टला; पहली तिमाही में मुनाफा 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद पेटीएम के शेयरों में आज मंगलवार 21 जुलाई को गिरावट रही। बाजार खुलते ही शेयर में 2.5% से ज्यादा की तेजी आई, लेकिन थोड़ी ही देर में यह गिर गया। ये 3.86% नीचे ₹1295 पर बंद हुआ। विजय शेखर शर्मा की अगुआई वाली इस फिनटेक कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 79% बढ़कर 220 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। लेकिन बोनस शेयर टलने की खबर से बिकवाली का दबाव बढ़ा है। पेटीएम ने 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया कंपनी के शेयर ने बीते 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया है। हालांकि, मार्केट डेब्यू के करीब 5 साल बाद भी यह शेयर अपने आईपीओ प्राइस ₹2,150 से नीचे है। Q1 नतीजे: जून तिमाही में रेवेन्यू ₹2,448 करोड़ रहा 30 जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में ऑपरेशन्स से पेटीएम का रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹1,918 करोड़ था। वहीं कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा है। कंपनी को अपने पेमेंट बिजनेस, मर्चेंट सब्सक्रिप्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन में लगातार ग्रोथ से यह मुनाफा हासिल हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में पेटीएम को ₹123 करोड़ का मुनाफा हुआ था। वहीं, मार्च तिमाही में ₹183 करोड़ का मुनाफा हुआ था। पेटीएम मनी में ₹100 करोड़ के निवेश को मंजूरी पेटीएम के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी ‘पेटीएम मनी’ में राइट्स इश्यू के जरिए ₹100 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी में निवेश, रेगुलेटरी कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और कंपनी के इन्वेस्टमेंट व वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस के विस्तार के लिए किया जाएगा। आईपीओ के बचे ₹1,686 करोड़ के इस्तेमाल का प्लान बदला कंपनी के बोर्ड ने आईपीओ से मिली अनयूज्ड ₹1,686 करोड़ की बची हुई रकम के इस्तेमाल और उसकी समय-सीमा में बदलाव का प्रस्ताव भी पास किया है। बोर्ड ने इस रकम के उपयोग का समय बढ़ाकर 31 मार्च 2029 तक करने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी लेने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि इस फ्लेक्सिबिलिटी से उसे पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज इकोसिस्टम को मजबूत करने और ग्रोथ के नए मौकों को हासिल करने में मदद मिलेगी। बोनस शेयर का प्लान क्यों टला? कंपनी के बोर्ड ने बोनस शेयर जारी करने का प्रस्ताव टाल दिया है। बोर्ड ने कहा कि लॉन्ग-टर्म शेयरहोल्डर वैल्यू के नजरिए से प्रस्ताव का मूल्यांकन करने के बाद यह फैसला लिया गया है। बोर्ड का मानना है कि कंपनी को अभी अपनी ग्रोथ बढ़ाने और प्रॉफिटेबिलिटी को और मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि शेयरधारकों के लिए बेहतर वैल्यू क्रिएट हो सके।” एक्सपर्ट व्यू: कंपनी अब प्रॉफिटेबिलिटी के दौर में पहुंची INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी के मुताबिक, पेटीएम का Q1 FY27 रिजल्ट इस बात का साफ सबूत है कि कंपनी अब टर्नअराउंड फेज से निकलकर प्रॉफिटेबिलिटी फेज में आ चुकी है। 28% की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹203 करोड़ का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही EBITDA और ₹220 करोड़ का मुनाफा दिखाता है कि कंपनी का कॉस्ट स्ट्रक्चर अब मजबूत हो चुका है। अब बढ़ता रेवेन्यू सीधे मुनाफे में बदल रहा है। उनका मानना है कि आने वाली दो तिमाहियों में यह तय होगा कि कंपनी का 8% मार्जिन अब एक स्टेबल बेस बन चुका है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है ‘राइट्स इश्यू’ और बोनस शेयर?

चांदी ₹3629 महंगी होकर ₹2.23 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोना ₹883 बढ़कर ₹1.43 लाख का हुआ, इस साल ₹1.60 लाख तक जा सकता है

सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 21 जुलाई को बढ़त रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, एक किलो चांदी 3629 रुपए बढ़कर 2.23 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 883 रुपए चढ़कर 1.43 लाख रुपए आ गया है। सोना इस साल ₹10 हजार महंगा हुआ इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 10 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए के ऊपर था, जो अब 1.43 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में 7 हजार रुपए की गिरावट है। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.23 लाख रुपए पर है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। सोने-चांदी में एकमुश्त निवेश से बचें कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोने-चांदी के दाम अपने हाई से काफी नीचे आ चुके हैं। ऐसे में निवेशक इसमें निवेश कर सकते हैं, हालांकि इनमें एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। अजय केडिया के अनुसार साल के आखिर तक सोना एक बार फिर 1.60 लाख और चांदी 2.80 लाख रुपए तक जा सकती है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके

सिंधु ने कमबैक का क्रेडिट विराट को दिया:लिखा- वे मिले और कुछ समझाया, इससे नजरिया बदला; सिंधु ने 2 साल बाद टूर्नामेंट जीता

2 बार की ओलिंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु ने अपनी दमदार वापसी का क्रेडिट भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को दिया है। उन्होंने 2 दिन पहले शनिवार को जापान ओपन सुपर-750 का खिताब जीता। सिंधु ने करीब 2 साल बाद कोई खिताब जीता था। इससे पहले वे करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही थीं। 31 साल की पीवी सिंधु ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने कमबैक में कोहली की भूमिका का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि करियर के सबसे मुश्किल दौर में उन्होंने विराट से सलाह ली थी और उनकी एक सीख ने पूरी सोच बदल दी। सिंधु की 2 बातें सिंधु की वापसी में किसका क्या योगदान? 1. कोहली; ट्रॉफी के पीछे भागने के बजाय खेल में खुशी तलाशने की सलाह दी सिंधु ने कहा कि उस मुलाकात में हुई बातचीत निजी रहेगी, लेकिन विराट की सबसे बड़ी सीख थी कि ट्रॉफी के पीछे भागने के बजाय खेल में दोबारा खुशी तलाशनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब वह सुबह 5:30 बजे अभ्यास के लिए ट्रॉफी जीतने नहीं, बल्कि खेल के प्रति अपने जुनून की वजह से उठती हैं। इस मानसिक बदलाव के साथ सिंधु ने अपने खेल में कई सुधार किए। उन्होंने करीब 3.5 किलो वजन कम किया, नेट गेम को मजबूत बनाया, डेटा आधारित ट्रेनिंग अपनाई और इंडोनेशियाई कोच इरवांशाह व स्ट्रेंथ ट्रेनर वेन लोम्बार्ड के साथ फिटनेस पर विशेष काम किया। 2. पति वेंकट दत्ता; वापसी के लिए मेंटली तैयार किया पैर के लिगामेंट की चोट के बाद डॉक्टर दिनशॉ परदीवाला ने सिंधु को पूरा आराम करने की सलाह दी। इसके बाद दत्ता साई उन्हें अमेरिका के अटलांटा ले गए। जहां परिवार के बीच रहकर मानसिक रूप से सिंधु ने खुद को फिर से तैयार किया। पेरिस ओलिंपिक के बाद डेटा एनालिटिक्स की मदद से सिंधु के खेल का विश्लेषण किया। सात ट्रैकिंग डिवाइस के जरिए फिटनेस, हार्ट रेट, नींद, रिकवरी और ट्रेनिंग लोड की लगातार निगरानी की गई। लगभग 3.5 किलो वजन कम कराया गया, जबकि मसल्स बरकरार रखी गईं। 3. कोच इरवांशाह; गेम के कई पहलुओं में सुधार किया कोच इरवांशाह ने उनके नेट गेम, धैर्य और अटैकिंग पैटर्न पर काम किया। टीम ने अनफोर्स्ड एरर कम करने और लंबे समय तक उच्च स्तर पर खेलने की क्षमता विकसित करने पर फोकस किया। इन बदलाव का असर सिंधु के खेल में देखने को मिला। उन्होंने यामागुची को महज 50 मिनट में सीधे गेम में हरा दिया। उन्होंने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-4 चीनी खिलाड़ी चेन यूफेई को हराया। सिंधु की नजर वर्ल्ड चैंपियनशिप पर अब सिंधु की नजर चीन ओपन, विश्व चैंपियनशिप और लॉस एंजिलिस ओलिंपिक 2028 पर है। उनके पति वेंकट दत्ता साई का कहना है कि टीम का अंतिम लक्ष्य अभी भी ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीतना है। ————————————————– पीवी सिंधु से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पीवी सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बनीं भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। वे यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं। 31 साल की सिंधु ने रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया। पढ़ें पूरी खबर

चित्तौड़गढ़ में चलती ट्रेन से गिरा युवक:जयपुर-भोपाल ट्रेन से घर लौट रहा था, टॉयलेट जाने के बाद गेट पर खड़ा था

चित्तौड़गढ़ के गंगरार में कोर्ट के पीछे रेलवे ट्रैक के नीचे मंगलवार सुबह एक युवक का शव मिला। सूचना मिलते ही गंगरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कुछ देर बाद युवक की पहचान मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के रहने वाले राहुल मीणा पुत्र दुलाराम मीणा के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि सोमवार देर रात राहुल अपनी मां और चचेरे भाई के साथ जयपुर-भोपाल ट्रेन से घर लौट रहा था। रात करीब ढाई बजे वह टॉयलेट जाने के लिए अपनी सीट से उठा था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। आशंका है कि टॉयलेट से लौटने के बाद वह ट्रेन के गेट पर खड़ा था और इसी दौरान चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। परिजनों ने काफी देर तक उसे ट्रेन में तलाशा, लेकिन जब वह नहीं मिला तो वे चंदेरिया स्टेशन पर उतर गए और स्टेशन मास्टर को पूरी जानकारी दी। इसके बाद रेलवे और पुलिस की टीमों ने तलाश शुरू की, लेकिन रात में उसका कोई पता नहीं चल सका। सुबह गंगरार में शव मिलने के बाद पूरी घटना साफ हो गई। जीआरपी से जुड़ी कड़ी, सुबह हुई पहचान गंगरार थानाधिकारी तुलसीराम ने बताया कि सुबह किसी राहगीर ने सूचना दी थी कि कोर्ट के पीछे रेलवे ट्रैक के अंडरपास के पास एक शव पड़ा है। सूचना मिलते ही वे, एएसआई शैतान सिंह, कांस्टेबल विक्रांत सिंह और सूचना अधिकारी प्रदीप मौके पर पहुंचे। युवक के सिर पर गंभीर चोट थी और खून भी बहा हुआ था। पुलिस ने आसपास के लोगों को बुलाकर पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई उसे पहचान नहीं पाया। इसके बाद युवक की फोटो अलग-अलग जगह भेजी गई। इसी दौरान जीआरपी से संपर्क हुआ। तुलसीराम ने बताया कि जीआरपी ने जानकारी दी कि रात में एक 15-16 साल का लड़का ने चन्देरिया स्टेशन मास्टर के पास पहुंचा था। उसने बताया था कि वह किशनगढ़ से रतलाम जा रहा था और उसके साथ सफर कर रहा युवक ट्रेन के गेट पर खड़ा था, जहां से वह नीचे गिर गया। रात में उसकी तलाश भी की गई, लेकिन सही जगह का पता नहीं चल सका। बाद में शव मिलने की सूचना पर जीआरपी के सब इंस्पेक्टर सोमेंद्र कसोटिया, सांवर रावत मौके पर पहुंचे। इस दौरान गंगरार पुलिस ने FSL और MOB टीम को भी बुलाया। चूंकि मामला ट्रेन से गिरने का था, इसलिए आगे की कार्रवाई के लिए शव जीआरपी को सौंप दिया गया। रातभर तलाश चलती रही, सुबह शव मिलने पर परिजनों ने की पहचान GRP के सब इंस्पेक्टर सोमेंद्र कसोटिया ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे भीलवाड़ा आरपीएफ से सूचना मिली थी कि जयपुर-भोपाल ट्रेन से एक युवक गिर गया है। सूचना मिलने के बाद टीम ने परिजनों के साथ रात में तलाश की, लेकिन युवक नहीं मिला। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे गंगरार थाना पुलिस से सूचना मिली कि कोर्ट के पीछे पुलिया के पास एक शव पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने उसकी पहचान राहुल मीणा के रूप में की। कसोटिया ने बताया कि राहुल झाबुआ जिले का रहने वाला था और मजदूरी का काम करता था। वह अपनी मां और चचेरे भाई के साथ जनरल कोच में सफर कर रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि टॉयलेट जाने के बाद वह ट्रेन के गेट पर खड़ा था और उसी दौरान चलती ट्रेन से गिर गया। परिजनों ने चंदेरिया स्टेशन मास्टर को सूचना दी। उन्होंने भीलवाड़ा RPF को सूचना दी, जहां से हमें सूचना मिली। फिर देर रात से हम परिजनों के साथ ही तलाश कर रहे थे। GRP पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। जीआरपी पूरे मामले की आगे जांच कर रही है।

हथियार दिखाकर खुद को डॉन-माफिया बताते, हाथ जोड़कर मांगी माफी:5 थानों की पुलिस ने 5 रीलबाजों को पकड़ा; पुलिस के सामने बदले तेवर

भीलवाड़ा में सोशल मीडिया पर बंदूक-तलवार के साथ रील बनाकर खुद को डॉन और बदमाश दिखाने वाले 5 युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पांच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ऐसे युवकों को पकड़ा, जो हथियारों का प्रदर्शन कर लोगों में डर फैलाने और बदमाशों जैसी छवि बनाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पहले देखें … ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर रील बनाई, फिर पुलिस ने पकड़ा जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और तकनीकी सर्विलांस की मदद से कार्रवाई की। पांच थाना क्षेत्रों में ऐसे 5 युवकों को गिरफ्तार किया गया, जो हथियारों के साथ फोटो और रील पोस्ट कर खुद को डॉन, माफिया और बदमाश की तरह पेश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में इन युवकों का रवैया पूरी तरह बदल गया। सोशल मीडिया पर रौब दिखाने वाले युवक आम लोगों से माफी मांगते नजर आए। एसपी बोले- बदमाशी का दिखावा करने वालों पर नजर एसपी सागर ने बताया कि सोशल मीडिया पर हथियार दिखाकर रौब जमाने, बदमाशों का महिमामंडन करने और लोगों में डर फैलाने वाले युवकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है, ताकि युवाओं में गलत संदेश न जाए और कानून-व्यवस्था बनी रहे। पांच थानों में एक साथ कार्रवाई बनेड़ा थाना पुलिस ने सरदारपुरा निवासी बलराम उर्फ बल्लू जाट को गिरफ्तार किया। उसने बंदूक के साथ फोटो पोस्ट कर ‘307’ गैंग से जुड़े संदेश शेयर किए थे। सदर थाना पुलिस ने चौपड़ा का खेड़ा निवासी सुरेश कालबेलिया को पकड़ा, जिसने बंदूक और तलवार के साथ वीडियो बनाकर खुद को माफिया जैसा दिखाने की कोशिश की थी। आसींद थाना पुलिस ने बगता का खेड़ा निवासी रामलाल उर्फ रॉकी को बंदूक के साथ रील बनाने पर गिरफ्तार किया। शाहपुरा थाना पुलिस ने उदयभान गेट निवासी राज उर्फ लकी और कारोई थाना पुलिस ने कोठारिया निवासी कुलदीप सिंह को हथियारों का प्रदर्शन करने के मामले में गिरफ्तार किया। ऐसे वीडियो डालेंगे तो होगी कार्रवाई पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना, बदमाशों का महिमामंडन करना या लोगों में डर फैलाने वाले वीडियो और पोस्ट शेयर करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल में एक रुपए के सिक्के से विवादित-नक्शा नहीं हटेगा:इसमें भारत के इलाकों को अपना दिखाया; नई डिजाइन का प्रस्ताव लौटाया

नेपाल सरकार ने एक रुपए के सिक्के से विवादित राष्ट्रीय नक्शा हटाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इस नक्शे में भारत के लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है। नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) ने पहले प्रस्ताव रखा था कि एक रुपए के सिक्के पर छपे नेपाल के विवादित नक्शे की जगह मुस्तांग के ऐतिहासिक मठ की तस्वीर लगाई जाए। इस नक्शे को सिक्के से हटाने की खबर जैसे ही बाहर आई, इसका विरोध होने लगा। इसके बाद मंत्रालय ने नेपाल राष्ट्र बैंक को निर्देश दिया कि डिजाइन में बौद्ध मठ के साथ नेपाल का राष्ट्रीय नक्शा भी शामिल किया जाए। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव दोबारा मंजूरी के लिए भेजा जाए। मौजूदा सरकार बनने से पहले ही प्रस्ताव तैयार हुआ अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रस्ताव मौजूदा सरकार बनने से पहले तैयार होना शुरू हो गया था। इसका मकसद नेपाल की मुद्रा पर देश की अलग-अलग सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को जगह देना था। नेपाल राष्ट्र बैंक के एक अधिकारी ने कहा, नेपाल के कई नोटों और सिक्कों पर पहले से ही पशुपतिनाथ मंदिर और जानकी मंदिर जैसे हिंदू धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों की तस्वीरें हैं। यह महसूस किया गया कि बौद्ध विरासत को पर्याप्त जगह नहीं मिली है। इसलिए घर मठ को चुना गया क्योंकि इसका ऐतिहासिक महत्व बहुत बड़ा है। साथ ही इससे मुस्तांग में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। लो घेकर मठ नेपाल के अपर मुस्तांग में स्थित है। माना जाता है कि इसकी स्थापना आठवीं शताब्दी में गुरु पद्मसंभव (गुरु रिनपोछे) ने की थी। इतिहासकार इसे नेपाल के सबसे पुराने बौद्ध मठों में से एक ही नहीं, बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र के सबसे प्राचीन बौद्ध मठों में भी गिनते हैं। 1 रुपए को बनाने में 2 रुपए से ज्यादा खर्च नेपाल राष्ट्र बैंक कैबिनेट के निर्देश के मुताबिक नया डिजाइन तैयार करेगा, जिसमें राष्ट्रीय नक्शा और लो घेकर मठ दोनों होंगे। सरकार की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही नए सिक्के की ढलाई शुरू होगी। नेपाल राष्ट्र बैंक एक रुपए के सिक्के की धातु और वजन बदलने की तैयारी भी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस समय एक रुपए का एक सिक्का बनाने में दो रुपए से भी ज्यादा खर्च आता है। इसलिए इसका उत्पादन आर्थिक रूप से घाटे का सौदा बन गया है। नए डिजाइन में सिक्के का वजन भी कम किया जाएगा, जिससे निर्माण लागत घटेगी। 10 रुपए के सिक्के का डिजाइन भी बदलेगा इसके अलावा 10 रुपए के सिक्के पर दैलेख के भुर्ति देवल मंदिर समूह को शामिल करने का प्रस्ताव भी विचार चल रहा है। नेपाल राष्ट्र बैंक 10 रुपये के सिक्के का डिजाइन भी बदलने पर विचार कर रहा है। प्रस्ताव के अनुसार इस सिक्के पर दैलेख जिले के भुर्ति देवल मंदिर समूह की तस्वीर हो सकती है। यह 22 मंदिरों का समूह है, जिसका निर्माण 14वीं और 15वीं शताब्दी में खास मल्ल शासकों के समय हुआ था। नेपाल में मुद्रा के डिजाइन बदलने का इतिहास भी पुराना है। राजशाही के दौर में नोटों और सिक्कों पर राजा महेंद्र, राजा बीरेन्द्र और राजा ज्ञानेन्द्र की तस्वीरें छपी होती थीं। लेकिन वर्ष 2006 के राजनीतिक बदलाव के बाद इनकी जगह माउंट एवरेस्ट, वन्यजीव, राष्ट्रीय स्मारक और सांस्कृतिक प्रतीकों को शामिल किया गया। नेपाल में सिक्के को अपनाने की मंजूरी कैसे मिलती है 2020 के नक्शे के बाद उठा विवाद भारत-नेपाल सीमा विवाद 2020 में हुई थी। भारत ने उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे तक सड़क का उद्घाटन किया। नेपाल ने इसका विरोध करते हुए मई 2020 में नया राजनीतिक नक्शा जारी किया, जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपने क्षेत्र का हिस्सा दिखाया। इसके बाद जून 2020 में नेपाल की संसद ने संविधान संशोधन कर इस नक्शे को आधिकारिक मान्यता दे दी। तब से यही नक्शा सरकारी दस्तावेजों, स्कूल की किताबों, पासपोर्ट, 100 रुपए के नोट और 1 व 2 रुपए के सिक्कों पर इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद सरकार ने नए 1 रुपए के सिक्के की डिजाइन में भी इसी आधिकारिक नक्शे को बनाए रखने का फैसला किया। भारत ने नेपाल के इस कदम पर कड़ी आपत्ति जताई थी। भारत का कहना है कि कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा भारतीय क्षेत्र हैं और सीमा विवाद का समाधान दोनों देशों के बीच बातचीत से होना चाहिए, न कि एकतरफा नक्शा बदलकर। —————————— नेपाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नेपाल में फिर जेन-जी प्रदर्शन; 3 दिन में 3 आत्मदाह:बेरोजगारी के खिलाफ गुस्सा; पीएम बालेन शाह का इस्तीफा मांगा नेपाल में युवाओं की बढ़ती नाराजगी फिर से सड़कों पर दिखाई देने लगी है। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ‘बालेन’ के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। राजधानी काठमांडू में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने सरकार पर युवाओं में उम्मीद और भरोसा जगाने में विफल रहने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…

भाई को बचाने डिग्गी में कूदा बड़ा भाई,दोनों की मौत:रेस्क्यू करने के लिए ग्रामीण उतरे; पाइप ठीक करते समय पैर फिसला था

श्रीगंगानगर में खेत में पाइप ठीक करते समय पानी की डिग्गी में गिरे छोटे भाई को बचाने के लिए बड़ा भाई भी कूद गया। दोनों गहरे पानी में डूब गए। ग्रामीणों ने काफी देर तक रेस्क्यू किया, लेकिन दोनों को नहीं बचाया जा सका। हादसे में दोनों सगे भाइयों की मौत हो गई। हादसा रायसिंहनगर क्षेत्र के 56 एनपी गांव में मंगलवार को सुबह हुआ। पाइप ठीक करते समय छोटा भाई डिग्गी में गिरा, बचाने कूदा बड़ा भाई जानकारी के अनुसार, 45 एनपी के रहने वाले राजदीप सिंह (20) और गुरजीत सिंह (24) खेत में पाइप ठीक कर रहे थे। इसी दौरान राजदीप का पैर फिसल गया और वह डिग्गी में गिर गया। उसे बचाने के लिए बड़ा भाई गुरजीत भी तुरंत डिग्गी में कूद गया, लेकिन दोनों डूब गए। ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू, दोनों भाइयों को नहीं बचाया जा सका घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर दोनों भाइयों को बचाने के लिए रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। हादसे में दोनों सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोर पहुंचे, शव डिग्गी से निकाले घटना की सूचना मिलते ही रायसिंहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गोताखोरों को भी बुलाया। उनकी मदद से दोनों भाइयों के शव डिग्गी से बाहर निकाले गए। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

पाकिस्तान में पेट्रोल 35 पैसे सस्ता, डीजल 5.71 रुपया महंगा:पेट्रोल 315.80 और डीजल 360.06 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 21 जुलाई से लागू

पाकिस्तानी सरकार ने पेट्रोल के दाम में 35 पैसे प्रति लीटर की कटौती की है, जबकि हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 5.71 रुपया लीटर बढ़ा दी है। नई दरें 21 जुलाई से लागू हो गई हैं। दामों में इस बदलाव के बाद अब बाजार में पेट्रोल की नई कीमत 315.80 रुपया लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 360.06 रुपया प्रति लीटर हो गई है। भारत और पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नोट: ₹- भारतीय रुपया, पाकिस्तान में भारतीय रुपए की वेल्यू 2.89 पाकिस्तानी रुपया के बराबर है। अप्रैल के रिकॉर्ड हाई से कम हैं मौजूदा दरें ईंधन की मौजूदा कीमतें इस साल अप्रैल में बने अपने ऑल-टाइम हाई से अब भी काफी नीचे हैं: अब हफ्ते की जगह रोजाना तय हो रहे पेट्रोल डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में आ रहे तेज उतार-चढ़ाव को देखते हुए सरकार ने बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की है कि अब देश में फ्यूल रेट्स हफ्ते के बजाय रोजाना आधार पर तय किए जाएंगे। डीलर्स एसोसिएशन ने फैसले का विरोध किया सरकार के रोजाना रेट तय करने के फैसले का ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन ने इस व्यवस्था को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ इसी हफ्ते विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।