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राजस्थान के 8 जिलों में डेंगू-मलेरिया का खतरा:स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाई रिस्क एरिया माना; मच्छरों को पनपने से रोकने का आदेश

देश में इस साल कमजोर मानसून रहने का अनुमान है। कम बारिश, नमी और गर्मी को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मौसमी बीमारियां ज्यादा होने की आशंका जताई है। मंत्रालय ने पिछले दिनों देश के सभी राज्यों को पत्र लिखकर मौसमी बीमारियों (डेंगू-मलेरिया) के ज्यादा बढ़ने की आशंका जताते हुए इसके बचाव की तैयारियां रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हर राज्य में हाई रिस्क जिलों की लिस्ट तैयार की है, जिसमें विशेष मॉनिटरिंग की जरूरत बताई है। जयपुर सहित राजस्थान के 8 जिलों को हाई रिस्क एरिया में शामिल किया है। मंत्रालय ने पिछले तीन साल की रिपोर्ट देखते हुए उन जिलों को हाई रिस्क एरिया में माना है, जहां डेंगू-मलेरिया के 500 या उससे ज्यादा केस मिले हैं। मच्छरों को पनपने से रोकने के करने होंगे उपाय मंत्रालय ने हाई रिस्क एरिया में शामिल जिलों में मच्छरों को पैदा होने (पनपने) से रोकने के लिए हर सप्ताह ड्राइंग-डे एक्टिविटी करने के आदेश दिए हैं। इसमें आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ उन एरिया में एंटीलार्वा एक्टिविटी की जाएंगी, जहां मच्छरों के पनपने की सबसे ज्यादा आशंका रहती है। यूपी में सबसे ज्यादा जिले उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 23 जिले स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिह्नित किए हैं, जिनमें डेंगू-मलेरिया फैलने की सबसे ज्यादा आशंका जताई है। महाराष्ट्र के 15, पश्चिम बंगाल के 13, बिहार व पंजाब के 9-9, हरियाणा के 8, दिल्ली के 7, मध्य प्रदेश, गुजरात व उत्तराखंड के 4-4 और छत्तीसगढ़ का 1 जिला शामिल है। रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाने के निर्देश मंत्रालय ने सभी राज्यों को इस तरह की बीमारियों को कंट्रोल करने के साथ-साथ ही ट्रेसिंग और प्राथमिक ट्रीटमेंट के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। पर्याप्त मात्रा में ब्लड और ब्लड कॉम्पोनेंट के साथ-साथ दवाइयों का स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं।

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