हाईकोर्ट ने राज्यपाल के आदेश पर लगाई रोक:दिव्यांग यूनिवर्सिटी के कुलपति देव स्वरूप की बर्खास्तगी रोकी, भर्ती में धांधली के लगे थे आरोप

राजस्थान के राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े द्वारा जारी बर्खास्तगी के आदेश पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इससे राजस्थान यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में धांधली के आरोप में हटाए गए कुलपति देव स्वरूप को बड़ी अंतरिम राहत मिली है। जस्टिस रेखा बोराणा की अदालत ने बाबा आमटे दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति पद से देव स्वरूप को हटाने के आदेश पर रोक लगाई है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा- प्रथमदृष्ट्या बर्खास्तगी का यह आदेश पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और मनमाना प्रतीत होता है। ऐसे में इस पर रोक लगाई जाती है। दरअसल, देव स्वरूप के राजस्थान यूनिवर्सिटी में कुलपति रहने के दौरान साल 2011-12 और 2013-14 में 294 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर हुई भर्ती में धांधली की शिकायत मिली थी। जांच के बाद राज्यपाल और कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी के पहले कुलपति (VC) और विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो. देव स्वरूप को 27 मई 2026 को पद से हटा दिया था। जांच में भर्ती प्रक्रिया के दौरान इंटरव्यू में चहेते अभ्यर्थियों को ज्यादा नंबर देने की गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसमें योग्य अभ्यर्थियों को 50 में से सिर्फ 10, जबकि चहेते अभ्यर्थियों को 49 नंबर दिए जाने का खुलासा हुआ था। राजस्थान यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत कार्रवाई गलत याचिकाकर्ता के सीनियर एडवोकेट आर.एन. माथुर ने कोर्ट में बहस करते हुए कहा- याचिकाकर्ता के खिलाफ साल 2025 में जांच हुई, लेकिन उन्हें हटाने की कार्रवाई उनके कार्यकाल खत्म होने से महज एक महीने पहले की गई। उन्होंने दलील दी कि देव स्वरूप को हटाने की कार्रवाई राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) के एक्ट के तहत की गई है, जबकि वे बाबा आमटे दिव्यांग यूनिवर्सिटी के वीसी (कुलपति) थे। ऐसे में उन पर राजस्थान यूनिवर्सिटी के एक्ट के तहत कार्रवाई की ही नहीं जा सकती। टीचर का चयन अकेला कुलपति नहीं करता याचिका में यह भी कहा गया कि 13 साल पहले उनके कार्यकाल में हुई टीचर चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी थी। शिक्षकों का चयन किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत चयन समिति करती है। चयन समिति में केवल कुलपति ही नहीं होते, बल्कि विषय विशेषज्ञों के अलावा राज्यपाल के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। इसमें प्रत्येक अभ्यर्थी की परफॉर्मेंस के आधार पर उसका मूल्यांकन कर सामूहिक रूप से निर्णय लिया जाता है। इसलिए, ऐसा कोई भी आरोप कि किसी अभ्यर्थी को अधिक या कम अंक दिए गए, पूरी तरह से बेबुनियाद है और उनकी छवि को खराब करने का प्रयास है। —- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए.. राजस्थान यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में धांधली:आरोपी VC को हटाया; चहेतों को ज्यादा नंबर दिए, सिलेक्शन प्रोसेस को प्रभावित किया राजस्थान यूनिवर्सिटी में साल 2011-12 और 2013-14 के दौरान 294 सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) के पदों पर हुई भर्ती विवाद में घिर गई है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान इंटरव्यू में चहेते अभ्यर्थियों को ज्यादा नंबर देने की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। योग्य अभ्यर्थियों को 50 में से सिर्फ 10, जबकि चहेते कैंडिडेट को 49 नंबर देना सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर

68 जब्त वाहन नीलाम, 27 गाड़ियों के नहीं मिले खरीदार:आबकारी विभाग को अनुमान से 38 लाख रुपए अधिक राजस्व मिला

जिले में आबकारी विभाग की ओर से गुरुवार को शराब तस्करी में पकड़ी गई 95 में से 68 गाड़ियां नीलाम की गई। इससे विभाग को अनुमान 38 लाख रुपए का ज्यादा राजस्व मिला। नीलामी से 1 करोड़ 47 लाख रुपए का राजस्व मिला है। हालांकि 9 घंटे 30 मिनट चली नीलामी में 27 गाड़ियों के लिए कोई खरीदार नहीं मिला है। आबकारी विभाग की ओर से शहर के अटल सामुदायिक केंद्र में नीलामी की प्रक्रिया की गई। नीलामी को लेकर कई खरीदार पहुंचे। जिला आबकारी अधिकारी भरत मीणा ने बताया कि जिलेभर में शराब तस्करी करते पकड़ी गई गाड़ियों की नीलामी की गई है। आबकारी विभाग के साथ ही पुलिस थानों की ओर से इन गाड़ियों को जब्त किया गया था। इसमें 24 एचएमवी, 59 एलएमवी ओर 12 दुपहिया गाड़ियों की नीलामी की गई। 95 गाड़ियों में से 68 गाड़ियों की खरीद के लिए 1 करोड़ 47 लाख रुपए की बोली लगी, जबकि विभाग को 1 करोड़ 9 लाख रुपए के राजस्व का अनुमान था, लेकिन विभाग को 38 लाख रुपए का अधिक राजस्व मिला। वहीं, 27 गाड़ियों के लिए कोई खरीदार नहीं आया। इन गाड़ियों के अधिक पुरानी होने के साथ ही खराब हालत बड़ी वजह बताई जा रही है। जिस कारण कोई खरीदार नहीं आया।

हिरासत में मौत के मामले में 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद:15 साल पुराने मामले में महाराष्ट्र की कोर्ट ने सुनाई सजा, CID ने की थी जांच

महाराष्ट्र के वाशिम जिले की एक अदालत ने 2011 के हिरासत में मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जे. पी. झापटे ने तत्कालीन रिसोड पुलिस थाने के प्रभारी माधव धांडे समेत 9 पुलिसकर्मियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। यह मामला भेग्या पवार नाम के एक युवक की मौत से जुड़ा है। पवार को चोरी से जुड़े एक मामले में पूछताछ के लिए रिसोड पुलिस ने हिरासत में लिया था। हिरासत में ही उसकी मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने हिरासत में उनके साथ यातनाएं दी थीं। इसके बाद मामले की जांच राज्य की अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी गई थी। अदालत ने तत्कालीन थाना प्रभारी माधव धांडे के अलावा मदन पवार, शिवाजी खिल्लारी, पंजाब पाटकर, रमेश पवार, प्रकाश तराम, नागोराव खांडके, अशोक वैद्य और वसंत जाधव को दोषी करार दिया। सभी को भारतीय दंड संहिता (IPC) और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई। जांच एजेंसी ने 34 दिनों में की जांच पूरी इस मामले की जांच सीआईडी ने की थी. जांच एजेंसी ने महज 34 दिनों में जांच पूरी कर पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और एससी एसटी कानून के तहत भी मामला दर्ज किया था. अदालत में सरकारी पक्ष ने सबूतों और गवाहों के आधार पर यह साबित करने की कोशिश की कि हिरासत में हुई मौत कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि कथित तौर पर पुलिस की हिंसा का परिणाम थी। मृतक का नहीं था कोई आपराध‍िक र‍िकॉर्ड सरकारी वकील श्रीराम नारायणराव ने कोर्ट को बताया क‍ि बेग्या पवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और किसी व्यक्ति का अपराध साबित होने से पहले पुलिस को उसे प्रताड़ित करने या कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं था। अदालत ने भी माना कि पुलिस हिरासत में किसी नागरिक के साथ अमानवीय व्यवहार और हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर चोट है। इसी आधार पर सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई। मेडिकल रिपोर्ट में शरीर की कई हड्डियां टूटी निकली थीं माता-पिता ने दर्ज शिकायत में बताया था कि पुलिस का कहना था कि वो उसे सिर्फ पूछताछ के लिए ले जा रहे हैं। लेकिन स्टेशन ले जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने बेग्या पवार की बेरहमी से पिटाई की, जिसके कारण कस्टडी में ही उसकी मौत हो गई। बाद में जब भेग्या की मेडिकल जांच हुई, तो रिपोर्ट में उसके शरीर की कई हड्डियां टूटने की बात सामने आई थी। युवक का ताल्लुक पारधी समाज से था और इसके विरोध में भारी प्रदर्शन और मार्च निकाले गए थे। —————– ये खबर भी पढ़ें… कांस्टेबल रेवती की गवाही से 9-पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा:तमिलनाडु में बाप-बेटे की कस्टोडियल मौत का सच बताया था तमिलनाडु के सथानकुलम में पिता-बेटे की कस्टोडियल मौत मामले में 6 साल बाद 6 अप्रैल को मदुरै कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई। इस पूरे मामले में हेड कांस्टेबल रेवती (43) का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। पूरी खबर पढ़ें…

चित्तौड़गढ़ में सरकारी टीचर और युवती की मौत:हाईवे पर यू-टर्न लेते समय ट्रक से हुई बाइक की टक्कर

चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर ट्रक से टक्कर में बाइक सवार सरकारी टीचर और एक युवती की मौत हो गई। अचानक यू-टर्न लेने की कोशिश के दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से बाइक टकरा गई। हादसे में दोनों के सिर में गंभीर चोट लगी और मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव मॉर्च्युरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दी है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। हादसा भदेसर थाना क्षेत्र के होडा चौराहे पर गुरुवार शाम को हुआ। हाईवे पर यू-टर्न लेते समय ट्रक से टकराई बाइक पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बारां निवासी सरकारी टीचर सुरेश मीणा और छतरगंज (बारां) निवासी युवती रवीना बाइक से उदयपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अचानक बाइक मोड़कर चित्तौड़गढ़ की तरफ लौटने की कोशिश की। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े और सिर में गंभीर चोट लगने से अचेत हो गए। हादसे की सूचना पर भदेसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस से जितेंद्र कुमार शर्मा और पायलट विष्णु धाकड़ ने दोनों को जिला हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं पुलिस ने भीड़ हटाकर ट्रैफिक को सुचारु कराया और सड़क पर यातायात फिर से शुरू करवाया। जानकारी के अनुसार, सुरेश मीणा भिंडर के पास खातीखेड़ा गांव के सरकारी स्कूल में लेवल-वन टीचर थे। पुलिस ने दोनों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी।

पाली में शाम को हुई बरसात:शहरवासियों को उमस भरी गर्मी से मिली कुछ राहत

पाली नमें दिनभर उमस भरी गर्मी से बेहाल रहे शहरवासियों को गुरुवार शाम कुछ राहत मिली। शाम के समय तेज हवाओं के साथ करीब 20 मिनट तक बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट महसूस की गई और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। जबकि ठंडी हवाओं ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया। पाली शहर के अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भी बारिश होने की समाचार मिले हैं। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों के चेहरे खिल उठे। दिनभर की उमस गर्मी के बाद शाम की बारिश ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया। गुरुवार को पाली का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में भी बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को बड़ी राहत देते हुए मौसम को सुखद बना दिया।

बेनीवाल बोले- बीजेपी 11 से 21 सीट में ही-सिमट जाएगी:सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर हो रहे मुकदमें, बॉर्डर इलाके के लोग सहमे हुए

सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को एक दिवसीय बाड़मेर दौरे रहे। बालोतरा में एंट्री करने के साथ उनका जगह-जगह स्वागत किया गया। दोपहर के समय बाड़मेर सर्किट हाउस पहुंचे। वहां आरएलपी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। मीडिया से बातचीत करते हुए कहा- लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं लगे। सरकार लोगों को बैठाकर बात कर करके तय करें। बॉर्डर के इलाके के लोग डरे हुए ओर सहमे हुए है। वो बाहर नहीं निकल रहे है उनको सबल देने के लिए, उनकी वाजिब मांग को लेकर उनके बीच में रहूंगा। बेनीवाल ने कहा- देश की सुरक्षा सबसे पहले है लेकिन एक अतिक्रमण तोड़ रहे हो, दूसरे का छोड़ रहे हो। इससे सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है। मुस्लिम भाइयों से मिलूंगा ओर उनकी बात को सुनूंगा। कांग्रेस-बीजेपी के जो खिलाफ है वो सारे हमारे साथ ही है। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर हो रहे मुकदमें आरएलपी कार्यकर्ताओं पर हो रहे मुकदमों के सवाल पर बेनीवाल ने कहा- घुमंतु औ अर्द्ध घुमंतु जो जातिया है। जिसको हर व्यक्ति बड़े मन से देखता है। उनका स्थानीय समाधान होना चाहिए, लेकिन कल घुमंतु और अर्द्ध घुमंतु जो प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर जिस तरीके से लाठियां बरसाई, आंसू गैस के गोले छोड़े, उनके नेताओं को गिरफ्तार किया। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष का हमारे आरएलपी कार्यकर्ताओं ने विरोध कर दिया था। विरोध सही लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहचान है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने हत्या करने जैसे बयान दिए थे। बीजेपी आरएलपी को सबसे बड़ा दुश्मन मान रही बेनीवाल ने कहा- बीजेपी को लगा कि सांधु संत भी हमारे हाथ से निकल नहीं जाए। गाय के लिए हम कुछ कर नहीं पाए। गोमांस बढ़ रहा है। इनके बहुत से मंत्री तो बंगाल में गाय का मीट खाते हुए के वीडियो देखें होंगे। कई न कई बीजेपी को लग रहा है कि हमारा कोर वोटबैक खिसक कर बीजेपी की तरफ डायवर्ट हो रहा है। बीजेपी कांग्रेस को राजनीति विरोधी नहीं मानती है आरएलपी को मान रही है। कांग्रेस को तीसरे दिन नंबर पर मान रही है। आरएलपी को सबसे बड़ा दुश्मन मान रही है। बीजेपी को चुनौती हमारा कार्यक्रम रोके सांसद ने कहा- भजनलाल सरकार को चुनौती दे चुके है कि आप हमारा एक भी कार्यक्रम रोक नहीं सकते हो। भरतपुर का कार्यक्रम था। वहां पर बीजेपी के विधायक आए थे वो किस तरीके से उठ कर चले गए थे। फिर लाखों को भरतपुर के अंदर आए। आरएलपी सुप्रीमों ने कहा- बाड़मेर आरएलपी का गढ़ है। पंचायती राज चुनाव हम लड़ेंगे और इससे एक मैसेज जाएगा, कि पंचायती राज चुनाव लड़कर कोई लंबा संघर्ष नहीं कर पाई है। पीएम मोदी का देश में क्रेज खत्म पीएम मोदी के रिफाइनरी उद्घाटन के सवाल पर बेनीवाल ने कहा- जनसभा पहले भी करते थे तो वहां भीड़ किराए की आती थी। कुर्सियां लगानी पड़ती थी। हमारी जो भीड़ होती है वो लोग नीचे बैठते है। कुर्सियां लगाने के बाद भी लोगों को लाना पड़ता है। मोदीजी का देश में क्रेज खत्म हो गया है। धीरे-धीरे कटर बीजेपी के लोग भी इस व्यवस्था से दुखी है। कोई सुन नहीं रहा है। अमेरिका के आगे घुटने टेकने की आवश्यकता नहीं अमेरिका और इरान झगड़े पर बेनीवाल ने कहा- इसमें हमारी भारत की स्थिति अच्छी नहीं थी। अमेरिका के आगे घुटने टेकने की आवश्यकता नहीं थी। ट्रंप भारत का न्याल नहीं करेगा। रईसा हमारा पुराना दोस्त था। पीछे-पीछे भागने से कोई बड़ा नहीं मानता है। पीएम के सामने वाला पाला खाली है। देश की जनता अभी कांग्रेस को चाह नहीं रही है। मोदी- अमित शाह ने लगाई अघोषित इमरजेंसी बेनीवाल ने कहा- जिस तरीके से लगातार सांसद तोड़ रहे है लोकतंत्र की हत्या बीजेपी के लोग कर रहे है। इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाई थी। मोदी और अमित शाह ने अघोषित इमरजेंसी देश के अंदर लगा दी है। कोई भी बोले ईडी-सीबीआई भेज दो। मुकदमें दर्ज करवाओ, ज्यूडिशरी से सजा करवाओं अपने आप सदस्यता खत्म हो जाएगी। लड़ने वाले लोग देश मे कम बचे है। जाट आरक्षण यूपी चुनाव से पहले लेकर रहेंगे बेनीवाल ने कहा- मानसून सत्र में जाट आरक्षण को लेकर प्रतिनिधि के साथ मिलूंगा। पिछले यूपी चुनाव में अमित शाह ने मूंछ का बाल जाट समाज के लोगों को दिया कि 9 स्टेट के जाट है इनको केंद्र में आरक्षण ओर हरियाणा में जाटों को ओबीसी आरक्षण देंगे। इस बात पर वहां के लोगों ने वोट भी दिया था। यूपी चुनाव से पहले लोग आरक्षण लेकर रहेंगे। सांसद ने कहा- अगले चुनाव में हमारे साथ ब्राहमण, जैन, राजपूत सभी जातियां आएंगी। एससी-एसटी वर्ग तो मेरे साथ ही है। जगन गुर्जर मर्डर के सवाल पर सांसद ने कहा- जेल प्रशासन और ऊपर तक हाथ है। चार-पांच लोगों ने मिलकर उसकी हत्या की है। एक व्यक्ति नहीं मार सकता है। मैंने सीबीआई जांच की मांग मैंने की थी। सरकार के गृह राज्य मंत्री उनकी पंचायती कर रहे थे। आंदोलन वो लोग करते तो मैं चला जाता। सरकार ने उनको ठग लिया है। सरकार का काम ठगी करना है। आंदोलन खत्म करवाना होता है। पहले आंदोलन की परमिशन दो फिर मुकदमें दर्ज करवा दो। कांग्रेस पर जुबानी हमला बोलते हुए कहा- राजस्थान में चार धड़े है। प्रदेशाध्यक्ष, प्रतिपक्ष नेता, गहलोत, सचिन चार धड़े पहले से बने हुए है। राजस्थान के लोगों को हरियाणा सीएम ने अपमानित किया जल समझौते के सवाल पर बेनीवाल ने कहा- आनन-फानन में बैठाया गया। पहले बात दी सिचाई के लिए पानी लाने की। सिंचाई बीच में गायब हो गई। बीजेपी के कई लोग जो आसपास रहते है वो चाहते है कि सीएम भजनलाल शर्मा की मजाक कैसे बने। यह इतने खुश हो रहे थे। जैसे पानी खुद साथ में लेकर आ गए। पानी कब आएगा। आज हरियाणा के लोग सड़क पर आ गए। हरियाणा के मुख्यमंत्री ने जो ट्वीट किया है कहा- बेचारे लोग राजस्थान के अंदर प्यासे है। हरियाणा के सीएम ने हमारा कितना बड़ा अपमान किया है। मुख्यमंत्री अपने घर से पानी दे रहा है क्या? हरियाणा में भी कई न कई से पानी आ रहा होगा। पानी पर केंद्र का अधिकार है। वहां के सीएम की ओछी मानसिकता देखों राजस्थान के लोगों को किस तरीके से अपमानित किया। बीजेपी 11 से 21 सीटों पर सिमट जाएगी बेनीवाल ने कहा- अगर एक साल तक और यू ही चलता रहा तो कांग्रेस 21 सीट पर आई थी। बीजेपी 11 से 21 सीट में ही सिमट जाएगी। कांग्रेस को मत लाओ, आरएलपी को लेकर आओ।

गर्ग बोले- जिले की खेल-प्रतिभाओं को आगे आने का मौका-मिलेगा:मुख्य सचेतक और जिला कलेक्टर ने किया शाह पूंजाजी गेनाजी स्टेडियम का निरीक्षण

राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग और जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने शाह पूंजाजी गेनाजी स्टेडियम का निरीक्षण किया। इसके साथ ही खेल सुविधाओं के विकास एवं खेल गतिविधियों के लिए उन्नत ट्रेक एवं स्पोर्ट्स सुविधाओं के निर्माण को लेकर राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद जयपुर के एईएन और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ चर्चा की। मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रूप में विकसित के निर्देश मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने स्टेडियम परिसर एवं कॉलेज खेल मैदान में उपलब्ध खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों को जोड़कर मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किए जाने के निर्देश दिए। स्टेडियम में पैवेलियन निर्माण, अन्तर्राष्ट्रीय खेल मानकों के अनुरूप सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रेक निर्माण (400 मीटर), फूटबाल-हॉकी मैदान, मार्शल आटर्स व बॉक्सिंग रिंग, मल्टीपरपज इन्डोर हॉल, खिलाड़ियों के लिए ड्रेसिंग रूम, स्टेडियम में उच्च क्षमता की फ्लड लाइट व्यवस्था सहित समग्र सौन्दर्यकरण व सुरक्षा को लेकर विस्तार से चर्चा कर निर्देश दिए। खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मिलेगा मौका उन्होंने कहा- जिला स्टेडियम में खेल सुविधाओं का विकास होने से जिले की खेल प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा और राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत कर जालोर जिले व राज्य का नाम रोशन करेंगे, इसके लिए राज्य सरकार, क्रीड़ा परिषद के साथ जिले के भामाशाहों और सीएसआर फंड की सहायता ली जाएगी। मीडिया गैलरी का किया जाए निर्माण मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने मुख्यालय स्थित सूचना केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सूचना केंद्र में पाठकों के लिए आधुनिक लाइब्रेरी व पत्रकारों के लिए आधुनिक सुविधायुक्त मीडिया गैलरी के निर्माण को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को प्लान बना कर भिजवाने के लिए निर्देशित किया। ये अधिकारी मौजूद रहे इस अवसर पर जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, पीडब्ल्यूडी के एसई रमेश सिंघारिया, एक्सईएन शंकर सुथार, एईएन अनिल शर्मा, क्रीडा परिषद के भागीरथ, नाथू सोलंकी सहित स्थानीय खेलप्रेमी तथा अधिकारी-कार्मिक उपस्थित रहे।

चोरी की FIR दर्ज नहीं की, थाने पर धरना:आरोप- 33 हजार रुपए चुराए, 22 हजार में समझौता करा रहे; ASI बोले- युवती ने जुर्म स्वीकारा

कोटा में चोरी के मामले में FIR दर्ज करवाने की मांग को लेकर करणी सेना ने दादाबाड़ी थाने के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है- 33 हजार की चोरी की शिकायत और सबूत देने के बाद भी 4 दिन तक पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। बल्कि 22 हजार रुपए में समझौता करवाने में लगे रहे। मजबूर होकर थाने के बाहर धरने पर बैठना पड़ा। वहीं दादाबाड़ी थाना ASI प्रेम सिंह ने समझौता करवाने के आरोप को नकारा। उन्होंने कहा- युवती ने थाने आकर चोरी करना कबूल कर लिया था। क्लिनिक से चुराए थे रुपए शिकायतकर्ता करणी सेना जिलाध्यक्ष अभिनव सिंह हाड़ा ने बताया कि दादाबाड़ी इलाके में मेरा स्किन और हेयर ट्रांसप्लांट का क्लिनिक है। सितंबर 2025 से एक युवती को क्लिनिक पर काम के लिए लगा रखा था। युवती ने 19 जून को गल्ले से 33 हजार की नकदी चुरा ली। चोरी की घटना क्लिनिक पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। युवती से रुपए वापस मांगे तो कुछ दिन तक वह टालती रही। मजबूर होकर 28 जून को थाने में चोरी की शिकायत दी। शिकायत देने के बाद पुलिस ने दो दिन तक आरोपी युवती को थाने बुलाया। युवती 33 हजार रुपए वापस देने के लिए राजी हो गई, लेकिन जांच अधिकारी 22 हजार में समझौता करवाने की बात करने लगे। प्रदर्शन के बाद एफआईआर दर्ज करने पर पुलिस राजी अभिनव सिंह हाड़ा ने बताया- जब युवती से कहा कि चोरी 33 हजार की हुई है। वापस 33 हजार दिलवाओ या FIR दर्ज करो, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। ये सारी घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। मजबूरन गुरुवार शाम को थाने के बाहर प्रदर्शन करना पड़ा। तब जाकर पुलिस FIR दर्ज करने को राजी हुई। दादाबाड़ी थाना ASI प्रेम सिंह ने बताया- युवती अकाउंट का काम देखती थी। कभी-कभी नकदी अपने घर ले जाती थी, जिसे दूसरे दिन वापस ले आती थी। अभिनव सिंह ने 28 जून को चोरी का परिवाद दिया था। इसकी जांच की जा रही थी। युवती को थाने बुलाया तो उसने चोरी करने की बात मान लीं। रुपए लौटने के लिए राजी हो गई। युवती ने कहा था कि घटना के बाद मुझे क्लीनिक पर नहीं रखेंगे। इसलिए जितने दिन काम किया उसका सैलरी दिलवाओ। समझौता करवाने के आरोप बेबुनियाद हैं। आज FIR दर्ज कर रहे हैं।

विवाहिता को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर रेप:युवक-दोस्तों पर देह शोषण का आरोप, परीक्षा देने जाते समय कार में बैठाकर ले गया

चूरू में एनटीपीसी की परीक्षा देने जा रही एक विवाहिता से कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। विवाहिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार विवाहिता राजलदेसर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। उसकी शादी 18 जुलाई 2021 को सुजानगढ़ तहसील के एक गांव में हुई थी। इंस्टाग्राम पर उसकी दोस्ती रतनगढ़ के 24 वर्षीय एक युवक से हुई थी। विवाहिता ने बताया कि 19 जून को उसकी एनटीपीसी की परीक्षा थी। उसके पिता उसे रतनगढ़ के संगम चौराहे पर छोड़कर चले गए। वहां युवक कार लेकर आया और उसे सीकर चलने को कहा। वह उसके साथ कार में चली गई। युवक उसे एक होटल में ले गया, जहां उसने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। इससे वह बेहोश हो गई। देर रात होश आने पर उसने खुद को निर्वस्त्र पाया और युवक भी निर्वस्त्र था। युवक ने उसकी अश्लील तस्वीरें दिखाकर वायरल करने की धमकी दी और उसे दो-तीन दिन तक होटल में रोके रखा। 21 जून को वह अपने घर वापस आ गई। 24 जून को युवक ने फोन कर उसे राजलदेसर-सिमसिया सड़क मार्ग पर बुलाया। वहां उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर सूरत ले गया। इस दौरान गाड़ी दूसरा युवक चला रहा था। सूरत में एक अन्य युवक भी मिला, जिसने कमरे की व्यवस्था की। वहां भी युवक ने अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर उससे दुष्कर्म किया। विवाहिता के अनुसार इस दौरान दो-तीन अन्य युवकों ने भी उसका देह शोषण किया। बाद में इन लोगों ने विवाहिता को राजसमंद में छोड़ दिया। उसके पिता और अन्य परिजन उसे वहां से गांव लेकर आए। परिजनों के पूछने पर विवाहिता ने पूरी घटना बताई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और रतनगढ़ थानाधिकारी गौरव खिड़िया मामले की जांच कर रहे हैं।

CET ग्रेजुएशन लेवल का नोटिफिकेशन जारी:4 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन, एक महीने तक चलेंगे; SC-ST को 5% अंकों में छूट

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने सामान्य पात्रता परीक्षा (CET) ग्रेजुएशन लेवल का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जिसके लिए 4 जुलाई से आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। जो अगले एक महीने तक जारी रहेगी। बोर्ड की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, CET ग्रेजुएशन लेवल के माध्यम से भविष्य में होने वाली कई प्रमुख भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता तय की जाएगी। इनमें प्लाटून कमांडर, पटवारी, जूनियर लेखाकार, तहसील राजस्व लेखाकार, महिला सशक्तिकरण विभाग में पर्यवेक्षक, एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) में पर्यवेक्षक, उप-जेलर, छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-II, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) सहित अलग – अलग विभागों के कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इन पदों पर अलग-अलग भर्ती विज्ञापन बाद में जारी किए जाएंगे, लेकिन उनमें आवेदन करने के लिए CET पास होना अनिवार्य रहेगा। अंतिम वर्ष के छात्रों को भी आवेदन की अनुमति RSSB के अध्यक्ष आलोक राज ने बताया कि आलोक राज ने बताया कि बोर्ड द्वारा अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों और जिनका स्नातक का परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है, उन्हें भी आवेदन की अनुमति दी गई है। हालांकि, संबंधित भर्ती प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को विभागीय सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी। ऐसे में प्रत्येक पद के लिए आवश्यक योग्यता, अनुभव और अन्य पात्रता शर्तें संबंधित भर्ती के विज्ञापन में अलग से जारी की जाएंगी। आवेदन के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु होनी चाहिए 18 साल सामान्य पात्रता परीक्षा में आवेदन के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 साल होनी चाहिए, जबकि 1 जनवरी 2027 को अधिकतम आयु 40 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार, अनुसूचित जाति(SC), अनुसूचित जनजाति(ST), अन्य पिछड़ा वर्ग(OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग(EWS) और अन्य आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में नियमानुसार छूट का लाभ मिलेगा। आवेदन शुल्क भी वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था के तहत निर्धारित आवेदन शुल्क भी वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था के तहत निर्धारित किया गया है। सामान्य वर्ग तथा क्रीमी लेयर OBC और MBC वर्ग के अभ्यर्थियों को 600 रुपए फीस देनी होगी। वहीं राजस्थान के नॉन-क्रीमी लेयर OBC, MBC, EWS, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सभी दिव्यांगजन अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 400 रुपए रखा गया है। ऑफलाइन OMR आधारित मोड में किया जाएगा परीक्षा का आयोजन परीक्षा का आयोजन ऑफलाइन OMR आधारित मोड में किया जाएगा। प्रश्नपत्र में कुल 150 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न होंगे, जो 300 अंकों के होंगे। परीक्षा के लिए 3 घंटे का समय मिलेगा। सभी प्रश्न समान अंक के होंगे और प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई (1/3) अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी। बोर्ड ने बताया कि CET केवल पात्रता परीक्षा होगी। इसके आधार पर संबंधित विभागों की मुख्य भर्ती परीक्षा या इंटरव्यू में में शामिल होने के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। SC-ST वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम योग्यता अंकों में 5% की छूट अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम योग्यता अंकों में 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। परीक्षा का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी रहेगा और आवश्यकता अनुसार प्रश्नपत्र द्विभाषी रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।