भास्कर अपडेट्स:जम्मू-कश्मीर में CRPF की गाड़ी सड़क से फिसली, 6 जवान घायल

जम्मू कश्मीर के गांदरबल जिले में गगनगीर टनल के पास CRPF की एक गाड़ी सड़क से फिसल गई। जिसमें 6 जवान घायल हो गए। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक हादसे की वजह के बारे में पता लगाया जा रहा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… NEET-PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को, सवाल 200 से घटाकर 180 किए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) 30 अगस्त को NEET-PG 2026 परीक्षा आयोजित करेगा। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के चेयरपर्सन अभिजीत सेठ ने छात्रों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहने की अपील की। सेठ ने कहा कि मैं छात्रों को भरोसा दिलाता हूं कि परीक्षा बहुत सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। चूंकि यह कंप्यूटर-आधारित परीक्षा है, इसलिए इसमें कई ऑब्जेक्टिव टूल्स का इस्तेमाल होता है। परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना बहुत कम है। सेठ ने परीक्षा में सवालों की संख्या कम करने की वजह भी बताई और कहा कि इससे छात्रों को पेपर सॉल्व करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। परीक्षा समिति का मानना ​​था कि 20 सवाल कम करने से छात्रों को कम से कम आधा घंटा ज्यादा मिलेगा। दिल्ली में ड्यूटी पर तैनात CRPF जवान ने सर्विस रिवॉल्वर से खुदकुशी की दिल्ली के मोती बाग इलाके में ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवान ने गुरुवार को अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक जवान की पहचान नरसी लाल यादव के तौर पर हुई है। यादव ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारी। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। दिल्ली SIR प्रक्रिया: 3 दिन में 21 लाख से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे, 63000 से ज्यादा डिजिटाइज वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के लिए घर-घर जाकर किए जा रहे सर्वे के तहत गुरुवार तक दिल्ली में 21 लाख से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे गए और 63,000 से ज्यादा भरे हुए फॉर्म डिजिटाइज किए गए।
SIR के तीसरे चरण के तहत एक महीने तक चलने वाला यह सर्वे 30 जून को शुरू हुआ और 29 जुलाई तक चलेगा। 7 अक्टूबर को पब्लिश होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए हर वोटर को यह फॉर्म भरना होगा। CEO ऑफिस के अनुसार, जो वोटर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को पब्लिश होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं होगा। राजामौली का फ्रांस में सम्मान, लुमिएर म्यूजियम में नाम दर्ज भारतीय फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली को फ्रांस में सम्मान मिला है। लुमिएर म्यूजियम में ‘वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स’ (म्यूर दे सिनेमास्त) पर जगह देकर उन्हें सम्मानित किया गया। ‘वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स’ पर वर्ल्ड सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा फिल्मकारों के नाम स्थायी रूप से दर्ज किए जाते हैं। इसलिए इसे फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में माना जाता है।

फायरिंग के आरोपियों की पुलिस से मुठभेड़:रेवाड़ी में दो बदमाशों को गोलियां लगीं; सब इंस्पेक्टर की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी गोली

हरियाणा के रेवाड़ी में गुरुवार-शुक्रवार देर रात पुलिस और दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। जड़थल गांव के पास हुई इस मुठभेड़ में बदमाशों की गोली एक सब इंस्पेक्टर की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दोनों बदमाशों के पैर में गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपियों की पहचान रेवाड़ी के बोलनी निवासी मोहन और राजस्थान के खुशखेड़ा निवासी गोविंद के रूप में हुई है। दोनों पर हत्या, हत्या के प्रयास, फिरौती, लूट, डकैती और चोरी समेत 25 से अधिक मामले दर्ज हैं। 28 जून को आरोपियों ने बखापुर गांव में फायरिंग की थी। मुठभेड़ के बाद की तस्वीरें… अब सिलसिलेवार पढ़िए, क्या है पूरा मामला… बखापुर फायरिंग केस के आरोपियों की मिली थी सूचना DSP क्राइम सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि बखापुर गांव निवासी रतिराम ने 28 जून को कसौला थाना पुलिस में शिकायत दी थी कि पल्सर बाइक पर सवार तीन युवक गांव में आए और फायरिंग कर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। गुरुवार रात को धारूहेड़ा CIA को सूचना मिली थी कि 28 जून को बखापुर गांव में हुई फायरिंग के आरोपी कच्चे रास्ते से रावता से जड़थल की ओर जा रहे हैं। रुकने का इशारा करते ही पुलिस पर की फायरिंग सूचना मिलते ही CIA प्रभारी योगेश अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और रास्ते पर नाकेबंदी कर दी। नाकेबंदी के दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एक गोली SI फखरूद्दीन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश घायल पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए रेवाड़ी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही DSP हेडक्वार्टर रविंद्र कुमार, DSP क्राइम सुरेंद्र श्योराण, शहर थाना प्रभारी सूबे सिंह और गोकलगेट चौकी प्रभारी नरेश पुलिस टीम के साथ ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एक और मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड घायल आरोपियों की पहचान मोहन और गोविंद के रूप में हुई। मोहन पर हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती और चोरी के 8-9 मामले दर्ज हैं। वहीं गोविंद के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और फिरौती समेत 14-15 मामले दर्ज हैं।

हिस्ट्रीशीटर सलमान गद्दी समेत 5 बदमाश गिरफ्तार:मारपीट के मामले में फरार चल रहे एक लाख के इनामी अपराधी को दबोचा, देसी कट्टा और लाठी-डंडे बरामद

कानोता थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी सलमान खान उर्फ सलमान गद्दी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सलमान के कब्जे से एक देसी कट्टा भी बरामद किया है, जबकि अन्य आरोपियों से लाठी-डंडे जब्त किए गए हैं। आरोपी मारपीट और हथियारों से हमला करने के मामले में नामजद थें। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 11 जून को पीड़ित ने कानोता थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जून को आरोपियों ने उसे और उसके भाई को धमकाया था। इसके बाद 10 जून की रात करीब 8 बजे सलमान गद्दी, शाहरुख गद्दी, सोहेल गद्दी, रफीक गद्दी, आसिफ गद्दी सहित 15-20 अन्य लोगों ने लाठी-डंडों, सरियों और पिस्टल के साथ हमला कर गंभीर मारपीट की। इस संबंध में कानोता थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से गिरफ्तारी जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र की मदद से फरार आरोपियों का पता लगाया। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी सलमान खान उर्फ सलमान गद्दी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक देसी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने इस कार्रवाई में रफीक खान, शाहरुख खान, नासिर खान और धनराज बैरवा उर्फ छोटू को भी गिरफ्तार किया है। इससे पहले इसी मामले में सोहेल खान और आसिफ खान को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई संगीन मामलों में आरोपी है सलमान कानोता थाना प्रभारी मुनीन्द्र सिंह ने बताया कि सलमान गद्दी गंगापुर सिटी के उदेई मोड़ थाने का हिस्ट्रीशीटर और इनामी अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वह गंगापुर सिटी के एक अन्य गंभीर मामले में भी फरार चल रहा था। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

हाईकोर्ट ने पूछा- राज्य पशु ऊंट की संख्या कम क्यों:पशुपालन निदेशक को किया तलब, हाथियों की दुर्दशा पर PCCF को बुलाया

राजस्थान के राज्य पशु ऊंट की संख्या में लगातार हो रही कमी और जयपुर के हाथी गांव में हाथियों की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने आगामी 5 अगस्त को पशुपालन निदेशक को तलब करते हुए यह बताने के लिए कहा है कि प्रदेश में ऊंटों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार क्या कदम उठा रही है। वहीं, जयपुर के हाथी गांव में हाथियों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार खुराक और चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से जुड़े मामले में वन विभाग का स्पष्ट जवाब न आने पर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को आगामी 23 जुलाई को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। ये दोनों आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने आज स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। गौशाला की तरह ऊंटशाला क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- जिस तरह गायों के संरक्षण के लिए गौशालाएं हैं, वैसे ही ऊंटों के लिए कोई ऊंटशाला क्यों नहीं है? सुनवाई के दौरान न्यायमित्र (Amicus Curiae) प्रतीक कासलीवाल ने अदालत को बताया कि साल 2015 में सरकार ऊंटों के संरक्षण के लिए कानून लेकर आई थी, लेकिन इस कानून के बनने के बाद से ही प्रदेश में लगातार ऊंटों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। क्रूरता के चलते हथिनी की मौत हुई
हाथी गांव में हाथियों की दुर्दशा को लेकर न्याय मित्र एडवोकेट शोभित तिवाड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2008 में हाथियों के संरक्षण व कल्याण के लिए दिशा-निर्देश बनाए थे। इन दिशा-निर्देशों की पालना में हाथी गांव की क्या स्थिति है,यही इस याचिका का मूल उद्देश्य है। लेकिन राज्य सरकार इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रही है। उन्होने कहा कि इससे पहले मई में आईपीएल मैच के दौरान चंचल नाम की हथिनी को गुलाबी रंग से रंग दिया था। इस क्रूरता के कारण उस ​हथिनी की मौत हो गई थी। जबकि एक दूसरी हथिनी को सरकार स्वस्थ बता रही है। जबकि सच्चाई यह है कि बीमारी के कारण उसे जामनगर के वंतारा में भेजा गया है। इससे साफ है कि हाथियों की उचित देखभाल नहीं हो रही है। ——– यह खबर भी पढ़िए सरकार को मिली 16 साल के हाथी ‘मोहन’ की कस्टडी:हाईकोर्ट ने कहा- खानपान-हेल्थ का ध्यान रखें; असम से अवैध तरीके से लाए थे जयपुर असम से मार्च में जयपुर लाए गए 16 साल के हाथी ‘मोहन’ की कस्टडी सरकार के पास ही रहेगी। हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी की कस्टडी महावत को देने के आदेश पर रोक लगा दी है। पढ़ें पूरी खबर

पटवारी के दलाल को 1 लाख रिश्वत लेते दबोचा:नामांतरण खोलने के बदले मांगी थी घूस; ACB की कार्रवाई की भनक लगते ही पटवारी फरार

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पटवारी के दलाल को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जयपुर जिले के चौमूं क्षेत्र में गुरुवार को एसीबी ने यह कार्रवाई की। वहीं भनक लगते ही आरोपी पटवारी सुरेंद्र स्वामी फरार हो गया। इसकी तलाश में ACB टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया- ACB चौकी जयपुर नगर चतुर्थ को शिकायत मिली थी कि परिवादी ने दिसंबर 2025 में चौमूं तहसील के आलीसर पटवार हल्के के चारणवास क्षेत्र में जमीन खरीदी थी। रजिस्ट्री होने के बावजूद नामांतरण (म्यूटेशन) खोलने के लिए पटवारी सुरेंद्र स्वामी अपने निजी दलाल भैरूराम यादव से एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहा था। चाय की थड़ी पर रिश्वत लेते पकड़ा एसीबी ने शिकायत का 1 जुलाई को सत्यापन कराया। इसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 2 जुलाई को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। योजना के अनुसार चौमूं कस्बे में एचपी पेट्रोल पंप के पास स्थित चाय की थड़ी पर जैसे ही दलाल भैरूराम यादव ने परिवादी से एक लाख रुपए की रिश्वत ली। ACB टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। वहीं आरोपी पटवारी सुरेंद्र स्वामी पटवार हल्का आलीसर तहसील चौमूं कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। दलाल से की जा रही पूछताछ यह कार्रवाई उप-महानिरीक्षक (द्वितीय) ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रामजीलाल और टीम ने की। वहीं ACB की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपी दलाल से पूछताछ की जा रही है। ACB ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

बॉम्बे हाईकोर्ट जज बोले-सरकार का विरोध करने पर केस क्यों:लोगों को सरकार का गुलाम बनाया जा रहा; पुलिस PM-CM की नौकर नहीं

बॉम्बे हाई कोर्ट के जज जस्टिस माधव जामदार ने गुरुवार को कहा कि पुलिस सिर्फ इसलिए लोगों को शहर-इलाके से नहीं निकाल सकती क्योंकि उन्होंने सरकार के फैसलों का विरोध किया है या सरकार के खिलाफ नारे लगाए हैं। उन्होंने कहा- विरोध करना नागरिकों का अधिकार है। पिटीशनर ने अभी ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’, ‘अमित शाह मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए हैं। नागरिक ऐसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? ऐसे नारों के लिए देश निकाला ऑर्डर क्यों? सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के महासचिव सईद अहमद के मामले में जस्टिस जामदार ने कहा- सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है। वे विरोध नहीं कर सकते, वे आंदोलन नहीं कर सकते, यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हो गए हैं। अगर लोग विरोध करेंगे, तो क्या आप केस कर देंगे? सईद अहमद पर सरकार के विरोध से जुड़े केस मामला SDPI के महासचिव सईद अहमद से जुड़ा है। मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ एक साल का देश निकाला आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ सईद ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सईद नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और ज्ञानवापी मस्जिद विवाद समेत कई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रहे थे। जस्टिस जामदार ने पूछा कि सईद के खिलाफ दर्ज पांच एफआईआर के आधार पर उन्हें एक साल के लिए शहर से बाहर करने का आदेश क्यों दिया गया? इनमें ज्यादातर मामले केंद्र सरकार के फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन से जुड़े थे। अहमद के खिलाफ देश निकाला का आदेश रद्द जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि सरकार के फैसलों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करना किसी व्यक्ति को देश निकाला देने का आधार नहीं हो सकता। संविधान नागरिकों को अपनी बात कहने और सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने सईद अहमद के खिलाफ जारी एक साल के देश निकाला आदेश को रद्द कर दिया और पुलिस व प्रशासन के दोनों आदेश निरस्त कर दिए। जस्टिस बोले- पूरे महाराष्ट्र में हॉर्स ट्रेडिंग चल रही जस्टिस जामदार ने कहा- दो दिन पहले मुंबई में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक बच्चे विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई थी और स्टेट असेंबली में इस पर चर्चा हो रही थी। एक प्रेसाइडिंग ऑफिसर कैसे चुना जाता है और वह कैसे एक पार्टी से दूसरी पार्टी में चला गया, यह क्या है? सईद को भी साइड बदल लेनी चाहिए। वैसे भी पूरे महाराष्ट्र में हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है। तुम्हारे (सईद) पास कुछ FIR हैं। केस बदलने के बारे में सोचो, वॉशिंग मशीन है। ——————————————- पूरी खबर पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- फैसलों में AI के फर्जी उदाहरण खतरनाक, ये मिथाइल आइसोसाइनेट जैसे
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए नकली कानूनी उदाहरणों का इस्तेमाल खतरनाक है। कोर्ट ने इसकी गंभीरता समझाने के लिए कहा कि यह खतरा उतना ही बड़ा है, जितना भोपाल गैस त्रासदी में जहरीली (AI) गैस का रिसाव था। पूरी खबर पढ़ें…

श्रीगंगानगर पुलिस की हिरासत से चोर फरार:कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी पुलिस, जिलेभर में कराई नाकाबंदी

श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर में पुलिस हिरासत से चोरी के दो आरोपी फरार हो गए। जिलेभर में अलर्ट जारी कर नाकाबंदी कर दी गई है, लेकिन आरोपियों का अब तक कोई अता-पता नहीं लगा है। जानकारी अनुसार- श्रीकरणपुर शहर के वार्ड-18 स्थित एक दुकान में चोरी करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया था। शाम को पुलिस दोनों आरोपियों को श्रीकरणपुर कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग गए। फरारी की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य संभावित जगहों पर सिविल ड्रेस पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए। सर्कल सीओ पुष्पेंद्र सिंह और सीआई सीर कौर ने रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। श्रीकरणपुर स्टेशन पर सघन तलाशी फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने श्रीकरणपुर रेलवे स्टेशन पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया। करणपुर से श्रीगंगानगर जाने वाली ट्रेन को स्टेशन पर करीब 15 से 20 मिनट तक रोका गया। पुलिस टीम ने प्रत्येक डिब्बे की गहन जांच की और यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन दोनों आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। जांच पूरी होने के बाद ट्रेन को श्रीगंगानगर के लिए रवाना कर दिया गया। एसपी हरिशंकर ने बताया- फरार आरोपियों की तलाश में जिलेभर में पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। नाकाबंदी की गई है और जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अब 27 अगस्त तक चलेगी बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल ट्रेन:12 अतिरिक्त फेरे होंगे, रवाना और ठहरने के समय में नहीं हुआ बदलाव

सावन और त्योहारी सीजन में बढ़ती यात्री भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बाड़मेर-हरिद्वार द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ा दी है। अब यह ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरों के साथ 27 अगस्त तक चलेगी। इससे हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं एवं अन्य यात्रियों को राहत मिलेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 04811/04812, बाड़मेर-हरिद्वार-बाड़मेर द्वि-साप्ताहिक स्पेशल के संचालन में 12-12 अतिरिक्त ट्रिप बढ़ाई गई हैं। उन्होंने बताया कि ट्रेन संख्या 04811,बाड़मेर-हरिद्वार स्पेशल प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को संचालित होती है। पहले इसका संचालन 16 जुलाई तक निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर अब 20 जुलाई से 27 अगस्त तक कर दिया गया है। इस अवधि में ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरे लगाएगी। समय और ठहराव में नहीं किया गया बदलाव इसी प्रकार ट्रेन संख्या 04812 हरिद्वार-बाड़मेर स्पेशल प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को चलेगी। पहले इसका संचालन 17 जुलाई तक निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर अब 21 जुलाई से 28 अगस्त तक कर दिया गया है। इस अवधि में भी ट्रेन 12 अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे के अनुसार, ट्रेन के समय,मार्ग,ठहराव और अन्य परिचालन व्यवस्थाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन स्टेशनों पर है ठहराव यह स्पेशल ट्रेन मार्ग में बायतू, बालोतरा, समदड़ी, दुंदाड़ा, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर, लालगढ़, लूनकरनसर, अरजनसर, रजियासर, सूरतगढ़,पीलीबंगा, हनुमानगढ़, मंडी डबवाली, बठिंडा, धुरी, अंबाला कैंट और सहारनपुर स्टेशनों पर ठहरती है।

राजस्थान UCC समिति सदस्य शुचि चौहान जोधपुर दौरे पर:वीसी से करेंगी जिला स्तरीय जनसुनवाई, कलेक्टर ने तैयारियों को लेकर दिए निर्देश

राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 (यूसीसी) की प्रारूप समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान 6 और 7 जुलाई को जोधपुर संभाग मुख्यालय के दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे संभाग स्तरीय जनसुनवाई करेंगी और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिलावार सुनवाई भी करेंगी। तैयारियों को लेकर दिए निर्देश
फलोदी कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने इस कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि फलोदी जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में 6 जुलाई को वीसी के माध्यम से जनसुनवाई कार्यक्रम से जुड़ा जाएगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संभाग स्तर की जनसुनवाई आयोजित होगी। इसमें जनप्रतिनिधि, समस्त धर्मों के प्रतिनिधि, सामाजिक विज्ञान और विधि पृष्ठभूमि वाले शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि वीसी के माध्यम से उपस्थित रहेंगे। फलोदी जिले की सुनवाई के लिए दोपहर 3:30 बजे से पंजीकरण शुरू होगा। इसके बाद शाम 5 बजे से 6 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई की जाएगी। इस जनसुनवाई के दौरान आमजन अपनी अभ्यर्थनाएं प्रस्तुत कर सकेंगे।

3.5 लाख कर्मचारियों की जानकारी होगी जांच के बाद लॉक:बिना परमिशन के नहीं होगा बदलाव; गलत सूचना पर शिक्षा विभाग करेगा कार्रवाई

स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है। अब हर कार्मिक को शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज अपनी पूरी जानकारी खुद जांचनी होगी और उसे प्रपत्र-10 में लॉक करना होगा। इसके बाद विभाग उस जानकारी का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान करेगा। टोंक समेत पूरे प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख कार्मिक इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके आदेश जारी किए हैं। अगर कोई कार्मिक तय प्रक्रिया पूरी नहीं करता या गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 10 जुलाई तक अपनी पूरी जानकारी जांचकर करनी होगी लॉक शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ ही शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी शाला दर्पण पोर्टल पर अपने स्टाफ लॉगिन में जाकर स्टाफ प्रोफाइल के तहत उपलब्ध प्रपत्र-10 की सभी जानकारियां अपनी सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड के अनुसार जांचेंगे। इसके बाद व्यक्तिगत, शैक्षणिक, सेवा, पदोन्नति, पारिवारिक, बैंक, प्रशिक्षण समेत 15 अलग-अलग फॉर्मेट को 10 जुलाई तक लॉक करना होगा। 15 जुलाई तक अधिकारी करेंगे रिकॉर्ड से मिलान कार्मिक द्वारा जानकारी लॉक करने के बाद उसकी जांच होगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों में पीईईओ और यूसीईईओ, जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान प्रपत्र-10 में दर्ज जानकारी का सेवा रिकॉर्ड से मिलान करेंगे। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष यह सत्यापन करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी। सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में हमेशा के लिए रखा जाएगा प्रपत्र सत्यापन पूरा होने के बाद प्रपत्र-10 की प्रिंट कॉपी निकाली जाएगी। इस पर कार्मिक और संस्था प्रधान के हस्ताक्षर होंगे और इसे मूल व्यक्तिगत पत्रावली में रखा जाएगा। इसमें सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम और तारीख भी दर्ज होगी। यह दस्तावेज रिकॉर्ड का स्थायी हिस्सा रहेगा। बाद में यदि किसी जानकारी में बदलाव होता है तो उसकी संशोधित प्रति भी रिकॉर्ड में जोड़नी होगी। रिकॉर्ड और पोर्टल की जानकारी एक जैसी करना है उद्देश्य शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया – विभाग चाहता है कि शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज सभी जानकारियां सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाएं। इसी उद्देश्य से सभी कार्मिकों को पहले अपनी जानकारी जांचकर लॉक करने और फिर विभागीय स्तर पर उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। लॉक होने के बाद सीधे नहीं बदल सकेंगे रिकॉर्ड एक बार प्रपत्र-10 लॉक और सत्यापित होने के बाद उसमें सीधे कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यदि भविष्य में किसी जानकारी में बदलाव की जरूरत पड़ती है तो संस्था प्रधान या कार्यालयाध्यक्ष को संबंधित ब्लॉक कार्यालय में दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर पहले प्रपत्र-10 अनलॉक कराना होगा। इसके बाद ही नई जानकारी दर्ज कर दोबारा लॉक और सत्यापन किया जाएगा। इसलिए विभाग ने सभी कार्मिकों को जानकारी सावधानी से भरने और जांचने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों पर भी लागू होंगे नियम जो कर्मचारी नियम-144 (क) के तहत दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, उन्हें भी शाला दर्पण के स्टाफ लॉगिन से अपनी जानकारी भरनी होगी। उनके प्रपत्र-10 का सत्यापन उनके अंतिम विद्यालय या कार्यालय के संस्था प्रधान, कार्यालयाध्यक्ष या पीईईओ द्वारा किया जाएगा।