30 दिन जेल में रहे तो PM-CM की कुर्सी जाएगी:संसदीय समिति प्रावधान हटाने के पक्ष में नहीं; मानसून सत्र में बिल दोबारा आ सकता है

अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री या राज्य मंत्री किसी गंभीर अपराध के मामले में गिरफ्तार होने के बाद लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहता है, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है। इससे जुड़े बिलों को सरकार मानसून सत्र में दोबारा पेश कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक 130वें संविधान संशोधन बिल पर बनी संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) इससे जुड़े प्रावधानों को हटाने के पक्ष में नहीं है। समिति 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है। गृहमंत्री अमित शाह ने इससे जुड़े 3 बिलों को पिछले मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों में रखा था, जिसके बाद इसे इन्हें JPC को भेजने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया था। इस प्रस्तावित कानून से जुड़े सवालों के जवाब- 1.मामला क्या है? 130वें संविधान संशोधन विधेयक में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों की गिरफ्तारी से जुड़े प्रावधानों को लेकर संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) अपनी रिपोर्ट को 17 जुलाई को मंजूरी दे सकती है। 2.130वें संविधान संशोधन विधेयक में प्रस्तावित कानून क्या कहता है? 130वें संविधान संशोधन विधेयक के मुताबिक अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री या राज्य मंत्री किसी गंभीर अपराध (जिसमें 5 साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है) के मामले में गिरफ्तार होकर लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है। 3. क्या सिर्फ गिरफ्तारी होते ही पद छिन जाएगा? नहीं। सिर्फ गिरफ्तारी से पद नहीं जाएगा। प्रस्तावित प्रावधान तभी लागू होगा, जब व्यक्ति लगातार 30 दिन तक न्यायिक हिरासत में रहे। 4. क्या यह हर मामले में लागू होगा? नहीं। यह केवल उन मामलों में लागू होगा, जिनमें 5 साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान है। छोटे अपराध इसके दायरे में नहीं होंगे। 5. सरकार इस कानून की जरूरत क्यों बता रही है? सरकार का कहना है कि इससे सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही बढ़ेगी। उनका तर्क है कि गंभीर आरोपों में लंबे समय तक जेल में रहने वाला व्यक्ति मंत्री पद पर बना रहे, यह लोकतांत्रिक नैतिकता के खिलाफ है। 7. आगे क्या होगा? अभी यह सिर्फ प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक है। यदि 17 जुलाई को JPC से मंजूरी मिलती है तो इसे लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इसके बाद अगर बिल दोनों सदनों से पास हो जाता है तो यह कानून बन सकेगा। 8. क्या बिल का दुरुपयोग हो सकता है? नहीं। JPC रिपोर्ट में ऐसे सुरक्षा उपाय जोड़ सकती है, जिससे राजनीतिक बदले की भावना से झूठे मामलों में गिरफ्तारी कर किसी सरकार को अस्थिर करने के लिए इस कानून का दुरुपयोग न हो। 9. क्या बिल को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके पटनायक के मुताबिक प्रस्तावित बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी सकती है। CBI-ED ने 2014 के बाद 13 सिटिंग मंत्रियों को गिरफ्तार किया 2014 के बाद कम से कम 13 सिटिंग मंत्रियों को CBI-ED गिरफ्तार कर चुकी हैं। इनमें से 10 गिरफ्तारियां PMLA के कड़े प्रावधानों के तहत हुईं। ज्यादातर गिरफ्तारियां AAP शासित दिल्ली और TMC शासित पश्चिम बंगाल में हुईं। किसी भाजपाई मंत्री की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सिर्फ उत्तर प्रदेश के मंत्री राकेश सचान को अवैध हथियार के मामले में एक वर्ष की सजा हुई थी। वह जमानत के बाद पर बने रहे। केजरीवाल ने गिरफ्तारी के 6 महीने बाद भी इस्तीफा नहीं दिया, 3 केस से समझिए पूरे मामले को ——————————— ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में विजय सरकार गिराने की साजिश, TVK का दावा- 15 विधायकों का एक साथ इस्तीफा कराने रिश्वत देने की कोशिश तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के विधायकों को 35 करोड़ रुपए का लालच देकर राज्य सरकार को गिराने की कथित साजिश का दावा किया गया है। राज्य के खुफिया विभाग ने कहा है कि इस योजना को समय रहते नाकाम कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

CM आवास जाने से रोका तो प्रदर्शनकारियों को पथराव किया:पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ा, आंसू गैस के गोले छोड़े; 12 से ज्यादा लोगों को चोटें आई

जयपुर में बुधवार शाम घुमंतू और अर्धघुमंतू जातियों की महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। महापंचायत के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पथराव में 12 से ज्यादा लोगों (पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग) को चोटें आई हैं। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में कर लिया। पुलिस ने कुछ उपद्रवी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। अब देखिए, हंगामे से जुड़ी PHOTOS… 10% आरक्षण की मांग को लेकर बुलाई गई थी महापंचायत
घुमंतू और अर्धघुमंतू समाज के लोग 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापंचायत कर रहे थे। महापंचायत खत्म होने के बाद शाम करीब 6 बजे समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की घोषणा कर दी। पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त कर रखे थे और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की हुई थी। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने उनको रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और स्थानीय लोगों पर किया पथराव
डीसीपी (DCP) नॉर्थ करण शर्मा ने बताया- प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर पुलिस ने उनके एक प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) की सरकार के उच्च स्तर पर मुलाकात भी करवाई थी, जहां काफी सकारात्मक वार्ता हुई। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए। डीसीपी ने बताया- सुरक्षा के लिहाज से धरनास्थल पर बैरिकेडिंग की गई थी, जिसे प्रदर्शनकारियों ने तोड़ने की कोशिश की। कुछ लोगों ने स्थानीय निवासियों के साथ बदतमीजी की। जब उन्हें ऐसा करने से रोका गया, तो उन्होंने पुलिस और स्थानीय लोगों पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। पथराव में 12 से ज्यादा लोगों (पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग) को चोटें आई है। पुलिस के लाठीचार्ज में कुछ प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए हैं। पुलिस ने करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।

करौली जिले के कई इलाकों में बरसात:गर्मी से राहत, खरीफ फसलों को लाभ; आगामी दिनों में हल्की बारिश की संभावना

करौली जिले में मंगलवार रात और बुधवार शाम को जिला मुख्यालय सहित कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लंबे इंतजार के बाद हुई इस बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। दिनभर की तेज धूप और उमस के बाद शाम को आसमान में घने बादल छा गए। इसके तुरंत बाद तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे शहर की सड़कों पर पानी बह निकला और वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश के कारण बाजारों और प्रमुख मार्गों पर कुछ समय के लिए जलभराव भी देखा गया। इस मानसूनी बारिश से किसानों को भी लाभ मिला है। इसे खरीफ फसलों की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार रात करौली में 13 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इससे तापमान में और गिरावट आने और मानसूनी गतिविधियों के तेज होने की उम्मीद है।

दौसा बस-अग्निकांड: जिंदा जले युवक की परिवार संग आखिरी रील:ट्रेन में भजन पर बनाया था वीडियो; स्टेटस लगाया था- ढल गया दिन..हो गई रात

दौसा बस अग्निकांड में जान गंवाने वाले खरगौन (MP) निवासी दीपक तंवर (29) की आखिरी सोशल मीडिया रील सामने आई है। यह वीडियो उन्होंने वैष्णो देवी (जम्मू-कश्मीर) जाते समय ट्रेन में बनाया था। वीडियो में उनकी पत्नी दिव्या, छोटा भाई और परिवार के बच्चे भी नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में परिवार वैष्णो देवी के भजन पर डांस कर रहा था। वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद परिवार ऋषिकेश (उत्तराखंड) आया था। वहां से मंगलवार शाम 5 बजे हंस ट्रेवल्स की स्लीपर बस में सवार हुए। बस इंदौर (MP) जा रही थी। रात करीब 2:30 बजे दौसा के कोलवा थाना इलाके में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बस की ट्रेलर से भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें दीपक भी जिंदा जल गए। घटना से कुछ घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था। दीपक ने सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था- ‘ढल गया दिन.. हो गई रात.. खत्म हुई ट्रिप… अब करना है काम।’ इसके बैकग्राउंड में ‘सो गया ये जहां…’ गाना भी चल रहा है। दीपक का शव कहां है किस हालत में है, यह पत्नी दिव्या को नहीं पता। गुरुवार को 6 शवों की डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही परिवार को दीपक का शव सौंपा जाएगा। आखिरी रील… ये था स्टेटस… एक-दूसरे से लिपटकर रोए परिजन बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मध्य प्रदेश से दीपक और दिव्या के परिजन दौसा जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में पहुंचे। उन्हें देख हर किसी आंखें नम हो गई। दीपक की मौत के बाद दिव्या की हालत देख परिजनों ने अंदर तो आंसू रोक लिए, लेकिन बाहर आकर एक-दूसरे से लिपट कर रोए। अस्पताल आए परिजनों ने बताया- मध्य प्रदेश के खरगौन के बड़वाह निवासी दीपक तंवर 22 जून को परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ट्रेन से वैष्णो देवी दर्शन के लिए निकले थे। वहां से देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश घूमने के बाद इंदौर लौट रहे थे। इसी दौरान एक्सीडेंट हो गया। दीपक पिता नन्नू सिंह तंवर के साथ सनावद में होटल चलाते थे। हादसे में नन्नूसिंह तंवर के छोटे बेटे सन्नी (24), उनकी पत्नी नेहा (26), दीपक की पत्नी दिव्या (25), बेटी यशिका (3), बेटा वंशराज (7) और इंदौर के रहने वाले नाती हर्षद पिता संजय तंवर घायल हुए हैं। अब देखिए इमरजेंसी के बाहर का मंजर… घर पर बहन बार-बार बेहोश हो रही कस्तूरबा मार्ग पर होली टेकड़ा में घर पर सिर्फ दीपक की बहन कविता तंवर है। वह बार-बार बेहोश हुए जा रही है। पड़ोसी उन्हें संभाल रहे हैं। घर के बाहर पड़ोसी भी मौजूद हैं। वह ज्यादा बात करने की स्थिति में नहीं है। कविता ने रोते हुए बताया कि रात करीब ढाई बजे सन्नी भैय्या का पिता को कॉल आया था। उन्होंने कहा था कि हमारी बस का एक्सीडेंट हो गया है। दीपक भैया नहीं मिल रहे हैं। सभी लोग सुबह तक घर आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही मौत की खबर आ गई। इंदौर से दोस्तों का ग्रुप ऋषिकेश घूमकर लौट रहा था हादसे में जिंदा जलने से इंदौर के हीरा नगर निवासी भूमि गौर (20) की भी मौत हो गई। वह बीबीए फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। कॉलेज फ्रेंड्स के साथ ऋषिकेश-हरिद्वार ट्रिप पर गई थी। हादसे में उसकी साथी ईशा सिंह और अन्य दोस्त तो सकुशल बच गए, लेकिन भूमि की मौत हो गई। पत्नी को ढूंढने 20 किमी वापस आया पति ग्वालियर के चंद्रप्रकाश गुप्ता की पत्नी निर्मला गुप्ता (62) की भी हादसे में जान चली गई। बस में सवार अन्य लोगों के साथ चंद्रप्रकाश को भी एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया जा चुका था। लेकिन वे एंबुलेंस में बैठकर पत्नी को ढूंढने फिर से 20 किमी दूर मौके पर पहुंच गए। यहां बस और ट्रेलर का ढांचा देख उनकी आखिरी उम्मीद भी खत्म हो गई। फिर उन्हें पुलिस की गाड़ी में हॉस्पिटल लेकर गए। चंद्रप्रकाश पत्नी के साथ ऋषिकेश से इंदौर लौट रहे थे। … दौसा बस अग्निकांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में बस-ट्रेलर भिड़े, 8 मौतें:DNA टेस्ट से पहचान होगी, आग में फंसे थे 40 पैसेंजर्स; दावा- डिक्की में सिगरेट बॉक्स भरे थे दौसा बस-अग्निकांड: ‘मेरी आंखों के सामने पत्नी जल गई साहब’:किसी ने मदद नहीं की; पैसेंजर बोलीं- मालूम नहीं पति कहां गिरे, लोग सीटों में फंसे थे बस में लोगों का मांस तक जल गया, हड्डियां बची:पैर पकड़कर पति को ढूंढने की गुहार लगाती रही पत्नी; देखिए दौसा बस अग्निकांड की तस्वीरें जहां बस-ट्रेलर भिड़े,वहां घुमावदार सड़क पर न साइनबोर्ड, न लाइट:कन्फ्यूज होकर अचानक ब्रेक लगा देते हैं ड्राइवर, एक्सप्रेस-वे पर हादसे में 8 की मौत

80 साल की लक्ष्मी का नाम किया ठीक, दस्तावेज सौंपे:सुधार के लिए बरसों भटकी, सेवा शिविर में मिनटों में हुआ काम

80 साल की बुजुर्ग लक्ष्मी देवी का नाम राजस्व रिकॉर्ड में लिछमी देवी दर्ज था। इसे ठीक कराने के लिए वह कई दफ्तरों में भटकी। लेकिन नाम ठीक नहीं हुआ। बुधवार को ग्राम सेवा शिविर में जब लक्ष्मी देवी का यह काम चंद मिनट में हुआ तो उनके चेहरे पर संतोष साफ नजर आया। मामला बांसवाड़ा जिले की आंबापुरा तहसील के देवगढ़ गांव के कैंप का है। ​तहसीलदार राकेश रावत ने बताया- राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के जल्द निपटारे के लिए ग्राम सेवा शिविर लगा रही है। गांव वालों को इन कैंप में फायदा मिल रहा है। देवगढ़ रहने वाली लक्ष्मी देवी (80) राजस्व रिकॉर्ड में नाम ठीक कराने के लिए कई साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही थीं। मंगलवार को देवगढ़ में ग्राम सेवा शिविर लगा। लक्ष्मी का मामला अधिकारियों के सामने आया। शिविर में तुरंत राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त किया गया और लक्ष्मी देवी का नाम ठीक करने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद लक्ष्मी देवी को जरूरी दस्तावेज सौंप दिए गए। बरसों से अटका काम चुटकियों में होता देख लक्ष्मी और उनके परिजन खुश नजर आए। उन्होंने सरकार और प्रशासनिक टीम का आभार जताया। ​एक ही छत के नीचे 22 विभागों की सेवाएं ​तहसीलदार राकेश रावत ने बताया- इन राहत सेवा शिविरों में ग्रामीणों की सुविधा के लिए 22 प्रमुख विभागों को एक साथ जोड़ा गया है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए भटकना न पड़े। इनमें मुख्य रूप से राजस्व विभाग से जुड़े मामलों (जैसे नामांतरण, खाता शुद्धिकरण और बंटवारे) का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है। अब तक आंबापुरा तहसील क्षेत्र में आयोजित विभिन्न शिविरों के माध्यम से 3230 लोगों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं से सीधे लाभान्वित किया जा चुका है। ​15 जुलाई तक जारी रहेगा शिविरों का दौर ​प्रशासन के मुताबिक, आंबापुरा तहसील की सभी 16 ग्राम पंचायतों में आगामी 15 जुलाई तक इन राहत सेवा शिविरों का आयोजन जारी रहेगा। इसी कड़ी में अगला महत्वपूर्ण शिविर कल खेड़ा वडलीपाड़ा में आयोजित किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया जा सके।

मशीन से अंगुली कटी, ऑपेरशन थिएटर में मौत:परिजनों का धरना, एक करोड़ मुआवजे की मांग; डॉक्टर्स बोले- हार्ट अटैक से गई जान

जोधपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में युवक की मौत के बाद परिजनों-समाज के लोगों ने शव उठाने से मना कर दिया। परिजनों का कहना है कि देचू के कलाऊ के रहने वाले संतोष पुरी सोमवार को खेत में काम कर रहे थे। ट्रैक्टर की जुताई के लिए संतोष पुरी मशीन लगा रहे थे। तभी संतोष की अंगुली उसमें फंसकर कट गई। इलाज के लिए संतोष खुद बाइक से अस्पताल आए थे। हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान संतोष की मंगलवार को मौत हो गई। मामला जोधपुर शहर के देवनगर थाना क्षेत्र के राज हॉस्पिटल का है। इधर, हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने कहा- संतोष की मौत हार्ट अटैक से हुई। वहीं परिजनों ने एक करोड़ रुपए मुआवजे की मांग करते हुए शव उठाने से मना कर दिया। परिजन बुधवार को धरने पर बैठ गए और अभी तक शव नहीं उठाया। 120 किलोमीटर बाइक चला कर लाए, ओटी में मौत परिजनों ने बताया- अंगुली कट जाने के बाद संतोष बाइक लेकर खुद रवाना हुए। संतोष का भतीजा उनके साथ था। वे खुद 120 किलोमीटर दूर बाइक लेकर मंगलवार दोपहर 2:30 बजे जोधपुर के राज हॉस्पिटल पहुंचे। इसके बाद संतोष को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। हॉस्पिटल मैनेजमेंट के डायरेक्टर राकेश चौधरी ने बताया- ओटी में ले जाने के बाद दोपहर करीब 3:30 बजे संतोष को हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने कहा- रात हो गई इसलिए शव बुधवार सुबह ले जाएंगे। इसके बाद सुबह आए और शव लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि ये पारिवारिक क्लाइंट है। इनके परिवार का पहले भी इलाज हॉस्पिटल में हुआ था। परिजनों ने शव उठाने से किया मना, 1 करोड़ मुआवजे की मांग इधर, मामले को लेकर मंगलवार को परिजनों और समाज के लोगों ने शव उठाने से मना कर दिया। परिजन मौत के कारणों का खुलासा करने और 1 करोड़ मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। हंगामे को देखते हुए एडीसीपी नरेंद्र सिंह और देव नगर थानाधिकारी सोमकरण जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और समझाइश की। संत मगन पुरी ने बताया- संतोष बिल्कुल सही हालात में हॉस्पिटल आया था। यहां आने के बाद उसकी मौत हो गई। हम चाहते हैं कि मौत किस वजह से हुई, उसकी जांच हो। हमारी मांग है कि परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। इसके साथ ही मांग रखी कि डॉक्टर्स ने जो भी इलाज किया और जो मेडिसिन दी है, उसकी पूरी जानकारी शेयर करे।

ड्रग तस्करी मामले में पंजाब के दो युवकों की तलाश:बीकानेर पुलिस ने 25-25 हजार रुपए के इनाम घोषित किए

भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन के जरिए अवैध हथियार और कारतूस की तस्करी के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बीकानेर पुलिस ने नकद इनाम घोषित किया है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी या उनके संबंध में पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को 25-25 हजार रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की है। एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि खाजूवाला थाना क्षेत्र में दर्ज ड्रोन ड्रॉपिंग के जरिए अवैध हथियार एवं कारतूस तस्करी के मामले में दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली। इसी को देखते हुए इनाम घोषित किया गया है, ताकि आमजन के सहयोग से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके। इन आरोपियों पर घोषित हुआ इनाम पुलिस के अनुसार- पहले आरोपी करण सिंह पुत्र चनन सिंह, निवासी सुखेरा बोदला, तहसील जलालाबाद, जिला फाजिल्का (पंजाब) पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। आरोपी के खिलाफ खाजूवाला थाने में ड्रग तस्करी का मामला दर्ज है। वहीं दूसरे आरोपी गुरकीरत सिंह पुत्र बख्शीश सिंह, निवासी गवर्नमेंट सीड फार्म, गांव ढाणी कराहा सिंह, तहसील अबोहर, जिला फाजिल्का (पंजाब) की गिरफ्तारी पर भी 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। एसपी बोले- कोई भी जानकारी मिले, हमें बताएं एसपी मृदुल कच्छावा ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को इन दोनों फरार आरोपियों के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिले तो तत्काल बीकानेर पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा नियमानुसार घोषित नकद इनाम प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

हाईकोर्ट ने पूछा-आवारा कुत्तों को हटाने के लिए क्या किया:पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन भी जरूरी; पंजीकरण नहीं कराने वाले मालिकों पर लगेगा जुर्माना

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने मामले में संज्ञान लेते हुए केंद्र, राज्य सरकार और भारतीय पशु कल्याण बोर्ड से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा- सरकार बताए कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की है। इसके साथ ही कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिए। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि ऐसे सभी पालतू पशुओं (जिनमें कुत्ते भी शामिल हैं) का अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन किया जाए, जो मानव जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं। वहीं, पंजीकरण न कराने वाले पशु मालिकों पर जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी किया जाए। आवारा कुत्तों की नसबंदी और वैक्सीनेशन कराएं हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा- क्या सभी शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, खेल मैदानों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों के चारों तरफ फेंसिंग और गेट लगाए गए हैं या नहीं। इसके साथ ही अदालत ने निर्देश दिए कि पकड़े गए कुत्तों की नियमानुसार नसबंदी और वैक्सीनेशन कराया जाए। वहीं, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में पर्याप्त मात्रा में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध करवाई जाए। कोर्ट ने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को भी नोटिस जारी करते हुए यह बताने के लिए कहा है कि जिला स्तर पर पशु कल्याण बोर्ड की स्थापना के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। साथ ही कुत्तों के काटने की घटनाओं की रोकथाम के लिए SOP तैयार करने को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा अदालत ने कहा- डॉग बाइट (कुत्तों के काटने) की घटनाएं विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को नगर निकायों व पशुपालन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों की अनुपालना केवल जयपुर शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे पूरे राजस्थान में लागू किया जाना अनिवार्य है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी।

सेना की जासूसी के बदले पहुंचाता था रुपए,ISI एजेंट गिरफ्तार:4 साल से पाक हैंडलर के संपर्क में था; दूसरों के नाम से बैंक खाते खुलवाए

राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) शाखा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए फंडिंग नेटवर्क चलाने वाले एजेंट को गिरफ्तार किया है। सीआईडी ने रफीक चांद शेख पुत्र चांद मियां शेख (41) निवासी महाराष्ट्र के औरंगाबाद को 30 जून को पकड़ा। रफीक चांद शेख 4 साल से जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक ISI की ओर से भेजे जाने वाले रुपए पहुंचा रहा था। मामले में जांच चल रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। ADG इंटेलिजेंस प्रफुल्ल कुमार ने बताया- सीआईडी (इंटेलिजेंस) राजस्थान ने जनवरी में एक मामले में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर एमटीएस (MTS) पद पर तैनात सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलरों तक पहुंचाने का आरोप है। दोनों को शासकीय गुप्त बात अधिनियम-1923 (Official Secrets Act) के तहत दर्ज मामले में पकड़ा था। जांच में सामने आया फंडिंग नेटवर्क
ADG इंटेलिजेंस ने बताया- मामले की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दोनों आरोपियों को जासूसी के बदले ISI की ओर से रुपए रफीक चांद शेख ने भेजे थे। इसके बाद सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने रफीक चांद शेख से पूछताछ की। पूछताछ में रफीक चांद ने स्वीकार किया कि वह करीब 4 साल से ISI के एक हैंडलर के संपर्क में था। सोशल मीडिया के जरिए रफीक इस नेटवर्क से जुड़ा था। दूसरों के नाम से भी खुलवाए बैंक खाते
जांच में सामने आया कि ISI हैंडलर के निर्देश पर रफीक ने अपने नाम के अलावा अन्य लोगों के नाम से भी अलग-अलग बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक ISI की ओर से भेजे रुपए पहुंचाने के लिए किया जाता था। इस तरह वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए फंडिंग एजेंट के रूप में काम कर रहा था। जांच में मिले सबूत के बाद रफीक चांद शेख को सीआईडी (इंटेलिजेंस) राजस्थान ने गिरफ्तार किया है। अन्य कड़ियों की भी हो रही जांच
सीआईडी (इंटेलिजेंस) के अनुसार- मामले में जांच चल रही है। ISI के इस फाइनेंस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों, लेन-देन और संभावित सहयोगियों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के माध्यम से किन-किन लोगों तक रुपए पहुंचाए गए। राजस्थान पुलिस ने कहा- देश की सुरक्षा के खिलाफ काम करने वाले लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। ई-मित्र चलाते हुए सेना की मूवमेंट भेजा था झबराराम
जासूसी के शक में ई-मित्र संचालक झबराराम (28) पुत्र भाणाराम निवासी नेडान गांव, पोकरण (जैसलमेर) को 30 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था। झबराराम का वॉट्सएप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स चला रहे थे। आरोपी ने अपनी सिम पर आया ओटीपी (OTP) ISI के एजेंट को शेयर किया था, ताकि उसका वॉट्सऐप ISI के हैंडलर्स चला सके। इस दौरान खुफिया जानकारियां शेयर की गई। राजस्थान इंटेलीजेंस ने 25 जनवरी की रात को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। इस दौरान पाकिस्तानी हैंडलर्स से रुपए के लालच में जासूसी करना कबूल किया था। पूरी खबर पढ़ें लड़ाकू विमानों की लोकेशन पाक हैंडलर्स को भेज रहा था
राजस्थान इंटेलीजेंस टीम ने जासूसी के आरोप में असम के चबुआ एयरफोर्स स्टेशन से सुमित कुमार (36) पुत्र बेनी माधव निवासी लाहुरपार, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) को मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। MTS (मल्टी टास्किंग स्टाफ) के पद पर कार्यरत सुमित भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान के हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था। सुमित ने लड़ाकू विमानों की लोकेशन, मिसाइल सिस्टम और अधिकारियों-कर्मचारियों से संबंधित गोपनीय जानकारी भी साझा की थी। पूरी खबर पढ़ें ————- ये खबरें भी पढ़ें जयपुर से जैश-ए-मोहम्मद की महिला आतंकी गिरफ्तार:स्लीपर सेल के तौर पर एक्टिव थी, पाकिस्तानी मौलवी ने फोन पर करवाया था धर्म परिवर्तन जयपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल महिला को राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला बबीता (37) मूल रूप से सवाई माधोपुर जिले की रहने वाली बताई जा रही है। उसे जयपुर में वाटिका क्षेत्र से रविवार को हिरासत में लिया गया। (पढ़िए पूरी खबर) महिला आतंकी के पिता बोले-ऐसी बेटी की जरूरत नहीं:बबीता ने ‘दुनिया धोखेबाज’ नाम से बना रखा था फेसबुक अकाउंट मेरे लिए देश पहले है। मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मेरी बेटी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। ऐसा करने वाली बेटी की मुझे जरूरत नहीं है, जो देश के खिलाफ काम करती हो, उसे नरक में भी जगह नहीं मिलनी चाहिए। यह कहना है जयपुर में पकड़ी गई महिला आतंकी बबीता (37) उर्फ खदीजा के पिता का। (पूरी खबर पढ़ें)

'मालूम होता बेटे-बहू की लाश आएगी तो जाने नहीं देती':मां बोलीं- बहू की सेवा भी मैं कर दूंगी, नहीं माना; अगले दिन मौत की खबर आई

बेटे-बहू और पोते-पोती की मौत के बाद 65 साल की सीता देवी अंदर से टूट चुकीं हैं। कहती हैं- बेटे ने दोबारा आने कहा था, अगर मालूम होता कि उसकी लाश आएगी तो उसे कभी नहीं जाने देती। बेबसी का आलम ये है कि उनके 70 साल के लकवाग्रस्त पति को भी वही संभालती हैं। वहीं मानसिक रूप से बीमार सबसे छोटे बेटे की सेवा भी 65 साल की मां ही कर रही है। उन्हें खाना खिलाना और नहलाना। अब घर में 4 मौतों के बाद सुध बुध खो बैठी हैं। दरअसल, 30 जून को सीता देवी के बेटे गेनाराम (35) उसकी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) और बेटे किशन (10) का शव फलौदी जिले के फतेहगढ़ में मिला था। गेनाराम फंदे पर लटका था और तीनों खाट पर पड़े थे। पुलिस ने आशंका जताई कि पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या कर गेनाराम फंदे पर झूल गया। अब पढ़िए 65 साल की मां की बेबसी की कहानी… कहा था- बहू को यही छोड़ दे मैं सेवा कर लूंगी सीतादेवी बतातीं हैं- सोमवार 29 जून की दोपहर करीब 1 बजे बेटा गेनाराम अपनी पत्नी पुष्पा को लेकर बीठू आया था। बोला- पुष्पा की तबीयत कुछ ठीक नहीं है। कुलदेवी के दर्शन करवाने लाया हूं। इसके बाद दोनों मंदिर गए दर्शन के लिए चले गए। नारियल चढ़ाकर वापस आए। कुछ देर रुका और बोला- अब गांव जा रहा हूं फिर आ जाऊंगा। इस पर मैंने कहा- पुष्प को तो यही रहने दे, कुछ दिन मैं इसकी सेवा कर लूंगी। डॉक्टर को दिखा आउंगी। उसे लगता था पत्नी पर कोई साया है इसके बाद बेटे ने कहा- माता जी के दर्शन को फिर आऊंगा तब इसे गांव छोड़ जाऊंगा। मां ने दावा किया कि उसे लगता था कि उसकी पत्नी पर भूत-प्रेत का साया है। इससे उसकी तबीयत खराब हो रही है। इतना कहते ही बुजुर्ग सीता देवी के आंसू छलक गए। कुछ देर रूकने के बाद बोली कि सोचा नहीं था कि सुबह बेटे-बहू और पोता-पोतियों की मौत की खबर मिलेगी। पता होता तो हरगिज भी उन्हें वापस गांव नहीं जाने देती। बहन ने कहा था- बच्चे अकेले हैं, जाना पड़ेगा बीठू गांव में ही रहने वाले गेनाराम की पत्नी पुष्पा के ममेरे भाई कानाराम ने बताया- सोमवार शाम करीब 5 बजे जीजा और बहन पुष्पा मेरी शॉप पर आए थे। नारियल लेकर गए और मंदिर में कुलदेवी को चढ़ाया। उन्हें देख कर ऐसा नहीं लगा कि कल सुबह उनकी मौत की खबर मिलेगी। मैंने बहन को पूछा कि रात रूकोगे क्या लेकिन बहन बोली कि बच्चे घर पर अकेले हैं। इसलिए रात नहीं रह सकती और फिर चली गई। भाई ने देखा था भाई, भाभी और बच्चों के शव गेनाराम का छोटा भाई शिवाराम भी गेनाराम के पड़ोस के खेत में ही किसानी का काम करता था। सोमवार सुबह 5 बजे गेनाराम फसल सिंचाई के लिए फव्वारा शुरू कर देता था। लेकिन उस सुबह 7 बजे तक भी फव्वारा शुरू नहीं हुआ तो वह खेत पर गया। जहां देखा कि उसकी भाभी, भतीजा और भतीजी का शव पलंग पर पड़े थे और भाई गेनाराम फंदे पर झूल रहा था। यह देख उसके होश उड़ गए और तुरंत आस-पास के लोगों को बुलाया और पुलिस को कॉल किया। बुजुर्ग कन्धों पर पति-बेटे की सेवा गेनाराम के पिता जोधाराम पिछले कई सालों से लकवाग्रस्त है। हार्ट के भी मरीज हैं। उन्हें खाना खिलाने से लेकर नहलाने का काम सीतादेवी करती हैं। साथ ही छोटा बेटा राजू जन्म से ही मानसिक रूप से दिव्यांग हैं। उसकी सेवा भी सीतादेवी के बूढे कंधों पर है। मृतक गेनाराम का ससुराल भी बीठू गांव में ही है। मृतक चार भाई और तीन बहनें है। दो भाई चेनाराम और सीयाराम फतेहगढ़ क्षेत्र में ही कृषि कुएं पर खेती बाड़ी का काम करते हैं। घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पति-पत्नी और बेटा-बेटी का एक चिता पर अंतिम संस्कार:बिलख पड़े लकवाग्रस्त पिता, मां बोलीं-बुढ़ापे में बेटे-पोतों की लाश देखनी पड़ रही पत्नी, बेटे-बेटी की हत्या कर किसान ने सुसाइड किया:महिला पर बताया था भूत-प्रेत का साया; फर्श पर पड़े मिले शव पत्नी और 2-बच्चों की हत्या कर पति ने किया सुसाइड:गेनाराम पति-बच्चों के साथ कल आया था बीठू, मंदिर दर्शन कर शाम को वापस गया, सुबह मिली चारों की बॉडी