पत्नी को मामा के बेटे से प्यार, पति मार डाला:मानसा में परने से गला घोंटा; खुद पुलिस बुलाई, फिर बोली- पता नहीं कौन मार गया

पंजाब के मानसा में पत्नी ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति की गला घोंटकर हत्या कर दी। पति का शव उसके घर के आंगन में चारपाई पर पड़ा मिला। हत्या के बाद खुद पुलिस को शिकायत देकर कहा कि पति को कुछ अनजान लोगों ने मार डाला है। शुक्रवार को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 24 घंटे में पूरा मामला सुलझा दिया। पुलिस ने जांच की तो खुलासा हुआ कि पत्नी ने ही पति को मारा। उसका पति के मामा के बेटे संग ही अफेयर चल रहा था। SSP भगीरत मीना ने बताया कि मामले में आरोपी पत्नी-बॉयफ्रेंड समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। पढ़िए क्या है पूरा मामला… ऐसे हुआ हत्या का खुलासा हत्या का खुलासा तब हुआ जब मृतक के भाई ने पुलिस को बताया कि उनके घर में पहले भी क्लेश रहता था और भाई की पत्नी के किसी के साथ नाजायज संबंध थे। इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो अफेयर की बात सामने आई। पत्नी जगजीत कौर से जब सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने खुद सारा खुलासा कर दिया। पुलिस बोली- तीनों गिरफ्तार, कोर्ट में पेश करेंगे पुलिस ने जगमीत कौर, दीप सिंह उर्फ कालू और गोबिंद सिंह (35) को गिरफ्तार कर लिया है। SSP भगीरत मीना ने बताया कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि हत्या में इस्तेमाल किया गया परना, मोटरसाइकिल और अन्य साक्ष्य बरामद किए जा सकें। ————– पंजाब- बॉयफ्रेंड संग फरार 10वीं स्टूडेंट थाने पहुंची:पुलिस से बोली- शादी करूंगी तो इसी से, डेयरी पर मुलाकात के बाद अफेयर में आई
पंजाब के अबोहर में अपने बॉयफ्रेंड के साथ फरार 10वीं की एक नाबालिग स्टूडेंट चार दिन बाद खुद पुलिस थाने पहुंच गई। थाने में पहुंचते ही वो कहने लगी कि मेरी इसी से शादी करवाओ, मैं इसी के साथ रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…

सोनिया बोलीं- गाजा में बच्चों को खत्म करने की कोशिश:भारत अकेला जिसने चुप्पी साधी; दुनिया इजराइल से दूर जा रही, भारत पास

कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी ने गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई पर मोदी सरकार के स्टैंड पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा, ‘संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की जून 2026 की रिपोर्ट बताती है कि इजराइल गाजा में फिलिस्तीनियों के अस्तित्व को खत्म करने के इरादे से बच्चों को निशाना बना रहा है। इतनी गंभीर रिपोर्ट आने के बाद भी मोदी सरकार चुप है।’ सोनिया ने लिखा कि इस आयोग की अगुआई अब भारत के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस. मुरलीधर कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में जारी 94 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल की कार्रवाई का मकसद गाजा में फिलिस्तीनियों के अस्तित्व को खत्म करना है और इसके लिए बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है। सोनिया बोलीं- रिपोर्ट में बच्चों पर हमलों के बड़े दावे सोनिया बोलीं- भारत अकेली आवाज, जिसने चुप्पी साधी सोनिया गांधी ने कहा कि जब पूरी दुनिया में इजराइल के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय गाजा में हुई तबाही को गंभीरता से देख रहा है, तब भारत सरकार अकेली ऐसी आवाज बन गई है, जिसने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने कहा कि जस्टिस एस. मुरलीधर की रिपोर्ट पर भी मोदी सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने अपने लेख में जस्टिस मुरलीधर के दिल्ली हाईकोर्ट से तबादले का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उनका तबादला उस समय हुआ था, जब उन्होंने 2020 के दिल्ली दंगों से पहले BJP नेताओं के कथित भड़काऊ बयानों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। सोनिया गांधी ने कहा कि भारत कभी उपनिवेशवाद के खिलाफ एक मजबूत आवाज था। देश राष्ट्रीय संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय शांति और विकासशील देशों के साथ एकजुटता की नीति के लिए जाना जाता था। लेकिन आज भारत वैश्विक नियमों के खुले उल्लंघन, ग्लोबल साउथ के लोगों की पीड़ा और गाजा व पश्चिमी तट में मानव गरिमा पर हो रहे हमलों के प्रति उदासीन दिखाई दे रहा है। सोनिया बोलीं- इजराइल को अमेरिका का सपोर्ट सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि इजराइल के ऐसे बयानों के बावजूद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार के समर्थन ने इजराइल को अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने का मौका दिया। हालांकि दुनिया के बाकी देशों का जमीर जागा है और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल की कार्रवाई के खिलाफ आवाज तेज होती जा रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के विरोध की वजह से संयुक्त राष्ट्र कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका, लेकिन उसकी एजेंसियों ने इजराइल के कथित युद्ध अपराधों का डिटेल डॉक्यूमेंटेशन किया। उन्होंने लिखा कि फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे पश्चिमी देशों ने दशकों की उदासीनता के बाद फिलिस्तीन को मान्यता दी है। सोनिया गांधी ने कहा कि भारत के पुराने सहयोगी दक्षिण अफ्रीका ने 1948 के नरसंहार सम्मेलन के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इजराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में मामला दायर किया। कई यूरोपीय देशों ने इजराइल को हथियारों की बिक्री पर रोक या प्रतिबंध लगाए। कई लैटिन अमेरिकी देशों ने इजराइल से अपने कूटनीतिक संबंध घटा दिए या खत्म कर दिए। सोनिया ने 5 साल की बच्ची हिंद रजब का जिक्र किया सोनिया ने अपने आर्टिकल में पांच साल की फिलिस्तीनी बच्ची हिंद रजब का जिक्र किया। उन्होंने लिखा… हिंद रजब की कहानी गाजा की त्रासदी की सबसे दर्दनाक मिसाल है। हिंद अपने परिवार के साथ गाजा सिटी से निकल रही थी, तभी इजराइली सैनिकों ने उनकी कार पर 335 गोलियां चलाईं। उसके छह परिजनों की मौके पर ही मौत हो गई। हिंद कई घंटे तक कार में अपने परिजनों के शवों के बीच फंसी रही, जबकि पैरामेडिक्स उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे। बाद में हिंद और उसे बचाने पहुंचे दो पैरामेडिक्स भी मारे गए। सोनिया ने लिखा कि भारत के लोगों को हिंद रजब और गाजा के हजारों दूसरे बच्चों की कहानी जानने का अधिकार है। इजराइल की संवेदनशीलता का हवाला देकर इस घटना पर बनी फिल्म को भारत में कई महीनों तक रोके रखा गया और भारी सार्वजनिक दबाव के बाद ही उसे मंजूरी मिली। सोनिया ने लिखा- दुनिया इजराइल से दूर जा रही, लेकिन भारत पास सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार की चुप्पी सिर्फ नैतिक रूप से गलत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों के लिहाज से भी समझ से परे है। भारत ऐसे समय में इजराइल के और करीब जा रहा है, जब दुनिया का बड़ा हिस्सा उससे दूरी बना रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यह दौरा ऐसे समय हुआ, जब कुछ ही दिनों बाद इजराइल ने ईरान पर हमला किया और वहां के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व की हत्या हुई। इतिहास इस फैसले को एक हैरान करने वाले रणनीतिक कदम के रूप में याद करेगा। सोनियां बोलीं- पाकिस्तान ने स्थित का फायदा उठाया सोनिया गांधी ने लिखा कि भारत की चुप्पी का फायदा पाकिस्तान ने उठाया है। उसने खुद को मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश की, जबकि भारत अपने पुराने संबंधों की वजह से स्वाभाविक रूप से यह भूमिका निभा सकता था। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने रणनीतिक हितों और नैतिक मूल्यों दोनों से समझौता किया, लेकिन बदले में उसे सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दोस्ती मिली। उन्होंने लिखा कि नेतन्याहू आज अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में आलोचना का सामना कर रहे हैं। भारतीय राष्ट्र की भावना यह मांग करती है कि भारत फिलिस्तीनी भाइयों-बहनों, खासकर बच्चों के समर्थन में आवाज उठाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित भी यही कहते हैं कि भारत गाजा में इजराइल की कार्रवाई और पश्चिमी तट में लाखों फ़िलिस्तीनी परिवारों के विस्थापन और बेदखली के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाए। ………………… सोनिया गांधी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सोनिया बोलीं-खामेनेई की हत्या पर भारत की चुप्पी से हैरानी: यह न्यूट्रल रहना नहीं, जिम्मेदारी से पीछे हटना; यह पीएम की ईरान पर हमले की अनदेखी कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर भारत सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए थे। 2 मार्च 2026 को उन्होंने कहा था कि दिल्ली की चुप्पी हैरान करने वाली है, यह तटस्थता (न्यूट्रल) नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पीछे हटना है। पूरी खबर पढ़ें…

थरूर बोले- पासपोर्ट पर सरकार के फैसले बेतुके:इससे जनता में भ्रम फैल रहा; पासपोर्ट और आधार कार्ड को नागरिकता प्रमाण माना जाए

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा, ‘केंद्र सरकार का ये कहना की पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, एक बेतुका कानूनी विरोधाभास है।’ उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार का फैसला भ्रम पैदा कर रहा है। इसने राजनीतिक बहस शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, ‘हमेशा से पासपोर्ट को सबसे विश्वसनीय सरकारी पहचान दस्तावेज माना जाता रहा है। अगर पासपोर्ट से देश के भीतर नागरिकता साबित नहीं होती, तो फिर किस दस्तावेज से होगी।’ दरअसल, विदेश मंत्रालय ने 24 जून को जारी आदेश में कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, सिर्फ एक यात्रा दस्तावेज है। इससे पहले SIR से जुड़ी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि आधार कार्ड पहचान का दस्तावेज है, नागरिकता का नहीं। थरूर का सुझाव- पासपोर्ट और आधार कार्ड को नागरिकता प्रमाण माना जाए पासपोर्ट विवाद पर बयान अमित मालवीय (BJP नेता और IT सेल के प्रमुख): उन्होंने साफ किया कि सरकार ने कोई नया नियम नहीं बनाया है, बल्कि यह पुराना कानून ही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके समर्थन में पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20 का हवाला दिया, जिसके तहत विशेष परिस्थितियों में जनहित में गैर-नागरिकों को भी भारत सरकार पासपोर्ट जारी कर सकती है। कपिल सिब्बल (वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद): अगर पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं है, तो फिर नागरिकता का प्रमाण कौन सा दस्तावेज है? बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मेरी नागरिकता पर संदेह कर सकता है। जावेद अख्तर (मशहूर गीतकार और लेखक): उन्होंने विदेश मंत्रालय के इस बयान को पूरी तरह तर्कहीन बताया। उन्होंने कहा कि क्या मंत्रालय गैर-भारतीय नागरिकों को भी भारतीय पासपोर्ट जारी कर रहा है जो वह ऐसा बयान दे रहा है? सरकार ने पासपोर्ट की संख्या को लेकर क्या कहा है? मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवा केंद्र और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। 2025 में शुरू हुए चिप आधारित ई-पासपोर्ट की अब तक 1.47 करोड़ प्रतियां जारी की जा चुकी हैं। आवेदन निपटाने का औसत समय घटकर 5-6 दिन रह गया है। 2019 के 16 देशों के मुकाबले अब 27 देश भारतीयों को वीजा-फ्री प्रवेश देते हैं। नहीं। भारत कोई ऐसा एक दस्तावेज जारी नहीं करता है जो सभी नागरिकों के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता इस बात पर तय होती है कि इसे कैसे हासिल किया गया और नागरिकता कानून के तहत कौन से रिकॉर्ड मौजूद हैं। 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना या री-इश्यू कराना महंगा हो जाएगा। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट की फीस बढ़ाने का फैसला किया है। 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपए से बढ़कर 2,500 रुपए हो जाएगी। वहीं, तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 5,000 रुपए देने होंगे, जो पहले 3,500 रुपए थी। 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस भी बढ़ाई गई है। इसकी सामान्य फीस 2,000 रुपए से बढ़कर 3,500 रुपए और तत्काल फीस 4,000 रुपए से बढ़कर 6,000 रुपए हो जाएगी। मंत्रालय ने पासपोर्ट रूल्स, 1980 में संशोधन के बाद नई दरों को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। ये बढ़ोतरी 14 साल बाद की गई है। इससे पहले 2012 में फीस में बदलाव हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… —————————————— ये खबर भी पढ़ें… सरकार ने कहा- पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज, नागरिकता का प्रमाण नहीं:कांग्रेस ने पूछा- फिर सबूत क्या है; 8 सवाल-जवाब से पूरे मामले को समझें विदेश मंत्रालय ने 24 जून को कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं, ये सिर्फ एक यात्रा दस्तावेज है। 14वीं पासपोर्ट सेवा दिवस सरकार ने कहा कि पासपोर्ट केवल अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा के लिए जारी किया जाता है। पूरी खबर पढ़ें…

राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन CCU पर शिफ्ट:BJP धरने के दौरान चक्कर आया, लड़खड़ाकर गिरे; नेताओं ने संभाला, डॉक्टर बोले- घबराने की जरूरत नहीं

हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन को इमरजेंसी वार्ड से सीसीसी (कोरोनरी केयर यूनिट) में शिफ्ट किया गया है। उनकी स्ट्रोक हिस्ट्री को देखते हुए डॉक्टरों ने यह फैसला लिया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है और घबराने की जरूरत नहीं है। हर्ष महाजन ने भी दोपहर बाद खुद एक वीडियो डालकर अपने स्वस्थ होने और स्वास्थ्य लाभ का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें डॉयरिया हो गया था। इससे उनका बीपी लो हो गया था। अब वह स्वस्थ है। दरअसल, हर्ष महाजन की आज सुबह अचानक तबीयत बिगड़ी। वह, शिमला के डीसी ऑफिस के बाहर बीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें चक्कर (सिंकोप अटैक) आ गया। धरने के बाद हर्ष महाजन ने मीडिया को बयान दिया। इस दौरान उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार को खूब खरी-खोटी सुनाई। महाजन के बाद चौपाल से बीजेपी विधायक बलवीर वर्मा मीडिया से बातचीत करने लगे, तब हर्ष महाजन, बलवीर वर्मा की बगल में खड़े थे। लड़खड़ाने पर बीजेपी नेताओं ने संभाला इस दौरान वह अचानक लड़खड़ाने और जमीन पर गिरने लगे, लेकिन मौके पर मौजूद बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तुरंत उन्हें संभाल लिया। इससे हड़कंप मच गया और महाजन की हालत देखकर सब घबरा गए। HRTC टैक्सी से IGMC पहुंचाया इसके बाद हर्ष महाजन को आनन-फानन में डीसी ऑफिस के पास खड़ी एचआरटीसी की टैक्सी से आईजीएमसी शिमला ले जाया गया, जहां डॉक्टर उनके स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। उनके सभी टेस्ट किए जा रहे हैं। डायरिया से पीड़ित हैं महाजन: MS IGMC के सीनियर MS डॉक्टर राहुल राव ने बताया कि हर्ष महाजन डायरिया से पीड़ित है। एक-दो दिन से थोड़े अस्वस्थ चल रहे थे। आज सुबह ब्रेकफॉस्ट में भी कुछ नहीं खाया। शुगर की भी प्रॉब्लम है। इससे उन्हें चक्कर आ गया। उन्होंने बताया कि हर्ष महाजन स्टेबल है। IGMC की लिफ्ट खराब स्ट्रेचर पर उठाकर CCU ले जाया गया आईजीएमसी के इमरजेंसी वार्ड में उपचार के बाद उन्हें सीसीयू (कोरोनरी केयर यूनिट)) शिफ्ट किया गया। इमरजेंसी वार्ड से सीसीयू के लिए उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा, क्योंकि अस्पताल की लिफ्ट खराब पड़ी थी।
साल 2024 में राज्यसभा सांसद बने बता दें कि हर्ष महाजन फरवरी 2024 में हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद चुने गए हैं। इससे पहले वह कांग्रेस में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और प्रदेश की राजनीति में उनका बड़ा नाम माना जाता है।

शिमला रिज पर बीयर पीते पकड़े टूरिस्ट, VIDEO:पुलिस ने नियमों का पाठ पढ़ाया, चेतावनी देकर छोड़ा; सार्वजनिक स्थानों पर बैन है ड्रिंकिंग-स्मोकिंग

शिमला के ऐतिहासिक रिज पर दो पर्यटक खुलेआम बीयर पीते हुए पकड़े गए। इसका वीडियो आज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पर्यटक सार्वजनिक स्थान पर बीयर पीते नजर आ रहे हैं। मामला वीरवार देर शाम का है। मामला सामने आने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने दोनों पर्यटकों को रोककर सार्वजनिक स्थान पर नशा करने से संबंधित नियमों की जानकारी दी। पुलिस ने समझाने के बाद उन्हें इस बार चेतावनी देकर छोड़ दिया। साथ ही भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। हिमाचल में सार्वजनिक स्थलों पर ड्रिंकिंग-स्मोकिंग बैन रिज और माल रोड क्षेत्र शिमला के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हैं। रिव व माल रोड समेत राज्य के सभी सार्वजनिक क्षेत्र नो-स्मोकिंग जोन घोषित है, सार्वजनिक स्थानों पर बीड़ी, सिगरेट समेत दूसरे नशीले पदार्थों का सेवन प्रतिबंधित है। पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर नशे का सेवन करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। माल रोड क्षेत्र में धूम्रपान करते पकड़े जाने पर चालान किया जा सकता है। पुलिस ने पर्यटन स्थलों की गरिमा बनाए रखने की अपील की पुलिस ने टूरिस्ट और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे शहर के पर्यटन स्थलों की गरिमा बनाए रखें और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राममंदिर चढ़ावा चोरी पर धीरेंद्र शास्त्री भावुक, बोले-भगवान महादंड देंगे:केजरीवाल को VIP ट्रीटमेंट पर भड़के अजय राय, पूछा- ये रिश्ता क्या कहलाता है

अयोध्या राम मंदिर चोरी पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री भावुक हो गए। इंडोनेशिया के जकार्ता में शुक्रवार को कहा- रावण तो ये भी हैं बस रूप बदल गए हैं। रावण ने तो केवल माता जानकी जी की चोरी की थी। राम मंदिर के दानपात्र से लाखों-करोड़ों लोगों की श्रद्धा और भरोसा चोरी हुआ। हमें खबर मिली है कि FIR हुई है। अभी और जांच हो। पक्का है और पकड़े जाएंगे। उन्होंने कहा- सच तो सच है, जिसको बुरा लगता है उसे लगे। रावण ने माता जानकी जी की चोरी की थी, उसका परिणाम ये निकला कि उसका परिवार नाश हो गया। चढ़ावा चोरी करने वाले सरकारी दंड तो पाएंगे ही ही, भगवान भी महादंड देंगे। जेल सूत्रों ने मुताबिक, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को फैजाबाद जेल में पहली रात नींद नहीं आई। सभी करवटें बदलते रहे। इस कांड को लेकर सभी आपस में चर्चा करते और कहासुनी भी करते रहे। सोमवार को उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने राम मंदिर में अरविंद केजरीवाल के VIP ट्रीटमेंट पर सवाल उठाए हैं। ‘X’ पर दो तस्वीरें शेयर कर पूछा- केजरीवाल के लिए कैमरे और विशेष छूट, लेकिन बाकियों के लिए कड़े नियम? कुछ दिन पहले जब मैंने दर्शन किए, तब व्यवस्था अलग थी। सरकार बताए कि ये रिश्ता क्या कहलाता है? ट्रस्ट में 14 सदस्य, चंपत-अनिल का इस्तीफा SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद गिरफ्तारी राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

सो रहे पत्नी और दो बच्चों को कुल्हाड़ी से काटा:मर्डर के बाद ट्रेन से कटा; मुरैना पुलिस बोली-पत्नी के डांस वीडियो से नाराज था

मुरैना जिले के किशनपुर गांव में शुक्रवार देर रात 35 वर्षीय बलराम सिंह कुशवाहा ने पत्नी और दो बेटों की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। फिर शिकारपुर रेलवे फाटक पहुंचा और ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। बसैया थाना प्रभारी विवेक तोमर ने बताया कि वारदात घर के आंगन में हुई। घर चारों ओर से ऊंची बाउंड्री से घिरा हुआ है। शनिवार सुबह पड़ोसियों ने देखा कि घर का मुख्य गेट बाहर से बंद है। शक होने पर उन्होंने बाउंड्री के ऊपर से झांककर अंदर देखा तो महिला और दोनों बच्चों के शव पड़े मिले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। देखिए तस्वीरें… तीनों की मौके पर ही मौत हो गई पुलिस के मुताबिक, बलराम सिंह ने देर रात अपनी 32 वर्षीय पत्नी रविता कुशवाहा पर कुल्हाड़ी से हमला किया। इसके बाद उसने दोनों बेटों, 8 वर्षीय आरव और 5 वर्षीय देबू पर वार किए। घटना की सूचना मिलते ही माता बसैया थाना पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू कर दी है। पत्नी के डांस वीडियो को लेकर नाराज था पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बलराम बेंगलुरू में मार्बल घिसाई का काम करता था। एक माह पहले ही गांव लौटा था। उसकी पत्नी रविता ने एक माह पहले गांव की श्रीमद् भागवत कथा में डांस किया था, जिसका वीडियो गांव के कुछ लड़कों ने बनाकर बलराम को वॉट्सएप कर दिया था। इससे बलराम नाराज था। दोनों के बीच एक माह से विवाद चल रहा था। कुछ दिनों के लिए रविता मायके भी रहने चली गई थी। तीन दिन पहले ही लौटी थी। बताया जा रहा है कि बलराम रविता के बाजार जाने पर भी नाखुश रहता था। ……………………. यह खबर भी पढ़ें इंदौर के खजराना में ठेकेदार पर चाकू से हमला:मीडियाकर्मी गिरफ्तार इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक मीडियाकर्मी ने ठेकेदार पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का इलाके में जुलूस निकाला और फिर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पढ़ें पूरी खबर

जोधपुर का रहने वाला है सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी:गर्लफ्रेंड को पुणे से मेहरानगढ़ किला घुमाने लाया था, पैतृक घर पहुंचा भास्कर

पुणे (महाराष्ट्र) में चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की आरोपी मंगेतर सिया गोयल का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी (23) जोधपुर का रहने वाला है। दैनिक भास्कर सबसे पहले यह खुलासा कर रहा है। चेतन का बिलाड़ा कस्बे के पलासनी गांव में पैतृक घर है। पिता की पुणे में किराना-परचून (ड्राई फ्रूट्स) की दुकान है। उनकी शॉप के सामने ही सिया के पिता का प्रॉपर्टी बिजनेस का ऑफिस है। चेतन सिया के कॉलेज में पढ़ता था। सिया पिता के ऑफिस आती-जाती रहती थी। इसी दौरान वह चेतन के संपर्क में आई। हत्याकांड में नाम सामने आने के बाद भास्कर टीम चेतन के पैतृक गांव पहुंची। चेतन का परिवार (ताऊ) भी इस घटना से सदमे में है। उन्होंने कहा- यदि चेतन दोषी है तो उसे सजा मिलेगी। गांव में चेतन के कुछ दोस्तों से Exclusive जानकारियां मिलीं। चेतन हत्याकांड से पहले अपनी गर्लफ्रेंड सिया को जोधपुर घुमाने लाया था। एक महीना पहले दोनों ने उदयपुर वो लग्जरी होटल भी देखा था, जहां सिया की डेस्टिनेशन वेडिंग होनी थी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट.… दोस्त बोले- जोधपुर आया था गर्लफ्रेंड के साथ पलासनी गांव जोधपुर के बिलाड़ा क्षेत्र में आता है। गांव में आरोपी चेतन के कई दोस्त हैं, जिनके साथ वो पुणे से आने के बाद काफी वक्त बिताता था। उन दोस्तों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर भास्कर को बताया कि दिसंबर, 2025 में चेतन अपनी गर्लफ्रेंड सिया गोयल को लेकर जोधपुर आया था। जोधपुर की एक फाइव स्टार होटल में दोनों दो दिन साथ रहे। मेहरानगढ़ फोर्ट भी घूमे थे। एक दोस्त ने दावा किया कि उसने दोनों को जोधपुर में देखा भी था और जब गांव चलने की बात कही तो चेतन ने कहा था कि हम दोनों घर वालों से छिप कर यहां आए हैं, इसलिए सिया को गांव ले जाऊंगा तो पता चल जाएगा। तब चेतन ने अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में उसे बताया था कि सिया को मारवाड़ी कल्चर और हेरिटेज सिटी जोधपुर व उदयपुर पसंद है। उसके दोस्तों ने बताया कि चेतन सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखता है। उसने कहीं भी अपनी व गर्लफ्रेंड के वीडियो-फोटो किसी सोशल साइट पर शेयर नहीं किए थे। हत्याकांड से एक महीने पहले डेस्टिनेशन वेडिंग वाला होटल देखा भास्कर ने पुणे में रहने वाले चेतन के संपर्क में रहने वाले कुछ प्रवासी राजस्थानियों से बातचीत की तो चौंकाने वाली जानकारी मिली। असल में गर्लफ्रेंड सिया के साथ चेतन मई में उदयपुर गया था। दोनों फ्लाइट से उदयपुर आए और गए। इस दौरान उदयपुर एयरपोर्ट पर प्रवासी मारवाड़ी लोगों ने उन दोनों को साथ में देखा था। सिया की उदयपुर के जिस लग्जरी होटल में शादी होने वाली थी। उसे दिखाने के लिए सिया अपने बॉयफ्रेंड को लेकर उदयपुर आई थी। दोनों एक ही दिन में पुणे लौट गए थे। चार बहनों में इकलौता भाई है चेतन आरोपी चेतन के पिता बाबूलाल सीरवी अपने भाई देवाराम व उदाराम के साथ काफी साल से पुणे में रहते हैं। पुणे में तीनों भाइयों का किराना-परचून का व्यापार है। तीनों भाइयों का परिवार भी यहीं रहता है। सबसे बड़े भाई गुणेशराम जोधपुर के पलासनी गांव में ही रहते हैं। उनका एक बेटा व एक बेटी पुणे में रहते हैं। गुणेशराम खेती-बाड़ी करते हैं। चेतन के पिता बाबूलाल का कोविड में काफी नुकसान हुआ था। इसी कारण से व्यापार संभालने चेतन गांव से पुणे चला गया था। चेतन चार बहनों का इकलौता भाई है। उसकी चारों बहन भी पुणे में अपने परिवार के साथ रहती हैं। ताऊ बोले- एक साल पहले छोड़ी थी पढ़ाई गांव पलासनी में हम चेतन के बड़े पिता (ताऊ) गुणेशराम के घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनका भतीजा चेतन एक साल पहले पुणे में पढ़ाई छोड़ पिता के बिजनेस में हाथ बंटाने लगा था। उनका दावा है कि वह सीधा-सादा लड़का है। गांव में आता है तो कभी आंख उठाकर बात नहीं करता। करीब एक साल पहले रिश्तेदार की शादी में शामिल होने परिवार के साथ गांव आया था। काफी दिन वह संयुक्त परिवार के साथ रहा। किसी को भी यह भनक नहीं थी कि उसकी सिया नाम की कोई र्गलफ्रेंड है। अब लोगों से ही पता चल रहा है कि चेतन अपनी गर्लफ्रेंड सिया के साथ जोधपुर आया था। वह गांव ही नहीं आया तो हमें कैसे पता चलेगा कि उसके साथ कोई लड़की जोधपुर आई थी। हमें तो इस घटना की भी जानकारी मीडिया और लोगों से मिली कि चेतन पुणे में सिया नाम की लड़की के साथ किसी केतन की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हो गया है। गुणेशराम ने बताया दुख की इस घड़ी में मैं अपने भाई बाबूलाल से भी बात नहीं कर पाया, क्योंकि बात करूं तो भी क्या होगा? हम चारों भाइयों का संयुक्त परिवार है। 2017 में पिता पूनमाराम की मौत के बाद तीनो भाई परिवार के साथ बिजनेस के सिलसिले में पुणे चले गए। मैं गांव में पैतृक 30–35 बीघा जमीन में खेतीबाड़ी करता हूं और पत्नी केलकी देवी के साथ रहता हूं। पुणे से तीनों भाई शादी-ब्याह और होली-दिवाली पर परिवार के साथ गांव आ जाते हैं। पड़ोसी बोली- हमें नहीं लगता कि चेतन ने किसी का मर्डर किया गांव पलासनी में चेतन के पैतृक घर के पड़ोस में रहने वाली मोनिका सीरवी कहती हैं- वो ऐसा नहीं कर सकता। वह बहुत सीधा है। गांव में हम लोग साथ में खेले हैं। साल भर पहले रिश्तेदार की शादी में गांव में चेतन आया था। तब वह सबसे मिला था। मगर हमें नहीं लगता कि चेतन किसी का मर्डर कर सकता है। पुणे के किले से गिरकर मंगेतर की मौत पुणे की सिया गोयल अपने मंगेतर केतन अग्रवाल के साथ 18 जून को लोहगढ़ (पुणे) किले पर घूमने गई थी। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हो गई। सिया पर अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर की हत्या करने का आरोप है। दोनों फिलहाल पुलिस गिरफ्त में हैं और मामले की जांच चल रही है। हत्याकांड से जुड़े PHOTOS…
—– ये खबरें भी पढ़िए… पुणे में 400 फीट गहरी खाई में गिरा युवक, मंगेतर का बर्थडे मनाने गया था; नवंबर में शादी थी हकलाने-हेयरविग की वजह से सिया को केतन पसंद नहीं था:पुणे पुलिस को बताया- शादी के लिए मना किया, लेकिन केतन माना नहीं पुणे मर्डर- मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट:दोनों लोहगढ़ किला गए तो प्रेमी भी पहुंचा; गर्मी में हुडी पहना था, इसी से सुराग मिला

चंपत राय के इस्तीफे की स्क्रिप्ट हरिद्वार में लिखी गई:RSS ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर फटकार लगाई, 25 जून की रात कहा- पद छोड़ दो

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दबाव में दिया। इसकी स्क्रिप्ट 8 दिन पहले हरिद्वार में लिखी गई। विश्व हिंदू परिषद की 18 और 19 जून को हरिद्वार में बैठक थी। इसमें अयोध्या से चंपत राय और गोपाल राव शामिल हुए थे। सूत्र बताते हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने दोनों से राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जानकारी ली। चढ़ावे के हिसाब-किताब में हेराफेरी को लेकर दोनों को फटकार लगाई थी। बैठक के बाद चंपत राय पर दबाव बढ़ने लगा। संघ के बड़े पदाधिकारियों ने उनसे दूरी बना ली। 19 जून को सीएम योगी अयोध्या दौरे पर गए थे। उस वक्त चंपत राय को सीएम के कार्यक्रमों से दूर रखा गया था। लगातार किरकिरी और बढ़ते दबाव को देखकर चंपत राय और अनिल मिश्रा ने आखिरकार शुक्रवार को अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया। पूरी रात चंपत राय के पास RSS और विहिप नेताओं के फोन आए 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। इसके 18 दिन बाद ट्रस्ट के 8 लोगों पर FIR हुई। इसमें ट्रस्ट के बड़े चेहरों के नाम नहीं थे। इसको लेकर सोशल मीडिया पर किरकिरी होने लगी। विपक्षी पार्टियों के लोग बयानबाजी करने लगे कि बड़े लोगों को बचा लिया गया। चंपत राय के पास RSS और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेताओं के फोन गुरुवार को पूरी रात आते रहे। कुछ नेताओं ने उन्हें इस्तीफा देकर मामला शांत करने की सलाह दी। इसके बाद चंपत राय ने शुक्रवार सुबह पूजा-पाठ किया। फिर मणि रामदासजी की छावनी पहुंचे। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को भी बुलाया। सुबह करीब 11 बजे दोनों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे की 5 बड़ी वजहें जानिए… 1. शुरुआती जांच में भूमिका पर सवाल चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बनी SIT की शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले। चंपत राय भी संदेह के दायरे में हैं। 2. FIR और गिरफ्तारियों से बढ़ा दबाव SIT की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। 3. पूर्व ड्राइवर का नाम सामने आने से बढ़ीं मुश्किलें FIR में चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष का नाम भी शामिल है। आरोप है कि टिन्नू ने मंदिर से जुड़े कुछ लोगों के साथ मिलकर चढ़ावे में हेराफेरी की, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। 4. जांच पर सवाल न उठे, इसलिए इस्तीफा ट्रस्ट का मानना था कि अगर सीनियर पदाधिकारी अपने पद पर बने रहते हैं तो जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। इसी कारण उन्होंने जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका देने के लिए पद छोड़ दिया। 5. राम मंदिर ट्रस्ट की साख बचाने की कोशिश राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ट्रस्ट नहीं चाहता था कि जांच के दौरान संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठे, इसलिए पद छोड़ना उचित समझा। संतों की मांग- रामालय ट्रस्ट और निर्माण समिति के खर्च की भी जांच हो हरिद्वार में हुई विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की बैठक में साधु-संतों ने कहा था कि न केवल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जांच हो, बल्कि ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के रामालय ट्रस्ट और राम मंदिर मामले में निर्णय आने से पहले मंदिर निर्माण की गतिविधियों को चलाने के लिए गठित श्रीराम जन्मभूमि निर्माण समिति के भी खातों और खर्च की जांच होनी चाहिए। इसलिए, अयोध्या में बैठक टालनी पड़ी चढ़ावा चोरी पर साधु-संतों में आक्रोश और स्थिति बिगड़ते देख विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की 26 जून से अयोध्या में होने वाली 4 दिवसीय बैठक टाल दी गई। ये बैठक कारसेवक पुरम में होनी थी। इसमें 44 प्रांतों के सभी सदस्यों को शामिल होना था। कागभुशुंडि और चांदी की ईंटों पर ट्रस्ट ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की पिछले दो-तीन दिन से कागभुशुंडि की प्रतिमा और चांदी की ईंटें गायब होने की बात सामने आई। 24 जून को अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा- अब दान में दिए गए ‘कागभुशुंडि’ के गायब हो जाने की निंदनीय खबर आई है। जिस तरह हर दिन ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी का नया भंडाफोड़ हो रहा है, उसे देखकर नेपाल और बाकी बॉर्डर बंद कर देने चाहिए, जिससे आरोपी फरार न हो सकें। शुक्रवार को राज्यसभा सांसद संजय राउत ने ‘X’ पर पूछा- राम मंदिर के लिए उद्धव की दान की हुई 4 किलो चांदी कहां गई? अब जवाबदेही तय करने का समय आ गया है। इसके बाद ट्रस्ट की ओर से फोटो जारी कर दावा किया गया कि कागभुशुंडि कारसेवकपुरम में रखी है। चांदी की ईंटें बैंक लॉकर में सुरक्षित हैं। विहिप के अध्यक्ष बोले- ट्रस्ट को भंग करने की जरूरत नहीं विश्व हिंदू परिषद को अब डर सता रहा है कि सरकार राम मंदिर पर अपना कंट्रोल कर सकती है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा- फिलहाल मुझे नहीं लगता कि राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने या नई कमेटी बनाने की आवश्यकता है, क्योंकि आरोप केवल कुछ व्यक्तियों पर हैं, पूरे ट्रस्ट पर नहीं। आलोक कुमार ने कहा- इस पूरे मामले में सबसे जरूरी मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार करना है। सभी प्रक्रियाओं में आधुनिक तकनीक, उपकरण और निगरानी व्यवस्था अपनाई जानी चाहिए, ताकि भगवान राम की संपत्ति सुरक्षित रहे, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और मंदिर का संचालन पूरी पारदर्शिता के साथ हो। SIT जांच और FIR पर उठ रहे सवालों के जवाब में आलोक कुमार ने कहा- मैंने FIR देखी है, जिसमें पूरे मामले की व्यापक जांच का उल्लेख है। आठ नामजद आरोपियों के साथ “अन्य” भी लिखा गया है, जिससे स्पष्ट है कि जांच किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, जिन-जिन लोगों पर आरोप हैं, उन सभी की निष्पक्ष और पूरी जांच की जाएगी। ट्रस्ट में 14 सदस्य, चंपत-अनिल का इस्तीफा ——————– राम मंदिर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- केजरीवाल बोले- योगीजी, चंदा चोर आपको हटाना चाहते हैं: महापाप करने वालों का साथ क्यों दे रहे? दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा- योगी जी राम मंदिर के चढ़ावा चोर आपको गद्दी से हटाना चाहते हैं। इसके लिए षड्यंत्र रचा जा रहा। ये लोग आपकी कुर्सी के पीछे पड़े हैं। आप ऐसे लोगों का साथ क्यों दे रहे, जिन पर महापाप करने के आरोप हैं। आप इस लड़ाई और संघर्ष में मेरा साथ दीजिए। पढ़ें पूरी खबर… योगी बोले- रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: SIT रिपोर्ट के बाद एक्शन शुरू, दूध का दूध-पानी का पानी करके रहेंगे सीएम योगी ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले मेंरामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 लोगों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शुक्रवार को देवरिया में कहा- SIT की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जनआस्था के साथ खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है। किसी को छूट नहीं देंगे। पढ़ें पूरी खबर…