चूरू में संत कबीरदास जयंती मनाई गई:176 प्रतिभाओं का सम्मान, समाज सुधार पर जोर
चूरू। शहर के टाउन हॉल में रविवार को संत कबीरदास की 629वीं जयंती पर प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज की 176 प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। यह समारोह कबीर शिक्षा समिति और धानका समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. राम शंकर कठेरिया, नेपाल के प्रख्यात समाजसेवी गणेश मंडल और दिल्ली से लक्ष्मण इंदौरा मौजूद रहे। समिति की ओर से अतिथियों का साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया गया। समारोह में वक्ताओं ने संत कबीरदास के संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कबीरदास ने समाज को प्रेम, समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने जीवनभर जाति-पांति, छुआछूत, ऊंच-नीच और सामाजिक भेदभाव जैसी कुरीतियों का विरोध किया तथा समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. राम शंकर कठेरिया ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उनके समय में थीं। कबीर ने मानवता, सत्य, परिश्रम और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया, वह आज भी प्रेरणादायक है। नेपाल के समाजसेवी गणेश मंडल ने कहा कि संत कबीर का संदेश किसी एक समाज या देश तक सीमित नहीं है। उनकी वाणी पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। लक्ष्मण इंदौरा ने धानका समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम संयोजक सीताराम लुगरिया ने बताया कि संत कबीर केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक, विचारक और मानवता के पुजारी थे। उन्होंने जाति-पाति, छुआछूत और भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, सद्भाव और समानता का संदेश दिया। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि कबीर की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर सामाजिक बुराइयों का त्याग करें तथा शिक्षा, संस्कार और संगठन के माध्यम से नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।

