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पति के सामने पत्नी को ट्रक ने कुचला:सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े; स्कूटी पर डॉक्टर के जा रहा था दंपती

पाली में नेशनल हाईवे पर स्कूटी सवार दंपती को ट्रेलर ने टक्कर मार दी, बैलेंस बिगड़ने के कारण पति सड़क किनारे, वहीं पत्नी हाईवे के बीचों-बीच गिरी। पीछे से आ रहा ट्रक पति के सामने महिला को रौंदते हुए निकल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई और शव क्षत-विक्षत हो गया। हादसा नेशनल हाईवे-162 (ब्यावर–पिंडवाड़ा) पर गुंदोज के पास मंगलवार की दोपहर करीब 3 बजे हुआ। गुंदोज चौकी के एएसआई समुद्र सिंह ने बताया- हादसे के बाद ट्रक का पीछा कर उसे जब्त कर लिया गया, लेकिन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश कर रहे हैं। वहीं, मृतका सीतादेवी (45) के शव को गुंदोज हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। घायल हीरालाल (50) का बांगड़ हॉस्पिटल में इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, फालना निवासी हीरालाल पुत्र भैरूलाल लौहार अपनी पत्नी सीतादेवी को घुटनों के इलाज के लिए स्कूटी से पाली शहर लेकर जा रहे थे। रास्ते में गुंदोज के पास एक ट्रेलर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से स्कूटी का बैलेंस बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में हीरालाल स्कूटी सहित सड़क किनारे जा गिरे, जबकि सीतादेवी हाईवे के बीचों-बीच गिर गईं। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई और शव क्षत-विक्षत हो गया। हीरालाल के पैर में फ्रैक्चर हुआ है। उन्हें तत्काल पाली के बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पत्नी की आंखों के सामने हुई दर्दनाक मौत से वह सदमे में हैं। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

5-महीने में 1.50 लाख के नकली नोट बाजार में चलाए:एमपी से आकर राजस्थान में खरीददारी करता, 200 के नोट से सिर्फ 50 रुपए का सामान लेता

कोटा पुलिस की गिरफ्त में आया एमपी का युवक 5 महीने में 1.50 लाख के नकली नोट बाजार में चला चुका। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खरीददारी के बहाने आरोपी युवक ने राजस्थान बॉर्डर के गांव में ये जाली नोट चलाए हैं। रविवार शाम को बपावर थाना क्षेत्र में आरोपी जाली नोट से खरीददारी कर रहा था। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी के पास से 59300 (200 के 50-50 के 4 बंडल, 200 के 85 नोट व 100 के 23 नोट) के नकली नोट बरामद किए थे। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आरोपी आनंद कुशवाह (40) एमपी के गुना का रहने वाला है। मजदूरी करता है। 5-6 महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए आनंद की दोस्ती गुना निवासी रवि से हुई। इसके बाद आनंद ने रवि से नकली नोट लिए। आरोपी ने 20 हजार में 50 हजार के नकली नोट खरीदे। फिर उन नकली नोटों को खपाने एमपी से सटे राजस्थान के गांव में आता था। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अब तक तीन बार (20-20 हजार देकर) रवि से नकली नोट की खेप ले चुका है। बपावर से पहले आरोपी बारां जिले छबड़ा, छिपाबडोद इलाके में नकली नोट चला चुका था। 200 का नोट देकर 50 का व 100 का नोट देकर 20 का सामान खरीदता आरोपी शातिर तरीके से नकली नोटों को बाजार में चलाता था। वो 200 रुपए का नकली नोट देकर 50 रूपए तक का सामान खरीदता। वहीं, 100 का नकली नोट देकर 20 रूपए तक के आइटम खरीदता था। बाकी असली नोट ले लेता था। नकली नोट देखने में हूबहू असली जैसे दिखते हैं। पुलिस ने जब इनकी जांच की तो 200 की गड्डी पर एक ही सीरीज के नोट मिले। 100 के नोट एक ही नंबर की सीरीज के थे। उन पर वाटर मार्क नहीं था। इनका कागज असली नोटों से हल्का था। ———————– ये खबर भी पढ़े- कोटा में नकली नोट खर्च करता एमपी का युवक पकड़ा:दुकानदार को 200 रुपए देकर सामान खरीदा, शक होने पर भागने लगा; 59 हजार रुपए मिले

भारत-पाकिस्तान बॉर्डर इलाकों में संदिग्ध जमीन सौदों की जांच शुरू:सरकारी ऑफिस पर इनकम टैक्स विभाग का छापा, फाइलें खंगाल रही टीम

भारत- पाकिस्तान बॉर्डर पर बसे जैसलमेर के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में मंगलवार को इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा। जांच टीम ने संदिग्ध जमीनों से जुड़े लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। इस कार्रवाई में उदयपुर और जैसलमेर की संयुक्त टीम शामिल है। करीब आठ सदस्यीय टीम कार्यालय पहुंचकर विभिन्न भूमि रजिस्ट्रियों और संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जांच का मुख्य फोकस उन जमीन रजिस्ट्रियों पर है, जिनमें पैन कार्ड का उपयोग नहीं किया गया है या गलत जानकारी देकर रजिस्ट्री कराई गई है। टीम संबंधित फाइलों और दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और काले धन के संभावित उपयोग से जुड़े मामलों का ब्यौरा एकत्र कर रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। हाल ही में महेश कुल्हरी ने जिले के इनकम टैक्स ऑफिसर के पद पर कार्यभार संभाला है। सरकारी ऑफिस में आयकर विभाग की कार्रवाई के चलते दिनभर कर्मचारियों और आम लोगों के बीच हलचल का माहौल बना रहा। फिलहाल आयकर विभाग की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ये खबर भी पढ़िए… जज ने कहा- ‘ना मंदिर, ना मस्जिद…राष्ट्र प्रधान रहे’:हाईकोर्ट में फैसला सुनाते हुए बोले- राष्ट्र सुरक्षा सर्वोपरि; बॉर्डर पर हर प्रॉपर्टी की होगी जांच राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और आस्था के नाम पर बॉर्डर पर कानून और नियमों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बने धार्मिक स्थलों को हटाने के लिए जारी नोटिसों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सोमवार को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। पूरी खबर पढ़िए

मंत्री की जनसुनवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं का हंगामा:विधायक को नहीं बुलाने पर की नारेबाजी; गोदारा ने गलती मानी, बोले- आगे से मिलकर काम करेंगे

बीकानेर के कोलायत में मंगलवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा की जनसुनवाई में हंगामा हो गया। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी को नहीं बुलाने से भाजपा कार्यकर्ता नाराज हो गए। उन्होंने नारेबाजी की। मंत्री ने गलती मानते हुए कहा- आगे से मिलकर काम करेंगे। कोलायत के पंचायत भवन में दोपहर 1.30 बजे लाभार्थी सम्मेलन और जनसुनवाई कार्यक्रम थी। कार्यक्रम में मंत्री सुमित गोदारा लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान कार्यक्रम के पोस्टर में स्थानीय विधायक अंशुमान सिंह भाटी का फोटो नहीं होने और उन्हें कार्यक्रम में नहीं बुलाने पर कार्यकर्ता नाराज हो गया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और ‘देवीसिंह भाटी जिंदाबाद’ और ‘अंशुमान सिंह’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। विरोध बढ़ता देखकर मंत्री सुमित गोदारा ने नाराज कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। इसके बाद गोदारा मंच पर चढ़े। उन्होंने कहा कि विधायक का कार्यक्रम में नहीं होना एक गलती है। सरकारी कार्यक्रमों में छोटी-मोटी गलतियां हो जाती हैं। अगली बार जब भी कार्यक्रम होगा, तब विधायक को साथ रखकर कार्यक्रम करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आप सभी भाजपा के सिपाही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि चार से पांच महीने बाद जब भी कार्यक्रम होंगे, जब विधायक के साथ मिलकर आयोजित किए जाएंगे। गोदारा ने कहा कि विधायक अंशुमान सिंह भाटी के साथ मिलकर क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले श्रीडूंगरगढ़ में भी भाजपा विधायक ने आरएलपी कार्यकर्ताओं को कह दिया था कि ‘पहले मर गए थे क्या?’ तब आरएलपी नेता भड़क गए थे। हालांकि तब भी सुमित गोदारा ने वहां समझाइश करते हुए विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं को शांत करवाया था। अब देखिए- घटना की सिलसिलेवार तस्वीरें वीडियो सपोर्ट : अमित रंगा, कोलायत …….. ये खबर भी पढ़िए.… भाजपा मंत्री के साथ ट्रैक्टर पर बैठे कांग्रेसी नेता, पद से हटाया:कांग्रेस ने 5 दिन पहले ही बनाया था बीकानेर देहात जिला उपाध्यक्ष कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता सुमित गोदारा के कोलायत दौरे के दौरान उनके ट्रैक्टर पर बैठे कांग्रेस नेता श्याम सिंह भाटी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने कार्रवाई की है। प्रदेश कांग्रेस ने श्याम सिंह भाटी को बीकानेर देहात कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष पद से हटा दिया है। पूरी खबर पढ़िए RLP-नेता पर भड़के BJP विधायक, कहा-पहले मर गए थे क्या?:ट्रोमा सेंटर बनाने की उठाई थी मांग; भीषण एक्सीडेंट में हुई 6 की मौत बीकानेर में सोमवार को भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के नेता विवेक माचरा के बीच बहस हो गई। श्रीडूंगरगढ़ के पंचायत समिति भवन में दोपहर 3 बजे कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा जनसुनवाई कर रहे थे। पूरी खबर पढ़िए

परिवार का दावा, बिहारीजी मंदिर में चढ़ाया हीरा गायब:1 साल से जांच की मांग कर रही व्यापारी की मां; अधिकारी बोले- कांच है या डायमंड हमें नहीं पता

भरतपुर के बिहारी जी मंदिर में ऑयल मिल व्यापारी की मां का दान किया हीरा गायब है। दावा है कि उन्होंने मंदिर में हीरा दिसंबर 2024 में चढ़ाया था। इसके बाद उन्हें 6 महीने बाद पता चला कि मूर्ति पर हीरा नहीं कांच का टुकड़ा लगा है।
महिला का दावा है कि उन्होंने कई बार देवस्थान विभाग से अपने भेंट किए हीरे की स्लिप मांगी लेकिन, उन्हें नहीं दी गई। महिला का आरोप है कि उन्हें यह कहा गया कि क्या पता आपने कांच का टुकड़ा चढ़ाया हो। इसके बाद से लगातार वो अपनी बहू के साथ हीरे की जांच की मांग कर रही हैं।
मामले को लेकर देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा ने कहा- मैं उस वक्त यहां तैनात नहीं था। ऐसे में, मैं बता नहीं सकता कि वह हीरा है या कांच का टुकड़ा। समझिए पूरा मामला … दिल्ली से खरीदा था हीरा मीरा बंसल की बहू कृपाली ने बताया- सास मीरा बंसल ने बिहारीजी की भक्त हैं। उनकी इच्छा थी कि एक हीरा बिहारीजी की मूर्ति पर भी हो। ऐसे में, 2024 दिसंबर में दिल्ली के करोल बाग स्थित कुंदन लाल एंड संस के यहां से हीरा खरीदा था। ये हीरा 3 लाख 64 हजार रुपए में खरीदा था।
जून 2025 से यहां आने वाले भक्तों और हमारे मिलने वाले लोगों ने कहा कि ये हीरा तुम्हारा दिया हुआ नहीं लग रहा। इसकी चमक वैसी नहीं है। पहले जैसी चमक नहीं रही कृपाली ने बताया- इसके बाद वहां जाकर हमारे परिवार ने हीरे को देखा तो, वहां पर पहले जैसे हीरे की चमक नहीं थी। इसके बाद देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा से बात की गई लेकिन, उन्होंने संतुष्टि पूर्वक कोई जवाब नहीं दिया। हीरा चढ़ाने के बाद कई बार हीरा दान के लिए देवस्थान विभाग से स्लिप मांगी लेकिन, नहीं दी। मामला रफा-दफा करने की कोशिश कृपाली ने दावा किया कि इसी दौरान देवस्थान विभाग से दो कर्मचारी सूरजभान और पुष्पेंद्र घर आए। मामले को रफा-दफा करने की बात कही। लेकिन, हमने कहा कि हीरे की जांच करवा दीजिए। इसके बाद हमने देवस्थान विभाग उदयपुर, भरतपुर विधायक सुभाष गर्ग, सीएम भजन लाल शर्मा से लिखित में इसकी शिकायत की है। अधिकारी बोले- कांच का टुकड़ा कृपाली ने आरोप लगाया कि अब देवस्थान विभाग के अधिकारी कहते हैं कि क्या पता तुमने बिहारीजी पर कांच का टुकड़ा चढ़ाया हो। जब हमने हीरा दान किया था उस समय देवस्थान विभाग ने हीरे की जांच नहीं की थी। उन्हें उस समय जांच करनी चाहिए थी। देवस्थान विभाग ने हीरा गायब किया और अब उसे वह कांच का टुकड़ा बता रहे हैं। हमारे पास हीरे का बिल, उसका नंबर और सर्टिफिकेट भी है। हमने पुलिस में शिकायत नहीं की है, हम केवल हीरे की जांच करवाना चाहते हैं। आयुक्त बोले- हीरे दान की डेट अलग मामले को लेकर देवस्थान विभाग के आयुक्त मुकेश मीणा ने कहा- जब हीरा दान किया गया था। उस समय में कहीं और तैनात था। अब वह हीरा है या कांच का टुकड़ा उसके बारे में मैं नहीं बता सकता। मुझे नहीं पता कि उस समय कौन अधिकारी था या कौन कर्मचारी था। रसीद किसने नहीं दी इसके बारे में मैं कैसे बता सकता हूं। हमारे रिकॉर्ड में हीरा दान 15 नवंबर को किया गया था। मीरा बंसल का कहना है कि उन्होंने 10 दिसंबर को हीरा दान किया था। हीरा वेरीफाई नहीं हुआ है। हीरे की जांच के लिए कमेटी बनाई हुई है। जो कर्मचारी बंसल के घर गए थे उनके बारे में मुझे पता नहीं है।

प्रिंसिपल को धक्का दिया, कॉलर पकड़कर नीचे गिराया, VIDEO:धरने पर बैठे पेरेंट्स से कहासुनी हुई; दीवार फांदकर स्कूल में जाना पड़ा

बाड़मेर में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के पेरेंट्स ने धक्का दिया और कॉलर पकड़कर नीचे गिरा दिया। स्कूल में एंट्री करने के लिए प्रिंसिपल दीवार फांदकर गए। प्रिंसिपल का 7 महीने पहले ट्रांसफर हो गया था। हालांकि वे रिलीव नहीं हुए थे। लोग स्कूल के तालाबंदी कर प्रिंसिपल को रिलीव करने की मांग कर रहे थे। मामला नोखड़ा के आडेल गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल का मंगलवार सुबह 11 बजे का है। बच्चे और पेरेंट्स स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को लेकर मेन गेट पर ताला लगाकर धरने पर बैठे थे। प्रिंसिपल भैराराम थोरी आए और चाबी के बारे में पूछा। जवाब नहीं मिलने पर पत्थर से स्कूल के मेन गेट का ताला तोड़ने लगे। इस दौरान एक युवक खड़ा हुआ। उसने प्रिंसिपल की कॉलर पकड़कर धक्का दे दिया और नीचे गिरा दिया। स्कूल के बाहर मौजूद लोगों ने भी प्रिंसिपल से धक्का-मुक्की की। जब बात नहीं बनी तो प्रिंसिपल दीवार फांदकर स्कूल में घुस गए। पहले 4 फोटोज में देखिए पूरा घटनाक्रम… रिलीव नहीं हो रहे प्रिंसिपल सदर थानाधिकारी देवीचंद ढाका ने बताया- प्रिंसिपल भैराराम का ट्रांसफर उदयपुर हो गया था। गांव के सारे लोग, स्टूडेंट प्रिंसिपल के खिलाफ है। ऑनलाइन टीसी दे नहीं रहे हैं। इससे बच्चों को परेशानी हो रही है। यहां से रिलीव होकर जा नहीं रहे हैं। नोखड़ा तहसीलदार दिनेश विश्नोई ने कहा- भैराराम के ट्रांसफर को 7-8 महीने हो गए। कोर्ट से स्टे ऑर्डर भी खारिज हो गया। इसके बावजूद भी यह यहां से रिलीव नहीं हो रहे हैं। बच्चे कह रहे हैं कि जब प्रिंसिपल भैराराम का ट्रांसफर हो गया है तो उसको यहां से हटाया जाए। प्रिंसिपल भैराराम थोरी ने बताया- शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मेरी शाला दर्पण आईडी को 7 महीने से हाईजैक करके बंद कर रखी है। विभाग के अधिकारी गांव वालों और बच्चों को भड़काकर मुझे प्रताड़ित कर रहे हैं। मेरे पास आईडी ही नहीं है। विभाग ने जिसको जिम्मेदारी दे रखी है, वो ही कर सकता है। इस वजह से बच्चों को ऑनलाइन नहीं कर पा रहे हैं। स्कूल में 13 टीचरों का स्टाफ है। जब सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है तो मेरे को रिलीव भी ऑनलाइन किया जाए। …… ये खबर भी पढ़ें… टीचर का ट्रांसफर हुआ बच्चे बोले- भूख हड़ताल करेंगे:4 दिन लगे या 5, सर को वापस बुलाओ; सरकारी स्कूल के गेट पर ताला जड़ा भीलवाड़ा में हिंदी और संस्कृत पढ़ाने वाले टीचर का ट्रांसफर हुआ तो स्कूल के बच्चे नाराज हो गए। स्कूल के बाहर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। बोले- जब तक टीचर को वापस नहीं लाया जाएगा वे धरने से नहीं उठेंगे। चाहे 4 दिन लगें या 5 दिन, हम भूखे-प्यासे बैठे रहेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

अलवर में बारिश,कोर्ट परिसर की सीढ़ियों पर बहने लगा पानी:सड़क पर 3 से 4 फीट तक भरा पानी, गाड़ियां खराब; अगले 5 दिन तेज बरसात की संभावना

अलवर में कई दिनों के बाद आज दोपहर 2 बजे बाद करीब एक घंटे तक अच्छी बारिश हुई है। अलवर कोर्ट परिसर सहित शहर की सड़क पानी से लबालब हो गई। महल चौक की सीढ़ियों से पानी झरने की तरह बहने लगा। कोर्ट की कैंटीन में भी पानी भर गया। यहां लोग डिब्बों में पानी भरकर बाहर निकालते नजर आए। अच्छी बारिश से आमजन को उमस से काफी राहत मिली है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी रही। लेकिन बारिश नहीं होने से आमजन की चिंता भी बढ़ गई थी। अलवर शहर के बस स्टैंड से अशोका टॉकीज तक सड़क पर करीब 3 से 4 फीट तक पानी भर गया है कई स्कूटी खराब हो गई है जिनको पैदल भी पानी से निकालते लोग नजर आए कई दुकानों में पानी अंदर तक भर गया है। सुबह धूप दोपहर में बरसात आज सुबह से आसमान पूरी तरह साफ रहा और तेज धूप निकलने से गर्मी का असर बना रहा। हवा नहीं चलने के कारण लोगों को दिनभर उमस का सामना करना पड़ा और आमजन पसीने से तरबतर नजर आए। दोपहर बाद अचानक बादलों की आवाजाही से गर्मी से लोगों को राहत मिली। फिर अच्छी बारिश हुई। कहीं तेज बारिश हुई तो कहीं हल्की है। कुछ जगहों पर खेत भी पानी से भरे दिखे हैं। मौसम विभाग ने पहले 15 जुलाई तक मौसम सामान्य रहने का अनुमान जताया था, लेकिन मौसम में आए बदलाव को देखते हुए अब अगले 5 दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 से 19 जुलाई तक जिले में हल्की बारिश या बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है। 15 जुलाई को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि आगामी दिनों में यह 37 से 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

सामूहिक विवाह में बचाए 23 लाख मंदिर निर्माण में लगेंगे:कहार समाज के प्रदेशाध्यक्ष बोले- सेवा-सत्संग से बड़ा धर्म कोई नहीं

टोंक जिले के मांडकला नगरफोर्ट में हाल ही में आयोजित कीर समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुई 23 लाख रुपए से अधिक की बचत राशि अब मंदिर निर्माण कार्य में खर्च की जाएगी। यह निर्णय कहार कीर-केवट-कश्यप-मेहरा विकास मंच और सामूहिक विवाह सम्मेलन समिति की संयुक्त बैठक में लिया गया। कहार कीर-केवट-कश्यप-मेहरा विकास मंच के प्रदेशाध्यक्ष और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निजी सचिव हरिनंद कहार ने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में सामूहिक विवाह सम्मेलन समय की जरूरत बन चुके हैं। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और लोग कर्ज के दबाव में आने से बच जाते हैं। समाज के सहयोग से हुई 23 लाख की बचत प्रदेशाध्यक्ष हरिनंद कहार ने कहा कि समाज के चौथे सामूहिक विवाह सम्मेलन में सभी लोगों के सहयोग और योगदान से कम खर्च में बेहतर आयोजन संभव हो पाया। सम्मेलन और मंदिर समिति की आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करने के बाद 22 लाख 90 हजार 514 रुपए की बचत सामने आई है। उन्होंने बताया कि समाज की सहमति से इस पूरी राशि को श्रीहरि सद्गुरु कालू बाबा मांडकला नगरफोर्ट के निर्माणाधीन मंदिर में लगाया जाएगा। सेवा और सत्संग को बताया सबसे बड़ा धर्म हरिनंद कहार ने कहा कि सेवा और सत्संग से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। समाज को आगे बढ़ाने के लिए आपसी ईर्ष्या छोड़कर एकजुटता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने सकारात्मक सोच अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इसी से समाज और व्यक्ति दोनों अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। सम्मेलन की आय 49 लाख रुपए से अधिक रही समिति के महामंत्री और प्रवक्ता डॉ. नरेन्द्र मेहरा एडवोकेट ने बताया कि गणेश विदाई के अवसर पर सामूहिक विवाह सम्मेलन और मंदिर निर्माण समिति की संयुक्त बैठक जिलाध्यक्ष सायरलाल कीर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सम्मेलन संयोजक किशनलाल कहार ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इसके अनुसार सामूहिक विवाह सम्मेलन से 46 लाख 84 हजार 947 रुपए और मंदिर समिति से 2 लाख 55 हजार 100 रुपए की आय हुई। इस प्रकार कुल आय 49 लाख 40 हजार 47 रुपए रही। वहीं कुल खर्च 26 लाख 49 हजार 533 रुपए हुआ, जिसके बाद 22 लाख 90 हजार 514 रुपए की बचत दर्ज की गई। 2027 में होगा पांचवां सामूहिक विवाह सम्मेलन बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 13 जून 2027 को गंगा दशमी के अवसर पर मांडकला नगरफोर्ट में समाज का पांचवां सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। समाज के सहयोगियों का किया सम्मान बैठक के दौरान सामूहिक विवाह सम्मेलन में सराहनीय योगदान देने वाले विद्वान पंडित तेज प्रकाश भंडारी, ऑनलाइन पोस्टर तैयार करने वाले प्रवीण मेहरा, हलवाई रामस्वरूप धाकड़, टेंट व्यवसायी देवकरण गुर्जर तथा अन्य भामाशाहों का सम्मान किया गया। शिक्षा पर जोर देने की अपील कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक बजरंग लाल मेहरा ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समाज को बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। वहीं प्रदेश संरक्षक मोतीलाल मेहरा चेयरमैन ने सभी सहयोगियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया। बैठक का संचालन महर्षि कश्यप स्नातकोत्तर महाविद्यालय दूनी के निदेशक डॉ. नरेन्द्र मेहरा ने किया। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष हरिनंद कहार, मुख्य संरक्षक बजरंग लाल मेहरा, प्रदेश संरक्षक मोतीलाल मेहरा, जिलाध्यक्ष सायरलाल कीर, संयोजक किशनलाल कहार, पूर्व मंडी अध्यक्ष प्रभा मेहरा, सुमित्रा कहार, भगवान मेहरा, गोरधन कीर, फूलचंद कहार, डॉ. आदित्य कश्यप, हरिमोहन कहार, राजेश सिकरवाल, राजेन्द्र कहार, जितेन्द्र धीवर, जीतमल मलिया, राजूलाल कोटड़ा, श्रीलाल कीर, सत्यनारायण सेठी, मोहनलाल, गणपत, शिवराज फौजी और हरिराम महाराज सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

जजों के रिटायरमेंट पर सुप्रीम-कोर्ट का सभी अदालतों को नोटिस:कहा- सभी पक्षों को सुनना जरूरी; अभी 61 की उम्र तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाए

सुप्रीम कोर्ट ने जजों की सेवा अवधि और रिटायरमेंट की उम्र से जुड़े मामले में देशव्यापी रुख अपनाते हुए फैसला सुनाया है। ऑल इंडिया जजों एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और देश के सभी हाईकोर्ट्स को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले में सभी जिला, स्टेट और निचली अदालतों को आज नोटिस भेजे गए हैं। 22 जुलाई को होगी अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आदेश दिया है कि जब तक यह मामला अदालत में लंबित है, याचिकाकर्ताओं को 61 वर्ष की आयु पूरी होने तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। चीफ जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सोमवार 13 जुलाई को इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह मुद्दा देश के सभी राज्यों और न्यायिक सेवाओं को प्रभावित करने वाला है, इसलिए सभी पक्षों का पक्ष सुनना जरूरी है। कोर्ट ने इस मामले को इसी तरह के एक अन्य लंबित मामले के साथ संलग्न करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई, 2026 को होगी। क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट पीठ मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं को 61 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते उन्हें पहले ही सेवामुक्त न किया गया हो। बतादें, राजस्थान और देश के अन्य राज्यों के जिला एवं सत्र न्यायालयों और अन्य अधीनस्थ अदालतों के जजों की रिटायरमेंट की उम्र वर्तमान में 60 वर्ष है। अब इस आदेश के तहत जो जज सेवा में हैं वो 61 वर्ष की उम्र तक जज बने रह सकेंगे। — ये खबर भी पढ़ें… हाईकोर्ट ने कहा- भारत-पाक बॉर्डर पर हर-प्रॉपर्टी की होगी जांच:सीमा से सटे धार्मिक स्थल-निर्माणों पर सुनाया फैसला; जिला स्तर पर बनेगी कमेटी राजस्थान हाईकोर्ट ने भारत-पाक सीमा से सटे 0 से 50 किलोमीटर क्षेत्र स्थित धार्मिक स्थल और अन्य निर्माणों से जुड़े मामलों में फैसला सुनाते हुए कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च है। हाईकोर्ट ने याचिकाएं खारिज करते हुए निर्दे​श ​दिए कि प्रत्येक संपत्ति की अलग-अलग जांच की जाएगी। नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा मामला होने के कारण इस मामले की सुनवाई सोमवार को बंद कमरे में हुई। (पूरी खबर पढ़ें)

कैबिनेट मंत्री के बेटे का ट्रांसफर कैंसिल:59 की उम्र में हेडमास्टर का 500KM दूर तबादला, बोले-BJP के लिए काम किया, बदले में यह मिला

मैं RSS का कार्यकर्ता हूं। भाजपा के जिला प्रमुख और प्रधान बनाने में कई बार अहम भूमिका निभा चुका हूं। लेकिन 59 की उम्र में मेरा तबादला धौलपुर से करीब 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ कर दिया गया। माननीय शिक्षा मंत्री जी आपकी जिद्द बीजेपी को ले डूबेगी। यह दर्द धौलपुर जिले के एक सरकारी स्कूल में कार्यरत हेड मास्टर ओमवीर पेलावत (59) का है। उन्होंने ट्रांसफर पर नाराजगी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है। वहीं राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत के बेटे दीपक कुमावत के तबादले को लेकर भी सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। 9 जुलाई को पंचायत समिति सुमेरपुर (पाली) में सहायक प्रोग्रामर के पद पर कार्यरत दीपक कुमावत का तबादला पंचायत समिति जालोर किया गया था, लेकिन महज 24 घंटे बाद 10 जुलाई को आदेश निरस्त कर उन्हें यथावत पदस्थापित कर दिया गया। दीपक कुमावत का ट्रांसफर कैंसिल होने के बाद सोशल मीडिया पर मंत्री और उनके बेटे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यूजर्स इस फैसले को लेकर सवाल उठा रहे हैं और तबादला प्रक्रिया में कथित दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साध रहे हैं। बता दें कि राजस्थान में हाल में अलग-अलग विभागों में बड़े स्तर पर तबादले किए गए थे। इसके बाद कई कर्मचारी और अधिकारी अपने तबादलों को लेकर असंतोष जता चुके हैं। अब टीचर की पोस्ट ने तबादला प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सरकारी टीचर की पोस्ट…
ट्रांसफर से नाराज टीचर ने कहा- वीआरएस पर विचार करेंगे हेड मास्टर ओमवीर पेलावत (59) का ट्रांसफर धौलपुर से करीब 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ कर दिया गया है। वे इससे नाराज हैं। उन्होंने इसको लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट की है। जिसमें में लिखा है- मेरे पिता जी भारतीय जनता पार्टी के इमानदार कार्यकर्ता रहे हैं, इस बात को सम्माननीया वसुंधरा राजे जी जानती हैं। मैं भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का द्वितीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता हूं। मैंने भी कई बार भाजपा का जिला प्रमुख और प्रधान बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मैंने प्रमोशन स्वीकार कर लिया और मुझे 59 साल की उम्र में 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ भेज दिया। दुर्भाग्य ये रहा कि मेरा रिक्त स्थान पर भी ट्रांसफर नहीं किया। खैर मैं तो बीआरएस ले लूंगा। लेकिन माननीय शिक्षा मंत्री जी आपकी जिद्द बीजेपी को ले डूबेगी। हेडमास्टर की इस पोस्ट पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कोई शिक्षक की पीड़ा का समर्थन कर रहा है तो कोई सरकारी तबादला प्रक्रिया को नियमों के अनुसार होने की बात कह रहा है।