गोली मारकर बुजुर्ग की हत्या:पूजा पाठ करने का काम करता था बुजुर्ग, गले और पेट में मारी गोली, साढ़ू के बेटे ने फोन कर बुलाया था

भरतपुर के सेवर थाना इलाके में कल एक बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कल शाम को पुलिस को बुजुर्ग का शव सेक्टर-13 में पड़ा मिला। बुजुर्ग पूजा पाठ का काम करता था। बुजुर्ग को उसके साढ़ू के लड़के ने फोन कर भरतपुर बुलाया था। परिजनों का आरोप है कि उसने ही काली चरण की हत्या की है। आज हुआ शव का पोस्टमार्टम कालीचरण (65) निवासी लाल बाग़ बयाना के शव का कल पोस्टमार्टम नहीं हो सका। आज सुबह मेडिकल बोर्ड द्बारा उनके शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। कालीचरण के परिजनों का आरोप है कि उनके साढ़ू के लड़के राजू ने ही उनकी हत्या की है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। सेमरी गांव जाने वाले थे दोनों कालीचरण के परिजनों ने बताया कि कल सुबह राजू निवासी भरतपुर का उनके पास फोन आया था। राजू ने कालीचरण से कहा कि वह भरतपुर आ जायें। राजू ने कालीचरण से सेमरी गांव जाने की बात कही थी। जिसके बाद कल कालीचरण राजू के पास आ गया। सेक्टर-13 में पड़ा मिला शव शाम को सेक्टर-13 के पास कालीचरण का शव पड़ा हुआ था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की तलाशी ली तो, शव की शिनाख्त हो सकी। कालीचरण पूजा पाठ करने का काम करता था। हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पुलिस को कालीचरण के मौत के कारणों का पता नहीं लग पाया है। पुलिस राजू की तलाश कर रही है। जिससे मौत के कारणों का पता लग सके। कालीचरण के दो बेटे हैं बड़ा विनोद गोयल और छोटा बेटा लक्ष्मण गोयल है। बड़ा बेटा हलवाई का काम करता है और छोटा बेटा ऑटो चलाता है।

अजमेर देहात कांग्रेस की 51 सदस्यीय कार्यकारिणी घोषित:कईं पुराने प्रमोट, नए चेहरों को मौका; जानें किसे क्या जिम्मेदारी मिली

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सहमति के बाद जिला कांग्रेस कमेटी-अजमेर ग्रामीण (देहात) की नई जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। प्रदेश संगठन महासचिव ललित तूनवाल द्वारा जारी सूची के अनुसार, देहात जिलाध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी की इस नई टीम में कुल 51 लोगों को नियुक्ति दी है। इसमें कई पुराने चेहरों को प्रमोट कर मौका दिया है। वहीं नए चेहरों को भी जिम्मेदारी मिली है। वहीं शहर जिला कार्यकारिणी फिलहाल घोषित नहीं हुई है। जानिए किसे-क्या जिम्मेदारी मिली? — ये खबर भी पढ़ें— अजमेर में पूर्व डिप्टी सीएम पायलट की नहीं चली:गहलोत के करीबी बने कांग्रेस के शहर जिलाध्यक्ष, डोटासरा के खास को मिली देहात की जिम्मेदारी अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष पद पर डॉ. राजकुमार जयपाल और किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी को देहात जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ने जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी है। डॉ. जयपाल पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत गुट से आते हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

5वां रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक कल से:एक्टर राहुल सिंह, पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी बदनोर आएंगे

वाइल्ड लाइफ से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मंथन करने के उद्देश्य से लिव4फ्रीडम एलएलपी की ओर से 5वें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (आईटीडब्ल्यू) का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 26 से 28 जून तक रणथंभौर के आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिज़ॉर्ट और कैसल झूमर बावड़ी में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम की थीम सर्वश्रेष्ठ बाघों का संरक्षण (कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स) रखी गई है। टाइगर के भविष्य पर होगी चर्चा फिल्म अभिनेता राहुल सिंह करेंगे शिरकत दूसरे दिन एक्टर, स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर राहुल सिंह बाघ संरक्षण में सिनेमा के योगदान पर प्रकाश डालेंगे। वाइल्डलाइफ एसओएस के कोफाउंडर और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण बाघ संरक्षण के उपायों पर चर्चा करेंगे। ‘ज़िम्मेदार सफ़ारी: अधिकार, नियम और सम्मान’ विषय पर आउटलुक ट्रैवलर की डिजिटल एडिटर अंतारा चटर्जी, इंडिट असोसिएट्स के पार्टनर अभिषेक कुमार, क्लाइमेट बॉन्ड्स की साउथ एशिया हेड नेहा कुमार और मंडावा ग्रुप ऑफ होटल्स के डायरेक्टर कुंवर अंगद देव विचार रखंगे। इन 11 श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे सम्मान • टाइगर रिजर्व ऑफ द ईयर
• मुख्यमंत्री ऑफ द ईयर – वाइल्डलाइफ लीडरशिप अवॉर्ड
• वाइल्डलाइफ वार्डन ऑफ द ईयर
• एंटी-पोचिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड
• कॉर्पोरेट लीडरशिप इन कंजर्वेशन अवॉर्ड
• वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर / फिल्म ऑफ द ईयर
• जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर – वाइल्डलाइफ एवं पर्यावरण
• इनोवेटिव कंजर्वेशन प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर
• ह्यूमन-वाइल्डलाइफ को-एग्जिस्टेंस अवॉर्ड
• कंजर्वेशनिस्ट ऑफ द ईयर
• लाइफटाइम अचीवमेंट इन वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इन पुरस्कारों का चयन एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता श्री वी. पी. सिंह बदनौर, पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक करेंगे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर की वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता तथा टाइगर कंजर्वेशन पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे आमजन की संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, वन संरक्षण की अग्रिम पंक्ति में कार्यरत वनकर्मियों के योगदान और समर्पण को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कल्याणकारी पहल भी संचालित की जाएगी।

सांड से टकराई बाइक, कॉन्स्टेबल का सिर फटा, मौत:पत्नी और बहन भी पुलिस में, डॉक्टरों ने डेढ़ घंटे सीपीआर दिया फिर भी नहीं बचे

झुंझुनूं में सांड से बाइक टकराने पर कॉन्स्टेबल की मौत हो गई। एसपी ऑफिस में तैनात कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर जा रहे थे,अचानक सांड सड़क पर आ गया। हादसे में कॉन्स्टेबल का सिर फट गया। उन्हें बीडीके हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसा हवाई पट्टी सर्किल के पास बुधवार रात 8:30 बजे हुआ। कॉन्स्टेबल विकास झाझड़िया (35) पुत्र अमर सिंह गोवला गांव के रहने वाले थे। वह 5 साल से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विधि शाखा में तैनात थे। विकास की पत्नी अनीता पुलिस लाइन में तैनात हैं। बहन का नाम भी अनीता है। वह महिला थाने में तैनात हैं। पुलिस लाइन जाते समय हुआ हादसा पुलिस के अनुसार- कॉन्स्टेबल विकास झाझड़िया रात में ऑफिस जा रहे थे। हवाई पट्टी सर्किल से आगे पुलिस लाइन तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इसकी वजह से रास्ते को वन-वे किया गया है। विकास जैसे ही वन-वे से कट लेकर अपनी लेन में आए, तभी अचानक सामने सांड आ गया। सांड से बाइक टकराने के बाद विकास सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आई। राहगीरों ने विकास को बीडीके हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों ने करीब डेढ़ घंटे तक लगातार सीपीआर देकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया। रात करीब 10 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत, डीएसपी गोपाल ढाका और कोतवाल श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बीडीके हॉस्पिटल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। 2011-12 बैच के कॉन्स्टेबल थे विकास कॉन्स्टेबल विकास झाझड़िया वर्तमान में एसपी ऑफिस में तैनात थे। विकास 2011-12 बैच के कॉन्स्टेबल थे। उनकी पत्नी अनीता पुलिस लाइन में तैनात हैं। विकास की शादी 10 साल पहले हुई थी। बहन अनीता महिला थाने में तैनात हैं। विकास के दो छोटे बेटे हैं। ………………………… ये खबर भी पढ़ें ट्रैक्टर ने बाइक को मारी टक्कर, 2 युवक की मौत:कर्मचारी को घर छोड़ने जा रहा था वर्कशॉप मालिक का बेटा; ड्राइवर गिरफ्तार जैसलमेर में बुधवार रात एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब वर्कशॉप मालिक का बेटा अपने साथ काम करने वाले युवक को घर छोड़ने जा रहा था। सरदारपुरा मदरसे के पास सामने से आई ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। (पूरी खबर पढ़ें)

ये क्रांतिकारी 'भगत सिंह' कौन है भाई:दीया कुमारी को किसने कहा 'उप-प्रधानमंत्री'; मरीज तड़पता रहा, धक्का देकर स्टार्ट हुई एंबुलेंस

नमस्कार नरेश मीणा के लिए कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा ने समाज के लोगों को कहा- नया ‘बाप’ मत बनाओ। जयपुर में डिप्टी सीएम दीया कुमारी को MLA गोपाल शर्मा ने ‘उप-प्रधानमंत्री’ कह दिया। बूंदी में एंबुलेंस को धक्का लगाना पड़ा और पेड़ काटा तो महिला बोली- बर्बाद हो जाओगे। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. ‘नरेश मीणा को नया बाप मत बनाओ’ पानी वाला आंदोलन चल रहा है। बांध से पानी निकले या न निकले, किस्से जरूर निकल रहे हैं। कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा समाज को संबोधित करने पहुंच गए। मंच से बोले- दो-चार क्रांतिकारी भगत सिंह घूम रहे हैं। ये पानी के लिए नहीं आते। ये किसी और के दूत हैं। हर जगह जिताने-हराने का ठेका लेते हैं। आपको बरगलाते हैं। आपकी खाते हैं, किसी और की बजाते हैं। आपके गांव आपके बाप-दादाओं के हैं। अब तो गांव-गांव में बोर्ड लगा दिए। नया ‘बाप’ मत बनाओ। हरीश चंद्र मीणा जी के बयान का असर हुआ। कुछ उत्साही युवा नरेश मीणा के नाम लिखे बोर्ड ढूंढने निकल पड़े। रात के अंधेरे में ही बोर्ड को हिला-हिलाकर आड़ा पटक दिया। उधर, नरेश मीणा ने बारां में खाद की जंग जीती है। झोली फैलाकर किसानों के लिए खाद मांगा था। सुना है खाद की रैक रवाना करने का एलान हो गया है। मौका मिलते ही नरेश मीणा ने समाज के नेताओं पर भी भड़ास निकाली। पलटवार करते बोले- उनको पानी नहीं चाहिए। वे राजनीति कर रहे हैं। राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। 2. धक्का-स्टार्ट ‘एंबुलेंस’ एक तस्वीर हजार शब्द बयान कर देती है। बूंदी में एक एंबुलेंस ने पूरे हेल्थ सिस्टम को मजाक बना दिया। बूंदी से मरीज को कोटा के लिए रेफर किया गया। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर एंबुलेंस के हवाले कर दिया गया। अटेंडेंट चढ़ गए। टायरों का हवा-पानी चेक किया गया। टंकी के तेल की माप जोख ले ली गई। ड्राइवर एंबुलेंस पर चढ़ा और चाबी घुमाई। घर्र-घर्र करके एंबुलेंस बंद। खूब मशक्कत के बाद भी टस से मस नहीं हुई। अब आप हाल के बारे में सोचिए। मरीज तड़प रहा है। जो लोग अब तक मरीज के लिए दुआ कर रहे थे, वे अब एंबुलेंस स्टार्ट होने की मन्नत मांगने लगे। मंत्रीजी का वो बयान याद आ गया- बीमार आई थी या नाचती हुई आई थी? एंबुलेंस भी बीमार नहीं है। इसे नचाने के लिए अटेंडेंट समेत 5 लोगों को लगना पड़ा। मशक्कत के बाद एंबुलेंस नाचने लगी। मन्नत पूरी हुई। मरीज के अटेंडेंट ने पसीना पोंछते हुए कहा- सरकारी एंबुलेंस फ्री है, लेकिन भरोसे की नहीं। अगली बार प्राइवेट गाड़ी ही करेंगे। धक्का तो नहीं लगाना पड़ेगा। 3. डिप्टी CM को बोल गए उप-प्रधानमंत्री कभी-कभी जुबान फिसल जाती है। इधर डिप्टी सीएम साहिबा पर जुबान मेहरबान है। जिसकी भी फिसलती है बड़े ओहदे की सौगात दे जाती है। जयपुर में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा मंच पर थे। डिप्टी सीएम साहिबा कार्यक्रम में मौजूद थीं। हड़बड़ी में शर्मा जी डिप्टी सीएम दीया कुमारी को ‘उप प्रधानमंत्री’ कह गए। फिर तुरंत करेक्शन कर लिया। फिसली जुबान का बचाव करने के लिए बोले- अभी तक मुंह से जो बोला वो गलत नहीं गया। बाकी कोई भरोसा नहीं, भगवान कब किस पर कृपा बरसा दे। इसे कहते हैं जबरदस्त डैमेज कंट्रोल। भगवान की तो कृपा है ही। लेकिन बड़े मुखियाजी चाहें तो सब कुछ मुमकिन है। 4. चलते-चलते.. जयपुर के पॉश इलाके में कॉम्प्लैक्स बन रहा है। विकास की राह में पीपल का 80 बरस का पेड़ बाधा बन रहा था। पेड़ की न कोई जाति, न धर्म। वह न टोपी पहनता है और न पटका। वह न इस गुट का, न उस गुट का। तना छीलो तो भगवा निकलता है और पत्ते हरे। उसकी छाया के लिए अभी आरक्षण की व्यवस्था नहीं। चारों तरफ विकास का नारा लग रहा है। नारों के सामने टिकने की उसकी बिसात कहां? रामनिवास बाग में चंदन तक को काटने वालों ने औकात दिखा दी थी। पीपल किस खेत की मूली? लिहाजा रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से हरे-भरे पेड़ पर आरी चलाकर विकास की राह सुगम कर दी गई। किसी शहीद की तरह पेड़ का ‘शव’ सुबह ट्रक पर रखा गया। अंतिम यात्रा निकलने ही वाली थी कि एक महिला की आत्मा तड़प उठी। उसने संत की तरह श्राप देने के अंदाज में कहा- बिल्डिंग बनाकर दिखाना। इतना हरा-भरा पेड़ काटा, वो भी पीपल का। देखना बर्बाद हो जाओगे। इनपुट सहयोग- मुकेश नागर (बूंदी)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

जयपुर में युवक ने की सुसाइड की कोशिश:भाई से नाराज होकर ब्लेड से कलाई काटी, लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा मिला

जयपुर में एक युवक के सुसाइड करने की कोशिश करने का मामला सामने आया है। वह रोड पर लहूलुहान हालत में बुधवार दोपहर पड़ा मिला। हरमाड़ा थाना पुलिस ने SMS हॉस्पिटल के ट्रोमा में गंभीर हालत में एडमिट करवाया। पुलिस जांच में सामने आया है भाई से नाराज होकर उसने ब्लेड से अपनी कलाई काट ली थी। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। SHO (हरमाड़ा) उदय सिंह यादव ने बताया- दोपहर करीब 2:15 बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिली। लोहा मंडी रोड पर एक लड़का लहूलुहान हालत में पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस को युवक सड़क पर पड़ा मिला। जिसकी कलाई से खून बह रहा था। सवाई माधोपुर का रहने वाला है युवक पुलिस ने तुरंत उसे SMS हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में एडमिट करवाया। जांच में सामने आया कि घायल युवक सूरज बैरवा (30) पुत्र मोहन बैरवा निवासी खांडरा चितारा सवाई माधोपुर का रहने वाला है। वह वर्तमान में लोहा मंडी रोड पर रह रहा है। बेहोश होकर सड़क पर गिरा सूरज ने अपने भाई राजू को कुछ समय पहले 5 हजार रुपए उधार दिए थे। बुधवार दोपहर उधार दिए रुपए वापस लेने उसके कमरे पर गया था। भाई के रुपए देने से मना करने पर वह नाराज हो गया। आवेश में आकर उसने ब्लेड से अपने बाएं हाथ पर वार कर लिया, जिससे काफी खून बहने से वह बेहोश हो गया और रोड पर गिर गया। पुलिस जांच में पता चला है कि वह शराब के नशे में था। पुलिस को घटनास्थल पर कलाई काटने में यूज ब्लेड भी मिली है।

जयपुर से गायब चार मासूम उत्तर प्रदेश में मिले:बच्चों के पिता के साथ पुलिस कुशीनगर रवाना, बुधवार को बिना बताए निकले थे घर से

जयपुर के मुहाना इलाके से एक ही परिवार के लापता 4 बच्चे उत्तरप्रदेश के कुशीनगर में मिले हैं। चारों बच्चे ट्रेन में बैठकर सुल्तानपुर पहुंच गए थे। बच्चे गुल्लक तोड़कर उसमें से 500-700 रुपए निकालकर ले गए थे। पुलिस को मिले इनपुट के अनुसार रोडवेज बस से अयोध्या जाने के दौरान पुलिस ने बस ड्राइवर से कॉन्टैक्ट किया और बच्चों को सुरक्षित वहीं के रहने वाले रिश्तेदार के सुपुर्द करवा दिया। पुलिस की एक टीम को पिता के साथ बच्चों को लेकर गुरुवार सुबह अयोध्या रवाना कर दिया गया है। दरअसल, जयपुर के मुहाना इलाके से एक ही परिवार के चार मासूम बुधवार दोपहर घर से गायब हो गए। चारों नाबालिग बहन-भाई ट्यूशन से लौटकर बिना बताए घर से निकल गए। शहर में लगे अलग-अलग CCTV फुटेजों के आधार पर पुलिस लापता बच्चों की तलाश की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। SHO (मुहाना) गुर भूपेंद्र ने बताया कि था मुहाना इलाके में रहने वाली 13 साल की लड़की, उसकी 9 साल की बहन और चचेरे भाई की 11 साल की बेटी व 8 साल का बेटा लापता हुए हैं। ट्यूशन से लौटने के बाद दोपहर करीब 2 बजे चारों नाबालिग भाई-बहन बिना बताए घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर ढूंढ़ा। काफी तलाश के बाद भी चारों भाई-बहनों का पता नहीं चल सका। CCTV में नजर आए चारों पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेजों को खंगाला। फुटेजों में चारों बच्चे एक साथ मालपुरा गेट की ओर जाते दिखाई दिए। एक फुटेज में वे चूड़ी शॉप पर रुककर चूड़ियां देखते नजर आए, जबकि, दूसरी फुटेज में बच्चे एक ई-रिक्शा के पास खड़े दिखाई दिए। पुलिस उस क्षेत्र के ई-रिक्शा चालकों से पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल वहीं बच्चों के गायब होने से उनका रो-रोकर बुरा हाल गया। लेकिन जैसे ही बच्चों के उत्तर प्रदेश मिलने की जानकारी हुई तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब परिवार के लोग बच्चों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

राजस्थान के 25 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी:जयपुर, सीकर, भरतपुर, नागौर में 1 इंच तक बरसात हुई; श्रीगंगानगर सबसे ज्यादा गर्म रहा

राजस्थान के 25 जिलों में आज (गुरुवार) भी आंधी और बारिश की चेतावनी (अलर्ट) जारी की गई है। उधर, देश में मानसून के रफ्तार पकड़ने के साथ ही प्री-मानसून की अच्छी बारिश हो रही है। बुधवार (24 जून) को भरतपुर, जयपुर, नागौर, सीकर और श्रीगंगानगर के कुछ इलाकों में 1 इंच या उससे ज्यादा बरसात हुई। श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई, जहां का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और उदयपुर संभाग के जिलों में हल्के बादल छाने के साथ ही उमस का भी असर रहा। राजस्थान के मौसम से जुड़ी PHOTOS.. ये जिले रहे सबसे ज्यादा गर्म गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा गर्मी रही पिछले 24 घंटों के दौरान जहां उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में उमस के साथ बारिश का दौर चला, वहीं पश्चिमी जिलों में तेज गर्मी रही। श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा गर्मी दर्ज की गई, जहां का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा फलोदी में अधिकतम तापमान 42, जैसलमेर में 40.7, बीकानेर में 40.4, बाड़मेर में 40.3, चित्तौड़गढ़ में 40.2, पाली में 39.3, जोधपुर व दौसा में 39.2 और जालोर-हनुमानगढ़ में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन जिलों में हुई बारिश भरतपुर के कामां में 40 एमएम, पहाड़ी में 15, डीग में 8 एमएम; बीकानेर के लूणकरणसर में 13, श्रीडूंगरगढ़ में 21, जसरासर में 9 एमएम; नागौर के लाडनूं में 47, परबतसर में 6 एमएम; अजमेर के केकड़ी में 11, सावर में 16 एमएम; हनुमानगढ़ के डबलीराठन में 36, गोलूवाला में 7, भादरा में 8 एमएम; सीकर के रींगस में 31, पलसाना में 5 एमएम और श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान में 26, पदमपुर में 20 व केसरीसिंहपुर में 11 एमएम बरसात हुई। इन जिलों के अलावा झुंझुनूं, अलवर, बारां, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ के कुछ इलाकों में भी देर शाम बादल छाने के बाद हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई। आगे कैसा रहेगा मौसम… राजस्थान के बड़े शहरों में मौसम का हाल… जयपुर: राजधानी में बुधवार को दिनभर उमस भरा मौसम रहा। सुबह हल्की बारिश के बाद दोपहर में हल्के बादल छाए रहे। ग्रामीण इलाकों में बादल छाने के साथ कुछ जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। जयपुर के चौमूं में 25 एमएम (1 इंच) और जमवारामगढ़ में 20 एमएम बारिश हुई। जिले का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जोधपुर: बुधवार सुबह हल्के बादल छाए रहे, लेकिन इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत नहीं मिली। जिले का अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही के साथ तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। उदयपुर: लेकसिटी में बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप रही, जिससे लोग गर्मी से परेशान नजर आए। तेज गर्मी के चलते शहर की प्रसिद्ध फतह सागर झील में पानी का स्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है। अलवर: बुधवार सुबह से दोपहर करीब 1 बजे तक घने बादल छाए रहे, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। इस दौरान जिले में कहीं भी बारिश नहीं हुई। यहां अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में बारिश की संभावना जताते हुए बादल छाने, तेज हवा चलने और कहीं-कहीं आंधी आने का येलो अलर्ट जारी किया है। कोटा: कोचिंग सिटी में बुधवार को अधिकतम तापमान 38.8, जबकि न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर तेज गर्मी और उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में जिले में बारिश की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकेगी। अजमेर: बुधवार को गर्मी और उमस का मिला-जुला असर देखने को मिला। जिले का अधिकतम तापमान 37.9 और न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान रहे। सुबह और देर शाम मौसम थोड़ा राहत भरा रहा। सीकर: बुधवार सुबह से ही जिलेभर में बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश भी हुई। इससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी जिलेभर में बारिश की संभावना बनी हुई है। सीकर का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

चित्तौड़गढ़ में दिनभर रही तपिश, शाम को हुई बरसात:उमस से मिली राहत; अगले चार दिन तेज हवा और बारिश का अलर्ट

पिछले दो-तीन दिनों से तेज गर्मी और उमस से जूझ रहे चित्तौड़गढ़ में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर तेज धूप और चिपचिपी गर्मी झेलने के बाद शाम करीब 7.30 बजे आसमान का मिजाज बदलने लगा। देखते ही देखते बादल घिर आए और रात करीब 8 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर में मौसम बदलने के इस अचानक घटनाक्रम ने लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद जरूर दी, लेकिन फिलहाल हालात ऐसे नहीं बने कि उमस और गर्मी पूरी तरह खत्म हो गई हो। दिनभर की तपिश के बाद बारिश ने मौसम को जरूर बदला, लेकिन राहत फिलहाल अधूरी ही रही। अब लोगों की नजर अगले दो-तीन दिनों के मौसम पर है, क्योंकि मौसम विभाग ने 28 जून तक बारिश और तेज हवा का दौर बने रहने की संभावना जताई है। दिनभर 40.2 डिग्री तापमान और उमस ने किया बेहाल बुधवार सुबह से ही चित्तौड़गढ़ में तेज धूप का असर बना हुआ था। सुबह के साथ ही उमस भी बढ़ने लगी थी और दोपहर तक हालात काफी परेशान करने वाले हो गए। दोपहर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने लोगों की मुश्किल और बढ़ा दी। गर्मी के साथ नमी भरे मौसम ने ऐसा माहौल बना दिया कि घरों, दुकानों, दफ्तरों और बाजारों में लोग पसीने से तरबतर नजर आए। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया था और शाम तक लोग बारिश का इंतजार करते रहे। पिछले कुछ दिनों से यही स्थिति बनी हुई थी। बुधवार को भी दिनभर यही स्थिति रही, लेकिन शाम को हालात बदल गए। शाम को बदला मौसम, तेज हवा के बाद शुरू हुई बारिश शाम करीब 7.30 बजे आसमान में अचानक बदलाव दिखाई दिया। पहले बादल घिरने लगे, फिर हवा की रफ्तार बढ़ी और कुछ ही देर में मौसम पूरी तरह बदल गया। रात करीब 8 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में लोगों ने लंबे इंतजार के बाद बारिश की बूंदें देखीं तो कुछ देर के लिए राहत जैसा माहौल जरूर बना, लेकिन बारिश शुरू होने के बावजूद उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग ने पहले ही जताई थी संभावना, 28 जून तक बना रह सकता है असर मौसम विभाग ने कुछ देर पहले ही चित्तौड़गढ़ में बारिश की संभावना जताई थी और बुधवार शाम मौसम ने उसी दिशा में संकेत भी दे दिए। विभाग के अनुसार जिले में 28 जून तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं बारिश के साथ तेज हवा या आंधी भी चल सकती है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि अगर अगले एक-दो दिन में अच्छी और लगातार बारिश होती है, तो गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।

सरदारशहर के मुख्य बाजारों में जलभराव, VIDEO:जिला अस्पताल के वार्डों में घुसा पानी, एक घंटे में हुई 70 एमएम बारिश

चूरू के सरदारशहर में बुधवार शाम को बारिश हुई। करीब एक घंटे में 70 एमएम बारिश दर्ज की गई। इससे कस्बे के ताल मैदान समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। तहसीलदार रतनलाल मीणा ने बताया- बुधवार शाम 4 बजे शुरु हुआ बारिश का दौर 5 बजे तक चला। एक घंटे में करीब 70 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे शहर के मुख्य बाजार, शिव मार्केट, बीकानेर रोड़ और ताल मैदान समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। पहले देखें बारिश के बाद के PHOTOS जिला अस्पताल के कई वार्डों में घुसा पानी
तेज बारिश के कारण जिला अस्पताल परिसर में भी भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। अस्पताल के कई वार्डों में पानी घुसने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी हुई। जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से चिकित्सा सेवाओं पर भी असर पड़ा। शहर के मुख्य बाजार, शिव मार्केट, सब्जी मंडी, कच्चा बस स्टैंड, रोडवेज बस स्टैंड और कई मुख्य गलियों में पानी भर गया। दुकानों के सामने पानी जमा होने से व्यापारियों को नुकसान हुआ। वाहन चालकों और राहगीरों को जलभराव के बीच से गुजरना पड़ा। स्थाई समाधान की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार, हर वर्ष बरसात के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। बरसात के बाद शहर के कई निचले इलाकों में देर तक पानी भरा रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।