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डकैत जगन की हत्या के बाद पप्पू-गुर्जर की जेल बदली:अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से दौसा भेजा; परिवार की मांग पर शिफ्टिंग की गई

डकैत जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को आज अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से शिफ्ट कर दिया गया। आज (मंगलवार) सुबह करीब 9 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच दौसा की सेंट्रल जेल ले जाया गया। सुरक्षा को लेकर परिजन और ग्रामीणों ने शिफ्टिंग की मांग की थी। सोमवार को जेल प्रशासन के ट्रांसफर के आदेश के बाद प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए थे। जेल प्रशासन ने जिला पुलिस से अतिरिक्त जाप्ते की मांग की थी। मंगलवार सुबह अतिरिक्त पुलिस जाप्ता मिलने के बाद शिफ्टिंग की कार्रवाई की गई। बता दें कि डकैत जगन गुर्जर की 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद से परिजन पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को देखते हुए जेल ट्रांसफर करने की मांग कर रहे थे। मामले में जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने कहा कि मुख्यालय की ओर से सोमवार को पप्पू गुर्जर को ट्रांसफर करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब 9 बजे कड़ी सुरक्षा में ले जाया गया। परिजन और ग्रामीणों ने की थी शिफ्टिंग की मांग जगन हत्याकांड के बाद परिजन और ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने पांच मांगे रखी थी। मांगें पूरी नहीं होने पर 12 जुलाई को जगन गुर्जर की बारहवीं की रस्म के बाद परिजनों और डांग क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने बाड़ी की तरफ कूच कर बड़े आंदोलन की चेतावनी दे दी थी। मांगों पर सहमति के बाद लौटे ग्रामीण माहौल बिगड़ता देख जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। धौलपुर कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और एसपी ने आधी रात को गजपुरा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को रोककर बात की। 5 प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद प्रशासन ने बाड़ी थानाधिकारी (SHO) देवेंद्र शर्मा को तुरंत प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इसके बाद देर रात ग्रामीण शांत होकर भवुतीपुरा (जगन के गांव) लौट गए। 4 जुलाई को बिगड़ी थी तबीयत बता दें कि अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर की 4 जुलाई को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। खाना खाने के बाद पप्पू ने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर जेल के डॉक्टर ने उसका चेकअप किया। 4 जुलाई की शाम को पप्पू का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद पुलिस की भारी सुरक्षा के बीच रात 10:45 बजे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल भेजा गया। जहां उसकी जांच की गई। इसके बाद उसे जेल शिफ्ट कर दिया गया। जगन की 29 जून को हो गई थी हत्या अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को डैकत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर का टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया था। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार 1 जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ। ———- ये खबरें भी पढ़िए… अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या:कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी ने तौलिए से गला घोंटा, साथ में लूडो खेला था अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में सोमवार को डकैत जगन गुर्जर की हत्या हो गई। भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर मर्डर किया। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर बैरक नंबर 5 में बंद थे। (पढ़िए पूरी खबर) ———– छावनी बना डकैत जगन का गांव,9 थानों की पुलिस तैनात:धौलपुर में हुआ अंतिम संस्कार, STF की सुरक्षा में तीनों भाइयों को लाया गया डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार आज (बुधवार) धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में हुआ। मुखाग्नि बेटे आसाराम ने दी। STF की सुरक्षा में उसके तीनों भाइयों को जेल से धौलपुर लाया गया था। यहां अंतिम दर्शन के बाद तीनों को पुलिस वापस ले गई। (पढ़िए पूरी खबर)

अंतरिम जमानत खत्म होने के बाद जेल नहीं लौटा बंदी:पहले 45 दिन और बाद में 20 दिनों की मिली थी राहत, कोतवाली थाने में मामला दर्ज

चित्तौड़गढ़ जिला जेल से अंतरिम जमानत पर बाहर गया एनडीपीएस एक्ट का एक विचाराधीन बंदी तय समय पर वापस नहीं लौटा। अदालत की ओर से पहले 45 दिन और बाद में 20 दिन की अतिरिक्त राहत मिलने के बावजूद बंदी ने 13 जुलाई की शाम तक जेल में सरेंडर नहीं किया। तय समय निकलने के बाद जेल प्रशासन ने उसे फरार मानते हुए कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब पुलिस बंदी की तलाश में जुट गई है। एनडीपीएस एक्ट के मामले में पिछले साल से था चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंद जेल प्रशासन के अनुसार पंजाब के अमृतसर निवासी रणधीर पुत्र धर्मसिंह निकुंभ थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में 4 अप्रैल 2025 से चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंद था। उसके खिलाफ निकुंभ थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत मामला दर्ज है और यह प्रकरण बड़ीसादड़ी स्थित एनडीपीएस मामलों की विशेष अदालत में विचाराधीन है। इसी दौरान बंदी ने राजस्थान हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उसे 11 मई से 24 जून तक 45 दिन की अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया था। हाईकोर्ट से 20 दिन की और राहत मिली, फिर भी तय तारीख पर नहीं पहुंचा 45 दिन की अंतरिम जमानत पूरी होने से पहले बंदी ने फिर से राहत मांगी। इस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने उसकी अंतरिम जमानत 20 दिन और बढ़ा दी। अदालत के आदेश के अनुसार उसे 24 जून से 13 जुलाई तक अतिरिक्त राहत दी गई थी। साथ ही स्पष्ट शर्त रखी गई थी कि जमानत पर जाते और लौटते समय वह पंजाब के होशियारपुर जिले के टांडा थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराए और 13 जुलाई को शाम 5 बजे से पहले चित्तौड़गढ़ जिला जेल में आकर सरेंडर करेगा। लेकिन निर्धारित समय तक वह जेल नहीं पहुंचा और न ही उसने कोई सूचना दी। इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे फरार मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। जेल प्रहरी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज, पुलिस शुरू करेगी गिरफ्तारी की कार्रवाई जेल प्रशासन की ओर से जेल प्रहरी वेदराम ने कोतवाली थाने में लिखित रिपोर्ट देकर बंदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। रिपोर्ट में अदालत के आदेश, जेल रिकॉर्ड और जमानत से जुड़ी सभी जानकारी पुलिस को सौंपी गई है। साथ ही पुलिस से फरार बंदी को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेजने की मांग की गई है। इस संबंध में राजस्थान हाईकोर्ट, होशियारपुर पुलिस, टांडा थाना और निकुंभ थाना को भी सूचना भेजी गई है। अब कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है और बंदी की तलाश शुरू कर दी गई है।

यूआईटी की जमीन को अपनी बताकर 35.50 लाख ऐंठे:4 करोड़ 11 लाख का किया था सौदा, कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केस

अलवर शहर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में जमीन के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने FIR दर्ज की। शिकायतकर्ता मोहित बीमरोट ने रिपोर्ट में बताया कि अजबपुरा, नारायणपुर के रहने वाले ब्रजमोहन सैनी पुत्र घूणीलाल सैनी ने शहर के हनुमान सर्किल के पास मूगस्का स्थित करीब 2.49 हेक्टेयर जमीन को अपनी बताते हुए उसका सौदा 4 करोड़ 11 लाख रुपए में तय किया। इस दौरान आरोपी ने दावा किया कि उसने जमीन के असली खातेदारों से सौदा कर रखा है। इस जमीन पर कोई विवाद और कानूनी अड़चन नहीं है। साथ ही 31 जुलाई 2025 तक रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिया। जमीन बेचने का झांसा देकर 35.50 लाख ऐंठे मोहित का आरोप है कि आरोपी की बातों पर विश्वास कर उसने अलग-अलग किस्तों में कुल 35 लाख 50 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। इसमें 25 लाख रुपए और 8.50 लाख रुपए के दो चेक, 99 हजार और 50 हजार रुपए फोन-पे के जरिए तथा 1.01 लाख रुपए नकद दिए गए। दोनों पक्षों के बीच स्टांप पेपर पर इकरारनामा भी हुआ और भुगतान की रसीद भी दी गई। पैसे देने के बाद भी नहीं कराई रजिस्ट्री आरोप है कि तय समय पर आरोपी रजिस्ट्री कराने से लगातार बचता रहा। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि संबंधित जमीन को यूआईटी (नगर विकास न्यास) अलवर पहले ही अधिग्रहित कर चुका है। इसके बाद आरोपी ने पहले पैसे लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में इनकार कर दिया। परिवादी ने आरोप लगाया कि जमीन के मूल खातेदारों और आरोपी को पहले से पता था कि जमीन यूआईटी के अधिग्रहण में है, इसके बावजूद यह बात छिपाकर उससे करोड़ों रुपए का सौदा किया गया और लाखों रुपए ले लिए गए। वहीं आरोप का ब्रजमोहन का कहना हैं की मैंने कुछ पैसे वापस लौटा दिए बाकी भी लौटा दूंगा,हमारा इस जमीन का सौदा हुआ था लेकिन यह जमीन मेरे किसी परिचित की हैं। मामले में के अरावली विहार थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पाली में दंपती से लूट, सोने की कंठी छीनकर फरार:सुनसान रास्ते पर बाइक आगे लगाकर रोका, कुछ सेकेंड में वारदात

पाली में दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने सुनसान रास्ते पर एक वृद्ध दंपती को रोककर लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने बाइक के आगे अपनी बाइक लगाकर दंपती को रोका और चंद सेकेंड में वृद्धा के गले से सोने की कंठी छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें आरोपी हाईवे पर तेज रफ्तार से भागते नजर आए। सदर थाना पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। भालेलाव गांव के पास हुई वारदात घटना सोमवार शाम करीब 4 बजे सदर थाना क्षेत्र के भालेलाव गांव के पास हुई। पुलिस के अनुसार भालेलाव निवासी डूंगराराम (62) पुत्र उम्मेदाराम सीरवी अपनी पत्नी लीलादेवी (56) के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान भालेलाव जाने वाले सुनसान रास्ते पर पीछे से तेज रफ्तार में आए बाइक सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक के आगे अपनी बाइक लगाकर उन्हें रोक लिया। चंद सेकेंड में कंठी लूटी, फिर फरार हुए बदमाश दंपती कुछ समझ पाते, इससे पहले एक बदमाश ने वृद्धा के गले में पहनी सोने की कंठी झपट ली। इसके बाद तीनों आरोपी उसी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद वृद्ध दंपती ने शोर मचाया, लेकिन सुनसान रास्ता होने के कारण वहां कोई नहीं था। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे लोगों को उन्होंने पूरी घटना बताई, जिसके बाद सदर थाना पुलिस को सूचना दी गई। CCTV फुटेज के आधार पर तलाश में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में तीनों आरोपी बाइक पर तेज रफ्तार से भागते हुए दिखाई दिए। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान और तलाश में जुटी है। SHO बोले- तीनों ने मुंह पर बांध रखा था रूमाल सदर थाना प्रभारी कपूराराम ने बताया कि घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। वारदात तीन युवकों ने की है और तीनों ने अपने चेहरे पर रूमाल बांध रखा था। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश की जा रही है।

जालोर में शराब ठेके से चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार:48 घंटों में दबोचा, चोरी की शराब और कार बरामद

जालोर जिले की बागोड़ा थाना पुलिस ने 12 जुलाई को शराब ठेके में हुई नकबजनी के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया माल बरामद करने के साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली है। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस बागोड़ा थानाधिकारी बलदेवराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी श्रवण कुमार (31) पुत्र सुजानाराम विश्नोई निवासी कुकावास, थाना बागोड़ा को गिरफ्तार किया। चोरी की शराब और कार बरामद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई अंग्रेजी शराब, देशी शराब, बीयर और आरएमएल की बोतलें तथा कार्टन बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया गया है। इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका कार्रवाई में थानाधिकारी बलदेवराम, एएसआई धर्माराम, कांस्टेबल रमेश कुमार, बाबूराम, मसराराम और कृष्णकुमार की अहम भूमिका रही। वहीं मामले के खुलासे में साइबर सेल जालोर के हेड कांस्टेबल त्रिलोकसिंह का विशेष योगदान रहा।

रात में नाले में गिरे दो युवक, मौत:घर लौटते समय नाला नहीं दिखा, बाइक बेकाबू होकर गिरी

राजतालाब थाना क्षेत्र में भापोर रोड स्थित इंडस्ट्रीयल एरिया के पास एक दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक रात के समय बाइक से लौट रहे थे, इसी दौरान निर्माणाधीन पुल के पास खोदे गए नाले में बाइक सहित गिर गए। हादसे की जानकारी लोगों को सोमवार सुबह लगी, जिसके बाद पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। अंधेरे में नहीं दिखा निर्माणाधीन पुल जानकारी के अनुसार वडली पाडा भापोर निवासी पंकज पुत्र कालिया निनामा और सुनील पुत्र राजू दायमा रात में बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान भापोर रोड पर इंडस्ट्रीयल एरिया ठीकरिया के पास निर्माणाधीन पुल के पास पहुंचने पर वे स्थिति का अंदाजा नहीं लगा पाए। बताया जा रहा है कि बाइक असंतुलित होकर सीधे वहां बने गहरे नाले में जा गिरी। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह राहगीरों ने देखी बाइक और शव सोमवार सुबह जब राहगीरों की नजर नाले में गिरी बाइक और दोनों युवकों के शवों पर पड़ी तो लोगों ने इसकी सूचना परिजनों और राजतालाब थाना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद परिजन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों के शवों को नाले से बाहर निकलवाया। मौके पर पहुंचे परिजन घटना की सूचना मिलते ही मृतक युवकों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और आगे की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल राजतालाब थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

कोटा में लोगों को अच्छी बारिश का इंतजार:इस बार 21% कम हुई बरसात, पारा 35 के पार पहुंचा; 2 दिन बाद बदलेगा मौसम

कोटा में मानसून पूरी तरह से थम गया है। बीते एक सप्ताह से बारिश नहीं हुई है। सोमवार को भी बादलों की आवाजाही रही, लेकिन कहीं भी बरसात नहीं हुई। एक सप्ताह से पारा 35 डिग्री के ऊपर चल रहा है। सूरज के तेवर भी तीखे हो गए हैं। जिले में गर्मी व उमस बरकरार है। आज भी सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार वेदर सिस्टम कमजोर बने रहने से फिलहाल मौसम ड्राई रहेगा। 15 जुलाई के बाद बारिश की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री व न्यूनतम 28.4डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में 13 जुलाई तक 21% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 13 जुलाई तक औसत 180.3मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 142.7 मिमी बारिश हुई है। कोटा में 8 जुलाई के बाद से बरसात नहीं हुई। लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

वीणा कैसेट के मालिक केसी मालू का अंतिम संस्कार आज:देर रात हुआ निधन, राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी

वीणा कैसेट के मालिक केसी मालू का सोमवार देर रात डेढ़ बजे हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनका आज शाम साढ़े 4 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा शांति पथ मालू हाउस पार्श्वनाथ कॉलोनी निर्माण नगर स्थित घर से पुरानी चुंगी मोक्ष धाम जाएगी। 1946 में चूरू के सुजानगढ़ में जन्मे केसी मालू ने अपना पूरा जीवन राजस्थानी भाषा, लोकसंगीत और लोक कलाकारों को समर्पित किया। वीणा कैसेट्स के माध्यम से उन्होंने हजारों लोकगीत, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को रिकॉर्ड कर देश-विदेश तक पहुंचाया और अनेक नए कलाकारों को मंच दिया। वे राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के आंदोलन से भी लंबे समय तक जुड़े रहे। वर्ष 1987 में राजस्थान के भीषण अकाल के दौरान उन्होंने जयपुर में ऐतिहासिक ‘लता मंगेशकर नाइट’ का आयोजन कर राहत कार्यों के लिए करीब 1 करोड़ रुपए जुटाए थे। कई प्रतिष्ठित अवॉर्ड से नवाजा गया कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें समग्र कला साधना अवॉर्ड, डागर घराना अवॉर्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। राजस्थानी संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए राजस्थान सरकार ने उन्हें ‘राजस्थान रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था। यह सम्मान उनके दशकों लंबे सांस्कृतिक योगदान और लोककला के संरक्षण के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण माना जाता है। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त किया उनके निधन पर ग्रैमी विजेता विश्वमोहन भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कला, साहित्य और सामाजिक जगत की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्हें राजस्थानी लोकसंगीत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले अग्रदूत के रूप में याद किया जा रहा है। ग्रेमी अवॉर्ड विनर विश्वमोहन भट्ट ने कहा कि लोक संगीत के महान संरक्षक का यों अचानक चले जाना व्यथित कर गया है। लोक संगीत के उनके योगदान को कोई नहीं भूल पाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले सप्ताह ही निवास पर उनसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन संगीत जगत को समर्पित किया। उन्होंने देश-दुनिया में राजस्थानी गानों को नई पहचान दिलाई थी। उनका निधन हम सभी के लिए एक बड़ी क्षति है। भास्कर की बातचीत में बताया था लता मंगेश्कर नाइट का किस्सा भास्कर से बातचीत में केसी मालू ने बताया था कि स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने पूरे जीवनकाल में जयपुर में सिर्फ एक बार प्रोग्राम किया। 26 नवंबर 1987 को यह आयोजन हुआ था। तब राजस्थान में अकाल पड़ा था। ऐसे में अकाल पीड़ितों के लिए फंड जुटाने के लिए लताजी ने बिना फीस लिए प्रोग्राम किया था। वह अपनी टीम के साथ 4 दिन जयपुर रहीं। इस दौरान उन्होंने राजस्थानी में ही बात की और राजस्थानी खाना ही खाया। आयोजन हमारी संस्था सुरसंगम संस्थान ने ही आयोजित किया था, इसलिए एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करते हुए मैंने कहा- ‘धन्यभाग राजस्थान रा ज्यो थे पधारया’। वह तपाक से बोलीं- ‘अत्ता दिन थे बुलाया ही कोनी।’ यहां पहुंचकर उनका राजस्थान प्रेम देखकर मैं भी दंग था। प्रोग्राम एसएमएस स्टेडियम में था। पहले दिन उन्होंने आंखों पर पट्टी बांधकर रिहर्सल की। चौथे दिन प्रोग्राम शाम 6 बजे शुरू हुआ। लताजी आमतौर पर 20 से ज्यादा गाने नहीं गाती थीं, लेकिन जयपुर का उत्साह देखकर उन्होंने रिकॉर्ड 26 गाने गाए। वह भी बैक-टू-बैक। इसमें उनका मशहूर गीत ‘आएगा आने वाला’ भी शामिल था। इस गीत में राजस्थान के संगीतकार खेमचंद्र प्रकाश ने उन्हें ब्रेक दिया था। उन्होंने मंच पर खेमचंद्र को याद भी किया। 39 साल पहले भी आयोजन से 1.01 करोड़ का फंड जमा हुआ था। इसका चेक लताजी ने तत्कालीन सीएम हरिदेव जोशी को सौंपा। खुद सीएम भी टिकट लेकर प्रोगाम देखने पहुंचे थे। लताजी के अलावा प्रोग्राम में मोहम्मद अजीज, नितिन मुकेश और उषा मंगेशकर ने भी गीत गाए।

बिना किसी सरकारी सहायता के की सेवा विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि बिना किसी सरकारी सहायता के मालू जी का जीवन लोक सेवा और कला साधना का अद्वितीय उदाहरण रहा है। उन्होंने राजस्थानी विवाह गीतों पर एक ऐतिहासिक शोध कार्य किया। उनके द्वारा रचित 221 राजस्थानी विवाह गीतों के 2 विशाल ग्रंथ संस्कृति की अनमोल धरोहर हैं। हिंदी, अंग्रेजी और राजस्थानी—इन तीन भाषाओं में सचित्र तैयार किया गया यह संकलन विश्वभर में विवाह गीतों का सबसे बड़ा संकलन माना जाता है। इसके साथ ही इन गीतों की 24 ऑडियो-वीडियो सीडी भी जारी की गईं, जिसने इस परंपरा को डिजिटल रूप में हमेशा के लिए अमर कर दिया। उन्होंने 5,000 से अधिक राजस्थानी लोकगीतों की पांडुलिपि और ध्वनिलिपि तैयार कर उनकी ऑडियो रिकॉर्डिंग की, जो आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी। ‘घूमर’, ‘चीरमी’ और ‘कांगसियो’ जैसे कई कालजयी और सदाबहार राजस्थानी गीतों के एल्बम प्रोड्यूस कर उन्होंने लोक धुनों को हर दिल की धड़कन बनाया। मालू जी ने स्वदेशी संगीत को समर्पित श्रेष्ठ संस्था ‘सुर-संगम’ और राजस्थान लोक संगीत के सबसे प्रतिष्ठित समूह ‘वीणा म्यूजिक’ की स्थापना कर नए कलाकारों को मंच दिया। उन्होंने महान संगीतकार नौशाद साहब के साथ मिलकर देश के जाने-माने कलाकारों के माध्यम से राजस्थानी लोक संगीत को शिखर पर पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया।

रुस्तम प्रिंस बने नागौर कांग्रेस के महासचिव:भानु को कोषाध्यक्ष बनाया; नई कार्यकारिणी में 50 पदाधिकारी शामिल

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नागौर जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की स्वीकृति के बाद संगठन महासचिव ललित तुनवाल ने सूची जारी की। नई कार्यकारिणी में हनुमानराम बांगड़ा को जिलाध्यक्ष, रुस्तम प्रिंस को संगठन महासचिव और भानु प्रकाश सैनी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई टीम में अध्यक्ष सहित कुल 50 पदाधिकारी शामिल किए गए हैं, जिनमें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी के पद शामिल हैं। 50 पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी जिला कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष सहित कुल 50 पदाधिकारी शामिल किए गए हैं। इनमें 10 उपाध्यक्ष, 15 महासचिव, 20 सचिव, 2 प्रवक्ता और 2 सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। कांग्रेस संगठन के अनुसार कार्यकारिणी के गठन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा गया है। साथ ही सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी गई है। इन नेताओं को बनाया गया उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष पद पर मोहिनी देवी, मोतीलाल चंदेल, शब्बीर अहमद, अल्ताफूर राठौड़, रामनिवास मेघवाल, अनुपचंद विश्नोई, किशोर सिंह बालवा, भोमसिंह बारानी, धनश्याम शारदा और भैराराम धुंधवाल को जिम्मेदारी दी गई है। 15 नेताओं को बनाया गया महासचिव महासचिव पद पर नाथूराम मेघवाल, इकबाल खान, रमेश्वर डिडेल, केशाराम छंगां, छोटाराम, बरकत खान, अशोक मच्छी, रामनिवास करवा, प्रेमसुख झाझड़ा, शिवसिंह राठौड़, मणीराम, हरीश मिर्धा, चांद मोहम्मद, धर्मेंद्र पवार और हीरालाल भाटी को शामिल किया गया है। प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी भी घोषित प्रवक्ता पद पर अजय गोदारा और शिवदयाल को नियुक्त किया गया है। वहीं सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी मुकेश कुमार खटीक और प्रेमराज शालीह को सौंपी गई है। जिलाध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने कहा कि नई कार्यकारिणी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कांग्रेस की गतिविधियों को गति देने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी में पूर्व जनप्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों और सहकारी संस्थाओं से जुड़े प्रतिनिधियों को भी पदेन सदस्य बनाया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत किया गया नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद जिला कांग्रेस कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नवनियुक्त जिला सचिव देवीसिंह गोयल और कपिल चारड़िया का साफा और माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हनुमानराम बांगड़ा ने सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नई टीम संगठन को मजबूत करने के लिए समर्पित भाव से काम करेगी।

इंस्टाग्राम पर हुआ था नकली नोट के मास्टरमाइंड से कॉन्टैक्ट:सप्लायर ने बदमाशों तक 4 लाख पहुंचाए, हर डिलीवरी पर मिलते थे 5 हजार रुपए

अजमेर में नकली नोटों के साथ गिरफ्तार आरोपी डेढ़ महीने में 3 लोगों को करीब 4 लाख रुपए की डिलीवरी कर चुका था। आरोपी यह डिलीवरी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए संपर्क में आए एक युवक (मास्टरमाइंड) के निर्देश पर कर रहा था। हर डिलीवरी के बदले उसे 4 से 5 हजार रुपए मिलते थे। आरोपी विक्रम जोन (27) निवासी प्रिंस हिल्स कॉलोनी, बड़ी नागफणी (अजमेर) से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मास्टरमाइंड ने इंस्टाग्राम पर ऑनलाइन बातचीत में धीरे-धीरे उससे बातचीत बढ़ाई। इसके बाद विक्रम की आर्थिक स्थिति देखते हुए उसे नकली नोट चलाने का प्रस्ताव दिया। विक्रम ने नोटों की क्वालिटी खराब होने की कहकर मना कर दिया। इस पर मास्टरमाइंड ने विक्रम को करीब डेढ़ महीने पहले 17 लाख रुपए के नकली नोट देकर अलग-अलग लोगों को डिलीवरी करने का ऑफर दिया। आरोपी विक्रम जॉन से अब कई केंद्रीय एजेंसियां भी पूछताछ कर रही हैं। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि इस नेटवर्क के तार कहीं पाकिस्तान या किसी अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं। पुलिस आरोपी से मास्टरमाइंड और अब तक नकली नोटों की हुई डिलीवरी के हर पहलू पर पूछताछ कर रही है। दरअसल, अजमेर की गंज थाना पुलिस ने 12 जुलाई को विक्रम जॉन को गिरफ्तार किया था। उसके पास से एक बैग मिला था। बैग में 13 लाख 6 हजार रुपए के नकली नोट और प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाली शीटें मिली हैं। इनमें 500 रुपए के कुल 2612 नकली नोट थे। दैनिक भास्कर ने कैमरे पर किया था एक्सपोज 9 जुलाई को नकली नोट खपाने वालों को दैनिक भास्कर ने कैमरे पर एक्सपोज किया था। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर नकली नोट के माफिया से कॉन्टैक्ट किया था। बाकायदा 1 लाख रुपए के बदले 10 लाख के नकली नोटों की डील ऑफर हुई थी। पढ़ें पूरी खबर… इंस्टाग्राम पर हुआ कॉन्टैक्ट, डेढ़ महीने में जीता भरोसा पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रम जॉन ने करीब डेढ़ महीने पहले इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे संपर्क किया। धीरे-धीरे दोनों में बातचीत बढ़ने लगी। पहले उसने विक्रम की निजी जानकारी जुटाई। मास्टरमाइंड ने विक्रम की आर्थिक स्थिति देखी। लगातार बातचीत और वीडियो कॉल के जरिए मास्टरमाइंड ने विक्रम का विश्वास जीता। जब मास्टरमाइंड को भरोसा हो गया कि विक्रम उसके लिए काम कर सकता है, तब उसने नकली नोटों के नेटवर्क में शामिल करने की योजना बनाई। पहले बाजार में रुपए चलाने को कहा, मना करने पर बदला रोल मास्टरमाइंड ने शुरुआत में विक्रम को 500 रुपए के नकली नोट बाजार में चलाने का प्रस्ताव दिया। विक्रम ने जब पहली बार नकली नोट देखे तो उनकी क्वालिटी खराब होने की बात कहकर बाजार में चलाने से इनकार कर दिया, लेकिन मास्टरमाइंड पीछे नहीं हटा। उसने रणनीति बदली और विक्रम को डिलीवरी बॉय की भूमिका ऑफर की। उसे कहा कि तय आदमी तक सिर्फ नोट पहुंचाने हैं। हर डिलीवरी पर 4 से 5 हजार रुपए देने का लालच दिया। पहली खेप में 17 लाख के नकली नोट दिए, चौथी डिलीवरी करते पकड़ा गया पुलिस के अनुसार- करीब डेढ़ महीने पहले मास्टरमाइंड और आरोपी विक्रम पहली व आखिरी बार मिले थे। तब शहर के बस स्टैंड क्षेत्र के पास मास्टरमाइंड ने विक्रम को करीब 17 लाख रुपए के 500-500 के नकली नोट सौंपे थे। इसके बाद इंस्टाग्राम मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए हर बार डिलीवरी का पता और सामने वाले व्यक्ति का हुलिया बताया जाता। विक्रम तय जगह पहुंचकर नोट सौंप देता और बदले में अपना कमीशन ले लेता। जांच में सामने आया कि गिरफ्तारी से पहले विक्रम ने 17 लाख रुपए में से तीन जगह करीब 4 लाख रुपए के नकली नोट पहुंचाए थे। विक्रम 12 जुलाई को 13.06 लाख लेकर चौथी डिलीवरी के लिए निकला था, तभी गंज थाना पुलिस ने उसे पकड़ लिया। शीट भी मिली, घर पर करता था कटिंग पूछताछ में सामने आया कि मास्टरमाइंड ने कुछ तैयार गड्डियां आरोपी विक्रम को दी थीं। वहीं कुछ नकली नोट शीट के रूप में दिए थे। विक्रम घर पर उनकी कटिंग करता था। बरामद सभी नकली नोट अलग-अलग सीरियल नंबर के पाए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नोटों की छपाई कहां हुई। इन्हें तैयार करने वाला नेटवर्क कौन संचालित कर रहा है। पाकिस्तान कनेक्शन पर भी पूछताछ भारी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। कई केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों ने दरगाह थाने पहुंचकर आरोपी से सोमवार को लंबी पूछताछ की। उससे यह जानने का प्रयास किया कि कहीं पाकिस्तान या विदेशी नेटवर्क से निर्देश तो नहीं मिले। फिलहाल इस एंगल पर भी जांच जारी है और पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही। मास्टरमाइंड की असली पहचान अब भी रहस्य पूछताछ में विक्रम ने एक नाम का जिक्र किया है। वहीं पुलिस सहित खुद आरोपी को भी भरोसा नहीं है कि वह नाम असली है या फर्जी। पूरे नेटवर्क में केवल इंस्टाग्राम चैट और वीडियो कॉल के जरिए ही संपर्क होता था। इसी वजह से पुलिस के सामने मास्टरमाइंड की वास्तविक पहचान तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती है। अब सीसीटीवी से जुड़ेंगी कड़ियां आरोपी विक्रम जॉन को सोमवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। वहीं पुलिस अब उस स्थान की पहचान कर रही है, जहां पहली बार नकली नोटों की खेप सौंपी गई थी। साथ ही जिन तीन लोगों को डिलीवरी की गई, उनकी पहचान भी की जा रही है। पुलिस संबंधित जगह के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर मास्टरमाइंड और नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। नकली नोट बाजार में पहुंचे या नहीं, पुलिस कर रही जांच जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन चार लाख रुपए के नकली नोटों की डिलीवरी हो चुकी है। वे बाजार में चल चुके हैं या अभी भी किसी के पास हैं। पुलिस उन सभी लोगों और स्थानों की पहचान करने में जुटी है, जहां यह नकली नोट हो सकते हैं। पिता बीएसएफ से थे रिटायर्ड, मौत के बाद अजमेर आया पुलिस जांच में सामने आया कि विक्रम के पिता बीएसएफ से रिटायर्ड थे। रिटायरमेंट होने के बाद विक्रम के पिता पाली में बैंक गार्ड की नौकरी कर रहे थे। कुछ समय पहले उनकी मौत के बाद विक्रम अजमेर आकर नौकरी करने लगा। वह अविवाहित है। ………… अब पढ़िए भास्कर सीरीज की ये 2 खबरें… 1- पहली बार कैमरे पर नकली नोट गिरोह : 1 लाख के बदले 10 लाख के नोट, दावा- एटीएम भी नहीं पकड़ सकता, पार्ट-1 पहली बार कैमरे पर देखिए आपके पर्स तक नकली नोट पहुंचने वाले गैंग के चेहरे। इंस्टाग्राम की एक रील से शुरू हुई इन्वेस्टिगेशन नकली नोटों के उस सिंडीकेट तक ले गई, जो रील्स में काउंटिंग मशीन में डालकर दावा करते हैं- ये नोट न मशीन पकड़ पाएगी न एटीएम। पूरी खबर पढ़िए… 2- नकली नोट में गांधीजी का वाटरमार्क, सिल्वर लाइन भी:एक पेपर पर छपते 500 के 3 नोट, इंडस्ट्री की तरह गैंग में प्रोडक्शन दैनिक भास्कर एप की स्पेशल सीरीज के पहले पार्ट में आपने ऑन कैमरा नकली नोट माफिया के चेहरे देखे। भास्कर रिपोर्टर ने ग्राहक बनकर पूरे नेटवर्क को एक्सपोज किया। भास्कर की पड़ताल में नकली नोट बनाने वाले एक और गैंग का सच सामने आया। पूरी खबर पढ़िए…