महासम्मेलन में उठी जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग:पूर्व पीएम वीपी सिंह जयंती पर सामाजिक-राजनीतिक जागरूकता पर जोर

चूरू में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की जयंती पर गुरुवार को टाउन हॉल में आयोजित ओबीसी महासम्मेलन में वर्ष 2027 की जनगणना में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने और उप-वर्गीकरण लागू करने की मांग प्रमुखता से उठी। सम्मेलन में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और युवाओं ने भाग लेते हुए सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए एकजुटता का संदेश दिया। ‘ओबीसी के अधिकार अब और नहीं रोके जा सकते’ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के पूर्व लोकसभा सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि देशभर में ओबीसी वर्ग तेजी से जागरूक हो रहा है, लेकिन आज भी उसके साथ बड़े स्तर पर अन्याय और शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों को अब और अधिक समय तक रोका नहीं जा सकता। सैनी ने वर्ष 2027 की जनगणना में अनुसूचित जाति एवं जनजाति की तर्ज पर बिंदु संख्या 12 में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने तथा ओबीसी वर्गीकरण लागू करने की मांग की। उन्होंने इस मुद्दे पर देशभर में चल रहे आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान भी किया। संगठन और संघर्ष को बताया अधिकारों की कुंजी नेशनल ओबीसी वेलफेयर सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरधारीलाल तंवर ने सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मूल ओबीसी समाज को अपने अधिकारों की रक्षा और हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने समाज की एकजुटता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताया। सोसाइटी के संरक्षक डॉ. अशोक जांगिड़ ने संगठन के उद्देश्यों और समाजहित में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। वहीं संरक्षक एवं सेवानिवृत्त तहसीलदार राधेश्याम स्वामी ने 2027 की जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने और उप-वर्गीकरण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता पर जोर जिलाध्यक्ष एडवोकेट रामेश्वर प्रजापति ने संगठन की गतिविधियों और सामाजिक जागरूकता अभियानों की जानकारी दी। डिंपल मेड़तिया ने पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के जीवन, संघर्ष और सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान को याद किया। सुनीता कंवर चारण ने ओबीसी आरक्षण के वर्गीकरण की मांग उठाई। कामगार समाज के जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद हर्षवाल ने कहा कि ओबीसी समाज में राजनीतिक चेतना का विस्तार समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। दौलतराम पेंशिया और चानणमल सैनी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का आधार बताते हुए महिलाओं की शिक्षा पर विशेष जोर दिया। कई समाज प्रतिनिधियों ने रखे विचार सम्मेलन में एडवोकेट आशाराम सैनी, घड़सीराम स्वामी, प्रेम सिंह पंवार और मूलचंद सैनी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर हरिकिशन जांगिड़, गुमानीराम प्रजापत, महावीर स्वामी, बैजाराम जांगिड़, भागीरथ सैनी, ओमप्रकाश इंदौरिया, योगिता प्रजापत, भंवर सिंह परिहार, ओमप्रकाश प्रजापत, बनवारीलाल सैनी, राधेश्याम सैनी, नारायणदान चारण, भंवरलाल सैनी, सुभाष सैनी कड़वासर और कन्हैयालाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रिछपाल सिंह चारण और चंद्रमोहन सैनी ने किया।

कोटपूतली में नशा मुक्त भारत अभियान:जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक, स्वास्थ्य सेवा और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

कोटपूतली जिला कलेक्ट्रेट में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कार्यक्रम और जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति को लेकर समीक्षा की। बैठक के दौरान जिला कलेक्टर ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के पोस्टर का विमोचन भी किया। टीबी मरीजों की पहचान और समय पर इलाज के लिए कहा टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए, जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को रोगियों की समय पर पहचान, उपचार की सतत निगरानी और जनजागरूकता गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। यूडीआईडी (यूनिक डिसएबिलिटी आईडी) से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान, जिला कलेक्टर ने पेंडेंसी को शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की प्रगति रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। इसमें पीसीटीएस और एचएमआईएस पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियों तथा रिपोर्टिंग की स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। टैबलेट वितरण और कवरेज की समीक्षा की एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आईएफए सिरप, पिंक एवं ब्लू आयरन टैबलेट के वितरण और कवरेज की समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की लाड़ो प्रोत्साहन योजना, मां वाउचर योजना, जननी सुरक्षा योजना और अन्य स्वास्थ्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान में फायर एनओसी, सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

यातायात नियमों के प्रति जागरूकता का संदेश:हेल्दी स्माइल्स ग्रुप ने चलाया विशेष अभियान, पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

हेल्दी स्माइल्स ग्रुप की ओर से यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मियों का सम्मान करते हुए उन्हें ठंडी छाछ वितरित की गई और आमजन को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. समीर शर्मा ने बताया कि दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक यादगार कंट्रोल रूम से लेकर 200 फीट बाईपास तक स्थित विभिन्न चौराहों पर यह अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात पुलिसकर्मियों की कड़ी मेहनत और सेवा भावना की सराहना करते हुए उन्हें छाछ वितरित की गई। साथ ही सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को कार्डबोर्ड पर लिखे संदेशों के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। सोडाला चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में सहायक पुलिस अधीक्षक आमिर हसन ने भी भाग लिया। उन्होंने हेल्दी स्माइल्स ग्रुप के सदस्यों के साथ मिलकर वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया। अभियान में प्रकाश कुमार और विनोद एच.एम. का विशेष सहयोग रहा। वहीं ग्रुप के सचिव डॉ. बलविंदर सिंह ठक्कर, उपाध्यक्ष डॉ. निशांत गुप्ता, डॉ. लविश गुप्ता, डॉ. एस.के. जोशी सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि आमजन की जागरूकता भी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा को अपनी आदत बनाएं।

जमीन हड़पने और संदिग्ध हत्या के खुलासे की मांग:शिवसेना (UBT) सोमवार को पीड़ित परिवार के साथ कलेक्ट्रेट के सामने देगी धरना

जिले में पुलिस प्रशासन की लापरवाही, पीड़ितों को न्याय दिलाने में विफलता तथा भूमाफियाओं और अपराधियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने के विरोध में शिवसेना (UBT) सोमवार से जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना देगी। फर्जी तरीके से जमीन हड़प ली थी शिवसेना (UBT) जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित ने बताया- पहला मामला जालोर तहसील के बैरठ गांव की नेहा राजपुरोहित से जुड़ा है, जिनकी करीब 2 करोड़ रुपए मूल्य की भूमि फर्जी दस्तावेज तैयार कर हड़प ली गई थी। मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि पुलिस ने मामले को दबाने का काम किया, जिसके कारण पीड़िता को आज तक न्याय नहीं मिल पाया। तीन साल से फरार आरोपी अभी भी फरार वहीं दूसरा मामला भैंसवाड़ा निवासी अमृत देवासी की संदिग्ध हत्या से जुड़ा है। अमृत देवासी की हत्या कर शव को खारा तालाब में फेंक दिया गया था। इस प्रकरण में परिवाद दर्ज हुए करीब 3 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जिसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीड़ित परिवार के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

सरपंचों और वीडीओ को मिलेगा डिजिटल एआई सहयोग:पंचायतों में सुशासन को बढ़ावा देने के लिए 'एआई सचिव जी' पहल का शुभारंभ

करौली जिले में पंचायतों में सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘एआई सचिव जी’ पहल का शुभारंभ किया गया है। इस पहल के तहत सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल सहायता प्रदान की जाएगी। इसका लक्ष्य सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और पंचायत से संबंधित जानकारी की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करना है। यह पहल जिला परिषद, पंचायती राज विभाग और पीरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है। जिला परिषद परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से 50 सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लखन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन के लिए समय पर सही जानकारी का उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। लखन सिंह ने आगे बताया कि ‘एआई सचिव जी’ पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं, दिशा-निर्देशों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और विकास कार्यों से संबंधित जानकारी सरल एवं त्वरित रूप से उपलब्ध कराएगा। इससे पंचायतों की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी। पीरामल फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि घनश्याम सोनी ने बताया कि ‘एआई सचिव जी’ का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाना और शासन संबंधी सूचनाओं तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व, आजीविका और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम में पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम डायरेक्टर मार्कण्डेय दाधीच ने ग्राम स्तर पर सुशासन में तकनीक और नवाचार की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रतिभागियों को ‘एआई सचिव जी’ प्लेटफॉर्म का लाइव डेमो दिखाया गया और व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। प्रतिनिधियों को बताया गया कि वे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), वित्त आयोग, मनरेगा, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक विकास, विभिन्न सरकारी योजनाओं और पंचायत प्रशासन से संबंधित जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। प्रतिभागियों ने इस पहल को पंचायत स्तर पर सूचना और ज्ञान तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विकास कार्यों की बेहतर निगरानी और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों से इस तकनीकी नवाचार का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया गया। आयोजन में पीरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्याम शर्मा, गोपाल शर्मा, खुलूस खान सहित सभी सरपंचों और ग्राम विकास अधिकारियों का सहयोग रहा।

निर्जला एकादशी पर चूरू में शीतल पेय वितरित:श्री श्याम एकादशी भक्त मण्डल ने राहगीरों को पिलाया नींबू पानी और जूस

निर्जला एकादशी के अवसर पर गुरुवार को चूरू शहर में विभिन्न स्थानों पर राहगीरों को नींबू पानी और जूस वितरित किया गया। श्री श्याम एकादशी भक्त मण्डल, राममंदिर चूरू ने भरतिया अस्पताल के पास इस सेवा कार्य का आयोजन किया। तेज गर्मी के बीच मंडल के सदस्यों ने बड़ी संख्या में लोगों को शीतल पेय पदार्थ उपलब्ध कराए। इस आयोजन का उद्देश्य सेवा और परोपकार की भावना को बढ़ावा देना था। श्रद्धालुओं ने इस पहल को पुण्य और जनकल्याण का कार्य बताते हुए मंडल की सराहना की। इसी प्रकार, शहर के गली-मोहल्लों में भी लोगों ने अपनी श्रद्धा अनुसार गोवंश को गुड़, दलिया और तरबूज खिलाकर दान-पुण्य कमाया। निर्जला एकादशी पर शहर के मुख्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने अपने आराध्य देव के दर्शन किए। गढ़ स्थित ठाकुर जी मंदिर में भी गुरुवार सुबह काफी श्रद्धालु मौजूद रहे। शहर के गढ़ चौराहा, सफेद घंटाघर, सुभाष चौक, पंखा सर्किल, झारिया मोरी, भरतिया अस्पताल के पास, जौहरी सागर और नई सड़क सहित अनेक स्थानों पर आमजन को नींबू पानी पिलाया गया।

कैनवास और रंगों से बनने वाली पेंटिंग लाख से बनाई:देश की पहली लाख आर्टिस्ट द्रोपदी मीणा की अनूठी कला प्रदर्शनी शुरू, 60 से अधिक कलाकृतियां चर्चा में

राजस्थान की पारंपरिक कला को आधुनिक अभिव्यक्ति देने वाली देश की पहली लाख आर्टिस्ट द्रोपदी मीणा की दो दिवसीय कला प्रदर्शनी ‘द पावर 2.0’ का शुभारंभ गुरुवार को जवाहर कला केंद्र की परिजात आर्ट गैलरी में हुआ। प्रदर्शनी में द्रोपदी मीणा की ओर से तैयार की गई करीब 100 कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जिनमें राजस्थान की संस्कृति, प्रकृति, जनजातीय जीवन, देवी-देवताओं, सामाजिक विषयों और समकालीन चिंताओं को लाख के माध्यम से बेहद आकर्षक ढंग से उकेरा गया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन फिक्की फ्लो जयपुर चैप्टर की फाउंडर चेयरपर्सन नीता बूचरा ने किया। इस अवसर पर कला प्रेमियों, कलाकारों और शहर के लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर द्रोपदी की अनूठी कला की सराहना की। गैस चूल्हे पर पिघलाकर तैयार करती हैं लाख की पेंटिंग्स द्रोपदी मीणा ने बताया कि लाख कला को नए रूप में प्रस्तुत करने का विचार उनका अपना था। बचपन से ही उन्हें लाख के साथ काम करने का शौक था और इसी जुनून ने उन्हें एक नई कला शैली विकसित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि मैं लाख को गैस चूल्हे पर पिघलाती हूं, फिर उसे अलग-अलग आकार देकर पेंटिंग तैयार करती हूं। कई बार कलाकृति में नग भी लगाती हूं और चेहरे या आकृतियां बनाने के लिए भी लाख को पिघलाकर ही आकार देती हूं। उन्होंने बताया कि उनकी कई कलाकृतियों को तैयार करने में महीनों का समय लगता है। प्रदर्शनी में लगी एक विशेष पेंटिंग को बनाने में उन्हें दो महीने से अधिक समय लगा।

उल्लेखनीय है कि द्रोपदी मीना भारत की पहली लाख आर्टिस्ट हैं, जो लाख को पेंटिंग, मूर्तियों व अन्य माध्यमों के जरिए विभिन्न रूप प्रदान करती हैं। उन्होंने पारंपरिक लाख कला को आधुनिक स्वरूप प्रदान करते हुए कैनवास पर कई अनोखी कलाकृतियां बनाई है। सुहागिनों के लिए चूड़ी बनाने में उपयोग किए जाने वाले लाख को विशेष तकनी से पिघलाकर एवं मोल्ड कर ये खूबसूरत पेंटिंग्स तैयार की गई हैं। जेकेके में लगाई गई इस प्रदर्शनी में उन्होंने लाख पेंटिंग के जरिए भगवान कृष्ण के विविध स्वरूपों को बखूबी प्रदर्शित किया है। पहली बार लाख से बनाई मधुबनी, गोंड और वरली पेंटिंग्स द्रोपदी ने बताया कि प्रदर्शनी में 60 से अधिक प्रमुख पेंटिंग्स शामिल हैं, जिनमें मधुबनी, वरली, गोंड और मंडला आर्ट जैसी पारंपरिक कला शैलियों को लाख के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तक ये कलाएं कैनवास पर रंगों से बनाई जाती थीं, लेकिन मैंने पहली बार इन्हें लाख के माध्यम से कैनवास पर तैयार किया है। यह एक नया प्रयोग है, जिसे लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। लगन चौक कलाकृति के माध्यम से आर्टिस्ट ने बताया कि शादियों के दौरान घरों की दीवारों पर लगन चौक बनाया जाता है। द्रोपदी ने दीवारों को लाल करके लाख से इसे बनाया है। देवी के आशीर्वाद की प्रतीक इस रचना में पालघाट देवी का चित्र है। इसी प्रकार विवाह व अनुष्ठानों के समय बनाए जाने वाले देव चौक की लाख कलाकृति में पालघाट देवी के साथ-साथ घोड़े व योद्धा भी बनाए गए हैं। नव विवाह जोड़ी की सुरक्षा व बुरी नजर से बचाने के लिए और यह ब्रह्मांड के संतुलन को दर्शाता है। इनके अलावा मातृत्व, राजस्थानी संस्कृति, प्रकृति, महापुरुषों, धार्मिंक व ऐतिहासिक स्थलों तथा समाज में महिलाओं की भूमिका पर आधारित पेंटिंग्स को भी कलाप्रेमियों द्वारा काफी सराहा गया। प्रकृति से लेकर संस्कृति और सामाजिक सरोकार तक प्रदर्शनी में शामिल कलाकृतियों में राजस्थान की लोक संस्कृति, जनजातीय जीवन, अफ्रीकी ट्राइबल आर्ट, देवी-देवताओं के चित्र, सामाजिक संदेश और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को प्रमुखता से दर्शाया गया है। द्रोपदी ने बताया कि उनकी एक विशेष कलाकृति पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरण संकट को दर्शाती है। इस पेंटिंग के माध्यम से मैंने दिखाने का प्रयास किया है कि बढ़ता प्रदूषण हमारे जीवन और प्रकृति को किस तरह प्रभावित कर रहा है। यदि हम पर्यावरण का ध्यान नहीं रखेंगे तो भविष्य में ऑक्सीजन जैसी मूलभूत चीजों की भी कमी हो सकती है। परंपरा और नवाचार का अनूठा संगम द्रोपदी मीणा की कला की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उन्होंने राजस्थान की पारंपरिक लाख कला को केवल आभूषणों और सजावटी वस्तुओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे आधुनिक कला के कैनवास पर नई पहचान दी। उनकी कलाकृतियां पारंपरिक तकनीक और समकालीन विषयों का सुंदर संगम प्रस्तुत करती हैं। प्रदर्शनी में आने वाले कला प्रेमी न केवल लाख कला की बारीकियों को समझ रहे हैं, बल्कि एक ऐसी कलाकार की रचनात्मक यात्रा से भी रूबरू हो रहे हैं, जिसने अपनी कल्पनाशक्ति और मेहनत के दम पर एक नई कला शैली को पहचान दिलाई है। दो दिवसीय यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है और बड़ी संख्या में दर्शक द्रोपदी मीणा की अनूठी रचनाओं को देखने पहुंच रहे हैं।

कटारिया बोले-उदयपुर कमिश्नर फंसा तो बाल भी बांका नहीं हुआ:अफसरों से कहा- गलत काम करने वालों को ठोकिए; चाहे वोट मिले या न मिले

पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा- उदयपुर में नगर निगम के तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर (अप्रैल 2022 में) 272 अवैध भूखंडों में फंसे, लेकिन उनका बाल भी बांका नहीं हुआ। विधानसभा में कार्रवाई की बात की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। कटारिया ने उदयपुर में गुरुवार दोपहर को एक कार्यक्रम में यह कहा। वहीं कटारिया ने कहा- राजस्थान में नगर निकायों में इस समय प्रशासनिक लोग लगे हैं। ऐसे में यह अच्छा मौका है, गलत काम करने वालों को ठोकिए। किसी तरह की ढील की जरूरत नहीं है। उन्होंने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों और नियमों को ताक पर रखकर काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का संदेश दिया। कटारिया ने कहा- इस समय नगर निगम में नेताओं की दखलंदाजी नहीं होने से अधिकारियों को अच्छे से कार्रवाई का मौका मिला है। सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने, सड़क सीमाओं में अतिक्रमण हटाने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। उनका संदेश था कि इस समय नेताओं की दखलंदाज़ी नहीं है ऐसे में सरकारी जमीनों को कब्जों से मुक्त कराना और सड़कों की सीमा में दुकान लगाने वालों पर कार्रवाई हो रही है। कटारिया ने कहा- हम जनप्रतिनिधि हैं। कोई काम के लिए आएगा तो हम आपको कहेंगे। जरूरी नहीं है कि हमारे सब काम सही होंगे। सही हो तो करना, नहीं तो मत करना। कई काम गलत भी आ सकते हैं। हम उसे ना नहीं कह सकते। गलत काम में हम इन्वॉल्व नहीं थे, न होंगे। चाहे वोट मिले या न मिले। कई बार सिफारिश करनी पड़ती है, गलत काम हो तो न करें गुलाब चंद कटारिया ने कहा- जनप्रतिनिधियों के पास लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। कई बार सिफारिश भी करनी पड़ती है, लेकिन अंतिम निर्णय अधिकारियों को विवेक से लेना चाहिए। उन्होंने कहा- यदि कोई काम नियमों के अनुसार सही है तो उसे करें। अन्यथा साफ मना कर दें। कटारिया ने कहा- हम गलत कामों में न पहले शामिल हुए और न कभी होंगे। कटारिया ने कहा- उदयपुर में ही करीब एक हजार करोड़ रुपए की सरकारी संपत्ति पर लोगों ने कब्जा जमा रखा था। इसे मुक्त कराकर सरकार के नाम दर्ज कराया गया। ऐसी कार्रवाई को जनता भी पसंद करती है। तत्कालीन निगम कमिश्नर फंसा तो फाइल पर कार्रवाई नहीं कर रहे उदयपुर में नगर निगम के 272 भूखंडों के मामले को लेकर गुलाब चंद कटारिया ने कहा- उसमें कुछ बाकी नहीं रहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फाइल जाकर कहीं दब जाती है, रोज उसको उठाने कौन जाए। उदयपुर में भूकंप आना स्वीकार है, लेकिन स्वाभिमान से जिंदा रहना यहां की आदत है। गहलोत ने कहा तो मैंने ताली बजाई गुलाब चंद कटारिया ने कहा- उदयपुर के पानी के प्राेजेक्ट देवास थर्ड और फोर्थ के लिए मैंने बहुत कोशिश की। हर बार विधानसभा में सवाल लगाता था। विधानसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़प्पन है कि साल 2023 के बजट में उन्होंने देवास थर्ड और फोर्थ की स्वीकृति दी। गहलोत ने कहा था- आज तो कटारियाजी ताली बजाओ तो मैंने बजाई, क्योंकि उदयपुर के हित में कोई काम हो रहा था, इसमें राज​नीति क्यों। पुलिस को दी नई पेट्रोलिंग बाइक-कार उदयपुर में पुलिस लाइन परिसर में होंडा इंडिया फाउंडेशन की ओर से उदयपुर पुलिस को 25 नई पेट्रोलिंग बाइक और एक कार दी गई। इसे गुलाब चंद कटारिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रताप नहीं होते तो भामाशाह नहीं होता गुलाब चंद कटारिया ने कहा- देश में कई लोग दानी हैं, लेकिन भामाशाह ऐसा दानी था, जिसने महाराणा प्रताप के जीवन को देखा। अगर महाराणा प्रताप नहीं होते तो भामाशाह नहीं होते। भामाशाह ने अपनी सारी संपत्ति प्रताप के सामने रख दी और कहा कि मेवाड़ को बचाने के लिए और इस संकट के समय मेरी ये दौलत समर्पित है। भारत का हर व्यक्ति भामाशाह है। हर व्यक्ति के सामने प्रताप की तस्वीर हो तो भामाशाह सामने​ मिल जाएगा। उस समय हमने भामाशाह जयंती पर भामाशाह सम्मान शुरू किया। कटारिया ने कहा- मैं जब शिक्षा मंत्री था, तब बड़ी बेटियों को​ बैठाने के लिए दरी पट्टी नहीं थी। मैंने प्रयत्न किया कि यह शुरुआत करनी होगी और तब मैंने शुरुआत की। मेरे समय में सरकारी स्कूलों में दान देने वालों के सम्मान करने के लिए मैंने दानदाताओं को भामाशाह सम्मान देना शुरू किया। इस बेड़े में 51 गाड़ियां हुई कार्यक्रम में उदयपुर आईजी गौरव श्रीवास्तव और एसपी डॉ. अमृता दुहन ने स्वागत किया। उदयपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने कहा- उदयपुर में एआई ट्रैफिक सिस्टम को लेकर डीएमएफटी फंड से पांच करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। एसपी ने बताया- इससे पहले भी 25 गाड़िया होंडा की ओर से उदयपुर की दी और अब कुल 50 दोपहिया वाहन और एक कार इस बेड़े में हो गई है, जो शहर की सुरक्षा और टूरिस्ट साइट पर इन बाइक के जरिए राउंड करती है।
यह खबर भी पढ़ें… उदयपुर MLA ने 272 प्लॉट-घोटाले पर सदन में मांगा जवाब:कहा- 15 महीनों में 1 भी कर्मचारी नहीं पकड़ा, मंत्री जी बताओं कब होगी कार्रवाई? उदयपुर शहर के विधायक ताराचंद जैन ने विधानसभा में 272 प्लॉट घोटाले पर सदन में फरवरी 2026 को जवाब मांगा था। उन्होंने पूछा था कि मंत्री के आश्वासन के 15 महीने बाद भी एक भी कर्मचारी क्यों नहीं पकड़ा गया। आखिर अब तक कोई भी सरकारी कर्मचारी इस मामले में क्यों नहीं पकड़ा गया? (पूरी खबर पढ़ें)

जोधपुर में बिना फायर एनओसी पर स्कूल, कोचिंग, हॉस्टल-रेस्टोरेंट सील:कार्रवाई के विरोध में स्कूल संचालक पहुंचे नगर निगम; कहा- नहीं खुले तो स्टूडेंट्स की पढ़ाई होगी प्रभावित

जोधपुर शहर में बिना फायर सेफ्टी एनओसी के चल रहे होटल, स्कूल और ​कोचिंग इंस्टीट्यू के खिलाफ सील की कार्रवाई लगातार जारी है। शहर के 7 स्कूल और कोचिंग को गुरुवार को सील किया गया। टीम जब भदावासिया स्थित आरएसएम विद्याश्रम स्कूल पहुंची तो स्टाफ के साथ विवाद हो गया। करीब आधे घंटे की समझाइश के बाद स्टाफ माना और सील की कार्रवाई की गई। इसके बाद टीम ने भदवासिया स्थित सुनीता ग्लोबल स्कूल में भी सील की कार्रवाई की। साथ ही टीम ने तक्षशिला, बॉस कोचिंग, जोधपुर गेस्ट हाउस और मान मनवार रेस्टॉरेंट को सील किया गया। इधर, कार्रवाई के बाद स्कूल संचालक नगर निगम पहुंचे और विरोध किया। उन्होंने कहा- टीम ने भेदभावपूर्वक कार्रवाई की। यदि समय पर स्कूल नहीं खुले तो स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित होगी। बता दें कि बुधवार को भी फायर ब्रिगेड टीम की ओर से शहर के होटल, शोरूम और शॉपिंग मॉल को फायर सेफ्टी एनओसी को लेकर सील की कार्रवाई की गई थी। शहर में 7 स्कूल और कोचिंग सील लखनऊ हादसे के बाद नगर निगम की टीम शहर में​ बिना फायर सेफ्टी एनओसी चल रहे स्कूल और को​चिंग को सील कर रही है। चीफ फायर ऑफिसर जय सिंह के नेतृत्व में टीम पहले आरएसएम स्कूल पहुंची। यहां सील की कार्रवाई करने गई तो यहां मौजूद स्टाफ ने इसका विरोध किया। अधिकारियों ने बताया- स्टाफ से लगातार समझाइश की गई। करीब आधे घंटे बाद स्कूल का स्टाफ बाहर आया। इसके बाद यहां गेट पर ताला लगाया गया। इसके बाद टीम भदवासिया स्थित सुनीता ग्लोबल स्कूल पहुंची, जहां फायर सेफ्टी एनओसी नहीं थी। सीएफओ जयसिंह ने बताया- इसे लेकर पहले भी नोटिस दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी एनओसी नहीं ली गई। आखिर में इस स्कूल को भी सील किया। बिना फायर सेफ्टी के चल रहे थे कोचिंग, बच्चों को घर भेजा टीम शाम करीब 4 बजे पावटा स्थित मानजी का हत्था पहुंची। यहां स्थित पांच कोचिंग सेंटर को फायर सेफ्टी एनओसी नहीं होने के नोटिस जारी किए थे। सीएफओ ने बताया- यहां 5 से 6 कोचिंग सेंटर ऐसे थे, जो बिना फायर एनओसी चल रहे थे। इन सभी कोचिंग सेंटर को सील किया गया। स्कूल संचालकों बोले- तीन साल पुराने नोटिस पर कार्रवाई स्कूलों को सील की कार्रवाई के बाद निजी स्कूलों के संचालक नगर निगम पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। इसके बाद चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया और जय सिंह यहां पहुंचे और स्कूल संचालकों के साथ बैठक ली। बैठक में स्कूल संचालकों ने कहा- टीम ने तीन साल पुराने नोटिस पर कार्रवाई की है।
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4.60 लाख हड़पने वाले आरोपी को जमानत:लोन ट्रांसफर का झांसा देकर हड़पे थे रुपए, 16 जून को किया था गिरफ्तार

लोन ट्रांसफर का झांसा देकर रुपए हड़पने के मामले में आरोपी देवेंद्र सिंह झाला को अपर जिला एवं सत्र न्यायालय-4 ने गुरुवार को जमानत दे दी। आरोपी की पैरवी करने वाले एडवोकेट डॉ.श्यामसिंह राजपुरोहित ने बताया कि अभियुक्त के खिलाफ जिस अपराध का केस दर्ज है उसमें आरोपित धाराएं प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट द्वारा ट्रायल योग्य होने और पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने के कारण आरोपी को जमानत देने का निवेदन किया था। इन तर्कों पर सहमत होकर कोर्ट ने जमानत दी है। बता दें, आरोपी गोगुंदा हाल रेबारियों का गुड़ा निवासी देवेन्द्र सिंह झाला को प्रतापनगर थाना पुलिस ने 14 जून 2026 को गिरफ्तार किया था। कलड़वास निवासी कैलाश वेद ने 17 अप्रैल को रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि उनके मकान पर 12 लाख का लोन चल रहा है। उन्होंने 18 किश्तें जमा करवा दी और कोरोनाकाल के दौरान किश्तें जमा नहीं करवा पाए। ऐसे में बैंक ने बिना उन्हें सूचना दिए मकान पर ताला लगा दिया। वहां गार्ड देवेन्द्र सिंह झाला को बैठा दिया। गार्ड ने अपने साथी जितेन्द्र सिंह को बैंक मैनेजर बताकर पीड़ित को लोन ट्रांसफर कराने का झांसा दिया। फिर दोनों ने फर्जी ईमेल भेजकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 4 लाख 59 हजार 850 रुपए हड़प लिए। फर्जीवाड़े की जानकारी होने पर राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने धमकियां दीं। इसी मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।