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बॉर्डर के 4 जिलों में संदिग्ध जमीन सौदों की जांच:अमित शाह के निर्देश के बाद आयकर विभाग की कार्रवाई, जानें- क्यों पड़ी जरूरत

राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में अवैध फंडिंग, बेनामी संपत्तियों और ब्लैक मनी की परतें उधड़ने लगी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद आयकर विभाग की ‘इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन’ (ICI) विंग ने श्रीगंगानगर और जैसलमेर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने करीब 150 करोड़ रुपए से ज्यादा के संदिग्ध भूमि सौदों का रिकॉर्ड जब्त किया है। कार्रवाई से पूरे सीमावर्ती इलाके के बिल्डरों, निवेशकों और प्रॉपर्टी डीलरों में हड़कंप मच गया है। दरअसल, 26 मई को बीकानेर दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने बॉर्डर एरिया में अवैध निर्माण, संदिग्ध फंडिंग और ब्लैक मनी पर सख्त एक्शन के निर्देश दिए थे। इसके बाद श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर को रडार पर लेकर यह मेगा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। पढ़िए यह रिपोर्ट श्रीगंगानगर में 2 साल का रिकॉर्ड जब्त, करोड़ों की गड़बड़ी की आशंका जयपुर से आई 9 सदस्यीय विशेष टीम ने श्रीगंगानगर के सब रजिस्ट्रार ऑफिस में रेड डाली। आईटीओ सुमित तिवाड़ी के नेतृत्व में टीम ने रजिस्ट्रार ऑफिस से पिछले दो साल (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक) की सभी महत्वपूर्ण रजिस्ट्रियों के दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। हाल ही में अनूपगढ़ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की जांच में 75 करोड़ रुपए की संदिग्ध रजिस्ट्रियां और गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिसके बाद इस कार्रवाई का दायरा श्रीगंगानगर तक बढ़ाया गया। आईटीओ सुमित तिवाड़ी के नेतृत्व में प्रभारी राजेश कुमार चौधरी, निरीक्षक सत्येन्द्र शर्मा, प्रदीप, विनोद गोदारा, गायत्री, संदीप ढालिया, योगेश ढाका, पंकज रहेजा और अब्दुल रहमान शामिल रहे। जैसलमेर में महंगी रजिस्ट्रियों से PAN कार्ड गायब जैसलमेर में आयकर विभाग की जांच में भी बड़ी गड़बड़ियां पकड़ी गई। मंगलवार और बुधवार को की गई स्क्रूटनी में टीम ने कुल 170 संदिग्ध फाइलों की एक्सेल शीट तैयार की है। जांच में सामने आया कि कई महंगी जमीनों की रजिस्ट्री में खरीदार का पैन (PAN) नंबर ही गायब था। 2 लाख से लेकर 50 लाख रुपए तक की इन रजिस्ट्रियों में बैंक के बजाय पूरा भुगतान नकद (कैश) में किया गया था। यहां करीब 80 करोड़ से अधिक का संदिग्ध लेन-देन मिलने की आशंका है। फाइलों की विस्तृत रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय को भेजी जाएगी। यहां सहायक निदेशक लक्ष्मी नारायण मीणा, आईटीओ महेश कुल्हारी व अनिल भंभानी, निरीक्षक पारस प्रकाश और अभिनश कुमार की टीम ने कार्रवाई की। अब 3 पॉइंट्स में समझिए एक्शन प्लान डीआईजी स्टाम्प से मांगेंगे जानकारी: शुरुआती कार्रवाई के तहत एक्सेल शीट तैयार की गई है, जिसमें हर रजिस्ट्री का ब्यौरा तैयार किया गया है। फाइलों की मूल कॉपियां हासिल करने के लिए आयकर विभाग डीआईजी स्टाम्प को पत्र लिखेगा। इसकी रिपोर्ट जयपुर मुख्यालय भेजी जा रही है। 2 लाख रुपए से अधिक के नकद लेन-देन पर कार्रवाई: आयकर विभाग ने हर 2 लाख रुपए से अधिक के सौदे को जांच के दायरे में लिया है। जबकि कई रजिस्ट्री 50 से अधिक कीमत की भी हुई हैं। लेकिन उनमें पैन कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों का अभाव है। ऐसे में संदिग्ध मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। 70% टैक्स, 10% पेनल्टी और ब्याज: संदिग्ध सौदों की जांच में आयकर कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है और संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कर, जुर्माना और ब्याज की वसूली की जाएगी। इसके तहत 70% तक टैक्स, 10% तक पेनल्टी और रजिस्ट्री की तारीख से देय ब्याज वसूला जा सकता है। अंतिम देनदारी प्रत्येक मामले के तथ्यों और लागू आयकर प्रावधानों के आधार पर तय होगी। बॉर्डर के 4 जिलों में विदेशी निवेश की आशंका पाकिस्तान सीमा से सटे श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में पिछले कुछ समय में जमीनों की कीमतों में तेजी से उछाल आया है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा माना गया है। सुरक्षा और वित्तीय एजेंसियों को आशंका है कि इन क्षेत्रों में बाहरी और संदिग्ध स्रोतों से ब्लैक मनी का निवेश किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर चारों जिलों के आयकर अधिकारियों को हर संदिग्ध लेनदेन पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि गृह मंत्रालय के निर्देशों पर आयकर विभाग की टीमों ने बाड़मेर और बीकानेर में भी कार्रवाई की थी, जिसकी भनक नहीं लगने दी। ऐसे में अब श्रीगंगानगर और जैसलमेर को दायरे में शामिल किया गया है।

ट्रेन से आकर चोरी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार:600 किलोमीटर दूर से आते थे चोर, 12 वारदातें करना कबूला

बाड़मेर पुलिस ने घरों में चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे करीब 600 किलोमीटर दूर से ट्रेन के जरिए बाड़मेर आते थे और चोरी की वारदात को अंजाम देकर उसी ट्रेन से वापस लौट जाते थे। आरोपियों ने एक साथ 12 चोरी की वारदातें करना कबूल किया है। 19 जून को दर्ज हुआ था मामला पुलिस के अनुसार शास्त्री नगर निवासी किशोर कुमार जटिया ने 19 जून को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 18 जून की रात उनके शास्त्री नगर स्थित मकान के ताले तोड़कर चोर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ले गए थे। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। 250 किलोमीटर तक खंगाला ट्रेवल रूट एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि चोरी की वारदातों के खुलासे के लिए एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा के सुपरविजन में कोतवाली थाना प्रभारी मनोज कुमार के नेतृत्व में एएसआई पदमपुरी की टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से बाड़मेर रेलवे स्टेशन और वहां से बायतु, बालोतरा, समदड़ी, लूणी, भगत की कोठी और जोधपुर रेलवे स्टेशन तक करीब 250 किलोमीटर के दायरे में संदिग्धों के आने-जाने की जानकारी जुटाई। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से पकड़े गए आरोपी तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और टीमों को श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ भेजा। हनुमानगढ़ डीएसटी की मदद से पुलिस ने गिरोह के सरगना सुभाष उर्फ शास्त्री उर्फ भगतजी पुत्र ओमप्रकाश निवासी नई आबादी, घड़साना जिला श्रीगंगानगर को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आए अन्य आरोपियों सज्जन कुमार पुत्र हसराज निवासी अमरपुरा जिला फाजिल्का (पंजाब) और रवि कुमार पुत्र दौलतराम निवासी सुरेशिया जिला हनुमानगढ़ को भी गिरफ्तार किया गया। कई जिलों में चोरी की वारदातें करना कबूला पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बाड़मेर, बालोतरा, सिणधरी, जालोर, जोधपुर, नोखा, नागौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, मुकलावा, लूणकरणसर, बज्जू और खाजूवाला समेत कई स्थानों पर चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। शाम को ट्रेन से आते, रात में चोरी कर लौट जाते जांच में सामने आया कि आरोपी शाम के समय ट्रेन से संबंधित शहरों में पहुंचते थे। इसके बाद रात में चोरी की वारदात को अंजाम देकर उसी ट्रेन से वापस अपने क्षेत्र लौट जाते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से चोरी के माल की बरामदगी और अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

अलीगढ़ पंचायत ने किया सिंगल यूज प्लास्टिक बंद:हर परिवार को कपड़े के थैले बांटे, पॉलीथिन उपयोग नहीं करने का दिलाया संकल्प

उनियारा पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत अलीगढ़ ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में पहल शुरू की है। बुधवार को पंचायत प्रशासक सबिया बी की अध्यक्षता में आयोजित स्वच्छता समिति की बैठक में जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस दौरान प्रिंटेड कैरी बैग और जागरूकता स्टिकर का विमोचन किया गया। हर परिवार को दिए जाएंगे कपड़े के कैरी बैग बैठक में पंचायत समिति के खंड विकास अधिकारी शंकरलाल मेघवाल ने जनआधार कार्ड धारक प्रत्येक परिवार को कपड़े के कैरी बैग वितरण अभियान का शुभारंभ किया। पंचायत प्रशासन की ओर से तैयार करवाए गए थैलों पर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश अंकित किए गए हैं। इनमें “पॉलीथिन का उपयोग बंद करें, पर्यावरण को बचाएं” और “घर से बाजार जाते समय थैला अवश्य लेकर जाएं” जैसे संदेश शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध से जुड़ी शपथ भी छापी गई है। दुकानदारों को भी वितरित किए गए थैले पंचायत प्रशासन ने स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को भी कपड़े के थैले वितरित किए और प्लास्टिक की थैलियों के स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने का आह्वान किया। स्वच्छता समिति ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निगरानी तंत्र को सक्रिय करने का निर्णय लिया। साथ ही गंदगी फैलाने वालों की सूचना प्रशासन को देने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पहले समझाइश और बाद में नियमानुसार कार्रवाई करने का फैसला किया गया। ग्रामीणों ने लिया पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने का संकल्प बैठक में मौजूद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पंचायत की इस पहल का स्वागत किया और भविष्य में पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने तथा दैनिक जरूरत का सामान कपड़े के थैले में ही लाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी धर्मेंद्र कुमार नायक, कनिष्ठ सहायक राजूलाल बैरवा, सीएचसी अलीगढ़ के चिकित्साधिकारी डॉ. गिरीश कटारिया, हल्का पटवारी देवकरण चौधरी, कृषि पर्यवेक्षक राकेश कुमार साहू, व्यापार मंडल अध्यक्ष महेंद्र बजाज, पूर्व पंचायत समिति सदस्य राधेश्याम वर्मा, उप प्रशासक कृष्णा देवी सैनी, वार्ड पंच महेंद्र सोयल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। ग्राम पंचायत अलीगढ़ की इस पहल को ग्रामीण स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दिन दहाड़े सूने मकान से चोरी का आरोपी गिरफ्तार:परिवार अस्पताल गया, पीछे से घर में हुई चोरी; बाइक और टामी जब्त

भीलवाड़ा के शास्त्री नगर में दिनदहाड़े लाखों रुपए की चोरी के मामले में कोतवाली थाना पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बागरिया गैंग के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और ताला तोड़ने में प्रयुक्त टामी भी जब्त की गई है। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। परिवार अस्पताल गया, पीछे से घर में हुई चोरी कोतवाली थानाधिकारी हनुमान सिंह ने बताया कि शास्त्री नगर निवासी हरीश मुलचंदानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 13 जुलाई 2026 को वे परिवार के साथ घर पर ताला लगाकर अस्पताल गए थे। शाम को लौटने पर घर का ताला टूटा हुआ मिला और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि चोर घर से करीब 332 ग्राम सोने के आभूषण, 100 ग्राम चांदी के आभूषण और 3 लाख 70 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से मिला सुराग मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार दबिश दी गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस ने संदिग्ध आरोपियों के परिचितों और रिश्तेदारों से भी जानकारी जुटाई। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने मदन उर्फ फोरिया निवासी फुलियाकलां, हाल कच्ची बस्ती, जोधड़ास, भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया। बाइक और टामी जब्त, अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक और ताला तोड़ने के लिए उपयोग में ली गई टामी बरामद कर जब्त कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं चोरी हुए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी की बरामदगी के लिए भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।

भीलवाड़ा में आज चार घंटे बिजली बंद:सुबह 8 से 12 बजे तक कटौती, जानें कौनसे क्षेत्र होंगे प्रभावित

भीलवाड़ा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रिसिटी मेंटेनेंस कार्य के चलते गुरुवार को अलग-अलग समय पर तीन से चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से आवश्यक कार्य निर्धारित समय से पहले निपटाने की अपील की है। फर्स्ट फीडर क्षेत्र में सुबह 8 से 12 बजे तक कटौती एवीएनएल के सहायक अभियंता नीरज शर्मा ने बताया कि 16 जुलाई को 11 केवी फर्स्ट फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन क्षेत्रों में आजादनगर ए, बी और सी सेक्टर, एलआईसी कार्यालय, एमएलवी कॉलेज और स्टाफ कॉलोनी, पांसल चौराहा, एकता कॉलोनी, कुम्भा सर्किल, कुम्भा छात्रावास के पीछे का क्षेत्र, बैरवा बस्ती, मोखमपुरा, जीएसटी भवन और सिटी फर्स्ट फीडर से जुड़े इलाके शामिल हैं। कावली खेड़ा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में 4 घंटे का पावर कट 11 केवी कावली खेड़ा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक बिजली बंद रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों में मोती नगर, गाडोलिया बस्ती, मेडिकल कॉलेज के आसपास का क्षेत्र, कच्ची बस्ती, सुंदर नगर, कावली खेड़ा, आकोला रोड और सांगानेर 100 फीट रोड के आसपास के इलाके शामिल हैं। मयूर फीडर क्षेत्र में दोपहर बाद बंद रहेगी बिजली 11 केवी मयूर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन इलाकों में पटेल नगर सेक्टर-2, 3, 4, 5 और 6, मयूर स्कूल, एस टेक स्कूल, राजस्थान पत्रिका प्रेस, बापूनगर जी, एच, आई और एलआईजी सेक्टर, सेंट्रल एकेडमी के सामने का क्षेत्र, अग्निशमन केंद्र और मयूर फीडर से जुड़े अन्य इलाके शामिल हैं। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अनुसार अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि बिजली कटौती के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।

आज 13 जिलों में बारिश की संभावना:मानसून ब्रेक लंबा हुआ, फसलें सूखने लगीं; 19 जुलाई से फिर बदलेगा मौसम

राजस्थान में गुरुवार को भारी बारिश की कोई चेतावनी (अलर्ट) जारी नहीं की गई है, लेकिन प्रदेश के 13 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभागों में कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ में आधा इंच तक रिकॉर्ड हुई। बुधवार शाम को श्रीगंगानगर में भी हल्की बारिश हुई। राज्य का सबसे अधिक तापमान भी श्रीगंगानगर में 40 डिग्री के ऊपर रिकॉर्ड हुआ। मानसून ब्रेक लंबा होने के कारण खरीफ की फसलें सूखने लगी हैं। राज्य में अब तक 13 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से फिर मानसून एक्टिव होने की संभावना है। सबसे पहले देखिए- राजस्थान में बारिश-बादल की स्थिति गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स राजस्थान के ऊपर से बादल गायब: भारतीय मौसम विभाग की सैटेलाइट इमेज में राजस्थान के ऊपर से बादल नहीं है। करीब 10 जुलाई से डेली इसी तरह की स्थिति है। बारिश कम होने का असर खरीफ (मोटा अनाज और दालें) की फसलों पर नजर आने लगा है। कम बारिश के कारण ये सूखने लगी हैं और खराबे की आशंका बढ़ गई है। गर्मी और उमस का असर: पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान में गर्मी और उमस का मिलाजुला असर देखने को मिला, जहां श्रीगंगानगर 40.1 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। इसके बाद जैसलमेर में 39.0 डिग्री सेल्सियस और बीकानेर में 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। 19 जुलाई से बदल सकता है मौसम: मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर-पश्चिम भारत में दस्तक देने जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में फिर से तेजी आ सकती है। फिलहाल राज्य में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। आज हल्की बरसात की संभावना: मौसम विभाग ने 16 जुलाई को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। राजस्थान के मौसम के PHOTO ये शहर सबसे ज्यादा गर्म राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम जयपुर: जिले में बुधवार को मौसम साफ रहा, हालांकि जिले में कहीं-कहीं हल्के बादल भी छाए रहे। अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री और न्यूनतम 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।आने वाले दिनों में जिले के तापमान में और भी बढ़ोतरी होने की आशंका है। उदयपुर: जिले में बुधवार को मौसम गर्म रहा। दिनभर खिली तेज धूप के कारण लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते एक दिन में दिन के तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। अलवर: जिले में सुबह के समय घने बादल छाए। दोपहर बाद तेज धूप निकलने से उमस व गर्मी रही। अधिकतम तापमान करीब 36.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक जिले में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अजमेर: जिले में बुधवार को मौसम सामान्य लेकिन उमस भरा रहा। अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान सामान्य रहने के बावजूद दिनभर उमस का असर बना रहा। शाम को हवा के कारण गर्मी-उमस से थोड़ी राहत मिली। सीकर: जिले में बुधवार सुबह से ही हल्के बादलों की आवाजाही के साथ ठंडी हवा चली। जिससे लोगों को उमस से थोड़ी राहत मिली, हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही धूप की तेजी बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार सीकर के उत्तर-पूर्वी इलाकों में देर रात तक हल्की बारिश होने का अनुमान है। जिले में 15 जुलाई तक औसत से 45 प्रतिशत से भी कम बारिश दर्ज की गई है। कोटा: जिले में बुधवार को गर्मी और उमस का असर बना रहा। जिले में मानसून की अच्छी बारिश का इंतजार अभी भी बरकरार है। बुधवार को यहां का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश नहीं होने के कारण बढ़ी उमस ने लोगों को दिनभर परेशान किया।

जयपुर के बाद 3 और शहरों में शुरू होगी 'भारत-टैक्सी':बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनाव में ड्राइवर्स भी डाल सकेंगे वोट, जोधपुर में रजिस्ट्रेशन शुरू

जयपुर के बाद अब जल्द ही जोधपुर, कोटा और उदयपुर में भी ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत होने जा रही है। जोधपुर शहर के लिए मैपिंग का काम लगभग पूरा हो चुका है। दावा किया जा रहा है कि अगस्त महीने के अंत तक जोधपुरवासियों को इसकी सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा, कोटा और उदयपुर में भी इसी महीने के अंत तक मैपिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। जोधपुर में ड्राइवर्स के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है, जबकि कोटा और उदयपुर में अगले महीने से रजिस्ट्रेशन शुरू होने की संभावना है। जयपुर में इसी महीने ‘भारत टैक्सी’ की ऑफिशियल लॉन्चिंग होने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर में इसकी शुरुआत करेंगे। इसके बाद जल्द ही जोधपुर, उदयपुर और कोटा में भी इस सेवा को पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। ‘भारत टैक्सी’ के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनावों में ड्राइवर (सारथी) भी वोट डाल सकेंगे। इसके लिए ड्राइवर्स को कंपनी के 5 शेयर खरीदने होंगे। एक शेयर की कीमत 100 रुपए है। यानी 500 रुपए के शेयर खरीदने पर उन्हें मेंबरशिप भी मिलेगी। जोधपुर के कैब ड्राइवर्स के लिए शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन भारत टैक्सी के स्टेट हेड अभिषेक चारण ने बताया कि जोधपुर शहर की मैपिंग शुरू हो चुकी है। वैसे, अगस्त से ड्राइवर्स का फिजिकल रजिस्ट्रेशन भी शुरू होगा। लेकिन, यदि कोई कैब ड्राइवर इसके लिए पहले ही रजिस्ट्रेशन करवाना चाहता है, तो उसे प्ले स्टोर से ‘भारत टैक्सी ड्राइवर’ एप इंस्टॉल करना पड़ेगा। इसके बाद एप पर अलग-अलग व्हीकल डिटेल्स (गाड़ियों की जानकारी) के विकल्प आएंगे। इसमें ड्राइवर्स को अपनी गाड़ी की डिटेल्स और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने होंगे, जिसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा। शहर में मैपिंग का काम पूरा, 3 हजार कैब ड्राइवर्स को जोड़ा जाएगा अभिषेक चारण ने बताया कि जोधपुर के शहरी इलाके में भारत टैक्सी की सुविधा पूरी तरह उपलब्ध होगी। इसके लिए मैपिंग का काम पूरा हो चुका है। शहरवासी जोधपुर के बनाड़, मंडोर, पाली रोड और बोरानाडा तक के लिए भी कैब बुक कर सकेंगे। शुरुआती दौर में करीब 3 हजार कैब ड्राइवर्स को जोड़ा जाएगा। इसमें कार और ऑटो ड्राइवर दोनों शामिल हैं। इसके साथ ही बाइक राइडर्स भी इसमें अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। जोधपुर की तरह ही उदयपुर और कोटा में भी लगभग 3-3 हजार ड्राइवर्स को ‘भारत टैक्सी’ से जोड़ने की तैयारी है। हालांकि, शहरों में कैब और अन्य गाड़ियों की उपलब्धता के आधार पर ड्राइवर्स की यह संख्या थोड़ी कम या ज्यादा भी हो सकती है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चुनावों में 2 सीटें रहेंगी रिजर्व खास बात यह है कि यह पूरा प्रोजेक्ट सहकारी मॉडल पर आधारित है। यानी पांच साल में जब भी चुनाव होंगे, इसमें कैब ड्राइवर को भी वोट डालने का अधिकार मिलेगा। लेकिन, इसके लिए उन्हें कंपनी के पांच शेयर खरीदने होंगे। एक शेयर की कीमत 100 रुपए है। यानी 500 रुपए के शेयर खरीदने पर उन्हें मेंबरशिप भी मिलेगी। इसका फायदा यह होगा कि जब भी चुनाव होंगे, वे अपने पसंदीदा मेंबर को वोट डाल सकेंगे। दूसरा फायदा यह होगा कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पांच पदों में से 2 पद ‘सारथी’ यानी कैब ड्राइवर के लिए रिजर्व रहेंगे, जिससे वे उस पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगे। इसके अलावा वे कंपनी के शेयरहोल्डर बन जाएंगे और भविष्य में कंपनी को होने वाले मुनाफे में उनका भी हक रहेगा। जोधपुर के बाद कोटा और उदयपुर में होगी शुरुआत, किराया तय नहीं जोधपुर में रजिस्ट्रेशन की शुरुआत के बाद अब कोटा और उदयपुर में मैपिंग की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि जयपुर में इसकी ऑफिशियल शुरुआत होने के बाद बाकी दोनों शहरों में मैपिंग हो जाएगी और इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो जाएगा। इधर, जोधपुर समेत बाकी शहरों में कितना किराया होगा, यह अभी तय नहीं है। लेकिन, कंपनी का दावा है कि वर्तमान में चलने वाली अन्य कैब कंपनियों के मुकाबले काफी रियायती (किफायती) दरों पर शहरवासियों को इसकी सुविधा मिलेगी। हर राइड की पूरी कमाई ड्राइवर को हर राइड की 100% कमाई ड्राइवर को मिलेगी। उसे सिर्फ दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा, जो कि बहुत ही सामान्य रहेगा। इसके तहत महिला ड्राइवर्स को भी जोड़ा जाएगा। हालांकि जोधपुर में इनकी संख्या कितनी होगी, ये जल्द तय होगा।
—- यह खबर भी पढ़िए…. जयपुर में 11KM का किराया ओला-उबर से 25 रुपए कम:भारत टैक्सी का कस्टमर एप शहर में लॉन्च; बटन दबाते ही पुलिस तक पहुंचेगी सूचना जयपुर में भारत टैक्सी ने अपना कस्टमर मोबाइल एप गुरुवार को लॉन्च किया। कैब में 11 किलोमीटर तक की दूरी पर ग्राहक को करीब 25 रुपए तक का फायदा होगा। कंपनी का दावा है कि यह देश का सबसे बड़ा सहकारी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जो ड्राइवरों को सर्विस प्रोवाइडर के साथ प्लेटफॉर्म का भागीदार बनाएगा। लॉन्च के दौरान भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु ने कहा-ड्राइवरों से कंपनी कमीशन नहीं लेगी। पढ़ें पूरी खबर

कई दिनों बाद राजा दरबार पहुंचे तो क्या हुआ?:राज-पाट क्यों छोड़ दिया? 'बणी-ठणी' की अनसुनी कहानी का अंतिम अध्याय; पार्ट- 4

राजस्थानी प्रेम कहानी के पार्ट-3 में आपने पढ़ा कि किशनगढ़ के राजा सावंत सिंह ने दरबारी कलाकार से बणी-ठणी की पेंटिंग बनवाई, जो प्यार और सुंदरता का अद्भुत संगम था। पार्ट-4 में पढ़िए आगे की कहानी… अब राजा सावंत सिंह का अधिकांश समय संगीत और भक्ति के आनंद में बीतने लगा था। जिसके चलते वे राजकाज, दरबार और रियासत को कम समय देने लगे। इसको लेकर दरबार में चिंता गहराने लगी। मंत्री बेचैन थे, क्योंकि राजा अब एक शासक कम, भक्त अधिक हो गए थे। कई दिनों बाद राजा जब दरबार पहुंचे तो वहां जैसे असुरक्षा का भाव था। महाराज आपका अधिकतर समय काव्य, रचना और भक्ति संगीत में व्यतीत होता है। क्या कला के लिए राजकाज और राज्य की सुरक्षा को दांव पर लगाना उचित है, महाराज? वरिष्ठ मंत्री ने चिंता जताई। सभी मंत्रियों ने इसपर सहमति दिखाई। मंत्री के इस प्रश्न पर सावंत सिंह गहरी सोच में पड़ गए, और उस दिन मौन रहते हुए सिंहासन से उठकर चले गए। दरबार की चिंता धीरे-धीरे महल के गलियारों से होकर आम जनता के बीच पहुंचने लगी। राजा ये सब देख और समझ रहे थे। हमेशा की तरह उस दिन दरबार फिर शुरू हुआ। माहौल में निराशा और गहन शांति थी। राजा ने साधारण कपड़ों में दरबार में प्रवेश किया। आप सबकी चिंता उचित है। लेकिन मेरे लिए कृष्ण प्रेम और भक्ति का मार्ग ही सबसे प्रिय रहा है। प्रजा के हित को ध्यान में रखते हुए मैं सिंहासन का त्याग कर वृन्दावन के लिए प्रस्थान करने का निर्णय लेता हूं, सावंत सिंह ने भरे दरबार में सिंहासन त्यागने की घोषणा कर दी। राजा के इस फैसले से सभी उदास थे, लेकिन कुछ कर नहीं सकते थे। सिवाय इसके कि अपने राजा को अंतिम विदाई दें। समय बीता और ‘बणी-ठणी’ का मन भी दरबार से ऊब गया। अंततः उन्होंने भी अपना बाकी जीवन वृंदावन की पवित्र भूमि पर गुजारने का फैसला लिया। कहा जाता है कि राजा सावंत सिंह और ‘बणी-ठणी’ ने वृन्दावन की साधारण कुटिया में रहते हुए अपना शेष जीवन प्रभु की भक्ति, भजन और काव्य रचना को समर्पित कर दिया। और इस तरह राजा सावंत सिंह और बणी- ठणी की कहानी निहाल चंद के चित्रों में ‘राधा-कृष्ण’ के रूप में हमेशा के लिए कैद हो गई। आज भी किशनगढ़ की झील, महल और दीवारों में दबी यह कहानी किशनगढ़ शैली के चित्रों में से झांकती प्रतीत होती है। नागरीदास और रसिकबिहारी की लिखी रचनाओं की गूंज आज भी वृन्दावन की गलियों में सुनी जा सकती है। (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। फोटो व पेंटिंग आभार : किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार, चित्रकार, शहज़ाद अली शेरानी ) ग्राफिक्स – भाविक जैन
इनपुट सहयोग- रोहित पारीक
…… ये भी पढ़िए… 1. प्रेम कहानी जिसे शब्दों ने लिखा, रंगों ने जिंदा रखा:’बणी-ठणी’ क्या सिर्फ एक कल्पना है या वाकई कोई महिला थी? पार्ट- 1 बणी- ठणी कौन थी? ऐसा क्या था उस तस्वीर में जो राजस्थान की धरोहर बनी, जिसने किशनगढ़ शैली को दुनिया भर के कला जगत में पहचान दिलाई। जानते हैं राजा सावंत सिंह और बणी- ठणी की कहानी, जिनके प्रेम और भक्ति को कलाकार निहाल चंद ने अमर कर दिया। पूरा पढ़ने के लिए यहां CLICK करिए 2. खुद को कृष्ण मानते थे राजा, ‘बणी-ठणी’ को राधा:विदेशियों ने माना था भारत की मोनालिसा, ऐसा प्रेम जिसने किशनगढ़ को वृंदावन बना दिया; पार्ट–2 राजा सावंत सिंह के जीवन को भक्ति और कविता पूर्णता प्रदान करते थे, लेकिन उस दिन बणी-ठणी को सुनने के बाद उनकी साधना में अध्यात्म का एक नया और गहरा आयाम जुड़ गया था। धीरे- धीरे राजा और बणी- ठणी का रिश्ता जैसे राधा और कृष्ण के आध्यात्मिक प्रेम का रूपक बन गया था। पूरा पढ़ने के लिए यहां CLICK करिए 3- राजा ने किस महिला की बनवाई रहस्यमयी पेंटिंग:पहचान पर आज भी बहस; प्यार और सुंदरता का अद्भुत संगम, पार्ट-3 राजा सावंत सिंह और बणी-ठणी की कहानी में दोनों के श्रीकृष्ण और अध्यात्म की ओर झुकाव की विशेष भूमिका थी, जिसके चलते राजा ने बणी-ठणी में राधा की छवि को देखा था। एक शाम राजा सावंत सिंह ने निहाल चंद को बुलाया और बोले – मुझे खास चित्र बनाना है निहाल चंद। पूरा पढ़ने के लिए यहां CLICK करिए

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोध में बड़ा खुलासा:किशनगढ़ का मार्बल डंपिंग यार्ड साइलेंट पॉल्यूशन बम…हवा-मिट्टी सब खतरे में

एशिया की सबसे बड़ी मार्बल मंडी किशनगढ़ बड़े पर्यावरणीय संकट की ओर बढ़ रही है। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय की जांच में पहली बार केवल हवा या पानी नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरणीय तंत्र का एकीकृत अध्ययन किया गया। जांच में आया कि मार्बल स्लरी डंपिंग यार्ड हवा, मिट्टी, भूजल और मानव स्वास्थ्य को एक साथ प्रभावित करने वाला स्थायी स्रोत बन चुका है। पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रो. लक्ष्मीकांत शर्मा के नेतृत्व में 15 दिनों तक डंपिंग यार्ड में अध्ययन किया गया। इसमें एक्स-रे डिफ्रेक्शन, एटॉमिक एब्जॉर्प्शन स्पेक्ट्रोस्कोपी, जीआईएस और रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीक उपयोग की गई। खुली मार्बल स्लरी डंपिंग का असर केवल डंपिंग स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका प्रभाव दूर-दूर तक फैल रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह शोध “जर्नल ऑफ हैज़र्डस मैटेरियल्स एडवांसेज’ (एल्सेवियर) जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में सोमवार 13 जुलाई-2026 को प्रकाशित हुआ है। शोध में चेतावनी दी गई है कि यदि वर्तमान तरीके से खुले में मार्बल स्लरी का डंपिंग जारी रहा तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र कृषि उत्पादकता, पेयजल उपलब्धता, जैव विविधता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा। रिपोर्ट ने इसे व्यावसायिक स्वास्थ्य का भी गंभीर संकट माना है। मिट्टी और भूजल में भारी धातुओं की मौजूदगी
शोध में मार्बल स्लरी के भीतर लेड (Pb) सिलिकेट और कॉपर सल्फेट जैसे भारी धातु यौगिकों की पहचान हुई। डंपिंग यार्ड के आसपास की मिट्टी में तांबा, जिंक और अन्य धातुओं की मात्रा अधिक मिली तथा दूरी बढ़ने के साथ इनकी सांद्रता कम होती गई। भूजल में बीमारियों का घर टीडीएस 3573 पीपीएम, कुल कठोरता 1010 मि.ग्रा./लीटर, लवणता, क्लोराइड, फ्लोराइड और आयरन स्वीकृत सीमा से काफी अधिक पाए गए। शोधकर्ताओं के अनुसार इससे पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है तथा लंबे समय तक ऐसे पानी के उपयोग से किडनी, हड्डियों और पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। खेती सिकुड़ रही, औद्योगिक क्षेत्र बढ़ रहा सैटेलाइट आधारित विश्लेषण से सामने आया कि वर्ष 2017 से 2022 के बीच डंपिंग यार्ड के आसपास कृषि भूमि लगातार कम हुई जबकि औद्योगिक एवं निर्मित क्षेत्र तेजी से बढ़े। निर्मित क्षेत्र 54.58 से बढ़कर 74.72 वर्ग किमी हो गया। कृषि भूमि में 2.58 प्रतिशत की कमी आई आैर वनस्पति लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गई। शोधकर्ताओं का कहना है कि डंपिंग क्षेत्र मानचित्र में भले छोटा दिखाई दे रहा हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि प्रदूषण कम हुआ है। वास्तव में स्लरी अब आसपास के क्षेत्रों में फैलकर व्यापक पर्यावरणीय नुकसान पहुंचा रही है। भास्कर द्वारा कराई गई जांच में भी सामने आए यही तथ्य दैनिक भास्कर ने राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के सहयोग से किशनगढ़ मार्बल स्लरी डंपिंग यार्ड और उसके आसपास के क्षेत्रों में पोर्टेबल एयर मॉनिटरिंग मशीन से वायु गुणवत्ता की जांच करवाई थी। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों का आकलन किया गया। जांच में सामने आया कि डंपिंग यार्ड के आसपास धूलकण और प्रदूषण का स्तर सामान्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक है तथा इसका प्रभाव आसपास के वातावरण पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बाद में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के साथ किए गए विस्तृत शोध में भी यही तथ्य प्रमाणित हुए। जांच में यह किया गया सर्वाधिक असर मजदूरों पर हवा में धूल राष्ट्रीय मानक से आठ गुना ज्यादा शोधार्थी बसंत बिजारणियां ने बताया कि – रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला निष्कर्ष वायु प्रदूषण को लेकर सामने आया। डंपिंग यार्ड के सबसे निकट वाले क्षेत्र में पीएम-2.5 का औसत स्तर 465 से 487 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज किया गया, जो राष्ट्रीय मानक से लगभग आठ गुना और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की सीमा से 20 से 50 गुना अधिक है। यही कारण है कि सर्वे में आधे से अधिक स्थानीय लोगों और 70 प्रतिशत मार्बल श्रमिकों ने सांस लेने में तकलीफ, जबकि 84 प्रतिशत श्रमिकों ने गले की गंभीर समस्याएं बताईं।

डॉक्टरों की डिग्री और शोध की साख हुई तार-तार:न मरीज… न रिसर्च, 30 हजार में एमडी-एमएस और एक लाख में पीएचडी की रेडीमेड थीसिस

चिकित्सा और शैक्षणिक जगत से ऐसा चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसने जिसने डॉक्टरों की डिग्री और शोध की साख तार-तार कर दी है। भास्कर पड़ताल में आया है कि पीजी और पीएचडी की थीसिस बाजार में बिक रही हैं। एमडी-एमएस करने वाले रेजिडेंट अस्पतालों में मरीजों पर शोध करने के बजाय 20 से 50 हजार में खरीद रहे हैं। वहीं, पीएचडी शोधार्थी 80 हजार से एक लाख रुपए में डॉक्टर की उपाधि हासिल कर रहे हैं। आरएनटी मेडिकल कॉलेज और एमबी चिकित्सालय के सामने कारोबार चल रहा है। उदयपुर के एक सरकारी सहित 6 मेडिकल कॉलेजों में सैकड़ों छात्र विशेषज्ञता की पढ़ाई करते हैं, जिनके क्लीनिकल रिसर्च डेटा की विश्वसनीयता पर अब गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एथिकल कमेटी और गाइड के सुपरविजन पर सवाल हर मेडिकल कॉलेज में इंस्टीट्यूशनल एथिकल कमेटी शोध के नैतिक और वैज्ञानिक पहलुओं की जांच करती है। तीन वर्षों तक मरीजों के फॉलो-अप और लैब टेस्ट की निगरानी गाइड की जिम्मेदारी होती है। जबकि 24 घंटे में थिसिस तैयार होने का दावा बताता है कि व्यावहारिक स्तर पर डेटा का पर्याप्त सत्यापन नहीं हो रहा। केस-1 : मरीज की जरूरत नहीं, गाइड की मंजूरी ले आओ भास्कर रिपोर्टर पीजी डॉक्टर का साथी बनकर आरएनटी के सामने संचालित बापना एजेंसीज पहुंचा। संचालक संदीप बापना से प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन (पीएसएम) विभाग की थीसिस तैयार कराने की बात हुई तो ये चौंकाने वाले दावे सामने आए। केस-2 : हमारा काम सॉफ्टवेयर भी नहीं पकड़ पाता भास्कर टीम सुविवि मार्ग पहुंची। बोहरा गणेशजी मंदिर मार्ग स्थित विनायक कम्प्यूटर पर पवन ने थीसिस तैयार करने वालों के नंबर दिए। इन्हीं नंबरों पर रिपोर्टर ने हितेश नासा से संपर्क किया। उनसे बातचीत… पीएचडी की थीसिस लिखवानी है, काम हो जाएगा क्या?
हां, सिर्फ टॉपिक दीजिए, पूरी थीसिस तैयार कर देंगे। खर्च कितना आएगा?
80 हजार से 1 लाख रु. लगेंगे। पीएचडी करने वाले को एक अक्षर भी लिखने की जरूरत नहीं। प्लेजियरिज्म जांच सख्त है, दिक्कत तो नहीं होगी?
हम ऐसा लिखते हैं कि सॉफ्टवेयर में न फंसे। एमपी के कई कॉलेजों में जांच नहीं होती, लेकिन कड़ाई है, इसलिए मेहनत ज्यादा लगती है। सिनॉप्सिस जमा होने के बाद पर्याप्त समय मिलता है। थीसिस बिकना अनैतिक, तुरंत लगे रोक : प्रिंसिपल
आरएनटी मेडिकल कॉलेज में एथिकल कमेटी थीसिस की जांच करती है। बाजार में ऐसी थीसिस बिक रही है तो गलत है।
-डॉ. राहुल जैन, प्रधानाचार्य, आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर भास्कर एक्सपर्ट : राज्य स्तर पर हो नीतिगत बदलाव
ऐसे मामले अधिकतर निजी विवि में सामने आते हैं, लेकिन व्यवस्था सुधार की जरूरत सरकारी विवि में भी है।
-डॉ. कैलाश सोड़ानी, पूर्व कुलपति, वर्धमान महावीर खुला विवि