बांसवाड़ा में जुल्फिकार का जुलूस-निकला, मुकामी ताजियों को दी सलामी:अकीदतमंदों ने चांदी के ताजिए चढ़ाए, हैरतअंगेज करतब दिखाए

बांसवाड़ा में मोहर्रम के अवसर पर गुरुवार रात 9वीं के मौके पर शहर में पारंपरिक जुल्फिकार का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। नमाज-ए-इशा के बाद पृथ्वीगंज मस्जिद में सिंधीवाड़ा पंच की ओर से जुल्फिकार बांधने की रस्म अदा की गई। रस्म पूरी होने के बाद अकीदतमंदों ने मन्नतें पूरी होने पर जुल्फिकार पर चांदी से बने विभिन्न प्रतीक चढ़ाए। जुलूस में युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए, जबकि ढोल-ताशों की गूंज के बीच मातम करते हुए अकीदतमंद शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरे। जुल्फिकार पर चढ़ाए चांदी के ताजिए जुल्फिकार बांधने की रस्म गोरी परिवार और सिंधीवाड़ा पंच के सदस्यों की ओर से कराई गई। इसके बाद जुल्फिकार पर चांदी के ताजिए, नींबू, हाथ, जुबान, आंखें और गुलाब के फूलों के सेहरे चढ़ाए गए। सबसे पहले पृथ्वीगंज मस्जिद स्थित मुकामी ताजिए को सलामी दी गई, जिसके बाद अकीदतमंदों ने उसकी परिक्रमा की। शहर के प्रमुख मार्गों से निकला जुलूस जुल्फिकार का जुलूस पृथ्वीगंज मस्जिद से तेलीवाड़ा, कस्टम चौराहा, पुराना बस स्टैंड, गांधी मूर्ति और पीपली चौक होते हुए जामा मस्जिद पहुंचा, जहां मुकामी ताजिए को सलामी दी गई। इसके बाद कंधारवाड़ी, मकरानीवाड़ा और गोरख इमली पहुंचकर भी मुकामी ताजियों को सलामी अर्पित की गई। देर रात पृथ्वीगंज, गोरख इमली, कंधारवाड़ी और मकरानीवाड़ा के मुकामी एवं मन्नती ताजियों का मुकाम उठाया गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर पुनः अपने-अपने स्थानों पर पहुंचे। युवाओं ने दिखाए करतब, मस्जिदों में हुई इबादत जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के युवाओं ने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया। वहीं शहर में कई स्थानों पर सबीलें लगाकर शर्बत और पानी का वितरण किया गया। रात में मस्जिदों में कलाम-ए-पाक की तिलावत, नमाज और हजरत इमाम हुसैन की शहादत पर तकरीर हुई। गुरुवार को समाज के लोगों ने 9वीं का रोजा रखा और शाम को मगरिब की अजान के साथ रोजा इफ्तार किया। मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं चांदी के प्रतीक सिंधीवाड़ा पंच के रईस भाई ने बताया कि अकीदतमंद हर वर्ष मन्नत पूरी होने पर जुल्फिकार पर चांदी के नींबू, हाथ, पैर, ताजिए, मकान, गाड़ी, लड़का, लड़की और बच्चों के झूले जैसे प्रतीक चढ़ाते हैं। दसवीं के दिन इन चांदी के प्रतीकों को उतार लिया जाता है और अगले वर्ष कम हदिए में संबंधित श्रद्धालुओं को वापस दे दिया जाता है। हुसैनी चौक निवासी सादिक खान ने मन्नत पूरी होने पर चांदी से बना लड़का चढ़ाया, जबकि राजतालाब निवासी इकबाल खान ने चांदी से बनी आंखें अर्पित कीं। खास बात यह है कि वर्षों से हिंदू समाज के लोग भी अपनी मन्नत पूरी होने पर चांदी के नींबू सहित अन्य प्रतीक चढ़ाते आ रहे हैं, जो शहर में सर्वधर्म समभाव की मिसाल माना जाता है।

खेती में पानी का संकट बढ़ा तो शुरू की नर्सरी:सालाना 20 लाख रुपए की कमाई, ताऊ से काम सीखकर बनाई पहचान

सरकारी बागवान रहे ताऊ से पेड़-पौधों और गार्डनिंग का हुनर सीखा। कम जमीन और पानी के संकट के कारण खेती के बजाय नर्सरी का रास्ता चुना। करीब 10 साल पहले दो बीघा जमीन से शुरू की गई नर्सरी आज 30 से ज्यादा वैरायटी के पौधों तक पहुंच गई है। अब सालभर में एक लाख से ज्यादा पौधे बेचकर नर्सरी और गार्डन डेवलपमेंट के काम से 20 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। खुद ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाए, लेकिन बेटे को एग्रीकल्चर के क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। किसान का मानना है कि आने वाला समय खेती और इससे जुड़े व्यवसायों का है, जिसमें युवाओं के लिए बेहतर अवसर हैं। म्हारे देस की खेती में आज बात नागौर के किसान की… नागौर के रियांबड़ी के किसान घनश्याम माली (45) ने परंपरागत खेती से अलग रास्ता चुनकर अपनी पहचान बनाई है। घनश्याम 8वीं तक पढ़े हैं, लेकिन खेती और पौधों के क्षेत्र में वर्षों का अनुभव उन्हें सफल उद्यमी बना चुका है। उनके पिता रतनालाल (70) किसान हैं। घनश्याम का एक भाई है। घनश्याम के एक बेटा और चार बेटियां हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटे लक्की ने एग्रीकल्चर सब्जेक्ट से 12वीं पास की है और अब एग्रीकल्चर में बीएससी कर रहा है। घनश्याम का मानना है कि आने वाला समय कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों का है, इसलिए वे अपने बच्चों को भी इसी क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। अजमेर में ताऊ से सीखा बागवानी का काम घनश्याम माली के ताऊ सत्यनारायण अजमेर नगर परिषद में बागवान के पद पर कार्यरत थे। बचपन से ही पेड़-पौधों के बीच पले-बढ़े घनश्याम कुछ नया करना चाहते थे। इलाके में पानी की कमी के कारण खेती लगातार मुश्किल होती जा रही थी। ऐसे में वे साल 2006 में अजमेर चले गए और ताऊ के साथ रहकर बागवानी का काम सीखना शुरू किया। वहां सात साल तक उन्होंने घास लगाने, पौधों की देखभाल, गार्डन डिजाइनिंग, पेड़ों की कटिंग-छंटाई और रखरखाव जैसे काम सीखे। गार्डन डेवलप करने से शुरुआत, फिर शुरू की अपनी नर्सरी घनश्याम ने विभिन्न शहरों में गार्डन डेवलपमेंट का काम किया। इसका उन्हें 20 साल का अनुभव है। अनुभव बढ़ने के बाद करीब 10 साल पहले उन्होंने अपनी नर्सरी शुरू की। आज उनकी दो बीघा में फैली नर्सरी में 30 से ज्यादा किस्मों के फलदार, फूलदार, सजावटी और छायादार पौधे तैयार किए जाते हैं। वे कई पौधे खुद बीज और ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार करते हैं, जबकि कुछ विशेष किस्मों के पौधे उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पुणे (महाराष्ट्र) से मंगवाते हैं। सालभर में 1 लाख से ज्यादा पौधे बेचते हैं घनश्याम माली के अनुसार, नर्सरी से हर साल एक लाख से ज्यादा पौधे बिकते हैं। वे केवल पौधे ही नहीं बेचते, बल्कि घर, फार्म हाउस, होटल, स्कूल और सरकारी परिसरों के लिए गार्डन डेवलपमेंट का काम भी करते हैं। इसके लिए क्षेत्रफल और डिजाइन के अनुसार अलग-अलग कमाई होती है। नागौर के अलावा अजमेर, पाली, सीकर, कुचामन, बीकानेर और आसपास के कई जिलों में वे गार्डन तैयार कर चुके हैं। छोटा पौधा, बड़ी कमाई का फॉर्मूला घनश्याम बताते हैं कि नर्सरी का व्यवसाय कम जमीन में अधिक आय देने वाला काम है। उदाहरण के तौर पर पांच फीट का पौधा करीब 50 रुपए में बिक जाता है। यदि एक साथ 1000 पौधे भी बिक जाएं तो अच्छी आय हो जाती है। उनके अनुसार, फसलों की खेती में मौसम, कीट और रोगों का जोखिम बना रहता है, जबकि नर्सरी व्यवसाय में सही देखभाल के साथ नुकसान की आशंका कम रहती है। नौकरी से बेहतर है हुनर को कारोबार बनाना घनश्याम का मानना है कि जिस काम की जानकारी हो, उसे नौकरी की बजाय व्यवसाय के रूप में किया जाए तो ज्यादा सफलता मिल सकती है। वे कहते हैं कि शुरुआत से खेती और पौधों के बीच रहने के कारण यह काम उन्हें सहज लगा। इसी अनुभव को उन्होंने रोजगार में बदला और आज सालाना करीब 20 लाख रुपए तक की आय कर रहे हैं। उनका कहना है कि युवा यदि आधुनिक खेती, नर्सरी और बागवानी को अपनाएं तो कम जमीन में भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इनपुट सहयोग : विशनाराम सैनी, रियांबड़ी, नागौर — खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जीएसटी अधिकारी कर रहे ऑर्गेनिक खेती, 10 लाख की कमाई:घर की छत पर उगाई सब्जियां; डार्क जोन में बनवाया 70 लाख लीटर क्षमता का तालाब बाजार में मिलने वाली ज्यादातर सब्जियां केमिकल खाद से उगाई जा रही हैं। ऐसे में आपकी थाली में शुद्ध खाना अब जरूरत भी है और चुनौती भी। पूरी खबर पढ़िए

खैरथल कॉलेज में बीए फर्स्ट ईयर की मेरिट लिस्ट जारी:29 जून तक करवाना होगा डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन, दूसरी वेटिंग लिस्ट भी जारी

खैरथल काॅलेज में बी.ए. फर्स्ट ईयर के पहले सेमेस्टर में एडमिशन के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट और वेटिंग लिस्ट जारी कर दी गई है। इन सूचियों में शामिल, जिन छात्रों ने अभी तक डाॅक्यूमेंट वेरिफिकेशन और शुल्क जमा नहीं करवाया है, उन्हें 29 जून तक अपने दस्तावेज जमा करवाकर ई-मित्र पर शुल्क जमा करवाना होगा। शुल्क जमा करवा चुके विद्यार्थियों के लिए प्रवेश की दूसरी लिस्ट 30 जून को जारी की जाएगी। कक्षाएं 1 जुलाई से शुरू होंगी।

मोहर्रम आज, ट्रैफिक व्यवस्था में रहेगा बदलाव:जुलूस मार्ग पर वाहन पार्क नहीं करने की अपील, घंटाघर, जगदीश चौक एरिया में रहेगी भीड़

उदयपुर में मुस्लिम समुदाय की ओर से शुक्रवार को मोहर्रम पर्व पर ताजियों के जुलूस निकाले जाएंगे। इसे लेकर घंटाघर, जगदीश चौक, गणगौर घाट पर बड़ी संख्या में समुदाय के ​लोग एकत्रित होने की संभावना है। जिसके मद्देनजर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एएसपी उमेश ओझा ने बताया कि दोपहर 12 बजे से जुलूस समाप्ति तक लोगों से अपील है कि वे जुलूस मार्ग पर अपने वाहनों की पार्किंग नहीं करें और ट्रैफिक पुलिस का पूरा सहयोग करें। ट्रेफिक टायवर्जन हाथीपोल से चांदपोल की तरफ जाने वाले चार पहिया वाहन झरिया मार्ग टी प्वाइंट शिक्षा भवन, काला किवाड़, आयुर्वेदिक चौराहा की तरफ से जा सकेंगे। एंबुलेंस, फायरब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं पर ये व्यवस्था लागू नहीं है। नो पार्किंग में खड़े वाहनों को ट्रेफिक पुलिस द्वारा क्रेन से लिफ्ट कर लिया जाएगा।

अजमेर में महिला की चेन तोड़ी, रोते हुए थाने पहुंची:पति के साथ गई था बाजार, बाइस से आए दो बदमाश तोड़कर फरार

अजमेर के गांधी भवन के सामने बाइक सवार दो युवक महिला के गले से चेन तोड़ कर ले गए। महिला अपने पति के साथ कबाड़ी बाजार से अपने घर जा रही थी। इसी दौरान पीछे से आए बाइक सवारों ने झपट्टा मारकर चेन खींच ली और तेजी से कचहरी रोड़ की ओर भाग गए। महिला बिलखते हुए क्लॉक टावर थाने पहुंची, यहां से पुलिस मौके पर पहुंची। एसएचओ भीखाराम काला ने मौका मुआयना किया और दो पुलिसकर्मियों को आरोपियों की तलाश में भी रवाना किया। थाना क्षेत्र कोतवाली होने से पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने कोतवाली थाने भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एमडीएस यूनिवर्सिटी के पास रहने वाली सजना (60) पत्नी मदन सिंह ने बताया कि वह पति के साथ बाजार आई थी। कबाड़ी बाजार से निकल कर गांधी भवन के सामने रेलवे स्टेशन के गेट के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से बाइक पर सवार दो बदमाश आए और ढाई तोला वजनी चेन तोड़ कर ले गए। इस दौरान सामने से आ रही एक अन्य महिला बाइक की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। कुछ लोगों ने आरोपियों का पीछा भी किया लेकिन हाथ नहीं आए। आरोपियों की पहचान के प्रयास महिला और उसका पति क्लॉक टावर थाने पहुंचे और घटना की जानकारी दी। इस दौरान महिला फूट फूट कर रो रही थी। पुलिसकर्मी महिला के पति को लेकर आरोपियों की तलाश में निकल गए। इधर एसएचओ महिला को लेकर मौके पर पहुंचे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकालने के निर्देश पुलिसकर्मियों को दिए। हालांकि घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की थी। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस ऐसे में एसएचओ ने महिला सजना के पति मदन को अभय कमांड सेंटर और वहां से कोतवाली थाने में जाकर शिकायत करने के लिए कहा। कोतवाली थाना एसएचओ अनिल देव ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। फुटेज देखकर आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

आमज माताजी से पाती आने के बाद सजा मेला:निर्जला एकादशी पर गोराजी कालाजी मंदिर में चढ़ाई ध्वजा

राजसमंद में निर्जला एकादशी के अवसर पर शहर के प्रसिद्ध गोराजी कालाजी मंदिर में आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। वार्षिक मेले के चलते मंदिर परिसर आकर्षक विद्युत सजावट से जगमगा उठा और पूरे दिन भक्तों की आवाजाही बनी रही। विशेष श्रृंगार के बाद हुई पूजा-अर्चना, जयकारों के बीच चढ़ी ध्वजा निर्जला एकादशी पर मंदिर की ओर से वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला पारंपरिक मेला देर रात तक चला। मंदिर के पुजारियों ने गोराजी कालाजी का विशेष श्रृंगार कर विधिवत पूजा-अर्चना की और भोग अर्पित किया। दोपहर में मंदिर शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वजा चढ़ाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ध्वजारोहण के दौरान पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। मेले में खिलौनों से लेकर खान-पान तक की दुकानों पर रही रौनक मंदिर के बाहर कलालवाटी में लगे मेले में आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु पहुंचे। मेले में बच्चों के खिलौने, कपड़े, घरेलू सामान, मनिहारी सामग्री और खान-पान की दुकानों पर दिनभर भीड़ रही। बच्चों ने झूलों का आनंद लिया, जबकि महिलाओं ने खरीदारी कर मेले की रौनक बढ़ाई। आमज माताजी से पाती आने के बाद निभाई जाती है परंपरा मंदिर पुजारियों ने बताया कि रिछेड़ स्थित आमज माताजी मंदिर से पाती आने के बाद ही निर्जला एकादशी के मेले की परंपरा निभाई जाती है। इसी क्रम में दोपहर में ध्वजा चढ़ाने के साथ मंदिर परिसर में भोजन प्रसादी का आयोजन भी किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। मांगलिक कार्यों से पहले भेरू पूजन की है परंपरा गोराजी कालाजी मंदिर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और क्षेत्र में इसकी विशेष मान्यता है। 12 खेड़ा क्षेत्र के सर्वसमाज के लोग घरों में होने वाले मांगलिक और विवाह आयोजनों से पहले मंदिर पहुंचकर भेरू पूजन करते हैं। इसके बाद ही शुभ कार्यों की शुरुआत करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है।

वीडियो बनाने से टोकने पर पड़ोसी ने लाठी से पीटा:विरोध करने और कारण पूछने पर किया हमला, आसपास के लोगों ने किया बचाव

भीलवाड़ा शहर के विजय सिंह पथिक नगर क्षेत्र में घर के बाहर वीडियो बनाने को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठियों से हमला कर दिया। घटना में घायल हुए पीड़ित को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी मारपीट की घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित ने सुभाष नगर थाने में रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घर और बालकनी की ओर बना रहा था वीडियो घटना गुरुवार दोपहर सुभाष नगर थाना क्षेत्र की है। पीड़ित गोपाल माली ने बताया कि वह दोपहर में भोजन के लिए घर पहुंचा था। इसी दौरान उसने देखा कि पड़ोस में रहने वाला अंकुर उसके घर और बालकनी की ओर वीडियो बना रहा था। उस समय बालकनी में परिवार के सदस्य मौजूद थे। गोपाल ने वीडियो बनाने का कारण पूछा और इसका विरोध किया। विरोध करने पर गाली-गलौज, फिर लाठियों से हमला पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर अंकुर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। कुछ ही देर में उसके परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि अंकुर, उसकी पत्नी और आयुष ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे चोटें आईं। गोपाल ने बताया कि वह पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। हाल ही में उसकी आंखों का इलाज हुआ है और अन्य उपचार भी चल रहे हैं। ऐसे में इस मारपीट से उसे शारीरिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। सीसीटीवी फुटेज आया सामने, पुलिस जांच में जुटी मारपीट की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में एक पक्ष दूसरे पक्ष पर लाठी से हमला करता दिखाई दे रहा है, जबकि परिवार के अन्य लोग बीच-बचाव करते नजर आ रहे हैं। पीड़ित की शिकायत पर सुभाष नगर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, घटना को लेकर दूसरे पक्ष ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

डोटासरा ने किरोड़ीलाल के पैर पकड़े!:DG साहब ने क्यों लिखा- डांट पड़ी; ये क्या… पिस्ता के भाव में मूंगफली मिल रही

नमस्कार किरोड़ीलालजी और डोटासराजी का झगड़ा ऑडियो-वीडियो सबूत तक पहुंच गया है। एसीबी के डीजीपी साहब ने पोस्ट क्या डाली, हंगामा हो गया और पुष्कर वाला ‘पिस्ता’ चाहिए क्या? राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. किसने पकड़े, किसके पैर? राजनीति में कोई न कोई किसी न किसी के पैर पकड़ता है। वक्त देख माई-बाप बनाना पड़ता है। इसमें कुछ गलत नहीं। लेकिन ‘पैर पकड़ने’ को लेकर राजस्थान में भयंकर आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। चीफ साहब ने चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि जब गहलोत सत्ता में थे, तब किरोड़ी लाल जी ने अशोक गहलोत जी के पैर पकड़े थे। कहा था कि मुकदमे छुड़वा दो। चीफ साहब का बयान आने के बाद खोजकर्ताओं ने 2019 का किरोड़ीजी का ट्वीट भी निकाल लिया। जिसमें उन्होंने गहलोत से मुलाकात का जिक्र किया था। बात बढ़ती देख दूसरे पक्ष के खोजकर्ता भी एक्टिव हुए और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का ऑडियो निकाल लाए। जिसमें बेनीवाल कह रहे हैं- डोटासरा को भी देखा है मैंने। पेपरलीक के मामले में किरोड़ीलाल के घर जाकर उनके पैर पकड़ लिए थे। आरोप-प्रत्यारोप में किरोड़ी बाबा ऐसे उलझे कि 160 किलोमीटर दूर गंगापुर पहुंचने में 20 दिन लगा दिए। पहुंचते ही पानी का मसला भी हल। 2. ACB के DG की पोस्ट राजस्थान में ACB जोरदार काम कर रही है। हवा में भ्रष्टाचार सूंघ लेती है। कई को लपेट लिया। लेकिन उस समय खुद घिर गई जब भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे कृषि मंत्रीजी एसीबी के मुख्यालय पहुंच गए। बोले- FIR की कॉपी लीक कैसे हुई। इसमें डॉक्टर और मंत्री का जिक्र है। अगर ये मैं हूं तो गिरफ्तार करो। नहीं तो मामला क्लियर करो। जनता में भ्रम पैदा हो रहा है। इस घटना के बाद अब एसीबी के डीजी साहब की एक पोस्ट की अचानक चर्चा हो गई। पोस्ट में उन्होंने लिखा- डांट पड़ी, एक कान से सुनी, दूसरे कान से निकाल दी। पूछने पर बताया कि बच्चों-युवाओं के लिए यह प्रेरक सलाह है। बच्चों को प्रेरक सलाह देने की टाइमिंग गड़बड़ हो गई। बाकी मामला ज्यादा बढ़ जाए तो फरवरी वाली पोस्ट दोबारा डाली जा सकती है। फरवरी में साहब ने पोस्ट में लिखा था- किसी ने मेरे प्रोफाइल से मिलता-जुलता फेसबुक अकाउंट बना लिया है। जो कि मेरा नहीं है। 3. चलते-चलते..

बड़े-बूढे़ कह गए हैं- नकल में भी अक्ल की जरूरत होती है। बड़े-बड़े ठग अक्सर घुमंतू होते हैं। पीतल को सोना बताकर बेचते हैं और वारदात करके चंपत। लेकिन अजमेर के पुष्कर में तो एक व्यापारी बाकायदा दुकान सजाकर लोगों को ठग रहा था। आटे में नमक जितनी गड़बड़ तो दुकानदार की भी चल जाती है। लेकिन ये भाई मूंगफली को हरा रंगकर पिस्ता के भाव बेच रहा था। 200 ग्राम मूंगफली एक तीर्थयात्री को 520 रुपए की बेच दी। यह अक्ल तो लगाता कि खाने की चीज है, खाते ही पकड़ा जाएगा। तीर्थयात्री ने लोगों को इकट्‌ठा कर लिया। सभी दुकान पर पहुंच गए। वीडियो बनाया। धमकाया। दुकानदार पर कोई असर नहीं। बल्कि अकड़ने लगा। पैसे लौटाते हुए बोला- असली माल कहां मिलता है आजकल। एक बुजुर्ग को इस बात पर गुस्सा आया। बोले- तो क्या असली के भाव नकली बेचोगे? इनपुट सहयोग- राघवेंद्र गुर्जर (दौसा), महेंद्र सैनी (जयपुर), अभिषेक शर्मा (पुष्कर, अजमेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

शहादत की रात पाली में गूंजा 'या हुसैन':अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब दिखाए, आज शहर में निकलेगा ताजिया का जुलूस

पाली में मोहर्रम की शहादत की रात गुरुवार को पाली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाई गई। शहर के भैरूघाट, पिंजारों का बास और केरिया दरवाजा क्षेत्र में पूरी रात धार्मिक आयोजन और अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब आकर्षण का केंद्र रहे। बड़ी संख्या में लोग देर रात तक कार्यक्रमों में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान सीओ सिटी ऊषा यादव के नेतृत्व में भारी पुलिस जाप्ता तैनात रहा। शुक्रवार को शहर में ताजिया का जुलूस निकाला जाएगा। लौटनी की रस्म के साथ इबादत में गुजरी रात मुस्लिम समाज के प्रवक्ता शकील अहमद नागौरी ने बताया कि शहादत की रात हजरत इमाम हुसैन की कर्बला में दी गई कुर्बानी को याद करने का दिन होता है। इस अवसर पर लौटनी की रस्म अदा की गई। फूल-मालाएं और नोटों के सेहरे चढ़ाए गए तथा चूरमा, मिठाई सहित शिरणी वितरित की गई। मुस्लिम समाज के सदर हकीम भाई और हसन भाटी ने बताया कि समाज के लोगों ने रोजा रखकर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। शहर की मस्जिदों में नमाज अदा की गई, तिलावत-ए-कुरआन हुई, जंगनामा पढ़ा गया और तकरीर व बयान के माध्यम से ईसाले सवाब किया गया। जगह-जगह शरबत, छबील, खीर, हलीम और पुलाव का वितरण भी किया गया। पारंपरिक मार्गों से निकले मोहर्रम, देर रात तक चला आयोजन केरिया दरवाजा से हाजी मोहम्मद उमर लोहार के नेतृत्व में पीठ का मोहर्रम निकला, जो बादशाह का झंडा, जूना हवाला और नाड़ी मोहल्ला होते हुए मिलाद चौक पहुंचा। रुई कटला से मोहम्मद शाहिद पीनू के नेतृत्व में चूड़ीगरों का मोहर्रम प्यारा चौक और रंगणिया मोहल्ला होते हुए अपने मुकाम पहुंचा। पलटन का मोहर्रम मोहम्मद इल्यास कुरैशी के नेतृत्व में जंगीवाड़ा चौक से निकला, जबकि खरादियों का मोहर्रम मोहम्मद इकबाल खेरादी के नेतृत्व में कादरिया चौक से पारंपरिक मार्गों से होकर वापस अपने स्थान पहुंचा। जूनी पाली का मोहर्रम मोहम्मद सलीम पिंजारा के नेतृत्व में जेसी ब्रदर्स भैरूघाट से सोमनाथ लोहारों की हथाई और प्यारा चौक होते हुए वापस अपने मुकाम पहुंचा। अखाड़ों के युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब शहर के सभी अखाड़ों में उस्तादों के नेतृत्व में युवाओं ने ढांड पट्टा, बाजी, आग की बन्नतियां, शमशीर और ढाल के साथ रोमांचक करतबों का प्रदर्शन किया। करतबों के दौरान ‘अली का लश्कर या इमाम हुसैन’, ‘अली की हैदरी, या अली’ और ‘शाबाश तुम्हारे उस्ताद को’ जैसे जोशीले नारों से माहौल गूंज उठा। मोहर्रम कमेटी ने संभाली व्यवस्थाएं मोहर्रम के आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए शहर अखाड़ा कमेटी के सरपरस्त सलीम मिस्कीन, अध्यक्ष इंसाफ सोलंकी, सचिव हाजी इंसाफ मोयल, फैयाज बुखारी, फारूक रंगीला और नजीर सिंधी सहित मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यवस्थाएं संभालीं। पहचान के लिए विशेष बैज पहनकर स्वयंसेवक पूरी रात जुलूस और आयोजनों के संचालन में जुटे रहे।

रणथंभौर नेशनल पार्क में युवक का शव मिला:पेड़ पर फंदे से लटका था, मोबाइल से हुई पहचान; बिहार का रहने वाला था

सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क के झूमर बावड़ी वन क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। वनकर्मियों ने शव देखकर तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना की जानकारी युवक के परिजनों को भी दे दी गई है। मोबाइल से हुई पहचान, नालंदा (बिहार) का था युवक कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि मृतक की पहचान दीनबंधु पासवान पुत्र विजय पासवान निवासी नालंदा (बिहार) के रूप में हुई है। युवक की जेब से मिले मोबाइल के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार युवक ने काली टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी। उसके हाथ में कलावा और कड़ा था, गले में रुद्राक्ष युक्त तुलसी की माला थी। चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ थी, जबकि वह नंगे पैर था और उसने जूते-चप्पल नहीं पहन रखे थे। वन क्षेत्र में कैसे पहुंचा, पुलिस कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक झूमर बावड़ी वन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झूमर बावड़ी गेट पर हमेशा वनकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवक दीवार फांदकर जंगल में दाखिल हुआ होगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।