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राजीव गांधी उद्यान में गुपचुप तरीके से शुरू किया काम:यूडीए ही तोड़ रहा नियम, फतहसागर के नो कंस्ट्रक्शन जोन में कर रहा निर्माण

शहर की लाइफलाइन फतहसागर झील को कंक्रीट से बचाने के लिए बने सख्त नियमों की धज्जियां खुद उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) उड़ा रहा है। ऐतिहासिक गुलाबबाग में मसाला चौक और पार्किंग निर्माण पर हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बावजूद सबक नहीं लिया जा रहा है। अब फतहसागर से सटे संवेदनशील व पूरी तरह निर्माण निषेध घोषित जी-1 (ग्रीन जोन-1) क्षेत्र के राजीव गांधी उद्यान में गुपचुप तरीके से पक्का निर्माण शुरू कर दिया गया है। मौके पर जेसीबी मशीनों से गहरी खुदाई कर ईंट, सीमेंट, रेत, सरिए और पत्थरों की पक्की दीवारें व कंक्रीट के व्यावसायिक स्ट्रक्चर (दुकानों के फाउंडेशन) खड़े किए जा रहे हैं। दरअसल, यूडीए यहां जयपुर की तर्ज पर एक स्थायी व्यावसायिक मसाला चौक और नाइट बाजार (फूड कोर्ट) विकसित करने की तैयारी में है। इस कदम को लेकर पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों में भारी आक्रोश है। गुलाबबाग मामले में हाईकोर्ट के पब्लिक ट्रस्ट डॉक्ट्रिन और हेरिटेज संरक्षण के ऐतिहासिक फैसले को ताक पर रखकर किया जा रहा यह कृत्य सीधे तौर पर अदालती अवमानना को न्योता दे रहा है। यदि समय रहते रोक नहीं लगी, तो एक बार फिर टैक्स पेयर्स के लाखों रुपयों का पानी होना तय है और नाइट बाजार की अवधारणा पर भी ग्रहण लग जाएगा। हालांकि, टूरिस्ट सिटी के लिए नाइट बाजार आवश्यक है, लेकिन इसके लिए उद्यान में स्थायी कंक्रीट ढांचा खड़ा करने के बजाय अस्थायी निर्माण से भी मसाला चौक बनाया जा सकता है। फिलहाल, इस मामले पर यूडीए अधिकारियों और इंजीनियर्स ने चुप्पी साध रखी है। मास्टर प्लान : फतहसागर से सटा पूरा क्षेत्र ग्रीन जोन घोषित यूडीए के अपने ही मास्टर प्लान 2031 के अनुसार फतहसागर से सटा यह पूरा क्षेत्र जी-1 (ग्रीन जोन-1) यानी नो-कंस्ट्रक्शन जोन घोषित है। इस श्रेणी की जमीन पर केवल सघन पौधरोपण, पर्यावरण-अनुकूल नर्सरी और प्राकृतिक बागवानी की ही कानूनी अनुमति है। यहां ईंट, सीमेंट या कंक्रीट का कोई भी नया ढांचा खड़ा करना संगीन गैर-कानूनी कृत्य माना जाता है। यूडीए अक्सर आम जनता को जी-1 भूमि पर फार्महाउस या कोई भी पक्का निर्माण करने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की सख्त कार्रवाई की चेतावनी देता है। लेकिन जब अपनी ही योजनाओं की बात आई, तो प्राधिकरण ने खुद के नियमों को ताक पर रख दिया। गुलाबबाग : करोड़ों का नुकसान और कोर्ट की फटकार भी भूले नगर निगम ने जयपुर के मसाला चौक की तर्ज पर ऐतिहासिक गुलाबबाग (सज्जन निवास बाग) में भी फूड कोर्ट और गवर्नमेंट प्रेस के सामने कंक्रीट पार्किंग का निर्माण शुरू कराया था। तब पर्यावरण प्रेमियों की याचिका पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्माण पर तुरंत रोक लगा दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक उद्यान और ऐतिहासिक स्थल नागरिकों को खुली हवा देने के लिए हैं, न कि व्यावसायिक गतिविधियों और कंक्रीट चौपाटी संस्कृति के लिए। गुलाबबाग में हुए करोड़ों के नुकसान के बाद भी यूडीए बिल्कुल वैसी ही गलती दोहरा रहा है, जिससे यह नया निर्माण भी अदालती रोक की कगार पर खड़ा है। विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी विकास और पर्यावरण में संतुलन जरूरी है, लेकिन विकास की आड़ में पर्यावरण को निगल जाना समझदारी नहीं है। नगर निगम ने गुलाबबाग में कंक्रीट का जाल बिछाने की जिद की थी, जिसका हश्र कोर्ट के स्टे के रूप में सामने आया। अब वही जिद यूडीए फतहसागर के किनारे दोहरा रहा है। प्रशासन को समझना होगा कि उदयपुर अपनी प्राकृतिक झीलों और हरियाली की वजह से ही दुनिया भर के पर्यटकों को खींचता है, न कि कंक्रीट के बाजारों की वजह से। यदि मसाला चौक बनाना ही है, तो राजीव गांधी उद्यान में अस्थायी निर्माण किया जा सकता है या फिर इसे शहर के अन्य व्यावसायिक स्थलों पर ले जाया जा सकता है, लेकिन ग्रीन लंग्स को कुर्बान करना कतई उचित नहीं है।

हीरापुरा का बे-बस स्टैंड:एंट्री के 50 रुपए, 2 घंटे के 200, 25 निजी बसें ही अंदर जा रहीं…1,324 तो पैसे बचाने को 10 अवैध स्टॉप पर रुक रहीं

करोड़ों रुपए की लागत से बना हीरापुरा बस स्टैंड अब भी बे-बस है। यहां आने के बजाय अधिकांश निजी बसें 50 रुपए का शुल्क बचाने के लिए अजमेर रोड पर बने अस्थायी पिकअप पॉइंट से ही सवारियां बैठाकर रवाना हो जाती हैं। यहां पर दो घंटे के बाद 200 रुपए चार्ज लिया जाता है। 200 फीट चौराहे से हीरापुरा बस स्टैंड तक 3 किमी में 10 अवैध बस स्टैंड बने हैं, जहां से बसें सवारियां उठाती हैं, जबकि करोड़ों की लागत से बने हीरापुरा बस स्टैंड का उद्देश्य पश्चिमी राजस्थान जाने वाली रोडवेज और निजी बसों का संचालन यहीं से करना था, ताकि हाईवे पर बसों के रुकने और सवारियां बैठाने की प्रवृत्ति खत्म हो, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। अजमेर रोड पर लगातार दो हादसे में 5 लोगों की मौत के बाद इस पर सवाल खड़े हुए थे। पुलिस ने सख्ती भी दिखाई थी। भास्कर ने फिर इस रूट का रियलिटी चेक किया। जयपुर-अजमेर कॉरिडोर में रोजाना 1,349 निजी बसों का संचालन होता है, लेकिन सिर्फ 25 बसें ही हीरापुरा बस स्टैंड में प्रवेश करती मिलीं। इससे हर महीने करीब 20 लाख रुपए राजस्व का नुकसान हो रहा। लगातार 2 हादसों में 5 की मौत पर जागी थी पुलिस, अब फिर हाईवे पर रुक रही बसें रिकॉर्ड के अनुसार हीरापुरा बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब 210 रोडवेज बसों का संचालन होता है। वहीं 1,349 निजी बसों में से सिर्फ 25 बसें ही नियमित रूप से बस स्टैंड पहुंचती हैं। इनमें अधिकांश बसें खाटूश्यामजी रूट की हैं, जबकि अजमेर, उदयपुर, जोधपुर और अन्य रूटों की निजी बसें बस स्टैंड तक नहीं जातीं। कैमरे के सामने फिर सक्रियता दिखाने लगी पुलिस भास्कर टीम ने अजमेर रोड और 200 फीट बाईपास क्षेत्र में कई निजी बसों को सड़क किनारे सवारियां बैठाते देखा। बसों के अचानक रुकने से पीछे चल रहे वाहनों को तेज ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। टीम के कैमरे के साथ पहुंचते ही पुलिस सक्रिय हुई और सड़क किनारे सवारियां भर रही निजी बसों के चालान काटने शुरू कर दिए। प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बस कॉरिडोर परिवहन विभाग के अनुसार बीकानेर रूट के बाद जयपुर-अजमेर कॉरिडोर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा निजी बस संचालन वाला मार्ग है। यहां करीब 1,349 निजी बसें संचालित होती हैं। इनमें ऑल इंडिया परमिट और स्टेज कैरिज परमिट वाली बड़ी संख्या में बसें शामिल हैं, लेकिन अधिकांश निर्धारित बस स्टैंड से संचालन नहीं कर रहीं। भास्कर एक्सपर्ट हाईवे पर बस रोकना खतरनाक परिवहन विशेषज्ञ सीताराम शर्मा के अनुसार हाईवे पर बसों का अचानक रुकना दुर्घटनाओं का बड़ा कारण है। इससे पीछे आ रहे वाहन असंतुलित हो जाते हैं और कई बार यात्री सड़क पार करते समय भी हादसे का शिकार हो जाते हैं। निजी बसों का संचालन अनिवार्य रूप से हीरापुरा बस स्टैंड से हो और रास्ते में सवारियां लेने पर सख्ती से रोक लगे, तो हादसे रुक सकते हैं। नियम है, लेकिन पालना नहीं नियमों के अनुसार बसों का संचालन निर्धारित बस स्टैंड से होना चाहिए। ट्रैफिक पुलिस ने सर्विस लेन को बस संचालन के लिए वन-वे भी बनाया है, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश निजी बसें हाईवे पर रुककर सवारियां बैठा रही हैं।

7 डिजिट घोटाला:आरटीओ का रिवर्स गियर; 35 गाड़ियों के निरस्त रजिस्ट्रेशन चुपचाप बहाल, अधिकांश वीआईपी, नेता व वाहन डीलर

आठ महीने पहले परिवहन विभाग ने 7 डिजिट नंबर घोटाले की जांच रिपोर्ट जारी कर प्रदेशभर में करीब 9 हजार 500 नंबरों के गलत तरीके से बैकलॉग, वेरिफिकेशन और अप्रूवल कर आवंटित किए जाने का खुलासा किया था। जयपुर में 2129 नंबरों का गलत तरीके से आवंटन सामने आया था। इनमें से 250 नंबरों का सत्यापन नहीं हुआ तो इनकी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) निरस्त कर दी गई थी। अब इसी मामले में नया मोड़ आ गया है। विभाग ने पांच महीने बाद उन्हीं वाहनों की आरसी दोबारा बहाल करनी शुरू कर दी है। 35 वाहनों की आरसी बहाल हो गई है। बाकी की प्रक्रिया चल रही है। बहाल हुए नंबरों में कई वीआईपी, कारोबारी, भाजपा से जुड़े नेता और वाहन डीलरों के हैं। आरसी बहाल पर विभाग का तर्क है कि वाहन मालिकों को 17 दिसंबर को वाहन के भौतिक निरीक्षण के लिए आरटीओ कार्यालय बुलाया गया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। 30 जनवरी 2026 को उनकी आरसी निरस्त कर दी गई। बाद में वाहन मालिकों ने आरटीओ के समक्ष अपील की। अपील पर दस्तावेजों और वाहन के भौतिक निरीक्षण में सब कुछ सही पाए जाने के बाद आरसी बहाल कर दी गई। जिनकी RC रद्द की थी, उन्हीं को सही बताकर बहाल किया केस 1; पहले निरस्त, फिर 4 माह बाद बहाल कार नंबर RRX-8802 की आरसी 30 जनवरी को डीटीओ ने गलत तरीके से नंबर आवंटन मानते हुए निरस्त कर दी। यह वाहन धनंजय सिंह पुत्र गजेंद्र सिंह के नाम दर्ज है। तीन महीने बाद 1 मई को आरटीओ ने नया आदेश जारी कर आरसी बहाल कर दी। केस 2; स्क्रैप सर्टिफिकेट के बाद बहाल कार RPH 4041 मैसर्स ऑरा अटायर के नाम दर्ज है। वाहन मालिक राजीव जिंदल ने सुनवाई में RPH 4041 और RJ60-CD-2441 के बीच नंबर स्वेपिंग की जानकारी देते हुए स्क्रैप सर्टिफिकेट दिया। कोई अनियमितता नहीं मिलने पर आरसी बहाल कर दी गई। केस 3; कई अन्य वाहनों की भी लौटी आरसी वाहन संख्या RNL 0542 मैसर्स प्रेम कृपा उद्योग, RNV 0034 आयुषी त्यागी, RJC 5700 मैसर्स स्प्रिंग डेल्स चिल्ड्रन्स स्कूल, कोटा और RNL 0015 यशोधर पांडे की आरसी भी 30 जनवरी को निरस्त की थी। बाद में भौतिक निरीक्षण में दस्तावेज सही बताते हुए आरसी बहाल कर दी। केस 4; स्वेपिंग बता कर लौटाई आरसी कार RNX 9909 मैसर्स सौभागमूल गोकुलचंद ज्वैलर्स के नाम दर्ज है। आरसी 30 जनवरी को निरस्त की। 18 मई को विभाग ने नए आदेश जारी कर आरसी बहाल कर दी। इसमें कहा कि RNX 9909 और RJ45-CV-1401 के बीच नंबर स्वेपिंग हुई थी, जो प्रक्रिया के तहत हुई। जयपुर में 2129 नंबर ​संदिग्ध ​मिले थे अक्टूबर 2025 में परिवहन विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ। प्रदेशभर में करीब 9500 वाहनों को गलत तरीके से 7 डिजिट नंबर आवंटित किए जाने की बात सामने आई। जांच में बैकलॉग, वेरिफिकेशन और अप्रूवल प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जयपुर आरटीओ में अकेले 2129 नंबर संदिग्ध पाए गए। 1879 मामलों का सत्यापन हुआ, जबकि 250 वाहनों का सत्यापन नहीं होने पर उनकी आरसी निरस्त कर दी गई। अब इन्हीं निरस्त वाहनों में से 35 से अधिक वाहनों की आरसी दोबारा बहाल की जा चुकी है।

पुलिस को मिला नवजात भ्रूण, अंतिम संस्कार किया:अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज, CCTV खंगाल रही पुलिस

गोविंदगढ़ में नवजात भ्रूण मिलने के मामले में पीसांगन थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने भ्रूण का पोस्टमार्टम कराने के बाद मांगलियावास रोड स्थित श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कराया। इस संबंध में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। यह घटना मंगलवार रात गोविंदगढ़ स्थित गोशाला के पास श्मशान स्थल के सामने सड़क किनारे सामने आई। ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस को सूचना दी थी। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने पूर्व दिशा से आए चार बाइक सवार लोगों को देखा था, जिससे उन्हें संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पीसांगन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) आत्माराम शेषमा के नेतृत्व में विधिक प्रक्रिया शुरू की। भ्रूण को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पीसांगन लाया गया, जहां सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिंह लामरोड़ की देखरेख में पोस्टमार्टम किया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एएसआई आत्माराम शेषमा ने भ्रूण का मांगलियावास रोड स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कराया। एएसआई आत्माराम शेषमा ने बताया कि पुलिस टीम अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जैसलमेर के पीएमश्री स्कूल की राज्य स्तरीय वेबिनार में प्रस्तुति:मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने नवाचारों की सराहना की; वर्चुअल किया संवाद

जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय पीएम श्री स्कूल वेबिनार में जैसलमेर जिले के एक स्कूल ने अपनी पहचान बनाई। पीएम श्री राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल 2 एमडी महादेव नगर, बांकलसर के संस्था प्रधान स्वरूप सुथार को प्रदेश के 649 पीएम श्री स्कूल में से चयनित 14 संस्था प्रधानों में शामिल किया गया। संस्था प्रधान स्वरूप सुथार ने अपने स्कूल में किए गए नवाचारों, विकास कार्यों, शैक्षणिक उपलब्धियों और पीएम श्री योजना के तहत विशेष प्रयासों का राज्य स्तर पर प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने विद्यालय में किए गए नवाचारों और प्रयासों की सराहना की। उन्होंने संस्था प्रधान से संवाद भी किया और इस वेबिनार को ‘इंस्पिरेशनल स्टोरीज के साथ पीयर लर्निंग का अनूठा मंच’ बताया। इस अवसर पर संस्था प्रधान स्वरूप सुथार ने मुख्य सचिव को स्कूल के नवाचारों पर आधारित ‘पीएम श्री पत्रिका’, स्कूल की प्रेरक स्टोरी और एक स्मृति चिह्न भेंट किया। वेबिनार में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव, समग्र शिक्षा आयुक्त एवं राज्य परियोजना निदेशक डॉ. रश्मि शर्मा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। जैसलमेर जिले से मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार बिस्सा, सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी और जिले के सभी पीएम श्री विद्यालयों के संस्था प्रधान ऑनलाइन जुड़े। राज्य स्तर पर जैसलमेर जिले के स्कूल को अपने नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलने और मुख्य सचिव द्वारा सराहना किए जाने से जिले के शिक्षा जगत में हर्ष का माहौल है। इस उपलब्धि को सीमावर्ती क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

आबूरोड में कार पर पत्थरबाजी, ड्राइवर गंभीर घायल:गाड़ी में सवार सभी पर्यटक सुरक्षित, सदर थाने से सिर्फ 500 मीटर दूर हुई घटना

आबूरोड सदर थाना क्षेत्र में थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर मुख्य सड़क पर पर्यटकों को लेकर आ रही एक टैक्सी पर पत्थरबाजी कर दी गई। इस हमले में टैक्सी ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद वहां से गुजर रहे कई गाड़ियों में सवार लोग भी रुक गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी। पर्यटकों को लेकर लौट रही टैक्सी का किया पीछा सदर थाना आबूरोड के ड्यूटी ऑफिसर देवी सिंह ने बताया- हमें सुचना मिली थी कि बुधवार रात करीब 9:30 बजे की है। टैक्सी चालक मेहबूब खान पठान, पुत्र शकुर खान, निवासी मानपुर हाउसिंग बोर्ड, माउंट आबू से पर्यटकों को लेकर आबूरोड लौट रहे थे। इसी दौरान सदर थाने से करीब 500 मीटर दूर चौधरी इन के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन युवकों ने उनकी कार का पीछा करना शुरू कर दिया। बताया गया कि युवकों ने चलते वाहन के पास पहुंचकर चालक के साथ गाली-गलौज की और गाड़ी रोकने का दबाव बनाया। चालक ने वाहन नहीं रोका तो आरोपियों ने रास्ता रोकने की कोशिश की। कार का रास्ता रोककर किया हमला घायल ड्राइवर ने बताया- एक मोटरसाइकिल सवार ने टैक्सी के आगे आकर वाहन रोकने का प्रयास किया। वहीं दूसरी बाइक पर बैठे दो युवकों में से एक ने कार पर पत्थर फेंक दिया। उस समय कार का शीशा खुला हुआ था, जिससे पत्थर सीधे चालक के सिर पर जाकर लगा। हमले में मेहबूब खान के सिर पर गंभीर चोट आई। सिर बचाने की कोशिश के दौरान उनके हाथ की तर्जनी उंगली भी घायल हो गई। मुख्य मार्ग पर लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में नाराजगी घटना के बाद टैक्सी ड्राइवर्स और स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि इस मुख्य मार्ग पर इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क माउंट आबू आने-जाने वाले पर्यटकों का प्रमुख मार्ग है और रात के समय यहां बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में थाने के इतने करीब इस तरह की वारदात से लोगों में भय का माहौल है। पुलिस बोली- मामले की जांच शुरू ड्यूटी ऑफिसर देवी सिंह ने बताया कि कार चालक पर पत्थरबाजी की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घायल चालक को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

अरवड़ बांध में मछलियां मृत मिली:16 फीट पानी; विभाग ने सैंपल जांच के लिए भेजा

फूलियाकलां उपखंड क्षेत्र के अरवड़ बांध में बड़ी संख्या में मछलियां मृत पाई गई हैं। बांध में लगभग 16 फीट पानी होने के बावजूद मृत मछलियां लगातार किनारों पर आ रही हैं। इस घटना से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अरवड़ बांध की कुल भराव क्षमता 24 फीट है। पर्याप्त जलभराव के बावजूद मछलियों की मौत होना चिंता का विषय है। बांध में मछली उत्पादन का ठेका भी है। बांध की कुल भराव क्षमता 24 फीट पिछले कुछ दिनों से मृत मछलियां लगातार किनारों पर देखी जा रही हैं। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण ये सड़ने लगी हैं, जिससे दुर्गंध और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने आशंका व्यक्त की है कि यदि समय रहते मृत मछलियों का निस्तारण नहीं किया गया, तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। रामलाल माली, कल्याण माली, शहाबुद्दीन, रतन और गोविंद माली सहित कई ग्रामीणों ने मांग की है कि पर्याप्त पानी होने के बावजूद मछलियों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाए। उन्होंने संबंधित विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच करने और आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। कनिष्ठ अभियंता बोले- सैंपल जांच के लिए भेजे प्रारंभिक तौर पर, पानी में घुलित ऑक्सीजन की कमी, जल प्रदूषण या अन्य प्राकृतिक कारणों को मछलियों की मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता समीर खान ने बताया कि बांध के पानी का नमूना जांच के लिए भेजा गया है।

ललासरी के बाबा रामदेव मंदिर में कलश स्थापना कल:ग्रामीणों के सहयोग से होगी पूजा-अर्चना और भंडारा

ग्राम ललासरी स्थित बाबा रामदेव महाराज के मंदिर में गुरुवार को गुंबद कलश स्थापित किया जाएगा। यह धार्मिक आयोजन सुबह अखिल भारतीय सांगलिया धूणी, सीकर के पीठाधीश्वर 108 ओम दास महाराज द्वारा संपन्न होगा। इस आयोजन को मंदिर निर्माण समिति और समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से संपन्न किया जा रहा है। ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई है। इस अवसर पर क्षेत्र के अन्य गांवों से भी श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे। कलश स्थापना के पश्चात विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। ग्रामवासियों ने इस धार्मिक आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

7 साल के बालक के सामने आया लेपर्ड:मां ने दिखाई हिम्मत, ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय घेरा; DFO ने 7 दिन में पकड़ने का दिया भरोसा

टोडरा क्षेत्र में पिछले तीन महीनों से लेपर्ड का आतंक जारी है। मंगलवार रात रात लेपर्ड जंगल से निकलकर गुर्जर मोहल्ले की घनी आबादी में घुस गया। मंदिर के पास मकान की बाउंड्री में घुसे लेपर्ड की चपेट में आने से 7 साल का देवनारायण बाल-बाल बचा। बच्चे की मां की सतर्कता से उसकी जान बच गई। ग्रामीण आधी रात फलोदी रेंज कार्यालय पहुंचे इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 200 ग्रामीण आधी रात तक फलोदी रेंज कार्यालय पर डटे रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए अधिकारियों का घेराव किया और लेपर्ड को पकड़ने की मांग की। ग्रामीण महिला सोनिया गुर्जर ने बताया कि उनके घर पर सामूहिक देवताओं के गीतों का कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद महिलाएं अपने घर लौट चुकी थीं। इसी दौरान लेपर्ड मंदिर की दीवार फांदकर घर की बाउंड्री में घुस आया, जहां 7 साल देवनारायण घर के बाहर बैठा था। मां ने लेपर्ड देखते ही बच्चों को गोद में उठाया बच्चे की मां की नजर जैसे ही लेपर्ड पर पड़ी, उसने तुरंत बेटे को गोद में उठा लिया और शोर मचा दिया। लोगों की आवाज सुनकर लेपर्ड पीछे की दीवार कूदकर जंगल की ओर भाग निकला। यह घटना आबादी क्षेत्र में लेपर्ड के लगातार घुसने की समस्या को उजागर करती है। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के केवल दो कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जबकि कोई वरिष्ठ अधिकारी नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार फलोदी रेंज चौकी प्रभारी सुमन गुर्जर को फोन किया, लेकिन उनके देर से पहुंचने पर लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया घटना से आक्रोशित करीब 200 ग्रामीण एक किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए फलोदी रेंज कार्यालय पहुंचे। वहां डेढ़ घंटे तक जमकर हंगामा किया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि रेंज कार्यालय में कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। बाद में डीएफओ ने 7 दिन में लेपर्ड को पकड़ने का आश्वासन दिया। हंगामे के दौरान ग्रामीणों ने फोन पर डीएफओ मानस सिंह से बात कर पूरी स्थिति बताई। डीएफओ ने सात दिन के भीतर लेपर्ड को पकड़ने का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीण मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

रातभर चला सर्च ऑपरेशन
सूचना पर रवांजना डूंगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। कुछ देर बाद चौकी प्रभारी सुमन गुर्जर भी रेंज कार्यालय पहुंचीं। ग्रामीणों ने उनका घेराव कर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग दोहराई। काफी समझाइश के बाद उन्होंने पूरी रात क्षेत्र में रहकर लेपर्ड को पकड़ने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। इसके बाद वन विभाग ने घटनास्थल के पीछे पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू कर दी।

रात करीब 12 बजे अशोक स्कूल के पीछे से गुजर रहे युवकों ने लेपर्ड को स्कूल की बाउंड्री फांदकर बाहर निकलते देखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लेपर्ड करीब आधे घंटे तक स्कूल के पीछे झाड़ियों में छिपा रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत बनी रही।
सिनेमा हॉल कॉलोनी में गाय का किया शिकार

रात के दौरान लेपर्ड सिनेमा हॉल कॉलोनी पहुंच गया, जहां उसने एक गाय पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। पशुपालक जब दूध निकालने के लिए बाड़े में पहुंचा तो उसने लेपर्ड को गाय को खाते हुए देखा।

तीन महीने से दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से लेपर्ड लगातार आबादी में घूम रहा है। इस दौरान कई बार मवेशियों पर हमले हो चुके हैं और लोगों की जान जोखिम में पड़ चुकी है। बावजूद इसके वन विभाग अब तक लेपर्ड को पकड़ने में सफल नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि हर गुजरते दिन के साथ किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ता जा रहा है।

82 पुलिस-निरीक्षकों के तबादले; कई थानों को मिले नए SHO:दक्षिण, पूर्व और पश्चिम जिलों समेत यातायात, अपराध शाखा और साइबर यूनिट में व्यापक बदलाव

जयपुर पुलिस आयुक्तालय में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने 82 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के स्थानांतरण और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा पूर्व में स्थानांतरण आदेशों के तहत कार्यभार ग्रहण करने वाले पांच पुलिस निरीक्षक एवं उप निरीक्षक के नियमित पदस्थापन के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में शहर के कई प्रमुख थानों को नए थानाधिकारी मिले हैं। वहीं अपराध शाखा, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, सीएसटी, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, रिजर्व पुलिस लाइन और यातायात शाखा में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। प्रमुख नियुक्तियां कमलेश कुमार – थानाधिकारी, सुभाष चौक रघुवीर सिंह – थानाधिकारी, जयसिंहपुरा खोर भूरी सिंह – थानाधिकारी, कोतवाली सज्जन कुमार – थानाधिकारी, नाहरगढ़ सुनील कुमार – थानाधिकारी, जालूपुरा मदन लाल कड़वासरा – थानाधिकारी, महेश नगर सतीश चंद – थानाधिकारी, मानसरोवर मनोहर लाल – थानाधिकारी, अशोक नगर गुंजन वर्मा – थानाधिकारी, ज्योति नगर मनोज बेरवाल – थानाधिकारी, सोडाला हरि सिंह दूधवाल – थानाधिकारी, श्याम नगर छोटेलाल मीणा – थानाधिकारी, नारायण विहार हितेश शर्मा – थानाधिकारी, शिप्रा पथ मुकेश कुमार खारड़िया – थानाधिकारी, मुहाना गुरु भूपेंद्र सिंह – थानाधिकारी, सांगानेर सदर कृष्ण कुमार – थानाधिकारी, चाकसू राजेश गौतम – थानाधिकारी, बस्सी विक्रांत शर्मा – थानाधिकारी, प्रताप नगर गौरव प्रधान – थानाधिकारी, मालवीय नगर प्रदीप सिंह – थानाधिकारी, तूंगा सुरेश कुमार यादव – थानाधिकारी, एसएमएस अस्पताल प्रेम सिंह – थानाधिकारी, आदर्श नगर विक्रम सिंह – थानाधिकारी, ट्रांसपोर्ट नगर दीपक त्यागी – थानाधिकारी, महिला थाना (जयपुर पूर्व) धर्मेंद्र कुमार शर्मा – थानाधिकारी, बनीपार्क अरविंद सिंह शेखावत – थानाधिकारी, सिंधी कैंप अनिल कुमार जैमनी – थानाधिकारी, वैशाली नगर महेश चंद शर्मा – थानाधिकारी, हरमाड़ा रायसल सिंह शेखावत – थानाधिकारी, झोटवाड़ा दिलीप सिंह – थानाधिकारी, कालवाड़ यातायात और विशेष शाखाओं में भी बदलाव आदेशों के तहत कई निरीक्षकों को यातायात शाखा, अपराध शाखा, सीएसटी, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, स्टाफ ऑफिसर और रिजर्व पुलिस लाइन में भी पदस्थापित किया गया है। पांच अधिकारियों के नियमित पदस्थापन पुलिस आयुक्त ने पूर्व में जारी स्थानांतरण आदेशों के क्रम में पांच अधिकारियों का नियमित पदस्थापन भी किया है। इनमें प्रहलाद नारायण को यातायात जयपुर, प्रकाश राम विश्नोई को खोह नागोरियान, रामधन मीणा को बजाज नगर, रतन सिंह को जामड़ोली तथा श्याम सुंदर (उप निरीक्षक) को लालकोठी थाना का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।