मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान युवक की मौत:भाई बोला- गलत इंजेक्शन लगाने से जान गई, डॉक्टर फरार

बाड़मेर में मेडिकल स्टोर पर इलाज के दौरान एक युवक की ज्यादा तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस दौरान झोलाछाप डॉक्टर वहां से भाग गया। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बाड़मेर शहर के थार हॉस्पिटल के पास की गली हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर पर शाम करीब 8 बजे की है। पुलिस ने परिजनों से समझाइश करने के बाद शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में शिफ्ट करवाया है। पुलिस के अनुसार- कलाराम (35) पुत्र शिवजीराम निवासी जोगियों की दड़ी की रविवार शाम को तबीयत बिगड़ने के बाद भाई और परिजन उसको हरियाणा नागल मेडिकल स्टोर लेकर पहुंचे। वहां पर झोलाछाप डॉक्टर इलाज करने लगा। इस दौरान उसकी मौत हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों और लोगों से समझाइश की। इसके बाद शव को बाड़मेर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मृतक के काकाई भाई राणाराम कालबेलिया ने बताया- मेरे भाई को मेडिकल स्टोर पर लेकर आया था। गलत इंजेक्शन लगाने से भाई कलाराम की डेथ हो गई। यहां से डॉक्टर भाग गया। घर से हम सलामत यहां पर लेकर आए थे। हमने झोलाछाप इंजेक्शन लगाने वाले को रोकने का प्रयास किया। लेकिन वो यहां से भाग गया। कोतवाली थाने के सीआई मनोज कुमार ने बताया- युवक बीमार था, इलाज के लिए यहां पर लेकर आए थे। परिजनों से समझाइश कर शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। परिजन जैसी रिपोर्ट देंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वक्ता बोले-समर्पण और सामूहिक चिंतन से मजबूत होता है संगठन:5 साल पूरे होने पर विप्र सेना की कोर कमेटी की बैठक में कई अहम फैसले

विप्र सेना राजस्थान की संगठनात्मक कोर कमेटी की बैठक में संगठन की मजबूती, विस्तार और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक शक्ति अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में निहित होती है। संगठन के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए, जिनका उद्देश्य आगामी समय में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाना है। विप्र सेना राजस्थान की प्रदेश कोर कमेटी और संभाग स्तरीय प्रमुख पदाधिकारियों की बहुप्रतीक्षित “संगठनात्मक कोर कमेठी बैठक” रविवार को हुई। बैठक जयपुर स्थित फोर्टे रेस्टोरेंट, महल रोड पर संपन्न हुई। इस विशेष चिंतन-सत्र में प्रदेशभर से वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष, महिला एवं युवा प्रकोष्ठ के प्रतिनिधि और विभिन्न प्रकोष्ठों के दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। धर्मनिष्ठ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पं. मनीष शर्मा के संयोजन में मंगलाचरण सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को पं. रोहित नगर महाराज (कामखेड़ा सरकार) के सान्निध्य एवं प्रेरक आशीर्वचनों का विशेष लाभ मिला। अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में होती है संगठन की शक्ति पं. रोहित नगर महाराज ने कहा कि जो संगठन सेवा, संस्कार और समाजहित को अपना ध्येय बनाता है, वही समाज में स्थायी परिवर्तन का माध्यम बनता है। संगठन की शक्ति उसके अनुशासन, समर्पण और सामूहिक चिंतन में निहित होती है। विप्र सेना की पांच वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का किया जिक्र कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दादिया ने विप्र सेना की पांच वर्षों की संगठनात्मक यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने सीमित संसाधनों के बावजूद समाज सेवा, सामाजिक समन्वय, युवा जागरण और संगठन विस्तार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने आगामी पांच सालों के लिए संगठन के पुनर्गठन, संविधान निर्माण, प्रशिक्षण व्यवस्था, डिजिटल सदस्यता अभियान और सेवा आधारित कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है विप्र सेना प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि विप्र सेना अब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन चुकी है। उन्होंने संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी से अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि आने वाला समय संगठन की नई पहचान का समय होगा। संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए बन सकती है प्रेरणा राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सर्वेश शरण जोशी ने विप्र सेना की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता को लेकर कहा कि राजस्थान की संगठनात्मक कार्यशैली पूरे देश के लिए प्रेरणा बन सकती है। उन्होंने विप्र हेल्थ केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया के विस्तार, चिकित्सा सेवा प्रकल्पों और सामाजिक सेवा के नए आयामों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा पहुंचाना ही संगठन का सर्वोच्च उद्देश्य होना चाहिए। युवाओं को बताया संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बैठक के युवा सत्र में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नरेश मेहता ने अक्टूबर में प्रस्तावित प्रदेश युवा अधिवेशन की तैयारियों की जानकारी देते हुए प्रत्येक जिले से युवा नेतृत्व तैयार करने का आह्वान किया। राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष रवि जोशी ने राष्ट्रीय स्तर पर युवा विस्तार, प्रवास योजना एवं विधि प्रकोष्ठ के गठन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए युवाओं को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। महिला प्रकोष्ठ के विशेष सत्र में प्रदेश अध्यक्ष पूनम आचार्य ने प्रस्तावित महिला अधिवेशन, महिला संगठन विस्तार एवं महिला नेतृत्व विकास की योजनाओं की घोषणा की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्योति आशीर्वाद, डॉ. मेघना शर्मा, मधु शर्मा और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रियंका शर्मा ने महिला सशक्तिकरण एवं समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर विचार साझा किए। प्रदेश संयोजक वीरेंद्र शर्मा ने एकल महिला पेंशन योजना के माध्यम से समाज सेवा के नए आयाम प्रस्तुत किए। युवाओं को समाज परिवर्तन का वाहक बनने का किया आह्वान अंतिम सत्र में विप्र सेना प्रमुख श्री सुनील तिवाड़ी ने संगठन की दीर्घकालीन कार्यदृष्टि प्रस्तुत करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में विप्र सेना को सेवा, संस्कार, संगठन और सामाजिक नेतृत्व का आदर्श बनाना ही सभी कार्यकर्ताओं का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने संगठन की एकजुटता और निरंतर संवाद को संगठन की सबसे बड़ी शक्ति बताया। जयपुर जिला अध्यक्ष अजीत जोशी एवं अश्विनी शर्मा ने युवाओं को समाज परिवर्तन का वाहक बनने का आह्वान किया। बैठक के समापन पर सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने “संगठन संकल्प-2026” को सामूहिक रूप से स्वीकार करते हुए प्रदेश के प्रत्येक जिले, विधानसभा, नगर, ग्रामएवं वार्ड तक संगठन का विस्तार करने, प्रत्येक जिले में महिला एवं युवा प्रकोष्ठ को सशक्त बनाने, संगठन का संविधान तैयार करने, डिजिटल सदस्यता अभियान प्रारंभ करने, नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था लागू करने और सेवा एवं संस्कार आधारित कार्यक्रमों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी समय में प्रदेश युवा अधिवेशन , महिला अधिवेशन, प्रदेश वरिष्ठ चिंतन अधिवेशन, ब्रह्म चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ का प्रदेश अधिवेशन और संभाग स्तरीय विप्र जागृति रथ यात्रा सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों में संगठन के प्रति विशेष उत्साह, आत्मविश्वास एवं समर्पण का भाव दिखाई दिया। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि विप्र सेना का आगामी चरण केवल संगठन विस्तार का नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक सेवा, संस्कार और सामाजिक नेतृत्व की नई पहचान स्थापित करने का होगा। जिला संगठन सुझाव सत्र में दीपक सुल्तानिया, सुनील पीढ़ी, योगेश व्यास, जोगेंद्र राजपुरोहित, दिनेश गौड़,अमित त्रिवेदी, सुरेश पारीक और अजयकांत शर्मा ने अपने-अपने सुझाव रखते हुए जिला एवं संभाग स्तर पर संगठन विस्तार, जागृति रथ यात्रा, पथ संचलन, जिला अधिवेशन और नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर प्रदेश के पदाधिकारी एवं सभी जिलाध्यक्ष उपस्थित रहे।

डोटासरा बोले- कांग्रेस UCC जनसुनवाई का करेगी बहिष्कार:कहा- बिना ड्राफ्ट जारी किए जनसुनवाई सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कदम

सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून बनाने के संबंध में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया है। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा कि वे इस जनसुनवाई के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लें। डोटासरा ने पत्र में कहा- सरकार ने अभी तक न तो इस कानून का मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार किया है। न ही सुझाव और आपत्ति के लिए किसी पोर्टल या अन्य माध्यम से सार्वजनिक किया है। मसौदा सार्वजनिक किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का आवश्यक हिस्सा होता है। सरकार बिना किसी मसौदे या ड्राफ्ट को सार्वजनिक किए समाज में जनसुनवाई के बहाने अनुचित बहस शुरू करना चाहती है, जो प्रदेश के सामाजिक समरसता के ताने-बाने पर सीधा प्रहार है और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला कदम है। डोटासरा ने कहा- इस प्रकार की बहस से विभिन्न धर्मों, जातियों एवं जनजातियों के मध्य अपने अधिकारों, परंपराओं एवं रीति-रिवाजों को लेकर गंभीर आशंकाएं हैं। इस प्रकार की जनसुनवाई से समाज के विभित्र वर्गों के मध्य वैमनस्यता की भावना उत्पन्न होने की आशंका है। कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी बहस का स्पष्ट रूप से विरोध करती है, जिससे प्रदेशा की सामाजिक समरसता एवं सौहार्द प्रभावित होता हो। जनसुनवाई का कोई कानूनी अधिकार नहीं डोटासरा ने कहा- इस प्रकार की बहस से अलग-अलग धर्मों, जातियों और जनजातियों के बीच अपने अधिकारों, परंपराओं और रीति-रिवाजों को लेकर गंभीर आशंकाएं हैं। इस प्रकार की जनसुनवाई से समाज के विभित्र वर्गों के मध्य वैमनस्यता की भावना उत्पन्न होने की आशंका है। कांग्रेस पार्टी ऐसी किसी भी बहस का स्पष्ट रूप से विरोध करती है, जिससे प्रदेश की सामाजिक समरसता एवं सौहार्द प्रभावित होता हो। सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली और बिना किसी मसौदे के आयोजित की जा रही, इस अर्थहीन जनसुनवाई का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। सरकार आमजन के हर मुद्दे पर फेल पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- वर्तमान में प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। आमजन को न समय पर इलाज मिल रहा है और न ही आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हो रही है। इसी प्रकार प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था भी रसातल में पहुंच चुकी है। स्कूल भवन जर्जर हो रहे हैं, शिक्षकों के पद रिक्त हैं और विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। महिलाओं और बच्चियों के साथ दुराचार की घटनाएं प्रदेश को शर्मसार कर रही है।

नाकाबंदी पर रुके बाइक सवार दंपती को ट्रक ने कुचला:पत्नी की मौत, पति की हालत गंभीर; ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया

सवाई माधोपुर में रविवार की शाम नाकाबंदी पर रुककर आगे बढ़े बाइक सवार दंपती को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पति को पुलिस ने अपनी गाड़ी से हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। हादसा जिले से गुजर रहे लालसोट- कोटा मेगा हाईवे पर कुस्तला कस्बे के तिराहे पर शाम करीब साढ़े 6 बजे हुआ। पहले देखिए- हादसे की 2 तस्वीरें कुस्तला तिराहे पर नाकाबंदी से आगे बढ़े थे
जानकारी के अनुसार, चेनपुरा निवासी राजूलाल बाइक पर अपनी पत्नी बरफा देवी के साथ सवाई माधोपुर से मजदूरी कर अपने गांव लौट रहे थे। कुस्तला तिराहे पर पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी। राजूलाल नाकाबंदी पर रुककर आगे बढ़े ही थे कि उन्हें पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इसमें ट्रक ने महिला को कुचल दिया, जबकि बाइक चला रहे राजूलाल भी गंभीर घायल हो गए। हादसे में बरफा देवी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि राजूलाल को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक 108 एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने घायल राजूलाल को अपनी सरकारी जीप से हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया और लालसोट-कोटा मेगा हाईवे को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस द्वारा तिराहे पर गाड़ियों को गलत तरीके से रोका जाता है, जिसके कारण यह हादसा हुआ। 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग
ग्रामीणों ने मृतका के परिजनों को 50 लाख रुपए के आर्थिक मुआवजे की मांग की। हालांकि पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को हिरासत में लेकर ट्रक जब्त कर लिया है। एएसपी विजय सिंह मीणा ने बताया कि रात करीब 10 बजे ग्रामीणों के साथ कई दौर की बातचीत के प्रदर्शन खत्म करने पर सहमति बन गई है। ग्रामीणों को एक्सीडेंट की निष्पक्ष जांच और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलवाने के आश्वासन पर जाम खुलवाया गया है।

मगरमच्छ हाथ खा गया फिर भी हिम्मत नहीं हारा:चंबल नदी में 15 मिनट तक लड़ता रहा, आंख पर मुक्के मारकर बचाई जान

करौली जिले में किसान को मगरमच्छ चंबल नदी में खींच ले गया। किसान का दाहिना हाथ मगरमच्छ के जबड़े में था। 30-40 फीट अंदर नदी में खींच ले गया, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। बाएं हाथ से वह मगरमच्छ की आंख पर 15 मिनट तक लगातार वार करता रहा और अपनी जान बचा ली। इस दौरान चीख-पुकार सुनकर दो ग्रामीण पहुंचे और लाठी-डंडों से हमला कर मगरमच्छ को भगा दिया। सूचना मिलते ही आसपास के लोग पहुंचे और गंभीर रूप से घायल पशुपालक का करौली जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। किसान का एक हाथ मगमच्छ खा गया है। मामला करणपुर क्षेत्र में चंबल नदी के धूसई घाट का रविवार दोपहर 2:30 बजे का है। धूसई गांव निवासी पूरण मीणा बकरियों को पानी पिलाने गए थे। इसी दौरान मगरमच्छ ने हमला कर दिया। बकरियों को पानी पिलाने गया था किसान धूसई गांव निवासी किसान पूरण मीणा (55) पुत्र रामफूल मीणा दोपहर में अपनी बकरियों को पानी पिलाने के लिए चंबल नदी के धूसई घाट पर गए थे। इसी दौरान प्यास लगने पर वह नदी किनारे पानी भरने के लिए बैठ गए, तभी अचानक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया। हाथ जबड़े में दबोचकर गहरे पानी में खींच ले गया मगरमच्छ पूरण मीणा ने बताया- मगरमच्छ ने मेरे दाहिने हाथ को जबड़े में दबोच लिया। मुझे नदी में करीब 30 से 40 फीट अंदर गर्दन तक गहरे पानी में खींच ले गया। जान पर बन आने के बावजूद मैं हिम्मत नहीं हारा और लगातार मगरमच्छ से संघर्ष करता रहा। संघर्ष के दौरान मेरा बायां हाथ मगरमच्छ की आंख तक पहुंच गया। मैंने पूरी ताकत से उसकी आंख पर वार किया और साथ ही मदद के लिए जोर-जोर से आवाज लगाई। मेरी चीख सुनकर पास में मौजूद मोतीलाल और प्यारेलाल दौड़कर आए। ग्रामीणों की बहादुरी से बची जान दोनों ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से मगरमच्छ पर हमला शुरू कर दिया। करीब 15 मिनट तक चले संघर्ष के बाद आंख और शरीर पर चोट लगने से मगरमच्छ ने पूरण का हाथ छोड़ दिया और वापस नदी में चला गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घायल पूरण को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला। प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर घटना के बाद ग्रामीण पूरण मीणा को करणपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉ. रामराज मीणा और डॉ. महेश मीणा ने प्राथमिक इलाज किया। गंभीर चोट को देखते हुए उन्हें करौली जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

एलडीसी भर्ती परीक्षा में 19 प्रतिशत रहे अनुपस्थित:दो पारियों में एवरेज 81.07% परीक्षार्थियों ने दिया एग्जाम

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित लिपिक ग्रेड-2 एवं कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा रविवार को जिले के 45 परीक्षा केंद्रों पर हुई। दोनों पारियों में कुल रजिस्टर्ड 33984 अभ्यर्थियों में से एवरेज 81.07 % परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जिला मुख्यालय पर 38 और ग्रामीण क्षेत्रों में 7 सहित कुल 45 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई। दोनों पारियों में 33,984 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 27,551 ने परीक्षा दी, जबकि 6,433 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिले में कुल उपस्थिति 81.07 प्रतिशत दर्ज की गई। पहली पारी सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें सामान्य ज्ञान (जनरल नॉलेज) का प्रश्नपत्र हुआ। इस पारी में 16,992 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 13,730 उपस्थित रहे, जबकि 3,262 अनुपस्थित रहे। पहली पारी में उपस्थिति 80.80 प्रतिशत दर्ज की गई। दूसरी पारी में भी 16,992 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें 13,621 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 3,371 अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 80.16 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। परीक्षा सेंटरों पर प्रवेश से पहले कड़ी जांच पड़ताल की गई थी। बोर्ड के निर्देशानुसार परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले तक ही अभ्यर्थियों को प्रवेश की अनुमति दी गई। प्रशासन की सतर्कता, सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी के चलते जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से हो गई ।

देश में पहली बार वक्फ बोर्ड में 2 हिंदू सदस्य:मध्य प्रदेश सरकार ने मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को मेंबर बनाया

देश में पहली बार किसी राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम (हिंदू) सदस्यों की नियुक्ति हुई है। मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करते हुए इंदौर के मनोज मालपानी और गुना के राघौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है। इसके साथ ही सनवर पटेल को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार का दावा है कि वह वक्फ (संशोधन) अधिनियम-2025 के प्रावधानों के तहत बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। नए बोर्ड में कुल 10 सदस्य हैं। इससे पहले वक्फ अधिनियम-1995 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड के सदस्य केवल मुस्लिम समुदाय से ही होते थे। हालांकि, कुछ सदस्यों को राज्य सरकार नामित करती थी, लेकिन उनके लिए भी मुस्लिम होना आवश्यक था। 2025 में कानून में संशोधन के बाद पहली बार यह व्यवस्था की गई कि प्रत्येक राज्य वक्फ बोर्ड में कम-से-कम दो गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे। कार्यकाल के आधार पर नजमा को मिली नियुक्ति नजमा हेपतुल्ला का नाम पहले के कार्यकाल के आधार पर शामिल किया गया है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है। मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 4 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य शासन ने वक्फ अधिनियम की धारा 13(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह गठन किया है। केंद्रीय वक्फ परिषद में भी दो गैर-मुस्लिम सदस्यों का प्रावधान किया गया है। इसी बदलाव के तहत मध्यप्रदेश में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को बोर्ड में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने 4 जुलाई 2026 को जारी राजपत्र (असाधारण) की अधिसूचना में वक्फ अधिनियम की धारा 13(1) के तहत बोर्ड के गठन की घोषणा की। पूर्व केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला का नाम उनके पहले से चल रहे कार्यकाल के आधार पर बोर्ड में बरकरार रखा गया है। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक रहेगा। सरकार का कहना है कि नए बोर्ड के जरिए वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और सुशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। वक्फ बोर्ड क्या है, क्या काम करता है? वक्फ ऐसी संपत्ति होती है, जिसे कोई मुस्लिम व्यक्ति या संस्था धार्मिक, शैक्षणिक या सामाजिक कल्याण के उद्देश्य से स्थायी रूप से दान कर देती है। इसमें मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाह, ईदगाह, मदरसे, धर्मार्थ भवन, जमीन या अन्य अचल संपत्तियां शामिल हो सकती हैं। केंद्र सरकार ने पिछले साल लागू किया था वक्फ संशोधन कानून साल 2025 में वक्फ संशोधन बिल (अब कानून) 2 अप्रैल को लोकसभा और 3 अप्रैल को राज्यसभा में 12-12 घंटे की चर्चा के बाद पास हुआ था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिल को 5 अप्रैल की देर रात मंजूरी दी थी। सरकार ने वक्फ संशोधन कानून को 8 अप्रैल से देशभर में लागू कर दिया था। 3 जुलाई 2025 को केंद्र सरकार ने यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट रूल्स, 2025 का नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसके बाद यह कानून पूरे देश में लागू कर दिया गया था। …………………………………… यह खबर भी पढ़ें मध्य प्रदेश में वक्फ बोर्ड की 90% प्रॉपर्टी विवादों में एमपी का पुलिस मुख्यालय और कंट्रोल रूम समेत भोपाल की 47 सरकारी प्रॉपर्टी पर वक्फ बोर्ड दावा जताता है। इनके मामले कोर्ट में चल रहे हैं। साथ ही वक्फ बोर्ड को इन संपत्तियों से जितनी आय होना चाहिए, वो भी नहीं हो रही है। प्रदेश में वक्फ की 90% प्रॉपर्टी विवादों में है। पढ़ें पूरी खबर…

रावणा राजपूत महासभा की नई कार्यकारिणी ने शपथ ली:युवाओं से समाज की बागडोर संभालने का आह्वान, नेतृत्व की जिम्मेदारी पर जोर

रावणा राजपूत महासभा संस्थान, किशनगढ़ की तहसील कार्यकारिणी और युवा मंडल कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को मीरा बावड़ी स्थित सभा भवन में हुआ। इस अवसर पर भारतीय रावणा राजपूत ट्रस्ट पुष्कर के अध्यक्ष कल्याण सिंह सोलंकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। नवनिर्वाचित तहसील अध्यक्ष विजेंद्र सिंह भाटी, कोषाध्यक्ष नटवर सिंह और युवा अध्यक्ष विजय सिंह सोलंकी सहित पूरी कार्यकारिणी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। मुख्य अतिथि कल्याण सिंह सोलंकी ने अपने संबोधन में युवाओं से सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाना, सामाजिक धरोहरों का संरक्षण करना और सेवा कार्यों से जुड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सोलंकी ने कहा कि हमारी धरोहरें ही हमारी पहचान, अस्तित्व और गौरवशाली इतिहास की प्रतीक हैं। नवनिर्वाचित तहसील अध्यक्ष विजेंद्र सिंह भाटी ने समाज सेवा को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। उन्होंने समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने के लिए सभी को साथ लेकर कार्य करने का संकल्प दोहराया। युवा प्रदेश अध्यक्ष सुधीर सिंह चौहान ने युवाओं को मेहनत, अनुशासन और संगठन की ताकत का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परिश्रम से ही सफलता मिलती है और युवाओं को समाज के हित में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने आगामी समय में संगठन को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान भी किया। समारोह का संचालन सुरेश सिंह मांगलिया ने किया। इस अवसर पर तहसील क्षेत्र से बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लेकर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। समारोह में नंद सिंह इंदौखा, रूपनगढ़ अध्यक्ष जितेंद्र सिंह, पार्षद बिरजू सिंह नरुका, युवा प्रदेश अध्यक्ष सुधीर सिंह चौहान, प्रदेश संरक्षक सुरेश सिंह मांगलिया, पूर्व अध्यक्ष भाग सिंह कच्छावा, पूर्व अध्यक्ष हनुमान सिंह, देवकरण सिंह तंवर, सीताराम सिंह शेखावत और चामुंडा सेना के संस्थापक नरेंद्र सिंह भाटी सहित समाज के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

RBSE ने 10-12वीं बोर्ड परीक्षा की फीस 200 रुपए बढ़ाई:20 लाख स्टूडेंट्स होंगे प्रभावित; आवेदन कल से होंगे शुरू

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(RBSE), अजमेर ने राज्य में वर्ष 2027 में होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, सोमवार (6 जुलाई) से परीक्षा फॉर्म भरे जाएंगे, लेकिन इस बार सामान्य परीक्षा शुल्क में प्रति नियमित विद्यार्थी पर 200 रुपए बढ़ा दिए है। जिससे पूर्व में लगने वाले परीक्षा शुल्क 650 रुपए के स्थान पर 850 रुपए देने होंगे। इसका सीधा असर टोंक समेत राज्य भर में निजी एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 20 लाख स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। इस बार 2027 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले समस्त नियमित एवं स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आवेदन 6 जुलाई से भरना शुरू होंगे। बिना बिलंब शुल्क के 6 अगस्त तक आवेदन भरे जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक चरण में विलंब शुल्क के साथ परीक्षा शुल्क बढ़ता जाएगा। प्रायोगिक विषयों की फीस में भी 100 रुपए की वृद्धि की गई है। अब प्रत्येक प्रायोगिक विषय के लिए 200 रुपए अलग से देने होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों की उच्च माध्यमिक स्तर की संबद्धता संबंधी प्रक्रिया अभी लंबित है, उन्हें निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों के परीक्षा आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं। हालांकि बोर्ड परीक्षा शुल्क बढ़ाने को लेकर शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद का कहना है कि यह परीक्षार्थियों के हित में नहीं है। इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। इन कैटेगरी के परीक्षार्थियों को मिलेगी फीस में छूट विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों, दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग परीक्षार्थियों, युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों और पुलवामा हमले के शहीदों के आश्रितों को परीक्षा शुल्क से छूट रहेगी। ऐसे विद्यार्थियों को केवल 50 रुपए टोकन शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन से जुड़े दिशा-निर्देश बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार कीजानकारी के लिए बोर्ड कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। पढ़िए… बोर्ड परीक्षाओं का पूरा कार्यक्रम और महत्वपूर्ण डेट्स बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन का प्रस्तावित कार्यक्रम आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां: परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं की बढ़ती लागत के कारण बढ़ाई फीस जानकारी के अनुसार, परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए शुल्क संशोधित किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए समय पर आवेदन करना सबसे महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि 6 अगस्त के बाद हर चरण में लेट फीस के साथ शुल्क तेजी से बढ़ेगा। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महंगी साबित हो सकती है, जो अंतिम समय तक आवेदन टालते हैं। 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में बोर्ड के बदलाव शिक्षक संघ ने कहा- बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क बढ़ाना सही नहीं शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 10 एवं 12 वीं के विद्यार्थियों पर परीक्षा शुल्क 650 से बढ़ाकर 850 यानि 200 रुपए की वृद्धि कर दी है,जो सही नहीं है। बोर्ड को अपने निर्णय पर फिर से विचार कर इसे वापस लेना चाहिए। परीक्षा शुल्क में 200 रुपए की वृद्धि और प्रायोगिक विषयों की फीस बढ़ने से इस बार विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

फलोदी में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश:नगर परिषद चौराहे पर भरा पानी, नई सड़क पर बैंक का बोर्ड गिरा

फलोदी में लंबे इंतजार के बाद शाम 5:45 बजे तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश ने इस मौसम के सूखे के सिलसिले को तोड़ दिया। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और पिछले दो दिनों से उमस से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। देर शाम तक किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली थी। आमजन का जनजीवन हुआ प्रभावित पिछले दो दिनों से क्षेत्र में उमस के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा था। शनिवार को भी बारिश के आसार बने थे, लेकिन केवल हल्की बूंदाबांदी के बाद आसमान साफ हो जाने से लोगों को निराशा हुई थी। रविवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही और बढ़ती उमस ने बारिश की संभावना जता दी थी। नई सड़क स्थित बैंक का साइन बोर्ड गिरा शाम होते-होते यह उम्मीद पूरी हुई और तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं के चलते शहर के कई स्थानों पर साइन बोर्ड और होर्डिंग्स गिरने की घटनाएं सामने आईं। नई सड़क स्थित एचडीएफसी बैंक का बड़ा साइन बोर्ड भी गिर गया, जिससे बिजली की एक तार नीचे लटक गई। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या अन्य हादसा नहीं हुआ। नगर परिषद चौराहे पर जलभराव बारिश के बाद नगर परिषद चौराहे सहित शहर के कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, हालांकि कुछ समय बाद पानी की निकासी शुरू हो गई। नगर परिषद आयुक्त अनिल विश्नोई ने बताया कि शहर में नालों और नालियों की सफाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्षा के दौरान पानी की निकासी व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखें और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें ताकि जलभराव की समस्या से निपटा जा सके।