भेड़ बचाने नहर में कूदे सगे भाई, एक की मौत:दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया; भोपू से एनाउंसमेंट करके गोताखोर बुलाए

बीकानेर के लूणकरणसर में लिफ्ट नहर में बुधवार को नहर में गिरी भेड़ को बचाने के प्रयास में दो सगे भाई पानी में बह गए। इनमें से एक युवक की डूबने से मौत हो गई, जबकि दूसरे को ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। हादसा उदेसिया के पास कंवरसेन लिफ्ट नहर में आज सुबह करीब 11 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, खिलेरिया निवासी भेड़ पालक पंजाब से भेड़ों का झुंड लेकर लौटे थे। नहर किनारे भेड़ों को पानी पिलाने के दौरान एक भेड़ अचानक नहर में गिर गई। उसे बचाने के लिए डूंगरराम(26) पुत्र आसाराम खिलेरी नहर में कूद गया। पानी के तेज बहाव में वह खुद डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए उसका भाई दौलतराम पुत्र आसाराम खिलेरी भी नहर में उतर गया। दोनों भाइयों को संघर्ष करते देख उनके साथी भादरराम पुत्र फुसाराम खिलेरी ने भी नहर में छलांग लगा दी, लेकिन वह उन्हें बाहर नहीं निकाल सका। खुद भी डूबने की स्थिति बनने पर वह किसी तरह किनारे पहुंच गया। इसी दौरान खेत से बाइक पर गुजर रहे उदेसिया निवासी मनीराम को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगाई और दौलतराम को बेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने तत्काल उसे इलाज के लिए भिजवाया। मंदिर के भोपू से करवाया एनाउंसमेंट, पहुंचे गोताखोर
मनीराम को बताया गया कि नहर में एक और युवक फंसा हुआ है। उन्होंने उसे तलाशने का प्रयास किया, लेकिन डूबा युवक नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच ग्रामीणों ने उदेसिया मंदिर के भोपू(स्पीकर) पर घोषणा करवाई, इसके बाद स्थानीय गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने डूंगरराम को नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस शव को अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डूंगरराम की मौत के बाद खिलेरिया गांव में शोक की लहर फैल गई। वहीं दौलतराम का इलाज चल रहा है।

कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम ढही, 5 की मौत:20 को बचाया, मलबे में दबा मजदूर बोला- मेरा पैर काट लो, लेकिन मुझे बचा लो

दक्षिण कोलकाता के तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के पास बुधवार दोपहर 12:07 बजे निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिर गया। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे में दबे 20 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया है, जिनमें दो आईसीयू में है। अन्य 18 की हालत खतरे से बाहर है। मौके पर मौजूद युवक ने मलबे में दबे एक मजदूर का पैर पकड़कर रेस्क्यू टीम को उसकी सही जगह तक पहुंचने में मदद की, जिसके बाद टीम ने उसे बाहर निकाला। युवक ने बताया कि मलबे में फंसा मजदूर दर्द से कराहते हुए बार-बार कह रहा था- ‘मैंने अपना पैर खो दिया है, अगर जरूरत हो तो पैर का बाकी हिस्सा काटकर मुझे बाहर निकालो, बस मेरी जान बचा लो।’ सीएम शुभेंदु ने बताया कि अभी भी मलबे में 10 से 15 लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे के वक्त गोदाम में कितने लोग मौजूद थे, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। लापरवाही के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गोदाम का शेड गिरने की 2 तस्वीरें 10 घंटे से ज्यादा समय से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, 6 तस्वीरें हादसे में मृत-घायलों की 8 तस्वीरें मैप में देखें घटना की जगह सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कौशिक चौधरी समेत कई मंत्री भी मौजूद रहे। राज्य सरकार ने लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070, 8697981070 और 033-22143526/22535185 जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक गोदाम की जमीन ओडिशा के व्यवसायी की थी जिन्होंने किसी प्रायवेट फर्म को इसे लीज पर दिया था। पिछले 10 सालों में निर्माण कार्य के दौरान हुए बड़े हादसे- ———————————— ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र में हनुमान मंदिर की छत गिरने से 7 लोगों की मौत महाराष्ट्र के परभणी जिले में यशवाड़ी देवस्थान में हनुमान मंदिर के हॉल की निर्माणाधीन छत गिरने से 20 जून 7 लोगों की मौत हो ग थी। 25 लोग घायल हुए थे। मंदिर के ठीक सामने सभामंडप बनाने का काम चल रहा था। दोपहर के समय लोग प्रसाद ले रहे थे। अचानक मंदिर का स्ट्रक्चर और पत्थर भरभराकर गिर पड़े। पूरी खबर पढ़ें…

पटियाला में फौजी ने पत्नी की हत्या की:कार में बैठाकर नहर में कूदा, खुद तैरकर बाहर आ गया; 2 साल पहले लव मैरिज की थी

पंजाब के पटियाला में एक फौजी ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। उसने पहले पत्नी को कार में बैठाया और फिर भाखड़ा नहर में गिरा दी। खुद फौजी होने के कारण पति तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आया, जबकि पत्नी की डूबने से मौत हो गई। 23 जून की रात फौजी पत्नी से किसी विवाद के बाद उसे भाखड़ा नहर पर बने पुल पर ले गया था। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और गोताखोरों को बुलाकर मृतका का शव बरामद किया। पुलिस ने मृतका के भाई गुरजीत सिंह के बयान पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब पत्नी की हत्या के पीछे की असल वजह का पता लगा रही है। जानिए क्या है पूरा मामला… मानसा का रहने वाला है आरोपी फौजी जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान मानसा के गांव बाजेवाला निवासी हैप्पी सिंह (32) के रूप में हुई है। वह भारतीय सेना में कार्यरत है। पुलिस के मुताबिक, मृतका के परिजनों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि हैप्पी सिंह और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। दोनों के रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ था और आए दिन झगड़े होते रहते थे। 2024 में की थी लव-मैरिज, परिवार था खिलाफ मृतका रमणदीप कौर (30) और हैप्पी सिंह ने वर्ष 2024 में लव-मैरिज की थी। मृतका के भाई गुरजीत सिंह के अनुसार, हैप्पी सिंह के माता-पिता रमणदीप को अपने घर में रखने के लिए तैयार नहीं थे। इसी वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती थी। विवाद बढ़ने पर दोनों पिछले कुछ समय से संगरूर में अलग रह रहे थे। पसियाना पुल के पास ले जाकर नहर में गिराई कार शिकायत के मुताबिक, 23 जून 2026 को हैप्पी सिंह अपनी पत्नी को कार में बैठाकर पटियाला के पसियाना पुल के पास भाखड़ा नहर पर ले गया। वहां कार को नहर में गिरा दिया गया। कार के पानी में गिरते ही रमणदीप कौर उसमें फंस गई और बाहर नहीं निकल सकी। इस दौरान उसकी डूबने से मौत हो गई, जबकि हैप्पी सिंह नहर से सुरक्षित बाहर निकल आया। भाई की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज घटना के बाद मृतका के भाई गुरजीत सिंह ने पुलिस को शिकायत दी। उसने आरोप लगाया कि उसकी बहन की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। शिकायत के आधार पर पसियाना थाना पुलिस ने आरोपी फौजी हैप्पी सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस बोली- आरोपी गिरफ्तार, जल्द हत्या की वजह पता चलेगी पटियाला के पसियाना थाने के एसएचओ गुरप्रीत सिंह संगराओ ने बताया कि बुधवार सुबह नहर में कार तैरती देख एक युवक ने उन्हें जानकारी दी। इसके बाद वो अपनी टीम और गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे और मृतका के शव को कार समेत बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के बाद उससे हत्या की असल वजह पता लगाई जाएगी।

दामाद ने दीवार तोड़कर संदूक में रखे 22 लाख चुराए:दोस्तों के साथ बिजनेस करने का प्लान बनाया, ससुर ने खेत बेचकर रखी थी रकम

बीकानेर में दामाद ने दोस्तों के साथ मिलकर ससुराल से 22 लाख रुपए चोरी कर लिए। युवक के ससुर ने खेत बेचा था, जिसकी उसे भनक लग गई। आरोपी दामाद ने 2 दोस्तों के साथ मिलकर बिजनेस करने का प्लान बनाया। रात में दोस्तों के साथ ससुराल पहुंचा और मकान की दीवार में छेद करके तीनों अंदर घुसे। संदूक का ताला तोड़कर 22 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। मामला खाजूवाला थाना क्षेत्र के चक 17 बीडी का है। घटना के बाद ससुर को दामाद पर शक हुआ और उन्होंने दामाद गिरधारी लाल मेघवाल और उसके दो दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज करवा। पुलिस ने आरोपी दामाद और उसके 2 दोस्तों को मंगलवार शाम गिरफ्तार कर 13 लाख 35 हजार रुपए बरामद कर लिए। 9 लाख रुपए को लेकर पूछताछ जारी है। चोरी का शक दामाद और उसके दोस्तों पर पुलिस थाना खाजूवाला के इंचार्ज सुरेंद्र प्रजापत ने बताया- 17 जून को चक 17 बीडी निवासी गिरधारीराम मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें उन्होंने बताया कि 16 जून को मेरे घर में रखे 22 लाख रुपए चोरी हो गए है। दामाद सोहनलाल नायक और उसके 2 दोस्तों बूटा सिंह और दुलीचंद नायक पर शक है। रिपोर्ट में गिरधारी ने बताया- मैंने अपना खेत बेचा था, जिसके 22 लाख रुपए मिले थे, जो हमने घर में संदूक में रखे हुए थे। रुपयों की भनक मेरे दामाद सोहनलाल नायक को लग गई थी। उसने अपने दोस्त बूटा सिंह और दुलीचंद नायक को इसकी जानकारी दी। दोनों दोस्तों ने मिलकर दामाद को बिजनेस करने के सपने दिखाए। दामाद के साथ घर में रखे 22 लाख रुपए चोरी कर लिए। ससुर को पता चल गया था दामाद ही है चोर पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरधारी का दामाद मूल रूप से गंगानगर का रहने वाला है। इन दिनों पास के ही एक खेत में काम करता है। नशे के आदी सोहनलाल को रुपए देखकर लालच आ गया और उसने चोरी कर लिए। ससुर को अगले ही दिन ही पता चल गया था कि दामाद ने ही चोरी की है। नौ लाख रुपए अब भी नहीं मिले पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की राशि में से 13.35 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर शेष राशि और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। ये भी पता लगाया जा रहा है कि शेष करीब नौ लाख रुपए कहां खर्च किए गए हैं या फिर कहां रखे गए हैं।

बेंगलुरु मेट्रो में तकनीकी खराबी, 5 घंटे बंद रही:लोग ट्रकों पर चढ़कर घर पहुंचे; हजारों यात्री स्टेशन पर फंसे रहे; सड़कों पर भीड़

बेंगलुरु मेट्रो की पर्पल लाइन में आई तकनीकी खराबी के बाद कई यात्री घर तक जाने के लिए ट्रकों का इस्तेमाल करते दिखे। मंगलवार शाम को सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हुए। यात्री ट्रक, कैब और ऑटो से घर पहुंचे। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, क्यूब्बन पार्क मेट्रो स्टेशन पर पर्पल लाइन की एक ट्रेन में तकनीकी खराबी आई, जिसकी वजह से पूरी पर्पल लाइन को बंद करना पड़ा। पीक आवर्स के दौरान मेट्रो बंद होने से स्टेशनों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं। इसकी वजह से हजारों यात्री स्टेशन पर फंस गए। मेट्रो 5 घंटे बंद रही। बुधवार सुबह 5 बजे शुरू हुई। अफरा-तफरी की 4 तस्वीरें… पर्पल लाइन 25 लाख आईटी प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी बेंगलुरु के टेक प्रोफेशनल्स के लिए पर्पल लाइन मेट्रो की सबसे जरूरी लाइन है। बेंगलुरु में लगभग 25 लाख आईटी प्रोफेशनल्स काम करते हैं, जो शहर की कुल आबादी का करीब 20% हैं। इस विशाल वर्कफोर्स के लिए सिल्क बोर्ड और आउटर रिंग रोड इलाकों के भारी ट्रैफिक जाम से बचने का मेट्रो सबसे भरोसेमंद साधन है। यह लाइन इसलिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे शहर के सबसे बड़े आईटी कॉरिडोर व्हाइटफील्ड और ITPL (इंटरनेशनल टेक पार्क बेंगलुरु) को सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (एमजी रोड, मजेस्टिक, विधान सौध) से जोड़ती है। इस रूट पर पड़ने वाले प्रमुख स्टेशन्स के जरिए रोजाना लाखों टेक कर्मचारी अपने ऑफिस पहुंचते हैं। यहां टीसीएस, इन्फोसिस, आईबीएम, कॉग्निजेंट, विप्रो, और ओरैकल जैसी बड़ी कंपनियों के ऑफिस मौजूद हैं। बेंगलुरु सांसद बोले- ‘फर्स्ट वर्ल्ड टेक टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस’ बेंगलुरु दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने सोशल मीडिया पर लिखा कि फर्स्ट वर्ल्ड टेक टैलेंट, थर्ड वर्ल्ड गवर्नेंस। यही बेंगलुरु की कहानी है। मेट्रो सेवाओं में व्यवधान अब आम हो गए हैं। हर बार जब मेट्रो सेवा प्रभावित होती है, पूरा शहर अव्यवस्था में चला जाता है। उन्होंने आगे कहा कि कैब नहीं मिलतीं, ऑटो सवारी लेने से मना कर देते हैं और नागरिक फंस जाते हैं। कल भारत की सिलिकॉन वैली के पेशेवरों को दफ्तर से घर लौटने के लिए ट्रकों और लॉरियों का सहारा लेना पड़ा। बेंगलुरु में हर यात्री साल में 117 घंटे जाम में फंसता है 2025 के जारी ट्रैफिक पुलिस के हीटमैप के मुताबिक बेंगलुरु में हर दिन करीब 190 किमी तक लंबा जाम लगता है। 2024 के मुकाबले इस साल लोगों का वन-वे सफर 16% बढ़ गया है, यानी अब 19 किमी का रास्ता तय करने में करीब 63 मिनट लग जाते हैं। हर यात्री साल में लगभग 117 घंटे सिर्फ ट्रैफिक में फंसा रहता है। जनवरी से जून 2025 के बीच शहर की सड़कों पर 3 लाख से ज्यादा नई प्राइवेट गाड़ियां जुड़ गईं। सिर्फ जून में ही करीब 50 हजार वाहन रजिस्टर्ड हुए। ट्रांसपोर्ट विभाग के मुताबिक संख्या पूरी नहीं है, क्योंकि बाहर के जिलों और राज्यों की गाड़ियां भी रोज शहर में चलती हैं। बेंगलुरु के ट्रैफिक में फंसे एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने 21 नवंबर 2025 को बेंगलुरु के खराब ट्रैफिक पर मजाकिया लहजे में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में यात्रा करना शहर के खराब ट्रैफिक को पार करने से कहीं ज्यादा आसान है। शुभांशु कर्नाटक सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और बीटी विभाग के ‘फ्यूचराइज’ थीम पर आयोजित बेंगलुरु टेक समिट में हिस्सा लेने पहुंचे थे। उन्होंने मराठाहल्ली से बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर तक लगभग 34 किमी का सफर तय किया। इसे तय करने में आमतौर पर एक घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है। उन्हें कितना वक्त लगा, यह पता नहीं चल पाया। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु मेट्रो बनी लाइफसेवर,ऑर्गन ट्रांसपोर्ट कर मरीजों की जान बचाई:41 मिनट में दिल और 68 मिनट में फेफड़े हॉस्पिटल पहुंचाए बेंगलुरु के स्पर्श हॉस्पिटल की मेडिकल टीम और मेट्रो रेल (BMRCL) ने मिलकर एक ऐसा ऑपरेशन किया, जो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो ने गुरुवार को ट्रांसप्लांट के लिए ले जाए जा रहे इंसानी दिल (हार्ट) और फेफड़े तेजी से ट्रांसपोर्ट किए। पूरी खबर पढ़ें…

जयपुर में युवक का मर्डर, पत्थर से सिर फोड़ा:दुकान के बाहर शराब पीने से टोकने पर हमला; घर पर किया पथराव

जयपुर में पत्थर से सिर फोड़कर एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। दुकान के बाहर शराब पी रहे लड़कों को टोकने पर उसका उनसे झगड़ा हो गया था। लड़कों ने अकेला पाकर पत्थर से उसका सिर फोड़ दिया, साथ ही डंडों से उस पर ताबड़तोड़ वार किए। घटना सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात 12 बजे की है। SHO (सांगानेर सदर) अनिल जैमन ने बताया- गोविन्दपुरा के शिक्षा सागर कॉलोनी निवासी संजू शर्मा (28) पुत्र कैलाश शर्मा की हत्या हुई है। वह पानी का टैंकर सप्लाई का काम करता था। घर के बाहर ही उसके भाई की किराने की दुकान है। दुकान के बाहर शराब पी रहे थे मंगलवार रात को पड़ोस के खेत में शादी का प्रोग्राम चल रहा था। रात करीब 11 बजे दुकान के बाहर आधा दर्जन लड़के बैठकर शराब पी रहे थे। शराब पीने की बात को लेकर संजू के परिजनों ने उन्हें जाने को कहा। शराब पीने को टोकने के चलते गुस्साएं लड़कों ने घर पर पत्थर फेंके। संजू लड़कों को समझाने गया था संजू घर से बाहर निकलकर लड़कों को समझाने के लिए गया था। इसी दौरान अकेला पाकर लड़कों ने उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया और उसके बाद उस पर हमला कर दिया। उसका पत्थर से सिर फोड़ दिया, साथ ही डंडे से ताबड़तोड़ वार किए। अनिल जैमन ने बताया कि लहूलुहान होकर रोड पर गिरने पर हमलावर वहां से फरार हो गए। परिजनों ने गंभीर हालत में उसे SMS हॉस्पिटल में एडमिट करवाया। इलाज के दौरान बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोस में शादी में शामिल होने आए थे मृतक के भाई मंगल शर्मा का कहना है- रात करीब 11 बजे पड़ोस में शादी में शामिल होने आए 5-6 लड़के हमारी दुकान के बाहर शराब पार्टी कर रहे थे। शराब पीने को लेकर उन्हों टोका और उनको वहां से भेज दिया। समझाइस करने पर वह पहले वे वहां से चले गए। लेकिन कुछ देर बाद वे अपने और साथियों को लेकर वहां आ आए। घर पर किया पथराव लड़के रात करीब 12:30 बजे घर पर पत्थर फेंकने लगे। बाहर निकलकर समझाने गए लेकिन उन्होंने कॉलोनी में उत्पात मचाने के साथ ही लाइट व कैमरे तोड़ दिए। संजू उन्हें समझाने उनके पास गया था, जिस पर उन्होंने उसे अकेला पाकर पकड़ लिया। उन्होंने संजू पर पत्थर-डंडे से हमला कर लहूलुहान कर दिया। जब संजू को बचाने गए तो उन्होंने परिवार के लोगों से भी मारपीट की, जिससे चार लोग घायल हो गए। उसके बाद वे मौके से फरार हो गए। मंगल शर्मा ने बताया कि संजू के 6 साल की बेटी और 3 साल का बेटा है। संजू की मौत का पता चलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। हमले में घायल परिवार के चारों का प्राथमिक इलाज करवाया गया है।

सीए इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी:बूंदी के दिव्यांश जैन की ऑल इंडिया 8वीं रैंक, मई में हुई थी परीक्षा

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सीए इंटरमीडिएट मई-2026 परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। जयपुर सेंटर से छह विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया मेरिट सूची में स्थान बनाया है। दिव्यांश जैन ने 487 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की। जतिन ने 455 अंक के साथ 31वीं, आस्था गोयल ने 448 अंक के साथ 37वीं, स्वास्ति सोमानी ने 441 अंक के साथ 44वीं, पार्थ अमरनानी ने 438 अंक के साथ 47वीं और हार्दिक मामोडिया ने 436 अंक के साथ 49वीं रैंक हासिल की। सीए ब्रांच जयपुर के अनुसार ग्रुप-1 में जयपुर सेंटर से 883 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 120 सफल रहे। पास प्रतिशत 13.59 रहा। ऑल इंडिया बेसिस पर ग्रुप-1 में 91,237 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 9,350 सफल रहे। पास प्रतिशत 10.25 रहा। ग्रुप-2 में जयपुर सेंटर से 639 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 156 सफल रहे। पास प्रतिशत 24.41 रहा। ऑल इंडिया बेसिस पर 64,381 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 10,372 सफल रहे। पास प्रतिशत 16.11 रहा। दोनों ग्रुप में जयपुर सेंटर से 673 विद्यार्थी शामिल हुए। इनमें 42 स्टूडेंट्स ने केवल ग्रुप-1, 31 स्टूडेंट्स ने केवल ग्रुप-2 और 75 विद्यार्थियों ने दोनों ग्रुप पास किए। ऑल इंडिया बेसिस पर दोनों ग्रुप में 33,304 विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें 2,820 स्टूडेंट्स ने दोनों ग्रुप पास किए। पास प्रतिशत 8.47 रहा। टाइफाइड और ब्लड इन्फेक्शन के बावजूद हासिल की AIR-37 कोटपुतली निवासी आस्था गोयल ने ऑल इंडिया 37वीं रैंक हासिल की है। आस्था जयपुर में रहकर सीए की तैयारी कर रही हैं। उनके पिता ग्रॉसरी स्टोर चलाते हैं और मां हाउसवाइफ हैं। आस्था ने बताया – एग्जाम से ठीक एक महीना पहले मेरी तबीयत खराब हो गई। डॉक्टर से दिखाया तो उन्होंने टाइफाइड और ब्लड इन्फेक्शन बताया। इस कारण पूरा महीना डिस्टर्ब रहा। पढ़ाई नहीं कर पाई। लेकिन इसी बीच में जो समय मिलता उसमें पढ़ाई करती थी। आस्था ने बताया – तबीयत खराब थी लेकिन जयपुर में कोई देखभाल के लिए नहीं था। ऐसे में पीजी में रहकर तैयारी कर रही थी। दीवाली के समय भी तबीयत खराब हुई थी। तब मैं तीन-चार दिनों तक हॉस्पिटल में एडमिट रही थी। आस्था ने बताया – 10वीं और 12वीं में भी मेरा रिजल्ट 90 प्लस रहा। क्लास में जो पढ़ाया गया उसे डेली रिपीट किया। तबीयत खराब के बावजूद 10 से 12 घंटे तक तैयारी की। एंड्रॉयड फोन तो चलाती हूं लेकिन इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूज नहीं करती। अब अच्छी कंपनी से आर्टिकलशिप करनी है। इसके बाद फाइनल की तैयारी करूंगी। हॉस्टल में रहकर की तैयारी, मिली AIR-8 बूंदी के करवर गांव निवासी दिव्यांश जैन ने ऑल इंडिया 8वीं रैंक हासिल की है। दिव्यांश जयपुर में रहकर सीए की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता मेडिकल शॉप चलाते हैं और मां हाउसवाइफ हैं।
दिव्यांश ने बताया – यहां हॉस्टल में रहता था। ऐसे में खाने-पीने में दिक्कत आती थी। घर का खाना मिस करता था। लेकिन पढ़ाई लगातार जारी रखी। दिव्यांश ने बताया – अकाउंट्स का मॉक टेस्ट चल रहा था। उस समय इन्फेक्शन हुआ। लेकिन पढ़ाई जारी रखी। इस दौरान कई बार पढ़ाई की इच्छा कम हो जाती थी। पढ़ाई के साथ सोशल मीडिया भी चलाता था। लेकिन पढ़ाई के समय से कोई समझौता नहीं किया। सोशल मीडिया डिएक्टिवेट कर पढ़ाई पर किया फोकस ऑल इंडिया 49वीं रैंक हासिल करने वाले हार्दिक मामोडिया जयपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता बिजनेसमैन हैं और मां टीचर हैं। हार्दिक ने बताया – मैं लगातार क्लास के साथ सेल्फ स्टडी कर रहा था। मैं लगातार 10 से 12 घंटे पढ़ाई कर रहा था। अपने आप को रिफ्रेश रखने के लिए मूवी देख लिया करता था। जब भी फ्री टाइम होता था तब मूवी देख लेता था। हार्दिक ने बताया – एग्जाम से पहले सोशल मीडिया का इस्तेमाल करता था लेकिन जैसे एग्जाम नजदीक आ गए मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब होने लग गई थी। जनवरी-फरवरी में मेरी पढ़ाई बहुत डाउन हो गई थी। फिर मैंने सोशल मीडिया को डिएक्टिवेट किया। आईसीएआई स्टडी मैटेरियल पर फोकस जरूरी सीए एग्जाम की तैयारी करवाने वाले टीचर और ICAI के मेंबर आर.सी. शर्मा ने बताया – इस बार का रिजल्ट ओवरऑल डाउन है। वर्तमान समय में आईसीएआई का जो एग्जाम पैटर्न है उसमें काफी कुछ चेंज हो चुका है। आजकल एग्जाम में आईसीएआई स्टडी मैटेरियल बेस्ड सवाल आ रहे हैं।” उन्होंने बताया -जो स्टूडेंट्स आईसीएआई स्टडी मैटेरियल को पढ़ते हैं उनके अच्छे मार्क्स आ रहे हैं। लेकिन अगर कोई मार्केट का स्टडी मैटेरियल यूज कर रहा है तो उसका रिजल्ट नहीं आ रहा है। इसलिए अभी जो स्टूडेंट्स सीए की तैयारी कर रहे हैं उन्हें केवल ICAI के स्टडी मैटेरियल पर फोकस करना चाहिए।

बेकाबू कार ने 10 लोगों को टक्कर मारी:परिक्रमा कर रहे 5 श्रद्धालु भी घायल, भागने की कोशिश में गाड़ी पलटी, ड्राइवर पकड़ा

डीग जिले में एक बेकाबू कार ने 10 लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में बृज परिक्रमा कर रहे 5 श्रद्धालु भी बुरी तरह घायल हुए हैं। घटना कामां थाने इलाके में बुधवार सुबह की है। पुलिस के अनुसार आरोपी ड्राइवर करीब 5 किलोमीटर तक कार दौड़ाता रहा। भागने की कोशिश में कार कच्चे रास्ते में पलट गई। ड्राइवर मौके से फरार हो गया, पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को डिटेन कर लिया है। गंभीर घायलों को भरतपुर के आरबीएम हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। सबसे पहले देखिए- हादसे से जुड़ी PHOTOS… पहले पैदल चल रहे युवक को उड़ाया जानकारी के अनुसार ड्राइवर ने सबसे पहले कोसी चौराहे पर पैदल जा रहे एक युवक को टक्कर मारी थी। फिर कुछ लोगों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया, लेकिन वो रुका नहीं। स्थानीय युवक हरिओम ने बताया कि- यहां उसने सड़क किनारे खड़े कई वाहनों को भी टक्कर मार दी। इसके बाद तीर्थराज विमल कुंड की परिक्रमा लगा रहे 5 श्रद्धालुओं को घायल कर दिया। ऐसे में वहां भगदड़ मच गई। आरोपी ने इसके बाद भी कार नहीं रोकी। वहां से भगाता हुआ अक्खड़वाड़ी मोड़ ले गया, जहां कच्चे रास्ते पर कार पलट गई। आरोपी कार से उतरकर भाग गया। हादसे में 10 लोग घायल कार की टक्कर से 6 महिलाओं से सहित कुल 10 लोग घायल हुए हैं। इनमें लक्ष्मी (28), सोना (30), अमर चंद (50), गीता (42) लज्जा (35), सुनीता (40), मुकेश (40), सुमित (17), रामभरोसी (70), कुमकुम (9) शामिल हैं। घायल गीता गुरुग्राम की रहने वाली है। जबकि, अन्य घायल कोसी तहसील में आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। कार के नंबरों से ड्राइवर की पहचान की कोशिश लोगों को टक्कर मारने के बाद कार जहां पलटी, वहां कुछ देर के लिए रोड जाम हो गई। गुस्साए लोगों ने पुलिस के पहुंचने से पहले कार को साइड में गड्ढे में पलट दिया। वहीं, कामां पुलिस के अनुसार आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी देख रहे हैं। 2 बजे से तैनात था जाब्ता डीग ASP दिनेश यादव ने बताया- आज गंगा दशहरा है इसलिए परिक्रमा मार्ग में पुलिस का जाब्ता रात 2 बजे से तैनात किया गया था। ड्राइवर ने कोसी तिराहे पर एक युवक को टक्कर मारी। जिसके बाद कुछ बाइक सवार ड्राइवर का पीछा करने लगे। इससे वह होपलेस हो गया और, बिना कार के गेयर बदले कार को भगाने लगा। गेयर कम होने के कारण कार तेज आवाज कर रही थी। लोगों से बचने के लिए ड्राइवर ने कार को परिक्रमा मार्ग में ले आया। कार की आवाज सुनकर लोग इधर-उधर भागने लगे। ASI-कॉन्स्टेबल भी घायल ड्यूटी पर तैनात ASI अंतु लाल और एक कॉन्स्टेबल बचने के लिए भागे तो गिर कर घायल हुए हैं। उन्हें भी हाथ-पैर पर खरोंच आई हैं। कार के सामने कोई व्यक्ति नहीं आया। इसलिए बड़ा हादसा होने से टल गया। ड्राइवर को पुलिस ने डिटेन कर लिया है। पूछताछ जारी है। राजस्थान देशभर में सड़क हादसों में छठे स्थान पर राजस्थान पुलिस के अनुसार राज्य में 2025 में दुर्घटनाएं 23,820 हुईं, लेकिन मौत 12,069 हुई हैं। इनमें करीब 7,600 लोगों की जान गई। हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार बनी हुई है। कुल दुर्घटनाओं में से करीब 63% हादसे ओवरस्पीडिंग के कारण हो रहे हैं। …. ये खबर भी पढ़िए… कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को उड़ाया, VIDEO:उछलकर 20 फीट दूर गिरे, दोनों की हालत गंभीर; रोड क्रॉस कर रहे थे जयपुर में एक महीने पहले तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी थी। दोनों उछलकर करीब 20 फीट दूर गिरे। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा हरमाड़ा थाना इलाके में हुआ था। पूरी खबर पढ़िए…

पीके बोले- बिहार संविधान से चलेगा सम्राट से नहीं:भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में महापंचायत, CM को अल्टीमेटम- एक्शन नहीं तो विधानसभा का घेराव करेंगे

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में बिलौटी गांव में महापंचायत हुई। इसमें जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल हुए। इससे पहले प्रशांत किशोर ने भरत के परिवार से मुलाकात की और न्याय दिलाने का भरोसा दिया। पीके ने कहा कि जांच में गृह मंत्री की भूमिका की जांच होगी। STF के अधिकारी की जांच होगी, जिसने पटना से मारने का आदेश दिया है। क्या मजिस्ट्रेट पर जांच होगी जिसने गोली चलाने के आदेश पर साइन किया है। ये बिहार के लोगों का राज है। वहीं, महापंचायत में शामिल लोगों का कहना है कि भरत तिवारी की जो मांग थी, उसे पूरा किया जाए। लोगों का कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो श्राद्धकर्म पूरा होने के बाद वे विधानसभा का घेराव करेंगे। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए बिलौटी गांव से लेकर हाई-वे तक भरत तिवारी के पोस्टर लगाए गए हैं। इसमें उसे शहीद बताते हुए इंसाफ की मांग की गई है। कुछ लोग भरत तिवारी के घर तिरंगा लेकर पहुंचे। यहां सम्राट चौधरी के खिलाफ नारेबाजी की गई। भरत तिवारी अमर रहे के नारे लगे। बिलौटी गांव में करीब 1000 गाड़ियां पहुंच चुकी हैं। 5000 से ज्यादा लोग मौजूद हैं। 17 जून को भरत तिवारी का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। बेटे की मौत के बाद परिवार ने मुठभेड़ पर सवाल खड़े किए थे। मां ने पुलिस वालों के खिलाफ थाने में FIR भी दर्ज करवाई है। मामले में SDPO, SHO और अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। बुधवार की सुबह सरकार ने जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है। CM ने एनकाउंटर की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि ये जांच किस जज को दी जाएगी अभी ये साफ नहीं हुआ है। महापंचायत से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… महापंचायत में मांग- पुलिस पर एक्शन, गांव वालों को सुविधाएं मिलें ये खबरें भी पढ़िए… महापंचायत से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

हिमाचल में सेल्फी के लिए नदियों में उतर रहे टूरिस्ट:जान जोखिम में डाल रहे, अचानक बढ़ सकता है जलस्तर; नजरअंदाज कर रहे चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में कई टूरिस्ट ब्यास समेत दूसरी नदियों के किनारे पहुंचकर सेल्फी लेने और फोटो खिंचवाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। साइड बोर्ड और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी को नजरअंदाज किया जा रहा है। टूरिस्टों से बार-बार नदी में न उतरने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। लोकल लोग भी टूरिस्टों को नदी से दूरी बनाने को कहते हैं, लेकिन सेल्फी और रोमांच के चक्कर में टूरिस्ट खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं। प्रदेश में मानसून सीजन को देखते हुए इन दिनों पावर प्रोजेक्ट के बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। डैम में बरसात के दौरान किसी भी खतरे से बचने के लिए पानी की फ्लशिंग की जा रही है। ऐसे में बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। नदी किनारे मौजूद लोगों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्र के कारण तेज होता है पानी का बहाल पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों का बहाव सामान्य दिखने के बावजूद तेज होता है। पानी का बहाव कब बढ़ जाए, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। खासकर बरसात के मौसम में नदी किनारे जाना जानलेवा साबित हो सकता है। इससे पहले 8 जून को कुल्लू के मणिकर्ण में पंजाब के एक परिवार के तीन सदस्य पानी के तेज बहाव में बह गए। हालांकि, लोकल लोगों की मुस्तैदी से तीनों को बचा लिया गया था। हर साल कई टूरिस्ट ब्यास, रावी, चिनाब इत्यादि नदियों में गंवाते हैं। 24 छात्र-छात्राएं ब्यास में बह चुके हिमाचल में साल 2014 में कभी न भूला पाने वाला हादसा हो चुका है। उस दौरान मंडी जिले के लारजी जल विद्युत परियोजना के डैम से पानी छोड़े जाने के बाद थलोट में हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के 24 छात्र-छात्राएं ब्यास नदी में बह गए थे। हादसे में 18 छात्र और 6 छात्राएं शामिल थीं। इसके बावजूद आज भी कई लोग नदी किनारे जाकर जोखिम उठा रहे हैं। प्रशासन की अपील है कि पर्यटक नदियों के किनारे सावधानी बरतें और चेतावनी वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। खूबसूरत नजारों और सेल्फी के कुछ पल जिंदगी से ज्यादा कीमती नहीं हो सकते। टूरिस्ट को नदी किनारे नहीं जाने की दे रही एडवाइजरी: DC डीसी कुल्लू अनुराग चंद्र ने बताया कि जिला प्रशासन बार बार टूरिस्टों को नदी किनारे नहीं जाने की एडवाइजरी जारी कर रहा है। प्रशासन ने जगह जगह साइन बोर्ड भी लगा रखे हैं, जहां साइन बोर्ड नहीं है, वहां इन्हें लगाने को कह दिया गया है