132 साल बाद ओल्ड-कैंपस में लगी जसवंत सिंह-द्वितीय की प्रतिमा:पूर्व प्रेसिडेंट ने भामाशाहों के साथ मिलकर चलाया अभियान; कल होगा अनावरण

जोधपुर के ओल्ड कैंपस में 132 साल बाद महाराजा जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा लगाई गई है। इस प्रतिमा का अनावरण सोमवार को होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी है। इस प्रतिमा के लिए पूर्व प्रेसिडेंट अरविंद सिंह भाटी ने भामाशाहों के साथ मिलकर अभियान चलाया। चार भामाशाहों की मदद से प्रतिमा भी तैयार हुई और अब इसके अनावरण का कार्यक्रम हो रहा है। इस कार्यक्रम में सिक्किम राज्यपाल ओम माथुर, राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, विधायक बाबू सिंह राठौड़ और राजेंद्र राठौड़ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। 1893 में हुई थी स्थापना, पहला हायर एजुकेशन कॉलेज था साल 1893 में जसवंत कॉलेज की स्थाना की गई थी। ये उस समय का जोधपुर का पहला कॉलेज था, जो इलाहबाद यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड था। 1962 में ये जोधपुर यूनिवर्सिटी में आया और 1992 में इसका नाम जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के तौर पर हुआ। पूर्व प्रेसिडेंट अरविंद सिंह ने बताया कि कॉलेज के फाउंडर तक की प्रतिमा कॉलेज में नहीं थी। ऐसे में एक संकल्प के तौर पर आगे आए। उन्होंने बताया कि जब लोगों को इसके बारे में बताया तो चार भामाशाह ने इसकी पूरी जिम्मेदारी उठाई। प्रतिमा से लेकर इस कार्यक्रम तक का जिम्मा उठाया। जयपुर में तैयार हुई पंच धातु की प्रतिमा पूर्व प्रेसिडेंट अरविंद सिंह ने बताया- जयपुर से महाराज जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा को तैयार किया गया है। पंच धातु से बनी ये प्रतिमा 8:50 फीट की हाइट है। इसके साथ ही इसका वजन 350-400 तक है। उन्होंने बताया- साल 2024 में यूनिवर्सिटी से परमिशन मिली थी। लेकिन, आर्थिक सहयोग के लिए मना कर दिया था। इसके बाद 25 जनवरी 2025 में इसका भूमि पूजन हुआ। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी थी कि उनकी पुणयतिथि या जयंती पर याद करे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस पर हम लोगों ने जिम्मा उठाया और मेरे लिए ये ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

रुपए लेन-देन को लेकर 2-पक्षों में झगड़ा, एक की मौत:घर के बाहर किया हमला; मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे परिजन

रुपए लेन-देन को लेकर दो पक्षों में हुए झगड़े में एक युवक की मौत हो गई। गुस्साए परिजन और समाज के लोग हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। साथ ही खातेदारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने, संविदा पर बेटे को नौकरी देने और पीड़ित परिवार को 50 लाख का मुआवजा देने की मांग भी की है। मामला बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना इलाके अरनियाली गांव में शनिवार की रात को हुआ। हालांकि फिलहाल पुलिस धरने पर बैठे परिजनों से समझाइश कर रही है। पुलिस के अनुसार- कप्लेश पुत्र रमेश कुमार निवासी अरणियाली ने रिपोर्ट दी है। बताया कि पारस पुत्र राणाराम निवासी अरणियाली ने बीच रास्ते में रास्ता रोककर उन पर हमला करने की कोशिश की। लेकिन कल्पेश और उसके पिता रमेश (40) पुत्र पुखराज वहां से बचकर निकल गए। इसके बाद पारस और उसकी पत्नी घर पर आए। पिता घर के बाहर खड़े थे। इस दौरान पिता पर हमला कर दिया। बेहोशी की हालत में पिता को हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धोरीमन्ना थानाधिकारी दीपसिंह ने बताया- बेटे की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया है। फिलहाल परिजनों से समझाइश की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा।

स्मार्ट-ग्लास पहनकर AR तकनीक से मरीज के घुटने की सर्जरी:बिना प्लेट और स्क्रू निकाले जयपुर के डॉक्टर ने किया 72 साल की महिला का ऑपरेशन

जयपुर के निजी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक तकनीक AR (एग्युमेंटेड रियलिटी) की मदद से एक मरीज के घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई। 72 साल की बुजुर्ग महिला मरीज को करीब 5 साल पहले घुटने के जोड़ के ऊपर फ्रैक्चर के इलाज के दौरान प्लेट और स्क्रू लगाए गए थे, जिन्हें बिना निकाले ही ये सर्जरी की गई। नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विजय शर्मा ने बताया- बुजुर्ग महिला मरीज के घुटने के जोड़ के ऊपर करीब 5 साल पहले फ्रैक्चर को जोड़ने के लिए प्लेट और स्क्रू लगाए थे। बाद में इस घुटने में ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण गंभीर दर्द, टेढ़ापन और चलने-फिरने में कठिनाई होने लगी। इससे मरीज की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही थीं। सामान्य परिस्थितियों में ऐसे मामलों में पारंपरिक तरीके से घुटने का प्रत्यारोपण करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने बताया- AR तकनीक की मदद से पहले लगी प्लेट और स्क्रू को हटाए बिना ही घुटने का सफल प्रत्यारोपण किया गया। सर्जरी के मात्र 10 घंटे बाद ही मरीज चलने-फिरने लगी, जो इस तकनीक की सटीकता और प्रभावशीलता को दर्शाता है। विशेष प्रकार के स्मार्ट ग्लास पहनकर ऑपरेशन डॉ. विजयशर्मा के अनुसार- AR तकनीक में सर्जन विशेष प्रकार के स्मार्ट ग्लास पहनकर ऑपरेशन करते हैं। सर्जरी के दौरान घुटने की लाइव 3D एनाटॉमिकल मैपिंग से इम्प्लांट की पिन-पॉइंट सटीक पॉजिशनिंग की जाती है। रियल-टाइम विजुअल गाइडेंस मिलने से सर्जरी अधिक सुरक्षित और सटीक बनती है। उन्होंने बताया- इस तकनीक में सर्जरी से पहले CT स्कैन की आवश्यकता नहीं होती। यह तकनीक न केवल पारंपरिक रोबोटिक सिस्टम की तुलना में अधिक उन्नत, सरल और किफायती है, बल्कि कई जटिल मामलों में उससे भी अधिक सटीक परिणाम प्रदान देती है। इस सर्जरी में डॉ. विजय शर्मा के साथ डॉ. मनीष गुप्ता और एनेस्थीसिया टीम का सहयोग रहा।

खंडहर कमरे में युवक ने किया सुसाइड:कृषि उपज मंडी में फंदे पर लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

सिरोही के स्वरूपगंज थाना क्षेत्र की इंदिरा कॉलोनी स्थित कृषि उपज मंडी के एक खंडहर कमरे में रविवार को एक युवक का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को नीचे उतरवाकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मृतक की पहचान इंदिरा कॉलोनी निवासी रमेश कुमार पुत्र कन्हैयालाल के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर सुसाइड के कारणों की जांच शुरू कर दी है। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस पुलिस को सूचना मिली थी कि कृषि उपज मंडी के खंडहर में बने एक कमरे के लोहे के दरवाजे से एक युवक का शव लटका हुआ है। सूचना मिलते ही सरूपगंज थाने के सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मण राम मीणा और हेड कांस्टेबल शंकर लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी। स्थानीय लोगों की मदद से नीचे उतारा शव पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से शव को नीचे उतरवाया। बाद में मृतक की पहचान इंदिरा कॉलोनी निवासी रमेश कुमार पुत्र कन्हैयालाल के रूप में हुई। इसके बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करवाया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सुसाइड के कारणों की जांच जारी पुलिस का कहना है कि फिलहाल सुसाइड के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इटली में नौकरी के नाम पर 14 लाख रुपए हड़पे:सीकर के युवक को जॉब-ग्रीन कार्ड का दिया झांसा; पड़ोसी महिला ने भाई के साथ मिलकर ठगा

सीकर जिले में युवक से इटली में नौकरी लगवाने के नाम पर 14 लाख रुपए हड़प लिए। युवक को इटली बुला लिया, लेकिन कोई नौकरी नहीं मिली। युवक अपनी पड़ोस में रहने वाली महिला के जरिए एजेंट के संपर्क में आया था। युवक ने रामगढ़ सेठान थाना पुलिस में मामले की शिकायत दी है। पुलिस जांच कर रही है। रामगढ़ सेठान के वार्ड नंबर 5 निवासी मुरारीलाल सैनी ने शिकायत में बताया- पड़ोसी दिनेश कुमार की पत्नी कंचन ने मुझे कहा कि उसका भाई विकास सीकर में रहता है। वह लोगों को इटली में रोजगार दिलाने और वहां का ग्रीन कार्ड दिलाने का काम करता है। कंचन ने कहा- दिनेश को भी विकास ने ही नौकरी करने के लिए इटली भेजा है। जहां विकास की अच्छी कंपनी में नौकरी लगी और 1 साल के लिए ग्रीन कार्ड भी मिला। वहां दिनेश को हर महीने डेढ़ लाख रुपए मिल रहे हैं। इसके बाद कंचन ने अपने भाई विकास से मुरारीलाल को मिलवाया। मुरारीलाल को इटली में नौकरी लगवाने के बदले 14 लाख रुपए मांगे। हर महीने 60 हजार रुपए और ग्रीन कार्ड का किया दावा मुरारीलाल ने बताया- विकास ने मुझे कहा कि वहां आपको अच्छी नौकरी मिलेगी। शुरुआत में हर महीने 60 हजार रुपए मिलेंगे। इसके बाद जब इटली का ग्रीन कार्ड मिल जाएगा तो हर महीने डेढ़ लाख रुपए मिलेंगे। इसके बाद मुरारीलाल ने विकास को 14 लाख रुपए दे दिए। बाद में सिमरन कौर नाम की महिला ने मुरारीलाल को अपॉइंटमेंट लेटर भेजा। इटली जाने के बाद मुरारीलाल को वहां कोई काम नहीं मिला। जब मुरारीलाल ने विकास से संपर्क किया तो वह आश्वासन देता रहा कि जल्द काम और ग्रीन कार्ड मिल जाएगा। वहां खाना भी मुरारीलाल ने घर से पैसे मंगवाकर खाया। आखिर में घर से पैसे मंगवाकर मुरारीलाल वापस भारत आ गया। मुरारीलाल की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

ब्यूटी पेजेंट के फिनाले के लिए मॉडल्स ने की रैंपवॉक:देशभर से जयपुर आईं गर्ल्स; सवाल-जवाब के अंदाज से जजेज को किया इम्प्रेस

जयपुर में मॉडल्स और ब्यूटी क्वीन बनने का सपना संजोए युवतियों ने रैंप पर वॉक की। अजमेर रोड स्थित डी सूरा क्लब में आयोजित मिस अर्थ इंडिया-2026 और मिस डिवाइन ब्यूटी-2026 के नेशनल ऑडिशन में देश के अलग-अलग राज्यों से आई प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, कम्युनिकेशन स्किल्स से जजों का दिल जीतने की कोशिश की। पूरे दिन चले ऑडिशन में हर प्रतिभागी ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से पहली पहचान साबित की। एलीट प्रोडक्शन हाउस के साथ साझेदारी में आयोजित नेशनल ऑडिशन में रैंप वॉक के साथ प्रतिभागियों के व्यक्तित्व, सोच, संवाद कौशल और मंच पर खुद को प्रस्तुत करने की क्षमता को परखा गया। पहले देखिए मॉडल्स के फोटोज… सिर्फ खूबसूरती नहीं, टैलेंट भी बना चयन का आधार शॉर्ट्स और स्मार्ट टॉप ड्रेस कोड के साथ मंच पर पहुंचीं प्रतिभागियों ने कॉन्फिडेंस, बॉडी लैंग्वेज और प्रेजेंस दिखाई। ऑडिशन के दौरान प्रतिभागियों ने रैंप वॉक के साथ आत्मविश्वास से सवालों के जवाब दिए। कई प्रतिभागियों ने सामाजिक मुद्दों, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर सोच और परिपक्व दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया। जूरी ने प्रतिभागियों की कम्युनिकेशन स्किल्स, स्टेज प्रेजेंस, ग्रूमिंग, व्यक्तित्व और ओवरऑल प्रेजेंटेशन के आधार पर उनका मूल्यांकन किया। यह 26वां सीजन, 5 सितंबर को होगा फिनाले आयोजक दीपक अग्रवाल ने बताया- वर्ष 2000 से लगातार आयोजित हो रहे मिस अर्थ इंडिया का यह 26वां सीजन है। इस मंच ने पिछले वर्षों में अनेक भारतीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा- नेशनल ऑडिशन के आधार पर चयनित प्रतिभागी अब 5 सितंबर को जयपुर में आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले में हिस्सा लेंगी। ये रहे जज ऑडिशन में मिस अर्थ इंडिया 2023 प्रियन सेन, इंटरनेशनल लग्जरी फैशन काउंसिल के एम्बेसडर साकेत मिश्रा और आदित्य कश्यप ने जूरी सदस्य के रूप में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। जजों ने प्रत्येक प्रतिभागी की आत्मविश्वास, व्यक्तित्व, संचार कौशल, स्टेज कमांड और प्रोफेशनल अप्रोच को ध्यान में रखते हुए अंक दिए।

जयपुर में 100 किलो खराब पनीर नाले में फेंका:छोटी दुकानों-ढाबों पर बेचने से पहले फूड सेफ्टी टीम ने पकड़ा; एनर्जी ड्रिंक की 32 हजार बोतलें सीज

जयपुर सीएमएचओ सेकेंड और पुलिस टीम ने रविवार को घटिया क्वालिटी का 100 किलो पनीर नष्ट करवाया। वहीं दूसरी तरफ फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की सेंट्रल टीम ने निर्माण नगर स्थित एक एनर्जी ड्रिंक के गोदाम पर छापा मारा। यहां स्टॉक में रखी 32 हजार 292 बोतलें सीज की। सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल ने बताया- डीएसटी टीम और रामनगरिया थाना पुलिस ने बेचने के लिए लाया जा रहा 100 किलोग्राम पनीर दिन में जगतपुरा में पकड़ा। इस पनीर में से बदबू आ रही थी। पनीर को ले जा रहा अमित शर्मा ने बताया- वह ये पनीर अलवर, दौसा के आसपास एरिया से लेकर आता है। बाद में जयपुर में कई जगह सप्लाई करता है। उसने स्वीकार किया कि पनीर बनाने से पहले दूध में से फैट निकाल लेते हैं। बाद में बाकी बचे लो-क्वालिटी युक्त दूध से पनीर बनता है। इसे जयपुर शहर में 240 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव में छोटे रिटेलर डेयरी, फास्टफूड सेंटर्स और ढाबों आदि पर सप्लाई किया जाता है। डॉ. मनीष मित्तल ने बताया- FSAI के स्टेंडर्ड के मुताबिक 4 से 5 किलोग्राम फुल फैट दूध से एक किलो पनीर तैयार किया जाता है। उन्होंने बताया- पनीर के नमूने लेकर उसे जांच के लिए लै​ब भिजवाए हैं। जबकि शेष पनीर को नष्ट करवाया गया। स्टिंग एनर्जी के गोदाम से 32 हजार 292 बोतलें सीज फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अतिरिक्त आयुक्त भगवतसिंह ने बताया- सेंट्रल टीम ने मैसर्स अंजली इंटरप्राइजेज पद्मावती कॉलोनी निर्माण नगर पर निरीक्षण किया। जहां “स्टिंग एनर्जी” नामक कैफिनेटेड बेवरेज का नमूना लिया और वहां नियम विरुद्ध कमियां पाई गईं। इसके बाद वहां स्टॉक में रखी करीब 32 हजार 292 स्टिंग एनर्जी ड्रिंक बोतलें सीज की गईं। इसके अलावा जयपुर सीएमएचओ टीम ने ब्लिंक कॉमर्स प्रा. लि. 27 पटेल नगर-22 जयपुर स्थित गोदाम से नॉन-कार्बोनेटेड वॉटर बेस्ड बेवरेजेस (ब्रांड “गेटोरेज ऑरेंज” और “रीलोड”) के सैंपल लिए।

'सरस-अमूल और मदर डेयरी के दूध की जांच की जाए':हाईकोर्ट ने कहा-गंदे पानी से खेती करने वालों के खिलाफ कितनी FIR दर्ज हुईं; रिपोर्ट मांगी

हाईकोर्ट ने खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने कहा- सरस, अमूल, लोटस और मदर डेयरी सहित दूध व डेयरी उत्पादों का विक्रय करने वाली सभी एजेंसियों की जांच की जाए। जांच में यह देखा जाए कि ये एजेंसियां किस तकनीक या पद्धति से सिंथेटिक (मिलावटी) उत्पादों की रोकथाम कर रही हैं। कोर्ट ने इन सभी एजेंसियों के निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट एमएस सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि औद्योगिक उपयोग में आने वाला यूरिया बड़े पैमाने पर पशु आहार में मिलाया जा रहा है। यदि पशु यूरिया युक्त चारा खाते हैं, तो उनके शरीर में नाइट्रोजन और यूरिया का स्तर बढ़ जाता है, जिससे दूध की गुणवत्ता खराब हो सकती है। दरअसल, हाईकोर्ट खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम को लेकर स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका सहित अन्य याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। गंदे पानी से खेती करने वालों के खिलाफ दर्ज हो FIR
कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल से पूछा- जयपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में गंदे पानी से खेती (सब्जियां) करने वालों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल यह बताएं कि गंदे पानी से सब्जियां व अन्य खाद्य पदार्थ उगाने वाले लोगों के खिलाफ अब तक कितनी FIR दर्ज की गई हैं। साथ ही इसकी रोकथाम के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल जयपुर शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य के सभी शहरों और कस्बों पर लागू होगा। सभी जिला प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र में गंदे पानी से सब्जियां और फसलें नहीं उगाई जाएं। असुरक्षित कीटनाशकों के कारण देशभर में 535 किसानों की मौत
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया- देशभर में असुरक्षित कीटनाशकों के उपयोग के कारण अब तक 535 किसानों की मौत हो चुकी है। कोर्ट ने इस रिपोर्ट को भी रिकॉर्ड पर लेने के निर्देश दिए। सरकार की ओर से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय द्वारा खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूनों और उनकी विश्लेषण रिपोर्ट को पेश करने के लिए समय मांगा। इस पर कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त तक के लिए टाल दी है। ये 3 खबरें भी पढ़िए.. 1. राजस्थान में तेल से सस्ता घी, हर जगह सप्लाई:जहर बेच रहे माफिया, बोले- कोई पहचान नहीं पाएगा, खरीदने के लिए चाहिए- 3 कोडवर्ड ‘रिफाइंड तेल के दाम में ‘देसी घी’ मिल जाएगा…कीमत है महज 216 रुपए लीटर। पूरा 15 लीटर का पीपा खरीदने पर रेट और कम हो जाएगा। कई ढाबे-रेस्टोरेंट वाले भी यहीं से ले जा रहे हैं, मिठाइयां बना रहे हैं…’ असली के नाम पर केमिकल से बना घी बेचने वाले माफिया ये सच दैनिक भास्कर के कैमरे पर कबूल कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
2. फैक्ट्रियों में केमिकल से तैयार होता नकली घी देखिए:ऑर्डर मिलते ही 15 मिनट में माल रेडी, 2 किलो बनाने में खर्चा महज- 230 रुपए राजस्थान में दिवाली पर नकली घी बेचने वाले माफियाओं के चेहरों को हमने पार्ट-1 में बेनकाब किया था। ये सच दिखाया था कि कैसे मामूली मुनाफे के लिए रिफाइंड तेल के दाम में केमिकल से बना नकली घी बेच रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर 3. नए-साल पर खपाने के लिए तैयार 7500-लीटर नकली घी पकड़ा:होटल की आड़ में चल रही थी फैक्ट्री; 18 ड्रम में भरा था केमिकल चूरू में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने नकली घी बनाने वाली अवैध फैक्ट्री पकड़ी है। टीम ने यहां से 7500 लीटर नकली घी पकड़ा है, जिसे नए साल पर खपाने की तैयारी थी। फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में केमिकल और पैकिंग सामग्री भी जब्त हुई है। AGTF ने कुछ लोगों को डिटेन भी किया है। पढ़ें पूरी खबर

घर में झाड़ू लगाते समय महिला के सामने आया ब्लैक-कोबरा:कमरे में फन फैलाए बैठा रहा सांप, स्नेक कैचर ने सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा

कोटा में घर के एक कमरे में ब्लैक कोबरा सांप फन फैलाकर बैठा मिला, जिससे परिवार में दहशत फैल गई। महिला जब कमरे में झाड़ू लगा रही थी, तभी सांप बाहर निकल आया। घटना सीडीसीएम इलाके के इंदिरा गांधी नगर की है, जहां सूचना पर मौके पर पहुंचे स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने सावधानीपूर्वक 3 फीट से ज्यादा कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद सांप को लाडपुरा रेंज के जंगल में छोड़ दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पहले देखिए, ये 3 PHOTO’S घर में झाड़ू लगाते समय महिला को दिखा कोबरा स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि इंदिरा गांधी नगर निवासी जगमोहन के मकान के पीछे बने कमरे में घर की एक महिला झाड़ू लगा रही थी। इसी दौरान बक्से के पीछे छिपे ब्लैक कोबरा ने तेज फुफकार मारी। महिला ने जैसे ही सांप को देखा, वह घबरा गई और तुरंत घर के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। परिवार ने बिना देर किए स्नेक कैचर को सूचना दी। मौके पर पहुंचकर गोविंद शर्मा ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया और जहरीले सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। समय रहते रेस्क्यू होने से परिवार का कोई भी सदस्य सांप के हमले का शिकार नहीं हुआ। रेस्क्यू के बाद ब्लैक कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास लाडपुरा रेंज के जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। स्नेक कैचर ने लोगों से की अपील गोविंद शर्मा ने लोगों से अपील की है कि अगर घर या आसपास कोई सांप या अन्य वन्य जीव दिखाई दे तो घबराएं नहीं और न ही उसे मारने या छेड़ने की कोशिश करें। तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि वन्यजीव और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

तेज बारिश से धौलपुर तर, गर्मी से राहत:सड़कों पर जलभराव, किसानों के खिले चेहरे

धौलपुर जिले में रविवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, लेकिन रविवार की तेज बारिश ने मौसम में ठंडक घोल दी। जिले के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में देर शाम तक रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। जलभराव से यातायात प्रभावित तेज बारिश के कारण शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। जलभराव के चलते दोपहिया वाहन सवारों और पैदल यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन धीमी गति से चले, जबकि लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुक गए। किसानों के लिए राहत की बारिश यह बारिश किसानों के लिए भी राहत लेकर आई है। खेतों में पर्याप्त नमी आने से खरीफ फसलों की बुवाई और पहले से बोई गई फसलों की बढ़वार को फायदा मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों ने भी इस बारिश को खेती के लिए लाभकारी बताया है। आमजन को मिली राहत बारिश के बाद चली ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। लगातार बनी उमस और गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। मौसम में आए इस बदलाव से आमजन के साथ-साथ किसानों के चेहरों पर भी संतोष नजर आया।