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कुत्ते के काटने पर अब त्वचा पर ही लगेगा टीका, घाव पर टांके भी नहीं लगेंगे; विभाग को पोर्टल पर एंट्री करनी होगी

डॉग बाइट और रैबीज के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने इलाज और प्रोटोकॉल को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है। इसमें डॉग बाइट सहित रैबीज से जुड़े विभिन्न मामलों के उपचार को लेकर निर्देश दिए गए हैं। इसमें कुत्ते के काटने पर त्वचा पर ही टीका लगाए जाना, घाव पर टांके नहीं लगाना आदि निर्देश शामिल है। वहीं अब विभाग को इन मामलों को ऑनलाइन रिकॉर्ड भी रखना होगा। इसके लिए ऐसे हर मामले को पीसीपीएफ पोर्टल पर इंद्राज किया जाएगा। नई गाइडलाइन में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब अस्पतालों में रैबीज के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक एंटी रैबीज वैक्सीन और एंटी रैबीज सीरम की कोल्ड चेन (तय तापमान पर सुरक्षित रखना) बनाए रखना अनिवार्य होगा। विभाग ने साफ किया है कि पशु के काटने पर घाव पर प्राथमिक टांके नहीं लगाए जाएंगे। अगर टांके लगाना बहुत जरूरी हुआ, तो पहले घाव में रैबीज से लड़ने वाली दवा (इम्यूनोग्लोबुलिन) भरी जाएगी। साथ ही अब वैक्सीन को मांस में लगाने के बजाय त्वचा के अंदर लगाना ज्यादा प्रभावी माना गया है। अगर मरीज के पूरा वैक्सीनेशन होने के तीन महीने के भीतर दोबारा बाइट होने पर घाव धोने के अलावा वैक्सीन की जरूरत नहीं होगी। वहीं 3 महीने बाद काटने पर सिर्फ शून्य व तीसरे दिन दो डोज लगाएंगे।

भास्कर अपडेट्स:मुंबई में बिना परमिशन के प्रदर्शन करने पर 5 दिन में 13 FIR; 400 लोगों पर एक्शन

मुंबई पुलिस ने 18 से 22 जुलाई के बीच बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में 13 एफआईआर दर्ज कर करीब 400 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, सभी मामलों में नोटिस देकर लोगों को छोड़ दिया गया। दिल्ली में CJP के छात्र आंदोलन के समर्थन में मुंबई के शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि, चेंबूर और शिवसेना भवन समेत कई जगह प्रदर्शन हुए। पुलिस का कहना है कि इन प्रदर्शनों की अनुमति नहीं ली गई थी।

कोर्ट ने नरेश मीणा की प्रोपर्टी का रिकॉर्ड मांगा:9 दिन पहले जमानत रद्द की थी; SDM थप्पड़ कांड में फिर हो सकती है गिरफ्तारी

टोंक के देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद झालावाड़ में प्रदर्शन के दौरान दोबारा गिरफ्तारी हुई। इसे जमानत की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए टोंक एससी/एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई को उनकी जमानत रद्द कर दी थी। अब कोर्ट के आदेश पर नगरफोर्ट थाना पुलिस ने उनकी चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। नरेश मीणा पर एसडीएम से मारपीट समेत कई धाराओं में केस दर्ज हैं। वहीं, उनके समर्थकों का आरोप है कि सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। कोर्ट के आदेश पर सरपंच से मांगी चल-अचल संपत्ति की जानकारी नगरफोर्ट थानाधिकारी राजेंद्र ताड़ा ने बताया कि एससी/एसटी कोर्ट के आदेश की पालना में नरेश मीणा की चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके लिए उनकी ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता, तहसील मोठपुर (जिला बारां) के सरपंच (प्रशासक) को पत्र भेजा गया है। पत्र में नगरफोर्ट थाने में दर्ज मुकदमा का हवाला देते हुए जल्द संपत्ति का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि उसे न्यायालय में पेश किया जा सके। समर्थक बोले- सरकार अहंकार में, आवाज दबाने की कोशिश नरेश मीणा के सहयोगी राकेश बैंसला ने कहा कि सरकार अहंकार में है और नरेश मीणा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है। उनका आरोप है कि पंचायत राज चुनाव से पहले सरकार उन्हें जेल में रखकर गरीबों, किसानों, मजदूरों और छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले स्पेशल लोक अभियोजक नियुक्त कर जमानत रद्द कराई गई और अब संपत्ति का रिकॉर्ड मंगवाया जा रहा है। उनका दावा है कि जनता इसका जवाब पंचायत राज और नगर निकाय चुनाव में देगी। बात न्याय पालिका के आदेश की तो उसका हम सम्मान करते है, हमें न्याय पालिका में विश्वास है, वह हमारे साथ न्याय करेगी और राहत देगी। SDM को थप्पड़ मारने के मामले में गिरफ्तार हुए थे नरेश मीणा यह मामला 13 नवंबर को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दौरान शुरू हुआ था। समरावता गांव के लोगों ने गांव को उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे। आरोप है कि जबरन तीन लोगों से मतदान कराने का विरोध करते हुए नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। अगले दिन 14 नवंबर को पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार किया और 15 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। नरेश मीणा को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी। करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत पर रिहा किया था। झालावाड़ प्रदर्शन के बाद रद्द हुई जमानत 25 जुलाई को झालावाड़ के पिपलोदी सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नरेश मीणा एसआरजी हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद नगरफोर्ट थाना पुलिस ने इसे हाईकोर्ट की जमानत शर्तों के उल्लंघन का आधार बनाते हुए एससी-एसटी कोर्ट में उनकी जमानत रद्द करने की अर्जी लगाई। कोर्ट ने 13 जुलाई को उनकी जमानत रद्द कर दी। जज आरती माहेश्वरी ने माना कि हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने उन शर्तों का पालन नहीं किया। जमानत रद्द होने के बाद अब उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी हो सकता है।
….. SDM थप्पड़कांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…. 1. राजस्थान थप्पड़कांड- महिलाएं बोलीं, पुलिस ने हमें लाठियों से पीटा:एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश जिस घर में घुसे, वहां सबसे ज्यादा तोड़फोड़ थप्पड़कांड की आग में राजस्थान के देवली-उनियारा (टोंक) का समरावता गांव झुलस गया है। लपटें भले ही बुझ गईं, लेकिन कालिख लगभग हर घर पर है। सबसे बुरी हालत में है कई कच्चे-पक्के घरों के बीच बना एक तीन मंजिला मकान। गेट से लेकर पार्किंग में खड़ी कार और चौक, बरामदे किचन और कमरे, हर तरफ तोड़फोड़ के निशान। फर्श से लेकर दीवारों तक जगह-जगह खून के निशान। पूरी खबर पढ़िए… 2. बुजुर्ग के वोट डालने के बाद भड़के लोग:देवली-उनियारा के समरावता गांव में SDM थप्पड़ कांड के बाद आगजनी-पथराव की पूरी कहानी देवली-उनियारा में 13 नवंबर को एसडीएम थप्पड़ कांड और फिर देर रात हुई आगजनी-पथराव के बाद समरावता गांव खाली हो गया है। गांव के लोग पुलिस से बचने के लिए खेतों और ढाणियों में छुपे हैं। भास्कर टीम हालात जानने के लिए मौके पर पहुंची तो लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पूरी खबर पढ़िए… 3. राजस्थान थप्पड़कांड; नरेश मीणा टोंक जेल में शिफ्ट:किरोड़ी ने कहा- टारगेटेड था मामला; वकील बोले- SDM ने थाने में निर्दलीय प्रत्याशी को पीटा राजस्थान के देवली-उनियारा (टोंक) में एसडीएम के थप्पड़कांड विवाद के बाद समरावता गांव में तीसरे दिन शुक्रवार को भी तनाव रहा। घटना के बाद जिला कलेक्टर डॉ सौम्या झा का पहला बयान सामने आया। इधर, नरेश मीणा को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। पूरी खबर पढ़िए….

UGC नियमों से कॉलेज परिसरों में बढ़ेंगी दूरियां:यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ श्री राजपूत करणी सेना और स्वर्ण समाज का विरोध, झुंझुनूं में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए यूजीसी (UGC) के नियमों और कानूनों के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना एवं समस्त स्वर्ण समाज, राजस्थान मुखर हो गया है। झुंझुनूं में बुधवार को यात्रा पहुंची। जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। नियमों को वापस लेने और ईडब्ल्यूएस प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग को लेकर करणी सेना द्वारा देशनोक (बीकानेर) स्थित श्री करणी माता मंदिर से राजधानी जयपुर तक 650 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जा रही है। इसी क्रम में झुंझुनूं में जिला कलेक्टर के माध्यम से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ​कॉलेज परिसरों में असुरक्षा और मतभेद का अंदेशा ​श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि यूजीसी के नए नियमों और कानूनों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों में भारी हतोत्साह और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। अब तक कॉलेज परिसरों में सभी जातियों और वर्गों के छात्र-छात्राएं अत्यंत सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के साथ शिक्षा ग्रहण करते आए हैं, लेकिन इस नए कानून के लागू होने से विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद और दूरियां बढ़ने की आशंका उत्पन्न हो गई है। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा के मंदिर को ऐसी नीतियों से दूर रखा जाए ताकि आपसी प्रेम और भाईचारा बना रहे। ​ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रक्रिया हो सरल ​ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गई है कि राजस्थान राज्य सरकार की तर्ज पर केंद्र सरकार को भी ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया को बेहद सरल करना चाहिए। इससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर (गरीब) वर्ग के लोगों को केंद्र सरकार की नौकरियों और योजनाओं में आरक्षण का वास्तविक लाभ सुगमता से मिल सकेगा और वे आम जनजीवन में आर्थिक संबल प्राप्त कर सकेंगे। जब तक रोलबैक नहीं होता, जारी रहेगा संघर्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कड़े शब्दों में कहा कि यूजीसी द्वारा जो इक्विटी कमीशन के नाम पर समानता आयोग लाया गया है, उसमें समानता जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, एक महिला और एक दिव्यांग को अलग रखकर सामान्य वर्ग (जनरल) को पूरी तरह अलग कर दिया गया है, जो कि न्यायसंगत नहीं है। ​मकराना ने चेतावनी देते हुए कहा हमारा बच्चा चार गुना फीस भरकर और तमाम कठिनाइयों के बावजूद पढ़ाई करने जाता है, लेकिन इस प्रकार के नियमों के जरिए हमारे बच्चों को एजुकेशन से दूर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। हमारे 95%, 98% और 99% अंक लाने वाले बच्चों को अपराधी घोषित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। ​उन्होंने आगे कहा कि अभी यह केवल राजस्थान में एक झांकी और शुरुआत है। यदि इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया गया और यूजीसी के इन नियमों को वापस (रोलबैक) नहीं किया गया, तो यह पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन अन्य राज्यों में भी शुरू किए जाएंगे तथा यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।

अनुयोगाचार्य आदर्शरत्नसागर का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश कल:वैदिक अग्निहोत्रालय आश्रम में 70 बटुकों धारण किए जनेऊ, पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें

शहर विधायक अतुल भंसाली के विधायक कोष से केएन कॉलेज महिला महाविद्यालय में पावर पंप एवं मोटर स्थापना के लिए खुदाई कार्य का आज शुभारंभ किया गया। चांदपोल बिजलीघर के पास स्थित वैदिक अग्निहोत्रालय आश्रम में सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार किया गया। वहीं, भैरूबाग तीर्थ में अनुयोगाचार्य आदर्शरत्नसागर का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश कल होगा। लाइव ब्लॉग में पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें…

27 जुलाई से बदलेगा लीलण एक्सप्रेस का समय:जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस भी सवा 3 घंटे तक रहेगी प्रभावित, देखें नया टाइम-टेबल

रेलवे प्रशासन द्वारा रेल परिचालन में सुधार के लिए जयपुर-जैसलमेर लीलण एक्सप्रेस के संचालन समय में आंशिक परिवर्तन किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, गाड़ी संख्या 12468 (जयपुर-जैसलमेर लीलण एक्सप्रेस) आगामी 27 जुलाई से जयपुर स्टेशन से अपने निर्धारित समय 16:30 बजे के स्थान पर परिवर्तित समय 16:25 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन कनकपुरा स्टेशन पर 16:37 बजे पहुंचकर 16:39 बजे प्रस्थान करेगी तथा आसलपुर जोबनेर स्टेशन पर 16:57 बजे पहुंचकर 16:59 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अपने बदले हुए समय के अनुसार सुबह 05:05 बजे जैसलमेर पहुंचेगी। दूसरी ओर, पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के दरा-कंवलपुरा स्टेशनों के मध्य आरयूबी संख्या 148 पर चल रहे तकनीकी कार्य के कारण जोधपुर-इंदौर रेलसेवा प्रभावित रहेगी। गाड़ी संख्या 12466 (जोधपुर-इंदौर रेलसेवा) जो 23 जुलाई को जोधपुर से प्रस्थान करेगी, वह मार्ग में 1 घंटे 40 मिनट रेगुलेट (विलंबित) रहेगी। इसी तरह, 27 जुलाई को जोधपुर से प्रस्थान करने वाली यही ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे पर 3 घंटे 15 मिनट रेगुलेट रहेगी।

नोहर में 10लाख की प्रतिबंधित दवाइयों के साथ दो गिरफ्तार:गश्त के दौरान पकड़ा, बाइक और दवाइयां जब्त

नोहर पुलिस ने 10 लाख की कीमत की प्रतिबंधित दवाओं के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 2,400 प्रतिबंधित प्रेगाबालिन कैप्सूल और टेपेन्टाडोल टैबलेट के साथ एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। गश्त के दौरान बाइक सवारों को रोका
पुलिस के अनुसार, बुधवार को थानाधिकारी जगदीश पांडर के नेतृत्व में पुलिस टीम नोहर कस्बे में गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान, मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोका गया और उनकी तलाशी ली गई। तलाशी में मिली प्रतिबंधित दवाइयों
तलाशी के दौरान, उनके कब्जे से 1,400 प्रतिबंधित प्रेगाबालिन कैप्सूल और 1,000 टेपेन्टाडोल टैबलेट बरामद हुईं। बरामद की गई इन दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एचआर-35-एम-6686 नंबर की मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महेंद्र सिंह (36), पुत्र हनुमान जाट, निवासी दलपतपुरा, थाना नोहर, और प्रमोद कुमार, पुत्र सरजीत कुमार जाट, निवासी कर्मसाना, थाना खुईयां के रूप में हुई है। इस संबंध में नोहर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच उप निरीक्षक जसवंत सिंह कर रहे हैं। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी जगदीश प्रसाद, हेड कॉन्स्टेबल पवन कुमार, कॉन्स्टेबल प्रमोद कुमार और कॉन्स्टेबल राजकुमार शामिल थे।

भगवान जगन्नाथ जानकी संग विवाह रचा कर लौटेंगे:गुरुवार रात गंगा बाग से चौपड़ मंदिर को प्रस्थान करेंगे, मेले में उमड़े लोग

राजगढ़ में भगवान जगन्नाथ जानकी के साथ विवाह संपन्न कर गुरुवार रात चौपड़ मंदिर लौटेंगे। वापसी की पूर्व संध्या पर आयोजित मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और खरीदारी की। मंदिर के महंत पूर्ण दास, मदन मोहन शास्त्री और मेला कमेटी अध्यक्ष महेंद्र तिवारी ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे भगवान जगन्नाथ जानकी के साथ ऐतिहासिक रथ पर सवार होकर गंगा बाग से चौपड़ बाजार स्थित मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे। सीसीटीवी से मेले में निगरानी
बुधवार को सुहावने मौसम के कारण मेले में अच्छी खासी रौनक रही। नगर पालिका ने मेले में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया था, जहां सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई और महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रसारित की गईं। मेला कमेटी ने भी मंदिर परिसर में पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। ग्राहकों से बनी रही रौनक
कोटकासिम से आए दुकानदार नूर मोहम्मद और इमरान खान ने बताया कि मेले में ग्राहकों की अच्छी उपस्थिति रही, जिससे बाजार में रौनक बनी रही। झूले और अन्य मनोरंजक आइटमों की उपलब्धता के कारण बच्चों, महिलाओं और पुरुषों का खूब मनोरंजन हुआ। मेले में बजरंग सेवा समिति और अन्य संगठनों द्वारा प्रसाद, शरबत, ठंडाई और अन्य खाद्य पदार्थों का वितरण किया गया। रात 11 बजे तक मेले में लोगों की आवाजाही बनी रही। देखे मेले के PHOTOS

राजस्थान हाईकोर्ट ने रद्द किया पाली कोर्ट का फैसला:कहा- कानूनी प्रतिनिधियों को शामिल किए बिना मुकदमा स्वतः समाप्त

हाईकोर्ट ने पाली के एक सिविल विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित एक डिक्री को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि यह डिक्री मुकदमे के एकमात्र वादी की मृत्यु के बाद, उसके कानूनी प्रतिनिधियों को पक्षकार बनाए बिना ही पारित कर दी गई थी। इस फैसले के साथ ही, डिक्री के आधार पर शुरू की गई निष्पादन कार्यवाही भी स्वतः रद्द हो गई है। यह मामला पाली के रोहट क्षेत्र निवासी कालूराम की अपील से जुड़ा है। अपील में बताया गया कि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, पाली ने 30 अप्रैल 2025 को लाला राम के पक्ष में एकपक्षीय डिक्री पारित की थी, जबकि लाला राम की मृत्यु 26 मई 2023 को ही हो चुकी थी। अपील में यह भी बताया गया कि लाला राम की मृत्यु के बावजूद, उनके कानूनी प्रतिनिधियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया। इसके लिए न तो देरी माफी का आवेदन किया गया और न ही मुकदमे की समाप्ति को रद्द करने के लिए कोई अर्जी दी गई। जस्टिस फरजंद अली ने अपने फैसले में कहा- सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के ऑर्डर 22 के तहत निर्धारित अवधि में कानूनी प्रतिनिधियों को रिकॉर्ड पर नहीं लाने से मुकदमा स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुकदमे को कानूनी रूप से बहाल किए बिना ट्रायल कोर्ट आगे की कार्यवाही नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने कालूराम की अपील को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित डिक्री और उससे जुड़ी निष्पादन कार्यवाही को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने कानूनी प्रतिनिधियों को कानून के तहत उपलब्ध अन्य कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी है।

सीएलजी की बैठक में छेड़छाड़ की घटनाओं का मुद्दा उठा:बाड़ी रेलवे स्टेशन, धनोरा रोड, कृषि उपज मंडी में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग

बाड़ी के कोतवाली थाने में मंगलवार को सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) सदस्यों की बैठक हुई। इसमें बाड़ी सीओ महेंद्र कुमार और थाना एसआई भागवत सिंह मौजूद रहे। नए एसआई भागवत सिंह ने सदस्यों से परिचय किया और शहर से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। छेड़छाड़ की घटनाओं का मुद्दा उठा
सीएलजी सदस्यों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि शहर में छेड़छाड़ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। किला गेट से पुराना बाजार क्षेत्र इन घटनाओं का मुख्य केंद्र बन गया है। सदस्यों ने शिकायत की कि यह समस्या कई बार उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा,आबकारी विभाग की अनदेखी के कारण शहर में अवैध शराब की बिक्री हो रही है। अनाधिकृत दुकानों पर शराब बेची जा रही है। साथ ही, लाइसेंसधारी दुकानों पर भी तय समय से अधिक समय तक शराब बेची जा रही है। सदस्यों ने पुलिस से अपराध नियंत्रण के लिए गश्त व्यवस्था बढ़ाने की मांग की। उन्होंने रेलवे स्टेशन, धनोरा रोड, कृषि उपज मंडी सहित विभिन्न स्थानों पर सुबह-शाम पुलिस निगरानी बढ़ाने का भी आग्रह किया। पुलिस अधिकारियों ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीएलजी सदस्य एडवोकेट जितेंद्र सिंह चौहान, विष्णु महेरे, रशीद खान, वीरेंद्र यादव, जगदीश जगरिया, मंगल सिंह कुशवाहा, नईम खान, पप्पू अग्रवाल, सतीश प्रजापति, लखना यादव, अनिल गोयल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।