मुहर्रम पर धौलपुर में उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम:या हुसैन की सदाओं के बीच कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक हुए 500 ताजिए

धौलपुर जिले में मुहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में शहर और जिलेभर में ताजियों के भव्य जुलूस निकाले गए। मातमी धुनों, ढोल-ताशों और अखाड़ों के हैरतअंगेज करतबों के बीच शहर में करीब 500 ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं, जिले के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब दो हजार ताजियों का शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में विसर्जन हुआ। आयोजन के दौरान पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। 500 ताजिए, बैंड-ढोल और अखाड़ों का प्रदर्शन शहर में तलैया, पुराना शहर, पटपरा, बजरिया, बड़ेपीर, गडरपुरा, हाथीवान, कच्ची कुई और पुरानी सराय सहित विभिन्न मोहल्लों से ताजियों के जुलूस निकले। सुबह से देर शाम तक चले आयोजन में सभी ताजिए एक मुख्य जुलूस में शामिल हुए। जुलूस में करीब 500 ताजिए, लगभग दो दर्जन बैंड, एक दर्जन ढोल-ताशा दल और पांच अखाड़ों ने भाग लिया। मातमी धुनों के बीच अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब आकर्षण का केंद्र रहे। प्रमुख मार्गों से होकर कर्बला पहुंचे ताजिए ताजियों के जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती रही। पूरे जुलूस की लगातार निगरानी की गई ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। रोशनी, लंगर और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल आयोजन के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर रोशनी, पेयजल और लंगर की व्यवस्था की गई। ताजियों के दर्शन के लिए विभिन्न समुदायों के बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़े। पूरे आयोजन में गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और सौहार्द की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। जिलेभर में भी निकले ताजियों के जुलूस धौलपुर के अलावा बाड़ी, बसेड़ी, राजाखेड़ा, मनियां, सरमथुरा और सैंपऊ सहित अन्य कस्बों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भी मुहर्रम पर ताजियों के जुलूस निकाले गए। मातमी धुनों के बीच करीब दो हजार ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे जिले में आयोजन शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

कांग्रेस ने नीट पेपर लीक पर केंद्र को घेरा:शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, जनजागरण अभियान का ऐलान

नीट पेपर लीक प्रकरण, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य जन मुद्दों को लेकर करौली में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शिक्षा सुधार के लिए प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाने का ऐलान किया। शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नीट पेपर लीक युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है। उनका आरोप था कि लगातार हो रही अनियमितताओं से विद्यार्थियों का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदेशभर में चलेगा जनजागरण अभियान नेताओं ने बताया कि युवाओं को जागरूक करने और शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की मांग को लेकर प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। अभियान के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। स्थानीय मुद्दों पर भी सरकार को घेरा कांग्रेस नेताओं ने स्थानीय समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन और राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों पर लगातार आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। ये रहे मौजूद इस दौरान करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, टोडाभीम विधायक एवं कांग्रेस जिला अध्यक्ष घनश्याम महर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, पूर्व जिला अध्यक्ष अलका मीणा सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

खेत में बकरियां चराने पर किसान पर हमला:चचेरे भाइयों ने लाठियों से पीटा, गंभीर हालत में डीबी अस्पताल में भर्ती

जिले की ढाणी रणवां में खेत में बकरियां चराने को लेकर हुए विवाद में किसान पर उसके चचेरे भाइयों ने लाठियों से हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे परिजनों ने डीबी अस्पताल में भर्ती कराया है। यह घटना तब हुई जब किसान शिशपाल (55) अपनी बकरियां खेत में चरा रहा था। उसी दौरान परिवार के ओमप्रकाश और महावीर की बकरियां भी वहीं चर रही थीं। दोनों के रेवड़ आपस में मिल जाने पर शिशपाल की ओमप्रकाश और महावीर से कहासुनी हो गई। कहासुनी बढ़ने पर ओमप्रकाश और महावीर ने लाठियों से शिशपाल पर हमला कर दिया। हमले में शिशपाल की कमर और हाथ पर गंभीर चोटें आईं और गहरे जख्म हो गए। मारपीट का शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। घायल शिशपाल को तुरंत एक निजी वाहन से डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उसका इलाज शुरू किया। घायल के भाई भागीरथ ने बताया कि जब वे पहुंचे तब शिशपाल जमीन पर तड़प रहा था। डॉक्टरों ने घायल की आवश्यक जांचें और एक्स-रे भी करवाए हैं। फिलहाल शिशपाल की हालत स्थिर बताई जा रही है।

महिला के दिमाग से निकाला 100 ग्राम का ट्यूमर:बार-बार आते थे चक्कर; मिर्गी का दौरा पड़ने पर जांच में सामने आई बीमारी

कोटा में डॉक्टरों ने 53 साल की महिला के मस्तिष्क( दिमाग) से 100 ग्राम का ट्यूमर निकाला है। इस पूरी जांच और बेहद महंगे इलाज के लिए मरीज को एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। महिला का यह इलाज मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग में किया गया है। डॉ. एस. एन. गौतम ने बताया- बारां जिले की रहने वाली रुकसाना पिछले करीब एक साल से लगातार सिरदर्द और चक्कर आने की गंभीर समस्या से जूझ रही थीं। रुकसाना ने कई जगह इलाज करवाया, लेकिन उन्हें कोई आराम नहीं मिला।
डॉ. एस. एन. गौतम ने बताया- 26 मई को अचानक उन्हें मिर्गी का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें बारां के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत कोटा रेफर कर दिया गया। मरीज को कोटा के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती किया गया। अस्पताल में डायग्नोस्टिक मशीनों से जब रुकसाना के मस्तिष्क की जांच की गई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। उनके मस्तिष्क के ‘ओल्फैक्टरी ग्रूव’ क्षेत्र में एक बड़ा ट्यूमर था, जिसे मेडिकल भाषा में ‘ओल्फैक्टरी ग्रूव मेनिन्जियोमा’ कहा जाता है। जटिल ऑपरेशन और टीमवर्क की बड़ी जीत मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. एस. एन. गौतम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। सभी जरूरी प्री-ऑपरेटिव जांचों के बाद सर्जरी का ब्लूप्रिंट तैयार हुआ। यह ऑपरेशन बेहद संवेदनशील था क्योंकि ट्यूमर दिमाग के बेहद नाजुक हिस्से में था। डॉक्टरों की टीम ने इस बेहद जटिल और उच्च-स्तरीय ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। सर्जरी के दौरान मरीज को 3 यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज रुकसाना की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर और संतोषजनक है। सालभर से परेशान कर रही सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या अब पूरी तरह ठीक हो चुकी है।

सरमथुरा में बाघिन के हमले में बाघ मित्र घायल:हाथ और पैर हुए जख्मी, जंगल में लगे कैमरा ट्रैप की जांच करने गए थे

धौलपुर के सरमथुरा वन क्षेत्र के रीझौनी बनखंड में शुक्रवार सुबह टाइगर ट्रैकिंग के दौरान बाघिन टी-117 ने एक बाघ मित्र पर हमला कर दिया। इस हमले में बाघ मित्र राजवीर मीना घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार राजवीर मीना अपने साथी सोनू मीना के साथ नियमित टाइगर ट्रैकिंग पर थे। वे जंगल में लगे कैमरा ट्रैप की जांच कर रहे थे, तभी पास में छिपी बाघिन टी-117 ने अचानक राजवीर मीना पर हमला कर दिया। हमले में उनके हाथ और पैर पर घाव हो गए। बाघिन हमला करने के बाद जंगल में लौट गई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेंद्र सिंह चौधरी मौके पर पहुंचे। घायल राजवीर मीना को तत्काल सरमथुरा अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए धौलपुर रेफर कर दिया गया। क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि बाघ मित्र राजवीर मीना की स्थिति खतरे से बाहर है। उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया है। वन विभाग की टीम पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

वनपाल भर्ती परीक्षा- उदयपुर में 18,927 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड:57 केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन और सीसीटीवी से होगी निगरानी; जानें प्रवेश करने सहित अन्य नियम

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से वनपाल सीधी भर्ती परीक्षा 28 जून को होगी। यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही पारी में आयोजित की जाएगी। उदयपुर जिले में इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एडीएम दीपेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- उदयपुर शहर और आसपास इलाकों में परीक्षा के लिए 57 केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 38 सरकारी स्कूल-कॉलेज और 19 प्राइवेट शिक्षण संस्थानों को केंद्र बनाया है। परीक्षा में कुल 18 हजार 927 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड हैं। परीक्षा की तैयारियों को लेकर गुरुवार शाम ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी 57 केंद्र अधीक्षकों, 76 ऑब्जर्वर्स और 29 डिप्टी कोऑर्डिनेटर्स ने हिस्सा लिया और परीक्षा के नियमों को समझा। 57 केंद्रों पर कुल 76 ऑब्जर्वर्स तैनात रहेंगे परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी के बहुत ही कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी 57 केंद्रों पर कुल 76 ऑब्जर्वर्स तैनात रहेंगे। सरकारी केंद्रों पर एक-एक और प्राइवेट केंद्रों पर दो-दो ऑब्जर्वर्स की ड्यूटी लगाई गई है। परीक्षा केंद्रों के हर कमरे में केवल 24 परीक्षार्थियों के बैठने की क्षमता तय की गई है। साथ ही हर कमरे में दो-दो वीक्षक यानी इनविजिलेटर तैनात रहेंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके। इस परीक्षा के लिए सबसे दूरी वाले दो केंद्र बनाए गए हैं। इनमें पहला महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ी है, जो करीब 13 किलोमीटर दूर है। दूसरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बलीचा है, जिसकी दूरी 11 किलोमीटर है। स्टूडेंट्स को एक घंटे पहले मिलेगा प्रवेश प्रशासन ने कहा- सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा यानी 60 मिनट पहले तक ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी हालत में एंट्री नहीं मिलेगी। परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी तरह का मोबाइल फोन, ब्लूटूथ या अन्य गैजेट ले जाना बैन रहेगा। बिना ई-एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए मुख्य गेट पर ही अभ्यर्थियों का फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा और उनकी पूरी चेकिंग की जाएगी। यह प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की नजर में रिकॉर्ड होगी। बोर्ड के नियमों के अनुसार- परीक्षा के मुख्य कामों की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद सभी सेंटर्स से जरूरी सामग्री को जुटाया जाएगा।

छुट्टी का दिन, फिर भी मंत्रियों के बंगलों पर भीड़:तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे कर्मचारी; मंत्री बोले- विधवा-गंभीर बीमार कर्मचारियों को मिलेगी प्राथमिकता

राजस्थान में तबादलों से बैन हटने के बाद मंत्रियों के सरकारी आवासों और सचिवालय में कर्मचारियों और उनके परिजनों की भीड़ नजर आ रही है। मुहर्रम की सरकारी छुट्टी के दिन भी मंत्रियों के आवासों पर तबादलों को लेकर भीड़ रही। सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक मंत्रियों के घरों पर बड़ी संख्या में लोग तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आवास पर रही। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, पशुपालन और डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत सहित अधिकतर मंत्रियों के यहां लोग तबादलों की अर्जियां लेकर पहुंचे। मंत्रियों ने भी लोगों से मिलकर तबादलों की अर्जियां लीं और उनकी समस्याएं सुनकर प्राथमिकता के आधार पर तबादला करने का आश्वासन दिया। दिव्यांग, एकल महिला और बीमार कार्मिकों को प्राथमिकता उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा- लंबे समय से कर्मचारियों की तबादलों से बैन हटाने की मांग थी, जिसे ध्यान में रखकर सरकार ने तबादलों से बैन हटाया है। हम तबादलों में दिव्यांग, एकल महिला, विधवा सहित लंबे समय से अपने घर से दूर रहने वाले कार्मिकों को प्राथमिकता दे रहे हैं। मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा-मेरे चारों विभागों के कार्मिक तबादलों को लेकर आ रहे हैं, जिनकी अर्जियों पर प्राथमिकता के आधार पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, जो अन्य विभागों से संबंधित कर्मचारी आ रहे हैं, उनकी लिस्ट बनाकर संबंधित मंत्रियों को भेजकर उनसे आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें उचित स्थान पर लगाया जाए।
5 जुलाई तक हो सकेंगे ट्रांसफर राजस्थान सरकार ने करीब 7 दिन पहले सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया था। यह रोक 5 जुलाई तक के लिए हटाई गई है। कार्मिकों की मांग को देखते हुए सरकार ने 16 दिन के लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग पर लगे बैन को हटाया है। इन ट्रांसफर-पोस्टिंग में एकल महिला, विधवा, परित्यक्ता और गंभीर बीमार कर्मचारियों (कैंसर, दिमाग की बीमारी, हार्ट की बीमारी, फेफड़े और किडनी की बीमारी से ग्रसित) को प्राथमिकता दी जाएगी। यह आदेश सरकारी कर्मचारियों के अलावा निगमों, बोर्डों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर भी लागू है। हालांकि, सरकार ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों और चिकित्सा विभाग में तबादलों से बैन नहीं हटाया है।

नशे के खिलाफ कालंद्री में हुंकार, डोडा-अफीम छोड़ने का आह्वान:उत्कृष्ट कार्यकर्ताओं का सम्मान, नशामुक्त समाज पर जोर

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सिरोही तथा जिला प्रशासन के निर्देशन में ग्रामीण उत्थान मानव संस्थान द्वारा संचालित कालंद्री स्थित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र में विचार गोष्ठी आयोजित हुई। मुख्य अतिथि ग्राम पंचायत कालंद्री के प्रशासक महिपाल सिंह देवड़ा रहे, जबकि सिरोही पंचायत समिति के प्रधान हसमुख कुमार मेघवाल ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी अशोक बिश्नोई, आईएफडब्ल्यूजे राजस्थान के प्रदेश सचिव विक्रम सिंह करणोत और डॉ. सी.एम. चौहान मौजूद रहे। संस्थान के अध्यक्ष रामेश्वर लाल बिश्नोई मुख्य वक्ता रहे। डोडा, अफीम और सिंथेटिक नशे से दूर रहने की अपील मुख्य वक्ता रामेश्वर लाल बिश्नोई ने संस्थान की सामाजिक गतिविधियों और नशा मुक्ति केंद्र की सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने डोडा, अफीम, सिंथेटिक सहित अन्य मादक पदार्थों से दूर रहकर स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान किया। परिवार और समाज की जिम्मेदारी पर जोर मुख्य अतिथि महिपाल सिंह देवड़ा ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ परिवार और समाज दोनों स्तर पर जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से भी युवाओं को नशे की बुराइयों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
नशे की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने की अपील जिला समाज कल्याण अधिकारी अशोक बिश्नोई ने विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें नशे की खरीद-फरोख्त से संबंधित कोई सूचना मिले तो वे तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन को जानकारी देकर प्रशासन का सहयोग करें। जनजागरण अभियान मजबूत करने का संकल्प अध्यक्षीय उद्बोधन में पंचायत समिति सिरोही के प्रधान हसमुख कुमार मेघवाल ने नशे के विरुद्ध जनजागरण अभियान को मजबूत करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। केंद्र की स्वयंसेविका सानिया कुंवर ने भी समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वयंसेविकाओं आरती लोहार, शोभा लोहार, पूजा लोहार, मेहर खान, संगीता तथा स्वयंसेवकों कुलदीप सिंह और अंकित सिंह को अतिथियों ने मोमेंटो और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

मुहर्रम पर तलवार और लाठी से दिखाए हैरतअंगेज करतब:प्रमुख मार्गों से ताज़ियों का भव्य जुलूस निकाला; मन्नतें पूरी होने पर लगाई लोटनी

जालोर में शुक्रवार को हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मुहर्रम का पर्व पूरी अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। शहर के प्रमुख मार्गों से ताज़ियों का भव्य जुलूस निकाला गया। श्रद्धालुओं ने देश में अमन चैन और शांति के लिए दुआएं मांगी। बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। जुलूस के दौरान पारंपरिक अखाड़े का प्रदर्शन मुस्लिम समाज के युवाओं और कलाकारों ने ताज़िया जुलूस के दौरान पारंपरिक अखाड़े का प्रदर्शन किया। जुलूस के आगे चलते हुए युवाओं ने लाठी डंडे और तलवारों से एक से बढ़कर एक कलाबाजियां और हैरतअंगेज करतब दिखाए। इस दौरान पूरा माहौल या अली या हुसैन’ के नारों से गूंज उठा। मन्नतें पूरी होने पर लगाई लोटनी, सुंदेलाव तालाब में ठंडे होंगे ताज़िए मुहर्रम पोल से शुक्रवार सुबह ताज़ियों का जुलूस रवाना हुआ। यह जुलूस शहर के घांचियों की पिलानी और पिंजरों की मस्जिद से होते हुए बड़ी पोल के बाहर पहुंचा। शाम 5 बजे ताज़िए अपने मुकाम के लिए रवाना हुए। जिसके बाद इन्हें पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सुंदेलाव तालाब में ठंडा किया जाएगा। इस दौरान एक अनोखा दृश्य भी देखने को मिला। जिनकी मन्नतें पूरी हुईं, उन्होंने अकीदत के साथ ताज़िए के सामने जमीन पर लोटनी (लेटकर परिक्रमा) लगाकर अपनी मन्नत पूरी की। अब्बास अलमदार का जुलूस निकाला इससे पहले, गुरुवार रात को मातमी पर्व के सिलसिले में अब्बास अलमदार का जुलूस निकाला गया था। यह जुलूस बड़ी पोल स्थित शेख फरीद शाह बाबा दरगाह से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सांडबाव पोल पहुंचा। मातमी धुनों और गमगीन माहौल के बीच युवाओं ने गुरुवार रात को भी अखाड़ा प्रदर्शन कर अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया था।

अजमेर में बीच सड़क पर तोप चलाई, तलवारें लहराईं,VIDEO:ढोल-नगाड़ों पर हैरतअंगेज करतबों के बीच खेला गया हाईदौस, कई लोग घायल हुए

अजमेर में मुस्लिम समुदाय ने यौमे आशूरा के मौके पर अंदरकोट क्षेत्र में धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर ताजिये और डोले शरीफ की सवारी निकाली गई। अंदरकोट में बड़ा हाईदौस खेला गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और तलवारों के साथ कर्बला की जंग का मंजर साकार किया गया। आशिकाने हुसैन ने तलवारों से जौहर दिखाए। शाम तक ताजियों को सैराब करने का सिलसिला चलता रहा। इधर, बड़े ताजिये की सवारी गुरुवार रात 12 बजे बाद शुरू हुई। ताजिया झालरा में सैराब किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने फातेहाख्वानी की, शहीदाने कर्बला की याद में कलाम पढ़े गए। हाईदौस खेलने के दौरान कई अकीदतमंद घायल भी हुए। इनका मौके पर ही उपचार किया गया। बता दें कि इस मौके पर प्रशासन की ओर से 100 तलवारें दी जाती है। इन तलवारों से हाईदौस खेला जाता है। बाद में वापस प्रशासन जब्त कर लेता है। पहले देखिए, ये PHOTO’S कई वॉलंटियर्स ने लाठियों-हॉकी से लोगों को किया कवर शुक्रवार को दोपहर में दी सोसाइटी पंचायत अंदर कोटियान की ओर से अंदरकोट में बड़ा हाईदौस खेला गया। इस मौके पर जन प्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शिरकत की। व्यवस्था बनाने के लिए कई वॉलंटियर्स ने लाठियों और हॉकी स्टिक्स के साथ लोगों को कवर किया गया। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस प्रशासन ने हाईदौस की कराई वीडियोग्राफी हाईदौस के पूरे आयोजन की वीडियोग्राफी पुलिस प्रशासन ने कराई। इस मौके पर मेडिकल टीम भी मौजूद रही, ताकि घायलों होने वाले युवकों को तत्काल उन्हें ट्रीटमेंट दिया जा सके। हाईदौस के दौरान तय लोगों ने तलवार से हैरतअंगेज करतब दिखाए। हाईदौस के जरिये कर्बला की जंग में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके जां निसारों को याद किया। इस दौरान तोप के गोले दागे गए। ताजियों की सवारी निकाली गई। इन ताजियों को अंबाबाव में सैराब किया गया। इधर, नमाज के बाद बड़े ताजिये पर अकीदतमंदों की भीड़ जुटी। यहां फातेहाख्वानी की गई। नमाज के बाद तकरीर का भी अहतमाम किया गया। तडके झालरा में ताजिया सैराब किया गया।