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जापान की मशहूर गेमिंग कंपनी:घाटा हुआ तो कोर बिजनेस बेचा; अब प्रतिद्वंद्वी को ही सॉफ्टवेयर बेचती है गेमिंग कंपनी सेगा

1993, हार्वर्ड के कुछ वैज्ञानिकों ने मानव भ्रूण के विकास के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जीन की खोज की और नाम रखा ‘सोनिक हेजगॉग’। यह नाम सेगा कॉमिक बुक के कैरेक्टर ‘सोनिक’ पर रखा गया था। यह वही जापानी गेम है, जिसकी 2024 तक 177 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। गेमिंग सॉफ्टवेयर के मामले में सेगा आज दुनिया की शीर्ष कंपनियों में शामिल है, लेकिन 1997 से 2001 के बीच एक ऐसा दौर भी आया जब सेगा का वजूद ही खत्म होने की कगार पर आ गया था। सेगा का कंसोल ‘सैटर्न’ सोनी के प्लेस्टेशन के सामने बुरी तरह पिट चुका था। फिर सेगा ने 1998 में पूरी ताकत झोंककर एक क्रांतिकारी कंसोल ‘सेगा ड्रीमकास्ट’ लॉन्च किया। यह दुनिया का पहला कंसोल था, जिसमें इंटरनेट और ऑनलाइन गेमिंग के लिए इन-बिल्ट मोडेम था, लेकिन साल 2000 में सोनी ने इन-बिल्ट डीवीडी प्लेयर के साथ ‘प्लेस्टेशन-2’ की घोषणा कर दी। इसने ड्रीमकास्ट के बाजार को पूरी तरह खत्म कर दिया। कंपनी पांच वर्षों तक भारी घाटे में डूबी रही। स्थिति इतनी बदतर हो गई कि जनवरी 2001 में सेगा को घोषणा करनी पड़ी कि वह गेमिंग हार्डवेयर (कंसोल) बनाने का काम हमेशा के लिए बंद कर रही हैं। कंपनी ने गेमिंग सॉफ्टवेयर बनाने शुरू किए। वर्तमान स्थिति- करीब 30 हजार करोड़ रु. की कंपनी है सेगा सेगा वर्तमान में करीब 30 हजार करोड़ रुपए की कंपनी है। सेगा ने 2023 में फिनलैंड की एंग्री बर्ड्स बनाने वाली कंपनी रोवियो का करीब 7 हजार करोड़ रुपए में अधिग्रहण किया, जिससे मोबाइल गेमिंग सेगमेंट में उसकी पकड़ मजबूत हुई। कंपनी अमेरिका और यूरोप में क्षेत्रीय मुख्यालयों-सेगा ऑफ अमेरिका और सेगा-यूरोप के जरिए अपना व्यापार चलाती है। कंपनी ने एनएसई में सूचीबद्ध कंपनी प्रमारा प्रमोशंस के साथ भारत में रणनीतिक साझेदारी की है। इसके तहत क्रेयान शिनचैन सहित सेगा के लाइसेंस्ड कैरेक्टर अब भारत में भी बनाए जांएगे। यूं संकट में फंसी थी… अनावश्यक प्रयोग – सफल कंसोल ‘सेगा जेनेसिस’ के बाद सेगा सीडी और 32एक्स जैसे महंगे पर कम गुणवत्ता वाले पेरिफेरल्स लॉन्च किए। इससे गेम डेवलपर्स नाराज हो गए। आम ग्राहक भी भ्रमित हुए। सैटर्न कंसोल का विनाशकारी लॉन्च – 1995 में कंसोल ‘सेगा सैटर्न’ को अचानक लॉन्च किया। रिटेलर्स के पास स्टॉक नहीं था। तभी सोनी ने प्लेस्टेशन की कीमत सेगा से 100 डॉलर कम कर दी। सोनी प्लेस्टेशन-2 की सुनामी भांपने में नाकामी – सोनी ने प्लेस्टेशन 2 में डीवीडी प्लेयर की सुविधा भी दी थी। ग्राहकों ने सेगा का ड्रीमकास्ट खरीदने के बजाय प्लेस्टेशन 2 को वरीयता दी। भयंकर वित्तीय घाटा और नकदी संकट – कंपनी को हर महीने करोड़ों डॉलर का नुकसान हो रहा था। कर्ज इतना हो गया कि दिवालिया होना तय माना जा रहा था। इस तरह की वापसी… प्योर सॉफ्टवेयर पब्लिशर मॉडल में बदलाव – सेगा ने खुद को एक थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर पब्लिशर के रूप में स्थापित किया। इसका फायदा यह हुआ कि अब वह गेम्स को पूर्व प्रतिद्वंद्वियों के प्लेटफॉर्म पर बेचने लगी। सेगा-सैमी का ऐतिहासिक विलय – 2004 में सेगा ने जापानी गेमिंग और पैचिनको जायंट ‘सैमी कॉर्पोरेशन’ के साथ मर्जर कर लिया। सैमी के पास नकदी का भारी भंडार था। इसने कर्ज के बोझ को खत्म कर दिया। चेयरमैन ओकावा का बलिदान – जब 2001 में सेगा डूब रही थी, तब तत्कालीन चेयरमैन इसाओ ओकावा ने कंपनी को दिया गया करीब 3200 करोड़ रु. का व्यक्तिगत कर्ज माफ कर दिया। शेयर दान कर दिए। ग्लोबल स्टूडियोज का अधिग्रहण – सेगा ने केवल ‘सोनिक’ पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया भर के बेहतरीन गेमिंग स्टूडियोज को खरीदा। पहुंच बढ़ाई। शुरुआत – अमेरिकी व्यवसायियों ने रखी थी इस गेमिंग कंपनी की नींव 1940 में होनोलूलू, अमेरिका में 3 अमेरिकी व्यवसायियों-मार्टिन ब्रोमली, इरविंग ब्रॉम्बर्ग और जेम्स हम्पर्ट ने ‘स्टैंडर्ड गेम्स’ के रूप में नींव रखी। उद्देश्य अमेरिकी सैनिकों के मनोरंजन के लिए सिक्कों से चलने वाली स्लॉट मशीनें उपलब्ध कराना था। 1951 में, जब इन मशीनों पर पाबंदी लगी तो संस्थापकों ने बिजनेस टोक्यो शिफ्ट कर दिया। विरासत – पारंपरिक प्रीमियम कंसोल को ही बढ़ाने की तैयारी कंपनी का पूरा फोकस पारंपरिक प्रीमियम कंसोल को ही आगे बढ़ाने पर है। इसी के तहत मई 2026 में सेगा ने बहुप्रतीक्षित एक अरब डॉलर की ‘सुपर गेम’ परियोजना को रद्द कर दिया है। साथ ही प्रीमियम कंसोल-पीसी गेम्स पर फोकस लौटाने का ऐलान किया है। वित्त वर्ष 2026-27 में 30 हजार करोड़ रु. से अधिक की बिक्री का अनुमान है। ऐसे पड़ा नाम – जापान पहुंचने पर इसका नाम servic games of Japan पड़ा। फिर सर्विस और गेम्स के दो-दो शब्द मिलाकर नाम SEGA कर दिया गया। सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी – गेमिंग इतिहास में इसका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी निनटेंडो रहा है। सोनी के प्ले स्टेशन ने भी सेगा सैटर्न और ड्रीमकास्ट को बाजार से बाहर किया।

देश में जल्द चलेंगे प्लास्टिक-नोट, RBI ने जारी किया टेंडर:₹10 और ₹20 के नोटों से शुरू होगा ट्रायल, 2027 में फुल-स्केल लॉन्च की उम्मीद

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया जल्द ही देश में प्लास्टिक यानी पॉलीमर से बने नोटों का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह देश में नए जनरेशन की करेंसी लाने की RBI के प्लान का अगला कदम है। ₹10 और ₹20 के नोटों से शुरू होगा ट्रायल रिजर्व बैंक शुरुआती फेज में सबसे पहले छोटी वैल्यू के नोटों पर इसकी टेस्टिंग करेगा। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पहला पायलट प्रोजेक्ट ₹10 और ₹20 वैल्यू के छोटे नोटों के साथ शुरू होने की उम्मीद है। इस ट्रायल के नतीजों और अनुभवों के आधार पर ही RBI आगे का फैसला लेगा। अगर यह टेस्टिंग पूरी तरह सफल रही, तो आरबीआई साल 2027 से देश में इन पॉलीमर नोटों का फुल-स्केल लॉन्च शुरू कर सकता है। नए नोट के साथ पुराने कागजी नोट भी चलेंगे भारतीय बाजार में पॉलीमर नोटों के आने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मौजूदा कागजी नोट तुरंत चलन से बाहर हो जाएंगे। RBI ने साफ किया है कि नई करेंसी पुराने पेपर नोटों की जगह नहीं लेगी। RBI ने जारी किया ग्लोबल टेंडर इस पूरे प्रोजेक्ट की तैयारियां तब तेज हो गईं, जब आरबीआई की नोट-प्रिंटिंग यूनिट ने ग्लोबल लेवल पर ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (EOI) जारी किया। यह टेंडर विशेष प्रकार की ‘पॉलीमर सबस्ट्रेट शीट’ की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई के लिए मंगाया गया है, जिसका इस्तेमाल इन नोटों को छापने के लिए किया जाता है। डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, दुनिया भर के मैन्युफैक्चरर को एडवांस सेफ्टी फीचर्स से लैस पॉलीमर सबस्ट्रेट की सप्लाई के लिए इनवाइट किया गया है। इस टेंडर के तहत बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 18 अगस्त तय की गई है। नए नोट फटेंगे नहीं, पानी-धूल से भी सुरक्षित रहेंगे पॉलीमर से बने बैंकनोट ट्रेडिशनल कागजी नोटों की तुलना में बहुत ज्यादा टिकाऊ होते हैं। यह नोट पानी, गंदगी और धूल में भी सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा यह नोट आसानी से फटते भी नहीं हैं। इस वजह से ये बाजार में लंबे समय तक बिना फटे और साफ-सुथरे बने रहते हैं। पॉलीमर शीट का सबसे बड़ा फायदा यह भी है कि इसमें एडवांस सेफ्टी फीचर्स को आसानी से जोड़ा जा सकता है। इससे नकली नोट बनाने वाले जालसाजों के लिए इनकी नकल करना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे देश का सेफ्टी सिस्टम और मजबूत होगा। दुनिया के कई बड़े देशों में पहले से चल रहे पॉलीमर नोट पॉलीमर बैंकनोट का इस्तेमाल दुनिया के कई विकसित देशों में बहुत समय से किया जा रहा है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम (यूके) और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल हैं। RBI ने पहले भी देश में चलने वाले नोटों की लाइफ बढ़ाने और उनकी क्वालिटी सुधारने के लिए पॉलीमर नोट लाने की इच्छा जताई थी। अब जल्द शुरू होने वाला यह पायलट प्रोजेक्ट पहला वास्तविक टेस्ट होगा। हालांकि, RBI की ओर से इस पर अब तक कोई ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है। क्या होते हैं पॉलीमर बैंकनोट? ये नोट कागज के बजाय एक खास किस्म के प्लास्टिक मटेरियल यानी पॉलीमर सबस्ट्रेट पर छापे जाते हैं। ये छूने में तो सामान्य नोटों जैसे ही हल्के होते हैं, लेकिन पानी में भीगने पर भी नहीं गलते और लंबे समय तक चलते हैं। क्या होता है एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट? यह एक तरह का ग्लोबल टेंडर डॉक्यूमेंट होता है, जिसके जरिए रिजर्व बैंक दुनिया भर की अनुभवी और योग्य कंपनियों को प्रोजेक्ट के लिए अपनी क्षमता, तकनीक और कीमतों के साथ प्रस्ताव भेजने का न्योता देता है। ये खबर भी पढ़ें… एयर इंडिया का नया एप लॉन्च: फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर होम स्क्रीन पर फ्री होटल-कैब की डिटेल मिलेगी, पेमेंट भी आसान होगा एअर इंडिया ने सफर आसान बनाने के लिए अपने मोबाइल एप को नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है। अब इस एप के जरिए न केवल टिकट बुकिंग पहले से कहीं ज्यादा तेजी से होगी, बल्कि फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्रियों को एयरपोर्ट पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें…

फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन को पहली बार मिलेंगे ₹490 करोड़:फीफा रिकॉर्ड ₹8,400 करोड़ की इनामी राशि बांटेगा, इस बार मेडल के साथ चैंपियनशिप रिंग भी

इस बार फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियन को 51 मिलियन डॉलर करीब 490 करोड़ रुपए मिलेंगे। पहली बार विश्व चैंपियन को इतनी बड़ी रकम मिलेगी। FIFA ने इस बार 871 मिलियन डॉलर यानी करीब 8,400 करोड़ रुपए की इनामी राशि बांटने का ऐलान किया है। वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाले हर देश को कम से कम 12.5 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹120 करोड़ रुपए मिलेंगे। फाइनल मुकाबले से पहले FIFA ने ऐलान किया कि विजेता टीम के खिलाड़ियों को मेडल के साथ चैंपियनशिप रिंग भी दी जाएगी। टॉप-4 टीमों को मिलेगी सबसे बड़ी इनामी राशि FIFA वर्ल्ड कप 2026 में अंतिम चार में पहुंचने वाली टीमों को सबसे ज्यादा इनामी राशि मिलेगी। उपविजेता टीम को करीब 317 करोड़ (33 मिलियन डॉलर) मिलेंगे। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 279 करोड़ (29 मिलियन डॉलर), चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 259 करोड़ (27 मिलियन डॉलर) की पुरस्कार राशि दी जाएगी। मेडल के साथ पहनाई जाएगी चैंपियनशिप रिंग स्पेन-अर्जेंटीना में खिताबी भिड़ंत वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल यूरोपियन चैंपियन स्पेन और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना के बीच खेला जाना है। स्पेन ने सेमीफाइनल में मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार और कुल सातवीं बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है। अर्जेंटीना ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से शिकस्त दी थी। 2022 में चैंपियन को मिले थे 348 करोड़ फीफा वर्ल्ड कप 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 348 करोड़ रुपए (42 मिलियन डॉलर) की प्राइज मनी मिली थी। फाइनल हार कर रनर-अप रहे फ्रांस को भी 248 करोड़ रुपए मिले। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली 32 टीमों में कुल 3600 करोड़ रुपए से ज्यादा की इनामी राशि बांटी गई थी। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली ने विवियन रिचर्ड्स की बराबरी की:रोहित के साथ 8 हजार साझेदारी रन पूरे इंग्लैंड ने दूसरे वनडे में भारत को 4 विकेट से हरा दिया। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेले गए इस मैच में विराट ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना 14वां 50+ स्कोर बनाकर वेस्टइंडीज के सर विवियन रिचर्ड्स की बराबरी कर ली। पूरी खबर…

NEET में श्रीगंगानगर के सूर्यांश की AIR 465वीं रैंक:बोले- 10वीं और 12वीं की बुक्स पढ़ने से काफी मदद मिली

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG का रिजल्ट गुरुवार रात को जारी किया गया। श्रीगंगानगर के सूर्यांश मल्होत्रा की आल इंडिया 465 वीं रैंक आई है। सूर्यांश ने 720 में से 671 अंक हासिल किए हैं। कैटिगिरी में सूर्यांश की 289वीं रैंक है। सूर्यांश परफेक्ट एज्युकेशन का छात्र है। हर रोज पढ़ाई जरूरी सूर्यांश ने कहा- वह 6 से 7 घंटे रेगुलर स्टेडी करते थे। इसके साथ 10th-12th की किताबों और परफेक्ट एजुकेशन से मिले वर्कशीट और नोट्स से पढ़ने में काफी मदद मिली। जिसकी वजह से उसने एग्जाम पास कर लिया। सूर्यांश के पिता ऋषिराज मल्होत्रा सेशन कोर्ट में एलडीसी हैं और माता पूनम मल्होत्रा श्रीगंगानगर सेशन कोर्ट में क्रिमिनल एडवोकेट हैं। वहीं, नोजगे पब्लिक स्कूल की छात्रा जिया मित्तल ने ऑल इंडिया 1851वीं रैंक हासिल की है। जिया ने 645 नंबर हासिल किए हैं। इसके साथ ही आकाश इंस्टीट्यूट, श्रीगंगानगर के छात्र राघव सोएन ने 1074वीं रैंक हासिल की है। राघव के 720 में से 656 नंबर आए हैं। नीट में 11.21 लाख स्टूडेंट मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। जबकि 10 लाख स्टूडेंट 213 नंबर (कटऑफ) भी नहीं ला पाए। इस बार कटऑफ में 69 नंबर की बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान के रहने वाले 2 स्टूडेंट टॉप-10 में हैं। उपलक्ष्य गोयल ने तीसरी और अलवर के गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। कोटा में रहकर कोचिंग करने वाले बिहार के आयुष बालोटिया की चौथी रैंक है। नीट का एक्जाम क्रैक करने वाले स्टूडेंट्स की दैनिक भास्कर फोटो पब्लिश करेगा। इन नंबरों पर भेजें अपनी फोटो-9413166980

स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद 30 बच्चे बीमार:उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद अस्पताल में कराया भर्ती

बारां जिले में मिड-डे मील खाने के बाद 30 स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी, पेट दर्द और घबराहट होने पर बच्चों को तत्काल एंबुलेंस और निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत में सुधार है। मामला अटरू ब्लॉक स्थित केरवालिया देवपुरा के सरकारी स्कूल का है। डीईओ सीताराम गोयल ने बताया- गवर्नमेंट प्राथमिक स्कूल केरवालिया देवपुरा में शुकवार दोपहर को 43 बच्चों में से 38 ने मिड-डे मील खाया था। भोजन के बाद करीब 30 बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत हुई, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अभिभावक भी बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए। बच्चों को तुरंत एंबुलेंस और निजी वाहनों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोठपुर पहुंचाया गया। डीईओ और एडीएम मौके पर पहुंचे घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) भंवरलाल जनागल ने स्थिति का जायजा लिया और बच्चों के इलाज की जानकारी ली। प्रशासन ने मिड-डे मील के सैंपल जांच के लिए सुरक्षित रखवाए हैं। संभवतया मिर्ची तेज होने के कारण बिगड़ी तबीयत जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने प्रारंभिक तौर पर बताया कि खाने में मिर्ची तेज होने के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी हो सकती है। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कालूलाल मीणा और डॉक्टर ओमप्रकाश सुमन ने पुष्टि की कि सभी बच्चों का अस्पताल में प्राथमिक इलाज कराया गया। तबीयत में सुधार होने पर सभी को घर भेजा इलाज के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें घर भेज दिया गया है। वर्तमान में कोई भी बच्चा अस्पताल में भर्ती नहीं है और सभी स्वस्थ हैं। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने का कारण भोजन था या कोई अन्य वजह। वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

जापान में 780 साल पुराना पारंपरिक उत्सव:1 हजार किलो की झांकी उठाकर दौड़े युवा; 10 लाख पर्यटक जुटे

जापान के फुकुओका शहर में महामारियों से बचाव के लिए ‘हाकाता गियन यामाकासा’ उत्सव हुआ। इसकी शुरुआत 1241 में मानी जाती है। मान्यता है कि महामारी के दौरान बौद्ध भिक्षु शूइची कोकुशी (एन्नी) ने पूरे शहर में पवित्र जल का छिड़काव किया, जिसके बाद बीमारी थम गई। उसी घटना की स्मृति में यह परंपरा शुरू हुई। यह उत्सव यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में दर्ज है। इसे देखने के लिए करीब 10 लाख पर्यटक जुटे। उत्सव में दो तरह की झांकियां होती हैं। काजारीयामा करीब 10 मीटर ऊंचे, भव्य और सजावटी झांकी होती हैं, जिन्हें केवल प्रदर्शन के लिए रखा जाता है। वहीं काकियामा करीब 1 टन वजन की झांकी होती है, जिन्हें पुरुषों के समूह कंधों पर उठाकर शहर की सड़कों पर दौड़ते हैं। इन्हें बनाने में 55 लाख से 2 करोड़ रुपए तक खर्च होते हैं। इसके अलावा पारंपरिक पोशाक और अन्य व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। गर्मी की वजह से रास्ते में खड़े लोग धावकों पर ठंडा पानी डालते हैं। इससे शरीर ठंडा रहता है और धावकों का उत्साह भी बढ़ता है। दौड़ में हिस्सा लेने वाले पुरुष केवल पारंपरिक सूती जैकेट (मिजू-हैप्पी) और शिमेकोमी नामक विशेष लंगोट पहनते हैं। ऐसा इसलिए ताकि पानी पड़ने के बाद कपड़े भारी न हों और दौड़ने में आसानी रहे।

सुपारी किलर ने केतन को मारने से मना किया था:अब वही सिया-चेतन के खिलाफ गवाह बनेगा, पुलिस के पास तीनों की मुलाकात के फुटेज

पुणे की सिया गोयल और चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल की हत्या के लिए एक सुपारी किलर से भी कॉन्टेक्ट किया था। केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच में यह खुलासा हुआ है। केतन के बारे में जानने के बाद सुपारी किलर डर गया था। उसने सुपारी लेने से मना कर दिया था। सिया और चेतन ने इस शख्स को पुणे की एक होटल में बुलाया था। पुलिस ने उस होटल का सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर लिया है। अब इसी सुपारी किलर को पुलिस कोर्ट में गवाह के तौर पर पेश करेगी। पुलिस से बचने के लिए देखे थे जापानी वीडियो पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान एक और खुलासा हुआ है कि गिरफ्तारी की खतरा को देखते हुए सिया और चेतन ने करीब दो घंटे लंबे जापानी वीडियो देखे थे। इन वीडियो में पुलिस पूछताछ के दौरान शांत रहने, हाव-भाव नियंत्रित रखने और सवालों के जवाब किस तरह देने हैं, इसकी जानकारी दी गई थी। दोनों आरोपियों की वेब हिस्ट्री से इन वीडियो के लिंक भी बरामद कर लिए गए हैं। आरोप है कि 18 जून को सिया और चेतन ने केतन को पुणे के लोहगढ़ किले से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया था। केतन की मौके पर ही मौत हो गई थी। फिलहाल सिया और चेतन 16 जुलाई तक येरवदा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। केतन अग्रवाल के पिता बोले- रिश्ता कराने वाले की भी जांच हो केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हम इस दुख से उबरने के बारे में सोच भी नहीं सकते। यह दुख समंदर से भी बड़ा है। मैंने अपने इकलौते बेटे की शादी करने और उसके लिए बहू लाने का सोचा था। लेकिन आज मेरा बेटा चला गया और बेटे के जाने के सदमे के साथ ही मेरे पिता भी चले गए। उन्होंने कहा- केतन और सिया का रिश्ता उनके करीबी मित्तल परिवार ने कराया था। उन्होंने कहा था, यह लड़की हमारी है, यह बहुत संस्कारी है, तुम इसे मत देखो, हमें देखो। हमने यह शादी उनकी गारंटी पर ही तय की थी। इस मर्डर के लिए मित्तल परिवार भी बराबर का जिम्मेदार हैं। उनकी भी जांच कराई जाए। सिया ने दोस्त से कहा था- शादी जो होने नहीं वाली सिया की स्नैपचैट पर एक दोस्त से की गई बातचीत वायरल हुई थी। इसमें लिखा है- ये शादी नहीं होने वाली है। 25 मई की चैट में सिया अपनी एक दोस्त से शादी की बुकिंग के लिए आधार कार्ड मांगती है। लेकिन इसके बाद लिखा गया एक मैसेज सबसे ज्यादा चर्चा में है- ‘शादी की टिकट के लिए आधार कार्ड फ्रंट-बैक भेज दे, जो होने नहीं वाली लेकिन फिर भी भेज दे। सगाई और प्री-वेडिंग फंक्शन, सिया-केतन की 2 तस्वीरें… प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा। 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ फोर्ट जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया। 14 जून: पहली कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों लोहगढ़ पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया, लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई। 18 जून: दूसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी आया। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया। मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे। एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी। ————————– केतल अग्रवाल मर्डर केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… दावा-सिया ने चेतन से 4 महीने पहले सीक्रेट मैरिज की:गवाह बनी दो सहेलियों से पूछताछ जारी, पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया और चेतन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सिया गोयल ने केतन से सगाई के बाद अपने प्रेमी चेतन चौधरी से गुपचुप शादी कर ली थी। दावा है कि शादी करीब चार महीने पहले पुणे के रजिस्ट्रार ऑफिस में हुई थी। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान के 51 हॉस्पिटल RGHS से निलंबित:24 अस्पतालों पर 3 करोड़ जुर्माना; जयपुर के मणिपाल, सोनी और इंडस समेत 9 हॉस्पिटल शामिल

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में भ्रष्टाचार को लेकर राज्य सरकार ने 51 अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया। वहीं 24 अस्पतालों पर करीब 3 करोड़ रुपए का भी जुर्माना लगाया है। इसमें जयपुर के मणिपाल, सोनी, नारायणा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, महावीर जयपुरिया हॉस्पिटल और इंडस हॉस्पिटल समेत 9 अस्पताल शामिल हैं। सरकार ने यह कार्रवाई पिछले 3 महीने में की है। आज (शुक्रवार) रिपोर्ट जारी की गई है। वहीं उदयपुर के पारस जेके हॉस्पिटल, डूंगरपुर का जील हॉस्पिटल और अजमेर के मार्बल सिटी हॉस्पिटल सहित कुल 24 अस्पतालों के खिलाफ रिकवरी और जुर्माने की कार्रवाई की। चिकित्सा मंत्री बोले- भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि सरकार ने RGHS में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। वित्तीय अनियमितता, फर्जी क्लेम और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी है। प्रमुख शासन सचिव बोलीं- गंभीर अनियमितताएं सामने आई प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया- ऑडिट के दौरान अस्पतालों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इनमें फर्जी या डुप्लीकेट दस्तावेज के आधार पर क्लेम, जरूरत से ज्यादा जांचें कराना, एक ही पैकेज की सेवाओं को अलग-अलग दिखाकर अतिरिक्त भुगतान लेना, आवश्यक दस्तावेज के बिना क्लेम प्रस्तुत करना और ओपीडी मरीजों को अनुचित तरीके से आईपीडी में भर्ती दिखाकर भुगतान लेना जैसी गड़बड़ियां शामिल हैं। सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है RGHS की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने सभी मामलों की विस्तृत सुनवाई कर उपलब्ध दस्तावेज और साक्ष्यों की जांच के बाद कार्रवाई के आदेश दिए। राजस्थान स्टेट हेल्थ इंश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने कहा- सरकार का उद्देश्य राजकोष के प्रत्येक रुपए का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। इसके लिए ऑडिट सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा- भविष्य में भी फर्जी बिलिंग, अनियमित क्लेम, प्रक्रियागत उल्लंघन या वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

हाईवे पर बिखरे बिजनेसमैन के शव के टुकड़े:डंपर ने कुचला, आंतें बाहर निकल गई, 200 मीटर तक बाइक को घसीटते ले गया

डीडवाना-कुचामन जिले में तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार बिजनेसमैन को कुचल दिया। बाइक को 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में मार्बल व्यापारी का शव दो टुकड़ों में बंट गया। आंतें बाहर निकल गईं। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीण और परिजनों ने स्टेट हाईवे 2B ( पराली-खाटू ) पर जाम लगा दिया। 5:30 घंटे की समझाइश के बाद शाम 5 बजे धरना हटाया। घटना मकराना थाना क्षेत्र के घाटी चौराहे की शुक्रवार सुबह 11 बजे की है। थाना अधिकारी पंकज मांजू ने बताया- मार्बल व्यापारी गौड़ाबास (मकराना) निवासी मकसूद (38) की मौत हो गई। मकसूद के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा दो साल का है। घटना के बाद डंपर ड्राइवर मौके भागते समय पास में लगे सीसीटीवी में नजर आ रहा है। पुलिस ने बताया- मकसूद बाइक से अपनी मार्बल खदान पर घाटी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। बाइक, डंपर के आगे के हिस्से में फंस गई। ड्राइवर बाइक को 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में मकसूद के शव के दो टुकड़े हो गए। घटना के बाद डंपर का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद सुबह 11:30 बजे परिजन और ग्रामीणें ने स्टेट हाईवे 2B पर जाम लगा दिया। सूचना पर मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत सहित कई मार्बल व्यापारी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। लोगों ने ड्राइवर की गिरफ्तारी और मृतक परिवार को संविदा पर नौकरी देने की मांग की। विधायक ने कहा-ड्राइवर तेज रफ्तार से रॉन्ग साइड में डंपर चला रहा था। स्पीड इतनी थी कि गाड़ी के ब्रेक तक नहीं लगे। हादसे में मकसूद के शरीर के दो टुकड़े हो गए और बाइक डंपर के नीचे फंस गई। पुलिस अगर डंपर ड्राइवरों को लेकर अभियान चलाती तो युवक की मौत नहीं होती। पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद परिजनों ने शाम 5:30 बजे धरना समाप्त किया। परिजनों का आरोप-नशे में था डंपर ड्राइवर मकसूद के रिश्तेदार अब्दुल करीम सिसोदिया ने बताया- डंपर ड्राइवर नशे में गाड़ी चला रहा था। जिसके चलते यह हादसा हुआ। पुलिस सख्ती करती तो ऐसा नहीं होता। अब्दुल करीम ने कहा- मकसूद के परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी गौसिया (11) छठवीं क्लास में पढ़ती है। बड़ा बेटा अबु (5) पहली क्लास में पढ़ता है। जबकि सबसे छोटा बेटा दानियाल अभी 2 साल का है। मकसूद अपने भाई-बहन में सबसे छोटे थे। थाना अधिकारी पंकज मांजू ने बताया- फरार डंपर ड्राइवर की तलाश की जा रही है। परिजनों की ओर से रिपोर्ट नहीं दी गई है। शव को उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। … यह खबर भी पढ़ें किराना व्यापारी का शव हाईवे पर टुकड़ों में मिला:अनगिनत गाड़ियां कुचलती हुईं निकलीं, बॉडी को पोटली में बांधकर ले जाया गया पाली में बाइक सवार किराना व्यापारी शव ब्यावर-पिंडवाड़ा नेशनल हाईवे-162 पर फेंक दिया गया। उसके ऊपर से अनगिनत गाड़ियां गुजर गईं, जिससे बॉडी के टुकड़े पूरी सड़क पर बिखर गए। (पढ़ें पूरी खबर)

मेड़ता की निष्ठा ने हासिल की ऑल इंडिया 712वीं रैंक:पिता और बड़े पापा का सपना किया पूरा

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। नागौर जिले के मेड़ता निवासी निष्ठा शर्मा, पुत्री स्वर्गीय जितेंद्र कुमार शर्मा, ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 712वीं रैंक और जनरल कैटेगरी में 433वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। निष्ठा ने बताया कि यह सफलता उनके दिवंगत पिता और बड़े पापा के सपनों को समर्पित है। उनके पिता जितेंद्र कुमार शर्मा पेशे से वकील थे, जबकि उनकी मां अध्यापक हैं। जून 2022 में एक सड़क हादसे में पिता का निधन हो गया था। इसके बाद 21 जून 2026 को, री-नीट परीक्षा देने के बाद परिवार के साथ ओंकारेश्वर जाते समय उनके बड़े पापा देवेंद्र कुमार व्यास को रास्ते में अचानक हार्ट अटैक आ गया। परिवार उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचा, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। निष्ठा ने भावुक होकर कहा, “पापा और बड़े पापा का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। अगर आज वे दोनों हमारे बीच होते तो मेरी इस सफलता पर सबसे ज्यादा खुश होते। वे मुझे प्यार से ‘गुनगुन’ कहकर बुलाते थे।” शैक्षणिक रिकॉर्ड में भी निष्ठा हमेशा अव्वल रही हैं। उन्होंने 12वीं बोर्ड में 96 प्रतिशत और 10वीं बोर्ड में 91.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। NEET की तैयारी के लिए वह सीकर में रहकर कोचिंग कर रही थीं। निष्ठा ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी मां, पूरे परिवार और शिक्षकों के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिवार के हौसले और मार्गदर्शन ने उन्हें कभी हार नहीं मानने दी। उल्लेखनीय है कि री-नीट परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित हुई थी, जिसका परिणाम गुरुवार देर रात घोषित किया गया संस्कार एकेडमी नागौर के 8 विद्यार्थीयों का Govt Medical college के लिए हुआ चयन। वही इसी एकेडमी से एक साधारण किसान परिवार के सोनेली निवासी दो सगे भाईयों राज व रवि का चयन हुआ। नागौर के खजवाना गाँव निवासी प्रिन्स पुत्र घनश्याम मुण्डेल ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 3778 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 8604 रैंक हासिल की है। प्रिन्स के पिता किसान है माता किरण कुमारी गृहणी है। नागौर के भवाद गाँव निवासी सुमित शर्मा पुत्र जगदीश प्रसाद ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 4010 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 32791रैंक हासिल की है। सुमित शर्मा के पिता किसान है माता नर्बदा देवी गृहणी है। नागौर के बच्छवारी गाँव निवासी मनीषा पुत्र हनुमान राम ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 2131 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 5179 रैंक हासिल की है। मनीषा के पिता किसान है माता मैना देवी गृहणी है। नागौर के कुम्हारी गाँव निवासी नकी अली पुत्र अल्लाह बक्ष ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 1551 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 13703 रैंक हासिल की है। नकी अली के पिता व्यवसायी है माता सायरा बानो गृहणी है। नागौर के सोनेली गाँव निवासी रविन्द्र भांबू पुत्र कैलाश कुमार ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 14497 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 30032 रैंक हासिल की है। रविन्द्र भांबू के पिता किसान है माता लिछमा गृहणी है। नागौर के सोनेली गाँव निवासी राज भांबू पुत्र कैलाश कुमार ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 3122 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 7294 रैंक हासिल की है। राज भांबू के पिता किसान है माता लिछमा गृहणी है। नागौर के सेनणी गाँव निवासी उपासना पुत्री बलवीर सिंह ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 3049 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 7140 रैंक हासिल की है। उपासना के पिता अध्यापक है माता चम्पा देवी गृहणी है। नागौर के झुझण्डा निवासी नवीन जेठू पुत्र धर्माराम जेठु ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 13998 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 29053 रैंक हासिल की है। उपासना के पिता किसान है माता सन्तोष देवी गृहणी है। नागौर के खैराट निवासी प्रियंका गोदारा पुत्री भींयाराम राम गोदारा ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 3102 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 7255 रैंक हासिल की है। पिता भींयाराम राम गोदारा किसान है और माँ गृहणी। डीडवाना-कुचामन जिले के खरेश गाँव निवासी प्रतिभा चौधरी पुत्री किशना राम ने NEET एग्जाम में OBC कैटेगरी में 2808 रैंक हासिल की। वही ऑल इंडिया 6648 रैंक हासिल की है।प्रियंका के माता पिता दोनों सरकारी टीचर है। संजय लोमरोड़ ने हासिल की ऑल इंडिया 155532वीं रैंक खजवाना निवासी संजय लोमरोड़ के पिता कमलेश लोमरोड़ पुलिस विभाग में सेवा दे रहे हैं। संजय ने NEET-UG 2026 में ऑल इंडिया रैंक 155532 और OBC कैटेगरी में 7263वीं रैंक हासिल की है। संजय ने बताया कि नियमित पढ़ाई और लगातार तैयारी से उन्हें यह सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक होने से उनका हौसला थोड़ा जरूर टूटा था, लेकिन पेपर अच्छा हुआ और मेहनत का परिणाम मिला। अलाय की निकिता जांगू को मिली ऑल इंडिया 24000वीं रैंक नागौर के अलाय निवासी निकिता जांगू पुत्री भागीरथ राम ने NEET परीक्षा में OBC कैटेगरी में 11674वीं रैंक हासिल की है। वहीं उनकी ऑल इंडिया रैंक 24000 रही है। निकिता के पिता भागीरथ राम किसान हैं और उनकी मां गृहणी हैं। निकिता ने बताया कि उनकी तैयारी में सबसे ज्यादा सहयोग टीचर्स और माता-पिता का रहा। परिवार से लगातार मोटिवेशन मिलता रहा, जिसकी वजह से उन्हें यह सफलता मिली। घोड़ारण की बरखा चौधरी को मिली 30581वीं रैंक नागौर के घोड़ारण निवासी बरखा चौधरी पुत्री गोपाल सिंह चौधरी ने NEET परीक्षा में OBC कैटेगरी में 14794वीं रैंक हासिल की है। वहीं उनकी ऑल इंडिया रैंक 30581 रही है। बरखा के पिता टीकमचंद व्यवसायी हैं और उनकी मां गृहणी हैं। बरखा ने बताया कि नीट पेपर लीक होने के बाद उनका हौसला थोड़ा टूट गया था क्योंकि उन्हें दोबारा उसी परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि पेपर अच्छा था, इसलिए उनकी रैंक भी अच्छी आई है। ताऊसर की खुशी कच्छावा को मिली 22681वीं रैंक नागौर के ताऊसर निवासी खुशी कच्छावा पुत्री टीकमचंद ने NEET परीक्षा में OBC कैटेगरी में 10829वीं रैंक हासिल की है। वहीं उनकी ऑल इंडिया रैंक 22681 रही है। खुशी के पिता टीकमचंद व्यापारी हैं और उनकी मां गृहणी हैं। खुशी ने कहा कि अच्छे स्कोर के लिए केवल पढ़ाई करना काफी नहीं है, बल्कि समय पर रिवीजन करना भी जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि नियमित टेस्ट देने से लगातार सुधार होता है। 21 जून को हुई थी री-नीट परीक्षा री-नीट परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी। गुरुवार देर रात इसका रिजल्ट जारी किया गया। रिजल्ट जारी होने के बाद CONCEPT Institute नागौर के चार स्टूडेंट्स के चयन की जानकारी सामने आई है। NEET रिजल्ट से जुड़ी अपनी जानकारी, वीडियो और फोटो अभ्यर्थी मोबाइल नंबर 9950040143 पर भेज सकते हैं।