सवाल पूछा तो पटवारी ने मारा थप्पड़:बुलडोजर के नीचे आया सब्जी वाला; सड़क पर बिखर गईं सब्जियां; हनुमान का नया शिगूफा

नमस्कार, चौमूं (जयपुर) में अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर गांव वालों का सवाल पूछना पटवारी को हजम नहीं हुआ। कोटपूतली में बुलडोजर घर-घराया तो सड़क पर ‘हीरे-मोती’ बिखर गए और हनुमान बेनीवाल की नजर अब उत्तर प्रदेश (UP) पर है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. सवाल पूछने पर झपटा पटवारी संविधान ने अभिव्यक्ति की आजादी दी। लेकिन आजादी का इस्तेमाल करते थप्पड़ पड़ जाए तो क्या करें? गांधीजी होते तो दूसरा गाल आगे कर देते। लेकिन अब लोगों में दया-भाव नहीं। उम्मीद करना बेमानी है कि दूसरे, तीसरे और चौथे गाल तक मामला रहम पर खत्म होगा। बात जयपुर के चौमूं की है। यहां एक तहसील है नांगल पुरोहितान। इसके गांव रामपुरा डाबड़ी में गोचर जमीन थी। जमीन पर रहने वालों का दावा कि वे डेढ़ सौ बरसों से यहां खेती कर रहे हैं। उनका कब्जा है। कान में पुरखे कह गए- कागज झूठा, कब्जा सच्चा। वे इसी नियम का पालन पीढ़ियों से करते आ रहे थे। फिर प्रशासन सख्त हुआ। सरकारी जमीनों से कब्जे हटने लगे। पटवारी ने नक्शा निकाला तो जमीन सरकारी। कब्जा हटाने पूरा अमला पहुंच गया। लोगों ने दावा किया- जमीन पटवारी के ससुराल पक्ष की है। वह भूमाफिया से मिलीभगत कर खुर्द-बुर्द करना चाहता है। यह भी कहा- जमीन खाली कराने के लिए कच्चे मकानों को आग लगा दी। प्रशासन के खिलाफ ढाणी के लोगों ने क्रांति कर रखी है। हर बात पर मोबाइल कैमरा ऑन कर लेते हैं। एक जगह पटवारी जी बैठे दिख गए। एक जुझारू ग्रामीण कैमरा चालू करके पहुंचा और पटवारी से पूछा- पटवारी जी, कौन पंचायती के हो?’ पटवारी भी भरा बैठा था। पहले तो घूरा। फिर आकाशीय बिजली की गति से तमाचा जड़ दिया। मोबाइल आसमान झांकने लगा। 2. हनुमान की यूपी पर नजर हनुमान बेनीवाल को देख मुझे मेरे चचेरे भाई की याद हो आती है। वह आट्‌र्स में फेल हो गया था। रिजल्ट वाले दिन बोला- अब मैं साइंस लूंगा। ऐसा ही कॉन्फिडेंस हनुमान बेनीवाल में है। उनकी पार्टी का नाम राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी है। राजस्थान विधानसभा में उनका एक भी विधायक नहीं है। चूंकि पार्टी राष्ट्रीय है और लोकतांत्रिक भी, इसलिए उनका मानना है कि उन्हें क्षेत्रीय सीमा से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ना चाहिए। बाड़मेर में उन्होंने कहा- मैं यह कोशिश करूंगा कि यूपी में हम भाजपा को कैसे रोकें? यह मेरी लड़ाई है। मैं कोई लड़ाई अधूरी नहीं छोड़ता। कार्यकर्ता समझ गए कि अब गाड़ियां लंबी दूरी तक सफर तय करेंगी। पेट्रोल-डीजल का भाव तेज है। भरतपुर से पहले ही गाड़ियां टें बोल जाएंगी। बेनीवाल ने समर्थकों का चेहरा पढ़ लिया। बोले- अगर किसी का हिसाब-किताब बकाया है तो चिंता मत करो। मैं हिसाब-किताब भी पूरा कर दूंगा। 3. चलते-चलते.. चारों दिशाओं में विकास की गंगा बह रही है। इस कारण कहीं-कहीं बाढ़ भी आ रही है। गरीब लोग अक्सर विकास की गंगा के मुहाने पर बस्ती बसा लेते हैं। ऐसे में जब मुख्यधारा का वेग बढ़ता है तो सबसे पहले गरीब चपेट में आते हैं। कोटपूतली में सब्जी वाले चपेट में आ गए। वैसे जिसे देखो वह एक बात जरूर कहता है- हमारे वेतन से ज्यादा तो ये सब्जी वाले कमा रहे हैं। उन्हीं मुओं की नजर लगी होगी। उन्हें सब्जियों के भाव सोने-चांदी, हीरे-मोती सरीखे लगते हैं। उन्हें किसान की मेहनत नहीं दिखती, मौसम की मार नहीं दिखती, सब्जी वालों का रिस्क नहीं दिखता। कोटपूतली जैसा शहर जिनमें एक भी सड़क एक किलोमीटर भी सीधी नहीं, गलियां इंसान से ज्यादा तंग और रास्ते पहाड़ से ज्यादा घुमावदार। वहां से विकास का हाथी गुजरेगा तो हड़कंप मचेगा ही। यहां पुल की उपयोगिता उसके ऊपर से गुजर जाने में नहीं है, बल्कि नीचे कोई धंधा खोलकर बैठ जाने में ज्यादा है। हालात के मारे सैकड़ों मजबूरों ने पुल के नीचे काम जमा रखा था। रोजी-रोटी चल रही थी। लेकिन विकास की नजर में यह अतिक्रमण है। है भी। कई नोटिस-चेतावनी के बाद कोर्ट का आदेश हुआ। पालन करते हुए बुलडोजर घर-घराकर ‘विकास-विकास’ चिंघाड़ते भरे ठेलों के ऊपर से गुजर गया। एक सब्जी वाले ने बाहुबली बनकर बुलजोडर के सामने हाथ उठाया। निर्दयी मशीन का पंजा धड़ाक से ठेले पर गिरा और ‘हीरे-मोती’ सड़क पर बिखर गए। इनपुट सहयोग- मनोज सैनी (चौमूं, जयपुर), विजय कुमार (बाड़मेर), धर्म सिंह यादव (कोटपूतली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

अमरनाथ यात्रा तीसरा दिन, 9 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन स्लॉट फुल:प्रशासन बोला- रजिस्ट्रेशन नहीं तो यात्रा टालें; नया कोटा मिलने तक चेकपॉइंट पर रुकना पड़ेगा

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बिना रजिस्ट्रेशन करवाए अमरनाथ पहुंच रहे यात्रियों से कहा है कि वे अपनी यात्रा कुछ दिन के लिए टाल दें। प्रशासन के मुताबिक, 9 जुलाई तक सभी रजिस्ट्रेशन स्लॉट पूरी तरह भर चुके हैं। ऐसे में अगर कोई यात्री बिना रजिस्ट्रेशन बालटाल या पहलगाम रूट से आगे बढ़ने की कोशिश करेगा तो उसे चेक पॉइंट्स पर रोक दिया जाएगा। उसे 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि रविवार से केवल रजिस्टर्ड यात्री ही कश्मीर की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन वाले यात्रियों को चेक पोस्ट पर रोक दिया जाएगा। उन्हें 9 जुलाई के बाद ही आगे बढ़ने मिलेगा। जम्मू डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने कहा कि 3 दिन में 13 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड यात्री बालटाल-पहलगाम रूट से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बेस कैंप से रवाना किए जा चुके हैं। 3 जुलाई से शुरू हुई यात्रा 28 अगस्त को खत्म होगी। 57 दिनों के दौरान 14km लंबे बालटाल रूट और 48km लंबे पहलगाम रूट से यात्री गुफा के लिए जाएंगे। यात्रा रूट की 5 तस्वीरें… यात्रा के 3 दिन में 4 जत्थे रवाना लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने 2 जुलाई को 4,822 यात्रियों का पहला जत्था रवाना किया था। दूसरे जत्थे में 3,865 यात्री शामिल थे, जबकि शनिवार को बेस कैंप से रवाना किए गए तीसरे जत्थे में 4,812 यात्री रवाना हुए। रविवार को चौथे जत्थे में 6721 श्रद्धालु शामिल हुए। कुमार ने कहा कि प्रशासन ने पहले से रजिस्टर्ड यात्रियों के लिए RFID वितरण केंद्र बनाए हैं। यह मौके पर (तत्काल) रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दे रहा है। पहले से रजिस्टर्ड यात्रियों की रवानगी पहले करवाई जाती है। अगर डेली कोटा बचता है, तब तत्काल रजिस्ट्रेशन के लिए दिया जाता है। हालांकि, गुफा मंदिर के रास्ते में नाजुक भौगोलिक स्थिति, ग्लेशियर वाले इलाके और मौसम के कारण सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हर दिन जाने वाले यात्रियों की संख्या तय की जाती है। भारी भीड़ को संभालने के लिए, प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे लोगों को लगभग 12,000 टोकन बांटे हैं। टोकन सिस्टम से तीर्थयात्री अपनी तय रजिस्ट्रेशन तारीख पर वापस आ सकते हैं। 40 दिन में घटकर 4 फीट के हुए बाबा बर्फानी अमरनाथ में बनने वाले पवित्र शिवलिंग का आकार 4 फीट रह गया है। 23 मई को BSF के जवानों ने जो तस्वीर जारी की थी, उसमें शिवलिंग का आकार करीब 7 फीट था। 29 जून को प्रथम पूजा के दिन भी हिमलिंग की ऊंचाई 5 फीट से ज्यादा थी। 3 जुलाई को सामने आई तस्वीर में हिमलिंग लगभग 4 फीट का दिखाई दे रहा है। इसकी चौड़ाई भी घट गई है। ———————————- अमरनाथ यात्रा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 2029 से अमरनाथ के लिए केबल कार चलाने की तैयारी: अप्रैल 2027 से काम शुरू होगा; 5-8 घंटे का सफर 30 मिनट में पूरा होगा बाबा बर्फानी की यह तस्वीर 2026 की है, अभी हिमलिंग करीब 5 फीट ऊंचा है। अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु 2029 से बालटाल रूट पर केबल कार से सफर कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले साल अप्रैल से 11.6 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू करने की तैयारी में है। परियोजना पूरी होने के बाद बालटाल से संगम टॉप तक पहुंचने में 5 से 8 घंटे की जगह 25 से 30 मिनट लगेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

जैसलमेर में सोलर प्लांट टूटकर स्कूटी सवारों पर गिरा,एक मौत:खराब मौसम के कारण 11 फ्लाइट जयपुर पहुंचीं; कोटा-सवाई माधोपुर में सुबह से बरसात

राजस्थान में सक्रिय मानसून से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। रविवार को कोटा और सवाई माधोपुर में सुबह से रुक-रुककर बरसात हो रही है। दिल्ली में खराब मौसम के कारण एक घंटे में 11 फ्लाइट जयपुर पहुंचीं। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले पांच दिन तक मानसून की बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में अतिभारी बारिश की भी आशंका है। अगले 2-3 दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की भी संभावना है। इससे पहले शनिवार को सीकर, सवाई माधोपुर, झालावाड़, जैसलमेर समेत अन्य जिलों में एक इंच तक बारिश हुई। जैसलमेर में अंधड़ के कारण एक होटल पर लगा सोलर प्लांट टूटकर स्कूटी सवारों पर गिर गया। हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स दिल्ली की फ्लाइट्स जयपुर डायवर्ट: राजधानी में बिगड़े मौसम का प्रभाव फ्लाइट्स शेड्यूल पर हुआ है। रविवार सुबह चार इंटरनेशनल और 7 घरेलू फ्लाइट्स को जयपुर डायवर्ट किया गया। एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार इन फ्लाइट्स को मौसम सामान्य होने पर दिल्ली रवाना किया जाएगा। सभी पैसेंजर्स के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। 3 स्कूटी सवार घायल, एक की मौत: जैसलमेर में शनिवार शाम को अंधड़-बारिश के दौरान गांधी कॉलोनी में एक होटल की छत पर लगा सोलर प्लांट टूट गया। होटल के नीचे से निकल रहे स्कूटी सवार सुभाष खत्री (50) और उनके दो पोते संयम (4 साल) और वंश (2 साल) टूटी सोलर प्लेट्स की चपेट में आ गए। सुभाष खत्री की इलाज के दौरान मौत हो गई। चौथ का बरवाड़ा में 28 मिमी बारिश: पिछले 24 घंटों में सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में 28 मिमी, सीकर के पलसाना में 33 मिमी, उदयपुर के पास सलूंबर में 18 मिमी, झालड़ा में 11 मिमी, प्रतापगढ़ के दलोत में 16 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा झुंझुनूं के नवलगढ़ में 12 मिमी, झालावाड़ के झालरापाटन में 28 मिमी, हनुमानगढ़ के भादरा में 16 मिमी और उदयपुर शहर में 11 मिमी बारिश दर्ज की गई। अतिभारी बारिश की आशंका: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा तट पर एक ‘वेल-मार्कड लो-प्रेशर सिस्टम’ (कम दबाव का क्षेत्र) बना हुआ है। साथ ही, मानसून ट्रफ राजस्थान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से से होकर गुजर रही है। इस दौरान पूर्वी और दक्षिण पूर्वी जिलों में अतिभारी बारिश हो सकती है। … मौसम के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…

मौसम विभाग:प्रदेश में 30 से ज्यादा जिलों में बरसने के बाद पश्चिमी राजस्थान के अंतिम छोर तक पहुंचा मानसून

राजस्थान के 30 से ज्यादा जिलों में बरसने के बाद अब आखिर में मानसून पश्चिमी राजस्थान के अंतिम छोर तक पहुंच गया है।
शनिवार को बाड़मेर-जैसलमेर जिले में भी बारिश हुई। मानसून इस बार करीब 9 दिन देरी से पहुंचा है, लेकिन अब जिले के ग्रामीण इलाकों में बारिश हुई है। अब मानसून के करीब 6-7 दिन तक सक्रिय रहने की संभावना है। इससे जिले में अच्छी बारिश हो सकती है। रविवार रात करीब 8 बजे बाड़मेर शहर में आंधी के साथ मानसून की एंट्री हुई। हालांकि शहर में रात 9 बजे तक तेज आंधी चलनी शुरू हुई। इससे जिले के कई इलाकों में होर्डिंग, पेड़-पौधे और बिजली के पोल भी गिर गए। हालांकि आधा घंटा बाद आंधी की रफ्तार थम गई। आसमान में आकाशीय बिजली की चमक और मेघगर्जना का दौर चला।जिले के चौहटन, रामसर, गिराब इलाके में कहीं हल्की और मध्यम बारिश होने के समाचार मिले है। दिनभर की उमस के बाद शाम को ग्रामीण इलाकों में हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली। रविवार को बाड़मेर का अधिकतम पारा 41.6 और न्यूनतम 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे क्या- एक सप्ताह से ज्यादा दिन सक्रिय रहेगा मानसून: मौसम विभाग के मुताबिक अब एक सप्ताह से ज्यादा समय तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। अब तूफानी हवा के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी। अब मानसून के करीब 6-7 दिन तक सक्रिय रहने की संभावना है।

बिना ऑर्डर घर पहुंचे पार्सल,जानिए कैसे बचें इस स्कैम से:600 रुपए के ऑर्डर में कपूर की गोलियां, ऑनलाइन शॉपिंग का नया फ्रॉड

राजस्थान में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों को ‘फर्जी पार्सल’ भेजकर कैसे ठगा जा रहा है, इसका पूरा सच दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने अपने कैमरे में कैद किया है। इस पूरे स्कैम की पड़ताल के लिए हमने अलग-अलग शॉपिंग एप से कुछ सामान ऑर्डर किए थे। इसके कुछ दिन बाद ही हमारी पूरी डिटेल (नाम, पता और फोन नंबर) साइबर ठगों तक पहुंच गई। ठगों ने हूबहू वैसे ही फर्जी पार्सल तैयार किए। किसी बॉक्स में कपूर की गोलियां तो किसी में कम कीमत का सामान भरकर हमारे पते पर भेजने शुरू कर दिए। ऐसा एक नहीं 3-4 बार हुआ। ये सभी ऑर्डर कैश-ऑन डिलीवरी के थे। हमने पार्सल डिलीवर करने आए युवकों से सारी बातचीत को रिकॉर्ड किया। फिर साइबर एक्सपर्ट के जरिए डिलीवरी बॉय से लेकर इस ठगी से जुड़ी हर कड़ी को समझा। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- कैसे ठग फर्जी पार्सल तैयार कर आपके घर डिलीवर करते हैं? इससे बचने का तरीका क्या है? पड़ताल-1 : ऑर्डर करने के बाद कुछ दिन बाद ही ठगों के निशाने पर आई रिपोर्टर रिपोर्टर ने पिछले एक महीने में अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सामान ऑर्डर किए थे। ये ऑर्डर कैश-ऑन डिलीवरी के थे। यानी ऑर्डर घर पहुंचने पर ही उनका भुगतान करना था। ये सभी ऑर्डर हमें सामान्य तरीके से डिलीवर मिल गए थे। लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक एक मैसेज आया कि आपका 1067 रुपए का पार्सल डिलीवर होगा। इसके बाद डिलीवरी बॉय ने कॉल कर बताया- आपके नाम से एक्सप्रेस डिलीवरी फर्म के तहत पार्सल आया है। इसके लिए करीब 1067 रुपए का भुगतान करना होगा। बिना ऑर्डर किए पार्सल का हमारे एड्रेस पर आना चौंकाने वाला था। जैसे ही डिलीवरी बॉय पार्सल लेकर पहुंचा, हमने अपना कैमरा ऑन किया और उससे पूछताछ शुरू की। डिलीवरी बॉय ने अपने एप में ऑर्डर बुक दिखाई। उसमें रिपोर्टर का पूरा नाम, मोबाइल नंबर और घर का पता दर्ज था। पहली नजर में सबकुछ बिल्कुल असली जैसा लग रहा था। जब हमने ऑनलाइन शॉपिंग एप में जाकर ऑर्डर चेक किया तो पता चला कि इस नाम से कोई नया ऑर्डर था ही नहीं। जिस ऑर्डर का हवाला दिया जा रहा था, उसकी डिलीवरी हमें 15 दिन पहले ही हो चुकी थी। वो ऑर्डर मिन्त्रा (Myntra) एप से किया गया था। हमारी पड़ताल में सामने आया कि Myntra पर हमने जो ऑर्डर किया था, उसी की डिटेल चुराकर एक फर्जी पार्सल तैयार कर प्राइवेट डिलीवरी सर्विस से भेजा गया था। स्कैमर (ठगों) की पूरी कोशिश यही थी कि असली ऑर्डर की जानकारी होने के कारण ग्राहक बिना शक किए पैसे देकर पार्सल ले लेगा, लेकिन हमने उस ऑर्डर को लौटा दिया। पड़ताल-2 : तीन दिन बाद पहुंचा दूसरा पार्सल तीन दिन बाद ही फिर एक नया पार्सल घर के पते पर पहुंचा। इस बार पार्सल मेशो एप के नाम से था। डिलीवरी बॉय ने अपने सर्विस एप में हमें ऑर्डर दिखाया। वहां- रिपोर्टर का नाम, वही मोबाइल नंबर और पता दर्ज था। इतना ही नहीं, उसके पास डिलीवरी के लिए ओटीपी भी मौजूद था। रिपोर्टर ने इस बार डिलीवरी बॉय को अपने मोबाइल में मेशो का ऑफिशियल एप खोलकर उसकी ऑर्डर लिस्ट दिखाई। साफ दिखाई दे रहा था कि इस नाम से कोई ऑर्डर किया ही नहीं गया था। डिलीवरी बॉय भी हैरान रह गया। उसने साफ कहा- हम डिलीवरी पार्टनर हैं, हमारे पास जो ऑर्डर एप में आता है, जो एड्रेस उसमें दिया होता है, उसी के अनुसार डिलीवरी करते हैं। इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं होती। लगता है कि कोई थर्ड पार्टी इस पूरे सिस्टम का गलत फायदा उठा रही है। जब रिपोर्टर ने पार्सल लेने से इनकार कर दिया तो डिलीवरी बॉय उसे कैंसिल करने के लिए ओटीपी मांगा। रिपोर्टर ने ओटीपी साझा नहीं किया। इसके बाद कुछ समय बाद पार्सल अपने आप कैंसिल हो गया। पड़ताल-3 : तीसरी बार आया फर्जी ऑर्डर ठगों का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। मोबाइल पर मैसेज आया अगले 24 घंटे में मेशो एप से आपका पार्सल डिलीवर हो जाएगा। अगले ही दिन तीसरी बार एक और फर्जी पार्सल हमारे एड्रेस पर पहुंचा। पार्सल की कीमत करीब 586 रुपए थी। हमने डिलीवरी बॉय से कहा कि हमने ऐसे कोई ऑर्डर किया ही नहीं। इस पर उसने खुद स्वीकार करते हुए कहा फिर ये फर्जी होगा। हमने डिलीवरी बॉय से ऑर्डर के बॉक्स में आइटम चेक कराने को कहा। उसने डिब्बा खोलने से इनकार कर दिया, लेकिन खुद बॉक्स को चेक करने के बाद बताया कि इसमें कपूर की गोलियां भरी हुई हैं। 2 तरीके से होती है ठगी, डिलीवरी बॉय ने कैमरे पर बताई हकीकत पहला तरीका : पार्सल में पत्थर या घटिया सामान पैक कर देते हैं पड़ताल के दौरान ऑर्डर देने आए एक डिलिवरी बॉय ने बताया कि स्कैमर्स पहले किसी तरह ऑनलाइन ऑर्डर करने वाले ग्राहकों का डेटा हासिल करते हैं। इनकी नजर उन ग्राहकों पर रहती है जो कैश ऑन डिलीवरी सामान ज्यादा ऑर्डर करते हैं। ऐसे ग्राहकों का नाम, पते और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल हासिल कर लेते हैं। जैसे ही कोई ग्राहक ऑरिजनल ऑर्डर करता है तो इसकी जानकारी मिलते ही, ये कम कीमत वाला कोई सामान पैक कर एक फर्जी बॉक्स तैयार करते हैं। फिर उसे ग्राहक के पते पर कैश ऑन डिलीवरी के लिए भेज देते हैं। ग्राहक को लगता है कि शायद यह उसी का ऑर्डर है। कई ग्राहक बिना ऐप में चेक किए ऑर्डर की पेमेंट कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि उसने ऐसा कोई सामान मंगाया ही नहीं था। एक डिलीवरी बॉय ने बताया कि उसके पास डेली ऐसे 7-8 केस आ रहे हैं। जब वो डिलीवरी देने जाते हैं तब ग्राहक कहता है कि पार्सल उसने ऑर्डर नहीं किया। यह थर्ड पार्टी का काम है जो इस तरीके की गड़बड़ी कर रहे हैं। दूसरा : ऑर्डर कैंसिल करने के नाम पर भी हो सकती है ठगी साइबर एक्सपर्ट केशव शर्मा ने बताया कि साइबर ठग पार्सल कैंसिल कराने के बहाने भी शिकार बनाते हैं। कोई ग्राहक अगर यह कहकर पार्सल लौटाता है कि उसने ऑर्डर नहीं किया, तब एक लिंक भेजकर पार्सल कैंसिल करने या फिर OTP शेयर करने के लिए कहा जाता है। जैसे ही व्यक्ति ओटीपी साझा करता है या फिर संदिग्ध लिंक पर क्लिक करता है। साइबर ठग ग्राहक के फोन को हैक कर लेते हैं। इसके बाद तो कई ग्राहकों के बैंक खातों में जमा पैसा भी ठग लिया जाता है। केशव शर्मा के अनुसार, कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें लोगों ने कोई ऑर्डर ही नहीं किया, फिर भी उनके नाम और पते पर पार्सल पहुंच गया। इसके बाद ठग पार्सल को रद्द कराने के बहाने लिंक भेजते हैं या ओटीपी मांगते हैं। कभी भी ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक भी नहीं करना चाहिए। ज्यादातर लोग दर्ज नहीं करवाते शिकायत साइबर एसपी सुमित मेहरड़ा ने बताया कि इस फर्जी पार्सल स्कैम में ठगी की रकम आमतौर पर 500 से 1000 रुपये के बीच होती है। रकम कम होने के कारण अधिकांश पीड़ित शिकायत दर्ज नहीं करवाते। वे सोचते हैं कि थाने जाने और पूरी प्रक्रिया में समय लगेगा, जबकि यही सोच साइबर ठगों की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। उन्होंने बताया कि अगर ठग एक दिन में 500 फर्जी पार्सल भेजते हैं और उनमें से 100 लोग भी पार्सल स्वीकार कर लेते हैं, तो वे बड़ी रकम इकट्ठी कर लेते हैं। इसलिए लोगों का सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अगर किसी के नाम ऐसा पार्सल पहुंचे, जिसे उसने ऑर्डर ही नहीं किया हो, तो उसे किसी भी स्थिति में रिसीव न करें और भुगतान भी न करें। इस तरह के कई मामलों में डेटा ब्रीच की आशंका भी सामने आती है, जिससे साइबर अपराधियों तक लोगों का नाम, मोबाइल नंबर और पता पहुंच जाता है। साइबर एसपी ने कहा कि शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जाना जरूरी नहीं है। पीड़ित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आसानी से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान किसी तरह का फर्जी पार्सल, संदिग्ध डिलीवरी या धोखाधड़ी का प्रयास नजर आए तो तुरंत इसकी सूचना दें। —– यह खबर भी पढ़िए… 800 रुपए में पार्सल डिलीवरी, चाहे विस्फोटक हो या ड्रग्स:कैमरे पर रोडवेज ड्राइवर-कंडक्टर का अवैध सिस्टम, चेक तक नहीं करते कार्टन के अंदर क्या है? राजस्थान रोडवेज की बसों में 900 से 1 हजार रुपए लेकर धड़ल्ले से अवैध पार्सल भेजे जा रहे हैं। ड्राइवर-कंडक्टर पार्सल तक चेक नहीं करते कि इसमें ड्रग्स या हथियार तो नहीं? पटाखे या अन्य विस्फोटक तो नहीं, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए संकट बन जाए। पढ़ें पूरी खबर…

जेएनवीयू में प्रवेश शुल्क जमा करवाने का अंतिम अवसर:पृथ्वीराज नगर में दूषित पेयजल की सप्लाई से स्थानीय लोगों में रोष, अंगदान जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, पढें शहर की प्रमुख खबरें

पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में अमृत-2 योजना के तहत पेयजल पाइपलाइन बिछाने के कार्य के बीच तीन दिन के अंतराल के बाद हुई पेयजल आपूर्ति ने क्षेत्रवासियों की चिंता बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन डालने के दौरान सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके कारण पेयजल सप्लाई में सीवर का दूषित पानी मिलकर घरों तक पहुंच रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार नलों से बदबूदार, गंदा और मटमैला पानी निकल रहा है, जिससे लोग परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि इस दूषित पानी की आपूर्ति तत्काल नहीं रोकी गई तो क्षेत्र में जलजनित बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
अंगदान जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
मथुरादास माथुर अस्पताल में अंगदान जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन डायलिसिस विभाग में किया गया। इस दौरान नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा स्टाफ, मरीजो एवं उनके रिश्तेदारों को अंगदान से संबंधित जानकारियां साझा की गई और अंगदान के लिए प्रेरित किया गया। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि एक ब्रेन डेड मरीज के अंगों का दान करने से आठ व्यक्तियों का जीवन बचाया जा सकता है। इस अवसर पर प्रिंसिपल बीएस जोधा,अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित , नोडल ऑफिसर डॉ वंदना शर्मा उपस्थित रहे। कॉर्डिनेटर शालिनी ने अंग दान की महत्ता के बारे मे बताया। स्नातक प्रवेश शुल्क जमा करवाने का अंतिम अवसर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की ओर से विभिन्न स्नातक स्तरीय तीन वर्षीय/चार वर्षीय पाठ्यक्रमों के प्रथम सेमेस्टर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं एईडीपी के अनुसार सत्र 2026-27 के लिए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए जीएएस की प्रथम प्राथमिकता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सूची में जिन विद्यार्थियों का नाम आया है। परन्तु किसी कारण से शुल्क जमा नहीं करवा पाए उनके लिए विषयानुसार रिक्त रही सीटों पर 6 जुलाई एवं 7 जुलाई, 2026 को शुल्क जमा करवाने का अंतिम अवसर प्रदान किया है। वहीं जीएएस कैटेगरी की सीट पूर्ण हो जाने पर विद्यार्थी एसएफएस सीटों में शुल्क जमा करवा कर प्रवेश ले सकते है।
विद्यार्थियों की ओर से जमा करवाई गई फीस चालान एवं मय आवश्यक दस्तावेजों की हार्ड कॉपी (मूल दस्तावेजों से सत्यापन करवाकर) अगले 7 कार्य दिवसों में संबंधित संकाय/संस्थान/महाविद्यालय में जमा करवाना आवश्यक है। प्रवेश संबंधी वरीयता सूची के संबंध में सूचनाएं विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी जायेगी, अतः समय-समय पर विश्वविद्यालय की वेबसाइट का अवलोकन करते रहे।
विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित होगी महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय की प्रतिमा
मारवाड़ में आधुनिक उच्च शिक्षा की आधारशिला रखने वाले दूरदर्शी शासक महाराजा जसवंतसिंह द्वितीय की पंचधातु प्रतिमा का अनावरण 6 जुलाई 2026, सोमवार को प्रातः 10 बजे जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पुराने परिसर(ओल्ड कैंपस) में एक समारोह में किया जाएगा। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी ने बताया कि कार्यक्रम में
राजपरिवार के सदस्य गजसिंह द्वितीय जोधपुर सान्निध्य में होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिक्किम के महामहिम राज्यपा ओम प्रकाश माथुर होंगे तथा भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत अध्यक्षता करेंगे। इसके साथ ही राजेंद्र राठौड़, सतीश पूनिया, बाबूसिंह राठौड़ एवं अन्य नेतागण कार्यक्रम में पूज्य संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, पूर्व विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
आयोजन समिति ने विश्वविद्यालय परिवार, पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा समस्त नागरिकों से इस अवसर पर उपस्थित होकर मारवाड़ की शैक्षणिक विरासत के इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बनने का आग्रह किया है।

रिफाइनरी का उद्‌घाटन पीएम मोदी ने किया:देश का 3.5 प्रतिशत कच्चा तेल पचपदरा में रिफाइन होगा; 54 हजार को नौकरी, जयपुर को मेट्रो 2.0

दशकों के इंतजार के बाद आखिरकार थार के रेगिस्तान की तकदीर बदल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक और पहली ग्रीन फील्ड रिफाइनरी का उद्घाटन किया। साथ ही जोधपुर एयरपोर्ट पर टर्मिनल ‘उड़ान’ शुरू किया।जयपुर में मेट्रो के सेकंड फेज की आधारशिला रखी गई। इस मौके पर पीएम मोदी ने पश्चिमी राजस्थान के लिए रिफाइनरी को आर्थिक क्रांति का इंजन बताया। साथ ही, पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सियासी प्रहार करते हुए कहा, ‘हम उन लोगों में से नहीं हैं, जो सिर्फ चुनाव के समय शिलान्यास पत्थर लगा देते हैं। हमारी सरकार जिस प्रोजेक्ट का शिलान्यास करती है, उसका तय समय पर लोकार्पण भी करती है।’ पचपदरा देश की 24वीं रिफाइनरी है। इससे पहले पीएम मोदी ने एचआरआरएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। मोदी ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण 60% एलपीजी आयात प्रभावित थी फिर भी हमने ₹2,000 रुपए का सिलेंडर ₹950 रुपए से कम में दिया। कंपनियों के 75 हजार करोड़ का नुकसान सरकारी खजाने ने उठाया। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, सीएम भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा मौजूद रहे। भास्कर एक्सप्लेनर – अमेरिका, जापान-यूरोप की तकनीक, 1.8 लाख बैरल तेल रोज रिफा​इन होगा 1 दिन में 54000 नियुक्ति पत्र बांटे राजस्थान के इतिहास में रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाते हुए एक ही दिन में 54,000 युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों के नियुक्ति पत्र सौंपे गए। पीएम ने कहा कि अब बाड़मेर, बालोतरा और जोधपुर के युवाओं को रोजगार के लिए दक्षिण भारत या गुजरात के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट से लाखों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हो रहे हैं। -राजस्थान पेज भी पढ़ें भास्कर किस्सा – मोदी ने चयनित सिपाही से कहा-डरो मत, भागो मत… पिंडवाड़ा निवासी पिंटाराम सिपाही का नियुक्ति पत्र लेकर हड़बड़ाहट में मंच से लौटने लगे। तभी पीएम मोदी ने हाथ पकड़ कर रोक लिया। मोदी ने कहा कि डरो मत, भागो मत…। प्रधानमंत्री ने पीठ थपथपाई और आगे भी मेहनत करते रहने का कहकर हौसला बढ़ाया। पिंटाराम ने बताया कि वर्ष 2025 में पुलिस कांस्टेबल के पद पर चयन हुआ है। नियुक्ति उदयपुर में है। यह मेरे परिवार की पहली सरकारी नौकरी है। प्रधानमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त करना मेरे जीवन का यादगार पल है। मोदी बोले- राजस्थान की मिट्‌टी का मैं कर्जदार हूं “मैं राजस्थान की मिट्टी का कर्जदार हूं। इस भूमि के हर कण ने स्वाभिमान का महत्व सिखाया है। स्वाभिमान तभी संभव है जब कोई आत्मनिर्भर हो। आज राजस्थान ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रिफाइनरी हजारों के लिए रोजगार का जरिया बनेगी।” -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (रिफाइनरी के उद्घाटन के मौके पर) राज्य की भाग्य रेखा बनेगी हमारी रिफाइनरी “80 हजार करोड़ से बनी रिफाइनरी राज्य की भाग्यरेखा बनेगी। रिकॉर्ड समय में 1.78 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और निजी क्षेत्र में 4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।” -भजनलाल शर्मा, मुख्यमंत्री, राजस्थान

राजस्थान में 1.23 लाख नई नौकरी मिलेंगी:टीचर-लेक्चरर के सबसे ज्यादा पद बढ़े; 11 साल बाद पैटर्न बदलने का असर

नई भर्तियों का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए स्टाफिंग पैटर्न नई उम्मीद बन सकता है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 11 साल बाद स्टाफिंग पैटर्न करने की तैयारी है। इससे यहां पदों की संख्या में बड़ा बदलाव होगा। विभाग में 1 लाख 23 हजार 186 पोस्ट बढ़ाने का प्रस्ताव है। जो वर्तमान में स्वीकृत पदों का करीब 32 फीसदी है। विभाग की ओर से तैयार किए गए स्टाफिंग पैटर्न के प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में स्वीकृत पद 3 लाख 92 हजार 431 है। इन पदों की तुलना में अब 5 लाख 15 हजार 617 पदों की जरुरत बताई गई है। इससे पहले वर्ष 2015 में स्टाफिंग पैटर्न हुआ था। 2 कैडर की पोस्ट में होगी सबसे ज्यादा बढ़ोतरी सबसे अधिक बढ़ोतरी स्कूल लेक्चरर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रस्तावित है। वर्तमान में लेक्चरर के 55 हजार 114 पद स्वीकृत हैं, जबकि समीक्षा के बाद इनकी आवश्यकता 84 हजार 241 पोस्ट कैलकुलेट की गई है। यानी लेक्चरर के नए 29 हजार 127 नए पद जोड़ने का प्रस्ताव है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के वर्तमान में 27 हजार 720 पद स्वीकृत हैं। इन पदों में 23 हजार 840 की बढ़ोतरी कर 51 हजार 560 पद करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। क्या है स्टाफिंग पैटर्न स्टाफिंग पैटर्न वह व्यवस्था है जिसके आधार पर यह तय किया जाता है कि किसी स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या, कक्षाओं, विषयों और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार कितने शिक्षक, प्रधानाचार्य, पुस्तकालयाध्यक्ष और अन्य कर्मचारी होने चाहिए। क्या होगा पैटर्न बदलने का असर विभाग का मानना है कि पदों में बढ़ोतरी से स्कूलों में बच्चों की विषयवार पर्याप्त शिक्षक मिल सकेंगे। स्कूलों की मॉनिटरिंग आसान होगी और स्कूलों में सफाई, रखरखाव और अन्य दैनिक व्यवस्थाओं में सुधार होगा। फिलहाल स्टाफिंग पैटर्न समीक्षा के आधार पर तैयार किया गया प्रस्ताव है। इसको वित्त विभाग को भेजा जाएगा। वित्तीय स्वीकृति मिलने पर राज्य सरकार नए पदों के सृजन को मंजूरी देगी। इसके बाद पदों का अंतिम निर्धारण, कैडरवार स्वीकृति और चरणबद्ध तरीके से भर्ती या पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू होगी। अंतिम निर्णय राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होगा। यह होगा फायदा
यदि स्टाफिंग पैटर्न को सरकार से मंजूरी मिलती है और यह लागू होता है तो विद्यालयों में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात बेहतर होगा। विषयवार शिक्षकों की कमी दूर होगी। प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों का संचालन मजबूत होगा। शिक्षा में सुधार होगा। प्रमोशन के मौके पर भी बढ़ेंगे राजस्थान प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने बताया कि- यह प्रस्ताव बेरोजगार युवाओं के लिए ही नहीं, सेवारत शिक्षक-कर्मचारियों के लिए भी नई उम्मीद लेकर आया है। इससे नई भर्तियां निकलेंगी। पदोन्नति के अधिक अवसर मिलेंगे। सरकार को चाहिए कि इसके वर्तमान में चल रहे शिक्षा सत्र से ही लागू कर दिया जाए। पेपरलीक माफिया जगदीश की पत्नी गिरफ्तार पेपर लीक माफिया जगदीश की पत्नी ने लीक पेपर पढ़कर सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा दी थी। एसओजी ने वर्ष 2019 में हुई भर्ती के मामले में जगदीश की पत्नी सरस्वती को गिरफ्तार किया है। सरस्वती अभी सेकंड ग्रेड टीचर है। एसओजी ने सोमवार तक रिमांड पर लिया है। इस मामले में एसओजी पोरव कालेर गैंग के सदस्यों सहित 10 आरोपी पूर्व में गिरफ्तार कर चुकी है। इसी मामले में गिरफ्तार हर्षवर्धन पटवारी की पूछताछ में सरस्वती की भूमिका सामने आई। आवेदन में यूनिक भांबू वाले फ्लैट का एड्रेस उसने अन्य आरोपियों से पेपर लिया था। इस परीक्षा उसने पास कर ली थी, लेकिन वेटिंग क्लियर नहीं होने से चयन नहीं हुआ था। सरस्वती ने महिला सुपरवाइजर पद के लिए जो आवेदन किया था, उसमें अपना एड्रेस जयपुर के ग्रीन कॉलोनी स्थित फ्लैट में बताया था। एसआई भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के आरोपी यूनिक भांबू का भी एड्रेस यही था। एसओजी जांच कर रही है कि पता गलत भरा गया था या इसके पीछे कोई साजिश थी।
…. ये खबर भी पढ़िए… सीनियर टीचर भर्ती के 886 पद घटाए:अब 9 हजार 651 पदों के लिए होगी परीक्षा; 12 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स राजस्थान लोक सेवा आयोग ने सीनियर टीचर भर्ती के 886 पद घटा दिए गए है। अब यह भर्ती कुल 9,651 पदों पर की जाएगी। इस परीक्षा में 12 लाख तीस हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन किया है। पूरी खबर पढ़िए…

कांग्रेस हाईकमान पंजाब प्रधान बदलने को राजी था:सिंगला पर चन्नी भी सहमत थे, अचानक वड़िंग की वापसी क्यों; चन्नी ने मीटिंग में क्या कहा

पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे के बीच नए खुलासे सामने आए हैं। कांग्रेस हाईकमान पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला को प्रधान बनाने वाला था। चन्नी को कैंपेन कमेटी का प्रमुख बनाना था। खुद चन्नी भी इसके लिए राजी थे। इसकी वजह ये थी कि विजयइंदर सिंगला हिंदू नेता हैं और पंजाब सिख स्टेट होने के नाते पहले भी कांग्रेस सुनील जाखड़ को सीएम बनाने से इनकार कर चुकी है। ऐसी सूरत में चन्नी ही सबसे बड़े दावेदार होते। मगर, ऐन वक्त पर हाईकमान ने फैसला बदलते हुए अमरिंदर राजा वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रख दी। चन्नी की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह यही है। असल में ऐसा होने से 2027 के चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने की सूरत में राजा वड़िंग CM कुर्सी के दावेदार बन जाएंगे। प्रधान रहते टिकट बंटवारे में वड़िंग अपने समर्थकों को भी ज्यादा टिकट दिला सकते थे। इसी बीच चन्नी के घर 3 जुलाई को हुई करीब 50 नेताओं की मीटिंग की इनसाइड स्टोरी भी सामने आई है। जिसमें चरणजीत चन्नी ने दोटूक कहा कि असीं राजे दी प्रधानगी च कम्म नहीं कर सकदे (हम राजा वड़िंग के प्रधानगी के अधीन काम नहीं कर सकते)। मीटिंग में मौजूद नेताओं ने हाथ उठाकर इस पर सहमति जताई। राजा वड़िंग की अचानक प्रधानगी बरकरार रखने की सबसे बड़ी वजह क्या रही?, चन्नी के घर बंद कमरा मीटिंग में क्या-क्या हुआ, ये जानने के लिए पढ़िए दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट… कांग्रेस हाईकमान ने कमेटी की रिपोर्ट दरकिनार कर वड़िंग को प्रधान क्यों बनाए रखा? कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेस के मुताबिक अजय माकन की कमेटी और सर्वे रिपोर्ट में चरणजीत चन्नी सबसे बड़े नेता बनकर उभरे। रिपोर्ट में यहां तक दावा किया गया था कि 13 में से 7 लोकसभा सीटों में चन्नी CM भगवंत मान से भी ज्यादा पॉपुलर हैं। इसी वजह से चन्नी को प्रधान बनाने की सिफारिश की गई थी। चन्नी को भी इसका पता चल चुका था। इसीलिए चन्नी ने चंडीगढ़ में राजा वड़िंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ सीएम भगवंत मान के खिलाफ चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी बीच कांग्रेस हाईकमान को लगा कि चन्नी को प्रधान बनाने से हिंदू समीकरण फिट नहीं बैठ रहे। विधायक दल नेता जट्‌टसिख प्रताप बाजवा हैं और दलित सिख फेस चन्नी प्रधान बन जाएंगे तो हिंदुओं की एडजस्टमेंट में दिक्कत हो रही थी। दूसरा बड़ा कारण था कि इस फैसले से चन्नी पंजाब की पूरी पावर अपने हाथ में ले सकते हैं। इसलिए हाईकमान ने फिर मंथन किया और उसमें चन्नी को कैंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन और विजयइंदर सिंगला को प्रधान बनाने पर मंजूरी दी। चन्नी को कहा गया कि कैंपेन कमेटी के चेहरे के तौर पर चन्नी ही उनके फ्रंट फेस होंगे। सिंगला सिर्फ हाईकमान के चेहरे के तौर पर रहेंगे। चन्नी को इस फैसले से भी कोई नाराजगी नहीं थी। लेकिन जब लिस्ट जारी हुई, तो उसमें प्रधान का नाम राजा वडिंग था। जिसकी वजह से चन्नी गुट नाराज हो गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान को कुछ सीनियर लीडर्स का फीडबैक मिला कि पंजाब में हाल ही में जिला और ब्लॉक इकाइयों का गठन किया गया है। जिला व ब्लॉक इकाइयां राजा वड़िंग के नेतृत्व में बनी हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग उनके गुट के ही हैं। अगर अब नया प्रधान लगाया गया तो गुटबाजी के कारण ब्लॉक व जिला इकाइयों के नेता नए प्रधान को सहयोग नहीं करेंगे। जिसका खामियाजा पार्टी को ग्राउंड लेवल पर भी झेलना पड़ेगा। चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने भी कहा था कि यह समय नेतृत्व परिवर्तन का नहीं है। नए प्रधान से रिजल्ट लेने के लिए कम से कम 24 महीने का वक्त चाहिए जबकि आठ महीने बाद पंजाब में चुनाव हैं। इसी वजह से राजा वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रख दी गई। अब जानिए, चन्नी के घर हुई मीटिंग में क्या-क्या हुआ देर शाम खड़गे का चन्नी को फोन आया
पूर्व विधायक के मुताबिक, बात बढ़ते देख देर शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुद चन्नी को फोन किया। उन्होंने चन्नी से कहा कि वो गुस्से में आकर कोई जल्दबाजी न करें। खड़गे ने वादा किया कि वो एक-दो दिन के अंदर चन्नी से खुद मुलाकात करेंगे और बात सुलझाएंगे। विजयंइदर सिंगला प्रधान बनते तो चन्नी आश्वस्त थे कि सरकार बनने पर वही सीएम कुर्सी के सबसे बड़े दावेदार होंगे। पंजाब में कांग्रेस हिंदू नेता को सीएम नहीं बनाती। पहले सुनील जाखड़ को भी इसी वजह से नहीं बनाया था। अब वड़िंग प्रधान हैं तो बहुमत मिलने पर बराबर दावेदारी तो होगी ही, इसके साथ टिकट बंटवारे से लेकर हर काम में वड़िंग का दखल होगा। वड़िंग समर्थकों को ज्यादा टिकट मिले और वह जीतकर आए तो वड़िंग के लिए लॉबिंग करने भी आसानी होगी। इसी बात का चन्नी को डर है। राजा वडिंग गुट ने शुरू की लॉबिंग
चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने घर में नेताओं का जमघट लगाकर शक्ति प्रदर्शन किया तो इधर राजा वडिंग के गुट ने भी लॉबिंग शुरू कर दी। राजा वडिंग को प्रधान बनाए रखने की खुशी में जिला अध्यक्षों, हलका इंचार्जों ने लड्‌डू बांटने शुरू कर दिए। लड्‌डू बांटने के जरिए वो हाईकमान को मैसेज देना चाहते हैं कि उनके साथ कितने नेता हैं। लुधियाना में जिला प्रधान संजय तलवाड़, पूर्व जिला प्रधान पवन दीवान, पूर्व विधायक सुरिंदर डावर समेत कई नेताओं ने राजा वडिंग को प्रधान बनाए रखने पर हाईकमान का धन्यवाद किया और लड्‌डू बांटे। *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस में टूट का डर, हाईकमान अलर्ट: दिल्ली से चन्नी को कॉल, बड़ा फैसले लेने से रोका; प्रधान वड़िंग बोले- मैं CM की रेस में नहीं बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की तरह पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से 8 महीने पहले ही टूट के आसार बने हुए हैं। सांसद राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने को लेकर पूर्व CM व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी के बगावती तेवर देख कांग्रेस हाईकमान एक्टिव हो गया है। दिल्ली से एक सीनियर नेता ने चन्नी को कॉल कर अभी कोई बड़ा कदम न उठाने को कहा है। (पढ़ें पूरी खबर)

महाराष्ट्र के वसई में 20 कारें डूबीं:नदी खतरे के निशान के करीब; छत्तीसगढ़ में घरों में पानी घुसा; गुजरात में कार बही

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने इन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। गुजरात के जूनागढ़ में तेज बारिश से कई इलाकों में 4 फीट तक पानी भर गया। सड़क पर नाव चलानी पड़ रही है। भावनगर में एक कार पानी में बह गई। उधर, महाराष्ट्र में बारिश से जनजीवन प्रभावित है। वसई के नालासोपारा में सड़क नदी जैसी बन गई। करीब 20 कारें उसमें डूब गईं। मुंबई में 64 पेड़ गिर गए और 8 मकानों की दीवारें ढह गईं। पालघर में बाढ़ के पानी में बहने से 6 साल के बच्चे की मौत हो गई। प्रशासन ने 180 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर में शनिवार रात आधे घंटे के भीतर ही 30 मिमी पानी बरसा। टाटीबंध में घरों में पानी भर गया। दिल्ली, यूपी, पंजाब और उत्तराखंड सहित देश के 13 राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई है। मानसून आज पूरे देश को कवर कर सकता है… देशभर से बाढ़-बारिश की 3 तस्वीरें… देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…