फर्जी बीपीएड डिग्री दिलाने वाला दलाल गिरफ्तार:जे.एस. विश्वविद्यालय शिकोहाबाद से बैक डेट में जारी करवाई गई थी फर्जी डिग्री, डेढ़ लाख में हुआ था सौदा

राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी बीपीएड डिग्री के जरिए नौकरी दिलाने के मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित दलाल पंकज कुमार जैन को गिरफ्तार किया है। ADG एसओजी, विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी ने कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2022 में उत्तर प्रदेश के जे.एस. विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद से फर्जी बीपीएड डिग्री जारी करने के मामले का खुलासा किया था। इस संबंध में 27 नवंबर 2024 को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। 1.30 लाख रुपए में हुआ था फर्जी डिग्री का सौदा जांच में सामने आया कि दलाल पंकज जैन ने अपने सहयोगी पवन सिंह चौहान उर्फ पी.एस. चौहान के साथ मिलकर भर्ती अभ्यर्थी राजेश कुमार फागणा को फर्जी बीपीएड मार्कशीट उपलब्ध कराने का सौदा 1 लाख 30 हजार रुपए में किया था। आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों से मिलीभगत कर राजेश फागणा का बैक डेट में प्रवेश दर्शाया गया और उसे वर्ष 2017-19 सत्र की चारों सेमेस्टर की फर्जी मार्कशीट उपलब्ध करवाई गई। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल की सरकारी नौकरी एसओजी की जांच के अनुसार, फर्जी मार्कशीटों के आधार पर राजेश फागणा ने अवैध रूप से शारीरिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली थी। मामले की जांच में विश्वविद्यालय स्तर पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। विश्वविद्यालय के चांसलर और रजिस्ट्रार सहित तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार इस प्रकरण में पूर्व में जे.एस. विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद के चांसलर, रजिस्ट्रार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी लगातार पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। जयपुर से दबोचा गया वांछित दलाल एसओजी ने वांछित आरोपी पंकज कुमार जैन (42) निवासी मूलतः नैनवां, बूंदी तथा वर्तमान निवासी संजय नगर, धाबास रोड, जयपुर को 23 जून 2026 को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूरे गिरोह की भूमिका की जांच जारी एसओजी अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी डिग्री और मार्कशीट तैयार कर सरकारी नौकरियां दिलाने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने अभ्यर्थियों को इसका लाभ पहुंचाया गया।

युवक को किडनैप कर पीटने वाले हिस्ट्रीशीटरों की परेड:लंगड़ाते हुए चले तो कभी सड़क पर बैठे; लोग रुक-रुककर देखते रहे

भीलवाड़ा में युवक का अपहरण कर मारपीट और फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने 3 हिस्ट्रीशीटर की परेड निकलवाई। उन्हें बाजार मेंपुलिस ने थाने से 1 किमी दूर तीनों को सड़क पर पैदल चलवाया। तीनों लगड़ाते हुए चले तो कभी रास्ते में बैठकर आराम करने की गुहार लगाते नजर आए। पुलिस थाने का 25 का जाब्ता इन्हें लेकर निकला तो सड़क पर भीड़ जमा हो गई। वाहन सवार लोग रुक-रुक कर ये परेड देखते रहे। किडनैप कर बुरी तरह पीटा था अब PHOTOS में देखें अपराधियों की परेड…

शिवसेना उद्धव गुट को संसद में ऑफिस खाली करना होगा:टूट के बाद सांसदों की संख्या 5 से कम हुई; 2 सांसद लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे

शिवसेना (UBT) को संसद भवन में अपना मौजूदा ऑफिस खाली करना पड़ सकता है। संसद भवन के नियमों के मुताबिक, सिर्फ 5 या उससे ज्यादा सांसदों वाली पार्टी को संसद भवन में ऑफिस मिल सकता है। लोकसभा अध्यक्ष जैसे ही छह सांसदों के शिंदे गुट में विलय को औपचारिक मान्यता दे देते हैं। UBT के पास सिर्फ 4 सांसद (3 लोकसभा और 1 राज्यसभा) रह जाएंगे। ऐसे में संसद भवन में उन्हें अपना मौजूदा ऑफिस (128A ) खाली करना पड़ सकता है। पार्टी के दो लोकसभा सांसद अनिल देसाई और अरविंद सावंत बुधवार शाम लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में उनसे मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हमने स्पीकर साहब से कहा कि अगर कोई आपके पास बागी गुट का पत्र आया है तो हमें बताएं। पर अभी ऐसा कुछ नहीं आया है और हमें कागज नहीं मिला। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 22 जून को बगावत हो गई थी। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए थे। शिवसेना में 4 साल में दूसरी टूट शिंदे के साथ सभी 6 सांसदों ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टूट का ऐलान किया। शिंदे ने कहा, ‘जब 2022 में हमने पार्टी और धनुष-बाण बचाने के लिए विद्रोह किया था, तब 40 विधायक थे और अब हमने छक्का लगाया है।’ उन्होंने कहा, ‘ हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए है, इसीलिए आज ये 6 सांसद बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल हुए।’ उद्धव के शिवसेना का मुखिया रहते पार्टी में 4 साल में यह दूसरी बड़ी बगावत है। 8 दिन में 6 सांसद बागी हुए 14 जून को उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में संसदीय दल की बैठक बुलाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें 4 सांसद नहीं पहुंचे थे। इसके बाद से पार्टी में टूट की अटकलें लगाई जानी लगी थीं। शिवसेना से पहले AAP-TMC के 27 सांसद बागी हुए पिछले 3 महीने के दौरान विपक्षी गुट के 27 सांसदों ने अपनी पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा या NDA को समर्थन दिया है। इनमें 7 AAP के राज्यसभा सांसद और 20 TMC के लोकसभा सांसद हैं। शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलों के बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) चीफ और यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होने वाली है और पार्टी के कई नेता BJP में शामिल होने के लिए तैयार हैं। सपा चीफ अखिलेश यादव ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि सपा मजबूत और एकजुट है। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपने विधायक पाला बदलने वाले हैं। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… उद्धव की पार्टी टूटी, राउत ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में गाली दी, 9 में से 6 सांसद बागी महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी। राउत ने कहा- ये साले #$% के। ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। पूरी खबर पढ़ें…

अलवर में नगर निगम ने 16 कोचिंग किए सील:कोचिंग संचालक और अधिकारी उलझे; दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

लखनऊ में एक बिल्डिंग में भीषण आग लगने पर 15 लोगों की मौत के 3 दिन बाद अलवर नगर निगम प्रशासन चेता। नगर निगम का दस्ता शहर के नयाबास सर्किल पर बुधवार शाम को पहुंचा और 14 कोचिंग व लाइब्रेरी सील कर दी। कार्रवाई के बीच कुछ छात्र जल्दी से इधर-उधर निकलने लगे। किसी को कुछ समझ नहीं आया कि कोचिंग में क्या हो गया। कुछ छात्रों ने कहा- हमारे मोबाइल औश्र बैग भी अंदर रह गए और कोचिंग को सील कर दिया गया। वहीं आगामी दिनों में वनपाल सहित कई प्रतियोगी परीक्षाएं भी हैं। इस दौरान नगर निगम अधिकारी और कोचिंग संचालकों में तनातनी भी हो गई। कोचिंग संचालक ने दी एक्सईएन को धमकी- नौकरी खा जाऊंगा कार्रवाई के दौरान ‘करियर मेकर’ कोचिंग संचालक और नगर निगम की टीम के बीच तनातनी हो गई। निगम के एक्सईएन धर्मेन्द्र मीणा ने कोचिंग संचालक से तू-तड़ाक करते हुए बात की। इस पर कोचिंग संचालक ने निगम अधिकारियों पर अभद्र भाषा में बात कर बेइज्जत करने और वसूली के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए। विवाद बढ़ने पर कोचिंग संचालक ने निगम एक्सईएन धर्मेन्द्र मीणा को ‘नौकरी खाने…’ तक की धमकी दे डाली। संचालक ने कहा- आपके घर का अवैध निर्माण भी सबके सामने लेकर आऊंगा। स्टूडेंट्स बोले- अब कहां पढ़ेंगे, बैग अंदर रह गए जैसे ही कोचिंग और लाइब्रेरी को सील करने की कार्रवाई शुरू हुई, नयाबास सर्किल पर सैकड़ों युवाओं और छात्रों की भारी भीड़ जमा हो गई। छात्रों ने निगम की इस अचानक कार्रवाई का विरोध करते हुए चिंता जताई। वनपाल की तैयारी कर रहे डीग के छात्र साक्ष्य ने कहा- वनपाल सहित कई बड़ी भर्ती परीक्षाएं होने वाली हैं। ऐसे में कोचिंग बंद होने से हम अब कहां पढ़ेंगे? हमें मजबूरन वापस गांव लौटना पड़ेगा। हमारे मोबाइल कोचिंग के अंदर रह गए। अलवर के सकट के युवक महेंद्र कुमार मीणा ने कहा- प्रशासन को करना चाहिए, वो नहीं किया। नाले तुड़वा दिए, उन्हें सही नहीं कराया। अचानक कोचिंग बंद कर गलत किया है। कुछ परेशान छात्रों ने बताया- कार्रवाई इतनी आनन-फानन में हुई कि हमारे बैग और किताबें भी कोचिंग और लाइब्रेरी के अंदर ही रह गए। बिना फायर NOC चल रहे 80 संस्थान फायर ऑफिसर अमित मीणा ने बताया- 14 लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर्स को बुधवार को सील करने का टारगेट लेकर निकले। शहर में करीब 80 कोचिंग और लाइब्रेरी ऐसी हैं, जो बिना फायर एनओसी के धड़ल्ले से चल रही हैं। छात्रों की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं किया जाएगा।

डोटासरा बोले-गहलोत के पैरों में गिरकर रोए थे किरोड़ी:बेनीवाल को चैलेंज किया था,10 मिनट में सरेंडर हो गए; नैतिकता है तो इस्तीफा देना चाहिए

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधा। डोटासरा ने आरोप लगाया है कि किरोड़ी लाल मीणा तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाए थे। साथ ही डोटासरा ने किरोड़ी लाल पर खाद-बीज छापों के नाम पर सैकड़ों करोड़ रुपए की अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है। दरअसल, किरोड़ी लाल मीणा ने डोटासरा के बेटे-बहू पर गलत तरीके से OBC सर्टिफिकेट बनवाकर RAS बनने के आरोप लगाए थे। इसकी जांच के लिए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी। इसी पर डोटासरा ने अब पलटवार किया है। डोटासरा ने कहा- आज मैं सार्वजनिक रूप से कह रहा हूं, मुझे किरोड़ी ने एक बार कहा था कि मुख्यमंत्री से अलग से बात करनी है। मुलाकात के 15 मिनट बाद जब अशोक गहलोत बाहर आए, तो उन्होंने मुझसे पूछा कि इसे मेरे पास क्यों लाए थे? मैंने पूछा कि क्या हो गया? इस पर गहलोत बोले कि यह मेरे पैरों में पड़ गया और रोने लगा कि मेरे खिलाफ दर्ज मुकदमे हटा दीजिए। डोटासरा ने आगे कहा- वह आदमी जो अशोक गहलोत के पैरों में पड़कर रोने लगा था कि मेरे मुकदमे हटा लो, वह आज हम पर आरोप लगा रहा है, उसे शर्म आनी चाहिए। डोटासरा ने जयपुर शहर कांग्रेस के एक कार्यक्रम में ये बातें कही। डोटासरा ने कही ये 5 अहम बातें… 1. किरोड़ी ने बेनीवाल को चैलेंज किया था, 10 मिनट में ही सरेंडर हो गए
डोटासरा ने कहा- किसी को इतना मत छेड़ो कि तुम्हारा बुढ़ापा खराब हो जाए। किरोड़ी ने एक दिन हनुमान बेनीवाल को चैलेंज किया था, लेकिन 10 मिनट में ही सरेंडर हो गए। किरोड़ी जी की ‘भ्या’ बोल गई। आप किसको चैलेंज कर रहे हो? डोटासरा ने कहा- 4 साल से यह राग अलाप रहे हो कि कांग्रेस का फलां नेता चोर है, अब आपका समय आ गया है। अब तो जांच तुम्हारी होनी चाहिए। हमारी किस बात की जांच कर रहे हो? ये ढाई साल से जांचों के पकौड़े तल-तलकर खा रहे हैं। सरकार में बैठे हो, तुम लोगों को शर्म आनी चाहिए। 2. थोड़ी बहुत भी नैतिकता है तो इस्तीफा देना चाहिए
डोटासरा ने कहा- थोड़ी बहुत भी नैतिकता बची है तो किरोड़ी लाल को इस्तीफा देना चाहिए। सरकार से जांच करवा लो, आपका भी पता लग जाएगा। ऐसा नहीं होता कि किसी के बच्चों पर हाथ डाल दो या किसी के बच्चों को बदनाम कर दो। उन्होंने आगे कहा- किरोड़ी कह रहे हैं कि उन्हें 9 दिनों से नींद नहीं आ रही है। जब आप दूसरों पर आरोप लगाते हो, तब तो मदमस्त हाथी की तरह सोते हो। जब खुद पर आंच आती है, तो आपको नींद नहीं आती। यह दोहरा चरित्र कब तक चलेगा? इनके पास कोई जवाब नहीं है। डोटासरा ने कहा- मैंने विधानसभा में भी कहा था कि मैं कोई कच्चा गोला नहीं हूं जिसे तुम खा जाओगे। मैं राजनीति शौक से करता हूं और मैं भी उस खानदान से आता हूं जहां डरने का कोई नामोनिशान नहीं है। 3. एक भी मंत्री किरोड़ी के पक्ष में नहीं बोला
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा- हमारे कांग्रेस के नेताओं को इनके भ्रष्टाचार पर खुलकर बोलना चाहिए। बीजेपी के एक भी मंत्री ने किरोड़ी लाल मीणा के पक्ष में बयान दिया हो तो बताइए। सब जानते हैं कि कौन कितने पानी में है। इसलिए ऐसा नहीं है कि आप ही राजा हरिशचंद्र हैं। सबका जमीर है, सबका परिवार है और सबकी इज्जत-आबरू है। अगर आप दूसरों पर नाजायज और झूठे लांछन लगाओगे, तो खुद पर लगे सच्चे आरोपों का जवाब भी आपको जनता के सामने देना पड़ेगा। 4. मुख्यमंत्री मुझ पर लगे आरोपों की जांच करवाएं, लेकिन खाद-बीज छापों की भी जांच हो
डोटासरा ने कहा- मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करना चाहता हूं कि किरोड़ी ने जो आरोप मुझ पर और मेरे संबंधियों पर लगाए हैं, उनकी जांच करवा दें। लेकिन इस बीज और खाद घोटाले में पैसा कहां-कहां से उठा, कहां-कहां तक गया और किस-किस में बंटा, इसकी भी जांच मुख्यमंत्री को करवानी चाहिए। करवाइए जांच, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। 5. 1200 छापों में 400 से 500 करोड़ का खेल हुआ
डोटासरा ने कहा- किरोड़ी ने मेरे खिलाफ मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है, वैसी ही जांच की चिट्ठी उन्हें अपने ही विभाग में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए भी लिखनी चाहिए। खाद-बीज के नाम पर अब तक 1200 छापे डाले गए हैं और इनमें 400 से 500 करोड़ रुपए का खेल हुआ है। अगर किरोड़ी कट्टर ईमानदार हैं, तो उन्हें इसकी जांच करवाने के लिए भी मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखनी चाहिए। किरोड़ी का पलटवार, परिवार के लोगों को अफसर बनाने कौन-कौन से पाप किए थे?
गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने पलटवार किया। किरोड़ी ने लिखित बयान जारी कर कहा- जिन लोगों ने अपने कुशासन में भ्रष्टाचार और साजिशों से युवाओं के सपनों को कुचला, भर्तियों की निष्पक्षता को दांव पर लगाया और योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार छीने, वे आज भी सच से मुंह मोड़कर खुलेआम झूठ परोस रहे हैं। झूठ और भ्रम फैलाने से जनता का ध्यान आपके किए गए पापों से नहीं भटक सकता। किरोड़ी ने कहा- ‘छात्रों की गूंज’ में युवा आपके झूठ और फरेब नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के सपनों के साथ 5 साल तक किए घिनौने कुकृत्यों का जवाब जानना चाहता है। जरा छात्रों को बताओ तो सही कि कैसे आपने अपने परिवार के सदस्यों को प्रशासनिक अधिकारी बनाया और इसके लिए कौन-कौनसे पाप किए थे? ‘श्रीवाल्मीकि-रामायणम्’ कहती है- अवश्यमेव लभते फलं पापस्य कर्मण:। —- डोटासरा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए.. डोटासरा बोले- शेखावाटी को झूठे MOU नहीं, पानी चाहिए, यमुना जल पर राजस्थान के हितों से समझौते की तैयारी हो रही, यह खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शेखावाटी को यमुना का पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट पर होने वाले नए समझौते पर सवाल उठाए हैं। डोटासरा ने नए एग्रीमेंट में राजस्थान के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया है। पाइपलाइन से राजस्थान तक पानी लाने पर रास्ते में हरियाणा के गांवों में लीकेज की आशंका जताई है। पढ़ें पूरी खबर

कांग्रेस बोली-सरकार के संरक्षण में हुआ उज्जैन जमीन खरीद घोटाला:बीजेपी और संघ की मिलीभगत; बीजेपी का जवाब- ये राज्यसभा चुनाव हारने की हताशा

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश सरकार के संरक्षण में उज्जैन में जमीन खरीद घोटाले को अंजाम दिया गया है। कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा और पार्टी के मध्य प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये बात कही। कांग्रेस नेताओं ने कहा- इस मुद्दे पर बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व चुप्पी साधे है। इससे साफ है कि ये उनकी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मिलीभगत है। इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से करानी चाहिए। वहीं मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से आते हैं, इसलिए कांग्रेस उन्हें बदनाम कर रही है। राज्यसभा चुनाव में मिली करारी हार की हताशा के कारण कांग्रेस इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रही है। पटवारी ने पूछा- ओबीसी होने से गलत काम की छूट मिल जाती है? कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी ने भाजपा पर मामले को भटकाने का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा- जब जमीन पर सवाल पूछा गया तो भाजपा ने मुख्यमंत्री के ओबीसी होने का कार्ड खेल दिया। क्या ओबीसी होने का मतलब यह है कि किसी को भी गलत काम करने की छूट मिल जाती है? मैं खुद ओबीसी समाज से आता हूं और मुख्यमंत्री से सीधे जवाब चाहता हूं। वीर भारत न्यास को 1 रुपए में 500 करोड़ की जमीन क्यों दी? पीसीसी चीफ पटवारी ने कहा- उज्जैन में ‘वीर भारत न्यास’ नाम के एक ट्रस्ट को 500 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन महज 1 रुपए की टोकन राशि पर दे दी गई। इसके ट्रस्टी श्रीराम तिवारी हैं, जो मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार हैं। इस ट्रस्ट को इतनी महंगी जमीन किस आधार पर दी गई। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने जो जमीनों का लैंड बैंक बनाया, उसकी आय का स्रोत क्या था? क्या इन संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक नहीं होना चाहिए? यह घोटाला सिर्फ पहली सीरीज है। चार दिन पहले ही मुख्यमंत्री के सानिध्य में छह विभागों में ट्रांसफर इंडस्ट्री चलाकर 1000 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का स्टिंग ऑपरेशन सबने देखा है। पटवारी ने मांग की है कि सरकार सभी परियोजनाओं की टाइमलाइन साझा करे और 2023 के बाद मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई सभी जमीनों को लेकर एक श्वेत पत्र जारी करे। मंत्री काश्यप बोले- जिस पर आरोप लगे, वह पुरानी जमीन मध्य प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने कांग्रेस के आरोपों को मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा- जीतू पटवारी जिस ‘वीर भारत न्यास’ ट्रस्ट पर 500 करोड़ की जमीन हथियाने का आरोप लगा रहे हैं, वह कोई निजी ट्रस्ट नहीं बल्कि पूरी तरह से सरकारी ट्रस्ट है। काश्यप ने कहा कि जीतू पटवारी ने पढ़ना-लिखना बंद कर दिया है। कांग्रेस को पहले अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर लगे जमीन गड़बड़ी के आरोपों की जांच करानी चाहिए। खेड़ा बोले- शेयर मार्केट जैसी ‘इंसाइडर ट्रेडिंग’ की पवन खेड़ा ने मामले की तुलना शेयर बाजार की ‘इंसाइडर ट्रेडिंग’ से की। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री के पास अंदरूनी और गोपनीय जानकारी थी कि उज्जैन के मास्टर प्लान 2035 में कौन सी सड़कें कहां से गुजरेंगी? कौन सा क्षेत्र विकास योजनाओं के लिए चिह्नित किया जाएगा? इस जानकारी का दुरुपयोग करके मुख्यमंत्री के परिवार ने दिसंबर 2023 में 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उसी क्षेत्र में खरीद ली, जहां सिंहस्थ लगने वाला है। पवन खेड़ा ने कहा- आदर्श हाउसिंग सोसायटी में सिर्फ सास के नाम पर फ्लैट होने के आरोप पर कांग्रेस ने अशोक चव्हाण का इस्तीफा ले लिया था। लेकिन यहां सैकड़ों एकड़ जमीन के पुख्ता सबूत होने के बाद भी मुख्यमंत्री की कुर्सी बरकरार है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि संघ से जुड़े मुख्यमंत्रियों पर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। जमीन हड़पने के खेल को संघ का संरक्षण खेड़ा ने कहा- जमीन हड़पने के इस खेल में शामिल लोगों को संघ का पूरा संरक्षण प्राप्त है। आज के हालात ‘संघम शरणम् गच्छामि’ जैसे हो गए हैं। संघ खुद को एक गैर-पंजीकृत संस्था बनाकर रखता है ताकि उसके पास सारी शक्तियां तो रहें, लेकिन किसी भी गड़बड़ी पर उसकी कोई जिम्मेदारी और जवाबदेही तय न हो सके। ऊर्जा मंत्री बोले- कांग्रेस ने सीएम की छवि खराब की ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि कांग्रेस ने खराब की है। उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद से कोई जमीन नहीं खरीदी। डॉ. मोहन यादव का परिवार व्यापार करने के लिए स्वतंत्र है। सभी के परिवार के लोग व्यापार करते हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री की संपत्ति की बारे में गलत जानकारी दी जा रही है। मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश कामयाब नहीं हो पाएगी। सिंघार बोले- सभी ओबीसी तो आरक्षण लागू क्यों नहीं विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंडला में कहा- मुख्यमंत्री को ओबीसी चेहरा बताकर उनका बचाव किया जा रहा है, लेकिन अगर भाजपा वाकई में पिछड़ा वर्ग की हितैषी है, तो प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू क्यों नहीं कर पा रही? उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “वे ओबीसी मुख्यमंत्री की बात कर रहे हैं। इससे पहले शिवराज सिंह चौहान भी ओबीसी थे। जब सब ओबीसी हैं तो 27 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दे पा रहे हैं?” वहीं उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के CM के पक्ष में बयान को लेकर कहा कि यह तो केवल यादव प्रेम है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- आरोप पूरी तरह गलत इससे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार को कहा था कि मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं। 2023 विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय यादव के पास 17 एकड़ जमीन थी। आज 2026 में भी उतनी ही जमीन है। मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव के नाम 12.29 एकड़ जमीन थी, जिसमें भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव यादव के पास 2023 से पहले 16 एकड़ जमीन थी। मुख्यमंत्री की बहू शालिनी यादव ने 10 एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी, जो मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर स्थित है। यह पूरी जमीन मास्टर प्लान लागू होने से पहले की है। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र किया गया है, उसके पास वर्ष 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो अब घटकर 65 एकड़ रह गई है। मोहन यादव ने वर्ष 2017 में ही इस कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। ये खबर भी पढ़ें… दिग्विजय की कुर्सी बदलने, बोलने से मना करने के वीडियो मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का 9 जून को नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के बीच मनमुटाव साफ दिखाई दिया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक और वीडियो सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…

मुंबई की लोकल ट्रेन में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार:भीड़ के बीच चाकू मारकर भागा था; बारिश में गेट खोलने को लेकर विवाद हुआ था

मुंबई में मानसून की पहली बारिश के बीच लोकल ट्रेन में दरवाजा खुला रखने को लेकर हुए विवाद में एक यात्री ने दूसरे यात्री की जान ले ली। मृतक की पहचान 22 साल के मयंक लोहार के रूप में हुई है। आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घटना मंगलवार रात करीब 10:42 बजे अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में हुई। ट्रेन के बोरीवली स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले आरोपी रोशन सुवर्णा चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, ट्रेन अंधेरी स्टेशन पर पहुंची थी, तभी मयंक और रोशन सुवर्णा के बीच गेट खुला रखने को लेकर बहस शुरू हो गई। रोशन दरवाजा खुला रखना चाहता था जबकि मयंक बारिश का हवाला देकर इसका विरोध कर रहा था। बहस के दौरान रोशन ने चाकू निकाला और मयंक के पेट में घोंप दिया। रात 11:04 बजे ट्रेन बोरीवली स्टेशन पहुंची। इसके बाद मयंक को बोरीवली स्टेशन के मेडिकल रूम में ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद एंबुलेंस से कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल भेजा गया। हालांकि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ट्रेन में मयंक की हत्या की 2 तस्वीरें… बोरीवली स्टेशन पर उतरकर फरार हो गया था मयंक को खून से लथपथ छोड़कर आरोपी रोशन सुवर्णा बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर फरार हो गया था। आरोपी इस दौरान भी सीसीटीवी में नजर आया था। रेलवे पुलिस ने उसकी तलाश में लिए सात टीमें भेजीं और आखिरकार बुधवार दोपहर को कुर्ला से गिरफ्तार कर लिया। प्राइवेट कंपनी में काम करता था मयंक महज 22 वर्षीय मयंक ने फाइनेंस मार्केटिंग में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली थी और पिछले 9 महीनों से चकाला स्थित ‘वेस्ट साइड’ नामक कंपनी में काम कर रहा था। वह काम के लिए रोजाना विरार से अंधेरी आता-जाता था। मयंक लोहार का परिवार मूल रूप से नेपाल का है। उसकी छह पीढ़ियां मुंबई में बसी हुई हैं। पहले वे अंधेरी में रहते थे, लेकिन अपने घर के पुनर्निर्माण कार्य के चलते कुछ महीनों पहले विरार में शिफ्ट हो गए थे। चार महीनों में दूसरी घटना कुछ दिन पहले, बोरीवली स्टेशन के पास भी एक लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने को लेकर हुए विवाद में एक यात्री की इसी तरह चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं से मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों में डर का माहौल है। क्योंकि, लोकल ट्रेनों से रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। —————— क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बैतूल में युवक की पीट-पीटकर हत्या:बोरदेही स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर पीटा, सीट को लेकर हुआ था झगड़ा बैतूल के बोरदेही रेलवे स्टेशन पर रविवार रात ट्रेन में सीट को लेकर हुए विवाद के बाद छिंदवाड़ा निवासी युवक अली खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह स्टेशन पर शव मिलने के बाद जीआरपी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें…

सचिवालय में बिना अनुमति फोटो-वीडियो बनाने पर केस दर्ज होगा:ऑफिस समय से पहले, बाद में और सरकारी छुट्टियों में आम लोगों की एंट्री बैन

जयपुर में सचिवालय परिसर में आम लोगों की एंट्री से लेकर फोटो और वीडियो बनाने पर सरकार ने कई तरह की पाबंदियां लगाई है। सचिवालय परिसर के अंदर फोटो या वीडियो बनाने पर केस दर्ज हो सकता है। कार्मिक विभाग ने इसको लेकर सर्कुलर निकाला है और इन पाबंदियों को सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं। कार्मिक विभाग की सचिव अर्चना सिंह की तरफ से जारी सर्कुलर के मुताबिक सचिवालय परिसर नो-फोटोग्राफी जोन है। सचिवालय परिसर में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करना दंडनीय अपराध है। जानें सर्कुलर में क्या है निर्देश सुबह 9:30 बजे से पहले, शाम 6 बजे बाद आम लोगों की नो एंट्री
सरकारी अफसर, कर्मचारियों के अलावा ऑफिस टाइम से पहले और बाद में आम लोगों की सचिवालय में नो एंट्री रहेगी। वहीं अस्थायी पास वालों को छुट्टी के दिन सचिवालय में एंट्री नहीं मिलेगी। सुबह 9:30 बजे से पहले और शाम 6 बजे बाद सचिवालय में अस्थायी पास वाले आम लोगों को एंट्री नहीं दी जाएगी। विभाग से एंट्री की सिफारिश करवानी होगी
सरकारी कर्मचारियों के अलावा आमजन अगर छुट्टी के दिन अस्थायी पास के आधार पर सचिवालय में अंदर जाना चाहेंगे तो उसे जिस विभाग या अफसर के पास जाना है, पहले वहां से मंजूरी लेनी होगी। सिक्योरिटी के पास उस विभाग से किसी व्यक्ति की एंट्री के लिए फोन या लिखित सिफारिश आएगी, तभी एंट्री मिलेगी। सरकारी कामकाज में बाधा की संभावना
कार्मिक विभाग से जारी सर्कुलर के मुताबिक- सचिवालय परिसर में ऑफिस टाइम से पहले और बाद में, सरकारी छुट्टी के दिन अस्थायी पासधारक घूमते रहते हैं। इससे रूटीन सरकारी कामकाज में रुकावट की संभावना है। सुरक्षा और गोपनीयता की दृष्टि से भी सचिवालय परिसर अत्यधिक संवेदनशील ऑफिस की कैटेगरी में आता है। कर्मचारी-अफसरों को आईडी कार्ड पहनकर रखना होगा
सचिवालय पास के बिना बाहरी लोगों और वाहनों की सचिवालय में एंट्री बैन है। सभी कर्मचारियों और अफसरों को सचिवालय परिसर में सुरक्षा अधिकारी से जारी सरकारी आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य है। आदेशों के उल्लंघन पर केस दर्ज होगा
सर्कुलर के मुताबिक सुरक्षाकर्मियों को सचिवालय परिसर में प्रवेश करने वाले किसी व्यक्ति या वाहन की पूरी तलाशी लेने का अधिकार है। आदेश का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ संबंधित सेवा नियमों, सुरक्षा नियमों और भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सचिवालय के सुरक्षाकर्मियों को सख्ती से इन नियमों की पालना करवाने के आदेश दिए गए हैं। दूर-दराज से आने वाले लोगों को होगी परेशानी
सचिवालय में प्रदेशभर से लोग आते हैं। कई विभागों में देर शाम तक काम होता है। कई मंत्री भी सचिवालय में देर तक बैठते हैं, उनसे मिलने आने वाले लोगों को परेशानी होगी। पहले भी पाबंदी लगाई, फिर दे दी थी ढील
सचिवालय परिसर में कैमरे लेकर जाने पर वसुंधरा राजे की सरकार के समय पाबंदी लगाई गई थी। उस समय पाबंदी मौखिक थी। बीच में इसमें ढील दे दी गई। अब सरकार ने सर्कुलर निकालकर इसे सख्ती से लागू करने के आदेश दिए हैं। तबादलों से बैन हटने के साथ आम लोगों की एंट्री पर पाबंदियों को लेकर चर्चा
कार्मिक विभाग ने सचिवालय में एंट्री को लेकर ये पाबंदिया ऐसे वक्त लगाई है, जब 19 जून से तबादलों से रोक हटी है। तबादलों से रोक हटने के बाद अब रोजाना बड़ी संख्या में लोग सचिवालय पहुंच रहे हैं। अब एंट्री को लेकर लगाई गई इन पाबंदियों को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। उधर, सचिवालय की सिक्योरिटी से जुड़े जिम्मेदार अफसरों का तर्क है कि सचिवालय में एंट्री से लेकर फोटो, वीडियो बनाने के नियम पहले से ही है। नए सिरे से सर्कुलर जारी कर उनकी सख्ती से पालना करने को कहा है। ———— ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में ट्रांसफर और पोस्टिंग से बैन हटा:5 जुलाई तक हो सकेंगे बदलाव, जानें- कौनसी सेवाओं पर रोक बरकरार रहेगी राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग से बैन हटा दिया है। ये रोक 5 जुलाई तक के लिए हटाई गई है। पिछले लम्बे समय से सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों में इसे लेकर चर्चा थी। (पूरी खबर पढ़ें)

'मां का टॉर्चर सहन नहीं कर पा रही थी, बात-बात पर टोका जाता था', ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी बेटी गिरफ्तार

बेंगलुरु में ट्रिपल मर्डर केस के सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है। पुलिस ने माता-पिता और बहन की हत्या की आरोपी बेटी श्वेता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बताया है कि वह मां का टॉर्चर सहन नहीं कर पा रही थी, उसे बात-बात पर टोका जाता था।

भेड़ बचाने नहर में कूदे सगे भाई, एक की मौत:दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया; भोपू से एनाउंसमेंट करके गोताखोर बुलाए

बीकानेर के लूणकरणसर में लिफ्ट नहर में बुधवार को नहर में गिरी भेड़ को बचाने के प्रयास में दो सगे भाई पानी में बह गए। इनमें से एक युवक की डूबने से मौत हो गई, जबकि दूसरे को ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। हादसा उदेसिया के पास कंवरसेन लिफ्ट नहर में आज सुबह करीब 11 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, खिलेरिया निवासी भेड़ पालक पंजाब से भेड़ों का झुंड लेकर लौटे थे। नहर किनारे भेड़ों को पानी पिलाने के दौरान एक भेड़ अचानक नहर में गिर गई। उसे बचाने के लिए डूंगरराम(26) पुत्र आसाराम खिलेरी नहर में कूद गया। पानी के तेज बहाव में वह खुद डूबने लगा तो उसे बचाने के लिए उसका भाई दौलतराम पुत्र आसाराम खिलेरी भी नहर में उतर गया। दोनों भाइयों को संघर्ष करते देख उनके साथी भादरराम पुत्र फुसाराम खिलेरी ने भी नहर में छलांग लगा दी, लेकिन वह उन्हें बाहर नहीं निकाल सका। खुद भी डूबने की स्थिति बनने पर वह किसी तरह किनारे पहुंच गया। इसी दौरान खेत से बाइक पर गुजर रहे उदेसिया निवासी मनीराम को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगाई और दौलतराम को बेहोशी की हालत में बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने तत्काल उसे इलाज के लिए भिजवाया। मंदिर के भोपू से करवाया एनाउंसमेंट, पहुंचे गोताखोर
मनीराम को बताया गया कि नहर में एक और युवक फंसा हुआ है। उन्होंने उसे तलाशने का प्रयास किया, लेकिन डूबा युवक नहीं मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच ग्रामीणों ने उदेसिया मंदिर के भोपू(स्पीकर) पर घोषणा करवाई, इसके बाद स्थानीय गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने डूंगरराम को नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस शव को अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डूंगरराम की मौत के बाद खिलेरिया गांव में शोक की लहर फैल गई। वहीं दौलतराम का इलाज चल रहा है।