गोवा में समुद्र की लहरों के साथ खिलवाड़ कर रहा था पर्यटक, देखते ही देखते चली गई जान-VIDEO

कर्नाटक से गोवा घूमने आया पर्यटक समुद्र तट के एकदम नजदीक बैठा हुआ था। समुद्र में तेज लहरें उठ रहीं थी। तभी वह समुद्र में जा गिरा। दोस्त इस घटना का वीडियो बना रहे थे।

कर्नाटक के मंड्या में कावेरी नदी में फोटो खिंचवाने के दौरान डूबे एक ही परिवार के 5 सदस्य, सभी की मौत

कर्नाटक के मांड्या जिले के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट मुथाथी में कावेरी नदी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वाले सभी एक ही परिवार के सदस्य थे। यह दुखद घटना तब हुई जब वे मंदिर दर्शन के लिए गए थे।

5वां रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक कल से:एक्टर राहुल सिंह, पंजाब के पूर्व राज्यपाल वीपी बदनोर आएंगे

वाइल्ड लाइफ से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मंथन करने के उद्देश्य से लिव4फ्रीडम एलएलपी की ओर से 5वें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक (आईटीडब्ल्यू) का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन 26 से 28 जून तक रणथंभौर के आमाघाटी वाइल्डलाइफ रिज़ॉर्ट और कैसल झूमर बावड़ी में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम की थीम सर्वश्रेष्ठ बाघों का संरक्षण (कंजर्व इंडियाज़ फाइनेस्ट टाइगर्स) रखी गई है। टाइगर के भविष्य पर होगी चर्चा फिल्म अभिनेता राहुल सिंह करेंगे शिरकत दूसरे दिन एक्टर, स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर राहुल सिंह बाघ संरक्षण में सिनेमा के योगदान पर प्रकाश डालेंगे। वाइल्डलाइफ एसओएस के कोफाउंडर और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण बाघ संरक्षण के उपायों पर चर्चा करेंगे। ‘ज़िम्मेदार सफ़ारी: अधिकार, नियम और सम्मान’ विषय पर आउटलुक ट्रैवलर की डिजिटल एडिटर अंतारा चटर्जी, इंडिट असोसिएट्स के पार्टनर अभिषेक कुमार, क्लाइमेट बॉन्ड्स की साउथ एशिया हेड नेहा कुमार और मंडावा ग्रुप ऑफ होटल्स के डायरेक्टर कुंवर अंगद देव विचार रखंगे। इन 11 श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे सम्मान • टाइगर रिजर्व ऑफ द ईयर
• मुख्यमंत्री ऑफ द ईयर – वाइल्डलाइफ लीडरशिप अवॉर्ड
• वाइल्डलाइफ वार्डन ऑफ द ईयर
• एंटी-पोचिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड
• कॉर्पोरेट लीडरशिप इन कंजर्वेशन अवॉर्ड
• वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर / फिल्म ऑफ द ईयर
• जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर – वाइल्डलाइफ एवं पर्यावरण
• इनोवेटिव कंजर्वेशन प्रोजेक्ट ऑफ द ईयर
• ह्यूमन-वाइल्डलाइफ को-एग्जिस्टेंस अवॉर्ड
• कंजर्वेशनिस्ट ऑफ द ईयर
• लाइफटाइम अचीवमेंट इन वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन इन पुरस्कारों का चयन एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा किया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता श्री वी. पी. सिंह बदनौर, पंजाब के पूर्व राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के पूर्व प्रशासक करेंगे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर की वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता तथा टाइगर कंजर्वेशन पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे आमजन की संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, वन संरक्षण की अग्रिम पंक्ति में कार्यरत वनकर्मियों के योगदान और समर्पण को सम्मानित करने के लिए एक विशेष कल्याणकारी पहल भी संचालित की जाएगी।

जैश आतंकी से शादी करना चाहती थी जयपुर की महिला:वॉट्सएप चलाने के लिए अपने नंबर आतंकियों को दिए, नवंबर में भागने वाली थी पाकिस्तान

राजस्थान एटीएस के हत्थे चढ़ी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल चलाने की आरोपी बबीता (37) रोज नए खुलासे कर रही है। बबीता को जैश का कमांडर अबू-उबैदाह लीड कर रहा था। दो साल पहले सोशल मीडिया के जरिए बबीता अबू के कॉन्टैक्ट में आई थी। बबीता ने जब खुद की परेशानी (पति से तलाक) अबू को बताई, तो वो फायदा उठा कर उससे हमदर्दी जताने लगा। अबू के ब्रेनवॉश करने के बाद वो उससे शादी तक करना चाहती थी। इसके लिए उसने नवंबर में पाकिस्तान भागने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। इससे पहले अप्रैल 2026 में आतंकी अबू ने पाकिस्तान के एक मुफ्ती से ऑनलाइन कलमा पढ़वाकर उसे मुस्लिम बना दिया। अब बबीता से वो ‘खदीजा’ बन गई थी। अबू रोज उसे नमाज, सना, कुरान पढ़ने और अमल करने के लिए कहता था। रिपोर्ट में पढ़िए बबीता से अबतक क्या-क्या खुलासे हुए हैं? सोशल मीडिया पर सर्च किया था जैश ए मोहम्मद संगठन जयपुर के टोंक रोड स्थित बालाजी विहार, वाटिका की रहने वाली बबीता धाकड़ की शादी हिंडौनसिटी (करौली) में हुई थी। पति से अनबन के चलते तलाक का केस चल रहा है। तब से वह अपने पिता और भाई के पास रह रही थी। एटीएस की पूछताछ में बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा ने बताया कि उसने 2023-24 में जिज्ञासा वश सोशल मीडिया पर जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के बारे में सर्च किया था। इस दौरान कई कमांडर उसके कॉन्टैक्ट में आए। इसी दौरान अबू-उबैदाह नाम के एक कमांडर से उसके भावनात्मक संबंध बन गए। एटीएस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आतंकी अबू-उबैदाह का नाम जम्मू-कश्मीर के आतंकी हमले में भी सामने आ चुका है। आतंकी खुद को धर्म के लिए जंग लड़ने वाला जांबाज सिपाही बताता था। इसके चलते बबीता उसे बहादुर समझने लगी और झांसे में आ गई। बबीता ने एटीएस को बताया कि उसकी जैश-ए-मोहम्मद संगठन में रूचि बढ़ गई थी। उसे मुजाहिदों का मकसद पसंद आने लगा था। यही कारण है कि वो सोशल मीडिया पर जैश-ए-मोहम्मद की हथियारों के साथ पोस्ट व रील देखती थी। यहां तक कि इस आतंकी संगठन से जुड़ी कई महिलाएं (सुसाइड बॉम्बर) भी उसके संपर्क में थीं। वो रोज उसे संगठन से जुड़ने के फायदे और अपना मकसद बताकर ब्रेन वॉश करती थीं। मुस्लिम धर्म कबूला, पाकिस्तान जाने की थी प्लानिंग पूछताछ में बबीता ने स्वीकार किया कि आतंकियों की बातों का उसके दिल में गहरा असर होता था। इसी कारण उसने बिना किसी संकोच के मुस्लिम धर्म कबूल कर लिया था। जल्द ही संगठन के लोग उसे पाकिस्तान बुलाकर जैश-ए-मोहम्मद संगठन में टास्क देने वाले थे। बबीता ने बताया कि वह खुद भी अबू उबैदाह से मिलने के लिए पाकिस्तान जाना चाहती थी। आतंकी संगठन के एक बड़े लीडर ने भी बबीता से बात की थी। उसने उससे पासपोर्ट के बारे में पूछा, तो बबीता ने बताया कि उसके पास पासपोर्ट नहीं है। फिर उसी लीडर के कहने पर बबीता ने पासपोर्ट बनाने के ऑनलाइन तरीके सर्च किए थे। बबीता पाकिस्तान के एक मुफ्ती के भी संपर्क में थी, जिसने उसे ऑनलाइन कलमा पढ़ाकर मुसलमान बनाया था। उससे बबीता ने पाकिस्तान जाने का पूरा रोड मैप और पैसों के खर्च के बारे में पूछा था। नवंबर में था भागने का प्लान अबू ने बबीता को बताया था कि उसे पहले नेपाल जाना होगा। नेपाल से सउदी अरब या यूएई जाएगी। वहां से उसे पाकिस्तान पहुंचाया जाएगा। इस पूरे सफर में खर्च करने के लिए उसे क्रिप्टो करेंसी दी जाएगी। बबीता ने बताया कि उसने अबू की बताई क्रिप्टो करेंसी की एक एप्लीकेशन भी डाउनलोड कर ली थी। ताकि पाकिस्तान भागने से पहले उसे चलाना सीख ले। इसके बाद इसी साल नवंबर से जनवरी के बीच उसका भागने का प्लान था। बबीता के मोबाइल नंबरों पर आतंकी चलाता था वॉट्सएप जैश का कमांडर बताने वाले अबू से बातचीत में बबीता इतनी प्रभावित हो गई थी कि उसने अपने तीन भारतीय नंबरों से वॉट्सएप चलाने के लिए उसे OTP बता दिए थे। अबू-उबैदाह ने उसे बताया था कि इसमें से एक नंबर वो खुद इस्तेमाल करेगा। वहीं, दो नंबर संगठन से जुड़े अन्य भारतीय सदस्यों को देगा। भारतीय मोबाइल नंबर से सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर वह एजेंसियों की रडार से बच जाएंगे। बबीता के मोबाइल की एफएसएल कर रही जांच एटीएस एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि बबीता के मोबाइल की संदिग्ध एक्टिविटी को हमारी टीम ने ट्रेस कर लिया था। हमारे यहां पर एक टीम सोशल मीडिया एकाउंट पर नजर रखती है, जो लोग विदेशों में बैठे लोगों के साथ ज्यादा एक्टिव होकर बात करते हैं। एटीएस की टीम ने बबीता की हर हरकत को जांचना शुरू कर दिया था। कई दिनों की रेकी के बाद बबीता को डिटेन कर पूछताछ की गई। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई है। गंगापुरसिटी में चल रहा केस वर्ष 2018 से गंगापुरसिटी की एसीजेएम कोर्ट में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) तथा जेएम प्रथम न्यायालय में धारा 498-ए के तहत दहेज प्रताड़ना का मामला विचाराधीन है। बबीता का परिवार मूल रूप से करौली जिले की नादौती तहसील के बामोरी गांव का रहने वाला है। ——- यह खबर भी पढ़िए… बबीता दो साल से आतंकी संगठन से जुड़ी थी; युवतियों का करती थी ब्रेनवॉश, डंकी रूट से पाकिस्तान जाने का था प्लान जयपुर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा से रिमांड के दौरान पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार- बबीता करीब दो साल से आतंकी संगठन के संपर्क में थी…(CLICK करें)

मोहाली के जिम में एक्सरसाइज करते युवक की मौत:पत्नी के साथ वर्कआउट करते वक्त तबीयत बिगड़ी; 5 महीने पहले लव मैरिज की थी

मोहाली के जिम में एक्सरसाइज करते हुए चंडीगढ़ के युवक की मौत हो गई। 23 साल का युवक लैग्स की एक्सरसाइज कर रहा था, इसी दौरान वह नीचे गिर पड़ा। जिस वक्त ये घटना हुई, उसकी पत्नी व दोस्त भी उसके साथ ही वर्कआउट कर रहे थे। युवक के नीचे गिरते ही जिम में हड़कंप मच गया। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की 5 महीने पहले ही शादी हुई थी। पुलिस ने जिम के CCTV फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हालांकि इस दर्दनाक घटना को लेकर जिम प्रबंधन कुछ भी कहने से इनकार कर रहा है। जिम पर सवाल उठ रहा है कि इस दौरान वहां कोई ट्रेनर था या नहीं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि परिवार के बयान दर्ज कर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। अगर जिम मैनेजमेंट के लेवल पर लापरवाही बरती गई तो उसकी भी जांच की जाएगी। फिलहाल शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर वारिसों के हवाले कर दिया गया है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी घटना:- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी मौत की वजह
घटना की सूचना मिलने के बाद मोहाली के मटौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। 5 महीने पहले लव मैरिज की थी
मुकेश और संध्या की इसी साल जनवरी महीने में लव मैरिज हुई थी। शादी को अभी केवल 5 महीने ही हुए थे। अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार सदमे में है। पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुकेश का एक भाई और चार बहन हैं। भाई बड़ा है, जबकि एक बड़ी बहन विदेश में रहती है। मुकेश भी विदेश जाने की तैयारी में था। मुकेश और संध्या की शादी के 2 PHOTOS… एक्सरसाइज के दौरान क्यों होती हैं मौतें, जानिए
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जिम शुरू करने से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए, खासकर यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो। वर्कआउट के दौरान शरीर की क्षमता से अधिक दबाव नहीं डालना चाहिए। ज्यादा वेट नहीं उठाना चाहिए। किसी भी तरह की घबराहट, सीने में दर्द, सांस फूलना या चक्कर आने जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत एक्सरसाइज रोक देनी चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, संतुलित आहार लेना और प्रशिक्षित ट्रेनर की निगरानी में एक्सरसाइज करना भी जरूरी है। यदि एक्सरसाइज के दौरान असामान्य लक्षण महसूस हों तो तुरंत वर्कआउट रोककर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कपूरथला के जिम में युवक की मौत, बाथरूम से मिला शव और सिरिंज कपूरथला के जल्लोखाना क्षेत्र स्थित एक पावर हेल्थ क्लब (जिम) के बाथरूम में एक युवक की लाश मिली। मृतक की पहचान गांव खेड़ामाझा निवासी प्रदीप सिंह के रूप में हुई है, जो महीनों से इस जिम में आता था। पढ़ें पूरी खबर…

सांड से टकराई बाइक, कॉन्स्टेबल का सिर फटा, मौत:पत्नी और बहन भी पुलिस में, डॉक्टरों ने डेढ़ घंटे सीपीआर दिया फिर भी नहीं बचे

झुंझुनूं में सांड से बाइक टकराने पर कॉन्स्टेबल की मौत हो गई। एसपी ऑफिस में तैनात कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर जा रहे थे,अचानक सांड सड़क पर आ गया। हादसे में कॉन्स्टेबल का सिर फट गया। उन्हें बीडीके हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसा हवाई पट्टी सर्किल के पास बुधवार रात 8:30 बजे हुआ। कॉन्स्टेबल विकास झाझड़िया (35) पुत्र अमर सिंह गोवला गांव के रहने वाले थे। वह 5 साल से पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विधि शाखा में तैनात थे। विकास की पत्नी अनीता पुलिस लाइन में तैनात हैं। बहन का नाम भी अनीता है। वह महिला थाने में तैनात हैं। पुलिस लाइन जाते समय हुआ हादसा पुलिस के अनुसार- कॉन्स्टेबल विकास झाझड़िया रात में ऑफिस जा रहे थे। हवाई पट्टी सर्किल से आगे पुलिस लाइन तक सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इसकी वजह से रास्ते को वन-वे किया गया है। विकास जैसे ही वन-वे से कट लेकर अपनी लेन में आए, तभी अचानक सामने सांड आ गया। सांड से बाइक टकराने के बाद विकास सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आई। राहगीरों ने विकास को बीडीके हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टरों ने करीब डेढ़ घंटे तक लगातार सीपीआर देकर उनकी जान बचाने का प्रयास किया। रात करीब 10 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत, डीएसपी गोपाल ढाका और कोतवाल श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बीडीके हॉस्पिटल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। 2011-12 बैच के कॉन्स्टेबल थे विकास कॉन्स्टेबल विकास झाझड़िया वर्तमान में एसपी ऑफिस में तैनात थे। विकास 2011-12 बैच के कॉन्स्टेबल थे। उनकी पत्नी अनीता पुलिस लाइन में तैनात हैं। विकास की शादी 10 साल पहले हुई थी। बहन अनीता महिला थाने में तैनात हैं। विकास के दो छोटे बेटे हैं। ………………………… ये खबर भी पढ़ें ट्रैक्टर ने बाइक को मारी टक्कर, 2 युवक की मौत:कर्मचारी को घर छोड़ने जा रहा था वर्कशॉप मालिक का बेटा; ड्राइवर गिरफ्तार जैसलमेर में बुधवार रात एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब वर्कशॉप मालिक का बेटा अपने साथ काम करने वाले युवक को घर छोड़ने जा रहा था। सरदारपुरा मदरसे के पास सामने से आई ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। (पूरी खबर पढ़ें)

बिहार-बंगाल समेत 14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-NCR में 50 किमी की स्पीड से चल सकती है तेज हवाएं

बिहार समेत देश के कई राज्यों में आज भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, बंगाल और महाराष्ट्र में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है।

ये क्रांतिकारी 'भगत सिंह' कौन है भाई:दीया कुमारी को किसने कहा 'उप-प्रधानमंत्री'; मरीज तड़पता रहा, धक्का देकर स्टार्ट हुई एंबुलेंस

नमस्कार नरेश मीणा के लिए कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा ने समाज के लोगों को कहा- नया ‘बाप’ मत बनाओ। जयपुर में डिप्टी सीएम दीया कुमारी को MLA गोपाल शर्मा ने ‘उप-प्रधानमंत्री’ कह दिया। बूंदी में एंबुलेंस को धक्का लगाना पड़ा और पेड़ काटा तो महिला बोली- बर्बाद हो जाओगे। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. ‘नरेश मीणा को नया बाप मत बनाओ’ पानी वाला आंदोलन चल रहा है। बांध से पानी निकले या न निकले, किस्से जरूर निकल रहे हैं। कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा समाज को संबोधित करने पहुंच गए। मंच से बोले- दो-चार क्रांतिकारी भगत सिंह घूम रहे हैं। ये पानी के लिए नहीं आते। ये किसी और के दूत हैं। हर जगह जिताने-हराने का ठेका लेते हैं। आपको बरगलाते हैं। आपकी खाते हैं, किसी और की बजाते हैं। आपके गांव आपके बाप-दादाओं के हैं। अब तो गांव-गांव में बोर्ड लगा दिए। नया ‘बाप’ मत बनाओ। हरीश चंद्र मीणा जी के बयान का असर हुआ। कुछ उत्साही युवा नरेश मीणा के नाम लिखे बोर्ड ढूंढने निकल पड़े। रात के अंधेरे में ही बोर्ड को हिला-हिलाकर आड़ा पटक दिया। उधर, नरेश मीणा ने बारां में खाद की जंग जीती है। झोली फैलाकर किसानों के लिए खाद मांगा था। सुना है खाद की रैक रवाना करने का एलान हो गया है। मौका मिलते ही नरेश मीणा ने समाज के नेताओं पर भी भड़ास निकाली। पलटवार करते बोले- उनको पानी नहीं चाहिए। वे राजनीति कर रहे हैं। राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। 2. धक्का-स्टार्ट ‘एंबुलेंस’ एक तस्वीर हजार शब्द बयान कर देती है। बूंदी में एक एंबुलेंस ने पूरे हेल्थ सिस्टम को मजाक बना दिया। बूंदी से मरीज को कोटा के लिए रेफर किया गया। मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाकर एंबुलेंस के हवाले कर दिया गया। अटेंडेंट चढ़ गए। टायरों का हवा-पानी चेक किया गया। टंकी के तेल की माप जोख ले ली गई। ड्राइवर एंबुलेंस पर चढ़ा और चाबी घुमाई। घर्र-घर्र करके एंबुलेंस बंद। खूब मशक्कत के बाद भी टस से मस नहीं हुई। अब आप हाल के बारे में सोचिए। मरीज तड़प रहा है। जो लोग अब तक मरीज के लिए दुआ कर रहे थे, वे अब एंबुलेंस स्टार्ट होने की मन्नत मांगने लगे। मंत्रीजी का वो बयान याद आ गया- बीमार आई थी या नाचती हुई आई थी? एंबुलेंस भी बीमार नहीं है। इसे नचाने के लिए अटेंडेंट समेत 5 लोगों को लगना पड़ा। मशक्कत के बाद एंबुलेंस नाचने लगी। मन्नत पूरी हुई। मरीज के अटेंडेंट ने पसीना पोंछते हुए कहा- सरकारी एंबुलेंस फ्री है, लेकिन भरोसे की नहीं। अगली बार प्राइवेट गाड़ी ही करेंगे। धक्का तो नहीं लगाना पड़ेगा। 3. डिप्टी CM को बोल गए उप-प्रधानमंत्री कभी-कभी जुबान फिसल जाती है। इधर डिप्टी सीएम साहिबा पर जुबान मेहरबान है। जिसकी भी फिसलती है बड़े ओहदे की सौगात दे जाती है। जयपुर में सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा मंच पर थे। डिप्टी सीएम साहिबा कार्यक्रम में मौजूद थीं। हड़बड़ी में शर्मा जी डिप्टी सीएम दीया कुमारी को ‘उप प्रधानमंत्री’ कह गए। फिर तुरंत करेक्शन कर लिया। फिसली जुबान का बचाव करने के लिए बोले- अभी तक मुंह से जो बोला वो गलत नहीं गया। बाकी कोई भरोसा नहीं, भगवान कब किस पर कृपा बरसा दे। इसे कहते हैं जबरदस्त डैमेज कंट्रोल। भगवान की तो कृपा है ही। लेकिन बड़े मुखियाजी चाहें तो सब कुछ मुमकिन है। 4. चलते-चलते.. जयपुर के पॉश इलाके में कॉम्प्लैक्स बन रहा है। विकास की राह में पीपल का 80 बरस का पेड़ बाधा बन रहा था। पेड़ की न कोई जाति, न धर्म। वह न टोपी पहनता है और न पटका। वह न इस गुट का, न उस गुट का। तना छीलो तो भगवा निकलता है और पत्ते हरे। उसकी छाया के लिए अभी आरक्षण की व्यवस्था नहीं। चारों तरफ विकास का नारा लग रहा है। नारों के सामने टिकने की उसकी बिसात कहां? रामनिवास बाग में चंदन तक को काटने वालों ने औकात दिखा दी थी। पीपल किस खेत की मूली? लिहाजा रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से हरे-भरे पेड़ पर आरी चलाकर विकास की राह सुगम कर दी गई। किसी शहीद की तरह पेड़ का ‘शव’ सुबह ट्रक पर रखा गया। अंतिम यात्रा निकलने ही वाली थी कि एक महिला की आत्मा तड़प उठी। उसने संत की तरह श्राप देने के अंदाज में कहा- बिल्डिंग बनाकर दिखाना। इतना हरा-भरा पेड़ काटा, वो भी पीपल का। देखना बर्बाद हो जाओगे। इनपुट सहयोग- मुकेश नागर (बूंदी)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

लकवा-स्पाइनल इंजरी के मरीजों को रोबोट करा रहा एक्सरसाइज:जयपुर के SMS अस्पताल में शुरुआत, तय मानकों के अनुसार जितने चाहो, उतने मूवमेंट

बीमारी की वजह से खुद एक्सरसाइज न कर पाने वाले मरीजों को रोबोट एक्सरसाइज करा रहा है। इसके लिए सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल के रीजनल रिहैबिलिटेशन सेंटर में करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से रोबोटिक फिजियोथेरेपी की शुरुआत हो चुकी है। दावा किया जा रहा है कि यह फिजियोथेरेपी पैरालाइसिस, स्पाइनल इंजरी, ब्रेन इंजरी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए मददगार साबित हो रही है। इसकी खास बात यह है कि एक बार तय एक्सरसाइज का कमांड देने के बाद जितने चाहो उतने मूवमेंट कराए जा सकते हैं। पढ़िए यह खास रिपोर्ट… एक्सपट्‌र्स का कहना है कि पैरालाइसिस, स्पाइनल इंजरी, ब्रेन इंजरी जैसी बीमारियों में फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा मरीजों को लगातार एक्सरसाइज कराना चुनौती भरा होता है। लकवा या स्पाइनल इंजरी के मरीजों को रोजाना एक्सरसाइज कराना जरूरी होता है, ताकि शरीर का मूवमेंट बना रहे। वे रिकवर कर सकें। इसके लिए रोबोटिक फिजियोथैरेपी गेम चेंजर साबित हो रही है। रोबोट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी प्रोग्रामिंग क्षमता है। फिजियोथेरेपिस्ट को केवल एक बार मरीज की स्थिति और आवश्यकता के अनुसार डेटा सेट करनी पड़ती है। इसके बाद यह मशीन खुद-ब-खुद तय मानकों के अनुसार मरीज को एक्सरसाइज कराती है। मशीन यह सुनिश्चित करती है कि हर मूवमेंट बिल्कुल सटीक हो। इससे मरीज की रिकवरी तेज गति से होती है। रोबोट के जरिए एक्सरसाइज कर रहे मरीज मनोज ने बताया कि छत से नीचे गिरने के बाद हाथ और पैरों ने काम करना बंद कर दिया था। अब रोबोट के जरिए एक्सरसाइज कराने से कुछ फायदा हो रहा है। हाथ–पैर में धीरे धीरे मूवमेंट होने लगी है। चुनौती : मरीजों के हिसाब से 1 रोबोट नाकाफी रीजनल रिहैबिलिटेशन सेंटर की ओपीडी में रोजाना 300-350 मरीज आते हैं, जबकि आईपीडी में 60 मरीज होते हैं। एक मरीज की थेरेपी में करीब 45 मिनट लगते हैं। जिस अनुपात में मरीज आते हैं, उस हिसाब से तो सिर्फ 1 रोबोट नाकाफी है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ये शुरुआत है, भविष्य में और बढ़ाए जा सकते हैं। रोबोट से किस मरीज की थेरेपी होगी, यह डॉक्टर तय करते हैं। आसानी से कराई जा सकती है एक्सरसाइज : डॉ. जोशी SMS हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी बताते हैं- रोबोट से अपर और लोवर लिम्ब की एक्सरसाइज बड़ी आसानी से कराई जा सकती है। इससे उन मरीजों को फायदा होगा, जो बिल्कुल भी मूवमेंट नहीं कर सकते हैं। इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि एक सामान्य इंसान जिसे कोई काम करना है तो सबसे पहले ब्रेन एक्टिव होता है। फिर बॉडी तय करती है कि कौन-कौन सी मांसपेशियां इसमें काम करेंगी। फिर पूरे कॉर्डिनेशन के साथ बॉडी रेस्पॉन्ड करती है। किसी को स्ट्रोक, ब्रेन इंजरी या कोई अन्य गंभीर बीमारी होती है तो ये कॉर्डिनेशन बिगड़ जाता है। ऐसे मामलों में लगातार मूवमेंट से ये कॉर्डिनेशन रोबोट के जरिए हो सकेगा। इससे न सिर्फ मांसपेशियों में सुधार हो सकता है बल्कि मांसपेशियों और ब्रेन का कॉर्डिनेशन भी बेहतर हो सकता है। रोबोट मरीज के मूवमेंट पर बारीकी से नजर रखता है और जरूरत के अनुसार उसे नियंत्रित करता है।

जयपुर में युवक ने की सुसाइड की कोशिश:भाई से नाराज होकर ब्लेड से कलाई काटी, लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा मिला

जयपुर में एक युवक के सुसाइड करने की कोशिश करने का मामला सामने आया है। वह रोड पर लहूलुहान हालत में बुधवार दोपहर पड़ा मिला। हरमाड़ा थाना पुलिस ने SMS हॉस्पिटल के ट्रोमा में गंभीर हालत में एडमिट करवाया। पुलिस जांच में सामने आया है भाई से नाराज होकर उसने ब्लेड से अपनी कलाई काट ली थी। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। SHO (हरमाड़ा) उदय सिंह यादव ने बताया- दोपहर करीब 2:15 बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिली। लोहा मंडी रोड पर एक लड़का लहूलुहान हालत में पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस को युवक सड़क पर पड़ा मिला। जिसकी कलाई से खून बह रहा था। सवाई माधोपुर का रहने वाला है युवक पुलिस ने तुरंत उसे SMS हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में एडमिट करवाया। जांच में सामने आया कि घायल युवक सूरज बैरवा (30) पुत्र मोहन बैरवा निवासी खांडरा चितारा सवाई माधोपुर का रहने वाला है। वह वर्तमान में लोहा मंडी रोड पर रह रहा है। बेहोश होकर सड़क पर गिरा सूरज ने अपने भाई राजू को कुछ समय पहले 5 हजार रुपए उधार दिए थे। बुधवार दोपहर उधार दिए रुपए वापस लेने उसके कमरे पर गया था। भाई के रुपए देने से मना करने पर वह नाराज हो गया। आवेश में आकर उसने ब्लेड से अपने बाएं हाथ पर वार कर लिया, जिससे काफी खून बहने से वह बेहोश हो गया और रोड पर गिर गया। पुलिस जांच में पता चला है कि वह शराब के नशे में था। पुलिस को घटनास्थल पर कलाई काटने में यूज ब्लेड भी मिली है।