खूंखार आतंकियों से चैटिंग करती थी जयपुर की युवती:FB फ्रेंडलिस्ट में 370 पाकिस्तानी, राजस्थान में 'लेडी स्लीपर सेल' तैयार करना था मकसद
जयपुर के वाटिका इलाके से गिरफ्तार हुई 36 वर्षीय बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बबीता कोई साधारण संदिग्ध नहीं। वह अंतरराष्ट्रीय मास्टरमाइंड आतंकियों के सीधे संपर्क में थी। उसके जब्त मोबाइल से मिले सुरागों ने राजस्थान एटीएस (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के भी होश उड़ा दिए हैं। कंधार विमान अपहरण कांड (IC-814) की साजिश रचने वाला यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी और साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के नागरोटा में सेना के कैंप पर हमला करने का मास्टरमाइंड कारी जरार, दोनों सीधे बबीता से चैटिंग करते थे। राजस्थान में यह पहली बार है जब किसी पाकिस्तानी आतंकी संगठन ने किसी महिला को जाल में फंसाकर ‘लेडी स्लीपर सेल’ तैयार करने की खतरनाक साजिश रची थी। इसके लिए बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जा रही थी। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए आतंकी संगठनों के क्या मंसूबे थे और बबीता से पूछताछ में कौन से बड़े खुलासे हुए… ‘दुनिया धोखेबाज’ नाम से फेसबुक आईडी, 370 फ्रेंड्स में अधिकतर पाकिस्तानी
बबीता के घर से जब्त मोबाइल में दो सिम मिली हैं। वह फेसबुक पर “duniya dhokhebaaz” (दुनिया धोखेबाज) नाम से अकाउंट चला रही थी। गिरफ्तारी से पहले उसने काफी डेटा डिलीट कर दिया था, लेकिन शुरुआती जांच में जो मिला वह डराने वाला है। कुल 370 लोगों की फ्रेंड लिस्ट में से ज्यादातर अकाउंट्स पाकिस्तान और विदेशों से ऑपरेट हो रहे हैं। इनमें से 3 अकाउंट्स की पहचान सीधे तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय आतंकियों के रूप में हुई है। राजस्थान एटीएस ने बबीता के संपर्क में आए करीब 100 संदिग्धों का रिकॉर्ड निकालकर उसे NIA के डेटा से मैच कराना शुरू कर दिया है। अबतक 3 अकाउंट ऐसे मिले हैं, जो जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े आतंकी हैं। ये देश में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुके हैं। अब सिलसिलेवार पढ़ते हैं कौन हैं वो आतंकी…. 1. कारी जरार : सेना के कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड कारी जरार का नाम नवंबर 2016 के नागरोटा (जम्मू) सेना शिविर पर हुए आतंकी हमले की साजिश रचने के मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया था। 29 नवंबर 2016 को 166 आर्टिलरी यूनिट, नागरोटा, जम्मू में तीन आतंकवादी सेना की वर्दी पहनकर शिविर में घुसे और फायरिंग शुरू कर दी थी। इस दौरान 7 जवान शहीद हो गए थे। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों हमलावरों को मार गिराया गया था। ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। इन्हें हथियार सप्लाई करने से लेकर भारत भेजने का काम कारी जरार ने किया था। कारी कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद का सीनियर कमांडर है, जो भोले-भाले लोगों को अपनी बातों में फंसा कर आतंकी बनाने में माहिर है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह पाकिस्तान से आतंकियों की घुसपैठ, प्रशिक्षण और हमलों की योजना बनाने में शामिल रहा है। राजस्थान ATS ने बताया कि बबीता इसी आतंकी कारी जरार के संपर्क में थी। कारी जरार ही उसे ट्रेनिंग दे रहा था। बबीता के मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट में कुछ नंबर मिले हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि जैश का कमांडर कारी जरार भी इनमें से एक नंबर का इस्तेमाल करता है। उन नंबरों की NIA के जरिए जांच कराई जा रही है। 2. यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी : कंधार विमान हाईजैक का मास्टरमाइंड यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी का नाम भारत के सबसे चर्चित इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 अपहरण कांड (कंधार विमान अपहरण कांड) में सामने आया था। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर का रिश्तेदार (साला) है। 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 नेपाल के काठमांडू से दिल्ली आ रही थी। उड़ान के दौरान 5 हथियारबंद आतंकवादियों ने विमान का अपहरण कर लिया था। विमान को अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया। करीब सात दिनों तक 176 यात्रियों और चालक दल को बंधक बनाकर रखा गया था। यात्रियों को छुड़ाने के बदले भारत सरकार को तीन आतंकियों मौलाना मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर को रिहा करना पड़ा था। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी IC-814 अपहरण साजिश में शामिल आरोपियों में से एक है। लंबे समय से वांछित है। बबीता ने मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट में आतंकी का नाम ऊर्दू में ओसामा गोरी के नाम से सेव करके रखा था। राजस्थान ATS की मानें तो उनकी पड़ताल में यह नंबर कंधार विमान हाईजैक का मास्टरमाइंड यूसुफ अजहर इस्तेमाल करता था। 3. अबू उबैदाह : जैश का कमांडर, जिससे शादी करना चाहती थी बबीता अबू उबैदाह जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर व प्रवक्ता बताया जा रहा है। राजस्थान एटीएस को पूछताछ में बबीता ने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए ही अबू उबैदाह के कॉन्टैक्ट में आई थी। उसी के कहने पर उसने इस्लाम धर्म अपनाया था। उससे वह शादी करना चाहती थी। इसके लिए पाकिस्तान तक जाने को तैयार थी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में अबू उबैदाह का नाम भारत में किसी आतंकी हमले या साजिश में अब तक सामने नहीं आया है। उसे राजस्थान में लेडी स्लीपर सेल एक्टिवेट करने का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। एटीएस एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि बबीता 2 साल से पाक आतंकियों से बात कर रही थी। उसके फेसबुक पेज की जांच में ही ये चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं। इनमें कारी जरार और यूसुफ अजहर प्रमुख नाम हैं। इनकी जांच हमारी साइबर टीम से भी कराई जा रही है। अन्य 100 से ज्यादा प्रोफाइलों पर भी काम किया जा रहा है। राजस्थान में लेडी स्लीपर सेल बनाना था टारगेट अब तक की जांच में सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मोहम्मद लेडी स्लीपर सेल तैयार करने में जुटा था। उसका सबसे पहला जरिया जयपुर की बबीता धाकड़ बनी। ब्रेनवॉश के लिए आतंकी संगठन जैश अपने सबसे ट्रेंड कमांडरों की मदद ले रहा है। इसमें कई महिला कमांडरों को भी लगाया गया है। ये कमांडर कमजोर और परेशान महिलाओं को टारगेट करते हैं। फिर उनका ब्रेनवॉश कर संगठन में जोड़ते हैं। बबीता उनमें से एक है। आशंका है कि बबीता का इस्तेमाल भविष्य में किसी बड़े हमले में किया जा सकता था। एटीएस भी मान रही है कि राजस्थान का यह पहला मामला है, जब किसी हिंदू महिला को ऑनलाइन कलमा पढ़ाकर मुस्लिम बनाया गया और उसे स्लीपर सेल के लिए तैयार किया हो। क्या बबीता के साथ कई और महिलाएं भी टारगेट पर थी? इस सवाल के जवाब में एटीएस के एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मामला इतना संवेदनशील है कि हमने तत्काल बबीता का मोबाइल एफएसएल के पास भेज दिया था। हमें जानकारी है कि मोबाइल का अधिकांश डेटा डिलीट किया हुआ है। एफएसएल अगर डिलीट डेटा रिकवर करने में सफल होती है तो हमें उम्मीद है कि देश में बबीता जैसी कई और स्लीपर सेल तक हम पहुंच सकेंगे। मोबाइल से और क्या-क्या राज पता चले? बबीता के फेसबुक मैसेंजर का डेटा रिकवर करने के बाद राजस्थान ATS ने तत्काल एनआईए की मदद ली। जांच में सामने आया कि फेसबुक मैसेंजर में बबीता तीन से चैट करती थी। इसमें एक उजमा जान (uzma jaan) नाम का अकाउंट था, एक कुरान लेट (kuran let) और तीसरा अबू सुलेमान (abu suleman) पाया गया है। बबीता मोबाइल में दो वॉट्सएप चला रही थी। एक बिजनेस वॉट्सएप भी चला रही थी। बिजनेस वॉट्सएप में चार पाकिस्तानी नंबरों के मिस कॉल मिले थे। एक नंबर शाहीन अफरीदी के नाम से सेव था। एक नंबर अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा था, जो हंटर 313 (hunter 313) के नाम से सेव था। इन नंबरों पर hi-hello जैसी सामान्य चैटिंग के साथ-साथ कई देश विरोधी वीडियो के आदान-प्रदान की पुष्टि हुई है। 2018 में तलाक के बाद पिता के घर रह रही थी बबीता धाकड़ जयपुर के बालाजी विहार, वाटिका जयपुर में अपने पिता और भाई के साथ रह रही थी। बबीता की शादी हिंडौनसिटी (करौली) में हुई थी। पति से अनबन के चलते तलाक का केस चल रहा है। वर्ष 2018 से गंगापुरसिटी की एसीजेएम कोर्ट में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) तथा जेएम प्रथम न्यायालय में धारा 498-ए के तहत दहेज प्रताड़ना का मामला विचाराधीन है। परिवार मूल रूप से करौली जिले की नादौती तहसील के बामोरी गांव का रहने वाला है। 19 जून को बबीता को उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। 20 जून को कोर्ट में पेश कर 7 दिन के रिमांड पर लिया गया था। 27 जून को रिमांड खत्म होने पर फिर से कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने बबीता धाकड़ को ज्यूडिशियल कस्टडी में रखने के आदेश दिए हैं। —— ये खबरें भी पढ़िए… 1- जयपुर से जैश-ए-मोहम्मद की महिला आतंकी गिरफ्तार, स्लीपर सेल के तौर पर एक्टिव थी जयपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल महिला को राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने पकड़ा है। उसे जयपुर में वाटिका क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पढ़ें पूरी खबर… 2- महिला आतंकी के पिता बोले-ऐसी बेटी की जरूरत नहीं, बबीता इंटरनेट पर आत्मघाती हमले की जानकारी करती थी सर्च जयपुर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के पिता बोले- ऐसी बेटी को नरक में भी जगह नहीं मिले। मेरे लिए देश पहले है। मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मेरी बेटी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। ऐसा करने वाली बेटी की मुझे जरूरत नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…

