राममंदिर चोरी- आरोपी अविनाश के घर मिला मंदिर का संदूक:लिखा था- रामराज्य कोष, QR कोड भी, प्रतापगढ़ में भी छापा; SIT को 15 दिन और मिले

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में बंद आरोपी अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित योग केंद्र से पुलिस ने एक संदूक बरामद किया है। उस पर लाल रंग से ‘रामराज्य कोष’ लिखा था। पेटीएम का QR कोड लगा था। 28 जून को हुई इस छापेमारी का वीडियो बुधवार सुबह सामने आया। इस बीच, मामले की जांच कर रही SIT को 15 दिन का समय और दिया गया है। इससे पहले, मंगलवार शाम पुलिस ने प्रतापगढ़ के बाबूपुर नारियावा गांव स्थित अविनाश के घर पर भी छापेमारी की। यहां उसके माता-पिता कच्चे मकान में रहते मिले। जबकि, बगल में बना पक्का मकान अविनाश का बताया गया। उसमें ताला लगा हुआ था। पुलिस ने फैजाबाद जेल में बंद सभी आठों आरोपियों से पूछताछ की। सबसे लंबी पूछताछ अविनाश शुक्ला से हुई। करीब दो घंटे चली पूछताछ में 5 जून को बरामद 20 लाख रुपए नकद और गहनों को लेकर सवाल-जवाब किए गए। उधर, राम मंदिर परिसर में तैनात 400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में हैं। उनकी ड्यूटी, रोस्टर, CCTV, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा जिस निजी सुरक्षा कंपनी के पास था, वह बिहार के एक पूर्व सांसद की है। ट्रस्ट इस कंपनी पर हर महीने करीब 1 करोड़ रुपए खर्च करता था। यानी निजी सुरक्षा पर सालाना लगभग 12 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे थे। चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, 17 साल से तैनात RMO का ट्रांसफर राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

विजयवर्गीय बोले- ढाई साल में सिर्फ असहयोग और उपेक्षा मिली:सीएम को लिखा- आवाज उठाना मजबूरी; दिग्विजय का ट्वीट- आपकी पीड़ा मैं समझ रहा हूं

मध्य प्रदेश के सीनियर मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय की सरकार से नाराजगी एक बार फिर सामने आई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग संभाल रहे विजयवर्गीय ने इस बार सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को चिट्‌ठी लिखी है। विजयवर्गीय ने लिखा है कि पिछले ढाई साल से उन्हें असहयोग, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यदि इंदौर के विकास से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं हुआ तो जनता की आवाज को सार्वजनिक मंच पर उठाना उनकी मजबूरी होगी। विजयवर्गीय ने पत्र में मास्टर प्लान में देरी, इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम को लेकर आपत्ति, एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के विभाजन, पीथमपुर में सुविधाओं की कमी और सिंहस्थ के कामों में इंदौर की अनदेखी जैसे मुद्दे उठाए हैं। 20 जून की इस चिट्‌ठी के साथ उन्होंने पहले लिखे गए पत्र भी लगाए हैं, जिनमें इंदौर के मास्टर प्लान और मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का नाम इंदौर केंद्रित रखने की मांग की गई थी। हालांकि, मीडिया ने इस बारे में जब सवाल किया तो विजयवर्गीय ने कहा- पता नहीं, ये जानकारी आपको कहां से मिली। उधर, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- आपका दर्द व पीड़ा मैं समझ रहा हूं। विजयवर्गीय ने पत्र में ये मुद्दे उठाए इंदौर को न्यायोचित हक नहीं मिल पा रहा मुख्यमंत्री यादव को लिखे पत्र में विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के मुखिया और इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री होने के नाते उन्हें सहयोग की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें लगातार असहयोग और उपेक्षा ही मिली। उनके विभाग से जुड़े स्थानांतरण भी कई बार उनकी जानकारी के बिना कर दिए जाते हैं। इंदौर के विकास की गति बढ़ाने की बात तो दूर, शहर को उसका न्यायोचित हक भी नहीं मिल पा रहा है। मास्टर प्लान अटका, पहले भी लिखे पत्र विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर का मास्टर प्लान करीब दो साल पहले मुख्यमंत्री को भेजा जा चुका है। विभागीय और मुख्य सचिव स्तर पर भी कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब तक इसे जारी नहीं किया गया। पहले भी इस संबंध में पत्र लिखा था, लेकिन न जवाब मिला और न ही कोई चर्चा हुई। मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम पर आपत्ति पत्र में विजयवर्गीय ने इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन के नाम को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने लिखा कि इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा आर्थिक केंद्र है और मेट्रोपॉलिटन रीजन की हर चर्चा इंदौर केंद्रित रही है, लेकिन अधिसूचना में इसका नाम “उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन” कर दिया गया। इस पूरे रीजन में इंदौर का हिस्सा शत-प्रतिशत है जबकि उज्जैन का हिस्सा करीब 59 प्रतिशत है। RGPV विभाजन में इंदौर की अनदेखी विजयवर्गीय ने RGPV को तीन हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में इकाइयां प्रस्तावित की गई हैं, लेकिन 1952 से स्थापित इंदौर के श्री गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान (SGSITS) को नजरअंदाज किया गया। इंदौर में 50 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेज हैं, इसके बावजूद यहां इकाई स्थापित करने का अवसर नहीं दिया गया। पीथमपुर को नहीं मिली सुविधाएं विजयवर्गीय ने लिखा कि पीथमपुर में 650 से ज्यादा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) और 176 से अधिक बड़ी इंडस्ट्रीज हैं, लेकिन यहां राष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग लैब और प्रोडक्ट सर्टिफिकेशन सेंटर जैसी सुविधाएं लंबे समय से लंबित हैं। नए विक्रमपुरी उज्जैन औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं जबकि पीथमपुर की उपेक्षा हो रही है। सिंहस्थ में इंदौर की अनदेखी नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराने और सिंहस्थ के कामों में इंदौर को शामिल नहीं किए जाने पर भी असंतोष जताया है। उन्होंने जल संकट के दौरान इंदौर शहर को विशेष राहत नहीं मिलने की बात भी पत्र में लिखी है। तन्खा बोले- फिर तो जबलपुर में बगावत होनी चाहिए मंत्री विजयवर्गीय के पत्र को लेकर राज्यसभा में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि यदि कैलाश विजयवर्गीय इंदौर की उपेक्षा से आहत हैं, तो जबलपुर और पूरे महाकौशल क्षेत्र में तो बगावत की स्थिति होनी चाहिए। ये खबर भी पढ़ें… विजयवर्गीय बोले- संघ में अच्छे लोगों की कमी मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा- संघ में लोगों की भीड़ तो हो गई है, लेकिन अच्छे लोगों की कमी है। पहले अच्छे इंसान थे, अब ऐसे इंसानों की संघ में कमी होती जा रही है। संगठन बढ़ रहा है, विचारधारा भी बढ़ रही है, लेकिन अच्छे लोग नहीं होंगे तो इस विचारधारा का महत्व क्या है। पढे़ं पूरी खबर…

छात्रों की एक गलती से हो गई IIT-NIT सीट कैंसिल:नया सर्टिफिकेट अपलोड नहीं किया था, जोसा के दूसरे राउंड में जनरल में मिली जगह

जोसा (Joint Seat Allocation Authority) की ओर से देश के आईआईटी-एनआईटी समेत 134 कॉलेजों की 67,323 सीटों के लिए दूसरे राउंड का सीट आवंटन जारी कर दिया गया है। लेकिन इस राउंड के साथ ही कई स्टूडेंटस को बड़ा झटका लगा है। डॉक्यूमेंट्स में एक छोटी सी लापरवाही के कारण कई स्टूडेंट्स की पहले राउंड में मिली पसंदीदा सीटें कैंसिल कर दी गई हैं। कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के ऐसे स्टूडेंट्स, जो ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान 1 अप्रैल 2026 के बाद का नया कैटेगरी सर्टिफिकेट अपलोड नहीं कर पाए थे, उनकी सीटें जोसा ने तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी हैं। इन स्टूडेंट्स को कैंडिडेट पोर्टल पर सीट कैंसिलेशन लेटर भेज दिया गया है। हालांकि, इन्हें काउंसलिंग से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि दूसरे राउंड में अब इन्हें ओपन (जनरल) केटेगरी से नई सीटें अलॉट की गई हैं। अब अपनी सीट कन्फर्म करने के लिए इन स्टूडेंट्स को दोबारा ऑनलाइन रिपोर्टिंग की प्रक्रिया से गुजरना होगा। आईआईटी से एनआईटी और एनआईटी से आईआईटी बदलाव पर ‘ड्यूल वेरिफिकेशन’ एक्सपर्ट आहूजा के अनुसार जिन विद्यार्थियों को दूसरे राउंड में आईआईटी से एनआईटी या एनआईटी से आईआईटी सीट का आवंटन हुआ है, उनके दस्तावेजों का नए अलॉटेड सिस्टम से दोबारा सत्यापन (ड्यूल वेरिफिकेशन) किया जाएगा। इसके विपरीत, जिन्हें आईआईटी से आईआईटी या एनआईटी से एनआईटी में ही चेंज मिला है, उन्हें दोबारा डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं करने हैं। पुरानी सीट अपग्रेड होते ही पहली सीट पर स्टूडेंट का दावा खुद खत्म हो जाएगा। जिन स्टूडेंट्स को इस राउंड में पहली बार सीट मिली है, उन्हें 3 जुलाई शाम 5 बजे तक हर हाल में ऑनलाइन रिपोर्टिंग और फीस जमा करनी होगी। सीट छोड़नी है तो जोसा को बताना होगा कारण जोसा (JoSAA) ने इस बार सीट विदड्राल (छोड़ने) के नियम कड़े कर दिए हैं। दूसरे राउंड के बाद अगर कोई स्टूडेंट सीट छोड़ना चाहता है, तो उसे जोसा को इसका ठोस कारण बताना होगा। इसमें स्टूडेंट से पूछा जा रहा है कि उसे कौन सा कॉलेज या ब्रांच चाहिए था? क्या उसका 2026 में ही किसी अन्य कॉलेज (आईआईटी-एनआईटी के अलावा) में एडमिशन हो चुका है? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—क्या वह वर्ष 2027 में फिर से जेईई मेन परीक्षा देने का इच्छुक है? विद्यार्थी 5वें राउंड तक 5 हजार रुपए प्रोसेसिंग फीस कटवाकर अपनी बाकी फीस रिफंड ले सकते हैं।

डीग में बिना फायर NOC 3 लाइब्रेरी सीज:नगर परिषद का अभियान जारी, शिक्षण संस्थानों में हड़कंप

डीग में बिना फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) संचालित हो रही 3 लाइब्रेरियों को नगर परिषद ने सीज कर दिया है। आयुक्त कुलदीप सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। लगातार दूसरे दिन हुई इस कार्रवाई से शिक्षण संस्थानों के संचालकों में हड़कंप मच गया है। नगर परिषद की टीम ने लैक्सिकॉन लाइब्रेरी (बहताना रोड), वृंदा लाइब्रेरी (सहारई रोड) और जीनियस लाइब्रेरी (भूडा गेट) को सीज किया। ये सभी लाइब्रेरी बिना फायर एनओसी के संचालित पाई गईं। कार्रवाई के दौरान संबंधित संस्थानों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। नगर परिषद प्रशासन ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरियों में पढ़ने आते हैं। ऐसे में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और फायर एनओसी होना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के दौरान सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजवीर सिंह, सहायक कर्मचारी भूरी सिंह, फायरमैन सुनील कुमार बेरवा, अवधेश फौजदार और नीटू फौजदार सहित नगर परिषद के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अग्नि सुरक्षा नियमों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

नागौरी गांव में लाठी-डंडों से खूनी संघर्ष:महिला सहित 4 लोग घायल; हालत गंभीर होने पर 3 धौलपुर रेफर

धौलपुर जिले के बसेड़ी उपखंड क्षेत्र के नागौरी गांव में 2 पक्षों के बीच पुराने विवाद को लेकर हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें एक महिला सहित 4 लोग घायल हो गए। इनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें धौलपुर रेफर किया गया है। घायलों में भरत (28) पुत्र रामभरोसी, विशम्भर (40) पुत्र रामभरोसी और दशरथ (25) पुत्र सोना शामिल है। ये तीनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनके अलावा 1 महिला को भी चोटें आई हैं।
घटना के बाद परिजनों ने सभी घायलों को तत्काल बसेड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। तीन गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल धौलपुर रेफर कर दिया गया है, जबकि महिला का उपचार स्थानीय स्तर पर जारी है। दोनों पक्षों में है पुराना विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, जिसके कारण यह संघर्ष हुआ। घटना की सूचना मिलते ही बसेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी जुटाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एसपी ने सड़क हादसे में घायल बुजुर्ग को बचाया:घायल महिला को देख अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल

डीग में मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे डीग शहर के भरतपुर रोड स्थित अऊ गेट के पास एक सड़क हादसे में घायल वृद्ध महिला को एसपी शरण गोपीनाथ कांबले ने अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।
एसपी नाकाबंदी की जांच के लिए जा रहे थे, तभी उन्होंने सड़क किनारे घायल महिला को देखा और तत्काल सहायता प्रदान की। महिला का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया। जानकारी के अनुसार 70 वर्षीय वीरवती सड़क किनारे एक पशु को भगा रही थीं। इसी दौरान डीग की ओर से आ रहे एक स्कूटी सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वृद्धा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। टक्कर के बाद स्कूटी सवार भी घायल हो गया। घायल महिला को देख अपनी गाड़ी रूकवाई
एसपी शरण गोपीनाथ कांबले नाकाबंदी का निरीक्षण करने के लिए भरतपुर रोड से गुजर रहे थे। उनकी नजर सड़क पर घायल अवस्था में पड़ी वृद्धा पर पड़ी। उन्होंने तुरंत अपना वाहन रुकवाया और पुलिसकर्मियों की सहायता से घायल महिला को सरकारी वाहन में बैठाकर सीधे जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। पुलिस ने महिला के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

लेक्चरर-कोच भर्ती एग्जाम की 10 विषयों की आंसर-की जारी:आज से दर्ज करा सकेंगे आपत्ति, ऑथेंटिक बुक्स से प्रमाण अटैच करना जरूरी

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से लेक्चरर एंड कोच (माध्यमिक शिक्षा विभाग) परीक्षा-2025 के तहत सोशियोलॉजी, इकोनॉमिक्स, म्यूजिक, ड्राइंग, उर्दू, पंजाबी, एग्रीकल्चर, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, होम साइंस एवं राजस्थानी विषय की मॉडल आंसर-की जारी कर दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया-यदि किसी अभ्यर्थी को इन मॉडल आंसर-की पर कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ आज से 3 जुलाई 2026 को रात्रि 12 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाईन दर्ज करवा सकते हैं। आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही दर्ज करनी होगी। परीक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। बिना प्रमाण आपत्ति पर विचार नहीं होगा मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्तियां केवल इन मॉडल प्रश्न-पत्रों के क्रम के अनुसार ही दर्ज की जा सकती हैं। हर आपत्ति के साथ प्रामाणिक (स्टैंडर्ड और ऑथेंटिक) पुस्तकों से प्रमाण अटैच करना जरूरी है। बिना प्रमाण के आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति केवल अभ्यर्थी स्वयं ही दर्ज कर सकते हैं। कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हो सकता। फीस और पेमेंट की प्रोसेस यहां करें कॉन्टेक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। …………. पढें ये खबर भी… CBSE-12वीं सप्लीमेंट्री एग्जाम 28 जुलाई को:आवेदन प्रोसेस शुरू, 8 जुलाई लास्ट डेट; 320 रुपए होगी प्रति सब्जेक्ट फीस केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की शैक्षणिक सत्र 2025-26 की 12वीं की सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए रेग्यूलर व प्राइवेट स्टूडेन्ट्स की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट (एलओसी) सबमिशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रति सब्जेक्ट फीस 320 रुपए होगा। इसकी अंतिम तिथि 8 जुलाई होगी। इस दौरान किसी विषय में इम्प्रूवमेंट करने वाले स्टूडेन्ट्स भी आवेदन कर सकेंगे। (पूरी खबर पढें)

अवैध बजरी से भरी 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:खनिज विभाग करेगा आगे की कार्रवाई, मुखबिर की सूचना पर नाकाबंदी में पकड़े गए

भीलवाड़ा में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए अभियान जारी है। बहलियास थाना पुलिस ने बुधवार सुबह 8 बजे अवैध बजरी परिवहन की सूचना पर दो अलग-अलग कार्रवाई की है। बजरी से भरी 2 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी थी। ऐसे में नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए। मुखबीर की सूचना पर पकड़े बडलियास थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया- एएसआई जेठमल को सूचना मिली थी कि नाहरगढ की ओर से अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर निकल रहे हैं। इस सूचना पर नाकाबंदी करवाई गई। नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने बजरी से भरे बिना नंबरी ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ा और उसे थाने लाकर खड़ा करवाया। आगे की कार्रवाई खनिज विभाग करेगा दूसरी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल जितेंद्र को सूचना मिली कि आकोला और जीव का खेड़ा के बीच में अवैध बजरी खनन और परिवहन किया जा रहा है। इस सूचना पर नाकाबंदी के बाद अवैध बजरी का परिवहन करते हुए बजरी भरी हुई एक ट्रैक्टर टोली को जब्त किया गया। दोनों ही वाहनों को थाने लाकर खड़ा करवाया और खनिज विभाग की टीम को सूचना दी गई है।आगे कार्रवाई खनिज विभाग द्वारा की जाएगी। ये रहे टीम में शामिल कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी जसवंत, एएसआई जेठमल,हेड कांस्टेबल जितेंद्र, कांस्टेबल,संदीप, दिनेश, अशोक अनिल, नाहर सिंह और गंभीर सिंह शामिल रहे हैं।

हनुमानगढ़ में 4 घंटे तक रही 'ए' श्रेणी की नाकाबंदी:एसपी ने किया निरीक्षण, सीओ-एसएचओ फील्ड में रहे

हनुमानगढ़ में मंगलवार शाम 4 घंटे की विशेष ‘ए’ श्रेणी की नाकाबंदी की गई। शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक चले इस अभियान का उद्देश्य अपराधों पर अंकुश लगाना और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसना था।
इस दौरान जिलेभर में प्रमुख चौराहों, अंतरराज्यीय एवं अंतरजिला सीमाओं तथा संवेदनशील मार्गों पर नाके लगाकर संदिग्ध वाहनों, व्यक्तियों और वस्तुओं की गहन जांच की गई। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने खुद नाकाबंदी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित अग्रसेन चौक और राधास्वामी डेरा के पास बनाए गए पॉइंट्स का जायजा लिया। एसपी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों की सतर्कता परखी तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियम तोड़ने वालों पर हुई कार्रवाई
इस अभियान में जिले के सभी सीओ और एसएचओ अपने-अपने क्षेत्रों में नाकाबंदी स्थलों पर मौजूद रहे। पुलिस टीमों ने बिना नंबर वाले वाहनों, काली फिल्म लगी कारों और अन्य संदिग्ध वाहनों की गहन तलाशी ली। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की गई।

आदिवासियों के अधिकारों, योजनाओं पर हुआ मंथन:विस्थापन के मुद्दे जताई चिंता, सरमथुरा में सम्मेलन में उमड़े लोग

धौलपुर के सरमथुरा स्थित कन्हैया पैलेस में जिला स्तरीय आदिवासी कांग्रेस सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान आदिवासी समाज के अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और वन अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। सम्मेलन में बड़ी संख्या में आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि राजस्थान प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के अध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा आदिवासी, दलित, पिछड़े, शोषित और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है।
उन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा हेतु संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। घोघरा ने यह भी आश्वासन दिया कि सरमथुरा क्षेत्र की समस्याओं को विधायक संजय कुमार के साथ मिलकर विधानसभा में उठाया जाएगा। अभयारण्य के नाम पर विस्थापन के मुद्दे पर जताई चिंता
धौलपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक संजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने अभयारण्य के नाम पर होने वाले विस्थापन के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भूमि केवल निवास स्थान नहीं, बल्कि लोगों की संस्कृति, परंपरा और भावनाओं से जुड़ी धरोहर है, जिसकी रक्षा के लिए संघर्ष किया जाएगा। प्रदेश आदिवासी कांग्रेस के संगठन महासचिव हरगुण भोपर और प्रदेश उपाध्यक्ष रितु मीणा ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। नेताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है। मिलकर कार्य करने का आह्वान
सम्मेलन की अध्यक्षता जिला आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष रामलखन मीणा ने की। उन्होंने धौलपुर जिले में आदिवासी समाज के हितों और उनकी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता दोहराई। पूर्व प्रधान लाखन सिंह खिडोरा ने भी संगठन की एकजुटता और आदिवासी कल्याण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस प्रवक्ता धनेश जैन ने किया। इस अवसर पर जाटव समाज के जिला अध्यक्ष सुवालाल जाटव, ओबीसी जिला अध्यक्ष सोनू यादव, योगेश शर्मा, रघुवीर मीणा, रामेंद्र मीणा, विनेश, संजय अग्रवाल, पुरुषोत्तम मित्तल, क्यू एम खान सहित जिले के अनेक कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।